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पंजाब के बाढ़ पीड़ितों की मदद को दिल्ली बीजेपी ने भेजे 52 ट्रक, आप नेता आतिशी ने दिल्ली में जलभराव पर सरकार को घेरा

पंजाब में भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रदेश भाजपा ने रविवार को राहत सामग्री से भरे 52 ट्रकों को रवाना किया. मुख्यमंत्री रेखागुप्ता ने हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि इस कठिन समय में राजनीति से ऊपर उठकर पंजाब की मदद करना हमारी जिम्मेदारी है उन्होंने कहा कि अगरदेश का दिल दिल्ली में धड़कता है तो दिल्ली की धड़कन पंजाब में बसती है पंजाब के अन्नदाता किसानों के साथ पूरी दिल्ली खड़ी है. मुख्यमंत्री नेबताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संगठन ने यह सीख ली है कि जब भी दुनिया में कहीं विपदा आती है, भारत हमेशा मदद के लिए आगे बढ़ता हैउन्होंने कहा कि पंजाब हमारे देश का नवरत्न राज्य है, जिसने हर समय देश को सहयोग दिया है ऐसे में यह हमारा कर्तव्य है कि उसकी मुश्किल घड़ी मेंहम हर संभव मदद करें. 52 ट्रकों का काफिला सिर्फ शुरुआतप्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के साथ पूरी दिल्ली खड़ी है और राहत सामग्री से भरे 52 ट्रकों का काफिलासिर्फ शुरुआत है आगे भी सेवा लगातार जारी रहेगी. सचदेवा ने बताया कि राहत सामग्री में राशन, दवाइयां, मच्छरदानी, तिरपाल, बर्तन, कंबल, जूते-चप्पल सहित रोजमर्रा की वस्तुएं शामिल हैं. मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पंजाब हमेशा से देश की रक्षा और समृद्धि के लिए खड़ा रहा है, इसलिए आज पूरे देश का फर्ज है कि वह पंजाब की मुश्किल घड़ी में साथ खड़ा हो. जगह–जगह जलभराव की स्थितिउधर, पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने सीएम रेखा गुप्ता से सवाल पूछते हुए एक्स पर पोस्ट किया कि रेखा गुप्ता जी, आपने दिल्ली को बाढ़ से बचाने केलिए क्या किया. दिल्ली में जिस दिन भी बारिश आती है, पूरी दिल्ली झील में बदल जाती है, हर जगह जलभराव हो जाता है रेखा गुप्ता जी, आपनेदिल्ली को जलभराव और बाढ़ से बचाने के लिए क्या किया?सीएम रेखा गुप्ता जी और उनकी सरकार ने कोई तैयारी नहीं की थी जब आप की सरकार थी तब हम मानसून के 3 महीने पहले ही साफ सफाई करातेथे और उसके बाद भी जहां पानी भरता था, वहां खुद खड़े होकर सफाई कराई जाती थी. आज दिल्ली के कई इलाकों में पानी भरा हुआ है, बाढ़ आईहुई है लेकिन बीजेपी सरकार के कोई भी मंत्री और विधायक लोगों का हाल लेने नहीं जा रहे हैं सरकार ने जो राहत शिविर बनवाये भी हैं, उनका बुराहाल है.

काम के घंटे बढ़ाने पर भड़के मजदूर संगठन, हिंद मजदूर सभा ने दी राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी “महाराष्ट्र सरकार के फैसले को बताया मजदूर विरोधी”

महाराष्ट्र सरकार की तरफ से फैक्ट्रियों, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों में काम के घंटे बढ़ाने के हालिया फैसले को लेकर मजदूर संगठनों में गहरा असंतोषफैल गया है. हिंद मजदूर सभा ने सोमवार को इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इसे नहीं माना, तो पूरेराज्य में जबरदस्त आंदोलन छेड़ा जाएगा.हिंद मजदूर सभा की महाराष्ट्र परिषद के महासचिव संजय वाधवकर ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह मजदूर विरोधी है और इससे मजदूरों का कानूनीशोषण बढ़ेगा उन्होंने कहा, ‘श्रम विभाग में इतनी ताकत नहीं है कि वह हर जगह निगरानी कर सके ऐसे में कंपनियों को मनमानी करने का खुला मौकामिल जाएगा यह फैसला केंद्र सरकार के दबाव में कॉरपोरेट मालिकों के मुनाफे के लिए लिया गया है, जबकि इससे मजदूरों की सेहत और अधिकारोंपर सीधा असर पड़ेगा. लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का उल्लंघनमहाराष्ट्र कैबिनेट ने 3 सितंबर को पुराने कानूनों में बदलाव को मंज़ूरी दी थी इसके तहत फैक्ट्री कर्मचारियों के दैनिक काम के घंटे 9 से बढ़ाकर 12 घंटेकर दिए जाएंगे. पहले मजदूरों को 5 घंटे काम करने के बाद 30 मिनट का विश्राम मिलता था, अब यह 6 घंटे बाद मिलेगा ओवरटाइम की सीमा 115 घंटे प्रति तिमाही से बढ़ाकर 144 घंटे की जाएगी, लेकिन इसके लिए मजदूर की लिखित सहमति जरूरी होगी. साप्ताहिक काम के घंटे 10.5 घंटे सेबढ़ाकर 12 घंटे कर दिए जाएंगे. दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों के दैनिक काम के घंटे 9 से बढ़ाकर 10 घंटे कर दिए जाएंगे ओवरटाइमसीमा 125 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी जाएगी. आपातकालीन ड्यूटी की अधिकतम सीमा भी 12 घंटे होगी। ये बदलाव केवल 20 या उससेअधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू होंगे. संजय वाधवकर का कहना है कि इन बदलावों से न केवल काम के घंटे बढ़ेंगे, बल्कि पहले से मौजूदसुरक्षा और कल्याण संबंधी प्रावधान भी कमजोर हो जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला बिना किसी ट्रेड यूनियन से परामर्श किए लियागया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन है. मिलेगा विरोध प्रदर्शन देखने कोवाधवकर ने चेतावनी दी कि अगर यह फैसला वापस नहीं लिया गया, तो हिंद मजदूर सभा अन्य मजदूर संगठनों के साथ मिलकर पूरे राज्य में आंदोलनकरेगी. वहीं, सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव केंद्र सरकार के टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर किए गए हैं इससे महाराष्ट्रको कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा जैसे राज्यों की बराबरी में लाया जाएगा, जहां ऐसे नियम पहले ही लागू हो चुके हैं. लंबेकाम के घंटे मजदूरों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाएंगे आराम करने का समय कम होने से थकान और दुर्घटनाओं का खतराबढ़ेगा. श्रम विभाग में निगरानी के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है, जिससे कानून का दुरुपयोग होगा. मजदूरों के अधिकारों में कटौती और कॉरपोरेटकंपनियों को फायदा मिलने का डर है हिंद मजदूर सभा का कहना है कि यह फैसला मजदूरों के हितों के खिलाफ है और अगर इसे नहीं रोका गया, तोआने वाले दिनों में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन देखने को मिलेंगे.

बीड़ी और बिहार पोस्ट पर विवाद के बाद सफाई में जुटी केरल कांग्रेस, कहा वीटी बलराम को नहीं हटाया गया

केरल कांग्रेस ने सोमवार को यह साफ किया कि पार्टी के डिजिटल मीडिया सेल के चेयरमैन और पूर्व विधायक वीटी बलराम को उनके पद से नहींहटाया गया है. यह स्पष्टीकरण उस विवादित पोस्ट के बाद आया है, जिसमें ‘बीड़ी और बिहार’ का जिक्र किया गया था और जिसे लेकर पार्टी को भारीआलोचना का सामना करना पड़ा केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) प्रमुख सन्नी जोसेफ ने कहा कि सोशल मीडिया पर जो पोस्ट किए जाते हैं, उन्हें एक पेशेवर टीम तैयार करती है. ये लोग कांग्रेस समर्थक हैं और बलराम व्यक्तिगत तौर पर ऐसे पोस्ट नहीं करते उन्होंने कहा कि मीडिया के कुछहिस्सों ने इसे गलत तरीके से पेश किया और यह प्रचारित किया कि पोस्ट खुद वीटी बलराम ने किया है. पुनर्गठन पर किया जा रहा विचारसन्नी जोसेफ ने आरोप लगाया कि सीपीआई(एम) के नेता और कुछ मीडिया संस्थान इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने के लिए बलराम की छविको खराब करने की कोशिश कर रहे हैं उन्होंने स्पष्ट किया, ‘वीटी बलराम ने न तो इस्तीफा दिया है और न ही पार्टी ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई कीहै वह अब भी डिजिटल मीडिया सेल के चेयरमैन और केपीसीसी के उपाध्यक्ष हैं हालांकि, जोसेफ ने यह भी बताया कि आगामी पंचायत औरविधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया सेल के पुनर्गठन पर विचार किया जा रहा है. भविष्य मे न हो ऐसे विवादकेरल कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल से हाल ही में एक पोस्ट किया गया था जिसमें ‘बीड़ी और बिहार’ का जिक्र था यह पोस्ट जीएसटी सुधारोंको लेकर किया गया था इसके सामने आते ही राजनीतिक बवाल मच गया. भाजपा समेत कई उत्तर भारतीय नेताओं ने कांग्रेस की कड़ी आलोचनाकी। इसके बाद पार्टी ने तुरंत पोस्ट हटा दिया और सोशल मीडिया टीम की ओर से माफी मांगी सन्नी जोसेफ ने शनिवार को माना था कि यह पोस्टगलत और लापरवाही भरा था. उन्होंने कहा कि यह मामला बलराम से भी चर्चा में लाया गया था. सन्नी जोसेफ ने आरोप लगाया कि सीपीआई(एम) और उससे जुड़े कुछ मीडिया समूह कांग्रेस के लोकप्रिय नेताओं पर लगातार हमले कर रहे हैं उन्होंने कहा, ‘हम इन दुष्प्रचारों को पूरी तरह खारिज करतेहैं यह हमारे नेताओं को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश है. इस विवाद के बाद कांग्रेस अब अपने सोशल मीडिया सेल को मजबूत औरसंगठित करने की तैयारी में है, ताकि भविष्य में ऐसे विवाद न हों.

नेपाल में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवा, हिंसक प्रदर्शन में 14 की मौत, 42 घायल

नेपाल में सरकार के भ्रष्टाचार और हाल ही में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं जेनेरेशन जेड (Gen Z) ने सड़कों परउतरकर प्रदर्शन किया। युवाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. कई प्रदर्शनकारी संसद भवन में भी घुस गए। सुरक्षा बलों की ओर से जब उन्हेंरोकने की कोशिश की गई, तब वे और बेकाबू हो गए और बैरिकेड कूदकर इधर-उधर भागने लगे इस दौरान सुरक्षा बलों पर पथराव भी किया गयापुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए हल्का लाठी चार्ज किया. आंसू गैस के गोले छोड़े। पानी की बौछार की और कुछ जगहों पर फायरिंग भी की।स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में 14 लोगों की मौत हो गई और 42 लोग घायल हो गए काठमांडू के न्यूबानेश्वर और झापा जिले के दमक में सबसे ज्यादा हालात खराब हैं. स्थापित किया प्राथमिक चिकित्सा शिविर स्थापितद हिमालयन टाइम्स के मुताबिक, न्यू बानेश्वर में हिंसक झड़पों के दौरान गोली लगने से घायल हुए प्रदर्शनकारी ने सिविल अस्पताल में इलाज केदौरान दम तोड़ दिया। इस समय कई घायल व्यक्तियों की पहचान अब भी ज्ञात नहीं है दमक में प्रदर्शनकारियों ने दमक चौक से नगरपालिकाकार्यालय की ओर मार्च किया, जहां उन्होंने नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का पुतला फूंका और कार्यालय के द्वार तोड़ने का प्रयास किया. हालात और न बिगड़ें, इसके लिए सेना को मोर्चे पर उतार दिया गया है. न्यू बानेश्वर में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी में कुछ प्रदर्शनकारीघायल भी हुए हैं घायलों को इलाज के लिए एवरेस्ट अस्पताल, सिविल अस्पताल और आसपास के अन्य अस्पतालों में ले जाया गया है कार्यकर्तारोनेश प्रधान ने बताया कि हामी नेपाल संगठन ने प्रदर्शनकारियों को प्राथमिक उपचार प्रदान करने के लिए मैतीघर में एक प्राथमिक चिकित्सा शिविरस्थापित किया है. प्रदर्शन में शामिल होने का किया आग्रहप्रधान ने कहा, ‘मैतीघर में छह से सात लोगों का इलाज चल रहा है, जबकि ज्यादातर घायल एवरेस्ट अस्पताल में हैं’हालांकि, घायलों की सटीकसंख्या की पुष्टि अब तक नहीं हुई है. बताया गया कि सोमवार सुबह 9 बजे से प्रदर्शनकारी काठमांडू के मैतीघर में एकत्रित होने लगे हाल के दिनों में’नेपो किड’ और ‘नेपो बेबीज’ जैसे हैशटैग ऑनलाइन ट्रेंड कर रहे हैं सरकार की ओर से अपंजीकृत प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने के फैसले के बाद इसमेंऔर तेजी आई है काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय के अनुसार, ‘हामी नेपाल’ ने इस रैली का आयोजन किया था इसके लिए पूर्व अनुमति ली गईथी. समूह के अध्यक्ष सुधन गुरुंग ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन सरकारी कार्रवाइयों और भ्रष्टाचार के विरोध में था देश भर में इसी तरह के प्रदर्शन होरहे हैं उन्होंने छात्रों से भी अपनी यूनिफॉर्म पहनकर और किताबें लेकर प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया.

टीएमसी विधायक का विवादित बयान ‘तेजाब से जला दूंगा आवाज’, भाजपा ने बताया तृणमूल की संस्कृति

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के जिला अध्यक्ष और विधायक अब्दुर रहीम बख्शी का विवादित बयान सामने आया है. अब्दुर रहीम बख्शी ने भाजपा विधायक शंकर घोष को सीधे नाम लिए बिना धमकी दी कि अगर उन्होंने बंगाल के प्रवासी मजदूरों को रोहिंग्या याबांग्लादेशी कहा, तो वह उनके मुंह पर तेजाब डाल देंगे. उनका यह बयान शनिवार शाम को मालदा में हुई एक सभा में आया यह सभा बंगाली प्रवासीमजदूरों के खिलाफ कथित अत्याचारों के विरोध में आयोजित की गई थी. दिखी बौखलाहट साफटीएमसी विधायक ने अपने बयान में कहा- ‘जो यह कहेगा कि बंगाल के 30 लाख प्रवासी मजदूर रोहिंग्या या बांग्लादेशी हैं, मैं उसकी आवाज कोतेजाब से जला दूंगा यह पश्चिम बंगाल है यहां हम बंगालियों को बोलने का अधिकार छीनने नहीं देंगे. उन्होंने लोगों से अपील की कि भाजपा के झंडेफाड़ दें और पार्टी का सामाजिक बहिष्कार करें. वहीं अब्दुर रहीम बख्शी के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी मालदा उत्तर से भाजपा सांसदखगेन मुर्मू ने कहा, ‘यह तृणमूल कांग्रेस की संस्कृति है. उनका काम सिर्फ लोगों को डराना है चुनाव से पहले उनकी यह बौखलाहट साफ दिख रही है. दिया संस्कृति करारभाजपा ने इस मामले को लेकर मालदा में विरोध प्रदर्शन भी किया और आरोप लगाया कि पुलिस झूठे केस दर्ज कर भाजपा कार्यकर्ताओं को परेशानकर रही है. बता दें कि मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पहले ही अपनी पार्टी नेताओं को आगाह कर चुकी हैं कि वे भड़काऊ औरआपत्तिजनक बयान न दें. उन्होंने हाल ही में एक समीक्षा बैठक में कहा था कि ऐसे बयान पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं. पश्चिम बंगाल मेंभाजपा और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के बीच जुबानी जंग हमेशा जारी है नए विवाद में टीएमसी विधायक अब्दुर रहीम बख्शी ने भाजपा विधायकपर तेजाब डालने की धमकी दी है जिसे लेकर भाजपा ने टीएमसी पर पलटवार किया और इसे उनकी संस्कृति करार दिया है.

चुनाव आयोग पर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे का वार, वोट चोरी पर रोकी जा रही है जांच “आखिर किसे बचा रहा है आयोग?”

वोट चोरी के आरोपों को लेकर देशभर की सियासत में गर्माहट है विपक्षी इंडिया गठबंधन लगातार रूप से इसके लिए चुनाव आयोग और केंद्र सरकारपर निशाना साध रही है. ऐसे में एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने कहा किआयोग जरूरी जानकारी साझा नहीं कर रहा, जिससे कथित वोट चोरी के आरोपियों को बचाया जा रहा है. अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स परपोस्ट करते हुए खरगे ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले अलंद विधानसभाक्षेत्र में फॉर्म-7 के जरिए मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तब हजारों वोटरों की लिस्ट से गायब होनेकी बात उजागर की थी. जांच को रहा है भटकाकांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आगे कहा कि फरवरी 2023 में इस मामले पर केस दर्ज हुआ था और जांच में 5,994 फर्जी फॉर्म-7 सामने आए, जो बड़े पैमाने पर वोटर फ्रॉड का सबूत थे. इसके बाद कांग्रेस सरकार ने सीआईडी जांच के आदेश दिए थे. खरगे ने कहा कि पहले ईसीआई ने कुछदस्तावेजों को जांच के लिए साझा किया, लेकिन अब वह जरूरी और अहम जानकारी देने से मना कर रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर चुनावआयोग किसे बचा रहा है? क्या भाजपा के दबाव में आकर चुनाव आयोग सीआईडी की जांच को भटका रहा है? नहीं आई कोई आधिकारिक प्रतिक्रियाइसके साथ ही खरगे ने आगे कहा कि एक नागरिक का वोट देने का अधिकार सबसे जरूरी है और भारतीय लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए. हालांकिचुनाव आयोग की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. गौर करने वाली बात ये है कि चुनाव आयोग पहले भी वहकांग्रेस के इन आरोपों को बेबुनियाद बता चुका है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा किकर्नाटक चुनाव में वोटरों की फर्जी हटाने की साजिश हुई लेकिन आयोग जरूरी जानकारी साझा नहीं कर रहा. साथ ही खरगे ने पूछा कि चुनाव आयोगकिसे बचा रहा है?

लखनऊ में बसपा की समीक्षा बैठक मायावती ने केंद्र को दी नसीहत, कहा ‘ट्रंप टैरिफ’ से भारत का सम्मान बचाएं

राजधानी लखनऊ में रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक माल एवेन्यू स्थित पार्टी मुख्यालय में हुई. इसमें यूपी में संगठन की तैयारी, कमेटी गठन के साथ सर्वसमाज में पार्टी का जनाधार बढ़ाने को लेकर चर्चा की. इसके अलावा देश के अंदर चल रहेताजा घटनाक्रम पर भी बातचीत हुई. इस अवसर पर सभी से बसपा के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम कोसफल बनाने की अपील की गई. बैठक में मायावती ने यूपी और अन्य राज्यों में धार्मिक स्थलों एवं उनके संतों, गुरुओं व महापुरुषों का निरादर करकेसामाजिक, साम्प्रदायिक व राजनीतिक हालात बिगाड़ने की घटनाओं पर चिंता जताई.उन्होंने अमेरिका द्वारा लगाए गए ‘ट्रंप टैरिफ’ से उभरी नई चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार को नसीहत दी है कि वह अपनी नीतियों वकार्यक्रमों में सुधारवादी रवैया अपनाएं. कार्यों को पूरा करने के आदेशअन्यथा देश के दलितों की गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, अशिक्षा, घरों से दूर पलायन की विवशता आदि की समस्याएं और भी जटिल हो जाएंगी. इससे देश का मान-सम्मान भी दुनिया में प्रभावित होगा इससे बचना बहुत जरूरी है. उन्होंने पार्टी संगठन के गठन व जनाधार को जमीनी स्तर पर बढ़ानेके लिए जिला मुख्यालयों से लेकर बूथ स्तर पर कमेटी गठन को लेकर चलाए जा रहे अभियान के बारे में जानकारी ली. इस दौरान करीब 80 फीसदीलक्ष्य प्राप्त होने पर संतोष व्यक्त किया बचे कार्यों को पूरा करने के लिए निर्देश दिए. भारत का बचाएं सम्मानबसपा सुप्रीमो ने कहा कि इस बार कांशीराम की पुण्यतिथि का कार्यक्रम ‘मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ में होगा. इसमें वह खुद कार्यक्रमका नेतृत्व करेंगी. इस दौरान आगे की राजनीतिक चुनौतियों से संघर्ष के लिए रूपरेखा पर भी चर्चा करेंगी. पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टीपदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने ट्रंप टैरिफ पर केंद्र सरकार को नसीहत दी कि नीतियों व कार्यक्रमों मेंसुधारवादी रवैया अपनाकर भारत का सम्मान बचाएं.

लखनऊ में अनुदेशकों को मिला नियुक्ति पत्र, सीएम योगी बोले ” 8.5 लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी”

राजधानी लखनऊ में रविवार को लोक भवन में अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया. इसमें मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ ने व्यावसायिक शिक्षा से विभिन्न व्यवसायों के चयनित 1510 अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र सौंपे. इनका चयन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवाचयन आयोग द्वारा कराई गई भर्ती में हुआ है. हाल में इसका परिणाम घोषित किया गया है. अब सीएम ने उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा है इस मौके परव्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल, कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव हरिओम सहित अन्य लोग मौजूद रहे. इस अवसर पर मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ ने कहा कि मिशन रोजगार के संकल्प को पूरा करने के लिए आठ वर्षों में 8.5 लाख सरकारी नौकरियां दी गईं. सरकार कीप्राथमिकता है कि किसी भी अभ्यर्थी के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो. पारर्दशिता के साथ हो रहा है चयनउसका किसी भी स्तर पर शोषण न हो योग्यता और क्षमता के आधार पर युवाओं को सरकारी नौकरी मिले. इसी सख्ती का परिणाम है कि आजभर्तियों में पारर्दशिता के साथ चयन हो रहा है.सीएम ने आगे कहा कि 400 साल पहले की बात करें तो यूपी देश का सबसे समृद्ध राज्य था. लेकिन, व्यापक रूप से लूटपाट, शोषण और अराजकताथी. विदेशी आक्रांताओं ने हमले किए. अंग्रेजों ने भी लूटपाट की. इसके बावजूद, जब 1947 में देश को आजादी मिली, तो उत्तर प्रदेश भारत कीअर्थव्यवस्था में नंबर एक था. हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता1960 के बाद गिरावट शुरू हुई 2016 तक प्रदेश का योगदान घटकर सिर्फ 8 फीसदी रह गया. जब नीतियां स्वार्थ, वोट बैंक की चिंता औरपारिवारिक हितों की रक्षा को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं, तो वे बर्बादी की ओर ले जाती हैं. जैसा कि उन लोगों ने उत्तर प्रदेश को पहुंचाया.इस अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह अवसर न केवल चयनित अभ्यर्थियों के जीवन में नई ऊर्जा औरआत्मविश्वास का संचार करेगा. बल्कि, प्रदेश सरकार के इस संकल्प का भी प्रमाण है कि योग्यता के आधार पर पारदर्शिता के साथ युवाओं कोरोजगार उपलब्ध कराना ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.

अदाणी पावर ने भूटान में 570 मेगावाट वांगछू हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के लिए समझौते पर किए हस्ताक्षर, 60 अरब रुपए का किया निवेश जानें क्या है इसमें शामिल

अदाणी पावर और भूटान की सरकारी स्वामित्व वाली बिजली उत्पादन कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्प लिमिटेड (डीजीपीसी) ने शनिवार, 5 सितंबर कोभूटान में 570 मेगावाट की वांगछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट (एसएचए) पर हस्ताक्षर किए.इस मौके पर पावर परचेसएग्रीमेंट (पीपीए) पर सैद्धांतिक सहमति भी बनी और डेवलपर्स ने भूटान की शाही सरकार के साथ प्रोजेक्ट के लिए रियायतसमझौते (सीए) पर भी हस्ताक्षर किए. भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे और अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी की उपस्थिति में समझौतोंपर हस्ताक्षर किए गए. 60 अरब का निवेशभूटान अपने ग्रॉस नेशनल हैपीनेस (सकल राष्ट्रीय खुशहाली) और हिमालय से मिलने वाली जीवनदायिनी उर्जा के जरिए स्वच्छ ऊर्जा महाशक्ति के रूपमें उभर रहा है. अदाणी पावर जैसी भारतीय प्राइवेट कंपनी के साथ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की शुरुआत भारत और भूटान के बीच दोस्ती को और मजबूतीदेगा. इस समझौते के साथ ही अदाणी पावर और डीजीपीसी के लिए रन-ऑफ-रिवर वांगछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन को बीओओटी(बिल्ड, ओन, ऑपरेट, ट्रांसफर) मॉडल पर शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है. वांगछू प्रोजेक्ट में रिन्यूएबल एनर्जी पावर प्लांट और संबंधितइंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना में लगभग 60 अरब रुपए का निवेश होगा. उभर रहा महाशक्ति के रुप मेंभूटान के लिए, यह सिर्फ एक बिजली परियोजना नहीं है बल्किअपनी अर्थव्यवस्था को नया ईंधन देने वाला कदम है। इसके जरिए स्थानीय रोज़गार, तकनीकी क्षमता और राजस्व में विविधता आएगी. अब तक भूटान ऊर्जा निर्यात और पर्यटन पर अधिक निर्भर है. दूसरी तरफ भारत के लिए, यह ऊर्जासुरक्षा को मज़बूत करने का मौका है. आंकड़े बताते हैं कि भूटान के निर्यात में बिजली का योगदान पहले से ही 40 प्रतिशत से ज़्यादा है और इसकाज़्यादातर हिस्सा भारत को जाता है.भूटान अपने ग्रॉस नेशनल हैपीनेस (सकल राष्ट्रीय खुशहाली) और हिमालय से मिलने वाली जीवनदायिनी उर्जा के जरिए स्वच्छ ऊर्जा महाशक्ति के रूपमें उभर रहा है. अदाणी पावर जैसी भारतीय प्राइवेट कंपनी के साथ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की शुरुआत भारत और भूटान के बीच दोस्ती को और मजबूतीदेगा.

लोकदल अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह का सरकार पर हमला GST घटाने का नाटक, महंगाई कम नहीं होगी “जनता चुनाव में जताएगी गुस्सा”

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने जीएसटी के भ्रम और व्यापारियों की आर्थिक कमर तोड़ने एवं आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाली सरकारपर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार जनता को बेवकूफ़ बनाने में लगी है। GST घटाने के नाटक से महंगाई कम होने वाली नहीं है. असलियतयह है कि पेट्रोल-डीज़ल, गैस, बिजली और खाद-बीज जैसी ज़रूरी चीज़ें महंगी हैं, इसलिए महंगाई थमने का नाम नहीं ले रही. बिचौलियों औरपूंजीपतियों की जेबें भर रही हैं. जबकि जनता की जेब खाली हो रही है टैक्स घटाने का दिखावा करने वाली सरकार कभी यह नहीं बताती कि क्योंडीज़ल-पेट्रोल पर टैक्स वसूला जा रहा है? क्यों जमाखोरी पर कार्रवाई नहीं हो रही?आज किसान कर्ज़ में दबा है. चुनाव में दिखेगा इसका विरोधमजदूर महँगाई से त्रस्त है, और मध्यमवर्ग हर सुबह उठते ही टैक्स की मार झेल रहा है सरकार के हर फैसले का फायदा चंद पूंजीपतियों को पहुँचता है, जनता को नहीं लोकदल साफ चेतावनी देता है कि महंगाई पर काबू पाना है तो केवल GST घटाने का छलावा बंद करो. जनता अब और गुमराह नहींहोगी सरकार को चुनाव में जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि सरकार के फैसलों का फायदा केवल कुछ खास पूंजीपतियों कोहोता है आम जनता को नहीं लोकदल ने चेतावनी दी है कि महंगाई को रोकने के लिए केवल GST घटाने का छलावा बंद करना होगा. जनता अबऔर गुमराह नहीं होगी और चुनाव में इसका विरोध जरूर दिखेगा.