मनोज जरांगे की मुंबई में भूख हड़ताल शुरू, मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आजाद मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे की मुंबई में भूख हड़ताल शुरू हो गई है. मनोज जरांगे शुक्रवार सुबह मुंबई के आजाद मैदान पहुंचे, जहांमराठा आरक्षण की मांग को लेकर जरांगे और उनके समर्थक एक दिवसीय भूख हड़ताल कर रहे हैं. सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ मनोज जरांगे नेबुधवार को जालना जिले के अपने गांव से मार्च शुरू किया था. शुक्रवार को मुंबई में प्रवेश करते ही वाशी में समर्थकों ने उनका स्वागत किया। उनकेहजारों समर्थक पहले ही मुंबई पहुंच चुके हैं. 43 वर्षीय जरांगे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत मराठा समुदाय के लिए 10 प्रतिशत आरक्षणकी मांग कर रहे हैं. जरांगे ने कहा है कि उनके समर्थक शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे और गणेश उत्सव में कोई बाधा नहीं डालेंगे. जरांगे कीमांग है कि सभी मराठों को कुनबी के रूप में मान्यता दी जाए. शिक्षा में मिलेगा आरक्षण का फायदाकुनबी एक कृषक वर्ग से जुड़ी जाति है, जो ओबीसी श्रेणी में शामिल है. जिससे उन्हें सरकारी नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण का फायदा मिलेगा. जालना पुलिस ने जरांगे और उनके समर्थकों पर 40 शर्तें लगाने के बाद उन्हें मार्च जारी रखने की अनुमति दी थी, जिसमें उन्हें कानून-व्यवस्था बनाएरखने, वाहनों की आवाजाही में बाधा न डालने और आपत्तिजनक नारे लगाने से बचने का निर्देश दिया गया. मुंबई पुलिस ने जरांगे को 29 अगस्त कोसुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच आजाद मैदान में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति दी. पुलिस ने कहा कि शाम 6 बजे सभीप्रदर्शनकारियों को वहां से चले जाना होगा. पुलिस ने यह भी शर्त रखी है कि प्रदर्शनकारियों के केवल पांच वाहन ही आजाद मैदान जा सकते हैं औरवहां प्रदर्शनकारियों की संख्या 5,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए. पुलिसकर्मियों को किया तैनातकानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुंबई पुलिस ने आजाद मैदान में 1500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है. जरांगे के समर्थकों को ध्यान में रखतेहुए रेलवे पुलिस ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर भी सुरक्षा बढ़ा दी है. मनोज जरांगे के मराठा आरक्षण आंदोलन में भाग लेने के लिए आजादमैदान पहुंचे नांदेड़ के एक किसान मारुति पाटिल ने कहा, ‘अगर आप हमें आरक्षण नहीं दे सकते, तो हमें गोली मार दो. अन्य प्रदर्शनकारियों ने भीमारुति पाटिल के आक्रामक रुख को दोहराया और कहा कि वे तब तक नहीं जाएंगे जब तक आरक्षण आंदोलन की जीत नहीं हो जाती.
डिंपल यादव पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामला, कोर्ट ने दर्ज करने का दिया जीरो एफआईआर का आदेश “जांच लखनऊ पुलिस को ट्रांसफर”

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की पत्नी व मैनपुरी से लोकसभा सांसद डिंपल यादव पर अभद्र टिप्पणी के मामले में कोर्ट ने अपर मुख्य न्यायिकमजिस्ट्रेट-प्रथम गौतमबुद्धनगर की न्यायालय ने बीटा-2 थानाध्यक्ष को जीरो एफआईआर दर्ज कर अनुपालन आख्या एक सप्ताह में अदालत में प्रस्तुतकरने के आदेश दिया है. साथ ही केस की विवेचना थाना विभूति खंड लखनऊ पुलिस को ट्रांसफर करने का निर्देश दिया है. जहां पहले से इस मामलेमें मुकदमा दर्ज है. की अपमानजनक टिप्पणीअधिवक्ता व समाजवादी पार्टी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव रामशरण नागर ने प्रार्थना पत्र दाखिल कर आरोप लगाया कि 26 जुलाई 2025 कीसुबह एक टीवी चैनल पर मुस्लिम स्कॉलर व ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष बताए जाने वाले मौलाना साजिद रसीदी का वीडियोप्रसारित हुआ. जिसमें उन्होंने डिंपल यादव को लेकर आपत्तिजनक व अपमानजनक टिप्पणी की. उस वक्त उनके साथ कई अधिवक्ता और परिचितमौजूद थे. जिन्होंने इस टिप्पणी पर गहरा आक्रोश जताया. इस तरह के बयान से न केवल एक महिला सांसद का अपमान हुआ। बल्कि देशभर कीकरोड़ों महिलाओं की गरिमा भी आहत हुई इस टिप्पणी से साम्प्रदायिक तनाव फैलने और शांति व्यवस्था भंग होने का खतरा भी पैदा हो गया था. बनता है संज्ञेय मामलापहले बीटा-2 कोतवाली और बाद में पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई. इसके बादउन्होंने न्यायालय की शरण ली. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पाया कि लखनऊ के थाना विभूति खंड में पहले से ही इस विषय पर मुकदमा दर्जहै बावजूद इसके कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय मामला बनता है जिसकी सत्यता विवेचना से स्पष्ट होगी. इसलिए अदालत ने बीटा-2 थानाध्यक्षको आदेशित किया कि रिपोर्ट को जीरो एफआईआर के रूप में दर्ज कर नियमानुसार विवेचना कर लखनऊ पुलिस को ट्रांसफर करें. पहले बीटा-2 कोतवाली और बाद में पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई. इसके बाद उन्होंनेन्यायालय की शरण ली मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पाया कि लखनऊ के थाना विभूति खंड में पहले से ही इस विषय पर मुकदमा दर्ज है. बावजूद इसके कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय मामला बनता है.
उपराष्ट्रपति चुनाव में शरद पवार का तीखा पलटवार, सीपी राधाकृष्णन पर संवैधानिक मर्यादा उल्लंघन के आरोप

उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी जोरों पर है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा विपक्षी उम्मीदवार बीसुदर्शन रेड्डी पर गंभीर आरोप लगाने के बाद अब एनसीपी (शरद पवार गुट) अध्यक्ष शरद पवार ने पलटवार किया है. उन्होंने एनडीए के उपराष्ट्रपति पदके उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन कर करारा वार किया. पवार ने उनपर आरोप लगाते हुए दावा किया कि झारखंड के राज्यपाल रहते हुए राधाकृष्णन नेसंवैधानिक मर्यादाओं की अनदेखी की थी गौरतलब है कि वे विपक्ष के उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी से मिलने पहुंचे थे, जिसके बाद पवार ने यह बयान दिए. राज्यपाल के पद का करता है सम्मानराकांपा (सपा) अध्यक्ष शरद पवार ने बीते साल हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि मैं राज्यपाल के पद का सम्मान करता हूं, लेकिनयह नहीं भूल सकता कि जब वे झारखंड के राज्यपाल थे, तब आदिवासी समाज से आने वाले एक मुख्यमंत्री को राजभवन के भीतर गिरफ्तार कियागया था, जबकि उन्होंने ऐसा न करने का अनुरोध किया था यह दिखाता है कि संस्थाओं और उनकी गरिमा को लेकर उनके विचार क्या हैं अब ऐसेव्यक्ति को उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया है. चुनाव में रखता है दिलचस्पीपवार ने आगे कहा कि पूरा देश उपराष्ट्रपति चुनाव में दिलचस्पी रखता है, खासकर इसलिए क्योंकि पिछले उपराष्ट्रपति ने अपना कार्यकाल पूरा होने सेपहले ही इस्तीफा दे दिया, जिससे कई ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनका कोई जवाब नहीं है. पवार ने कहा कि एक वरिष्ठ सांसद होने के नाते, मुझे भीइसके कारणों की जानकारी नहीं है। इस पद की गरिमा को सरकार और विपक्ष, दोनों को बनाए रखनी चाहिए. इसीलिए यह चुनाव इतना महत्वपूर्णहै. इस मौके पर विपक्ष के साझा उम्मीदवार और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुधर्शन रेड्डी भी मौजूद थे. पवार ने विपक्ष की ओर से रेड्डी केसमर्थन को सर्वसम्मत निर्णय बताया. उन्होंने कहा कि न्यायाधीश रहते हुए उन्होंने आम आदमी के अधिकारों की रक्षा की यह चुनाव जीत-हार का नहीं, बल्कि पद की गरिमा बनाए रखने का प्रश्न है.
रिलायंस की 48वीं एजीएम में मुकेश अंबानी ने जियो आईपीओ और नई एआई कंपनी ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ का ऐलान किया , जानें क्या कुछ और कहा

रिलायंस इंडस्ट्रीज की 48वीं वार्षिक आम बैठक यानी एजीएम शुरू हो गई है. इस मौके पर बोलते हुए रिलायंस समूह के मुखिया मुकेश अंबानी नेकहा है कि भारत तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहा है. कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने लंबे समय से प्रतिक्षित जियो केआईपीओ के बारे में भी बताया. मुकेश अंबानी ने बताया कि आईपीओ के सारे प्रबंध पूरा करते हुए इसे 2026 की पहली छमाही तक लाने कीकोशिश होगी. एजीएम में बोलते हुए आरआईएल के प्रमुख मुकेश अंबानी ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत उभर रहा है औरइसे कोई रोक नहीं सकता. मुकेश अंबानी ने कहा, “भारत पहले ही दुनिया की शीर्ष चार अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीके नेतृत्व में भारत की जीडीपी सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सबसे तेजी से बढ़ रही है. भारत को दुनिया के मॉडल की नकल करने की जरूरतनहीं है. हमारे पास अपना विजन है हमारे पास अपना इंडिया फर्स्ट मॉडल बनाने की क्षमता है. पर्यावरण की करेगा रक्षाडीप टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके हमारा मॉडल भारत की सुरक्षा को मजबूत करेगा. लोगों के जीवन को बेहतर बनाएगा और पर्यावरण की रक्षाकरेगा. मुकेश अंबानी ने कहा कि जैसे-जैसे रिलायंस अपने स्वर्णिम दशक के समापन की ओर बढ़ रहा है हम ‘इंडियन ड्रीम’ को साकार करने के लिएसमर्पित हैं. उन्होंने कहा कि हम अपने हर व्यवसाय को एआई-नेटिव बना रहे हैं और डीप-टेक क्षमताओं से खुद को मजबूत कर रहे हैं. अंबानी ने कहाकि हमारी वी केयर की फिलॉसफी के साथ लोगों और पर्यावरण की भलाई को प्राथमिकता देते हैं अंबानी ने कहा कि कंपनी इनोवेशन को केंद्र मेंरखकर, नई पीढ़ी के नेतृत्व को सशक्त करने पर काम कर रही है हम निरंतर इसके प्रति निरंतर प्रतिबद्ध बने हुए हैं. सब्सिडियरी कंपनी बनाने का किया एलानरिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को रिलायंस इंटेलिजेंस नाम की सब्सिडियरी कंपनी बनाने का एलान किया. मुकेश अंबानी ने बताया कि यह एक पूर्णस्वामित्व वाली सहायक कंपनी होगी. इसका उद्देश्य भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षमताओं को बढ़ावा देना और देश को कृत्रिम बुद्धिमत्ता नवाचार केवैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है मुकेश अंबानी ने कहा, “यह रिलायंस और भारत के डिजिटल भविष्य की दिशा में लिया गया एक ऐतिहासिककदम है. उन्होंने आगे कहा, “रिलायंस इंटेलिजेंस की परिकल्पना चार स्पष्ट मिशनों के साथ की गई है, जिनमें से प्रत्येक भारत को वैश्विक कृत्रिमबुद्धिमत्ता नवाचार में अग्रणी स्थान दिलाने के लिए डिजाइन किया गया है.
दिल्ली में बारिश के बाद जलभराव का कहर, आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज जमकर किया हमला

दिल्ली एक बार फिर डूब गई शुक्रवार को कुछ देर ही बारिश हुई, लेकिन भाजपा के चारों इंजन इसे भी संभाल नहीं पाए और फेल हो गए. आमआदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज, दिल्ली विधानसभा सभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी समेत अन्य नेताओं ने पटपड़गंज, संगमबिहार, लक्ष्मी नगर, एम्स, गीता कॉलोनी, संजय झील, साउथ दिल्ली, एमबी रोड समेत दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में हुए जलभराव का वीडियोसाझा कर भाजपा सरकार को जमकर घेरा “आप” ने भाजपा से अनुरोध करते हुए कहा कि जब दिल्ली का यही हाल रखना है तो भाजपा अपने चारोंइंजन कबाड़ी को बेचकर 4 नांव खरीद ले. भाजपा की दी गई इन सुविधाओं का दिल्लीवाले अकेले क्यों मज़ा लें? सौरभ भारद्वाज ने पटपड़गंज केएनएच 24 की एक वीडियो एक्स पर साझा कर कहा कि यह वीडियो दिल्ली की पटपरगंज के रोड का है. भाजपा की चार इंजन की सरकार ने अब तोझूठे दावे करने भी बंद कर दिए हैं. सोच रहे हैं कि बारिश का मौसम खत्म हो और बला टलें. दिल्ली वाले सोच रहे हैं कि आने वाले समय में ये भाजपासरकार दिल्ली को हर क्षेत्र में पीछे धकेल देगी. मेरा दिल्ली की सीएम से सवाल है कि क्या डिसिल्टिंग में भ्रष्टाचार हुआ है? आप डिसिल्टिंग के कामकी थर्ड पार्टी ऑडिट से क्यों भाग रहे हैं ? अगर डिसिल्टिंग हुई है, नलों से गाद निकाली गई है, ठेकेदारों को सही पेमेंट हुई है तो ऑडिट से क्या डर है? दिल्ली को रख दिया डुबोकर“आप” की वरिष्ठ नेता व दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी पटपड़गंज में हुए जलभराव का वीडियो साझा कर कहा कि पटपड़गंज काहाल देखिए. कुछ देर की बारिश में ही दिल्ली की सड़कें और गलियां दरिया बन रही हैं 6 महीने में ही भाजपा की 4-इंजन की सरकार ने दिल्ली कोडुबोकर रख दिया है. क्या यही है मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का “प्रॉपर मैनेजमेंट”? इसी तरह उन्होंने लक्ष्मी नगर, एम्स, गीता कॉलोनी, संजय झील सहितदिल्ली के विभिन्न इलाकों में हुए जलभराव का वीडियो साझा कर भाजपा की चार इंजन वाली सरकार को आड़े हाथों लिया. आम आदमी पार्टी नेदिल्ली में हुए जगह जगह जलभराव की वीडियो साझा कर भाजपा पर हमला बोला “आप” ने कहा कि साउथ दिल्ली में थोड़ा वेनिस जैसा माहौल है. अब इसका क्रेडिट लेने भाजपा के मंत्री नहीं आयेंगे. “आप” ने संगम बिहार में हुए जल भराव की वीडियो साझा किया, जिसमें सड़क पर घुटने से ज्यादापानी भरा हुआ है और वाहन पानी में फंसे हुए हैं. “आप” ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि अगर संगम बिहार जा रहे हैं तो लाइफ जैकेट लेकरजाएं. क्या पता कब जरूरत पड़ जाए? यह भाजपा के चार इंजनों वाली दिल्ली है, यहां तो ऐसे ही चलेगा. रोड पर जलभरावएमबी रोड पर भी भारी जल भराव हो गया. “आप” ने इसकी वीडियो साझा कर कहा कि जरा सी बारिश और एमबी रोड एमबी रिवर बन गया. तीन सेचार फिट तक जल भराव साफ देखा जा सकता है भाजपा मानो हर दिन दिल्लीवासियों को नया चैलेंज दे रही हो कि अब ये पार करके दिखाओ. आप” ने पटपड़गंज के एनएच 24 पर हुए जलभराव का वीडियो साझा कर कहा कि भाजपा के चारों इंजन ठप्प पड़े हैं और दिल्ली जलमग्न है. पूरी तरहजलमग्न ये सड़क भाजपा के एक रील वाले विधायक के क्षेत्र की है, जिनके दावे बस रील में दिखते हैं, हकीकत में नहीं पटपड़गंज डूब रहा है, लेकिनभाजपा विधायक लापता हैं. बड़े-बड़े दावे करने वाले हमारे रील वाले विधायक और उनकी सरकार के वादे उन्हीं की तरह खोखले निकले। चंद मिनटोंकी बारिश में पटपड़गंज फिर डूब गया. अगर किसी को स्विमिंग पूल का लुफ्त उठाना है, तो वह एनएच-24 पर आकर उसका लुफ्त उठा सकता है
केशव प्रसाद मौर्य का कांग्रेस-राजद पर हमला, कहा प्रधानमंत्री मोदी के अपमान से लोकतंत्र हुआ आहत

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कांग्रेस और राजद के कार्यकर्ताओं ने जिस तरह माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अभद्रऔर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया है, वह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक दिन है. उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने कहा कि यह हमलाकेवल प्रधानमंत्री पर नहीं, बल्कि देश की 140 करोड़ जनता की भावनाओं पर है राजद का चरित्र हमेशा से समाज में नफरत फैलाने वाला रहा है औरकांग्रेस आज भी उसी रास्ते पर आँख मूँद कर चल पड़ी है कांग्रेस यह भूल रही है कि यह लोकतंत्र है, ‘राजतंत्र’ नहीं, जहां परिवारवाद के नाम पर जनताकी आवाज दबाई जाए. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की जनता ने अपनी आंखों से देखा है कि कैसे राहुल गांधी की दादी इंदिरा गांधी नेआपातकाल में लोकतंत्र को रौंद दिया था. पत्रकारों को जेल में डाला, विपक्षी नेताओं को कैद कर दिया और जनता की आज़ादी छीन ली. इसलिए बिहार की जनता भली-भांति जानती है कि कांग्रेस लोकतंत्र विरोधी है. राहुल गांधी यह समझ लें कि आज का बिहार 1990 से 2005 के बीच का जंगलराज वाला बिहार नहीं है यह नया बिहार है, जो विकास की राह पर है। यहां अब गाली, अपमान और भ्रम की राजनीति नहींचलेगी बिहार की जनता सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा चाहती है, न कि कांग्रेस-राजद की गाली-गलौज की राजनीति. बिहारियों को दी थी गालीकेशव प्रसाद जी द्वारा बताया गया कि राहुल गांधी के साथी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और एमके स्टालिन ने बिहारियों को गाली दी थी. उन्हीं लोगों कोअपनी तथाकथित यात्रा में बुलाकर राहुल गांधी क्या संदेश देना चाहते हैं? बिहार की जनता उनका अपमान कभी स्वीकार नहीं करेगी. राहुल गांधी कीयात्रा पूरी तरह विफल हो चुकी है यही कारण है कि वे मुख्यमंत्रीओं को फोन कर भीड़ इकट्ठी करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता उन पर विश्वास नहीं कर रही जो लोग खुद भ्रष्टाचार के मामलों में जमानत पर हैं, वे आज प्रधानमंत्री पर चोरी और गाली-गलौज का आरोप लगा रहे हैं. यह कांग्रेस और राजद की नैतिक गिरावट का सबूत है राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जिस तरह से बार-बार प्रधानमंत्री का अपमान कर रहे हैं, वह न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि यह बिहार और पूरे देश का अपमान है. कांग्रेस और राजद ने हमेशा अपमान, गाली और नकारात्मक राजनीति कोचुना है, जबकि जनता विकास और सम्मान की राजनीति को चुनती है यही वजह है कि लोग आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ हैं. गंदी बोली गई भाषाउप मुख्यमंत्री जी ने दो टूक कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के लिए जिस तरह की गंदी भाषा बोली गई है, उसके लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी कोसार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए राहुल गांधी और तेजस्वी यादव चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, जनता ने मन बना लिया है कि वह गाली-गलौज और अपमान की राजनीति का जवाब वोट से देगी. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार विकास, सम्मान और लोकतंत्र की रक्षा कर रही है, जबकिकांग्रेस-राजद-इंडी गठबंधन केवल गाली, अपमान और झूठ पर आधारित राजनीति कर रहा है। यही असली अंतर है और यही कारण है कि जनताएनडीए के साथ खड़ी है.
केन्द्रीय राज्य मंत्री व दलित समाज के मसीहा रामदास अठावले के सरकारी आवास पर ध्वजारोहण को लेकर हुआ विवाद, मंत्री की गैरमौजूदगी में दलित अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार “झंडारोहण विवाद में पुलिस पर पक्षपात के लगे आरोप”

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री और दलित समाज के नेता रामदास अठावले के सरकारी आवास (11, सफदरजंग रोड, नई दिल्ली) पर आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान एक दलित अधिकारी मीर सिंह के साथ कथित रूप से उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है. सूत्रों के अनुसार, ध्वजारोहण के समय मंत्री रामदास अठावले शहर में नहीं थे. ऐसे में सरकारी नियमों के अनुसार, मंत्री की अनुपस्थिति में ध्वज फहराने का अधिकार मंत्री के कार्यालय द्वारा नामित व्यक्ति या सबसे वरिष्ठ स्टाफ सदस्य को होता है. इस नियम के अंतर्गत वरिष्ठ पदाधिकारी मीर सिंह, जो पिछले 32 वर्षों से अठावले के साथ जुड़े हैं, एवम हर वर्ष मंत्री की अनुपस्थिति में ध्वजारोहण करते है, झंडा फहराने जा रहे थे.इसी बीच, रिपब्लिकनपार्टी ऑफ़ इंडिया ( अठावले ) की महिला विंग की अध्यक्ष मंजू छिब्बर, जो की सवर्ण समाज से आती हैं, ने जबरन झंडा फहराने की कोशिश की.जिस पर मीर सिंह द्वारा आपत्ति जताए जाने पर, उन पर अपशब्द कहे गए. जातिसूचक टिप्पणियां की गईं और स्थानीय तुगलक रोड पुलिस की मौजूदगी में एक झूठा मामला दर्ज करवा दिया गया. मौके पर मौजूद पुलिस ने न केवल तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया, बल्कि मंजू छिब्बर द्वारा दर्ज करवाई गई झूठी शिकायत के आधार पर मीर सिंह के खिलाफ बी एन एस की धारा 74 और 75 के तहत केस दर्ज कर लिया. जबकि घटना का वीडियो फुटेज और गवाहों के बयान इस बात की ओर इशारा करते हैं कि ये केस झूठा और बेबुनियाद है और मीर सिंह को दलित और वरिष्ठ होने के कारण निशाना बनाया गया हैl उन्होंने 2018 में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दलित समर्थकों द्वारा, पार्टी के विचारो के खिलाफ प्रदर्शन करने पर नतीजा स्वरूप तीन दलित पुरुषों को गिरफ्तार किए जाने की घटना की भी आलोचना की थी. दलित समाज में नाराज़गीवहीं दलित समाज में यह सवाल उठ रहा है कि जब एक वरिष्ठ दलित अधिकारी को एक दलित मसीहा के सरकारी आवास पर अपमानित किया जा सकता है, तो देश के बाकी हिस्सों में दलितों की स्थिति क्या होगी? रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया ( अठावले ) के एक पदाधिकारी मुकेश सिरोही ने मंत्री अठावले से चर्चा के बाद ये पुष्टि की कि मंजू छिब्बर या पार्टी के किसी भी कार्यकर्ता को झंडारोहण के लिए अधिकृत नहीं किया गया था और उन्होंने जो किया वह “पार्टी की छवि के लिए नुकसानदायक” है. मंत्री रामदास अठावले अभी विदेश यात्रा पर हैं उनके बयान का इंतजार है. पुलिस की कार्यशैली पर सवालपुलिस ने मीर सिंह के खिलाफ कार्रवाई की है. लेकिन मंजू छिब्बर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. जबकि घटना के वक्त मौजूद थाना तुगलक रोड के पुलिसकर्मी, गवाह और वीडियो फुटेज ( इसी खबर में संलग्न है ) होने के बावजूद पुलिस द्वारा मीर सिंह के ख़िलाफ़ महिला उत्पीड़न का झूठा केस दर्ज किया गया, ये पुलिस की निष्क्रियता और दलित उत्पीड़न के आरोपों को नजरअंदाज करना कई सवाल खड़े कर रहा है.
वोटर अधिकार यात्रा से होगा बिहार में सत्ता परिवर्तन, नीतिश सरकार का जाना तय बोल “लोकदल राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह”

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा बिहार की धरती पर जनजागरण का कार्य कर रही है इसयात्रा से जनता में नई ऊर्जा और बदलाव की लहर उठी है बिहार में लंबे समय से जनता महँगाई, भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी से त्रस्त है, अब जनताबदलाव चाहती. सुनील सिंह ने कहा कि बिहार में सत्ता परिवर्तन निश्चित है और नीतिश सरकार का जाना तय है. जनता लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षाऔर संविधान की मूल भावना को बचाने के लिए इंडिया गठबंधन के साथ खड़ी है.“जनता अब संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिएखड़ी हो चुकी है. वोटर अधिकार यात्रा ने युवाओं, महिलाओं और किसानों को जोड़कर राजनीतिक चेतना को नई दिशा दी है. लोकदल अध्यक्ष ने भरोसा जताया कि आने वाले चुनाव में बिहार की जनता गठबंधन को भारी समर्थन देकर नई राजनीति और नए बिहार की नींवरखेगी. सुनील सिंह ने कहा कि राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. जनता अब बदलाव चाहतीहै, महँगाई–भ्रष्टाचार और बेरोज़गारी से परेशान बिहारवासी नीतिश सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार हैं. सुनील सिंह ने साफ कहा – “नीतिशसरकार का जाना तय है, सत्ता परिवर्तन अब अटल है. उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार की मौजूदा सरकार जन आकांक्षाओं से कोसों दूर है और बीतेवर्षों में न तो रोजगार के मोर्चे पर कुछ किया गया, न ही भ्रष्टाचार पर कोई ठोस कार्रवाई हुई.
राहुल गांधी का BJP पर तीखा हमला “वोट चोर, गद्दी छोड़”, सीतामढ़ी में गरजी ‘वोटर अधिकार यात्रा

वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के 12वें दिन सीतामढ़ी में लोगों को संबोधित करते हुए चुनावों में की जा रहीधांधली को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा प्रहार किया. उनके साथ राजद नेता तेजस्वी यादव, इंडिया गठबंधन नेता दीपांकर भट्टाचार्य, मुकेश सहनी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे. इससे पूर्व राहुल गांधी ने सुबह जानकी मंदिर में दर्शन व पूजा-अर्चनाकर देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना भी की. यात्रा के पूरे रूट पर सड़कें भीड़ से खचाखच भरी हुईं थीं लोगों का उत्साह इतने चरम पर था कि वेसुबह से ही अपने घरों से निकलकर घंटों यात्रा के इंतजार में सड़कों पर खड़े रहे. यात्रा को मिल रहे भारी जनसमर्थन से अभिभूत राहुल गांधी ने कहा किभाजपा-आरएसएस गरीब, दलित, पिछड़े व अल्पसंख्यक वर्गों के वोट काटकर और फर्जी मतदाता जोड़कर चुनाव जीतने की साजिश रच रहे हैं. लोकसभा चुनाव, महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा ने फर्जी मतदाताओं के बल पर येचुनाव जीते हैं. भाजपा को जितवाया चुनावउन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन जीता, लेकिन चार महीने बाद विधानसभा चुनाव में वही गठबंधन जैसे गायब हो गया. इसका कारण यह था कि राज्य में चार महीनों के अंदर भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर करीब एक करोड़ फर्जी वोटर जोड़ दिए. उन्होंने बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र की महादेवपुरा विधानसभा सीट का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एक लाख फर्जी वोटर पाए गए, जिन्होंने भाजपा को चुनाव जितवाया. राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने अभी सिर्फ कर्नाटक की एक सीट पर वोट चोरी का सबूत दिया है; आनेवाले समय में पार्टी लोकसभा चुनाव, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में वोट चोरी के जरिए भाजपा द्वारा चुनाव जीतने के और भी सबूत पेश करेगी. एसआईआर का उल्लेख करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि बिहार की जनता होशियार है और वह वोट चोरी नहीं होने देगी. उन्होंने कहा कि बिहारने अपनी पूरी ताकत ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में डाल दी है आज बच्चा-बच्चा ये कह रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वोट चोरी करते हैं. उन्होंने जनता से‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ का नारा भी लगवाया. देश सौंप रहे अड़ानी- अंबानी कोजनता से सीधा संवाद करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि संविधान ने उन्हें अधिकार दिए हैं, लेकिन भाजपा इन्हें छीनना चाहती है. उन्होंने कहा कि बिहारमें मतदाता सूची से गरीब, किसान, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और अति पिछड़े वर्गों के 65 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं लेकिन एक भी अमीरव्यक्ति का नाम नहीं कटा है. उन्होंने जनता को आगाह किया कि अगर वोट चला जाएगा तो उनके राशन कार्ड, जमीन और बाकी सारे अधिकार भीछिन जाएंगे. उन्होंने ये आरोप दोहराया कि भाजपा सरकार देश का पूरा धन अडानी-अंबानी को सौंप रही है.
हिमाचल सरकार ने किया स्पष्ट, आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने की कोई नीति फिलहाल नहीं है विचाराधीन

हिमाचल प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने के लिए सरकार की ओर से कोई भी नीति बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. झंडूता केविधायक जीत राम कटवाल के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने के लिएकिसी भी तरह की नीति पर विचार नहीं हो रहा है. पिछले तीन वर्षों के दौरान 31 जुलाई 2025 तक प्रदेश के विभिन्न विभागों और अधीनस्थकार्यालयों में आउटसोर्स आधार पर कई पद भरे गए हैं. इनमें 49 तकनीकी पद, 61 गैर-तकनीकी पद और अन्य श्रेणियों के 110 पद शामिल हैं. की गई कुल 180 नियुक्तियांप्रदेश में करूणामूलक नौकरियों के 1,609 मामले लंबित हैं. भाजपा विधायक जीत राम कटवाल, विपिन सिंह परमार और पवन कुमार काजल कीओर से पूछे गए सवालों का मुख्यमंत्री ने लिखित जवाब देते हुए बताया कि बीते तीन वर्ष में 544 मामले जल शक्ति विभाग, 264 लोक निर्माणविभाग, 172 उच्च शिक्षा, 146 गृह विभाग में और 89 प्राथमिक शिक्षा विभाग में लंबित हैं. 30 नवंबर 2023 तक कुल 180 नियुक्तियां की गईं. इनमें से सबसे ज्यादा 108 नियुक्तियां जल शक्ति विभाग और 48 लोकनिर्माण विभाग में दी गईं. नीति बनाने का प्रस्ताव नहीं है विचारधाराधर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के बोर्डों और निगमों में से तीन में 417 पद समाप्तकिए गए हैं. इनमें नगर निगम शिमला में 52, औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड में 28 और राज्य विद्युत बोर्ड में 337 पद खत्म किए गए. बिजलीबोर्ड में कुल 24,866 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 10,375 पद खाली पड़े हैं. युक्तिकरण की प्रक्रिया के बाद 337 पदों को समाप्त किया गया है. नाचन के विधायक विनोद कुमार के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में कुल 11,577 मल्टी टास्क वर्करकार्यरत हैं. इनमें सबसे ज्यादा 6,745 शिक्षा निदेशालय, 4,831 लोक निर्माण विभाग और एक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में कार्यरत है।मल्टी टास्क वर्करों को नियमित करने के लिए कोई एकल नीति अभी तक निर्धारित नहीं की गई है. आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने के लिएसरकार की ओर से कोई भी नीति बनाने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है.