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प्रशासन ने शारदीय नवरात्र में मंदिर ध्वस्त कर दिया?

बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल विरोध में मौके पर। यूपी के सिद्धार्थनगर का मामला। आरोप कि आधी रात बिना किसी सूचना के नौगढ़ विकास भवन के पास स्थित प्राचीन हिंदू मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। सांसद जगदंबिका पाल की आंखे हैरानी से फटी हुई हैं। वे बता रहे हैं कि ये मंदिर न तो आवागमन के रास्ते में था, न विकास भवन में था, न किसी को कोई दिक्कत थी। फिर ये क्यों किया गया? कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री को बताऊंगा।

कानपुर में पत्नी कुतर गई पति का आधा कान

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिला में अनवरगंज में पति-पत्नी के विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया. पानी भरने को लेकर झगड़े के दौरान पत्नी ने पति अमितसोनकर को पीटा और गुस्से में उसका आधा कान दांत से काट लिया। खून से लतपथ अमित थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज मेडिकल करवाया, दंपत्ति के बीच तलाक का मामला पहले से ही कोर्ट में चल रहा है। पति-पत्नी में विवाद होना एक आम बात है लेकिन उत्तर प्रदेश के कानपुर में इस विवाद ने ऐसा रूप लिया की पत्नी ने क्रोध में कुछ भयानक कर डालाउसने पति का कान दांतों से किसी चूहे की तरह चबा लिया, इस दौरान पत्नी ने पति को जमकर पीटा भी पति ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराईजिसके बाद पुलिस ने उसका मेडिकल कराकर जांच शुरू कर दी है। कानपुर के अनवरगंज इलाके में रहने वाले पीड़ित अमित सोनकर का एक लड़की से अफेयर चलता था. लड़की भी उनके पड़ोस में ही रहती थी. दोनोंका प्यार इतना परवानचढ़ा की 8 साल पहले उन्होंने शादी कर ली। शादी के बाद दोनों राजी खुशी रहने लगे लेकिन फिर पति-पत्नी में विवाद होने लगा. इसके बाद अमित ने तलाक का मुकदमा दायर कर दिया था. दोनों के बीच तलाक का मुकदमा चल रहा था, इसी दौरान मंगलवार को पानी भरने को लेकर पति पत्नी में विवाद हो गया।इसी दौरान विवाद इतना बढ़ा की पत्नी ने अमित को जमकर पीट दिया. इतना ही नहीं अमित ने उससे बचाव करने की कोशिश की तो उसने गुस्से मेंआकर अपने दांतों से उसका कान ही काट लिया। पत्नी ने ऐसा कान काटा की पति का आधा कान कटकर उसके मुंह में आ गया. अमित का पूरा चेहराखून से लाल हो गया. वह इसी हालत में थाने गया जहां पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज कर पीड़ित का मेडिकल करवाया। एडीसीपी सेंट्रल महेश कुमार का कहना है कि पति पत्नी के बीच तलाक का मुकदमा चल रहा था. उसी में विवाद हुआ. दिन में दोनों में मारपीट हुई. पति ने पत्नी के खिलाफ कान काटने की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इस पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

लखनऊ में 180 बीघा जमीन पर चल रही थी,17 अवैध प्लाटिंग LDA की बड़ी कार्यवाही से मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अवैध प्लाटिंग पर मंगलवार को एक बार फिर बुल्डोजर गरजा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने 180 बीघा क्षेत्रफल में चल रही 17 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया है। एलडीए ने जोन 1, 3, 4, 5 और 7 में यह कार्रवाई की है। जिसमें बीबीडी, सुशांतगोल्फ सिटी और बक्कास क्षेत्र में लगभग 90 बीघा अवैध प्लाटिंग को जमींदोज किया गया है। जबकि दुबग्गा में 56,000 वर्गमीटर में विकसित 5 अवैध कालोनियां ध्वस्त की गई है। दरअसल, राजधानी में अनियोजित और अवैध प्लाटिंग पर मंगलवार को LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन टीमों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाया। जिसमें लगभग 180 बीघा क्षेत्रफल में विकसित की जा रही 17 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया है। प्रवर्तन जोन-1 की जोनल अधिकारी संगीता राघव ने बताया कि बीबीडी और सुशांत गोल्फ सिटी थानाक्षेत्र के सिकन्दरपुर अमोलिया, सिकन्दरपुर खुर्द, देवरिया वबक्कास इलाकों में कार्रवाई की गई है। जोनल अधिकारी संगीता राघव ने बताया कि ओपी राय, अमित राय, जितेन्द्र मिश्रा, सतीश, देशराज, पवनयादव, हरिनाम, शरीफ, दुर्गेश, श्रीकांत, राम धीरज व अन्य द्वारा पांच स्थानों पर लगभग 90 बीघा क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। जिसपरकार्रवाई करते हुए अवैध प्लाटिंग को जमीदोंज कर दिया गया है। वहीं दुबग्गा ग्राम-कुसमोरा हलुआपुर में पांच अलग-अलग स्थानों पर लगभग56,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अवैध कालोनियां विकसित की जा रही थीं, जिन्हें ध्वस्त कर दिया गया है। इसी के साथ प्रवर्तन जोन-7 के अधिकारी माधवेश कुमार ने बताया कि दुबग्गा के ग्राम-कुसमोरा हलुआपुर में हुसनैन फखरूद्दीन, हरछठ लाल, सोनूपंडित, अनवर, संजय यादव, रामगोपाल यादव, अवधेश समेत अन्य लोग अवैध कालोनी विकसित कर रहे थे। प्रवर्तन टीम ने इन पांचों अवैध प्लाटिंगको ध्वस्त कर दिया गया है। इसी तरह प्रवर्तन जोन-4 के जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने बताया कि मडियांव के फैजुल्लागंज के गौरभीठ औरगाजीपुर बलराम क्षेत्र में दिनेश यादव, जगेताऊ, मनीष जैन, अशोक समेत अन्य लोग 3 अलग-अलग जगहों पर लगभग 60 बीघा क्षेत्रफल में अवैधरूप से प्लाटिंग कर रहे थे। इन तीनों अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया है।

योगी सरकार का छात्रवृत्ति वितरण ऐलान: छात्रों के लिए बड़ा तोहफा

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने छात्र-छात्राओं के हित में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी कदम उठाते हुए छात्रवृत्ति वितरण को समय सेपहले करने का ऐलान किया है। यह पहली बार होगा जब छात्रवृत्ति फरवरी-मार्च की बजाय सितंबर माह (नवरात्रि के दौरान) में वितरित की जाएगी।इस कदम से छात्रों को समय पर आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए और वे आत्मनिर्भर बन सकें। आगामी 26 सितंबर 2025 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं छात्रवृत्ति का वितरण करेंगे। इस कार्यक्रम में4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा। आपको बता दे कि पहले छात्रवृत्ति का वितरण वित्तीय वर्ष के अंत (फरवरी-मार्च) में होता था, जिससे छात्रों को पढ़ाई के बीच में आर्थिक समस्या कासामना करना पड़ता था। अब इसे सितंबर में शिफ्ट करने से छात्रों को नवरात्रि के दौरान ही धनराशि मिल जाएगी, जो उनके लिए दीपावली से पहलेएक बड़ा उपहार साबित होगी। इससे छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो और वे बिना चिंता के अपनी शिक्षा पर फोकस कर सकें। इसी के मद्देनजर योगीसरकार ने यह बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार कहा है कि “प्रतिभाशाली छात्र और छात्राएं आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई न छोड़ें।” यह कदमइसी दिशा में है, जहां छात्रवृत्ति को केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि शिक्षा में प्रेरणा और आत्मनिर्भरता का माध्यम माना जा रहा है। इसी क्रम में आपको बता दे कि 26 सितंबर को होने वाले वितरण में 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का मिलेगा। यह मुख्य रूप सेपिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए मददगार साबित होगा। जिससे उनकोआर्थिक सहायता में सहयोग मिल सकेगा। इसी के साथ आपको बताते चले कि वर्ष 2024 में प्रदेश के लगभग 59 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ मिला था। वर्ष 2025 में यहसंख्या बढ़कर 70 लाख से अधिक हो जाएगी। सरकार छात्रवृत्ति का दायरा लगातार बढ़ा रही है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद छात्र लाभान्वितहो सके।

एक्शन में योगी आदित्यनाथ राज्य कर की डिप्टी कमिश्नर सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य कर विभाग की डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ का एक्शन लेते हुए बरेली की फर्म को गलततरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ पहुंचाने के मामले में तत्कालीन सहायक आयुक्त राज्य कर श्रद्धा कुमारी को सस्पेंड कर दिया है। उत्तर प्रदेश केमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य कर विभाग की डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए बरेली की फर्म को गलत तरीके सेइनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ पहुंचाने के मामले को लेकर श्रद्धा कुमारी को निलंबित करने का फरमान जारी किया है। आपको बता दे कि राज्य कर विभाग के विशेष सचिव श्याम प्रकाश नारायण की ओर से जारी किए गए आदेशों के अंतर्गत निलंबित की गई श्रद्धाकुमारी मौजूदा समय में प्रयागराज में उपायुक्त के पद पर तैनात है। सस्पेंड की गई राज्य कर विभाग की डिप्टी कमिश्नर श्रद्धा कुमारी पर आरोप लगा हैकि बरेली में रजिस्टर्ड फर्म कन्हैया इंटरप्राइजेज के डीम्ड अप्रूवल होने के बाद फील्ड विजिट रिपोर्ट में फार्म का रजिस्ट्रेशन कैंसिल किए जाने कीसिफारिश के बाद भी उसका रजिस्ट्रेशन कैंसिल नहीं किया गया, जिसकी वजह से उक्त फर्म ने एक करोड़ 78 लख रुपए के टैक्स को आईटीसी से सेटऑफ कर दिया, जिससे राज्य कर विभाग को राजस्व का नुकसान पहुंचा है।

उत्तर प्रदेश योगी सरकार का नया आदेश वाहनों पर जाति लिखाने पर भारी जुर्माना

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जातिगत भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राज्य में वाहनों परजाति-आधारित स्टिकर लगाने या नारे लिखवाने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना औरसंभवतः वाहन जब्ती शामिल हो सकती है। यह फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। आपको बता दे कि कार, बाइक या अन्य वाहनों पर जाति का नाम, स्टिकर या कोई भी जातिगत संकेत लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। ऐसा करनेपर मोटर वाहन कानून की धारा 179(1) के तहत जुर्माना लगाया जाएगा। पुराने नियमों के अनुसार, यह जुर्माना 500 से 1000 रुपये तक हो सकताहै, लेकिन नई नीति में इसे और सख्त बनाने की योजना बनाई गई है। इसी के साथ थानों में दर्ज एफआईआर गिरफ्तारी मेमो या किसी भी आधिकारिक दस्तावेज में आरोपी या व्यक्ति का नाम बताते समय जाति काउल्लेख नहीं किया जाएगा। केवल माता-पिता दोनों के नाम शामिल होंगे। जाति-आधारित रैलियां या जुलूस आयोजित करने पर भी प्रतिबंध लगेगा, जिससे राजनीतिक दलों पर इसका असर पड़ेगा। इसी के साथ सोशल मीडिया या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जाति-आधारित दुश्मनी फैलाने वालों केखिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश योगी सरकार ने दिए गए हैं। योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से इसकी जागरूकता फैलाने और अमल करने के आदेश दिएगए हैं। नागरिकों को ऐसी गतिविधियों की शिकायत करने के लिए सरल व्यवस्था उपलब्धता कराई जाए। आपको बता दे कि यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट के 19 सितंबर 2025 के फैसले पर आधारित है, जिसमें कोर्ट ने कहा था, कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में जातिवाद का पूर्ण उन्मूलन जरूरी है। कोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिया था कि सार्वजनिक दस्तावेजों, वाहनोंऔर साइनबोर्ड से जातिगत संदर्भ हटाए जाएं। हाईकोर्ट ने फैसले की प्रति मुख्य सचिव को भेजने का आदेश दिया, जो इसे मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्रालय और अन्य विभागों तक पहुंचाया जाएगा। योगी सरकार का कहना है कि यह कदम संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने और सर्वसमावेशी समाज बनाने के लिए है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारीबयान में कहा गया है कि , “राज्य में जातिगत पहचान को बढ़ावा देने के बजाय देशभक्ति और संविधान के प्रति श्रद्धा को प्राथमिकता दी जाएगी।” यह फैसला सामाजिक सद्भाव बढ़ाने और जातिवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। जन प्रतिनिधियों का मिला समर्थन* सामाजिक कार्यकर्ता और कई राजनीतिक दलों ने इसे स्वागतयोग्य बताया, कहा कि यह लंबे समय से चली आरही समस्या का समाधान योगी सरकार ने किया है। तो वही दूसरी ओर कुछ जाति-आधारित संगठनों ने इसे राजनीतिक नुस्खा करार दिया, लेकिन सरकार ने साफ किया कि यह न्यायिक आदेश का पालनकरना होगा।

करीब 2 साल बाद जेल से रिहा हुए आजम खा

समाजवादी पार्टी वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की रिहाई हो गई है। आजम खान सीतापुर जेल से बाहर आ गए हैं। सीतापुर जेल से बाहरआते ही सपा समर्थकों और बेटे अदीब ने उनका स्‍वागत किया। आजम खान जब सीतापुर जेल से बाहर निकले तो उनका वही पुरा अंदाज देखने कोमिला। वह काला चश्‍मा और सफेद कुर्ता पहन सीतापुर जेल से बाहर निकले, तो समर्थकों में जोश भर गया। आजम खान को 72 मामलों में जमानतमिल चुकी है, जिसमें हाल ही में क्वालिटी बार लैंड ग्रैब केस भी शामिल है. वे अक्टूबर 2023 से सीतापुर जेल में बंद थे। आजम के इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 23 महीनों बाद जेल से बाहर आए हैं। वह सुबह ही जेल से बाहर आने वाले थे, लेकिन बेलबॉन्ड में उनके पते में गलती पाए जाने के कारण रिहाई की प्रक्रिया में देरी हुई। जेल प्रशासन के अनुसार, बेल बॉन्ड भरते समय आजम खान का पतागलत दर्ज हो गया था। किसी भी कैदी की रिहाई के लिए बेल बॉन्ड में पूरा और सही पता अनिवार्य होता है. अगर पते में कोई त्रुटि या असंगति हो, तोपूरी प्रक्रिया को रोक दिया जाता है। कई मामलों का सामना कर रहे आजम खान के लगभग दो साल की कैद के बाद जमानत पर जेल से बाहर आए हैं। जिला प्रशासन ने किसी भी अप्रियघटना को रोकने के लिए सीतापुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी, लेकिन बड़ी संख्या मेंसमर्थक अपने वाहनों के साथ जेल के पास पहुंचने में कामयाब रहे. इससे ट्रैफिक जाम हो गया. ट्रैफिक पुलिस ने प्रतिबंधों का उल्लंघन कर जमा हुएकई वाहनों के चालान काटे। नगर क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) विनायक भोसले ने कहा, ‘धारा 163 लागू होने के बावजूद अफरा-तफरी और भीड़भाड़ थी. वाहनों को जेलके पास आने की अनुमति नहीं थी, लेकिन वे किसी तरह पहुंच गए. आगे की जटिलताओं से बचने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी.’ समाजवादी पार्टी केराष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक अनूप गुप्ता और जिला अध्यक्ष छत्रपति यादव समेत कई नेता और भारी संख्या में कार्यकर्ता खान का स्वागत करने केलिए जेल के बाहर मौजूद रहे।

यूपी में EC का एक्शन, CEO ने 127 दलों को भेजा कारण बताओ नोटिस, जानें क्या है। पूरा मामला

उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग की सख्ती अब राजनीतिक दलों पर भारी पड़ने लगी है। चुनाव आयोग के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचनअधिकारी CEO ने राज्य के 127 दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सभी दलों पर वित्तीय वर्ष 2023- 24 के लिए निर्धारित समयके भीतर अपने वित्तीय विवरण जमा न करने का आरोप है। यह कदम चुनाव आयोग द्वारा राजनीतिक दलों में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ाऔर सख्त कदम माना जा रहा है। आपको बता दे कि ये दल चुनाव आयोग ऑफ इंडिया (ECI) के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे। विशेष रूप से, वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के लिए वार्षिक ऑडिटेड खाते जमा करने की अंतिम तिथि तक नहीं जमा किए गए है, इसके अलावा 2019 से अब तकविभिन्न चुनावों जैसे विधानसभा और लोकसभा के चुनाव में भाग लेने के बावजूद, इन दलों ने चुनाव व्यय रिपोर्ट की तय सीमा के अंदर विधानसभाचुनाव के लिए 75 दिन और लोकसभा के लिए 90 दिन के भीतर जमा नहीं की है। इस कारण यह कदम चुनावी फंडिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित करनेके लिए उठाया गया है। आपको बता दे कि अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत पंजीकृत अनिवार्य हैं। इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया इस पूरे मामले में पारदर्शिताऔर सख्ती बरतने का निर्देश दिए था, जिसके तहत ये नोटिस जारी किए गए जिसके तहत 127 राजनीतिक दलों पर चुनाव आयोग द्वारा सख्तकार्यवाही की गई है।

पीओके पर हमला नहीं, अब आवाज़ें करेंगी वापसी की मांग, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले, ‘वो दिन दूर नहीं जब पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर खुद कहेगा मैं भी भारत हूं’”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को भरोसा जताया कि भारत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को बिना किसी आक्रामक कदम के वापसहासिल करेगा. उन्होंने कहा कि अब वहां के लोग खुद ही मौजूदा शासन से आजादी की मांग कर रहे हैं राजनाथ सिंह मोरक्को में भारतीय समुदाय कोसंबोधित कर रहे थे. अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने कहा, पीओके तो अपने आप हमारा हो जाएगा आपने सुना होगा कि वहां अब आवाजें उठ रही हैं, नारे लग रहे हैं रक्षा मंत्री ने बताया कि उन्होंने पांच साल पहले भी ऐसी ही बात कही थी, जब वह जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के एक कार्यक्रम कोसंबोधित कर रहे थे उन्होंने कहा, मैं पांच साल पहले कश्मीर घाटी में सेना के एक कार्यक्रम में बोल रहा था तब भी मैंने कहा था कि हमें पीओके परहमला करके कब्जा करने की जरूरत नहीं होगी. वह तो पहले से हमारा है पीओके खुद कहेगा- मैं भी भारत हूं वो दिन जरूर आएगा.राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कई लोग सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पीओके पर कब्जाकरने का मौका गंवा दिया है. रक्षा निर्माण क्षमता के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभावयह सैन्य अभियान सात मई को शुरू हुआ था, जिसमें भारत ने कई पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों को मार गिराया था इसके अलावा, पाकिस्तान औरपाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कई सैन्य ठिकानों को तबाह किया गया था यहीं नहीं पाकिस्तानी के कई एयरबेस भी ध्वस्त किए गए थे इसकेबाद विपक्ष के कई नेताओं ने सरकार की आलोचना की थी कि जब भारत को संघर्ष में बढ़त मिली हुई थी, तब संघर्षविराम को क्यों स्वीकार कियागया.रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों दो दिन के मोरक्को दौरे पर हैं, जहां वह टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स की नई निर्माण इकाई का शुभारंभ करेंगे इस इकाई मेंआठ पहियों वाला बख्तरबंद सैन्य वाहन तैयार किया जाएगा यह अफ्रीका में भारत की पहली रक्षा निर्माण इकाई होगी। यह पहली बार है, जब कोईभारतीय रक्षा मंत्री मोरक्को की यात्रा पर गया है उन्होंने इस मौके को भारत की रक्षा निर्माण क्षमता के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का एक अहम पड़ावबताया है. ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र कियाभारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, हमारा भारत के प्रति समर्पण, स्नेह और प्रेम स्वाभाविक है हम दुनिया में कहीं भी रहें, यहनहीं भूलना चाहिए कि हम भारतीय हैं भारतीय होने के नाते हमारी जिम्मेदारियां भी दूसरों से अलग होती हैं अगर हम मोरक्को में अपनी रोजी-रोटी कमारहे हैं अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं, तो मोरक्को के साथ कोई बेईमानी नहीं होनी चाहिए, यही भारत का स्वभाव है उन्होंने कहा, मुझे यहदेखकर खुशी हो रही है कि आप सभी भार की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा को महसूस कर पा रहे हैं पहले जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कुछकहता था, तो उसे गंभीरता से नहीं लिया जाता था लेकिन आज भारत कुछ कहता है, तो पूरी दुनिया ध्यान देती है और सुनती है पहले ऐसा नहीं थातमाम वैश्विक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारत आज दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैराजनाथ सिंह ने कहा, भारत स्टार्टअप्स और नवाचारों का एक वैश्विक केंद्र बनता जा रहा है। 2014 में केवल 500 स्टार्टअप थे और आज यह संख्याबढ़कर 1.60 लाख हो गई है। 2014 में जहां केवल 18 यूनिकॉर्न थे, आज उनकी संख्या बढ़कर 118 हो गई है. रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान और पीओकेमें आतंकी ठिकानों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया उन्होंने कहा, क्या पार्ट-2 या पार्ट-3 होगा, यह कहना मुश्किल है। यहपाकिस्तान के व्यवहार पर निर्भर करता है.

जनता अब झूठे जश्न और फर्जी उत्सवों में नहीं बहलने वाली -लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह

राजधानी लखनऊ स्थित अपने कार्यालय में लोक दल पार्टी के अध्यक्ष सुनील सिंह ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी सरकार परजीएसटी के नियमों में बदलाव को लेकर आलोचना करते हुए कहा कि देश की जनता पर जबरन थोपे गए जीएसटी और महंगाई को लेकर सरकार नेखुलेआम जश्न मनाया था, लेकिन आज जीएसटी कम करके जनता को मूर्ख बनाकर फिर से जश्न मनवाया जा रहा है। एक तरफ बढ़ती महंगाई कोलेकर सरकार ने जश्न मनाया था, तो वही दूसरी ओर जीएसटी कम करके जश्न मनवाया जा रहा है। लोक दल पार्टी अध्यक्ष सुनील सिंह ने सरकार परनिशाना साधते हुए कहा कि महंगाई की मार झेल रही गरीब और मध्यवर्ग की जनता नरेंद्र मोदी सरकार के दोहरे मापदंड को पूरी तरह से समझ चुकीहै, जनता से वसूले गए अतिरिक्त कर और उनकी बर्बाद हुई कमाई का हिसाब कौन देगा? आगे उन्होंने कहा कि जनता को राहत देने की बजाय सरकारअपनी असफलताओं को उपलब्धि के तौर पर बात कर उत्सव मना रही है। जनता के धैर्य की भी एक सीमा होती है जनता झूठ और फर्जी उत्सवों मैंबहने वाली नहीं है महंगाई और जीएसटी के नाम पर नरेंद्र मोदी सरकार ने जनता को बस लूटने का काम किया है। लेकिन जनता के प्रकोप का सामनाइस सरकार को चुनाव में जरूर करना पड़ेगा।