केरल में सबरीमाला विवाद पर यूडीएफ का स्पष्ट पक्ष, कांग्रेस ने किया राजनीतिक आरोपों का खंडन

देशभर में इन दिनों केरल में स्थित सबरीमाला मंदिर को लेकर चर्चा तेज है ऐसे में जारी बहस के बीच कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ ने साफ किया है किउनकी किसी भी धार्मिक संगठन या समुदाय से कोई मतभेद नहीं है केरल में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने गुरुवार को कहा कि ‘ग्लोबल अयप्पासंगम’ में हिस्सा न लेने का फैसला एक राजनीतिक निर्णय था, किसी समुदाय के खिलाफ नहीं बता दें कि सतीशन की यह टिप्पणी उस वक्त आईजब दो प्रमुख हिंदू संगठन नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) और नारायण धर्म परिपालना (एसएनडीपी) योगम ने सबरीमाला मुद्दे पर सत्तारूढ़एलडीएफ (एलडीएफ) का समर्थन किया. वीडी सतीसन ने कहा कि हमारे और एनएसएस या एसएनडीपी के विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन इसकामतलब टकराव नहीं है हम अपने निर्णय पर कायम हैं, और यह सही था. मामले में सतीशन ने आगे केरल की एलडीएफ सरकार पर आरोप लगाया किउसने सबरीमाला की परंपराओं की रक्षा नहीं की, बल्कि महिलाओं की एंट्री को पुलिस सुरक्षा के साथ लागू करवाकर परंपराओं का उल्लंघन किया. लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने अल्पसंख्यकों को खुश कियाउन्होंने कहा कि हम ही थे जिन्होंने इन परंपराओं की रक्षा की कोशिश की. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर राज्य सरकार सच में भक्तों के साथथी, तो महिलाओं के प्रवेश के खिलाफ विरोध करने वाले हजारों एनएसएस कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को अब तक क्यों नहीं हटाया गया, जैसासरकार ने वादा किया था. इसके सात ही कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर चुनावी मौके पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया उन्होंने कहा किलोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने अल्पसंख्यकों को खुश किया, अब राज्य में होने वाले चुनाव से पहले बहुसंख्यकों को खुश करने की कोशिश कर रहेहैं. हिंदू वोटों की अनदेखी करने का आरोप भी लगायासतीशन ने इस बात की भी आलोचना की कि अयप्पा संगम के पोस्टरों में मुख्यमंत्री विजयन और देवस्वम मंत्री वीएन वसावन की तस्वीरें थीं, लेकिनभगवान अयप्पा की नहीं जो उनके अनुसार, इस आयोजन को राजनीतिक रूप से भुनाने की कोशिश थी. इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थिरुवंचूरराधाकृष्णन ने भी कहा कि यूडीएफ और एनएसएस के बीच कोई टकराव नहीं है और दोनों सबरीमाला की परंपराओं की रक्षा के लिए एक ही दिशा मेंकाम कर रहे हैं उन्होंने कहा कि सरकार का रुख ही बदला है, एनएसएस का नहीं गौरतलब है कि मामले में एनएसएस के महासचिव जी सुकुमारन नायरपहले ही कह चुके हैं कि वे अब सरकार पर भरोसा करते हैं, जिसने सबरीमाला की परंपराओं को बनाए रखने का वादा किया है उन्होंने कांग्रेस पर हिंदूवोटों की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका खारिज की, वाराणसी स्पेशल कोर्ट के फैसले को दी मंजूरी

रायबरेली के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से झटका लगा है स्पेशल कोर्ट वाराणसी के फैसले कोचुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है राहुल गांधी पर मुकदमा दर्ज होगा या नहीं अब स्पेशल कोर्ट इस मामले की सुनवाई केलिए कार्रवाई को आगे बढ़ा सकेगी यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की अदालत ने दिया है. यह मामला सितंबर 2024 का है राहुल गांधी ने अमेरिकामें एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर कहा था कि भारत में सिखों के लिए माहौल अच्छा नहीं है, क्या सिख पगड़ी पहन सकते हैं, कड़ा रख सकतेहैं और गुरुद्वारे जा सकते हैं? उनके इस बयान को भड़काऊ और समाज में विभाजनकारी बताते हुए विरोध हुआ था नागेश्वर मिश्रा ने इस बयान के खिलाफ सारनाथ थाने में एफआईआर दर्जवाराणसी निवासी नागेश्वर मिश्रा ने इस बयान के खिलाफ सारनाथ थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन सफलता न मिलने परउन्होंने अदालत का रुख किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) ने 28 नवंबर 2024 को यह कहते हुए वाद खारिज कर दिया कि मामला अमेरिका में दिएगए भाषण से जुड़ा है और यह उनके क्षेत्राधिकार से बाहर है। इसके बाद नागेश्वर मिश्रा ने सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दाखिल की जिसे 21 जुलाई 2025 को विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) की अदालत ने स्वीकार कर लिया. अब इस फैसले के खिलाफ राहुल गांधी ने हाईकोर्ट मेंपुनरीक्षण याचिका दाखिल की है दलील दी गई है कि वाराणसी अदालत का आदेश गलत, अवैध और अधिकार क्षेत्र से बाहर है लिहाजा जब तकयह मामला हाईकोर्ट में लंबित है तब वाराणसी अदालत के आदेश पर रोक लगाई जाए. रायबरेली के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुलगांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से झटका लगा है स्पेशल कोर्ट वाराणसी के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है
दिल्ली में आधुनिक ऑटोमेटेड पजल कार पार्किंग का उद्घाटन, जाम मुक्त राजधानी के लिए बड़ा कदम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया बड़ा एलान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को पंजाबी बाग श्मशान घाट में एमसीडी की ओर से बनाई गई अत्याधुनिक ऑटोमेटेड पजल कार पार्किंग काउद्घाटन किया और भारत दर्शन पार्क में अन्य पार्किंग प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य दिल्ली के सभीक्षेत्रों में अत्याधुनिक पार्किंग सुविधाएं विकसित करने का है इसके पीछे आम नागरिकों को राहत दिलाने और दिल्ली को एक आधुनिक व व्यवस्थितराजधानी बनाने की मंशा है हमारी पार्टी की नीति यही है कि हम शिलान्यास करते हैं तो लोकार्पण भी खुद करते हैं यानी जनता को सुविधाएं देने में देरीनहीं करते पिछली सरकार ने विकास कार्यों को ठप कर दिया था लेकिन भाजपा सरकार ने राजधानी के बुनियादी ढांचे को सुधारने की दिशा में ठोसऔर तेज कदम उठाए हैं. दिल्ली को जाम मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदमप्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सेवाभाव से प्रेरणा लेते हुए दिल्ली विकास की राह पर आगे बढ़ रही है सरकार का पहला वर्ष इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार कोसमर्पित है और आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन व स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती परश्मशान घाट के पास इस पार्किंग का लोकार्पण करना केवल विकास का उद्घाटन नहीं बल्कि कृतज्ञता का प्रतीक भी है ये परियोजनाएं न केवलट्रैफिक व्यवस्था को सुधारेंगी बल्कि लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने में भी अहम भूमिका निभाएंगी. वहीं, शहरी विकास मंत्री आशीषसूद ने कहा कि यह परियोजना दिल्ली को जाम मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. 88 गाड़ियों की क्षमता होगी जिस पर करीब 31.65 करोड़ रुपये खर्च होंगेहमारा लक्ष्य है कि हर क्षेत्र में ऑटोमेटेड पार्किंग सिस्टम विकसित हो ताकि लोग बिना तनाव के वाहन खड़ा कर सकें और ट्रैफिक व्यवस्था भी दुरुस्त होकार्यक्रम में सांसद कमलजीत सहरावत, उपमहापौर जयभगवान यादव, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन प्रवेश वाही भी मौजूद रहे. महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने कहा कि निगम जनता को सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयासरत है भाजपा की सरकार और निगम ने मिलकरविकास की नई गति दी है ये पार्किंग दिल्ली के नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी इस पार्किंग में 225 वाहनों की सुविधा है जिसे नौ मॉड्यूलमें तैयार किया गया है यहां किसी भी वाहन को सुरक्षित रूप से पार्क और निकालने में औसतन 150 सेकंड का समय लगेगा वहीं भारत दर्शन पार्क मेंबनने वाली पार्किंग में 188 गाड़ियों की क्षमता होगी जिस पर करीब 31.65 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
देशभक्त को सजा? सोनम वांगचुक के समर्थन में आम आदमी पार्टी का केंद्र सरकार पर हमला “जानें क्या कुछ कहा”

आम आदमी पार्टी ने लद्दाख को राज्य का दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को भाजपा शासित केंद्र सरकार केतमाम तंत्रों द्वारा विभिन्न तरीके से प्रताड़ित करने का कड़ा विरोध किया है. “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता व पंजाब केप्रभारी मनीष सिसोदिया ने सोनम वांगचुक को देशभक्त बताया अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के लिए काम कर रहे सोनम वांगचुक के साथभाजपा की केंद्र सरकार बहुत घटिया राजनीति कर रही है बेहद दुख होता है कि देश की बागडोर कैसे लोगों के हाथ में है ऐसे देश कैसे तरक्की करेगा.अरविंद केजरीवाल ने एक पोस्ट को साझा कर एक्स पर कहा कि सोनम वांगचुक के बारे में ये पढ़िए जो व्यक्ति देश के बारे में सोचता है, शिक्षा केबारे में सोचता है, नए नए आविष्कार करता है, उसको आज केंद्र सरकार का पूरा तंत्र बेहद घटिया राजनीति के तहत प्रताड़ित कर रहा है बेहद दुख होताहै कि देश की बागडोर कैसे लोगों के हाथ में है। ऐसे देश कैसे तरक्की करेगा? ट्रांस-हिमालयी क्षेत्र में सरकारी स्कूल प्रणाली में सुधार लानाउधर, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने एक्स पर कहा कि सोनम वांगचुक लद्दाख की आवाज़ के साथ-साथपूरे भारत के युवाओं की उम्मीद हैं सोनम वांगचुक की आवाज़ में एक शिक्षक की सादगी है, एक वैज्ञानिक का ज्ञान है, और एक सच्चे देशभक्त कीआत्मा है लेकिन आज भाजपा के राज में राजनीति का स्तर इतना गिर गया है कि एक सच्चे देशभक्त और शिक्षक को प्रताड़ित किया जा रहा है अगरदेश की कमान ऐसे लोगों के हाथ में है जो तुच्छ राजनीति से ऊपर उठ ही नहीं पा रहे, वहां विकास की उम्मीद करना ही बेकार है. अरविंद केजरीवाल नेजिस पोस्ट को एक्स पर साझा किया है उसमें सोनम वांगचुक की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है इसके अनुसार, शिक्षा सेमैकेनिकल इंजीनियर सोनम वांगचुक 30 सालों शिक्षा सुधार के क्षेत्र में कार्यरत हैं 1988 में उन्होंने एसईसीएमओएल की स्थापना की, जिसका उद्देश्यभारत के लद्दाख के ट्रांस-हिमालयी क्षेत्र में सरकारी स्कूल प्रणाली में सुधार लाना था सरकारी स्कूल व्यवस्था में सुधार लाने के लिए उन्होंने ऑपरेशनन्यू होप में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की. कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने का समर्थनसोनम वांगचुक ने परीक्षाओं में असफल रहे छात्रों के लिए लेह के पास एसईसीएमओएल अल्टरनेटिव स्कूल कैंपस की स्थापना की 2018 में वांगचुकको एक सुदूर इलाके में शिक्षण प्रणालियों में सुधार के लिए रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया था सोनम वांगचुक ने सौर ऊर्जा से गर्म होनेवाली कम लागत वाली ऐसी इमारतें डिज़ाइन और निर्मित कीं, जो मिट्टी से बनी हैं, लेकिन लद्दाखी सर्दियों में बाहर का तापमान -15 डिग्री सेल्सियसहोने पर भी +15 डिग्री सेल्सियस तापमान बनाए रखती हैं सोनम वांगचुक ने जलवायु परिवर्तन और तेजी से पिघलते ग्लेशियरों के कारण पर्वतीय क्षेत्रोंमें उत्पन्न जल संकट को हल करने के लिए कृत्रिम हिमनद ‘आइस स्तूप’ का भी आविष्कार किया, जो सर्दियों में बर्बाद हो रहे जल को विशाल बर्फ केशंकु या स्तूप के रूप में संग्रहीत करता है और वसंत के अंत में उस पानी को छोड़ देता है, जब किसानों को पानी की आवश्यकता होती है सोनम जम्मूवतन परस्त हिंदुस्तानी हैं जिन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने का समर्थन किया.
अखिलेश यादव ने फिर एक बार सरकार को गलत नीतियों को जनता के सामने रखा

राजधानी लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी ने अपने मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया आपको बताते चले यह अखिलेश यादव की आजम खान कीरिहाई के बाद पहली बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस थी,इसी के साथ कॉन्फ्रेंस में सपा के कई प्रमुख नेता भी मौजूद थे, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर जमकर निशानासाधा। उन्होंने किसानों, कारोबारियों की समस्याओं, महंगाई, छुट्टा पशुओं और जंगली जानवरों के हमलों जैसे मुद्दों पर योगी सरकार को घेरने काप्रयास किया। साथ ही, सपा में नए नेताओं के शामिल होने का स्वागत किया और 2027 विधानसभा चुनावों में PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन की सरकार बनाने का दावा भी किया । आपको बता दे कि राजनीतिक रणनीति को मजबूत करने और हालिया घटनाओं परप्रतिक्रिया देने अखिलेश यादव ने पूरा प्रयास किया है। अखिलेश ने कहा, 2027 में PDA की सरकार बनेगी, और किसानों की लड़ाई सपा लड़ेगी।” उन्होंने नोएडा से जुड़े किसान नेता क्रांतिकारी सुधीरचौहान का सपा में शामिल होने पर आभार जताया। महंगाई को लेकर योगी सरकार को नाकाम बताया और कहा कि कारोबारी वर्ग भी जीएसटीकाफी परेशान है। इसी के साथ अखिलेश ने कहा कि सरकार नाकामियों को छिपाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। उन्होंने सीएम योगी पर बनी फिल्म काभी जिक्र करते हुए तंज कसते हुए कहा कि “ये फ्लॉप होने से पहले ही फ्लॉप हो गई। डायलॉग्स बीप के साथ हैं या बिना?” इसी के साथ ही सरकारको वक्फ बिल और अन्य विवादास्पद मुद्दों पर सरकार की आलोचना भी है।
ग्रेटर नोएडा में पीएम मोदी ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज इंडिया एक्सपो मार्ट में उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 का भव्य उद्घाटनकिया। यह तीसरा संस्करण का आयोजन है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तैयार किया गया है। “अल्टीमेट सोर्सिंग बिगिन्स हियर” थीमपर आधारित यह मेगा इवेंट 25 से 29 सितंबर तक चलेगा और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, कृषि, सांस्कृतिक एवं नवाचार क्षमताओं को वैश्विक पटलपर प्रदर्शित करेगा। पीएम मोदी ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल व्यापार और निवेश का मंच है, बल्कियुवाओं, उद्यमियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए एक भविष्योन्मुखी इकोसिस्टम तैयार करने का माध्यम भी बनेगा। UPITS उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल का हिस्सा है, जो राज्य को निवेश और व्यापार का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक कदम है।यह आयोजन राज्य की विविध पहचान को हाइलाइट करता है, जहां शिल्प, संस्कृति और खान-पान का संगम होगा। पिछले संस्करणों की तरह इसबार भी 2,500 से अधिक प्रदर्शक (एक्जीबिटर्स) भाग ले रहे हैं, जिनमें 500 से ज्यादा विदेशी खरीदार शामिल हैं। रूस को पार्टनर कंट्री के रूप मेंआमंत्रित किया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगा। आयोजन का उद्देश्य MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम), स्टार्टअप्स, निर्यातकों और किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जाएगा। आपको बता दे कि व्यापार के अलावा, UPITS उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक आत्मा को जीवंत करेगा। जिसमें भोजपुरी, अवधी, बुंदेली और थारू लोकपरंपराओं के जीवंत प्रदर्शन, सूफी संगीत, कथक नृत्य और लाइट म्यूजिक प्रोग्राम शाम को आयोजित होंगे। इसी के साथ स्टार कलाकार जैसे दिनेशलाल ‘निरहुआ’, पद्मश्री मालिनी अवस्थी और प्रतिभा सिंह बघेल सहित तमाम कलाकार इस कार्यक्रम में शोभायमान होंगे।
छात्राओं की चुप्पी तोड़ी, चुप न हुआ ‘स्वामी, चैतन्यानंद पर फिर उठा यौन उत्पीड़न का परदा

देश की राजधानी दिल्ली के एक आश्रम में छात्राओं से छेड़छाड़ और अश्लील बातें करने के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी पर2009 में यौन उत्पीड़न का मुकदमा दिल्ली के एक थाने में दर्ज है. बाद में वह श्री श्रृंगेरी मठ के आधीन चलने वाले दिल्ली के वसंतकुंज इलाके में श्रीशारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट का प्रबंधक बन गया यहां पढ़ने वाली छात्राओं को परेशान करने के लिए आरोपी कई हथकंडे अपनाता था।कानून की पूर्व छात्रा जो यहां मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रही है उसने शिकायत नहीं की होती तो शायद यह मामला खुलता ही नहीं पुलिस अधिकारियों नेतहरीर के आधार पर बताया कि संचालक पर आरोप है कि तीन वार्डन पीड़ित छात्राओं को उसके पास ले जाती थीं. यहां आरोपी छात्राओं को फेलकरने, नंबर कम करने जैसी धमकी देकर उनके साथ छेड़छाड़ करता था उनके मोबाइल नंबर पर अश्लील मैसेज भी भेजता था पीड़ितों कई छात्राएंमध्यवर्गीय परिवार से हैं. दुष्कर्म की शिकायत नहीं दीपुलिस जांच में पता चला कि पार्थ सारथी के खिलाफ दक्षिण दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी थाने में वर्ष 2009 में और 2016 में यौन उत्पीड़न कामुकदमा दर्ज हैं. दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार छात्राओं की शिकायत के बाद श्री श्रृंगेरी मठ के प्रशासक पीए मुरली ने आरोपीके खिलाफ तहरीर दी है शिकायत में संस्थान की कुछ फैकल्टी और प्रशासनिक अधिकारियों का भी जिक्र था जो उसकी हरकतों में मदद करते थे.सवाल ये उठता है कि अगस्त, सितंबर करीब दो महीने की जांच के बाद पुलिस आरोपी स्वामी को गिरफ्तार क्यों नहीं कर पाई है. बताया जा रहा हैकि आरोपी की लोकेशन आगरा यूपी दिखी लेकिन इसके बाद भी पुलिस के हाथ खाली है. जिला पुलिस अधिकारियों की माने तो किसी भी छात्रा नेआरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत नहीं दी है सभी पीड़ितों ने सिर्फ छेड़छाड़ करने और अश्लील बातें करने की शिकायत दी है हालांकि पुलिसइस मामले में कई कोणों से भी जांच कर रही है कि कोई और विवाद तो नहीं है. यौन उत्पीड़न का मुकदमा दिल्ली के एक थाने में दर्जछात्राओं ने यह भी आरोप लगाया है कि चैतन्यानंद उन्हें जबरन छूने की कोशिश करता था विरोध करने पर शारीरिक संपर्क करने की कोशिश की औरइसके लिए कई तरह के दबाव भी बनाए. कथित तौर पर छात्राओं को डराया और धमकाया गया यह भी कहा जा रहा है कि इस मामले में कुछफैकल्टी के लोग भी जुड़े हैं आरोप है कि चैतन्यानंद ने छात्राओं को आवाज को दबाने के लिए अपनी ताकत और प्रतिष्ठा का इस्तेमाल किया. दिल्लीके एक आश्रम में छात्राओं से छेड़छाड़ और अश्लील बातें करने वाले स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ हैआरोपी पर 2009 में यौन उत्पीड़न का मुकदमा दिल्ली के एक थाने में दर्ज है.
टेक्नोलॉजी पर ज्ञान बांटने आए, लेकिन खुद ‘डिस्कनेक्टेड’ निकले “UNSC में ‘टेक्नोलॉजी टॉक’ और पाकिस्तान की ज़ुबानी ठोकर

वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की किरकिरी कोई नई बात नहीं है ऐसे में एक बार फिर पाकिस्तान को इसी तरह की बेज्जती का सामना तब करना पड़ाजब पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में आयोजित एक उच्च स्तरीय बहस के दौरान आर्टिफिशियलइंटेलिजेंस (एआई) पर बोल रहे थे। इस दौरान ख्वाजा ने एक नहीं, दो नहीं कुल सात बार अटक गए , जो कि सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनगया इतना ही नहीं इस बात को लेकर वे सोशल मीडिया पर खुब ट्रोल भी हो रहे हैं. बता दें कि ये बात तब की है जब यूएनएससी में ख्वाजा एआई कोदोहरे उपयोग वाली तकनीक बताया. उन्होंने कहा कि यह जहां सामाजिक-आर्थिक तरक्की में मदद कर सकती है, वहीं इसके गलत उपयोग सेअसमानताएं बढ़ सकती हैं और वैश्विक शांति को खतरा हो सकता है उन्होंने आगाह किया कि एआई के सैन्य इस्तेमाल को संयुक्त राष्ट्र चार्टर औरअंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत पूरी तरह नियंत्रित किया जाना चाहिए. फैसले लेने का समय कम हो जाएगापाकिस्तानी नेता ने आगे इशारों-इशारों में भारत-पाकिस्तान संघर्ष को लेकर भी बातें कही उन्होंने कहा कि हालिया भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरानएक परमाणु संपन्न देश ने एआई आधारित हथियारों और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जो एआई के सैन्य उपयोग के खतरे को दर्शाता है. इसदौरान आसिफ ने कहा कि ऐसी एआई तकनीकों का उपयोग, जिनमें मानव का कोई सक्रिय नियंत्रण न हो, प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। उन्होंनेखास तौर पर चेताया कि एआई आधारित हथियार और नियंत्रण प्रणालियां युद्ध की संभावनाओं को बढ़ा सकती हैं, जिससे फैसले लेने का समय कमहो जाएगा और कूटनीतिक प्रयासों का मौका घटेगा. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ सात बार अटक गएगौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तानी नेता ख्वाजा आसिफ ने एआई के खतरों को गंभीरता से उठाया, लेकिन उनका भाषण भाषाईगलतियों से भरपूर रहा, जिससे वैश्विक मंच पर एक बार फिर पाकिस्तान को बेज्जती का सामना करना पड़ा सोशल मीडिया पर जारी उनके वीडियो मेंवे कई बार वाक्यों को दोहराते या शब्दों को गलत उच्चारित करते दिखे, जिससे उनका भाषण सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का कारण बन गया.संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एआई पर बोलते हुए पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ सात बार अटक गए, जिससे वैश्विक मंच पर पाकिस्तान कीएक बार फिर किरकिरी हो गई भाषण के दौरान उन्होंने एआई के खतरों पर चेताया, लेकिन उनकी जुबान फिसलने के कारण सोशल मीडिया परजमकर ट्रोल हुए.
सोनम वांगचुक पर CBI की नजर, विदेशी फंडिंग को लेकर शुरू हुई जांच ” FCRA कानून उल्लंघन का शक”

लद्दाख के चर्चित शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के संस्थान के खिलाफ विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम(एफसीआरए) उल्लंघन को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच शुरू कर दी है. न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में सोनम वांगचुक नेखुद बताया कि करीब 10 दिन पहले सीबीआई की टीम उनके संस्थान हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ आल्टरनेटिव्स, लद्दाख (HIAL) पहुंची थी वांगचुकके मुताबिक, सीबीआई ने बताया कि यह जांच गृह मंत्रालय की शिकायत पर की जा रही है और आरोप लगाया कि संस्थान कथित तौर पर बिनाएफसीआरए अनुमति के विदेशी फंड प्राप्त कर रहा है बताया गया है कि मामले में जांच जारी है, हालांकि कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. वांगचुकने कहा, “हम विदेशी फंड पर निर्भर नहीं रहना चाहते हम अपना ज्ञान निर्यात कर राजस्व जुटाते हैं तीन ऐसे मामलों को विदेशी योगदान समझ लियागया, जबकि वे सेवा समझौते थे जिन पर सरकार को टैक्स भी चुकाया गया था ये समझौते संयुक्त राष्ट्र, एक स्विस विश्वविद्यालय और एक इटैलियनसंगठन से जुड़े थे. कार्रवाई एक क्रमबद्ध दबाव रणनीति का हिस्सासीबीआई टीम ने एचआईएएल और स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) से 2022 से 2024 तक की फंडिंग सेजुड़े दस्तावेज मांगे हैं हालांकि, वांगचुक का आरोप है कि जांच अधिकारी 2021 और 2020 के खातों के साथ-साथ संस्थान से जुड़े स्कूलों केकागजात भी मांग रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों ही स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मुफ्त शिक्षा देते हैं और एचआईएएल में छात्र विभिन्नपरियोजनाओं पर काम करने के बदले स्कॉलरशिप भी पाते हैं वांगचुक ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई एक क्रमबद्ध दबाव रणनीति का हिस्सा है।“पहले पुलिस ने मुझ पर राजद्रोह का केस दर्ज किया, फिर एचआईएएल को आवंटित जमीन वापस लेने का आदेश दिया अब सीबीआई और आयकरविभाग की जांच हो रही है लद्दाख में टैक्स नहीं लगता, फिर भी मैं स्वेच्छा से टैक्स देता हूं और उसके बाद भी नोटिस आ रहे हैं. वांगचुक ने लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने और राज्य का दर्जा देने की मांगहाल ही में वांगचुक ने लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने और राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर 10 सितंबर से भूख हड़ताल शुरू की थीइस बीच बुधवार को क्षेत्र में 1989 के बाद की सबसे गंभीर हिंसा हुई, जिसमें युवाओं ने भाजपा मुख्यालय और हिल काउंसिल को निशाना बनायाऔर वाहनों को आग के हवाले कर दिया हालात काबू में लाने के लिए पुलिस व अर्धसैनिक बलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े थे झड़पों में चारप्रदर्शनकारियों की मौत हो गई 30 पुलिस कर्मियों समेत 80 से ज्यादा लोग घायल हुए. मामले में गृह मंत्रालय की ओर से बयान जारी कर कहा गयाहै कि सोनम वांगचुक ने अपने भड़काऊ बयानों के माध्यम से भीड़ को उकसाया था हिंसक घटनाओं के बीच, उन्होंने अपना उपवास तोड़ा और स्थितिको नियंत्रित करने के लिए कोई व्यापक प्रयास किए बिना एम्बुलेंस से अपने गांव चले गए.
सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर लगाया फलस्तीन मामले में गहरी चुप्पी का आरोप, कहा- भारत को दिखाना चाहिए था नेतृत्व

कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक बार फिर फलस्तीन मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है उन्होंने मोदी सरकार परचुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत जैसे देश को इस मसले पर नेतृत्व दिखाना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार की इस मामले में प्रतिक्रियागहरी चुप्पी और मानवता व नैतिकता से पीछे हटने जैसी रही है सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार का रुख भारत के संवैधानिक मूल्योंया रणनीतिक हितों पर नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की निजी दोस्ती पर आधारित है कांग्रेस नेता नेमामले में चेताया कि इस तरह की व्यक्तिगत कूटनीति भारत की विदेश नीति का आधार नहीं बन सकती न्यूज एजेंसी पीटीआई के हवाले से बतायागया कि सोनिया गांधी ने ये बातें एक लेख के माध्यम से कही है जो कि द हिंदू नाम के एक अखबार में प्रकाशित हुआ और यह पिछले कुछ महीनों मेंफलिस्तीन मुद्दे पर उनका तीसरा सार्वजनिक लेख है. मदद की सप्लाई रोक दी गईइस लेख में सोनिया गांधी ने याद दिलाया कि भारत ने 1988 में फलस्तीन को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दी थी और ऐतिहासिक रूप सेफलस्तीन की जनता के अधिकारों का समर्थन किया है उन्होंने कहा कि भारत ने अफ्रीका में रंगभेद, अल्जीरिया की आजादी और बांग्लादेश के निर्माणजैसे मामलों में भी इंसाफ की लड़ाई में मजबूत भूमिका निभाई थी. सोनिया गांधी ने आगे कहा कि अक्तूबर 2023 में जब हमास ने इस्राइल पर हमलाकिया, उसके बाद से इस्राइल की जवाबी कार्रवाई नरसंहार जैसी रही है सोनिया गांधी ने आगे जिक्र किया कि इस संघर्ष में अब तक 55,000 सेज्यादा फलस्तीनी नागरिक मारे जा चुके हैं, जिनमें 17,000 से अधिक बच्चे शामिल हैं गाजा की स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि व्यवस्था पूरी तरह नष्ट होचुकी है उन्होंने कहा कि लोगों को भूखे मरने की कगार पर छोड़ दिया गया है और मदद की सप्लाई रोक दी गई है यहां तक कि खाने के लिए लाइन मेंलगे लोगों को गोली मारी गई है, जो अत्यंत अमानवीय है. विवादित दक्षिणपंथी वित्त मंत्री को दिल्ली बुलायाइस दौरान सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि इस गंभीर स्थिति के बीच भारत न केवल चुप रहा, बल्कि दो हफ्ते पहले इस्राइल के साथ निवेशसमझौता भी कर लिया और उसके विवादित दक्षिणपंथी वित्त मंत्री को दिल्ली बुलाया, जो फलस्तीनियों के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने वाले बयानोंके लिए बदनाम हैं।सोनिया गांधी ने फलस्तीनी संघर्ष की तुलना भारत की आजादी से की. उन्होंने कहा कि फलस्तीन के लोग भी दशकों से बेघर, शोषित और अपने हकसे वंचित रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें इतिहास से मिली संवेदना को साहस में बदलने की जरूरत है इसके सात ही उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे परचुप्पी को अब तटस्थता नहीं माना जा सकता ये समय है न्याय, आत्मनिर्णय और मानवाधिकारों के लिए खड़े होने का सोनिया गांधी ने कहा कि भारतको केवल विदेश नीति के नजरिए से नहीं, बल्कि अपनी नैतिक और सभ्यतागत विरासत के अनुसार इस मुद्दे को देखना चाहिए.