लखनऊ में हिंदू महासभा का मटन-मीट दुकानों को बंद कराने का विरोध प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन अखिल भारतीय हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने मटन और अन्य नॉन-वेज दुकानोंको नौ दिनों के लिए बंद करने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। यह अभियान हिंदू धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और पर्व केदौरान शुद्धता बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया गया। संगठन ने दुकानदारों से अपील की कि वे स्वेच्छा से दुकानें बंद रखें, ताकि किसी विवाद कीस्थिति न बने। आपको बता दे कि नवरात्रि का पहला दिन सुबह से ही हिंदू महासभा के सदस्य सक्रिय हो गए। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने लखनऊमें कई नॉन-वेज दुकानों का दौरा किया। मुख्य फोकस हजरतगंज क्षेत्र पर रहा, जहां चिकन, मटन और अन्य मीट की दुकानें हैं। इसी क्रम मेंकार्यकर्ताओं ने दुकानदारों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और अपील की कि नवरात्रि के दौरान दुकानें बंद रखें। उन्होंने कहा कि यह हिंदू समाज कीभावनाओं का सम्मान होगा और इससे धार्मिक शांति बनी रहेगी। पिछले वर्ष भी इसी तरह का अभियान चलाया गया था, जिसका सकारात्मक असरपड़ा था। कार्यकर्ताओं ने दुकानों पर स्लोगन लिखे पोस्टर लगाए और दुकानदारों को चेतावनी दी कि यदि दुकानें खुली रहीं तो आगे विरोध तेज होसकता है। आपको बता दे कि हजरतगंज के अलावा, लखनऊ के अन्य इलाकों जैसे राजाजीपुरम और आसपास के बाजारों में भी अभियान चलाया गया। संगठनने शहर-व्यापी कवरेज का लक्ष्य रखा है, जो अगले दिनों में जारी रहेगा। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विशेष आदेश जारी करने की अपील की है, जिसमें नवरात्रि के दौरान सभी मटन-मीट दुकानोंऔर नॉन-वेज होटलों को बंद रखने का प्रावधान हो। प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने कहा, “नवरात्रि मां दुर्गा की आराधना का पावन काल है। इस दौरानमांसाहार की बिक्री से हिंदू समाज की भावनाएं आहत होती हैं। हम शांतिपूर्ण तरीके से अपील कर रहे हैं, लेकिन यदि आवश्यकता पड़ी तो सड़क परउतरेंगे। इसी के साथ कार्यकर्ताओं ने जोर दिया कि नवरात्रि उपवास और शुद्धता का प्रतीक है। उन्होंने मां शैलपुत्री की पूजा के महत्व को रेखांकित किया औरकहा कि मांस की बिक्री से पर्व का अपमान होता है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल जैसे संगठनों ने भी समर्थन जताया। दिल्ली और हरियाणा के बीजेपी विधायकों ने भी इसी तरह की मांगकी है, जहां होटलों को केवल शाकाहारी भोजन परोसने की अपील की गई।
अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी, विकास परियोजनाओं का शुभारंभ और उद्घाटन

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 सितंबर 2025 को अरूणाचल प्रदेश का दौरा किया है। जो नवरात्रि के पहले दिन शुरू हुआ। यह दौरा राज्य केविकास को गति देने और पूर्वोत्तर क्षेत्र को मजबूत बनाने पर केंद्रित था। ईटानगर पहुंचकर उन्होंने कुल 5,100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की विकासपरियोजनाओं का उद्घाटन किया और कई नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन सौगातों में जलविद्युत परियोजनाएं, पर्यटन सुविधाएं, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी और अन्य क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा, जीएसटी सुधारों की घोषणा और स्थानीय व्यापारियों से संवाद जैसे महत्वपूर्ण कदम भी उठाएगए। इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न क्षेत्रों में 1,290 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। ये परियोजनाएंकनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, अग्नि सुरक्षा और कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल जैसे क्षेत्रों को मजबूत करने पर काम करेंगी। इनसे आर्थिक गतिविधियांबढ़ेंगी, जीवन स्तर सुधरेगा और क्षेत्र की पहुंच बेहतर होगी।आपको बता दे कि कुल 1,290 करोड़ रुपये की ये परियोजनाएं राज्य के विकास को नई ऊंचाई देंगी। उदाहरण के लिए, सड़कें, स्वास्थ्य केंद्र औरअग्निशमन सुविधाओं का विस्तार इसमें शामिल है। पीएम मोदी ने ऊर्जा और पर्यटन क्षेत्र में बड़ी परियोजनाओं की नींव रखी है, जिनकी कुल लागत 3,700 करोड़ रुपये से अधिक है। ये परियोजनाएंराज्य की जलविद्युत क्षमता का उपयोग करेंगी और पर्यटन को बढ़ावा देंगी। इसी के साथ हियो जलविद्युत परियोजना 240 मेगावाट क्षमता वाली यह परियोजना सियोम उप-बेसिन में विकसित होगी। लागत तकरीबन 3,700 करोड़ रुपये से अधिक की होगी आपको बता दे यह राज्य की स्वच्छ ऊर्जा जरूरतों को भी पूरा करेगी। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने टाटो-1 जलविद्युत परियोजना 186 मेगावाट क्षमता वाली यह परियोजना भी सियोम उप-बेसिन बनने का ऐलान कियाहै। यह परियोजना स्थानीय रोजगार सृजन और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। दौरे के दौरान पीएम मोदी ने आर्थिक सुधारों की बड़ी घोषणा की, जो पूरे देश के लिए लाभकारी होगी, लेकिन अरूणाचल के व्यापारियों के लिएविशेष रूप से उपयोगी होगा। आपको बता दे यह दौरा अरूणाचल प्रदेश को ऊर्जा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे में मजबूत बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। कुल5,100 करोड़ रुपये की ये सौगातें स्थानीय रोजगार, पर्यावरण-अनुकूल विकास और आर्थिक समृद्धि लाएंगी।
लोग गायिका नेहा सिंह राठौड़ को हाई कोर्ट से बड़ी राहत

भोजपुरी लोकगायिका नेहा सिंह राठौर को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर कोखारिज करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस को गिरफ्तारी से रोक लगा दी है, लेकिन जांच में सहयोग करने का आदेश दिया है। यहमामला अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर नेहा के सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी की आलोचना की थी। आपको बता दे कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी। जिसमें हमलावरों ने कथिततौर पर पीड़ितों का धर्म पूछकर उनकी हत्याएं की थी, जिससे इस यह घटना सांप्रदायिक रंग ले चुकी थी। इसी पूरे मामले के बाद नेहा सिंह राठौर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई पोस्ट किए, इनमें उन्होंने सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर सवालउठाए, जैसे कि “मोदी बिहार क्यों गए? पाकिस्तान को धमकाने के लिए?”। इन पोस्ट को नेहा ने पहलगाम हमले के संदर्भ में शेयर किया, जो वायरलहो गए और पाकिस्तान में भी व्यापक रूप से साझा किए गए।इस पूरे मामले पर 27 अप्रैल 2025 को लखनऊ के हजरतगंज थाने में अभय प्रताप सिंह नामक शिकायतकर्ता ने नेहा के खिलाफ एफआईआर दर्जकराई। उन पर आईपीसी की धारा 153A सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाना, 295A धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना, 505 सार्वजनिक शांति भंग करनेवाली अफवाहें और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोप था कि उनके पोस्ट से सांप्रदायिक तनाव बढ़ा और देश विरोधीभावनाएं भड़कीं। इसी के साथ नेहा ने 19 सितंबर 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर की, जिसमें एफआईआर रद्द करने और गिरफ्तारीपर रोक की मांग की गई। उनका तर्क था कि पोस्ट अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19) के दायरे में हैं और उन्हें दुर्भावनापूर्ण तरीके से फंसाया गयाहै। 20 सितंबर 2025 को न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने याचिका पर फैसला सुनाया। कोर्ट नेएफआईआर खारिज करने से इनकार कर दिया, लेकिन नेहा को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया। इसके साथ ही नेहा सिंह राठौर को कोर्ट की तरफ से आदेशित किया गया है। की 26 सितंबर को 11 बजे जांच अधिकारी के समक्ष पेश हो । इसी केसाथ पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने तक जांच में पूर्ण सहयोग करे। उसके साथ ही आपको बता दें कि कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी उसका मौलिक अधिकार है लेकिन इस पर युक्तियुक्तप्रतिबंध लगाए जा सकते है। कोर्ट ने कहा कि नेहा का पोस्ट हमले के तुरन्त बाद है। जिससे ये महत्वपूर्ण है। और प्रथमदृष्टि आरोप संज्ञेय अपराध केदायरे में आते है। इस लिए जांच जरूरी है।
जीएसटी 2.0 बचत उत्सव शुरू, उपभोक्ताओं को होगा सीधे फायदा

वस्तु एवं सेवा कर (GST) की नई दरें आज से लागू हो गई हैं. नवरात्रि के पहले दिन से लोगों को कई चीजें पहले से कम दाम में मिलेंगी. बड़ी संख्यामें खाने-पीने से लेकर टीवी, एटी, फ्रिज और गाड़ियों के दामों में बड़ी कमी आ गई है। नए जीएसटी फ्रेमवर्क के अंतर्गत टैक्स स्लैब की संख्या चार 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत से घटकर दो 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत रह गई है। इसी के साथ ही सरकार ने कई ऐसी चीजोंपर टैक्स को घटाकर शून्य कई दिया गया है, जिन पर पहले 5, 12 या 18 प्रतिशत का टैक्स लगता था, तो अब वही लग्जरी और सिन गुड्स पर 40 प्रतिशत का टैक्स निर्धारित किया गया है।ये हो रहा सस्ता जीएसटी सुधार के तहत सोमवार से अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर (यूएचटी) मिल्क, पनीर, छेना प्री-पैकेज्ड और लेबलड, पिज्जा ब्रेड, खाखरा, चपाती या रोटी, पराठा, कुल्चा और अन्य ब्रेड पर जीएसटी की दर घटकर शून्य हो गई है। जिन पर पहले 5 प्रतिशत जीएसटी लगता था,इसके अलावा सरकार ने एसी और फ्रिज आदि पर जीएसटी को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, वहीं, गाड़ियों पर टैक्स में कटौती कीगई है। 350 सीसी और उससे कम की बाइक पर अब जीएसटी घटकर 18 प्रतिशत हो गया है, जो कि पहले 28 प्रतिशत था, प्रोडक्ट जिन पर शून्य हुआ टैक्स हुआ करता था, लेकिन अब मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन और स्टेशनरी आइटम्स शार्पनर, कॉपी, नोटबुक, पेंसिल औरअन्य उत्पाद पर भी टैक्स 12 प्रतिशत से घटकर शून्य हो जाएगा. वहीं, व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर भी टैक्स को शून्य कर दिया गया है, जो कि पहले 18 प्रतिशत हुआ करता था। जीएसटी 2.0 लागू होने से आम आदमी को सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या LPG सिलेंडर भी आज सेसस्ता होगा? दरअसल, घरेलू LPG पर पहले से ही 5% जीएसटी लगता है और कमर्शियल सिलेंडर पर 18%. 3 सितंबर की बैठक में इन पर किसीतरह का बदलाव नहीं किया गया है। यानी घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडर की कीमतें पहले जैसी ही रहेंगी। कमर्शियल सिलेंडर पर ज्यादाटैक्स इसलिए है क्योंकि इसका इस्तेमाल होटल और रेस्टोरेंट जैसे बिजनेस में होता है। इसी के साथ जीएसटी 2.0 में हेल्थ इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस पर 18% GST खत्म कर दिया गया है। पहले जब कोई भी व्यक्ति इंश्योरेंसपॉलिसी लेता था तो प्रीमियम पर 18% GST जुड़ जाता था,पहले महंगा होने की वजह से कई लोग हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस से दूर रहते थे, अबटैक्स हटने के बाद ज्यादा लोग पॉलिसी ले सकेंगे। सरकार बक मानना है कि इस फैसले से बीमा पॉलिसी आम आदमी की पहुंच में आ जाएगी।इसके साथ ही हेल्थ सेक्टर को भी फायदा देखने को मिलेगा, ज्यादातर दवाओं, फार्मा प्रोडक्ट्स और मेडिकल डिवाइस जैसे ग्लूकोमीटर औरडायग्नॉस्टिक किट्स पर जीएसटी 5% कर दिया गया है। फार्मेसी को निर्देश दिया गया है कि वे एमआरपी कम करें। जिससे इसका सीधा फायदामरीजों को मिल सके।
नमो युवा रन – युवाओं का जोश और नशा मुक्त जीवन

दिल्ली विश्वविद्यालय में हुआ आयोजनप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर सेवा पखवाड़े के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में रविवार सुबह नमो युवा रनमैराथन का आयोजन किया गया। यह दौड़ दिल्ली भाजपा युवा मोर्चा द्वारा आयोजित की गई थी। इसमें लगभग पाँच हजार युवाओं ने भाग लिया।सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त जीवन जीने और स्वस्थ रहने का संकल्प लिया। नेताओं ने दिखाई हरी झंडीमैराथन की शुरुआत सांसद मनोज तिवारी और दिल्ली भाजपा की सह प्रभारी डॉ. अलका गुर्जर ने हरी झंडी दिखाकर की। इस अवसर पर भाजपा केप्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा, केंद्रीय राज्य मंत्री राजभूषण चौधरी, पद्मश्री एथलीट सुधा सिंह, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल और युवा मोर्चाअध्यक्ष सागर त्यागी सहित कई अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया और मैराथन में भाग लेने के लिए उत्साहितकिया। नशा मुक्त जीवन का संदेशइस दौड़ का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशा मुक्त रहने और स्वस्थ जीवन जीने का संदेश देना था। आज के समय में नशा समाज के लिए बड़ी समस्याबन चुका है और इसे रोकने के लिए युवा वर्ग को जागरूक करना बहुत जरूरी है। केंद्रीय राज्य मंत्री राजभूषण चौधरी ने कहा कि देश का स्वस्थ भविष्यतभी संभव है जब युवा नशे की बुरी आदतों से दूर रहेंगे। मनोज तिवारी का संबोधनसांसद मनोज तिवारी ने कहा कि यह मैराथन प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन को सेवा पर्व के रूप में मनाने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मोदी जी चाहतेहैं कि उनका जन्मदिन केवल उत्सव नहीं बल्कि सेवा और नई पहलों के माध्यम से मनाया जाए। उन्होंने युवाओं को शपथ दिलाई कि वे नशे से दूररहेंगे, अपने तन और मन को सुरक्षित रखेंगे और परिवार तथा देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। सुधा सिंह का योगदानपद्मश्री एथलीट सुधा सिंह ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और कहा कि वे दिल्ली के युवाओं के बीच खेल-कूद को बढ़ावा देंगी और नशा विरोधीअभियान में सक्रिय रहेंगी। उनकी उपस्थिति से युवा और अधिक प्रेरित हुए। डॉ. अलका गुर्जर का संदेशडॉ. अलका गुर्जर ने कहा कि यह दौड़ केवल प्रधानमंत्री के जन्मदिन का उत्सव नहीं है, बल्कि यह युवाओं में स्वस्थ और नशा मुक्त जीवन जीने कीप्रेरणा भी देती है। उन्होंने प्रतिभागियों की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम देश के विकास में युवाओं की भागीदारी को मजबूत करते हैं। सागर त्यागी का वक्तव्ययुवा मोर्चा अध्यक्ष सागर त्यागी ने कहा कि सेवा पखवाड़े के तहत कई तरह के कार्यक्रम चल रहे हैं। नमो युवा रन उनमें से एक महत्वपूर्ण पहल है।उन्होंने कहा कि दिल्ली भाजपा युवा मोर्चा नशा मुक्त जीवन के संदेश को लेकर घर-घर जाएगा और युवाओं को इस मुहिम से जोड़ेगा। युवाओं का उत्साहकार्यक्रम में शामिल हुए युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिला। सुबह-सुबह हजारों युवा दौड़ने के लिए मैदान में पहुंचे। उनके चेहरे पर ऊर्जा औरजोश था। सभी ने मिलकर नारे लगाए और नशा छोड़ने का संकल्प लिया। युवाओं की यह भागीदारी दिखाती है कि भारत का भविष्य सुरक्षित हाथों मेंहै और युवा वर्ग देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। नमो युवा रन केवल एक दौड़ नहीं थी। यह युवाओं की ऊर्जा, संकल्प और देशभक्ति का प्रतीक था। इस मैराथन ने स्पष्ट कर दिया कि नशा मुक्तसमाज बनाना और स्वस्थ जीवन जीना संभव है। पाँच हजार युवाओं की भागीदारी ने यह दिखाया कि भारत का युवा वर्ग इस दिशा में पूरी तरह तैयारहै। यह कार्यक्रम सेवा पखवाड़े का एक सुंदर उदाहरण बन गया और देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उभरा।
नांगलोई रेलवे फाटक हादसा और भाजपा सरकार की लापरवाही – अनिल झा

दुखद हादसे का मामलादिल्ली के किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में स्थित नांगलोई रेलवे फाटक पर दो दिन पहले दो बच्चों की दुखद मौत हो गई। आम आदमी पार्टी ने इस हादसेको भाजपा सरकार की लापरवाही बताया। विधायक अनिल झा ने कहा कि कई सालों से लोग इस फाटक पर रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) बनाने कीमांग कर रहे हैं, ताकि लोग सुरक्षित होकर रेलवे ट्रैक पार कर सकें। लेकिन भाजपा सरकार ने अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।अनिल झा ने बताया कि पिछले चार सालों में इस फाटक पर कुल 38 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। दो दिन पहले हुए हादसे में दो बच्चों की मौतहो गई। यह सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि लगातार बढ़ती सुरक्षा की कमी का नतीजा है। पत्र और अनुरोधअनिल झा ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और केंद्र-दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को 33 पत्र लिखे, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला। कोईठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि रोड ओवर ब्रिज बनाने में केवल 10-12 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जो सरकार के लिए मामूली राशि है।इसके बावजूद लोगों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। भाजपा सरकार की लापरवाहीप्रियंका कक्कड़ ने कहा कि यह हादसा भाजपा सरकार की लगातार असफलताओं और लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने बताया कि इस साल दिल्लीमें अब तक 350 और पिछले तीन साल में पूरे देश में करीब 30 हजार लोगों की रेलवे ट्रैक पार करते समय मौत हो चुकी है। रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स नेइस इलाके को हाई रिस्क जोन घोषित किया है, लेकिन सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम अभी तक नहीं उठाए गए। आरओबी और फुट ओवर ब्रिज(एफओबी) बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक कोई निर्माण नहीं हुआ। पिछले प्रयास और निराशाअनिल झा ने कहा कि पिछले 15 सालों से लोग आरओबी और एफओबी बनाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री को कई पत्रलिखे, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। उन्होंने कहा कि भाजपा फालतू के मुद्दों पर ध्यान देती है और जनता की सुरक्षा की समस्याओं कोनजरअंदाज कर रही है। हादसे के बाद की स्थितिप्रियंका कक्कड़ ने कहा कि हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, रेल मंत्री और एलजी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। जबकि हादसे के बाद700 से अधिक लोग रोड ओवर ब्रिज बनाने की मांग के लिए वहां गए थे। उन्होंने कहा कि यह इलाका ज्यादा आबादी वाला है और रेलवे ने अब तकतार फेंसिंग भी नहीं करवाई। जनता की सुरक्षा जरूरीप्रियंका कक्कड़ ने सवाल उठाया कि रेल मंत्री ने संसद में कहा था कि रेलवे हर साल सुरक्षा पर 1 लाख 14 हजार करोड़ रुपए खर्च करने के लिएप्रतिबद्ध है, लेकिन जनता को सुरक्षा नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि यह पैसा कहां खर्च हो रहा है और क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जारही है। उन्होंने भाजपा सरकार से कहा कि पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेहीतय की जाए। लोगों की मांगअनिल झा ने कहा कि किराड़ी और आसपास के इलाकों की आबादी लगभग 25 लाख है। लाखों लोग रेलवे विभाग से आरओबी और एफओबीबनाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय से महज 22-23 किलोमीटर दूर रहने वाले लोग अब भी सुरक्षित होकर रेलवे ट्रैक पारनहीं कर सकते। इस फाटक पर हादसे लगातार हो रहे हैं।
राहुल गांधी का ‘हाइड्रोजन बम’ दावा, वोट चोरी के सबूत से मोदी सरकार को चुनौती “जानें क्या है पूरा मामला”

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को फिर से वोट चोरी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उनके पास एक’हाइड्रोजन बम’ सबूत है, जो पूरी सच्चाई को सामने लाएगा और साबित करेगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वोट चोरी कर सत्ता हासिल की. उन्होंनेवायनाड में कहा, हम एक हाइड्रोजन बम लाने जा रहे हैं, जो स्थिति को पूरी तरह तहस-नहस कर देगा हम जो कह रहे हैं, उसके हमारे पास स्पष्ट प्रमाणहैं मैं बिना सबूत के कुछ नहीं कह रहा हूं हमारे पास सौ फीसदी जानकारी है कि जो कुछ हुआ है वह सामने आने वाला है. उन्होंने अपने पिछली दो प्रेसकॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए कहा, हमने महादेवपुरा और आलंद में मतदाता की गलत तरीके से जोड़ी और हटाई गई जानकारी दिखाई है हम इसे इसतरह दिखाएंगे कि भारत में कोई भी यह शक नहीं करेगा कि नरेंद्र मोदी ने वोट चोरी कर चुनाव जीता है. राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयोग (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरों की रक्षा’ करने का आरोप लगाया और कहा कि कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र से छह हजार मतदाताओं के नाम हटानेकी जांच चुनाव आयोग के प्रमुख के खिलाफ एक स्पष्ट आरोप है. मैं अपना काम करूंगा, मैं अपना काम करके दिखाऊंगाउन्होंने कहा, हमने कल प्रेस कॉन्फ्रेंस में काले और सफेद (ब्लैक एंड व्हाइट) में सबूत पेश किए. कर्नाटक में सीआईडी जांच चल रही है सीआईडी नेवोट चोरी में इस्तेमाल फोन नंबरों की जानकारी मांगी है ज्ञानेश कुमार ही वह सीईसी हैं, जिनकी कर्नाटक सीआईडी जांच कर रही है. इससे बड़ा आरोपचुनाव आयोग के प्रमुख पर नहीं हो सकता। यह मेरा बयान नहीं, बल्कि तथ्य है. जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका ‘हाइड्रोजन बम’ प्रधानमंत्री मोदीके वाराणसी लोकसभा क्षेत्र से जुड़ा होगा तो उन्होंने कहा कि मीडिया का काम अटकलें लगाना है जबकि काम अपना कार्य करना है उन्होंने यह, येअटकलें आपको लगानी हैं, यह अटकलें आपको लगानी है, मैं अपना काम करूंगा, मैं अपना काम करके दिखाऊंगा. मतदाता का गलत तरीके से नाम नहीं हटाया गयाराहुल गांधी ने वायनाड में कन्नथारा ग्राम पंचायत में ओमन चांडी मेमोरियल ऑडिटोरियम के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि पूर्वकेरल मुख्यमंत्री ओमन चांडी हमेशा विनम्र रहे जबकि कुछ राष्ट्रीय स्तर के नेता सत्ता मिलने पर अहंकारी हो जाते हैं. उन्होंने कहा, आप देखेंगे कि कुछनेता, जब उन्हें थोड़ी सत्ता मिलती है, तो वे अहंकारी हो जाते हैं। भारत में कई बड़े नेता हैं जिनमें विनम्रता नहीं है। लेकिन ओमन चांडी विनम्र क्यों थे? क्योंकि उनका केरल के लोगों से गहरा जुड़ाव था. 18 सितंबर को राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्ञानेश कुमार पर भारत के लोकतंत्र कोनुकसान पहुंचाने वालों का बचाव करने का आरोप लगाया था. उन्होंने यह भी कहा कि ‘हाइड्रोजन बम’ अभी सामने आना बाकी है, लेकिन एक समूहविशेष रूप से अल्पसंख्यक वोटों को काट रहा है जो खासतौर पर कांग्रेस को वोट देते हैं चुनाव आयोग ने जवाब में कहा कि कोई भी आम व्यक्तिऑनलाइन मतदाताओं के नाम नहीं हटा सकता है. आयोग ने साफ किया कि आलंद में किसी भी मतदाता का गलत तरीके से नाम नहीं हटाया गया है.
PM मोदी का ‘समुद्र से समृद्धि’ विजन, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में 34,200 करोड़ की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को गुजरात के भावनगर पहुंचे. यहां पीएम मोदी ने ‘समुद्र से समृद्धि’ कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया और 34,200 करोड़रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इसके बाद पीएम मोदी एक जनसभा को संबोधित किया पीएम मोदी नेकहा, ये कार्यक्रम तो भावनगर में हो रहा है, लेकिन ये कार्यक्रम पूरे हिंदुस्तान का है। पूरे भारत में समुद्र से समृद्धि से जाने की ओर हमारी दिशा क्या है, उसके लिए आज इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का केंद्र भावनगर को चुना गया है। गुजरात और भावनगर के लोगों को बहुत बहुत बधाई 17 सितंबर कोआप सबने अपने नरेन्द्र भाई को जो शुभकामनाएं भेजी हैं, देश और दुनिया से जो मुझे शुभकामनाएं मिली हैं… व्यक्तिगत तौर पर सबका धन्यवादकरना संभव नहीं है, लेकिन भारत के कोने-कोने से, विश्वभर से ये जो प्यार मिला है, आशीर्वाद मिले हैं ये मेरी बहुत बड़ी संपत्ति है, ये मेरी बहुत बड़ीताकत है इसलिए मैं आज सार्वजनिक रूप से देश और दुनिया के सभी महानुभावों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं. आत्मनिर्भर बनकर दुनिया के सामने खड़ा होना होगापीएम मोदी ने आगे कहा, भारत आज विश्वबंधु की भावना से आगे बढ़ रहा है दुनिया में हमारा कोई बड़ा दुश्मन नहीं है सच्चे अर्थ में अगर हमारा कोईदुश्मन है तो वो है दूसरे देशों पर हमारी निर्भरता…। यही हमारा सबसे बड़ा दुश्मन है और हमें मिलकर भारत के इस दुश्मन को हराना ही होगा. जितनीज्यादा विदेशी निर्भरता… उतनी ज्यादा देश की विफलता विश्व में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए… दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश कोआत्मनिर्भर बनना ही होगा. 140 करोड़ देशवासियों के भविष्य को हम दूसरों पर या उनकी निर्भरता पर नहीं छोड़ सकते। भावी पीढ़ी के भविष्य को दांवपर नहीं लगाया जा सकता है। 100 दुखों की एक ही दवा है और वह है आत्मनिर्भर भारत, इसलिए हमें चुनौतियों से टकराना होगा और भारत कोआत्मनिर्भर बनकर दुनिया के सामने खड़ा होना होगा. देश के समुद्री क्षेत्र को मजबूती देने के लिए एक बहुत ऐतिहासिक निर्णय हुआकांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत में सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है, लेकिन आजादी के बाद कांग्रेस ने भारत के हर सामर्थ्यको नजरअंदाज किया, इसलिए आजादी के 6-7 दशकों बाद भी भारत वो सफलता हासिल नहीं कर पाया, जिसके हम हकदार थे इसके दो बड़े कारणरहे- लंबे समय तक कांग्रेस सरकार ने देश को लाइसेंस कोटा राज में उलझाए रखा दुनिया के बाजार से अलग-थलग रखा कांग्रेस सरकार की नीतियों नेदेश के नौजवानों का बहुत नुकसान किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 2047 तक हमें विकसित होना है तो भारत को आत्मनिर्भर होना ही होगा… इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है. 140 करोड़ देशवासियों का एक ही संकल्प होना चाहिए- चिप हो या शिप… हमें भारत में ही बनाने होंगे इसीसोच के साथ आज भारत समुद्री क्षेत्र भी नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म करने जा रहा है। इसी सोच के साथ वन नेशन, वन डॉक्यूमेंट और वन नेशन, वन पोर्टप्रोसेस लागू किया जाना है। भारत को सबसे बड़ी समुद्री शक्ति बनाने के लिए तीन बड़ी योजनाओं पर काम चल रहा है और आने वाले वर्षों में इस पर70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे. देश के समुद्री क्षेत्र को मजबूती देने के लिए एक बहुत ऐतिहासिक निर्णय हुआ है…
“जुबीन गर्ग की मौत पर सिंगापुर में पूरा हुआ पोस्टमार्टम, असम सरकार कराएगी जांच सीएम हिमंत बिस्वा सरमा”

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा गायक जुबीन गर्ग के निधन पर लगातार सिंगापुर के अधिकारियों से संपर्क में हैं अब मुख्यमंत्री ने ये जानकारीदी है कि जुबीन गर्ग का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है और उनके शव को भारतीय अधिकारियों को सौंपा जा रहा है साथ ही सीएम ने सिंगर के मौत कीराज्य सरकार द्वारा जांच करवाए जाने की भी जानकारी दी. सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर जानकारी देते हुए बताया, ‘हमारे प्रिय ज़ुबीन गर्ग कापोस्टमार्टम सिंगापुर में पूरा हो गया है अब उनके पार्थिव शरीर को भारतीय दूतावास के अधिकारियों की उपस्थिति में उनके साथ आई टीम शेखरज्योति गोस्वामी, संदीपन गर्ग और सिद्धार्थ शर्मा (प्रबंधक) को सौंपा जा रहा है. इसके साथ ही सीएम ने ये भी बताया कि असम सरकार जुबीन गर्ग कीमौत की जांच भी कराएगी. सिंगर समेत कुल 18 लोग नौका यात्रा पर गएइससे पहले सिंगर की मौत की खबर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री जुबीन गर्ग के परिवार से मिलने उनके घर भी पहुंचे थे। वहां उन्होंने पीटीआई सेबातचीत में बताया था कि गायक बिना लाइफ जैकेट के तैरने गए थे. सिंगर समेत कुल 18 लोग नौका यात्रा पर गए थे. इसके कुछ देर बाद जुबीन काशव समुद्र में तैरते हुए पाया गया लाइफ गार्ड्स ने उन्हें तुरंत सीपीआर भी दिया फिर उन्हें सिंगापुर जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उन्हेंमृत घोषित कर दिया गया. जुबीन गर्ग के शव को भारत लाने की तैयारी की जा रहीसीएम बिस्वा ने यह भी बताया था कि गायक के पार्थिव शरीर को लोगों के अंतिम दर्शन के लिए सरुसजाई स्टेडियम में रखा जाएगा साथ ही बोले किगायक के पार्थिव शरीर के आने के बाद अन्य सभी व्यवस्थाएं की जाएंगी। वहीं दिवंगत गायक के परिवार ने कहा कि जुबीन गर्ग राज्य के लोगों के हैं, इसलिए वे ही तय करेंगे कि उनका अंतिम संस्कार कैसे किया जाएगा. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जानकारी दी है कि जुबीन गर्ग के शवको भारत लाने की तैयारी की जा रही है.
एच-1बी वीजा पर ट्रंप की सख्ती, भारतीय पेशेवरों को देना होगा $1 लाख अतिरिक्त शुल्क, IT कंपनियों पर सीधा असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एच-1बी वीजा पर सख्ती दिखाते हुए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया है. इसके बाद अब एच-1बी वीजापर अमेरिका जाने वाले हर पेशेवर को एक लाख डॉलर (करीब 88 लाख रुपये) का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यह आदेश 12 महीनों तक लागूरहेगा ऐसे में इसका अच्छा खासा असर भारतीय आईटी कंपनियों पर देखने को मिलेगा हालांकि ट्रंप प्रशासन की माने तो इस कदम को लेकर उनकाकहना है कि यह कदम वीजा सिस्टम के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया है. इस नए नियम से भारतीय कंपनियों जैसे टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो और टेक महिंद्रा पर सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि ये कंपनियां एच-1बी वीजा पर सबसे ज्यादा निर्भर करती हैं मामले में एक उदाहरण में बतायागया कि एक कंपनी को 2025 में 5,000 से ज्यादा एच-1बी वीजा मिले, लेकिन उसी समय कंपनी ने 15,000 अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी भीकी वहीं एक दूसरी कंपनी को 1,700 वीजा मिले, लेकिन उसने 2,400 अमेरिकी कर्मचारियों की नौकरी छीन ली. भारतीय पेशेवरों के लिए अमेरिका जाना और महंगा हो जाएगाइसके साथ ही एक तीसरी कंपनी ने 2022 से अब तक 27,000 अमेरिकी कर्मचारियों को निकाला, लेकिन उसे 25,000 से ज्यादा एच-1बी वीजामिले. अमेरिका की यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (यूएससीआईएस) के मुताबिक, साल 2025 में सबसे ज्यादा एच-1बी वीजा अमेजनको मिले हैं, जिसकी संख्या 10,044 है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को 5,505 वीजा के साथ दूसरा स्थान मिला है. इसके बाद अन्यकंपनियों को जैसे कि माइक्रोसॉफ्ट को 5,189 वीजा, मेटा (फेसबुक) को 5,123 वीजा, एप्पल को 4,202 वीजा, गूगल को 4,181 वीजा, डेलॉयट को 2,353 वीजा, इन्फोसिस को 2,004 वीजा, विप्रो को 1,523 वीजा और टेक महिंद्रा अमेरिका को 951 वीजा मिले हैं. बता दें कि ट्रंपके इस आदेश के बाद भारतीय पेशेवरों के लिए अमेरिका जाना और महंगा हो जाएगा. आगे भी बढ़ाया जा सकताभारतीय आईटी कंपनियों की अमेरिका में भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होगी दूसरी ओर अमेरिका में नौकरी ढूंढ रहे स्थानीय लोगों को राहत मिल सकती है. इस मामले में ट्रंप प्रशासन का कहना है कि एच-1बी वीजा का गलत इस्तेमाल हो रहा है। इसलिए ऐसा कदम उठाया गया है जारी आदेश में बतायागया है कि 2000 से 2019 के बीच अमेरिका में विदेशी विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित (एसटीईएम) वर्कर्स की संख्या 1.2 मिलियन सेबढ़कर 2.5 मिलियन हो गई है. कंप्यूटर और मैथ से जुड़ी नौकरियों में विदेशी वर्कर्स की हिस्सेदारी 17.7% से बढ़कर 26.1% हो गई है आईटीकंपनियां सस्ते विदेशी वर्कर्स लाकर अमेरिकियों की नौकरियां छीन रही हैं। गौरतलब है कि यह फैसला अभी एक साल तक लागू रहेगा, हालांकिप्रशासन ने इस बात का भी संकेत दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है.