मेघालय कैबिनेट में बड़ा फेरबदल 8 मंत्रियों ने दिया इस्तीफा, आज नए चेहरों को दिलाई जाएगी शपथ

मेघालय में मंगलवार को होने वाले कैबिनेट फेरबदल से पहले कुल 12 में से 8 मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है इन इस्तीफा देने वालों मेंवरिष्ठ नेता एएल हेक, पॉल लिंगदोह और एंपरीन लिंगदोह भी शामिल हैं अधिकारियों ने बताया कि कैबिनेट में नए चेहरों को जगह देने के मकसद सेये इस्तीफे दिए गए हैं. नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्व वाले मेघालय लोकतांत्रिक गठबंधन (एमडीए) सरकार का नेतृत्व कर रहे मुख्यमंत्रीकॉनराड के. संगमा ने राजभवन में राज्यपाल सी.एच. विजयशंकर से मुलाकात की और मंत्रियों के इस्तीफे सौंपे अधिकारियों ने बताया कि कैबिनेट मेंशामिल होने वाले नए मंत्रियों को मंगलवार शाम पांच बजे राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी. एक अन्य अधिकारी ने बतायाकि जिन आठ मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है, कैबिनेट में शामिल होने का रास्ता साफउनमें एनपीपी के एंपरीन लिंगदोह, कमिंगवन यमबोन, रक्कम ए संगमा और अबू ताहेर मंडल, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के पॉल लिंगदोहऔर कर्मेन शायला, हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) के शाकलियार वारजरी,नियमों के मुताबिक, 60 सदस्यों वाली मेघालयविधानसभा में मुख्यमंत्री समेत कुल 12 से अधिक मंत्री नहीं हो सकते।एंपरीन लिंगदोह कृषि और कानून विभाग की मंत्री थीं, जबकि यमबोनसहकारिता और रक्कम ए संगमा शिक्षा विभाग संभाल रहे थे अबू ताहेर मंडल ऊर्जा मंत्री थे, पॉल लिंगदोह पर्यटन, और कर्मेन शायला राजस्व औरआपदा प्रबंधन विभाग देख रहे थे। शाकलियार वारजरी खेल मंत्रालय और एएल हेक पशुपालन विभाग के प्रभारी थे। इन मंत्रियों के इस्तीफे से नएमंत्रियों के कैबिनेट में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है. इस्तीफे सौंपे और नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगीपार्टी सूत्रों के मुताबिक, एनपीपी के विधायक वाइलाडमिकी शायला, सॉस्थेन्स सोहटन, ब्रेनिंग ए. संगमा और टिमोथी डी. शिरा को कैबिनेट मेंशामिल किया जाएगा इसके अलावा, यूडीपी प्रमुख मेटबह लिंगदोह और पूर्व मंत्री लाहक्मेन रिंबुई को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है. एचएसपीडीपी के विधायक मेथोडियस डखार को शाकलियार वारजरी की जगह कैबिनेट में शामिल किया जाएगा, जबकि भाजपा के सानबोर शुलाईको एएल हेक के स्थान पर मंत्री बनाया जाएगा इस फेरबदल से सरकार में संतुलन और विभिन्न दलों के बीच प्रतिनिधित्व बेहतर करने की कोशिश कीजा रही है. मेघालय में कैबिनेट फेरबदल से पहले आठ मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया, जिनमें वरिष्ठ नेता एएल हेक, पॉल लिंगदोह और एंपरीन लिंगदोहशामिल हैं मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने राज्यपाल को इस्तीफे सौंपे और नए मंत्रियों को मंगलवार शाम शपथ दिलाई जाएगी.
कर्नाटक में जाति जनगणना पर सियासत गर्म, BJP अध्यक्ष विजयेंद्र ने कांग्रेस पर लगाया वीर शैव-लिंगायत समुदाय को बांटने का आरोप

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई. विजयेंद्र ने मंगलवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का असली मकसदराज्य में होने वाली जाति जनगणना के जरिए वीरशैव-लिंगायत समुदाय को आपस में बांटना है विजयेंद्र ने बताया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता औरवीरशैव-लिंगायत समुदाय से जुड़े नेता, पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा, बसवराज बोम्मई, जगदीश शेट्टर और केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना समेत अन्यनेताओं ने इस मुद्दे पर रणनीति बनाने के लिए बैठक की. बता दें कि राज्य में सामाजिक और शैक्षिक सर्वेक्षण, जिसे आमतौर पर जाति जनगणना कहाजाता है, 22 सितंबर से 7 अक्तूबर तक होगा इस पर करीब 420 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है वहीं विजयेंद्र ने कहा, ‘राज्य सरकार के पासजाति जनगणना कराने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है लेकिन समाज-आर्थिक सर्वेक्षण के नाम पर कांग्रेस सरकार ऐसा कर रही है। इसका असलीउद्देश्य हिंदू धर्म और वीरशैव-लिंगायत समुदाय को बांटना है.भारतीय वीरशैव महासभा और प्रमुख संतों से बातचीत करेंगेउन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस सरकार ने ऐसा कदम उठाने की कोशिश की है भाजपा नेताओं ने येदियुरप्पा के नेतृत्व में बैठक करयह तय किया कि समुदाय के हित में सबको एकजुट रहना होगा और साफ दिशा-निर्देश देने होंगे इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वरिष्ठ नेताअखिल भारतीय वीरशैव महासभा और प्रमुख संतों से बातचीत करेंगे, ताकि आने वाले समय में समुदाय में एकता बनी रहे. जब विजयेंद्र से यह पूछागया कि महासभा ने पहले समुदाय से यह अपील की थी कि सर्वेक्षण में अपनी पहचान हिंदू की बजाय ‘वीरशैव-लिंगायत’ के रूप में दर्ज करें, इस परभाजपा की क्या राय है, तो उन्होंने कहा, ‘समुदाय और उसके नेताओं के बीच जो भी भ्रम हैं, उन्हें दूर किया जाएगा. जनगणना कराने का कोई कानूनी अधिकार नहींहमारा मुख्य लक्ष्य देश, राज्य और समुदाय की भलाई के लिए सबको साथ लेकर चलना है’ विजयेंद्र ने अंत में कहा कि वीरशैव-लिंगायत समुदायअच्छी तरह समझता है कि कांग्रेस सरकार का इरादा उन्हें बांटने का है. कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर आरोप लगातेहुए कहा कि कांग्रेस सरकार वीरशैव-लिंगायत समुदाय को बांटने के लिए जाति जनगणना कर रही है उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार के पास जातिजनगणना कराने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है
भारत दौरे पर मॉरीशस के प्रधानमंत्री रामगुलाम ने दी बापू को श्रद्धांजलि, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और विपक्ष के नेताओं से की मुलाकात

भारत दौरे पर आए मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने मंगलवार को दिल्ली में राजघाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। साथही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की उन्होंने भारत और मॉरीशस के संबंधों को मजबूत करने पर बात की.बीते नौ सितंबर को भारत दौरे पर पहुंचे मॉरीशस के प्रधानमंत्री बीते लगभग एक हफ्ते में कई जगहों का दौरा कर मंगलवार को दिल्ली लौटे दिल्लीआने के बाद उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी. महात्मा गांधी स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद रामगुलाम ने राजघाटमें आगंतुक पुस्तिका पर हस्ताक्षर भी किए. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई किदोनों देशों के बीच संबंध अद्वितीय हैं और हमारे साझा इतिहास, भाषा, संस्कृति और मूल्यों पर आधारित हैं राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया किप्रधानमंत्री रामगुलाम के व्यापक नेतृत्व अनुभव से भारत-मॉरीशस के दीर्घकालिक द्विपक्षीय संबंध आने वाले समय में और भी मजबूत होंगे. रामगुलाम मॉरीशस के संस्थापकइसके बाद मॉरीशस के पीएम ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की. दिल्लीपहुंचने से पहले मॉरीशस के पीएम आंध्र प्रदेश के तिरुपति में तिरुमाला मंदिर के दर्शन किए। वे ब्रह्मऋषि आश्रम के कार्यक्रम में भी शामिल हुएआश्रम के सिद्ध गुरु सिद्धेश्वर ब्रह्मास्मि गुरुदेव स्वामी ने उन्हें राष्ट्रपिता जैसा बताया उनकी सादगी और नेतृत्व की सराहना करते हुए सिद्ध गुरु ने कहा, मॉरीशस में यह संस्था 1,000 मिलियन डॉलर का निवेश कर शिक्षा व विकास में योगदान करेगी स्वामी ने कहा कि रामगुलाम मॉरीशस के संस्थापकहैं, जिन्हें राष्ट्रपिता की तरह सम्मान दिया जा सकता है उन्होंने उनकी सादगी और नम्रता की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी काआगमन सौभाग्य की बात है प्रधानमंत्री रामगुलाम ने इसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक जुड़ाव बताते हुए कहा कि वे लंबे समय से इस यात्रा का इंतजार कररहे थे. हिंदू समुदाय उन्हें जानतास्वागत समारोह में पीएम रामगुलाम ने अपनी यात्रा के महत्व और स्वामी के साथ अपने जुड़ाव के बारे में बताया। रामगुलाम ने कहा कि बीते सालसितंबर में चार लोग मेरे घर आए थे. मैंने उन्हें संसद सत्र के दौरान देखा था कुछ लोगों ने कहा कि स्वामी भारत से आए हैं और मुझे उनसे मिलनाचाहिए और यह महत्वपूर्ण है यहां का पूरा हिंदू समुदाय उन्हें जानता है. मैंने उनसे कहा था कि मैं भी धर्म और प्रार्थना के लिए दूसरों की तरह कतार मेंलगूंगा मैं भारत जाऊंगा अब मैं यहां हूं. बीते नौ सितंबर को भारत दौरे पर पहुंचे मॉरीशस के प्रधानमंत्री बीते लगभग एक हफ्ते में कई जगहों का दौराकर मंगलवार को दिल्ली लौटे दिल्ली आने के बाद उन्होंने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी.
कर्नाटक में झीलों के बफर जोन में कटौती पर राज्यपाल ने थावरचंद गहलोत विधेयक लौटाया, सरकार से स्पष्टीकरण मांगा “टाउन हॉल एसोसिएशन ने बताया पर्यावरण के लिए खतरा”

कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने राज्य में झीलों या तालाबों के आसपास के बफर जोन के आकार को कम करने वाला विधेयक सरकार कोलौटा दिया है और सरकार से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा है हाल ही में कर्नाटक विधानसभा के दोनों सदनों में पारित कर्नाटक टैंक संरक्षण औरविकास प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक में जलाशयों के क्षेत्रफल के आधार पर झीलों के बफर जोन को कम करने का प्रस्ताव है. राज्यपाल थावरचंदगहलोत ने कहा है कि उठाए गए मुद्दों पर राज्य सरकार से स्पष्टीकरण लेना जरूरी है, और यह भी जानना जरूरी है कि इस संशोधन का कोई गलतप्रभाव तो नहीं पड़ेगा राज्यपाल कार्यालय से सरकार को भेजे एक पत्र में कहा गया है कि, ‘इस संबंध में सही स्पष्टीकरण के साथ फाइल को फिर सेप्रस्तुत करने के लिए राज्य सरकार को वापस कर दिया जाए. राज्यपाल ने सरकार को भेजे अपने पत्र में ये भी कहा कि बंगलूरू टाउन हॉल एसोसिएशनने उनके कार्यालय से इस विधेयक को मंजूरी न देने का अनुरोध किया है. संविधान और स्थापित कानून का उल्लंघनएसोसिएशन ने चिंता व्यक्त की है कि विशेषज्ञों की राय के अनुसार, वर्तमान झील बफर जोन 30 मीटर ही अपर्याप्त है, और पारिस्थितिकी तंत्रसंतुलन के लिए करीब 300 मीटर बफर जोन होना चाहिए एसोसिएशन ने कहा है कि बफर जोन को बढ़ाया जाना चाहिए, न कि घटाया जानाचाहिए। एसोसिएशन के अनुसार, ‘यह संविधान और स्थापित कानून का उल्लंघन है, और प्रत्येक नागरिक के लिए हानिकारक है, यह नागरिकों केजल सुरक्षा और स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार को प्रभावित करता है।’ राज्यपाल ने कहा है कि राज्य सरकार ने इस संशोधन के असर के बारे में न तोविशेषज्ञ समिति से और न ही जनता से परामर्श किया है. बंगलूरू टाउन हॉल एसोसिएशन ने चिंता व्यक्त कीविधेयक में जल निकायों के लिए क्षेत्रवार बफर जोन बनाने और प्राधिकरण की पूर्व स्वीकृति से सड़क, पुल, विद्युत लाइन, जल आपूर्ति लाइन, भूमिगत जल निकासी (यूजीडी) लाइन, जैकवेल या पंप हाउस या सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), इंटरमीडिएट सीवेज पंपिंग स्टेशन (आईएसपीएस) आदि जनोपयोगी कामों के निर्माण की अनुमति देने का प्रस्ताव है विधेयक के अनुसार, 0.5 गुंटा तक की झीलों के लिए बफर जोन नहीं होगा। एकएकड़ तक की झीलों के लिए बफर जोन 3 मीटर का होगा. 1-10 एकड़ आकार की झीलों के लिए यह 6 मीटर, 10-25 एकड़ आकार की झीलों केलिए 12 मीटर, 25-100 एकड़ आकार की झीलों के लिए 24 मीटर और 100 एकड़ से अधिक आकार की झीलों के लिए 30 मीटर होगा. बंगलूरूटाउन हॉल एसोसिएशन ने चिंता व्यक्त की है कि विशेषज्ञों की राय के अनुसार, वर्तमान झील बफर जोन 30 मीटर ही अपर्याप्त है, और पारिस्थितिकीतंत्र संतुलन के लिए करीब 300 मीटर बफर जोन होना चाहिए.
दिल्ली में दिव्यांग बच्चों के लिए खुलेंगे 10 संसाधन केंद्र, गृह मंत्री अमित शाह करेंगे उद्घाटन

दिव्यांग बच्चों के लिए दिल्ली सरकार 10 नए संसाधन केंद्र खोलने जा रही है गृह इसमें 12,500 बच्चों का इलाज होगा और इनके पढ़नी की पूरीव्यवस्था रहेगी यहां इन बच्चों को मेडिकल, शैक्षणिक और परामर्श सेवाएं एक ही जगह मिलेंगी. ये केंद्र विशेष बच्चों की जिंदगी को आसान बनाएंगे. संसाधन केंद्रों में बच्चों को मुफ्त चिकित्सा, शिक्षा और परामर्श सेवाएं मिलेंगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को इसकी घोषणा की है उन्होंनेबताया कि इन केंद्रों का 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन करेंगा. इन केंद्रों को दिव्यांगबच्चों की सुविधा के लिहाज से डिजाइन किया जाएगा हर केंद्र में बच्चों की मदद करने के लिए छह विशेषज्ञों की टीम काम करेगी, जिसमें स्पीचथेरपिस्ट, फिजियोथेरपिस्ट, ऑक्युपेशनल थेरपिस्ट और बिहैवियरल एक्सपर्ट शामिल होंगे। ये विशेषज्ञ बच्चों की बोलने, चलने-फिरने, रोजमर्रा केकाम करने और व्यवहार सुधारने की क्षमता को बेहतर करेंगे साथ ही, काउंसलिंग के जरिए. नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर शुरू कीबच्चों और उनके परिवारों को मानसिक संतुष्टि भी देंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों से बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होगा, जिससेवे मुख्यधारा की शिक्षा का हिस्सा बन सकेंगे.ये केंद्र बादली, पश्चिम विहार, विश्वास नगर, मंगोलपुरी, नारायणा, द्वारका, नजफगढ़, छतरपुर, मदनपुरखादर और प्रताप नगर में खोले जाएंगे हरएक केंद्र में बच्चों की जरूरतों के हिसाब से इलाज और पढ़ने की सुविधा रहेगी माता-पिता को भी यहां परपरामर्श की सुविधा मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर शुरू की है. अमित शाह इन केंद्रों का उद्घाटन करेंगेइन केंद्रों से बच्चों को शिक्षा, कौशल के जरिये उनके जीवन में बदलाव लाने की कोशिश है ये केंद्र जिला स्तर पर नोडल संस्थान की तरह काम करेंगे, जहां दिव्यांगता से जुड़ी योजनाओं की निगरानी और शिक्षकों व अभिभावकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा दिव्यांग बच्चों को इससे नई उम्मीदमिलेगी उनके लिए शिक्षा, इलाज और सपनों को हकीकत में बदलने का रास्ता अब आसान होगा. दिल्ली सरकार 10 नए संसाधन केंद्र खोल रही है, जहां 12,500 दिव्यांग बच्चों को मुफ्त चिकित्सा, शिक्षा और परामर्श सेवाएं मिलेंगी 17 सितंबर 2025 को पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर केंद्रीयगृह मंत्री अमित शाह इन केंद्रों का उद्घाटन करेंगे.
विश्व चैंपियनशिप में नीरज चोपड़ा का स्वर्ण बचाने का मिशन शुरू, नदीम और वेबर से कड़ी टक्कर तय

भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में खिताब बचाने के इरादे से उतरेंगे नीरज बुधवार को क्वालिफिकेशनदौर से अभियान की शुरुआत करेंगे. इस टूर्नामेंट में नीरज के सामने सबसे बड़ी चुनौती पाकिस्तान के अरशद नदीम और जर्मनी के जूलियन वेबर होंगेनदीम ने पिछले साल पेरिस ओलंपिक में नीरज को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता था, जबकि वेबर ने हाल ही में डायमंड लीग का खिताब जीता था. विश्व चैंपियनशिप में नीरज का लक्ष्य स्वर्ण पदक का बचाव करने वाले तीसरे खिलाड़ी बनना होगा. टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ीने 2023 में बुडापेस्ट में आयोजित हुए विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था चेक गणराज्य के दिग्गज और वर्तमान में नीरज के कोचजान जेलेंजी (1993, 1995) और ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स (2019, 2022) ने ही अब तक लगातार दो मौकों पर विश्व चैंपियनशिप का ताज जीताहै.ब्राजील के लुईज दा सिल्वा बाकी स्टार खिलाड़ियों में शामिलनीरज 2024 पेरिस ओलंपिक के बाद पहली बार नदीम का सामना करेंगे जिससे उन्हें फ्रांस की राजधानी में दूसरे स्थान पर रहने का बदला लेने कामौका मिलेगा. नदीम ने पेरिस में 92.97 मीटर के शानदार थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था, जबकि नीरज का उस दिन सर्वश्रेष्ठ थ्रो 89.45 मीटर थाऔर उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा था नीरज और नदीम का मुकाबला बुधवार को नहीं होगा क्योंकि दोनों प्रतिद्वंद्वियों को क्वालिफाइंग दौर मेंदो अलग-अलग ग्रुप में रखा गया है गुरुवार को फाइनल में उनके आमने-सामने होने की उम्मीद है वेबर, पीटर्स, केन्या के 2015 के विश्व चैंपियनजूलियस येगो, त्रिनिदाद और टोबैगो के 2012 के ओलंपिक चैंपियन केशोर्न वाल्कोट, चेक गणराज्य के अनुभवी जैकब वाडलेज और ब्राजील केलुईज दा सिल्वा बाकी स्टार खिलाड़ियों में शामिल हैं. विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतायह भारत के लिए एक ऐतिहासिक प्रतियोगिता होगी क्योंकि सचिन यादव, यशवीर सिंह और रोहित यादव मैदान पर नीरज के साथ शामिल होंगे, जोइस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले देशों में सबसे बड़ी संख्या है नीरज को गत विजेता के रूप में वाइल्ड कार्ड दिया गया है, जबकि अन्य तीन ने विश्वरैंकिंग के जरिए क्वालिफाई किया. नीरज को बुधवार को 19 सदस्यीय ग्रुप ए क्वालिफिकेशन राउंड में वेबर, वाल्कोट, वाडलेज और सचिन के साथरखा गया है, जबकि 18 सदस्यीय ग्रुप बी में नदीम, पीटर्स, येगो, डा सिल्वा, रोहित, यशवीर और उभरते हुए श्रीलंकाई खिलाड़ी रमेश थरंगा पथिरगेशामिल हैं जो खिलाड़ी 84.50 मीटर की दूरी तक पहुंचेंगे या सर्वश्रेष्ठ 12 खिलाड़ी गुरुवार को होने वाले फाइनल में जगह बनाएंगे. विश्व चैंपियनशिपमें नीरज का लक्ष्य स्वर्ण पदक का बचाव करने वाले तीसरे खिलाड़ी बनना होगा टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी ने 2023 मेंबुडापेस्ट में आयोजित हुए विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था.
पीएम मोदी के जन्मदिन पर दिव्यांगों और बुजुर्गों को सौगात, दिल्ली में खुलेंगे तीन नए विशेष केंद्र “अटल आशा गृह और वरिष्ठ नागरिक गृह का उद्घाटन”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर 17 सितंबर से शुरू हो रहे सेवा पखवाड़े में दिल्ली सरकार दिव्यांगों और बुजुर्गों को भी खास तोहफा देगी. कॉलेज जाने वाली दृष्टिबाधित छात्राओं को अटल दृष्टि छात्रावास, बौद्धिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को अटल आशा गृह और बुजुर्गों को सावित्रीबाईफुले वरिष्ठ नागरिक गृह मिलेंगे कुल 64.66 करोड़ रुपये की लागत से बने ये केंद्र विशेष वर्ग के लोगों को आत्मनिर्भर और सम्मान से जीने के अवसरदेंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह त्यागराज स्टेडियम से इनका शुभारंभ उद्घाटन करेंगे. मुख्यमंत्री ने रविवार को बताया कि उनकी सरकार असहाय वर्ग केलोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाने के लिए काम कर रही है. किसी भी वर्ग को सुविधाएं देने से सरकारी पीछे नहीं हटेगी. 96 बुजुर्गों के लिए रहने का इंतजामतिमारपुर में डीयू के पास 13.42 करोड़ रुपये की लागत से दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए चार मंजिला छात्रावास बनाया गया है करीब 3703.43 वर्गमीटर में बने इस भवन में 96 छात्राओं के रहने की जगह है इसे छात्राओं की सुविधा के लिहाज से डिजाइन किया गया है, उसी के अनुरूप सहायकसुविधाएं लगाई गई हैं. पश्चिम विहार में 10.64 करोड़ रुपये से 2257 वर्गमीटर में चार मंजिला सावित्रीबाई फुले वरिष्ठ नागरिक गृह बनाया गया हैइसमें 96 बुजुर्गों के लिए रहने का इंतजाम है इस केंद्र में चिकित्सा, पौष्टिक भोजन और मनोरंजन की सुविधाएं भी मिलेंगी. मुख्यमंत्री ने बताया किविशेष वर्ग के लोगों के लिए ये केंद्र अटल बिहारी वाजपेयी और सावित्रीबाई फुले की स्मृति में बनाए गए हैं ये पहल कमजोर वर्गों को सुविधाएं देगीप्रधानमंत्री के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू होकर गांधी जयंती व लाल बहादुर शास्त्री जयंती तक चलने वाले सेवा पखवाड़े में 75 योजनाएं शुरू होंगी. सम्मानजनक जीवन के लिए सुविधाएं प्रदान करेंगेनरेला में 40.60 करोड़ रुपये की लागत से 12,500 वर्गमीटर में चार मंजिला अटल आशा गृह बनाया गया है. इसमें बौद्धिक रूप से दिव्यांग 220 लोग रहेंगे, इन्हें भोजन, स्वास्थ्य जांच, शिक्षा, खेल और मनोरंजन की सुविधाएं भी यहीं पर मिलेंगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर दिल्लीसरकार सेवा पखवाड़े में 64.66 करोड़ की लागत से दृष्टिबाधित छात्राओं, बौद्धिक रूप से दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए अटल दृष्टि छात्रावास, अटलआशा गृह और सावित्रीबाई फुले वरिष्ठ नागरिक गृह का उद्घाटन करेगी। ये केंद्र आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन के लिए सुविधाएं प्रदान करेंगे.
IND vs PAK मैच में 1.5 लाख करोड़ का सट्टा? शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत का सनसनीखेज दावा

शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोमवार को सनसनीखेज आरोप लगाया कि रविवार को खेले गए भारत-पाकिस्तानएशिया कप मैच में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का सट्टा खेला गया. राउत के मुताबिक, इस सट्टे में से 25,000 करोड़ रुपये पाकिस्तान पहुंचे हैं. राउत ने दावा किया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को अकेले इस मैच से करीब 1,000 करोड़ रुपये की कमाई हुई उन्होंने सवाल उठाते हुएकहा, ‘यह पैसा हमारे खिलाफ इस्तेमाल होगा क्या सरकार और बीसीसीआई को इसकी जानकारी नहीं है?’ भारत ने यह मुकाबला सात विकेट सेजीता, लेकिन मैच के बाद खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया राउत ने इस कदम को भी दिखावा करार दिया उन्होंने कहा कियह कोई आकस्मिक फैसला नहीं था बल्कि बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट की सहमति से लिया गया निर्णय था. यह हाई-वोल्टेज मुकाबला ऐसेसमय में खेला गया जब भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव चरम पर है पहलगाम में आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी इसके बाद मई मेंभारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके स्थित आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी ऐसे हालात में मैच के आयोजन पर कईराजनीतिक दलों और संगठनों ने बहिष्कार की मांग की थी. मैदान से बाहर के विवादों ने इसे और ज्यादा चर्चा में ला दियाराउत ने कहा, ‘जब देश में ऐसा माहौल है, तब पाकिस्तान को आर्थिक फायदा पहुंचाने वाले मैच खेलना समझ से परे है सट्टेबाजी का इतना बड़ा जालसरकार की आंखें खोलने के लिए काफी होना चाहिए. भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा से भावनाओं का केंद्र रहा है, लेकिन इस बार मैदान से बाहर केविवादों ने इसे और ज्यादा चर्चा में ला दिया है. वहीं, कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने कहा, ‘मैं पहले से कह रहा था कि भारत-पाकिस्तान का यह मैचखेला ही नहीं जाना चाहिए था यह बेहद शर्मनाक है कि बीसीसीआई ने इस मैच को कराने का फैसला लिया यह पहलगाम में मारे गए लोगों काअपमान है और हमारे सैनिकों का अपमान है. सरकार ने साफ तौर पर देशभक्ति पर मुनाफे को चुना. प्रियंक खड़गे ने दिया विवादित बयानप्रियंक खड़गे ने विवादित बयान देते हुए कहा, ‘अभी खेलने की क्या जरूरत थी? यह हाथ न मिलाने का ड्रामा किसके लिए है? किसे बेवकूफ बनानेकी कोशिश हो रही है? सारे राष्ट्रवादी कहां छिप गए हैं? अगर भारतीय टीम के कप्तान ने खेलने से इनकार कर दिया होता तो मैं उनकी सराहनाकरता… दुर्भाग्यवश, ‘मेन इन ब्लू’ (यानी भारतीय टीम) बीसीसीआई के ठेके वाले मजदूरों से ज्यादा कुछ नहीं हैं.मालूम हो कि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को हराकर ग्रुप ए से सुपर-फोर में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली हैभारतीय गेंदबाजों ने पहले पाकिस्तान को सिर्फ 127 रन पर रोका और फिर 15.5 ओवर में तीन विकेट गंवाकर लक्ष्य का पीछा कर लिया भारत औरपाकिस्तान की टीमें एशिया कप 2025 के सुपर-4 राउंड में फिर से आमने-सामने आ सकती हैं अगर दोनों टीमें फाइनल तक पहुंचती हैं तो खिताबीमुकाबले में भी भिड़ंत संभव है मौजूदा हालात को देखते हुए अगली भिड़ंत और भी ज्यादा रोमांचक होने की संभावना है.
2027 यूपी विधानसभा चुनाव: सपा-कांग्रेस गठबंधन की सीटों पर चल रही मंथन, लखनऊ में टकराव के बीच सीटें तय करने की जद्दोजहद”सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कही बड़ी बात”

साल 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश में 43 सीटों (सपा-37, कांग्रेस 6) पर मिली जीत को आधार बनाकर सपा और कांग्रेस 2027 केविधानसभा चुनाव की तैयारी में लगी है. बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले लखनऊ में हुई सपा की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेशयादव ने भी महानगर में सिर्फ दो सीट इंडिया गठबंधन को देने की बात कही थी हालांकि कांग्रेस चार सीट चाहती है लेकिन कांग्रेसी शहर की सात मेंतीन सीटों पर ज्यादा सक्रिय दिखाई दे रहे हैं. पूर्व विधायक अजय कपूर के भाजपा में शामिल हो जाने के बाद किदवईनगर सीट अब कांग्रेस के बाकीदावेदारों के लिए खाली हो चुकी है गोविंदनगर भी ऐसी सीट है जहां पर दावेदारों के बीच अभी से रार होने लगी है. कांग्रेस के बजाय सपा को फिर से तरजीह देने की तैयारीपिछले दिनों जब कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता की ओर से मंडल अध्यक्षों का मनोनयन किया जा रहा था तब किदवईनगर और गोविंदनगर क्षेत्रको लेकर सबसे ज्यादा आपस में एक दूसरे की टांग खिंचाई की गई थी मामला प्रदेश अध्यक्ष अजय राय तक तक पहुंच गया था पता चला है कि जोकांग्रेसी अभी तक कल्याणपुर से दावेदारी कर रहे थे वे अब गोविंदनगर का रुख कर रहे हैं. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेसऔर सपा ने तब अलग-अलग चुनाव लड़ा था इस बार दावेदार दोनों पार्टियों के प्रत्याशी पिछले चुनाव में मिले वोट को आधार बनाकर अपनी तैयारीकर रहे हैं क्योंकि कल्याणपुर में सपा ने भाजपा को अच्छी टक्कर दी थी इस वजह से वहां पर कांग्रेस के बजाय सपा को फिर से तरजीह देने की तैयारीहै।महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो अभी पूरी तरह से स्थिति साफ नहीं है कि यह सीट किसके खाते में जाएगी लेकिन कांग्रेस ने पूरा जोरलगा रखा है कैंट, आर्यनगर, सीसामऊ में सपा के विधायक हैं इसलिए उस पर किसी तरह की कोई चर्चा नहीं है. महानगर इकाई से जुड़ीं सभी सीटों पर अपनी तैयारीकांग्रेस और सपा में 2027 के चुनाव में गठबंधन रहेगा पार्टी महानगर की सात विधानसभा सीटों से कम से कम चार सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारीकर रही है इससे कम में समझौता नहीं करेंगे यह अपील पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से भी की जा रही है.सपा नेतृत्व महानगर इकाई से जुड़ीं सभी सीटों पर अपनी तैयारी कर रहा है राष्ट्रीय नेतृत्व से जैसा आदेश मिलेगा उसी तरह से आगे की योजना बनाईजाएगी तीन सीटों सीसामऊ, आर्यनगर और कैंट में पहले से ही सपा के विधायक हैं बाकी जो रिपोर्ट मांगी जाएगी उसे बनाकर दिया जाएगा.
नेपाल की अंतरिम पीएम सुशीला कार्की का मंत्रिमंडल विस्तार, कुलमान घीसिंग सहित तीन नए मंत्री शामिल

नेपाल में प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने सोमवार को मंत्रिमंडल का विस्तार किया मंत्री के रूप में रामेश्वर खनाल, ओमप्रकाश अर्याल और कुलमानघीसिंग को शपथ दिलाई गई. खनाल वित्त मंत्री, अर्याल गृह मंत्री और कुलमान घीसिंग ऊर्जा मंत्री बने अर्याल के पास कानून मंत्रालय की अतिरिक्तजिम्मेदारी भी रहेगी घीसिंग के पास भी ऊर्जा के अलावा भौतिक पूर्वाधार, यातायात व शहरी विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी है खनाल आर्थिक सुधारसुझाव आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं वह पूर्व सचिव भी रह चुके हैं अर्याल पेशे से वकील हैं। घीसिंग नेपाल विद्युत प्राधिकरण के पूर्व कार्यकारीनिदेशक हैं ओली सरकार में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था उनका नाम पीएम पद को लेकर भी चर्चा में था. इससे पहले राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल नेशुक्रवार देर रात कार्की को अंतरिम सरकार का मुखिया नियुक्त किया और उन्होंने रविवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया मंत्रिमंडलविस्तार पहले रविवार को होने वाला था उनके व्यस्त कार्यक्रम के कारण इसे स्थगित कर दिया पूर्व मुख्य न्यायाधीश कार्की के पास 5 मार्च तक नएचुनाव कराने और प्रधानमंत्री के लिए पद खाली करने का समय है, जिसका चुनाव संसद द्वारा किया जाएगा.सरकार तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाओं की जांच करेगीपदभार ग्रहण करने के बाद अपने पहले संबोधन में उन्होंने विनम्रता और जवाबदेही का एक कड़ा संदेश दिया और कहा कि उनका प्रशासन सत्ता कास्वाद चखने के लिए नहीं, बल्कि देश को स्थिर करने, न्याय की मांगों को पूरा करने और छह महीने के भीतर नए चुनावों की तैयारी करने के लिए सत्तामें है सिंह दरबार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्की ने कहा, ‘मैं और मेरी टीम यहां सत्ता का स्वाद चखने नहीं आए हैं हम छह महीने से ज्यादा नहीं रुकेंगे हमनई संसद को जिम्मेदारी सौंप देंगे आपके सहयोग के बिना हमें सफलता नहीं मिलेगी।’कार्की ने परिवारों को यह भी आश्वासन दिया कि सरकार मृतकों के शवों को उनके गृह जिलों तक पहुंचाने में मदद करेगी उन्होंने विरोध प्रदर्शनों केदौरान हुई तबाही, जिसमें निजी संपत्ति को नुकसान भी शामिल है, को स्वीकार किया और कहा कि सरकार मदद के लिए आगे आएगी उन्होंने आगेकहा कि सरकार तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाओं की जांच करेगी. सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार किया गयाएक अधिकारी ने बताया कि नेपाल की विभिन्न जेलों से भागे कुल 79 कैदियों को सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भारत-नेपाल सीमा पर विभिन्नचौकियों के माध्यम से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया है इन कैदियों में से दो नाइजीरियाई, एक ब्राजीलियाई औरएक बांग्लादेशी है ये चारों विदेशी नागरिक 29 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के हैं. स्थानीय निवासी सूर्य बहादुर श्रेष्ठ ने बताया कि पिछले हफ्ते की तुलनामें हालात सुधर रहे हैं, लेकिन पहले जैसी स्थिति नहीं लौटी है कहना होगा कि हालात सुधर रहे हैं हमें उम्मीद है उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि चुनावसमय पर होंगे. भरोसा ही हमारी उम्मीदों को मजबूत करता है मुझे पूरा विश्वास है कि चुनाव समय पर होंगे. स्थानीय निवासी सबिता सुरखेती ने बतायाकि हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं लोगों की आवाजाही कम हो गई है लोग अभी भी शोक मना रहे हैं वे गहरे दुःख में हैं बिक्री पर बुरा असर पड़ाहै. प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली नेपाल की अंतरिम सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार किया गया इसमें तीन नए मंत्रियों को शामिल कियागया कार्की ने कई दौर की आंतरिक सलाह-मशविरा के बाद नामों को अंतिम रूप दिया.