अमेरिकी विद्वान टेरिल जोंस का दावा, ट्रंप ने भारत-पाक विवाद में मध्यस्थता की भूमिका निभाने की इच्छा जताई, मोदी के नोबेल समर्थन नदेने पर खटास

अमेरिका के एक शीर्ष विद्वान ने भारत और अमेरिका के संबंधों में आई खटास की संभावित वजह का कारण बताते हुए कहा कि ट्रंप खुद को वैश्विकशांतिकार दिखाना चाहते हैं और इसी के चलते उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का श्रेय लेने की कोशिश की, लेकिन जब पीएम मोदी नेइससे इनकार किया और ट्रंप के नाम का नोबेल शांति पुरस्कार के लिए समर्थन नहीं किया तो ट्रंप इस बात को शायद निजी तौर पर ले गए और बुरामान गए. किसी अन्य देश की नहीं कोई जरुरतअमेरिकी शिक्षाविद् टेरिल जोंस ने कहा कि ‘ट्रंप की रणनीति दो पक्षों में बातचीत के लिए पहले बड़ी-बड़ी शर्तें लगाना और फिर उन्हें बातचीत के लिएमजबूर करना है और अभी भी वे यही कर रहे हैं।’ जोंस ने कहा कि ‘ट्रंप ने उम्मीद की थी कि पीएम मोदी भी उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामितकरेंगे, लेकिन जब पीएम मोदी ने ऐसा नहीं किया तो ट्रंप इस बात को दिल पर ले गए और इसी के चलते ट्रंप ने भारत पर टैरिफ लगाया.प्रोफेसर टैरिल जोंस ने कहा कि ‘डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक नेता बनना चाहते हैं। न सिर्फ राजनीतिक, आर्थिक तौर पर बल्कि भू-राजनीतिक तौर पर भी. इसलिए उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का श्रेय लेने में बहुत जल्दबाजी की. जबकि प्रधानमंत्री मोदी से इससे इनकार करते रहेऔर उन्होंने कहा कि हमें पाकिस्तान से बातचीत के लिए अमेरिका या किसी भी अन्य देश की कोई जरूरत नहीं है. निभा सकते है मध्यस्थता की भूमिकाजब ट्रंप चाहते थे कि पीएम मोदी नोबेल शांति पुरस्कार के लिए उनके नाम का समर्थन करें, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो ट्रंप ने इस बात को निजीतौर पर ले लिया. जब ट्रंप कोई बात निजी तौर पर ले लेते हैं तो वे उस पर प्रतिक्रिया देते हैं और उन्होंने कई मौकों पर कहा भी है कि टैरिफ शब्दइंग्लिश भाषा का सबसे सुंदर शब्द है. अमेरिकी शिक्षाविद् टेरिल जोंस ने ये भी कहा कि ‘अमेरिका, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात कर सकता है, अमेरिका रूस से भी बात कर सकता है, लेकिन हो सकता है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन इस पर ध्यान न दें, लेकिन भारत ऐसा देश है, जो दोनों देशों सेबात कर सकता है और दोनों देशों के नेता, भारत की बात को ध्यान से सुनेंगे. ऐसे में अगर कोई बड़ा देश है तो ये देश मध्यस्थता की भूमिका निभासकते हैं.
केरल कांग्रेस के ‘बीड़ी और बिहार’ पोस्ट पर सियासी बवाल, केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने मांगी माफी

केरल कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘बीड़ी और बिहार’ को लेकर की गई पोस्ट पर सियासी बवाल मचा हुआ है. इस सोशल पोस्टपर अब केरल कांग्रेस ने माफी मांगी है. केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने शनिवार को स्वीकार किया कि पार्टी की राज्य इकाई के सोशल मीडियाहैंडल पर “बीड़ी और बिहार” वाला पोस्ट करते समय “गलती” हुई है। जोसेफ ने कहा कि ‘एक्स’ वाली पोस्ट हटा दी गई है और राज्य नेतृत्व के निर्देशपर सोशल मीडिया टीम ने माफी मांगी है. एक्स पर किया गया पोस्टकांग्रेस की केरल राज्य इकाई ने हाल ही में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कथित तौर पर हालिया जीएसटी सुधारों के मद्देनजर बिहार और बीड़ी (एक तंबाकूउत्पाद) के बीच समानताएं बताईं थीं. जिस पर भाजपा ने विरोध जताया था बता दें कि केरल कांग्रेस की ओर से की गई इस पोस्ट में कहा गया था, बीड़ी और बिहार ‘B’ से शुरू होते हैं अब इसे पाप नहीं माना जा सकता. कांग्रेस की आलोचनासनी जोसेफ ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, पोस्ट को हटा दिया गया है। सोशल मीडिया हैंडल कर वाले एडमिन और इसे चलाने वालेव्यक्ति ने इसे वापस ले लिया है और माफी मांगी है. कांग्रेस इसका समर्थन नहीं करती एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह कीपोस्ट डालने में गलती हुई है और सावधानी नहीं बरती गई है.जोसेफ ने बताया कि यह मामला पूर्व विधायक वीटी बलराम के समक्ष उठाया गया है, जो केपीसीसी के डिजिटल मीडिया सेल के प्रभारी हैं पार्टी नेशुक्रवार को एक नई एक्स पोस्ट में कहा, जीएसटी दरों को लेकर मोदी के चुनावी हथकंडे पर हमारे तंज को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है. अगरआपको ठेस पहुंची हो तो हम क्षमा चाहते हैं कई उत्तर भारतीय नेताओं ने हटा दी गई एक्स पोस्ट के लिए कांग्रेस की आलोचना की है.
ऑपरेशन सिंदूर से मिली सफलता में नागरिक और सैनिकों की भूमिका अहम, बोले आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी “जानें क्या कुछ कहा”

आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक बयान में कहा है कि देश की सुरक्षा सिर्फ सैनिकों का काम नहीं है बल्कि ये हर नागरिक की जिम्मेदारी है. आर्मीचीफ ने कहा ‘नागरिक ही सैनिकों को सबसे पहले सूचना देते हैं, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 72,000 से ज्यादा एनसीसी जवान थे, जिन्होंने ऑपरेशनके दौरान सभी जरूरी सहायता प्रणालियों का नेतृत्व किया और नागरिक की सुरक्षा के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया. यूक्रेन ने दुनिया को दिखायाहै कि जब आम नागरिक अपने देश की रक्षा की जिम्मेदारी लेते हैं तो क्या होता है उनकी भूमिका खुफिया जानकारी जुटाने, रसद और प्रतिरोध मेंसाबित हुई है इससे पता चलता है कि देश की सुरक्षा सिर्फ सैनिकों का काम नहीं है, बल्कि ये सभी की जिम्मेदारी है. नहीं होगा लक्ष्य हासिलशुक्रवार को गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारतऔर पाकिस्तान ने अलग-अलग सबक सीखे भारत ने जहां लंबी दूरी तक सटीकता से मार करने वाले हथियार और हमले के बाद नुकसान का आकलनकरने की क्षमता पर ध्यान दिया, वहीं पाकिस्तान ने संभवतः अपनी एयर डिफेंस प्रणाली को मजबूत करने पर फोकस किया.ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सीडीएस ने कहा कि जब राजनीतिक नेतृत्व से चर्चा हुई तो यह साफ हो गया कि सिर्फ ड्रोन और लोटरिंग म्यूनिशन (घूमतेहुए लक्ष्य तलाशने वाले हथियार) से लक्ष्य हासिल नहीं होगा. रसद और प्रतिरोध मे हुई साबितबहावलपुर और मुरिदके में आतंकी ठिकाने तबाह करने के लिए एयर पावर का इस्तेमाल जरूरी था उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार नेसेना को साफ निर्देश दिए थे कि आतंकी ठिकाने नष्ट करने हैं और तभी जवाबी कार्रवाई करनी है जब पाकिस्तान हमला करे इस ऑपरेशन में सेना कोपूरी आजादी मिली थी, चाहे वो योजना बनाना हो या लक्ष्य चुनना. आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ‘यूक्रेन ने दुनिया को दिखाया है किजब आम नागरिक अपने देश की रक्षा की जिम्मेदारी लेते हैं तो क्या होता है। उनकी भूमिका खुफिया जानकारी जुटाने, रसद और प्रतिरोध में साबितहुई है.
भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी जल्द होगी घोषित, महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में संगठन को मिलेगी नई ताकत

भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश कार्यकारिणी की सूची तैयार है, बस इसके जारी होने का इंतजार है प्रदेशभर के पार्टी नेताओं की निगाहें सूची परलगी हुई हैं. शुक्रवार को भी पार्टी नेताओं का प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से उनके आवास पर मिलने का सिलसिला जारी रहा. भाजपा की नईकार्यकारिणी में 31 पदाधिकारी घोषित किए जाएंगे, इनमें आठ प्रदेश उपाध्यक्ष, आठ प्रदेश मंत्री, तीन महामंत्री, एक महामंत्री संगठन, एक प्रदेशमीडिया प्रभारी, एक कोषाध्यक्ष व एक कार्यालय सचिव होगा. चयन के लिए कसरत तेजइसके अलावा सात अलग-अलग मोर्चों युवा मोर्चा, किसान मोर्चा, महिला मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा औरअनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष भी घोषित किए जाएंगे. पहली बार संगठन में बड़े पद पर महिला को भी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है पिछलेमाह के अंत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट दिल्ली से लौटकर आए थे, जिसके बाद नई कार्यकारिणी के चयन के लिए कसरततेज हुई थी. संगठन को करेगी मजबूत और बढ़ेगी आगेपार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सलाह-मशविरा करने के बाद पार्टी के नए पदाधिकारियों के नामों को अंतिम रूप दिया जा चुका है बस इस सूची के जारीहोने का इंतजार है अगर शनिवार को सूची जारी न हुई तो फिर नवरात्र तक इंतजार बढ़ सकता है क्योंकि 7 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू हो जाएगा. आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा संगठन को एक टीम की जरूरत है जो जीत की हैट्रिक के लक्ष्य तक मजबूती के साथ पहुंचा सके. लिहाजा, माना जा रहा है कि जो पदाधिकारी इस टीम में शामिल होंगे, उनके चयन पर संगठन ने काफी विमर्श किया है नई टीम आगामी विधानसभाचुनाव के मद्देनजर पूरी ऊर्जा के साथ बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करेगी और आगे बढ़ेगी.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का पंजाब बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा, पीएम मोदी को सौंपेंगे विस्तृत रिपोर्ट

बाढ़ प्रभावित राज्य पंजाब का दौरा करने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य में बाढ़ की स्थितिपर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके सौंपेंगे. कृषि मंत्री ने कहा शिवराज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, पंजाब में बाढ़की जो स्थितियां है उससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत ही चिंतित है उन्हें के निर्देश पर मैं वहा के हालत समझने पंजाब गया था. कृषि मंत्री ने कहा, पंजाब में जल प्रलय की स्थिति है। फसलें तबाह और बर्बाद हो गई है संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार पंजाब की जनता और किसानों के साथ खड़ीहै अब बाढ़ग्रस्त इलाकों के पुननिर्माण के लिए हमें योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है पंजाब को इस संकट से बाहर निकालने के लिएअल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनानी होगी. जमीनी स्तर पर करना होगा काममैं प्रधानमंत्री को पंजाब के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट सौंपूंगा संकट बड़ा है, लेकिन केंद्र सरकार इस संकट से बाहर निकलने में कोई कसर नहींछोड़ेगी. राज्य सरकार को भी पूरी गंभीरता के साथ जमीनी स्तर पर काम करना होगा. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ के लिए आंशिक रूप सेसतलुज, व्यास, रावी और घग्गर नदियों के तटबंधों के कमजोर होने और अवैध खनन गतिविधियों के कारण हुई क्षति को जिम्मेदार ठहराया है. शिवराज ने लिखा कि, अटल बिहारी वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे और प्रकाश सिंह बादल जब पंजाब के सीएम थे, तब फसलों को बाढ़ से बचाने केलिए सतलुज, ब्यास, रावी और घग्गर नदियों पर बांध मजबूत और उंचे किए गए थे. लेकिन अवैध खनन के कारण वे कमजोर हो गए और गांव मेंपानी आ गया है. ढ़ाचों को मजबूत करना है जरुरीअब इन ढांचों को मजबूत करना जरूरी है ताकि पंजाब को भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचाया जा सके. मंत्री शिवराज ने पीड़ितों को भोजन, कपड़ेऔर दवाइयां उपलब्ध कराने वाले हजारों सामाजिक कार्यकर्ताओं की सेवा भावना की सराहना की. आपदा की इस घड़ी में, न केवल पंजाब, बल्किपड़ोसी राज्यों के लोगों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है एकता और सेवा की यही भावना हमें बड़े से बड़े संकट से भी उबरने की शक्ति देती है. कृषि मंत्रीशिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के योजनाबद्ध पुनर्निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें राज्य को उबरने में मदद के लिएअल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियों की आवश्यकता शामिल है बाढ़ के बाद की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री शिवराज ने पानी कमहोने पर संभावित बीमारियों के प्रकोप की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि मृत पशुओं का सुरक्षित तरीके से निपटान करना होगा, ताकि बीमारी न फैले।खेतों में गाद जमा हो गई है, उसे हटाने की योजना बनानी होगी, ताकि अगली फसल खतरे में न पड़े.
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर लगाया भाजपा के पक्षपात का आरोप, जीएसटी और शिक्षा पर भी साधा निशाना

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग ने भाजपा नेताओं को कोड दे दिया है इसके जरिये वे घर बैठकर वोट बढ़ा रहे हैं सरकार पीडीए(पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) के एसडीएम तैनात नहीं कर रही है यह पूछे जाने पर किन राज्यों में इस तरह के कोड दिए गए हैं, अखिलेश ने कहाकि कई स्थानों पर ऐसा हुआ. अखिलेश ने शुक्रवार को प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है किकिसी व्यक्ति का वोट बनने से न छूटे और एक भी फर्जी वोट न बनने पाए लेकिन, भाजपा सरकार, अधिकारियों और चुनाव आयोग की तिकड़ी बनगई है. चुनाव आयोग भाजपा का जुगाड़ आयोग बन गया है. पंचायत चुनाव पर विशेष ख्यालचुनावों में वोटों की डकैती हो रही है सपा ने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने कहा कि सपा के सभी फ्रंटल संगठन केलोगों की जिम्मेदारी है कि एक भी वोट लिस्ट से कटने न पाए पंचायत चुनाव में भी इसका विशेष ख्याल रखें. जीएसटी को लेकर अखिलेश ने कहाकि भाजपा सरकार चुनाव को देखते हुए नया जीएसटी लाई हैउन्होंने कहा कि अगर इस सरकार के एजेंडे में शिक्षा व नौकरी होती तो 27 हजार प्राथमिक स्कूल बंद नहीं करती. भाजपा पर साधा निशाना69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को अभी तक आंदोलन नहीं करना पड़ता. विश्वविद्यालयों और संस्थाओं में एक ही विचारधारा के लोगों को बैठादिए गए हैं उन्होंने कहा कि भाजपा पहले इस्तेमाल करती है, फिर बर्बाद कर देती हैं बाराबंकी में छात्रों पर लाठीचार्ज परिषद बनाम वाहिनी की लड़ाई है. उन्होंने एबीवीपी पर अखिल भारतीय वीडियो पिटाई कहकर कटाक्ष भी किया. सपा अध्यक्ष ने उन्हें टोटी चोर की संज्ञा दिए जाने के मामले में कहा कि यह साजिश तत्कालीन आईएएस अफसर अवनीश अवस्थी और ओएसडी अभिषेक कौशिक की है. सरकार जान ले और सरकार चलाने वाले भी जान लें कि यह बात भूलने वाली नहीं है.
यमुना के बढ़ते जलस्तर से छह जिलों में भारी बाढ़, मयूर विहार फ्लाईओवर के नीचे बनी टेंट सिटी

राजधानी में बाढ़ के कारण छह जिलों के करीब 18000 लोग प्रभावित हुए हैं दिल्ली सरकार की तरफ से ये जानकारी देते हुए कहा गया है किएनडीआरएफ, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन राहत शिविरों में भोजन, पानी, और चिकित्सा सहित अन्य सुविधाएं दे रहे हैं. यमुना का जलस्तर206 मीटर पार करने से उत्तर, उत्तर-पूर्वी, शाहदरा, पूर्वी, केंद्रीय और दक्षिण-पूर्वी जिले बाढ़ की चपेट में हैं. पूर्वी दिल्ली में 7,200, उत्तर-पूर्वी में5,200, दक्षिण-पूर्वी में 4,200, उत्तर दिल्ली में 1,350 और शाहदरा में 30 लोग प्रभावित हैं। इस तरह कुल 17980 लोग पीड़ित हैं इनके लिए35 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं जहां भोजन, पानी, शौचालय और चिकित्सा सुविधाएं 24 घंटे दी जा रही हैं. एनडीआरएफ की टीमें निचलेइलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाल रही हैं पूर्वी दिल्ली में डीएम के नेतृत्व में बोट क्लब ने यमुना खादर से 5,000 से अधिक लोगों और सैकड़ोंमवेशियों, बकरियों, भैंसों व कुत्तों को बचाया है. 24 घंटे नजर परगोताखोरों व नाविकों ने बहादुरी से कई जिंदगियां बचाईं पशुपालन विभाग मवेशियों की चिकित्सा और चारे की व्यवस्था कर रहा है. दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम और ड्यूसिब मिलकर राहत शिविरों में सफाई, फॉगिंग और पानी की आपूर्ति कर रहे हैं सिविल डिफेंस और आपदा मित्र टीमें 24 घंटेसक्रिय हैं. बाढ़ पीड़ितों को सरकार, जनप्रतिनिधि व एनजीओ मदद करने में जुटे हैं शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार बाढ़पीड़ितों की हर जरूरत का ध्यान रख रही है राहत शिविरों में भोजन, पानी, दवाइयां और शौचालय की व्यवस्था है. किसानों के मवेशियों के लिए चाराभी मुहैया कराया जा रहा है बाढ़ पीड़ितों की सुरक्षा व सुविधा में कोई कमी नहीं होगी. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि स्थिति नियंत्रण में है यमुना काजलस्तर अब कम हो रहा है सरकार 24 घंटे हालात पर नजर रख रही है. किसानों को दिया जा सके उचित मुआवजासभी जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) प्रभावित इलाकों में मौके पर हैं जो पीड़ितों को राहत पहुंचाने में जुटे हैं वहीं, मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय मुख्यमंत्रीजनसेवा सदन से डिविजनल कमिश्नर और सभी डीएम के साथ ऑनलाइन बैठक की जिसमें राहत कार्यों की समीक्षा की गई और स्पष्ट दिशा-निर्देशदिए गए. रेखा गुप्ता ने कहा कि पीड़ितों की जान-माल की रक्षा की गई है राहत शिविरों में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का विशेष ध्यान रखने केनिर्देश दिए गए हैं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) प्रभावित इलाकों में निगरानी कर रहा है. सामाजिक संगठनों की मदद से राहत कार्योंको और तेज किया जा रहा है। डीएम को निर्देश दिए गए कि बाढ़ से प्रभावित फसलों का आकलन करें ताकि किसानों को उचित मुआवजा दिया जासके.
नेपाल सरकार का 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बंद करने का फैसला, विपक्ष ने कहा संविधान विरोधी और अधिनायकवादी

नेपाल सरकार द्वारा फेसबुक समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बंद किए जाने के फैसले पर देश भर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. विपक्षीदलों से लेकर सत्ताधारी नेताओं तक ने इस कदम को संविधान विरोधी और जनविरोधी बताते हुए विरोध जताया है.नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री एवं माओवादी अध्यक्ष पुष्पकमल दहल ने सरकार पर आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से हो रही आलोचनाको दबाने के लिए सरकार ने सोशल मीडिया बंद करने का निर्णय लिया है. सोशल मीडिया बंद करना अधिनायक का संकेतउन्होंने सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा, ‘यह कदम केवल संविधान विरोधी, अलोकतांत्रिक और जनविरोधी ही नहीं है, बल्कि सुप्रीमकोर्ट द्वारा सोशल मीडिया पर प्रकाशन और प्रसारण सम्बन्धी दिए गए आदेश की गलत व्याख्या भी है’ हालाँकि, दाहाल स्वयं जब प्रधानमंत्री थे, तबउनकी सरकार ने सामाजिक सद्भाव बिगड़ने का हवाला देते हुए टिकटॉक बंद करने का निर्णय लिया था. इसी तरह राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी के उपाध्यक्ष औरसांसद स्वर्णिम वाग्ले ने कहा कि सोशल मीडिया बंद करना अधिनायकवाद का संकेत है. पुरानी शैली में रोकना उचित नहींरामेछाप जिला के मन्थली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘आज के डिजिटल युग में सूचना प्रवाह रोकने की कोशिश सूर्य को हथेली सेढकने जैसी है. उनका कहना था कि जनता के दबाव और विरोध के कारण सरकार इस निर्णय को लागू नहीं कर पाएगी.पूर्व प्रधानमंत्री तथा नेपाल समाजवादी पार्टी (नया शक्ति) के अध्यक्ष बाबुराम भट्टराई ने कहा कि कर के दायरे में आ चुके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मको सूचीबद्ध न होने के आधार पर बंद करना गलत है उनके अनुसार, राज्य आवश्यकतानुसार नियमन कर सकता है, लेकिन इंटरनेट और एआई नेसीमाएं पार कर ली हैं, ऐसे में पुरानी शैली से रोकना उचित नहीं है.
दिल्ली डूबी, सरकार गुमशुदा आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने BJP पर बोला हमला, जलभराव पर उठाए गंभीर सवाल

दिल्ली नगर निगम में आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने दिल्ली में जलभराव और बाढ़ के हालात को लेकर भाजपा की चार इंजनसरकार को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग बाढ़ से परेशान हैं लेकिन उनकी सुध लेने के लिए भाजपा सरकार तैयार नहीं है. दिल्लीके कई इलाकों में बाढ़ से हालात खराब हैं, लेकिन सीएम से लेकर मंत्री तक अपने दफ्तर में आराम कर रहे, कोई सड़क पर नहीं दिख रहा है। लेकिनजब “आप” की सरकार में यमुना का पानी बढ़ता था तो सीएम से लेकर मंत्री, विधायक तक सड़कों पर होते थे. उन्होंने कहा कि अब तो दिल्ली में नीचेसे ऊपर तक भाजपा की सरकार है। पैसे और पावर की भी कमी नहीं है, फिर दिल्ली क्यों डूब रही है? सच तो ये है कि भाजपा को सरकार नहीं चलानीआती. उसे सिर्फ आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को गालियां देनी आती है.शुक्रवार को अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा सरकार ने चार महीने पहले कहा था कि पीडब्ल्यूडी की 82 फीसदी नाले साफ हो चुके हैं. अब तो इन्होंने100 फीसदी से भी ज्यादा साफ कर देने का दावा कर दिया. एमसीडी की स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में भाजपा ने आंकड़े पेश किए कि सारी नालियांऔर नाले पूरी तरह साफ हो चुके हैं. अगर एमसीडी के नाले 100 फीसदी साफ हो चुके थे और पीडब्ल्यूडी के 82 फीसदी नाले साफ हो चुके थे, तोफिर दिल्ली में जलभराव कैसे हो गया? नहीं उठाया कोई ठोस कदमअंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली में सिर्फ कागजों पर काम हो रहा है भाजपा का काम बस कागजों पर या फिर फोटो खिंचवाने तक सीमित है. मुख्यमंत्रीरेखा गुप्ता, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा, एलजी साहब और उनके सारे अधिकारी एक नाले के पास जाकर खड़े हो जाते हैं. वहां फोटो खिंचवाते हैं औरदिखाते हैं कि हम नाले साफ कर रहे हैं. लेकिन जैसे ही बारिश आती है, पीडब्ल्यूडी की बड़ी-बड़ी सड़कें चार-चार फीट पानी में डूब जाती हैं एमसीडीकी गलियां भी पानी में डूबी नजर आती हैं। हर जगह पानी ही पानी है. इन्होंने बारिश में दिल्ली को बाढ़ में डुबो दिया. अंकुश नारंग ने कहा किपटपड़गंज के भाजपा विधायक पहले नाव चलाते दिखते थे, अब वेस्ट विनोद नगर में चार-चार फीट पानी भरा होने के बावजूद कहीं नजर नहीं आ रहे हैंवे सड़कों पर नहीं दिख रहे, न ही रील बना रहे हैं. भाजपा रील बनाने में कम और जमीन पर काम करने में ज्यादा विश्वास रखें। 2023 में यमुना कोलेकर जो हालात थे, उसके लिए भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर कई आरोप लगाए थे। लेकिन आज दिल्ली की स्थिति उससे भी बदतर है। भाजपाने सिर्फ आश्वासन दिए, लेकिन व्यवस्था के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए. भाजपा को आते दो ही कामअंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा को दो ही काम आते हैं पहला, आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को गाली देना और दूसरा, सिर्फ आश्वासनदेना। भाजपा ने कहा था कि हर महिला के खाते में 2500 रुपये आएंगे, लेकिन वो वादा पूरा नहीं हुआ. ये तो मोदी जी की गारंटी थी, वो भी पूरी नहींहुई कहा था कि होली-दिवाली पर मुफ्त सिलेंडर मिलेगा, लेकिन होली निकल गई, दिवाली आने वाली है, कोई सिलेंडर नहीं आया. हर महीने 500 रुपये का सिलेंडर देने का वादा था, वो भी पूरा नहीं हुआ। कहा था कि दिल्ली में जलभराव नहीं होगा, लेकिन जलभराव हो रहा है। कहा था किसड़कों पर कूड़ा नहीं होगा, लेकिन कूड़ा बिखरा पड़ा है कहा था कि दिल्ली में बाढ़ नहीं आएगी, लेकिन बाढ़ आ रही है. अंकुश नारंग ने कहा किगुरुग्राम से लेकर दिल्ली तक, यातायात को बेहतर करने की बात थी, लेकिन 8-10 घंटे का जाम लग रहा है। बारिश में यातायात ठप हो जाता है. यमुना के पास के इलाकों में पानी लोगों के घरों में घुस चुका है लेकिन वहां प्रशासन के लोग नजर नहीं आ रहे हैं. दिल्ली की मुख्यमंत्री, मंत्री, मेयरराजा इकबाल सिंह अपने दफ्तर से बाहर नहीं निकल रहे हैं और ना तो बाढ़ प्रभावित इलाकों में जा रहे हैं. ये तो भगवान श्रीराम के भक्त हैं इन्होंने सबकुछ भगवान श्रीराम पर छोड़ दिया है। बारिश, जलभराव भगवान श्रीराम करवा रहे हैं भगवान श्रीराम के नाम पर कुछ दिन में पानी भी निकल जाएगा.
शिक्षक दिवस पर शिक्षक महाकुंभ – शिक्षकों को मिला सम्मान

आयोजन का महत्वशिक्षक दिवस के अवसर पर दिल्ली सरकार ने एक बहुत ही भव्य और यादगार कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का नाम रखा गया – ‘शिक्षक महाकुंभ’। इस अवसर पर दिल्ली सरकार ने उन शिक्षकों को सम्मानित किया, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया है। इस समारोहमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद सहित कई विधायक और अधिकारीमौजूद रहे। बच्चों ने अपने शिक्षकों के सम्मान में सुंदर नृत्य और गीत प्रस्तुत किए, जिससे पूरा माहौल भावनाओं और उत्साह से भर गया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का संदेशकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था सही दिशा में बढ़ रही है और सही नेतृत्व के हाथों में है। उन्होंने कहा कि भारत मेंगुरु-शिष्य परंपरा बहुत पुरानी और गौरवशाली रही है। शिक्षक केवल किताब का ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों को संस्कार और जीवन जीने की राह भीदिखाते हैं। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि शिक्षकों की भूमिका हमेशासे ही समाज और राष्ट्र को मजबूत करने वाली रही है। धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली सरकार के प्रयासों की सराहना की और कहा कि सरकारी स्कूलों में सुधारऔर बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की दिशा में काम सराहनीय है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का संबोधनमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि शिक्षक जो काम कर रहे हैं वह केवल नौकरी नहीं, बल्कि ईश्वर का कार्य है। उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों को पढ़ानेके साथ-साथ उनका चरित्र गढ़ते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। उन्होंने माना कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाना एक कठिन काम है, क्योंकि वहांकई बार संसाधनों और सुविधाओं की कमी होती है। इसके बावजूद शिक्षक बच्चों को पूरे मन और समर्पण से पढ़ाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्लीसरकार का सपना है कि सरकारी स्कूल इतने अच्छे बनाए जाएं कि वे निजी स्कूलों से भी बेहतर हों। रेखा गुप्ता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने शिक्षा सामग्री पर जीएसटी हटा कर बहुत बड़ा कदम उठाया है। इससे शिक्षा और भी सस्ती और सुलभ बनेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री का धन्यवाद कियाऔर कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चा, चाहे उसके माता-पिता अमीर हों या गरीब, अच्छी शिक्षा पाए। मुख्यमंत्री ने हाल ही में बने उसकानून का भी उल्लेख किया, जिसके तहत निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण लगाया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम अभिभावकों के लिए बड़ीराहत लेकर आया है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद के विचारशिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि शिक्षक दिवस हमें यह याद दिलाता है कि शिक्षा केवल नौकरी नहीं, बल्कि एक मिशन है। उन्होंने कहा किप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी अक्सर कहते हैं कि मां जन्म देती है, लेकिन शिक्षक जीवन को गढ़ता है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 ने शिक्षा कोएक नई पहचान दी है। इसमें बच्चों को कई तरह की पढ़ाई के अवसर दिए जा रहे हैं – जैसे कि अलग-अलग विषयों का मिश्रण, व्यावसायिकप्रशिक्षण, प्रयोग आधारित शिक्षा और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल। आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार अगले तीन वर्षों में हर स्कूल औरहर बच्चे को ‘निपुण संकल्प मिशन’ से जोड़ेगी। इसके अलावा आने वाले चार वर्षों में कक्षा 9 से 12 तक हर कक्षा को स्मार्ट कक्षा में बदला जाएगा।उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से बच्चों की पढ़ाई को व्यक्तिगत बनाया जाएगा और यह देखा जाएगा कि हर बच्चा कैसा प्रदर्शन कर रहाहै। इस बार का शिक्षक दिवस दिल्ली के लिए खास रहा। ‘शिक्षक महाकुंभ’ में शिक्षकों को सम्मान देकर यह संदेश दिया गया कि शिक्षा सबसे बड़ाराष्ट्र निर्माण का काम है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री – सभी ने यह भरोसा दिलाया कि दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था को और भीमजबूत किया जाएगा। यह आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि यह एक वादा भी था कि आने वाले समय में दिल्ली के सरकारीस्कूल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का सबसे बड़ा आधार बनेंगे।