सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किरेन रिजिजू ने किया स्वागत, बोले- संसद के अधिकार को मान्यता मिली

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संसोधन अधिनियम 2025 को लेकर सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने एकतरह से भारत की संसद के फैसले को बरकरार रखा है उन्होंने यह भी कहा कि जब काई कानून संसद में बनाया जाता है तो उसे खारिज नहीं किया जासकता इसी बात पर आज सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगाई है. कोर्ट के आदेश पर रिजिजू ने कहा, ‘वक्फ संशोधन अधिनियम पर पूरी सुनवाई के बाद आजसुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए आदेश का मैं स्वागत करता हूं सुप्रीम कोर्ट पूरे विषय से वाकिफ है मामले को बहुत विस्तार से प्रस्तुत किया गयासरकार की ओर से हमारे सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में अधिनियम के प्रावधानों और उसकी मंशा और सरकार की सोच को विस्तार से प्रस्तुतकिया है. भारत की संसद के फैसले को बरकरारमेरा मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने जो भी फैसला दिया है, वह हमारे लोकतंत्र के लिए बहुत अच्छा संकेत है, क्योंकि जब कोई भी कानून संसदमें बनता है, तो उसे खारिज नहीं किया जा सकता और इसी बात पर आज सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगाई है मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट हूं औरक्योंकि यह देश की सर्वोच्च अदालत है, इसलिए जब भी सुप्रीम कोर्ट से कोई फैसला आता है, उसका प्रभाव पड़ता है, और एक तरह से भारत कीसंसद के फैसले को बरकरार रखा गया है हम एक प्रैक्टिसिंग मुस्लिम के मामले को देखेंगे और नियमों में क्या शामिल किया जाना चाहिए. गैर-मुस्लिमों की संख्या तीन से अधिक नहीं हो सकतीइससे पहले शीर्ष अदालत ने वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 को लेकर बड़ा फैसला सुनाया कोर्ट ने कानून पर रोक लगाने की मांग पर विचार करनेसे इनकार कर दिया सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून पर केवल दुर्लभतम मामलों में ही रोक लगाई जा सकती है हमने माना है कि अनुमान हमेशा कानूनकी संवैधानिकता के पक्ष में होता है कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य वक्फ बोर्डों और केंद्रीय वक्फ परिषदों में गैर-मुस्लिमों की संख्या तीन से अधिक नहींहो सकती . इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने उस प्रावधान पर रोक लगा दी है, जिसके अनुसार पिछले पांच वर्षों से इस्लाम का पालन करने वाले व्यक्तिही वक्फ बना सकते हैं। कोर्ट ने कहा है कि यह प्रावधान तब तक स्थगित रहेगा, जब तक यह तय करने के लिए नियम नहीं बन जाते कि कोई व्यक्तिइस्लाम का अनुयायी है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वक्फ संशोधन अधिनियम पर अंतरिम आदेश सुनाते हुए कानून की कुछ धाराओं पर रोकलगा दी हालांकि, सर्वोच्च अदालत ने पूरे कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर अब सरकार की प्रतिक्रिया भीसामने आ गई है.
यौन शोषण के आरोपों में घिरे विधायक राहुल ममकूटाथिल पहुंचे विधानसभा, विपक्ष ने जताई आपत्ति जानें क्या है पूरा मामला

पलक्कड़ के निलंबित कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटाथिल सोमवार को केरल विधानसभा पहुंचे यौन दुराचार के आरोप लगने के बाद कांग्रेस पार्टी नेउन्हें पार्टी सदस्यता से निलंबित कर दिया था निलंबन के बाद राहुल ममकूटाथिल पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए। युवा कांग्रेस के जिलाअध्यक्ष नेमोम शजीर और कुछ अन्य दोस्तों के साथ विधानसभा सत्र शुरू होने के कुछ मिनट बाद राहुल सदन पहुंचे. हालांकि विधानसभा में विपक्ष केनेता वी.डी. सतीशन ने कथित तौर पर सदन में उनकी उपस्थिति पर आपत्ति जताई हालांकि अन्य सदस्यों की ओर से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं देखीगई सदन पहुंचने के कुछ देर बार उन्हें एक कागज पर कुछ लिखते हुए देखा गया, जो कथित तौर पर कांग्रेस पार्टी की ओर से प्राप्त एक नोट का जवाबथा, जवाब देने के बाद में राहुल सदन से चले गए. विधानसभा के बाहर मीडिया ने उन्हें घेर लिया, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. कांग्रेस संसदीय दल के सदस्य नहींएसएफआई कार्यकर्ताओं ने विधायक छात्रावास के पास उनके वाहन को रोका और कुछ देर विरोध प्रदर्शन भी किया बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियोंको हटा दिया. पलक्कड़ के विधायक राहुल ममकूटाथिल और न ही पार्टी नेतृत्व ने इस बारे में कोई स्पष्टीकरण दिया कि क्या वह आने वाले दिनों में वेसत्र में भाग लेंगे या नहीं इस बीच कांग्रेस नेता इस मामले से खुद को अलग करते दिखे और उन्होंने कहा कि पार्टी को ममकूटाथिल के विधानसभा आनेपर प्रतिक्रिया देने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि वह अब कांग्रेस के सदस्य नहीं हैंलोकसभा सांसद कोडुक्कुन्निल सुरेश ने कहा, ‘वह अब कांग्रेस संसदीय दल के सदस्य नहीं हैं. प्रश्न का उत्तर देने के लिए उत्तरदायी नहींइसलिए हम उनसे संबंधित किसी भी प्रश्न का उत्तर देने के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।’ वरिष्ठ माकपा नेता ई. पी. जयराजन ने भी सदन में ममकूटाथिल केआने की कड़ी आलोचना की उन्होंने आरोप लगाया कि उनका आना सदन में जानबूझकर समस्याएं पैदा करने की कोशिश है, और उनका यह कदमजनता और विधानसभा का अपमान है। ममकूटाथिल ने हाल ही में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था मलयालम अभिनेत्री रिनीएन जॉर्ज ने बिना नाम लिए राहुल ममकूटाथिल पर दुर्व्यहार करने का आरोप लगाया था। इसके बाद, कुछ अन्य महिलाओं और एक ट्रांसजेंडर व्यक्तिने भी राहुल पर इसी तरह के आरोप लगाए थे इन आरोपों के चलते उन्हें कांग्रेस पार्टी से भी निलंबित कर दिया गया था. कांग्रेस नेता इस मामले से खुदको अलग करते दिखे और उन्होंने कहा कि पार्टी को ममकूटाथिल के विधानसभा आने पर प्रतिक्रिया देने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि वह अबकांग्रेस के सदस्य नहीं हैं.
शिवसेना का हमला “जिसने खून बहाया, उसी से क्रिकेट! ये देशभक्ति है या शहीदों का अपमान?” देश या दस्तूर? पाकिस्तान से मुकाबले पर उठे गंभीर सवाल

मेरा देश, मेरा सिंदूर! पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना देशद्रोह ही है! 9 सितंबर से शुरू हुए एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान समेत 8 देश खेल रहे हैं. 14 सितंबर को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला है, जिसको लेकर क्रिकेटप्रेमी दो गुट में बंटे हुए हैं. एक गुट जो खेलभावनाका समर्थन कर रहा है और भारत-पाक मैच से उन्हें बहुत आपत्ति नहीं, लेकिन दूसरा गुट जो शायद संख्याबल में बड़ा है, राष्ट्रप्रेम की भावना से भराहुआ है. ये गुट भारत और पाकिस्तान के बीच मैच के विरोध में है. ज्यादातर लोगों का मानना है कि भारत को पाकिस्तान के साथ मैच भी नहीं खेलनाचाहिए. भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच की अनुमति दे दी‘भारत में मोदी के सत्ता में आने के बाद से सुविधाजनक हिंदुत्व और सुविधाजनक राष्ट्रवाद ने जोर पकड़ा है. देशभक्ति और दूसरी चीजें सिर्फ चुनाव औरवोट का जरिया बन गई हैं. अगर ऐसा न होता तो 14 सितंबर को होनेवाले भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को हरी झंडी देकर पहलगाम हमले के जख्मों पर नमक छिड़कने की कोशिश नहीं होती. दुबई में कैसा एशिया कप हो रहा है. वहां 14 सितंबर को बेशर्मी से भारत-पाकिस्तान टी-20 क्रिकेट मैच खेला जा रहा है. जनभावना है कि भारत को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए. कश्मीर घाटी के पहलगाम हमले में लोगों काखून बहाया गया था. वह खून अभी तक सूखा नहीं है. 26 मां-बहनों की आंखों से अभी भी आंसू बह रहे हैं. मृतकों के बाल-बच्चे और मित्र परिवार उससदमे से उबर नहीं पाए हैं. पाकिस्तान ने इस आतंकी हमले को अंजाम दिया. जिसके चलते भारतीय जनता में पाकिस्तानियों के प्रति भारी आक्रोश था, बावजूद मोदी सरकार ने ‘वैश्विक’ और ‘अंतरराष्ट्रीय’ नियमों आदि का हवाला देकर भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच की अनुमति दे दी.’ उसे अपने नियंत्रण में ले लेंगे‘दरअसल, पहलगाम हमले के तुरंत बाद, इसी मंडली ने एक जोरदार हिंदुत्ववादी मुद्दा उठाया था, जो यह था कि ‘जिन आतंकवादियों ने पहलगाम मेंघुसकर पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी करके 26 लोगों की जान ले ली, उन सभी को उनका धर्म पूछकर मारा गया.’ यह भयानक है, लेकिन फिर हमेंयह भी देखना ही होगा कि क्या दुबई में हो रहे भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच में पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने धर्मांतरण कर लिया है या फिर भारत के लिएखेलनेवालों ने अपना वैचारिक सुन्नत करवा लिया है. पहलगाम हमले के बाद मोदी, शाह और अन्य नेताओं द्वारा व्यक्त किए गए दु:ख के अनुसार, ‘अब हम पाकिस्तान की कमर इस तरह तोड़ देंगे, ताकि पाकिस्तान फिर कभी दुनिया के नक्शे पर न दिखे. अब हम पाकिस्तान से निर्णायक लड़ाईलड़ेंगे और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में घुसकर उसे अपने नियंत्रण में ले लेंगे,’ दर्द सरकार के चेहरे पर दिखाई नहीं देतावे दहाड़े और वे सही भी थे. उस समय हिंदुस्तान ने बिगुल बजाते हुए पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपतिट्रंप के दबाव में इसे रोक दिया गया. राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार कहते हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाया. बिना कोई स्पष्टीकरण दिए, प्रधानमंत्रीमोदी इस बात पर ताल ठोकते हैं कि अमेरिका हमारा मित्र है. प्रधानमंत्री चीन गए, जिसने भारत के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान की खुलकर मदद कीऔर वर्णन किया कि कैसे चीन ने हमारे लिए लाल कालीन बिछाया, लेकिन चीन के सहयोग से पाकिस्तान कश्मीर में ‘पहलगाम’ की तरह हिंदुओं काखून बहा रहा है. हमारी माताओं और बहनों के माथे का कुमकुम यानी सिंदूर उजाड़ रहा है. इसका दर्द सरकार के चेहरे पर दिखाई नहीं देता.’ भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच बेशर्मी की पराकाष्ठा है. मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, लेकिन जो लोग कहते हैं कि वे मिटाए गए सिंदूर का बदला लेंगे, वे पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलते नजर आते हैं. पाकिस्तान में ‘घुसकर मारेंगे’ ऐसा वचन देनेवाले पाकिस्तान के किस अंग में घुस गए यह उन्हेंही पता होगा. भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच भारतीय महिलाओं के सिंदूर का अपमान है. यह उन हिंदुओं के बलिदान का अपमान है, जिनकीपाकिस्तान ने निर्दयतापूर्वक हत्या की.
भारत-पाक मुकाबले से पहले टूटी पाकिस्तान की हिम्मत, अफरीदी बोले- चमत्कार ही बचा सकता है! जानें क्या कुछ बोले अफरीदी

भारत और पाकिस्तान के बीच आज दुबई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में मुकाबला खेला जाएगा. एशिया कप के इस मुकाबले को लेकर बॉयकॉट की मांगेंउठ रही हैं यह मुकाबला रात आठ बजे शुरू होगा. इस मुकाबले से पहले पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों के बयान सामने आ रहे हैं. शाहिद अफरीदी नेचौंकाते हुए यह तक कह दिया कि पाकिस्तान की टीम भारत के आगे नहीं टिक सकेगी वहीं, शोएब मलिक और रमीज राजा ने भी अफरीदी के बयानपर सहमति जताई. वो दिन अब बीत चुके हैं जब भारत बनाम पाकिस्तान मुकाबला बराबरी का होता था पिछले कुछ वर्षों में दोनों टीमों के बीच काअंतर तेजी से बढ़ा है जहां भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों के बीच प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने की जबरदस्त होड़ है, वहीं पाकिस्तान की हालत ऐसी हैकि उनके चयनकर्ता मुश्किल से एक मजबूत 11 उतार पाते हैं जो उनकी क्रिकेटिंग विरासत का सम्मान कर सके.आत्मविश्वास से भरे रहतेअब एशिया कप मुकाबले को लेकर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने अपनी ही टीम पर सवाल खड़े कर दिए. उन्होंने भारतीय खिलाड़ियोंके आत्मविश्वास की तुलना पाक खिलाड़ियों से करते हुए कहा, ‘आप भारतीय टीम में आने वाले नए खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज देखिए. वेआत्मविश्वास से भरे रहते हैं. उन्हें कोई डर या दबाव नहीं होता. वे पहले ही भरे स्टेडियम में सौ से ज्यादा मैच खेल चुके होते हैं और इंटरनेशनल स्टार्स केसाथ ड्रेसिंग रूम शेयर कर चुके होते हैं. यहां तक कि उनकी बी टीम भी एशिया कप जीत सकती है. अफरीदी के अलावा पाकिस्तान के अन्य पूर्वदिग्गज जैसे रमीज राजा, शोएब मलिक और शोएब अख्तर ने भी टीम की पोल खोल ‘भारत को हराने के लिए पाकिस्तान को किसी चमत्कार कीजरूरत होगी. निराशा और दूसरी ओर आत्मविश्वास का ढोंगशोएब मलिक ने कहा, ‘भारत के खिलाफ होने वाले मैच पाकिस्तान को दिखाएंगे कि वह विश्व क्रिकेट में कहां खड़ा है’ वहीं, रावलपिंडी एक्सप्रेसशोएब अख्तर का मानना है कि पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह उजागर हो जाएगी उन्होंने कहा, ‘सही क्रिकेट शॉट्स खेलो. ओमान जैसी टीमों केखिलाफ बच सकते हो, लेकिन भारत के खिलाफ नहीं बल्लेबाजी में बहुत अंतर हैं। जसप्रीत बुमराह को कैसे खेलोगे?’ जहां पाकिस्तान के दिग्गजटीम की खामियां गिना रहे हैं, वहीं टीम के हेड कोच माइक हेसन ने स्पिनर मोहम्मद नवाज को ‘दुनिया का बेस्ट’ स्पिनर करार दिया है इस तरहपाकिस्तान कैंप से दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं एक ओर निराशा और दूसरी ओर आत्मविश्वास का ढोंग. इन बयानों से साफ है किपाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटरों का अपनी टीम पर भरोसा काफी कम हो गया है. ऐसे में भारतीय टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिल सकती है मौजूदाभारतीय टीम में सूर्यकुमार यादव, शुभमन गिल, संजू सैमसन और जसप्रीत बुमराह जैसे स्टार खिलाड़ी हैं, जो किसी भी विपक्षी के लिए चुनौती बनसकते हैं.
नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने संभाला कार्यभार, कहा – सत्ता नहीं, सेवा करने आए हैं, 6 महीने से ज़्यादा नहीं रुकेंगे, भ्रष्टाचार पर होगी सीधी कार्रवाई

नेपाल की नवनियुक्त अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की रविवार सुबह 11 बजे सिंह दरबार में आधिकारिक रूप से कार्यभार संभाल लिया. पूर्व मुख्यन्यायाधीश कार्की को शुक्रवार रात को अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया गया था इसके साथ ही प्रधानमंत्री सुशीला कार्कीरविवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती हैं वह मंत्रियों के नामों को अंतिम रूप देने में अपने सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श कर रही हैंबताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल का विस्तार छोटा होगा. अंतरिम प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद सुशीला कार्की ने कहा, हिंसा में शामिल लोगोंकी जांच की जाएगी. मैं और मेरी टीम यहां सत्ता का स्वाद चखने नहीं आए हैं हम छह महीने से अधिक नहीं रुकेंगे हम नई संसद को जिम्मेदारी सौंपदेंगे। आपके सहयोग के बिना हमें सफलता नहीं मिलेगी. उन्होंने कहा कि, नेपाल में 24 घंटे की आवाजाही पहली प्राथमिकता है। वे आर्थिक समानताऔर भ्रष्टाचार उन्मूलन की मांग कर रहे हैं. प्रमुख लोगों के नामों पर विचार चल रहा हैवहीं दूसरी ओर पीएम कार्की गृह, विदेश और रक्षा समेत लगभग दो दर्जन मंत्रालय अपने पास रख सकती हैं मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीचशनिवार को समय निकालकर वह सरकार विरोधी प्रदर्शन में घायलों से मिलने सिविल अस्पताल भी गईं थीं शुक्रवार को शपथ लेने के तुरंत बाद भीवह अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना था. काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, कार्की ने अपने मंत्रिमंडल को अंतिम रूप देने की तैयारी के लिए जेन जीआंदोलन के करीबी सलाहकारों और प्रमुख हस्तियों के साथ परामर्श शुरू कर दिया है उनके एक सहयोगी ने दावा किया है कि कार्की रविवार सुबहअपने मंत्रिमंडल के गठन के लिए गहन चर्चा शुरू करेंगी सभी 25 मंत्रालयों पर अधिकार रखने के बावजूद वह कथित तौर पर 15 से अधिक मंत्रियों केसाथ एक सुव्यवस्थित मंत्रिमंडल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार मंत्री पदों के लिए जिन नामों पर विचार किया जा रहाहै उनमें कानूनी विशेषज्ञ ओम प्रकाश आर्यल, पूर्व सेना अधिकारी बालानंद शर्मा, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति आनंद मोहन भट्टाराई, माधव सुंदर खड़का, अशीम मान सिंह बसन्यात और ऊर्जा विशेषज्ञ कुलमन घीसिंग शामिल हैं. चिकित्सा क्षेत्र से डॉ. भगवान कोइराला, डॉ. संदुक रुइत, डॉ. जगदीशअग्रवाल और डॉ. पुकार चंद्र श्रेष्ठ जैसे प्रमुख लोगों के नामों पर विचार चल रहा है.युवाओं के आंदोलन के कारण 8 सितंबर से स्कूल बंद थेकाठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, जेनरेशन जेड के सदस्य भी समानांतर परामर्श कर रहे हैं. इसके लिए वह ऑनलाइन वोटिंग का भी सहारा ले रहे हैंअगर इन नामों पर आम सहमति बन जाती है, तो मंत्रिमंडल रविवार शाम तक शपथ ले सकता है, हालांकि चर्चा के नतीजों के आधार पर इसे सोमवारतक के लिए भी टाला जा सकता है नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शुक्रवार को नव नियुक्त अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की सिफारिश परदेश की संसद (प्रतिनिधि सभा) को भंग कर दिया था राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार सदन का विघटन 12 सितंबर 2025 कीरात 11 बजे से प्रभावी हुआ. अंतरिम सरकार बनने के साथ ही अधिकारियों ने देश में नए सिरे से संसदीय चुनाव कराने का भी एलान कर दिया. नेपालमें अब 5 मार्च 2026 को आम चुनाव कराए जाएंगे. काठमांडू महानगरपालिका क्षेत्र के स्कूलों में सोमवार से कक्षाएं शुरू होंगी शनिवार को जारीसूचना में महानगर ने कहा कि शिक्षक और कर्मचारी रविवार को ही स्कूल में उपस्थित होंगे, लेकिन पढ़ाई सोमवार से शुरू होगी. रविवार को स्कूलों मेंप्रशासनिक काम, क्षति का मूल्यांकन और विवरण संकलन किया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार, जो स्कूल संचालन योग्य स्थिति में होंगे वहांकक्षाएं होंगी युवाओं के आंदोलन के कारण 8 सितंबर से स्कूल बंद थे.
कौन पर्रिकर?’: मनोहर पर्रिकर को न पहचान पाने पर अजित पवार हुए ट्रोल, जनता ने सुनाई खरी-खरी “दिवंगत रक्षामंत्री को न पहचान पाने पर मचा सियासी बवाल”

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को उस समय शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा, जब वे गोवा के पूर्व सीएम और पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर कोनहीं पहचान पाए. दरअसल एक महिला डिप्टी सीएम से ट्रैफिक की समस्या को लेकर शिकायत कर रही थी, तो उस दौरान महिला ने मनोहर पर्रिकरका उदाहरण दिया कि वे किस तरह से लोगों की समस्याओं को जानने के लिए अचानक दौरे करते थे इस पर अजित पवार ने कहा ‘कौन पर्रिकर’? अजित पवार शनिवार को पुणे नगर निगम (पीएमसी) प्रमुख नवल किशोर राम और अन्य अधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा करलोगों से उनकी परेशानियों के बारे में बातचीत कर रहे थे हडपसर विधानसभा क्षेत्र के केशव नगर में नागरिकों ने यातायात जाम और अन्य समस्याओं केबारे में शिकायतें उठाईं. इस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के प्रयास किए जा रहे हैं. लोग कहीं और जाने पर विचार कर रहेइसी दौरान एक महिला ने अजित पवार से गोवा के पूर्व सीएम और रक्षा मंत्री रहे दिवंगत मनोहर पर्रिकर से प्रेरणा लेकर खुद भी लोगों की समस्याओंका जानने के लिए अचानक दौरे करने को कहा इस पर पवार ने महिला को बीच में ही टोकते हुए पूछा, ‘कौन पर्रिकर?’ जिसके बाद महिला को उन्हेंबताना पड़ा कि वह गोवा के दिवंगत भाजपा नेता की बात कर रही थीं नाराज महिला ने कहा कि इलाके के लोग यातायात की समस्याओं से इतनेपरेशान हो चुके हैं कि कई लोग कहीं और जाने पर विचार कर रहे हैं.आईआईटी, बॉम्बे से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त मनोहर पर्रिकर तीन बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे और नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अक्टूबर2014 से मार्च 2017 तक रक्षा मंत्री रहे. अपनी सादगी के लिए जाने जाने वाले पर्रिकर राज्य की समस्याओं को समझने के लिए स्कूटर पर घूमते थे17 मार्च, 2019 को कैंसर से उनकी मृत्यु हो गई गोवा के मोपा में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ-साथ रक्षा मंत्रालय के रक्षा अध्ययन और विश्लेषणसंस्थान (आईडीएसए) का नाम मनोहर पर्रिकर के नाम पर रखा गया हैआईआईटी, बॉम्बे से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त मनोहर पर्रिकर तीन बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे और नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में अक्टूबर2014 से मार्च 2017 तक रक्षा मंत्री रहे.
तेजस्वी को CM चेहरा नहीं मानते राहुल? लालू की नाराज़गी खुलकर आई सामने, लालू ने मांगा हिसाब, सोनिया ने थामा चुप्पी का रास्ता”जानें क्या है पूरा मामला”

बिहार में बड़ा इंटरेस्टिंग डेवलपमेंट हुआ है बिहार में आरजेडी और कांग्रेस के बीच मतभेद उभर कर आ गए हैं. नाराज लालू प्रसाद यादव ने सोनियागांधी को फोन किया तेजस्वी यादव और राहुल गांधी के बीच सहमति नहीं बन पा रही. बिहार की राजनीति में क्या हो रहा है, इस पर मैं आपसे आजचर्चा करने जा रहा हूं. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने बिहार में वोट अधिकार यात्रा रैली निकाली थी 16 दिन चली इस यात्रा में राहुल गांधी औरतेजस्वी ने 1300 किलोमीटर की दूरी साथ मिलकर नापी थी और 23 जिलों को उन्होंने कवर किया था राहुल गांधी की यात्रा का 1 सितंबर को पटनामें समापन हुआ था इस रैली से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में बहुत उत्साह था कांग्रेस को लग रहा था कि राहुल गांधी के इस रैली ने कांग्रेस के अंदर जानफूंक दी है. 9 सितंबर को बिहार कांग्रेस के नेताओं के साथ राहुल गांधी ने दिल्ली में बैठक की इस बैठक में बिहार कांग्रेस के प्रभारी, बिहार कांग्रेस केअध्यक्ष राजेश राम, बिहार कांग्रेस के विधायक दल के नेता शकील अहमद, बिहार में विधान परिषद में पार्टी के नेता मदन मोहन झा और पूर्णिया सेनिर्दलीय सांसद पप्पू यादव उपस्थित थे. इस बैठक में सभी नेताओं ने राहुल गांधी से उनकी यात्रा को पर बधाई दी और कहा कि उनकी यात्रा बहुतसफल रही है और इस बैठक में मोटा मोटी बात तय हुआ कि 70 से कम सीटों पर कांग्रेस चुनाव नहीं लड़ेगी. अगर 2020 विधानसभा चुनाव की बातकरें तो कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था उस विधानसभा चुनाव में 19 सीटों पर उसकी जीत हुई थी चार सीटों पर कांग्रेस की जमानत जब्त होगई थी इस बार यह तय किया गया है कि कम से कम 70 सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा क्योंकि इस बार कांग्रेस अपने आप को बिहार में बेहतर देखरही है. राहुल गांधी ने सीधा कोई जवाब नहीं दियाउधर तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद यादव का कहना है कि कांग्रेस की हैसियत 70 सीटों की फिलहाल नहीं है और गठबंधन में नए दल भी जुड़ गएहैं मुकेश साहनी भी जुड़ गए हैं, पशुपति नाथ पारस भी जुड़ गए लेफ्ट पार्टियां भी ज्यादा सीट मांग रही हैं तो कांग्रेस को कुछ सीटों पर कॉम्प्रोमाइजकरना होगा लालू प्रसाद यादव इस बात से नाराज हैं कि जब बिहार के अंदर राहुल गांधी से तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए पूछा गया तोराहुल गांधी ने सीधा कोई जवाब नहीं दिया और तेजस्वी को मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट करने से वह बच कर निकल गए. लालू प्रसाद यादव ने अपनेबेटे तेजस्वी से भी इस बात की नाराजगी जाहिर की है कि भाई तुम कांग्रेस को व्यवस्थित हैंडल नहीं कर पाते हो लालू प्रसाद यादव ने इस बात की भीनाराजगी जाहिर की तेजस्वी यादव पर कि 2020 में तुमने कांग्रेस के दबाव में आकर 70 सीटें दे दी थी और कांग्रेस सिर्फ 19 सीट जीती थी, जिसकेकारण तुम मुख्यमंत्री नहीं बन पाए. दरअसल लालू प्रसाद यादव को लगता है कि 2020 में जो 15 सीटों का अंतर था। महागठबंधन और एनडीए केबीच में, महागठबंधन को 110 सीटें मिली थीं और 125 सीटें एनडीए को मिली थीं लालू प्रसाद यादव को लगता है कि जो कांग्रेस को ज्यादा सीटें देदी गई थीं, तेजस्वी के द्वारा उसके कारण तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री नहीं बन पाए थे अन्यथा 2020 में तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बन जाते. लालू ने यह नाराजगी राहुल गांधी पर भी जाहिर कीअब लालू यादव ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस से आप बात करो, कांग्रेस से कहो कि सीटों के साथ कौन सा उम्मीदवार है, उसकी सूची भी साथ मेंदे. अगर उम्मीदवार अच्छा होगा तो हम कांग्रेस को देंगे अगर उम्मीदवार अच्छा नहीं होगा तो हम कांग्रेस को सीट नहीं देंगे. लालू ने यह नाराजगी राहुलगांधी पर भी जाहिर की है कि राहुल बिहार यात्रा के दौरान जिस तरीके से राहुल बचे, तेजस्वी को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार बनाने की घोषणा करने सेउसके बाद लालू ने सोनिया गांधी को फोन किया था खबर यह है कि सोनिया गांधी ने लालू से फोन पर बात नहीं की और लालू को संदेश भिजवादिया कि बिहार को लेकर उन्हें जो भी बात करनी है, वह राहुल गांधी से करनी पड़ेगी. राहुल गांधी इस मामले में फैसला लेंगे तो अब क्या राहुल गांधीतेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करेंगे? क्या राहुल गांधी 70 सीटों से कम पर चुनाव नहीं लड़ेंगे? यह तय है क्योंकि वह मान कर चल रहेकि 70 से कम सीटों पर चुनाव लड़ना उनके हित में नहीं रहेगा तो सोनिया गांधी ने लालू प्रसाद यादव से बात न करके लालू प्रसाद यादव को संकेत देदिया है कि भाई अब मैं राजनीति नहीं देखती हूं. राहुल गांधी राजनीति देखते हैं और आपको राहुल गांधी से बात करना पड़ेगी.
21वीं सदी पूर्वोत्तर की सदी है: मणिपुर से नेपाल तक शांति, विकास और समर्पण का संदेश” बोले प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इंफाल में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी पूर्वोत्तर भारत की सदी है. उन्होंने कहा कि इंफालको वह ऐसे शहरों में देखते हैं जो भारत की विकास गति को तेज करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे. मणिपुर में हाल की हिंसा की घटनाओं पर चिंताजताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने राज्य के लोगों से शांति और विकास की राह पर आगे बढ़ने की अपीलकी. उन्होंने कहा कि अब 21वीं सदी का यह समय उत्तर पूर्व का समय है इसलिए भारत सरकार ने मणिपुर के विकास को निरंतर प्राथमिकता दी है।परिणामस्वरूप, मणिपुर की विकास दर लगातार बढ़ रही है। 2014 से पहले मणिपुर की विकास दर एक प्रतिशत से भी कम थी अब मणिपुर पहलेकी तुलना में कई गुना तेजी से प्रगति कर रहा है मणिपुर में बुनियादी ढांचे के विकास का एक नया युग शुरू हुआ है। मणिपुर में सड़कों और राष्ट्रीयराजमार्गों के निर्माण की गति भी कई गुना बढ़ गई है यहां हर गांव तक बिजली पहुंचाने के लिए भी तेज गति से काम हो रहा है. समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेंगीप्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज मणिपुर की इस धरती से मैं नेपाल में अपने सहयोगियों से भी बात करूंगा. नेपाल भारत का मित्र है, घनिष्ठ मित्र है हमसाझा इतिहास से, साझा आस्था से जुड़े हैं और साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं आज, देशवासियों की ओर से, मैं श्रीमती सुशीला जी को नेपाल मेंअंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने पर हार्दिक बधाई देता हूं। मुझे विश्वास है कि वह नेपाल में शांति, स्थिरता और समृद्धि कामार्ग प्रशस्त करेंगी. सुशीला जी का नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेना महिला सशक्तिकरण का एक बहुत अच्छा उदाहरण है. आज, मैं नेपाल के हर उस व्यक्ति की प्रशंसा करूंगा जिसने इतने अस्थिर वातावरण में भी लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोच्च रखा है… पिछले कुछ दिनोंसे, नेपाल के युवाओं को नेपाल की सड़कों की सफाई और रंग-रोगन में कड़ी मेहनत करते देखा जा सकता है. मैंने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें भीदेखी हैं उनकी सकारात्मक सोच और सकारात्मक कार्य न केवल प्रेरणादायक हैं, बल्कि नेपाल के नए उदय का स्पष्ट संकेत भी हैं। मैं नेपाल को उसकेउज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं. 140 करोड़ देशवासियों की श्रद्धांजलिप्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मणिपुर में किसी भी प्रकार की हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण है। यह हिंसा हमारे पूर्वजों और हमारी आने वाली पीढ़ियों के साथ बहुत बड़ाअन्याय है. इसलिए हमें मणिपुर को शांति और विकास के पथ पर आगे ले जाना है और यह हमें मिलकर करना होगा. हमें भारत के स्वतंत्रता संग्रामऔर भारत की रक्षा में मणिपुर के योगदान से प्रेरणा लेनी होगी. यह मणिपुर की ही भूमि थी जहां आजाद हिंद फौज ने पहली बार तिरंगा फहराया थानेताजी सुभाष ने मणिपुर को भारत की स्वतंत्रता का प्रवेश द्वार कहा था इस भूमि से अनेक वीरों ने बलिदान दिए हैं. हमारी सरकार मणिपुर के ऐसेप्रत्येक महान व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ रही है. हमारी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में माउंटहैरियट का नाम बदलकर माउंट मणिपुर कर दिया गया है यह मणिपुरी स्वतंत्रता सेनानियों को भारत के 140 करोड़ देशवासियों की श्रद्धांजलि है.
एशिया कप 2025: भारत-पाक मुकाबले पर विवाद, पूर्व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने खिलाड़ियों से खेल पर फोकस की अपील

भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को एशिया कप 2025 का महामुकाबला खेला जाएगा, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर भारतीय प्रशंसकों नेनाराजगी जताई है. कुछ लोगों का मानना है कि पहलगाम की घटना के बाद भारतीय खिलाड़ियों को पाकिस्तान की टीम के साथ खेलने से इनकार करदेना चाहिए जबकि पूर्व कप्तान कपिल देव ने सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम से खेल पर ध्यान देने की अपील की है। इस बीच पूर्व खेल मंत्रीअनुराग ठाकुर ने आगामी भारत-पाकिस्तान मैच पर बात की है. पूर्व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने शनिवार को स्पष्ट किया कि ऐसे मुकाबलों से बचनासंभव नहीं है, क्योंकि ये बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) द्वारा आयोजित किएजाते हैं. भारत को एशिया कप से ही बाहर हो जाना चाहिएउन्होंने कहा, ‘जब बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट एसीसी या आईसीसी करवाते हैं तो सभी देशों के लिए भाग लेना अनिवार्य हो जाता है। यदि कोई टीम मैच खेलनेसे इनकार करती है तो उसे टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ेगा या फिर अंक प्रतिद्वंद्वी टीम को दे दिए जाएंगे. लेकिन भारत ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीयसीरीज न खेलने का फैसला पहले ही ले रखा है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक पाकिस्तान आतंकवादी हमले बंद नहीं करता. भारत-पाकिस्तानमैच का महत्व सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहता यह हमेशा राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि से भी जुड़ा रहता है इस साल की शुरुआत मेंपहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्तों में और खटास आई थी इस कारण बड़ी संख्या में भारतीय फैंस ने सोशल मीडिया पर मांगकी थी कि भारत को एशिया कप से ही बाहर हो जाना चाहिए. खिलाड़ियों को करना चाहिए अपना कामहालांकि, भारत सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली जाएगी, लेकिन मल्टी-नेशन टूर्नामेंट्स में टीम इंडियाहिस्सा लेगी. इसी आधार पर भारत की एशिया कप में भागीदारी सुनिश्चित हुई. यूएई को अपने पहले ही मुकाबले में नौ विकेट से मात देकर जीत केसाथ अभियान की शुरुआत करने वाली भारतीय टीम से कपिल देव ने हाल ही में खेल पर ध्यान देने की अपील की थी. उन्होंने कहा, ‘भारतीयखिलाड़ियों को पूरी तरह खेल पर ध्यान केंद्रित रखना चाहिए. उनकी टीम अच्छी है और उन्हें जीतना ही होगा. खिलाड़ियों को सिर्फ अपने प्रदर्शन परध्यान केंद्रित करना चाहिए और किसी और चीज से विचलित नहीं होना चाहिए बस आगे बढ़ो और जीतो. सरकार अपना काम करेगी और खिलाड़ियोंको अपना काम करना चाहिए.
आप के वरिष्ठ संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच पर मोदी सरकार के फैसले पर उठाए सवाल, कहा- शहीदों के खूनसे बड़ा क्रिकेट का जुनून नहीं हो सकता

आम आदमी पार्टी ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बावजूद क्रिकेट मैच की अनुमति देने के लिए मोदी सरकार के फैसले पर सवाल खड़ा कियाहै.‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया समेत अन्य नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है. अरविंद केजरीवाल ने पूछा है कि प्रधानमंत्री को पाकिस्तान के साथ मैच करवाने की आखिर क्या ज़रूरत है? सारा देश कह रहा है कि यह मैच नहीं होना चाहिए. फिर यह मैच क्यों करवाया जा रहा है? क्या यह भी ट्रम्प के दबाव में किया जा रहा है? आखिर प्रधानमंत्री ट्रम्प के आगे कितनाझुकेंगे? उधर, मनीष सिसोदिया ने कहा कि प्रधानमंत्री जी, शहीदों के लहू से बड़ा क्रिकेट का जुनून कब से हो गया? जब हमारी बहनों की मांग कासिंदूर मिटा है, तब पाकिस्तान से मैच करवाने की आखिर ज़रूरत क्या है? पाकिस्तान के साथ मैच खेला जाएवहीं, बुराड़ी से “आप” विधायक संजीव झा ने कहा कि आम आदमी पार्टी भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच का पुरजोर विरोध करती है पाकिस्तानीखिलाड़ी अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर घिनौनी तस्वीरें डालते थे. हमारी बहनों की मांग उजड़ गई और उनका मजाक उड़ाया गया. तश्वीारों में पाकिस्तानका आर्मी चीफ सिंदूर भर रहा है क्या हमें ऐसे लोगों के साथ क्रिकेट खेलना चाहिए? संजीव झा ने कहा कि जो बड़े-बड़े नेता आईसीसी औरबीसीसीआई में बैठे हैं, क्या वे अपनी बहनों के साथ ऐसा बर्दाश्त करेंगे? हम तो कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे, इसलिए हम विरोध कर रहे है. हम कहते हैंकि पाकिस्तान का मैच नहीं होना चाहिए। राष्ट्रवाद की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले भाजपा के नेता क्यों चुप हैं? क्या धंधा चल रहा है? अगर सहीकीमत मिले, तो ये लोग देश को भी बेच देंगे. उन्होंने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि इस मैच को तुरंत रोका जाए देश के लोग गुस्से में हैं।हम नहीं चाहते हैं कि हजारों करोड़ कमाने की लालच में पाकिस्तान के साथ मैच खेला जाए. देशभक्ति की भावना हर जगह जागृत रहेगीसंजीव झा ने कहा कि जिन जगहों पर बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगेंगी, उन तस्वीरों को हम सामने लाएंगे। मैं उन सभी क्लबों से कहता हूं कि आप लोग भी इस देश में रहते हैं अगर आपको इस देश से प्यार है, अगर जरा भी देशभक्ति है, तो यह मैच मत दिखाओ हम नहीं चाहते कि यह बड़ा कारोबार बने. मुझे पता है, धंधे की बात है, इसलिए सब चुप हैं लेकिन क्लब वाले, सिर्फ क्लब नहीं चला रहे हैं, इस देश की वजह से उनकी रोजी-रोटी चल रही है अगर उन्होंने यह मैच दिखाया, तो हम उनकों बेनकाब करेंगे. इसी तरह, “आप” विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि हमने पार्टीकार्यालय पर पाकिस्तानी टीम का पुतला जलाकर साफ संदेश दिया है कि खून और क्रिकेट एक साथ नहीं हो सकता. जिन लोगों ने हमारी बहनों कीमांग का सिंदूर उजाड़ा, जिन्होंने हमारे देशवासियों का खून बहाया, उनके साथ हम क्रिकेट नहीं खेल सकते. चाहे वह क्रिकेट हिंदुस्तान में हो या दुबई में, हमारी देशभक्ति की भावना हर जगह जागृत रहेगी.