"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

9 सितंबर से T20 फॉर्मेट में शुरू होगा टूर्नामेंट, UAE करेगा मेज़बानी, भारत खिताब बचाने उतरेगा

एशिया कप का काउंटडाउन अब शुरू हो चुका है और नौ सितंबर से इसके मुकाबले शुरू हो जाएंगे. टी20 प्रारूप में खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट मेंआठ टीमें हिस्सा लेंगी जिन्हें चार-चार टीमों के दो ग्रुप में बांटा गया है. अब तक मेजबान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को छोड़कर अन्य सात टीमों नेइसके लिए टीम का एलान कर दिया है भारत इस टूर्नामेंट में गत चैंपियन के रूप में उतरेगा जहां उसकी नजरें खिताब बचाने पर टिकीहोंगी.बीसीसीआई इस टूर्नामेंट का मेजबान है. जताई आपसी सहमतिटूर्नामेंट का आयोजन संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में इसलिए हो रहा है, क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनाव के कारण दोनों देशों ने2027 तक केवल तटस्थ स्थानों पर ही मैच खेलने पर आपसी सहमति जताई है इसी के तहत इसी साल मार्च में चैंपियंस ट्रॉफी का मेजबानपाकिस्तान था, पर भारत ने सारे मुकाबले दुबई में खेले थे और चैंपियनशिप अपने नाम की थी। एशिया कप का यह संस्करण टी20 प्रारूप मेंआयोजित किया जाएगा. चूंकि, अगला आईसीसी टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका में टी20 विश्व कप है, ऐसे में परंपरा के हिसाब से इस बार एशिया कपटी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा. टूर्नामेंट को जीतने वाली है टीमएशिया कप के मैचों के समय में परिवर्तन किया गया है पहले ये मुकाबले भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से शुरू होने थे, लेकिन स्थानीयसमयानुसार अब शाम 6.30 बजे यानी भारतीय समयानुसार रात आठ बजे शुरू होंगे. यूएई की गर्मी के कारण यह फैसला लिया गया है.एशिया कप के लिए भारत और पाकिस्तान को एक ही ग्रुप में शामिल किया गया है. ग्रुप ए में ओमान, संयुक्त अरब अमीरात, भारत और पाकिस्तानहैं, जबकि ग्रुप बी में अफगानिस्तान, हॉन्ग कॉन्ग, बांग्लादेश और श्रीलंका की टीमें मौजूद हैं। भारतीय टीम 1984, 1988, 1990/91, 1995, 2010, 2016, 2018 और 2023 में एशिया कप का खिताब जीत चुकी है भारत सर्वाधिक बार इस टूर्नामेंट को जीतने वाली टीम है.

वोट चोरी से लोकतंत्र की हत्या का आरोप, राहुल-तेजस्वी-खरगे ने BJP और चुनाव आयोग पर साधा निशाना

महाराष्ट्र में हमसे चुनाव चोरी किया गया था तकरीबन एक करोड़ नए वोटर लोकसभा चुनाव के बाद जोड़े जाते हैं। जितना हमें लोकसभा में मिला, उतना विधानसभा में गया. नए सारे वोट भाजपा के खाते में चले गए. क्योंकि, चुनाव आयोग और भाजपा ने मिलकर वोट चोरी की हमने साफ दिखायाकि एक क्षेत्र में एक लाख से ज्यादा फर्जी वोटर थे. हमने डाटा के साथ दिखाया. चुनाव आयोग हमें वोटर लिस्ट नहीं देती। सीसीटीवी नहीं दिखातीचार महीने, 16-17 घंटे काम कर हमने देश के सामने सबूत रखा. बिहार के युवाओं को मैं कहना चाहता हूं, वोट चोरी का मतलब अधिकार की चोरी, आरक्षण की चोरी, रोजगार की चोरी, शिक्षा की चोरी, लोकतंत्र की चोरी, युवाओं के भविष्य की चोरी. यह आपकी जमीन, आपका राशन कार्ड लेकरअडाणी-अंबानी को दे देंगे महात्मा गांधी की हत्या करने वाली शक्ति संविधान की हत्या करने की कोशिश कर रहे हैं. वोट चोरी कराकर चाहते है जतानाहम इन्हें संविधान की हत्या नहीं करने देंगे हमने बिहार की यात्रा की बिहार के सारे के सारे युवा खड़े हो गए. छोटे-छोटे बच्चे जीप के पास आते थे, कहते थे वोट चोर, गद्दी छोड़. बीच में बीजेपी के लोग काले झंडे दिखाते थे. आपने एटम बम का नाम सुना है? एटम बम से बड़ा हाइड्रोजन बम होताहै बीजेपी के लोगों तैयार हो जाओ, हाइड्रोजन बम आ रहा है पूरे देश को आपकी सच्चाई पता लगने वाली है हाइड्रोजन बम के बाद नरेंद्र माेदी जीअपना चेहरा देश को नहीं दिखा सकेंगे. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संबोधित करते हुए कहा कि इस 15 दिन की यात्रा पूरे देश मेंचर्चा चली. भाजपा ने इसमें रुकावट डालने की पूरी कोशिश की। गठबंधन के लोग राहुल जी या तेजस्वी जी नहीं डरे वोट चोरी करने वाले पैसा चोरीकरने की भी आदत रखते हैं। बैंक से चोरी कर बाहर जाने वालों को भी यह संभालते हैं. मोदी जी बिहार में वोट चोरी कराकर जीतना चाहते हैं. वोट का दिलाया अधिकारसतर्क नहीं रहेंगे तो यह मोदी और शाह आपको डुबा देंगे आजादी के बाद जो वोट का अधिकार दिलाया गया, उसे खोना नहीं यह महात्मा गांधी, आंबेडकर और नेहरु जी ने अधिकार दिया है सीएम नीतीश कुमार पर हमला करते हुए खरगे ने कहा कि यह आरएसएस वाले आपको कचरा में जाकरफेकेंगे खरगे ने पुलिस को राहुल गांधी की यात्रा रोकने के लिए भी आड़े हाथ लिया उन्होंने नारा लगवाया- मोदी को हटाओ. बिहार विधानसभा मेंविपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे के बाद हेमंत सोरेन अभिवादन करते हुए अपना संबोधन शुरू किया और मुकेश सहनीऔर क्रिकेटर युसुफ पठान को बड़ा भाई कहकर संबोधित किया. आदाब, प्रणाम और सलाम करते हुए तेजस्वी ने कहा कि यह बिहार की धरती है, लोकतंत्र की जननी है यह कुछ, कुछ भी नहीं दो भाजपाई लोग चुनाव आयोग के साथ मिलकर लोकतंत्र की धरती से लोकतंत्र को खत्म कर देनाचाहते हैं लोकतंत्र चाहिए या राजतंत्र चाहिए? यह लोग चाहते हैं कि बिहारी लोग को ठग लें. फैक्टरी लगाएंगे गुजरात में और वोट चाहिए बिहार में! हमारे मुख्यमंत्री इतनी बार पलटी मारे हैं कि इनका दिमाग चकरा गया है.

मतदाता पुनरीक्षण और प्रत्याशी चयन की आखिरी घड़ी, बिहार चुनाव की तैयारी ज़ोरों पर

20-22 नवंबर तक बिहार में नई सरकार का गठन होना है भारत निर्वाचन आयोग तमाम गतिरोधों के बीच इसकी तैयारी में जुटा है मतदाताओं केविशेष गहन पुनरीक्षण में दावा-आपत्ति का आज अंतिम दिन है चुनाव के लिए मतदानकर्मियों की ट्रेनिंग को लेकर भी तैयारी चल रही है सत्ता पक्ष मेंराष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के अंदर सीट बंटवारे का ब्लू प्रिंट तैयार है. दूसरी तरफ विपक्ष के नेता आज, यानी 1 सितंबर तक वोटर अधिकार यात्रा केबहाने चुनाव आयोग को ही निशाने पर रखने में व्यस्त है. कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और राष्ट्रीय स्तर पर बने गठबंधन- इंडिया को लेकर यह यात्रा इसलिए की कि वह राष्ट्रीय जनता दल पर सीटों के लिए दबाव बना. लेकिन, वह वक्त अब निकला जा रहा है सीटों परतैयारी के लिए संभावित प्रत्याशी अधीर हो रहे हैं. कह तो यह भी रहे हैं कि अब तुरंत सीटें नहीं बांटी गई तो लोकसभा चुनाव की तरह कहीं राजद सीधेसिंबल लेकर प्रत्याशी को भेज न दे। मतलब, कुल मिलाकर यही है कि विपक्ष को अगर चुनाव का पूर्ण बहिष्कार नहीं करना है तो सीटें बांटकरप्रत्याशी को हरी झंडी देना ही होगा.निर्दलीय उतरना पड़ाचुनावी तैयारी के लिए अब सितंबर का ही समय है। ऐसे में आज राहुल गांधी पटना में हैं। वोटर अधिकार यात्रा का अंतिम दिन है पूरे देश से विपक्षीनेताओं को बुलावा गया है कई चेहरे रहेंगे. लेकिन, असल बात तो बिहार चुनाव है। चुनाव बहिष्कार की बात कई बार की गई, लेकिन ऐसा कुछ होतानहीं दिख रहा. सभी दलों के संभावित प्रत्याशी दिन-रात सीटों के असमंजस से चिंता में हैं और मेहनत भी कमोबेश कर रहे हैं सीटें फाइनल होतीं तोमेहनत बढ़ जाती ऐसे में सबसे ज्यादा कांग्रेस के अंदर भी राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को लेकर है. लोकसभा चुनाव के समय कांग्रेससीधे-सीधे राजद से सीटों के बंटवारे पर बात नहीं कर सकी जब तक करती, तब तक कई लोगों को राजद ने सिम्बल देकर नामांकन के लिए भेज दियाबाकी के साथ उस समय कांग्रेस में आए राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भी इस लेटलतीफी का शिकार हुए थे, जब बीमा भारती को राजद ने टिकट देदिया और उन्हें निर्दलीय उतरना पड़ा. आ रहे है शक्ति दिखाने के लिहाज सेकांग्रेस के प्रदेश स्तर के नेता बिहार में 70 सीटों पर पार्टी की दावेदारी पक्की बात रहे हैं. कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में 19 सीटें जीतकरआई थी। कागज पर उसके पास इतने विधायकों की संख्या है, हालांकि इनमें से दो विधायक पिछले साल नीतीश कुमार सरकार के बहुमत परीक्षणके समय से पाला बदल कर सत्ता के साथ बैठ रहे हैं। खैर, उनकी सदस्यता नहीं गई है. इसलिए, कांग्रेस 19 मौजूदा विधायकों की सीट के अलावा51 अन्य सीटों पर दावा कर रही है वामपंथी दलों ने कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा में समर्थकों को जुटाकर अपनी ताकत का एहसास करा दिया है. वह तो राजद से डील वैसे भी कर ही लेगी असल संकट कांग्रेस का रहता है। बिहार में जब महागठबंधन सरकार थी, तब एक अदद मंत्री पद के बढ़ानेके लिए तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह को तेजस्वी यादव के कई चक्कर लगाने पड़े थे. मंत्री पद बढ़वाने से पहले महागठबंधन सरकारही गिर गई। ऐसे में कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार वोटर अधिकार यात्रा के अंतिम दिन पटना में कार्यकर्ता-समर्थन की शक्ति दिखाने के लिहाज से भीआ रहे हैं.

मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को मिला एक साल का सेवा विस्तार, CM मोहन यादव ने दी बधाई

मध्यप्रदेश में मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक साल का सेवा विस्तार मिल गया है. गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर उनकोबधाई देते हुए जानकारी साझा की. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव अनुराग जैन जी, आपको कार्यकालके एक वर्ष बढ़ाए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं आपके दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, नवाचारों और सतत् प्रयासों से प्रदेश की विकास यात्रानिरंतर नए प्रतिमान स्थापित करे, मेरी मंगलकामनाएं. मुख्य सचिव किया गया नियुक्तबता दें मुख्य सचिव अनुराग जैन 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो रहे हैं अब एक वर्ष के सेवा विस्तार से अनुराग जैन अगस्त 2026 तक पद पर बने रहेंगे. जैन प्रदेश के सातवें सीएस होंगे, जिनको सेवा विस्तार दिया गया है उनको रिटायरमेंट के तीन दिन पहले एक साल का सेवा विस्तार दिया गया. इससेपहले प्रदेश में हाल ही में इकबाल सिंह बैंस, वीरा राणा को भी सेवा विस्तार दिया गया था. नवंबर 2022 में जब इकबाल सिंह बैस रिटायर हो रहे थे, तब उनके सेवा विस्तार को लेकर लंबे समय तक संशय रहा रिटायरमेंट के आखिरी दिन ही उन्हें 6 माह का विस्तार दिया गया. सितंबर 2023 में बैस केविस्तार की अवधि पूरी होने से पहले ही वीरा राणा को प्रभारी मुख्य सचिव बनाया गया. हालांकि राणा को भी तीन हफ्ते पहले ही छह माह काविस्तार मिल गया सितंबर 2024 में जब राणा का कार्यकाल खत्म हुआ, उसी दिन अनुराग जैन को मुख्य सचिव नियुक्त किया गया. बढ़ाया गया प्रस्तावमुख्य सचिव अनुराग जैन का नाम उन अधिकारियों में गिना जाता है, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ टीम में काम किया है. प्रशासनिकअधिकारियों के बीच उन्हें प्रधानमंत्री की पसंद और भरोसेमंद अफसर के रूप में देखा जाता है अनुराग जैन पहले प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में कामकर चुके हैं और उच्च स्तर पर उनकी पहचान मजबूत है इसलिए अटकलें लगाई जा रही थी कि उनको एक्सटेंशन मिलने की संभावना ज्यादा है औरयदि एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो उनके अनुभव का लाभ केंद्र में कहीं लिया जा सकता है हालांकि चर्चा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ही अनुरागजैन के सेवा विस्तार के लिए पहल की उनकी तरफ से ही सेवा विस्तार का प्रस्ताव बढ़ाया गया है.

चीन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन का शुभारंभ, शी जिनपिंग ने क्षेत्रीय शांति और विकास पर जोर दिया

चीन की मेजबानी में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का दो दिवसीय शिखर सम्मेलन रविवार शाम तिनजियान में औपचारिक तौर पर शुरू हो गया. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बंदरगाह शहर तिनजियान में जुटे विश्व नेताओं के लिए विशाल भोज का आयोजन किया. इस मौके पर उन्होंने कहा, एससीओ सुरक्षा मंच पर क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की रक्षा करने के साथ अपने सदस्य देशों के विकास व समृद्धि को बढ़ावा देने की अधिक जिम्मेदारीहै. जिनपिंग ने स्वागत भोज में कहा कि मौजूदा एससीओ शिखर सम्मेलन सभी पक्षों के बीच आम सहमति बनाने और सहयोग को गति देने केमहत्वपूर्ण मिशन पर केंद्रित है जिनपिंग ने कहा, क्षेत्रीय शांति व स्थिरता की रक्षा करने और वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती अनिश्चितताओं को देखते हुएएससीओ की जिम्मेदारियां और भी बढ़ जाती हैं. 14 संवाद साझेदार शामिलउन्होंने विश्वास जताया कि सभी पक्षों के साझा प्रयासों से, शिखर सम्मेलन सफल होगा और एससीओ निश्चित तौर पर और भी बड़ी भूमिका निभाएगाऔर अधिक प्रगति हासिल करेगा. जिनपिंग ने कहा, यह संगठन सदस्य देशों के बीच एकता और सहयोग को बढ़ावा देने, वैश्विक दक्षिण की ताकत कोएकजुट करने और मानव सभ्यता की और अधिक प्रगति को आगे बढ़ाने में और बड़ा योगदान देगा. गौरतलब है कि जून, 2001 में शंघाई में स्थापितएससीओ छह संस्थापक सदस्यों से बढ़कर 26 देशों के परिवार में बदल चुका है, जिसमें 10 सदस्य देश, दो पर्यवेक्षक और एशिया, यूरोप औरअफ्रीका में फैले 14 संवाद साझेदार शामिल हैं. दस्तावेजों को अपनाने की उम्मीदशिखर सम्मेलन में परस्पर संवाद का मुख्य आयोजन सोमवार को होगा, जिसमें 10 सदस्य देशों के साथ ही आमंत्रित वैश्विक नेता तमाम अंतरराष्ट्रीयमुद्दों पर अपनी-अपनी बात रखेंगे. चीन ने इस बार सदस्य देशों के अलावा 20 विदेशी नेताओं और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों को आमंत्रित किया है. एससीओ शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी के भाषण पर दुनियाभर की उत्सुकता से नजरें टिकी हुईहैं. इस सम्मेलन से सदस्य देशों के संबंधों के लिए एक नया रोडमैप तैयार होने की व्यापक उम्मीद है. प्रमुख उभरते बाजारों और चीन, रूस और भारतजैसे विकासशील देशों के साथ एससीओ दुनिया की लगभग आधी आबादी और वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक-चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है. सदस्य देशों से अगले दशक के लिए संगठन की विकास रणनीति सहित प्रमुख दस्तावेज को अपनाने की उम्मीद है.

आप नेता सौरभ भारद्वाज का आरोप, कांग्रेस ने 2025 दिल्ली चुनाव में बीजेपा को जिताने और आरप को हराने की रची साजिश

पार्टी मुख्यालय में हुई एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सामान्यतः चुनावके समय इस बात के कयास लगाए जाते हैं, कि कौन सी राजनीतिक पार्टी चुनाव में किस पार्टी को जीताने के लिए काम कर रही है और किस पार्टीको हराने के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि 2025 के दिल्ली के चुनाव में ऐसा कयास लगाया जा रहा था, कि कांग्रेस पार्टी खुद चुनाव जीतनेके लिए नहीं बल्कि भारतीय जनता पार्टी को जितवाने के लिए और आम आदमी पार्टी को चुनाव हरवाने के लिए चुनाव लड़ रही है उन्होंने कहा किकांग्रेस के समर्थकों में बहुत से अच्छे और बुद्धिजीवी लोग भी शामिल हैं और जब कभी भी इस बात को कहा जाता हैं, कि कांग्रेस खुद जीतने के लिएचुनाव नहीं लड़ रही थी, तो उन समर्थकों में एक तिलमिलाहट सी होती है. वह इस बात को स्वीकार नहीं कर पाते हैं और सोशल मीडिया और मीडियाके माध्यम से उनकी यह तिलमिलाहट निकाल कर बाहर आती है. उन्होंने कहा कि इस तरह के बुद्धिजीवी कांग्रेसी समर्थक यह लोग देश के बारे मेंविचार करते हैं, परवाह करते हैं, परंतु जब कभी भी कांग्रेस के बारे में ऐसी बातें सामने आती है तो उन्हें स्वीकार नहीं करते और अपनी नाराजगी जाहिरकरते हैं. चुनाव जिताने के लिए थे तैयारसौरभ भारद्वाज ने कहा कि शायद पहली बार राजनीतिक इतिहास में यह सिद्ध होगा कि किस प्रकार से 2025 के दिल्ली के चुनाव में कांग्रेस पार्टी कीदिल्ली इकाई और दिल्ली इकाई के पदाधिकारीयों ने भारतीय जनता पार्टी को चुनाव जीताने के लिए काम किया. सौरभ भारद्वाज ने कांग्रेस के दिल्लीप्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव द्वारा हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए कहा, कि इस इंटरव्यू में साफ देखा जा सकता है, कि किस प्रकारसे बड़ी तसल्ली के साथ देवेंद्र यादव बता रहे हैं, कि इस बार कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली में यह तय किया, कि चाहे भारतीय जनता पार्टी जीत जाए परंतुआम आदमी पार्टी नहीं जितनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने यह फैसला आनन फानन में नहीं किया. यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है, किकांग्रेस दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी को चुनाव जीताने के लिए राजी थी. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में बड़ा सवाल यह उठता है, किकांग्रेस की दिल्ली इकाई ने राहुल गांधी जी को, खड़गे जी को इस बात के लिए कैसे राजी किया. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ऐसा तो अक्सर होता है, कि किसी पार्टी की राज्य इकाई इस प्रकार के कार्य कर जाती है, परंतु हैरानी की बात यह है, कि इस मामले में कांग्रेस की दिल्ली इकाई ने कांग्रेसपार्टी के शीर्ष नेतृत्व राहुल गांधी जी, खड़गे जी तथा अन्य बड़े नेताओं के साथ बातचीत की और शीर्ष नेतृत्व की ओर से भी दिल्ली इकाई को इस बातकी खुली छूट दी गई कि चाहे कुछ भी करना पड़े आम आदमी पार्टी को दिल्ली में नहीं जीतने देना है. नहीं उजाड़ा जाता रोजगारसौरभ भारद्वाज ने कहा कि देवेंद्र यादव अपने बयान में बता रहे हैं, कि किस प्रकार से आम आदमी पार्टी के एक-एक नेता को टारगेट किया गया औरउनके खिलाफ रणनीतियां बनाई गई, कि किस प्रकार से उनको हराना है. उन्होंने कहा यह बड़ी ही हैरानी की बात है, कि देवेंद्र यादव के मुंह से यह नहींनिकला की प्रवेश वर्मा को कैसे हराएंगे, रेखा गुप्ता को कैसे हराएंगे, देवेंद्र यादव के ही एक करीबी सांसद को भद्दी गालियां देने वाले रमेश बिधूड़ी कोकैसे हराएंगे? यह कांग्रेस ने प्लान नहीं किया. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इतना घिनौना चेहरा तो कांग्रेस का 1984 के दंगों में भी नहीं देखा गया होगा, जितना घिनौना चेहरा 2025 के दिल्ली के चुनाव में कांग्रेस का निकाल कर आया है. उन्होंने कहा कि मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं, कि आज जब किसीगरीब की झुग्गी टूटती है, किसी गरीब का रोजगार उजाड़ा जाता है, तो वह सोचता है, कि अगर केजरीवाल दिल्ली में होता तो मेरी झुग्गी नहीं तोड़ीजाती, मेरा रोजगार नहीं उजाड़ा जाता.

मोदी को ‘चुनावी प्रधानमंत्री’ करार, विपक्ष ने लोकतंत्र बचाने की दी चेतावनी “विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरा”

बिहार की जनता ने समझ लिया है कि ये ‘चोर-चोर मौसेरे भाई’ हैं बिहार ही नहीं कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरे देश में इनकी असलियत लोगों ने जानलिया है. आप कुछ लोगों को अधिक समय के लिए बेवकूफ बना सकते हैं, कुछ लोगों को कुछ समय के लिए बेवकूफ़ बना सकते हैं, पर सभी को हरसमय बेवकूफ़ नहीं बना सकते. मोदी जी ‘चुनावी प्रधानमन्त्री’ हैं. हमेशा Election Mode में रहते हैं बोगस वोटरों से लेकर झूठे प्रचार, झूठीघोषणाएं, झूठी योजनाएं और जुमलेबाजी करते हैं. देश की राजनीति पर कब्जा करने के लिए मोदीजी ने ED-CBI-IT का इस्तेमाल कर हैं, पर जबexpose हो गए, तो विपक्षी सरकारों को डराने के लिए संसद में नया बिल लाए. हम लोकपाल बिल इसी काम के लिए लाए थे, तो 11 साल बादनया बिल केवल डराने और लोगों का ध्यान भटकाने के लिए लाए. ये पहले भ्रष्टाचार और कालाधन ख़त्म करने की बात करते थे। दोनों बढ़ता रहा. हाल में मोदीजी ने कहा कि ‘गुजरात में INVESTMENT कीजिए. currency काली हो या सफेद फर्क नहीं पड़ता।‘ ये इनकी सोच है. लोकतंत्र को कीजिए मजबूतमोदी जी आज भी विदेश में हैं दुनिया भर में फिरते है पर मणिपुर जलता रहा, नहीं गए. हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेतकई राज्यों में बाढ और आपदाओं में वे कहीं दिखते. मोदी जी के साथी ट्रंप को ‘सनातनी’ बताते थे. आज अमेरिका के चलते करोड़ों गरीब मछुआरे, किसान और कारीगरों की रोजी रोटी खतरे में है. बिहार में युवाओं की चिंता इनको नही। पलायन की चिंता नही.11 साल से ये बिहार में SUGAR FACTORY खोलने की बात ही कर रहे हैं, पर शुरु एक भी नहीं की. गांधी जी, नेहरू जी और डॉ अंबेडकर ने सबको वोट का ये अधिकार तबदिलाया था जब दुनिया में तमाम बाधाएं थीं इसलिए गरीब, दलित, पिछड़े वोट नहीं दे सकते थे। प्रॉपर्टी और पढ़े-लिखे होने की शर्तें थीं.वोट का ये अधिकार गरीबों SC/ST/OBC और महिलाओं का बुनियादी हुकूक है इसे बचाइए संविधान और लोकतंत्र को मजबूत कीजिए.

कर्नाटक धर्मस्थल विवाद CM सिद्धारमैया ने NIA जांच से इनकार किया, BJP-JDS पर राजनीति का आरोप

कर्नाटक में धर्मस्थल पर कथित दुष्कर्म, हत्याएं और शवों को दफनाने के मामले में जांच तेज हो गई है. ऐसे में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया नेरविवार को कहा कि धर्मस्थल में बीते 20 वर्षों में कथित दुष्कर्म, हत्याएं और शवों को दफनाने के गंभीर आरोपों की जांच के लिए एनआईए कीजरूरत नहीं है. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को पूरी स्वतंत्रता दी गई है. सीएमसिद्धारमैया ने आगे कर्नाटक में विपक्षी दल जेडीएस और भाजप पर राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि विपक्ष (जेडीएस और भाजपा) इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है दोनों दल धर्मस्थल में अलग-अलग रैलियां कर रहे हैं और सरकार की आलोचना कर रहे हैं. लेकिन धर्मस्थल केधर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े ने खुद एसआईटी जांच का स्वागत किया है. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए. अगर जांच न हो, तोशक की तलवार हमेशा लटकी रहेगी. एसआईटी की मांगहमने एसआईटी इसीलिए बनाई है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया था और कई संगठनों ने एसआईटी की मांग कीथी. इसके साथ ही जब उनसे भाजपा की एनआईए जांच की मांग पर सवाल किया गया तो उन्होंने पलटकर पूछा कि जब भाजपा सत्ता में थी, तबक्या उन्होंने कोई मामला सीबीआई को सौंपा था? इसके अलावा सीएम ने स्पष्ट किया कि एसआईटी को जांच की पूरी छूट दी गई है और सरकारदखल नहीं दे रही. बता दें कि इस पूरे विवाद की शुरुआत सीएन चिन्नैया नामक शख्स के आरोपों से हुई, जिसे बाद में झूठे आरोप (झूठी गवाही) केमामले में गिरफ्तार किया गया. राजनीति करने का लगा आरोपउसने दावा किया था कि पिछले 20 वर्षों में धर्मस्थल के जंगलों में कई शव, जिनमें कुछ महिलाओं के भी थे, दफनाए गए हैं। मामले में एसआईटी नेचिन्नैया द्वारा बताए गए स्थानों पर खुदाई की, जहां दो जगहों पर हड्डियों के अवशेष मिले हैं. अब जांच चल रही है और रिपोर्ट का इंतजार है. कर्नाटकके मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने धर्मस्थल में कथित दुष्कर्म और हत्याओं की जांच एनआईए को सौंपने की बात पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मामलेकी जांच के लिए SIT को पूरी स्वतंत्रता दी है. उन्होंने NIA जांच की मांग को खारिज करते हुए BJP-JDS पर राजनीति करने का आरोप लगाया.

विवादास्पद विधेयकों पर संयुक्त संसदीय समिति जल्द होगी गठित बोले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, सभी दलों से प्रतिनिधित्व का किया आग्रह

संविधान संशोधन विधेयकों को लेकर संयुक्त संसदीय समिति के गठन पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बड़ा बयान दिया है. ओम बिरला ने कहाकि वह प्रयास करेंगे कि संसद की संयुक्त समिति में विभिन्न दलों का प्रतिनिधित्व हो. यह समिति लगातार 30 दिनों तक गिरफ्तार पीएम, सीएम, मंत्रियों और अधिकारियों को हटाने का प्रस्ताव करने वाले तीन विवादास्पद विधेयकों की जांच करेगी. वह इस मामले पर सभी राजनीतिक दलों केसाथ चर्चा करेंगे. ओम बिरला ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों से अपने प्रतिनिधियों के नाम प्रस्तुत करने को कहा गया है। समिति का गठन शीघ्र हीकिया जाएगा. उन्होंने कहा कि संसदीय समितियां राजनीतिक विभाजन से ऊपर उठकर काम करती हैं और सदस्य इन समितियों में अपनी बात खुलकररख सकते हैं. अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण पर संसद और राज्य विधानसभाओं की समितियों के अध्यक्षों के राष्ट्रीयसम्मेलन में ओम बिरला ने कहा कि मेरा प्रयास सर्वोत्तम परंपराओं को बनाए रखना होगा. तीन विधेयक किए थे पेशसभी राजनीतिक दलों के साथ बातचीत और विचार-विमर्श किया जाएगा. 20 अगस्त को लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने तीन विधेयक पेश किएथे. इसमें पहला संघ राज्य क्षेत्र सरकार (संशोधन) विधेयक 2025; दूसरा संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025; और तीसरा जम्मू और कश्मीरपुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025 है। प्रस्तावित कानूनों में गंभीर आरोपों में लगातार 30 दिनों तक गिरफ्तार रहे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियोंको हटाने का प्रावधान है. इन विधेयकों का विपक्ष ने कड़ा विरोध किया और दावा किया कि ये असांविधानिक हैं तथा इनका उद्देश्य विभिन्न राज्यों मेंसत्तासीन उसके नेताओं को निशाना बनाना है. सदन ने विधेयकों को जांच के लिए संसद की एक संयुक्त समिति को भेज दिया है इसमें लोकसभा से21 और राज्यसभा से 10 सदस्य होंगे, लेकिन अभी तक इस समिति का गठन नहीं हुआ है. आरक्षण का लाभ प्रदान करना शामिलतृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और आम आदमी पार्टी ने घोषणा की है कि वे समिति का हिस्सा नहीं होंगे. हालांकि कांग्रेस ने इस पर कुछ नहींकहा है जबकि समाजवादी पार्टी ने विपक्ष से पैनल में शामिल न होने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया है. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला नेअनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिए राज्यों से विधायी निकाय बनाने के लिए कहा उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर एजेंडा2025 के तहत विभिन्न सुझाव प्राप्त हुए हैं और संबंधित संसदीय समिति उन्हें अमल में लाने के लिए केंद्र और राज्यों के समक्ष उठाएगी. उन्होंने कहाकि औसतन संसदीय समिति की 70 से 80 प्रतिशत सिफारिशें सरकार द्वारा स्वीकार कर ली जाती हैं, जिससे कार्यपालिका को जवाबदेह औरपारदर्शी बनाने में इसकी महत्ता पर प्रकाश पड़ता है. इस मुद्दे पर संसदीय समिति ने कई सशक्त निर्णय लिए हैं इसमें 1.5 लाख से अधिक नौकरियोंको नियमित करना और विभिन्न क्षेत्रों में आरक्षण का लाभ प्रदान करना शामिल है.

तेलंगाना विधानसभा में OBC आरक्षण पर रेवंत रेड्डी और केटीआर आमने-सामने, एक-दूसरे पर लगाए तीखे आरोप

तेलंगाना विधानसभा में पंचायती राज संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री रेवन्त रेड्डी और बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव(केटीआर) के बीच जोरदार बहस देखने को मिली. मुद्दा था पिछड़ा वर्ग आरक्षण और बीआरएस की भूमिका. मुख्यमंत्री ने बीआरएस पर गंभीर आरोपलगाए कि वह पिछड़े लोगों के सशक्तिकरण के खिलाफ रही है, वहीं बीआरएस ने सरकार पर चुनौती दी कि वह पिछड़े वर्ग के लिए बिल पास करानेके लिए सच्चा संघर्ष दिखाए. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने विधानसभा में कहा कि बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पिछड़े लोगों केसशक्तिकरण के खिलाफ रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जब दिल्ली के जंतर मंतर पर पिछड़ा आरक्षण को लेकर बड़ा धरना हुआ, तब बीआरएस नेउसका समर्थन नहीं किया रेवंत रेड्डी ने कहा कि यह साफ सबूत था कि बीआरएस को पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी बढ़ाने में कोई ईमानदारी नहीं है. उन्होंनेआगे आरोप लगाया कि बीआरएस ने राज्यपाल पर दबाव डालकर पिछड़े वर्ग के आरक्षण अध्यादेश को रोका. असली समर्पण दिखाने का समयमुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह भी कहा कि जनता पहले ही बीआरएस के खिलाफ जनादेश दे चुकी है. उन्होंने दोहराया कि सरकार पिछड़ा समुदाय केअधिकारों को लेकर गंभीर है और इस बार उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर प्रयास करेगी रेवंत रेड्डी का कहना था कि बीआरएस सिर्फ दिखावे कीराजनीति करती रही है, जबकि जमीनी स्तर पर उसने पिछड़ा वर्ग को कभी वास्तविक शक्ति नहीं दी. मुख्यमंत्री के आरोपों पर बीआरएस नेता केटीआरने तीखा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि अगर रेवंत रेड्डी सचमुच पिछड़ा वर्ग के लिए प्रतिबद्ध हैं तो उन्हें दिल्ली के जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन भूखहड़ताल करनी चाहिए, जब तक कि पिछड़ा बिल पास न हो जाए. केटीआर ने कहा कि यह सिर्फ बैठकों और नियुक्तियों का मामला नहीं है, बल्किअसली समर्पण दिखाने का समय है. दिल्ली में रहना डटेउन्होंने रेवन्त रेड्डी को याद दिलाया कि जिस तरह केसीआर दिल्ली गए थे और घोषणा की थी कि वह तेलंगाना के गठन तक वापस नहीं लौटेंगे, उसीतरह मौजूदा मुख्यमंत्री को भी दिल्ली में डटे रहना चाहिए.केटीआर ने विधानसभा में यह भी याद दिलाया कि 2004 में केसीआर पहले नेता थे जिन्होंने देश में अलग से ओबीसी कल्याण मंत्रालय की मांग कीथी. पार्टी गठन के बाद उन्होंने पिछड़े समुदाय के लिए एक व्यापक नीति भी पेश की थी. बीआरएस नेता ने कहा कि विधानसभा में उनकी पार्टी नेजाति जनगणना और विधानमंडलों में ओबीसी आरक्षण की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित किए थे और उन्हें केंद्र सरकार को भेजा था. उन्होंने दावाकिया कि जब भी बीआरएस को मौका मिला, उसने पिछड़ा और कमजोर वर्गों को न्याय देने का काम किया.