20 साल की अनदेखी और 10,000 का लालच, प्रियंका गांधी ने महिला संवाद में उठाई महिला सम्मान की आवाज़”

प्रियंका गांधी वाद्रा ने ‘महिला संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा– आप सब बहुत थक गई होंगी इतना इंतजार करते-करते, गर्मी भी है। तोसबसे पहले मैं आप सबको धन्यवाद देना चाहती हूं कि आप यहां आई हैं और एक-दूसरे की जो समस्याएं हैं, उनके बारे में आपने मुझे अवगत किया, उसके साथ-साथ आप मेरी बातों को भी सुनने के लिए आई हैं। देखिए, हम सब महिलाएं हैं और महिला होने के नाते हम एक-दूसरे को इस तरह सेसमझ पाते हैं, जिस तरह से दूसरे नहीं समझ पाते हैं। आदमी नहीं समझ पाते हैं, क्योंकि हमारा जीवन अलग होता है। चाहे आप गांव में गरीब महिलाहों, चाहे आप बड़े शहर में बड़े घर की महिला हों, महिला होने के नाते हमें संघर्ष का सामना करना होता है। किसी ना किसी तरह का संघर्ष हमेशाहमारे सामने आता है। जहां तक आपकी बात है, आप इतना संघर्ष कर रही हैं, इतने सालों से, 20 सालों से, जब से यह सरकार आई है… आपकोक्या मिला है? मैंने सबकी बातें सुनीं, एक महिला नहीं थी, आंगनबाड़ी की महिलाएं थीं, उनके प्रतिनिधि ने बोला, आशा बहुओं की प्रतिनिधि नेबोला, जीविका की महिलाओं की प्रतिनिधि ने बोला, स्वंयसेवक समूह की महिलाओं की प्रतिनिधि ने बोला और सबने एक ही बात कही कि हमेंसम्मान ही नहीं मिल रहा है। यही बात की, अगर ठोस तरीके से देखा जाए तो जो वेतन मांग रही हैं, जो कह रही हैं कि हम दिन-रात काम कर रहे हैं, हमें12 बजे रात को फोन आता है तो हम चले जाते हैं किसी की डिलीवरी कराने। हम अपने छोटे, 10 दिन के बच्चे को अपने साथ ले जाकर गए हैंकोविड के समय। काम करने के लिए, लेकिन हमारा सम्मानतो हमें 24 घंटे मौजूद होना पड़ता है, 24 घंटे तैयार होना पड़ता है काम करने के लिए, लेकिन हमारा सम्मान नहीं है, हमें वेतन ही नहीं मिलता। सबयही कह रहे हैं कि सरकार उनको जो मानदेय दे रही है कहीं 1,500, कहीं 3,000 यह कोई मानदेय है। आज के जमाने में आप बाजार जाओगी, आपको क्या मिलेगा 3,000 रुपए में, 1,000 रुपए में क्या मिलेगा आपको, आधी चीजें आप छोड़कर वापस आ जाएंगी और आपको महीने में1,000 रुपए दिए जा रहे हैं। त्यौहार आते हैं, बच्चों की शिक्षा करानी है, बच्चे बीमार पड़ जाते हैं, घर के छप्पर में कोई लीक आ जाता है, पानी आरहा है, उसकी मरम्मत करानी है, कैसे करते हैं आप यह सब और जब आपको बुलाया जाता है, आपको हाजिर होना पड़ता है। तो चाहे आप किसीपाठशाला में काम कर रहे हैं, चाहे आप मिड-डे मील पका रहे हैं, चाहे आप स्वास्थ्य की सुविधाओं में मदद कर रहे हैं, चाहे कुछ भी कर रहे हैं, आपके8 से 10 घंटे इसी काम में गुजरते हैं। आप घर आती हो तो यह नहीं है कि आराम से लेट सकती हो, आप घर आती हो तो आपको अपने बच्चों कोसंभालना है, उनकी पढ़ाई की देखरेख करनी है, किसी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है उसकी देखभाल करना है, पूरे घर को खाना खिलाना है, परिवारजनोको खाना खिलाना है और जब तक वह सब सोते नहीं हैं, तब तक आप सोती नहीं हो… सच है कि नहीं है? सच है ना। 20 सालों से यहां कौन सरकार में रहातो यह समाज और यह जो सरकारें हैं, यह आपका सम्मान क्यों नहीं कर रही हैं… यह मैं पूछना चाहती हूं, आपने सोचा है कि चुनाव आ रहा है, चुनावके आज शायद एक-डेढ़ महीने पहले हैं हम… चुनाव आ रहा है तो आपको 10,000 रुपए मिल रहे हैं, तो ऐलान हो गया है कि आपको 10,000 रुपए दिए जाएंगे। 20 सालों से यहां कौन सरकार में रहा, 20 सालों से किसने नीतियां बनाईं, 20 सालों से यह 10,000 रुपए आपको क्यों नहींदिए? अब चुनाव आ रहा है तो उन्होंने कह दिया है कि 10,000 रुपए आपको मिलेंगे, लेकिन यह नहीं कह रहे हैं कि हर महीने मिलेंगे, यह नहीं कहरहे हैं कि आपका मानदेय 10,000 रुपए हो जाएगा, कि उसको बढ़ाकर हम आपको 10,000 रुपए देंगे। यह सिर्फ यह कह रहे हैं कि अब बड़ीसंख्या में हम महिलाओं को 10,000 रुपए दे देंगे। क्यों, ताकि आप अपना वोट उनको दें। सिर्फ एक ही मकसद है, एक ही नीयत है। महिला परक्या बीतती है, महिला जब एक जगह से दूसरी जगह जाती है तो असुरक्षित महसूस करती है अपने आपको, अपराध बढ़ गए हैं महिलाओं पर, 10 गुनाबढ़ गए होंगे। यह जो लड़की अभी स्टेज पर आई थी, क्या कह रही थी… कि मैं जब कॉलेज जाती हूं दीदी मुझे डर लगता है। पढ़ाई के लिए जा रहीहै, घर से जा रही है, वापस आ रही है उसको डर लगता है, क्योंकि इस सरकार ने उसको सुरक्षित करने का कोई काम नहीं किया। महिलाओं केबलात्कार हो रहे हैं, अपराध हो रहे हैं महिलाओं पर, यह लोग एफआईआर दर्ज तक नहीं होने देते। जब आप एफआईआर दर्ज करने जाते हैं, मनाकिया जाता है। मैंने बार-बार, बार-बार यह देखा है। मैं यूपी में काम करती थी, पांच साल काम किया, मेरे ख्याल से हर हफ्ते, हर 10 दिन ऐसा एककेस आता था, जहां महिला पर अपराध हुआ है और उसके लिए कोई मदद नहीं है, कोई खड़ा नहीं हो रहा है उसको मदद करने के लिए, वह खुद खड़ीहै।
आप नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के नेतृत्व में ‘आप’ पार्षदों ने भाजपा की विफलताओं पर घेरा, जोरदार नारेबाजी”

दिल्ली नगर निगम में आम आदमी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के नेतृत्व में पार्टी के पार्षदों ने शुक्रवार को सदन के अंदर डेंगू, मलेरिया औरचिकनगुनिया के बढ़ते केस को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्षदों ने नारेबाजी कर मौसमी बीमारियों पर काबूपाने में नाकाम भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली में हर तरफ मच्छरों का प्रकोप है। एमसीडी का सदन भीमच्छरों से अछूता नहीं है। इसीलिए सभी “आप” पार्षद मच्छरदानी ओढ कर सदन के अंदर आए और भाजपा से इन मच्छरों के प्रकोप से बचाने कीमांग की। अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा की चार इंजन की सरकार ने मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर अभी तक कोई ठोस कदम नहींउठाया और ना तो कोई जागरूकता अभियान ही चला रही है, जिससे कि लोग जागरूक होकर खुद का बचाव कर सकें। आम आदमी पार्टी इस गंभीरमुद्दे पर सदन के अंदर चर्चा चाहती है लेकिन भाजपा सरकार इसके लिए भी तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा दिल्लीवासियों केहक़ और हितों की आवाज़ सड़क से सदन तक मजबूती से उठाती रही है और उठाती रहेगी।अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली में डेंगू, मलेरिया औरचिकनगुनिया के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। 2025 में अब तक दिल्ली में मलेरिया के 333 मामले आ चुके हैं। इस साल मलेरिया ने पिछलेपांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। चिकनगुनिया के मामले भी पिछले पांच साल की तुलना में सबसे ज्यादा हैं। यही हाल डेंगू का भी है। दिल्ली मेंमलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू तेजी से फैल रहे हैं। भाजपा के पास इनसे लड़ने की कोई ठोस कार्य योजना नहीं है। केजरीवाल सरकार के इस सफल कैंपेनअंकुश नारंग ने याद दिलाया कि जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे, तब आम आदमी पार्टी की सरकार 10 सप्ताह, 10 रविवार, सुबह10 बजे, 10 मिनट का एक कैंपेन चलाती थी। केजरीवाल सरकार के इस सफल कैंपेन का भाजपा के लोग मजाक उड़ाते थे। जबकि उस अभियान केजरिए लोगों के बीच जागरूकता बढ़ती थी। लोगों को पता होता था कि मलेरिया, चिकनगुनिया और डेंगू से कैसे लड़ना है। अगर कहीं पानी एकत्रितहै, तो वे उसे साफ करके इन बीमारियों से बच सकते हैं। केजरीवाल का विजन था कि लोग जितना जागरूक होंगे, उतना इन बीमारियों पर काबू पायाजा सकेगा।अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा सरकार ने इन मौसमी बीमारियों को काबू करने को लेकर कोई अभियान नहीं चला रही है और ना तोभाजपा की केंद्र, दिल्ली सरकार और एमसीडी के अस्पताल डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया का इलाज ही सुचारू रूप से दे पा रहे हैं। जब मेयर राजाइकबाल सिंह अपने सिविक सेंटर को ही मच्छर मुक्त नहीं कर सकते। तो पूरी दिल्ली को क्या मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया मुक्त करेंगे? जहांगीरपुरी जैसे इलाकों से रोजाना डेंगू-मलेरिया के मामले अंकुश नारंग ने कहा कि सिविल लाइन जोन के जहांगीरपुरी जैसे इलाकों से रोजाना डेंगू-मलेरिया के मामले आ रहे हैं, जिस जोन से महापौर राजाइकबाल सिंह खुद आते हैं। अगर महापौर अपने वार्ड, या अपने जोन में ही मौसमी बीमारियों को नहीं रोक पा रहे हैं, तो उनसे पूरी दिल्ली से डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के बढ़ते मामलों को रोकने की उम्मीद कैसे की जाए? अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा के मेगा सफाई अभियान सेमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मेयर राजा इकबाल सिंह की वीडियो आ रही हैं। वे साफ सड़कों पर कूड़ा फेंकवा कर उसे साफ करते हैं। जबकि जमीनी हकीकतइसके बिल्कुल उलट है। मेयर राजा इकबाल के ही जोन में आने वाला मजलिस पार्क, बुराड़ी का निरंकारी ग्राउंड, वजीराबाद के रामघाट, कादीपुरसहित पूरे सिविल लाइन जोन की हर गली, सड़क और चौराहे पर कूड़े के ढेर लगे हैं। जहां कभी पहले पांच टिपर होते थे, वहां अब एक टिपर आताहै। एमसीडी की सफाई वाली गाड़ियों का साइलेंसर रस्सी से बंधा है। ये गाड़ियां धक्के से स्टार्ट होती हैं। मेयर राजा इकबाल सिंह और पूरी भाजपाकूड़ा और मलबा उठाने में विफल है।
मनजिंदर सिंह सिरसा के नेतृत्व में DPCC ने आयोजित की ‘ब्रेथ ऑफ चेंज’ कार्यशाला, सड़क धूल प्रदूषण के समाधान पर रहा केंद्रित फोकस”

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के प्रभावी मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार ने आज एक दिवसीय“ब्रेथ ऑफ चेंज – क्लीन एयर डायलॉग” कार्यशाला और आईईसी एक्टिविटी का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सड़कों को कम्प्लीटस्ट्रीट्स के कॉन्सेप्ट में ढालकर धूल प्रदूषण से निपटना था। यह कार्यक्रम दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने राहगिरी फाउंडेशन के साथमिलकर आयोजित किया। इसमें 15 सरकारी एजेंसियों के 170 से ज्यादा इंजीनियर और टेक्नीशियन शामिल हुए, जिन्हें रोड रिडेवलपमेंट के साथधूल नियंत्रण के नई तकनीक और तरीके सिखाए गए। कार्यक्रम बहुत अहमइस मौके पर दिल्ली के माननीय पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा “यह कार्यक्रम बहुत अहम है क्योंकि सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व मेंदिल्ली सरकार ने धूल प्रदूषण से निपटने के लिए 24×7 सालभर की रणनीति बनाई है। ज़मीन पर इन योजनाओं को लागू करने वाले अधिकारियों कोट्रेनिंग देना उतना ही ज़रूरी है, क्योंकि किसी भी योजना की सफलता उसके सही अमल पर निर्भर करती है। हम लगातार सभी हितधारकों—सरकारीएजेंसियों, स्वतंत्र संस्थानों, एनजीओ, एक्सपर्ट्स, छात्रों और आम जनता से संवाद कर रहे हैं, क्योंकि प्रदूषण से लड़ाई सबके सहयोग से ही जीती जासकती है।” तकनीकी ढाँचे पर फोकसकार्यशाला में ‘कम्प्लीट स्ट्रीट्स’ बनाने के लिए तकनीकी ढाँचे पर फोकस किया गया, जिसमें शामिल थे.• इंटरसेक्शन, खाली ज़मीन और जल स्रोतों का टोपोग्राफिकल सर्वे• कॉन्टूर सर्वे, सतह की जाँच और लेवल का आंकलन• यूटिलिटी सर्वे (पानी की सप्लाई, सीवरेज, ड्रेनेज, बिजली, स्ट्रीट लाइटिंग, सीसीटीवी, आदि)• वेजिटेशन सर्वे—स्थानीय पेड़-पौधे, जैव विविधता और खास प्राकृतिक इलाकों की पहचान• सीएक्यूएम गाइडलाइंस पर आधारित मानक डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने की प्रक्रिया सीएक्यूएम रिसोर्स लैब ने इस कार्यक्रम मेंअहम भूमिका निभाई। यहाँ अधिकारियों को डिज़ाइन ड्रॉइंग्स में मानक लेजेंड बनाने, बेस्ट प्रैक्टिसेज़ साझा करने और एनसीआर शहरों के इंजीनियरों वस्टेकहोल्डर्स को ट्रेनिंग देने का मौका मिला। यह लैब आगे भी एनसीआर शहरों को सस्टेनेबल रोड डेवलपमेंट मॉडल अपनाने में मदद करेगी।
जब वादे अधूरे हों और आवाज़ें अनसुनी, तब सड़कों पर सन्नाटा नहीं, चुप्पी का शोर है शोर निराशा की धरती पर उबलता लद्दाख

लेह के निवासियों ने इससे पहले इस तरह के हालात नहीं देखे थे गत बुधवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद यहां कर्फ्यू दिया गया था हर कोने परनाका है सड़कों पर सन्नाटा और कंटीले तार लगे हैं। बीच-बीच में एंबुलेंस का सायरन गूंज रहा था. अच्छी बात यह थी कि इंटरनेट सेवा बहाल कर दीगई है युवा सोशल मीडिया पर सक्रिय रहे हर जुबां पर हिंसक प्रदर्शन का ही जिक्र था।कर्फ्यू की वजह से लोगों को अस्पताल तक पहुंचने में बेहददिक्कत हुई जगह-जगह पुलिस और सीआरपीएफ तैनात थी सड़क पर निकलने वालों को रोक-रोककर सख्ती से पूछताछ की जा रही थी केवलआवश्यक सेवाओं को कर्फ्यू से मुक्त रखा गया था। सड़कों पर गाड़ियां बेहद कम निकलीं वे भी पुलिस की पूछताछ से जगह-जगह रुककर ही आगेबढ़ पा रहे थे घरों में भी लोगों के बीच चर्चा लद्दाख के मुद्दों पर ही केंद्रित रही. व्यक्त की और वहां हुए जानी नुकसान को लेकर अफसोसऑल इंडिया लद्दाख स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष स्टेंजिन का कहना है कि जम्मू से भी बहुत से युवाओं के कॉल उनके पास आए वे लद्दाख केवास्तविक हालात जानना चाहते थे लद्दाख में जो प्रदर्शन हुआ उसकी जड़ में सबसे बड़ा मसला रोजगार था. युवा वर्तमान स्थिति से बेहद निराश थे औरउन्हें इस निराशा से निकलने का कोई ठोस रास्ता नजर नहीं आ रहा था. युवाओं के बीच सोशल मीडिया पर भी प्रदर्शन को लेकर ही बहस चलती रहीउन्होंने कुछ लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद पर निशाना साध रहे थे तो कुछ लद्दाख प्रशासन पर अलबत्ता, केंद्रीय गृह मंत्रालय से बैठक पर भीउनकी निगाहें लगी हैं मारे गए युवाओं के प्रति भी उनकी सहानुभूति खुलकर नजर आई. मीरवाइज मौलवी उमर फारूक ने लेह में हिंसक हालातों कोलेकर चिंता व्यक्त की और वहां हुए जानी नुकसान को लेकर अफसोस जाहिर किया इसके अलावा उन्होंने एक बार फिर उन्हें प्रशासन द्वारा घर परनजरबंद रखने का दावा किया. प्रमुख धार्मिक संगठनों के प्रमुख भाग लेने वालेमीरवाइज में एक्स पर किये गए एक पोस्ट में लिखा, लद्दाख में विरोध प्रदर्शनों में हुई बहुमूल्य मानव जानों की हानि से अत्यंत दुखी हूं. जम्मू-कश्मीरराज्य के विखंडन और निम्नीकरण के एकतरफा निर्णय तथा उसके बाद वहां के लोगों से किए गए अधूरे वादों के परिणाम स्वरूप ये दुर्भाग्यपूर्णपरिणाम सामने आ रहे हैं आशा है कि लद्दाख के लोगों से किए गए वादे पूरे होंगे और जानें बचेंगी. वहीं एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, आज मुझेफिर से कड़ी नजरबंदी में रखा गया है और मेरे घर की ओर जाने वाली गलियों में कंटीले तारों से बैरिकेडिंग कर दी गई है मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलेमा(एमएमयू) की एक बैठक जिसमें प्रमुख धार्मिक संगठनों के प्रमुख भाग लेने वाले थे आज मेरे आवास पर होनी थी
रोहिणी के रुख से राजद में हलचल, क्या परिवार में ही उठने लगी ‘फ्रंट सीट’ की जंग “जानें क्या कुछ कहा”

पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सियासी गलियारेमें कई बातें चल रही है अब तक केवल इस मामले में पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने प्रतिक्रिया दी थी अब राजद के सांसद, तेजस्वी यादव के करीबीसंजय यादव रोहिणी आचार्य के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि रोहिणी दीदी ने जो कहा, उसका संदर्भ हम सब भली-भांति समझतेहैं। पार्टी पूरी तरह से एकजुट है, और किसी प्रकार का कोई भ्रम या मतभेद नहीं है राजद में किसी तरह की गलतफहमी नहीं है. संजय यादव ने रोहिणीदीदी ने जो त्याग और बलिदान दिया है, उसे भाजपा और टोलर्स कभी नहीं समझ सकते हैं उन्होंने जितना महान बलिदान दिया, उसे भी भाजपा केलोग नहीं समझ पाए हैं जो लोग भ्रम फैलना चाहते हैं, उन्हें कोई फायदा नहीं होने वाला है. तीन-तीन बार प्रभारी बदल रहेपार्टी और लालू परिवार पूरी तरह से एकजुट है सबका एक ही लक्ष्य है कि भाजपा को हराना और इस सरकार को उखाड़ फेंकना जल्दी ही जनताभाजपा और उनके सहयोगियों को जवाब दे दी. संजय यादव ने कहा कि संजय यादव एक समर्पित कार्यकर्ता हैं, जिन्हें पार्टी अध्यक्ष द्वारा एकजिम्मेदारी सौंपी गई है, जैसे कई और कार्यकर्ताओं को दी गई है भाजपा चाहती है कि भ्रम फैले, लेकिन बिहार लोकतंत्र की जननी है बिहार ने हमेशालोकतंत्र को मजबूती दी है, और यह कभी नहीं सहेगा कि लोकतंत्र को चुनाव आयोग के जरिये कुचला जाए संजय यादव ने भाजपा पर सीधा हमलाकरते हुए कहा कि भाजपा को सबसे ज्यादा डर बिहार से है, क्योंकि यह एकमात्र राज्य है जहां उन्हें आज तक मुख्यमंत्री नहीं मिला इसीलिए वह तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं कभी दस-दस हजार रुपये बांट रहे हैं, कभी तीन-तीन बार प्रभारी बदल रहे हैं इससे साफ है कि उन्हें बिहार को लेकरकितनी चिंता है. रोहिणी की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल18 सितंबर को रोहिणी आचार्य ने कहा था कि वह लालू-तेजस्वी की जगह लेने की कोशिश करने वालों को देखना पसंद नहीं करती हैं उन्होंने सोशलमीडिया पर आलोक कुमार के पोस्ट को शेयर किया था इसके बाद संजय यादव के खिलाफ लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी है रोहिणी आचार्य ने जोशेयर किया है, उसमें लिखा है कि फ्रंट सीट सदैव शीर्ष के नेता-नेतृत्वकर्त्ता के लिए चिन्हित होती है और उनकी अनुपस्थिति में भी किसी को उस सीटपर नहीं बैठना चाहिए वैसे अगर “कोई” अपने आप को शीर्ष नेतृत्व से भी ऊपर समझ रहा है, तो अलग बात है 19 सितंबर को रोहिणी आचार्य नेअपने पिता लालू प्रसाद यादव को जीवनदान देने वाला फोटो-वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि जो जान हथेली पर रखते हुए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देनेका जज्बा रखते हैं, बेखौफी-बेबाकी-खुद्दारी तो उनके लहू में बहती है..” इधर, इस पोस्ट के कुछ ही घंटे बाद रोहिणी ने एक और पोस्ट किया उसमेंउन्होंने लिखा कि मैंने एक बेटी व बहन के तौर पर अपना कर्त्तव्य एवं धर्म निभाया है और आगे भी निभाती रहूंगी। मुझे किसी पद की लालसा नहीं है, नमेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है। मेरे लिए मेरा आत्म-सम्मान सर्वोपरि है रोहिणी की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुए.
व्हाइट हाउस में ट्रंप-शहबाज की मुलाकात: अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में नई गर्माहट, मोदी से दूरी के बीच निर्णायक कदम

अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ वार्ता की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जबअमेरिका ने हाल ही इस दक्षिण एशियाई देश के साथ संबंधों में गर्मजोशी के संकेत दिए हैं शरीफ उन आठ अरब और इस्लामी देशों के शीर्ष नेताओं मेंशामिल थे, जिन्होंने इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर ट्रंप से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान गाजा में जारी इस्राइल-हमास युद्ध को खत्मकरने की रणनीति पर चर्चा हुई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुलाकात से पहले ट्रंप ने शरीफ और और मुनीर को इंतजार करायापाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में यह सुधार उस समय आया है, जब ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंधों में खटास आई है ट्रंप के पहलेकार्यकाल में मोदी उनके सबसे करीबी वैश्विक नेताओं में से एक थे। लेकिन फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद भारत ने रियायती दरोंपर रूसी तेल की खरीद बढ़ा दी, जिससे संबंधों में तनाव आया। रूसी अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने के लिए ट्रंप ने तेल खरीदने को लेकर भारत परभारी टैरिफ लगाए हैं. पीएम मोदी ने इसके विपरीत ट्रंप को श्रेय देने से इनकार कर दियाइस बीच, अमेरिका और पाकिस्तान ने जुलाई में एक व्यापार समझौता किया, जिससे वॉशिंगटन पाकिस्तान के कथित तेल भंडारों से तेल निकालपाएगा इससे तेल भंडारों के विकास में मदद मिलेगी और इस्लामाबाद के लिए टैरिफ में भी कटौती की जाएगी. शरीफ गुरुवार को शाम करीब 5 बजेव्हाइट हाउस पहुंचे, उस समय ट्रंप कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर रहे थे और मीडिया से बात कर रहे थे दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात मीडियाके लिए बंद थी पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल शाम 6.18 बजे व्हाइट हाउस से रवाना हुआ. शरीफ ने इस साल पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव कमकरने के लिए ट्रंप प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए समर्थन दिया था, जिससे ट्रंप की नजरों में उनकी छविऔर मजबूत हुई है मई में भारत और पाकिस्तान के बीच एक युद्धविराम समझौता हुआ था, जिसने परमाणु हथियारों से लैस इन दो देशों के बीचदशकों में सबसे गंभीर सैन्य टकराव को रोक दिया था शहबाज शरीफ ने युद्धविराम समझौते में अमेरिका के शामिल होने की बात स्वीकार की लेकिनपीएम मोदी ने इसके विपरीत ट्रंप को श्रेय देने से इनकार कर दिया. मुलाकात ऐसे समय पर हुईट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ और फील्ड मार्शल से मुलाकात से पहले ओवल ऑफिस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, वो आ रहे हैं, और हो सकता है कि वो अभी इसी कमरे में हों मुझे नहीं पता, क्योंकि हम लेट हो गए हैं। ट्रंप ने आगे कहा, हमारे पास एक महान नेता आ रहे हैं – पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल फील्ड मार्शल एक बेहतरीन इंसान हैं और प्रधानमंत्री भी दोनों बहुत अच्छे हैं,और वो आ रहे हैं- हो सकताहै कि इस वक्त यहीं हो. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर सेमुलाकात की, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों में गर्माहट आई है यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी के संबंधों में दूरीआई है, खासकर रूस से तेल खरीद को लेकर.
अमित शाह ने कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन किया, मांगी ‘सोनार बांग्ला’ की कामना 2026 के बाद नई सरकार की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कोलकाता के मशहूर संतोष मित्रा स्क्वायर दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन किया इस मौके पर उन्होंने बंगालऔर देशवासियों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं और कहा कि नौ दिनों तक चलने वाला शक्ति की उपासना का यह पर्व आज पूरी दुनिया मेंलोकप्रिय हो गया है साथ ही उन्होंने इस दौरान मां दुर्गा से प्रार्थना की कि 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद बंगाल में ऐसी सरकार बने, जो राज्यको फिर से ‘सोनार बांग्ला’ (स्वर्णिम बंगाल) बना सके. गृह मंत्री ने कहा कि नवरात्रि और दुर्गा पूजा अब सिर्फ बंगाल और भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे पूरी दुनिया में सराहा जा रहा है उन्होंने कहा कि बंगाल की ये महान परंपरा अब वैश्विक पहचान बन चुकी है पूरे नौ दिन राज्य में शक्ति कीउपासना होती है उन्होंने कामना की कि यह पर्व बंगाल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाए और राज्य के विकास के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के‘विकसित भारत’ के सपने को साकार किया जा सके. ईश्वरचंद्र विद्यासागर को उनकी जयंती पर यादइस दौरान शाह ने दुर्गा पूजा की शुरुआत में हुई भारी बारिश और हादसों पर भी दुख जताया उन्होंने कहा, “त्योहार की शुरुआत एक दुखद घटना सेहुई, जहां 10 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। मैं उन सभी को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं गौरतलब है कि 23 सितंबर को कोलकाता और आसपासके इलाकों में मूसलधार बारिश से कम से कम 11 लोगों की मौत हुई थी. इसके सात ही इस मौके पर शाह ने महान समाज सुधारक और शिक्षाविदईश्वरचंद्र विद्यासागर को उनकी जयंती पर याद किया. सरकार बने जो राज्य को फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनाएउन्होंने कहा कि विद्यासागर जी ने बंगाल ही नहीं, पूरे भारत में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा योगदान दिया, खासकर महिलाओं की शिक्षा के लिए उन्होंनेअपना जीवन बंगाली भाषा और संस्कृति के लिए समर्पित किया इसके साथ ही अमित शाह ने सॉल्ट लेक स्थित ईस्टर्न जोनल कल्चरल सेंटर(ईजेडसीसी) में भाजपा समर्थित पश्चिम बंगा संस्कृति मंच के दुर्गा पूजा पंडाल का भी उद्घाटन किया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता केसंतोष मित्रा स्क्वायर दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन करते हुए बंगाल और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि 2026 केचुनावों के बाद बंगाल में ऐसी सरकार बने जो राज्य को फिर से ‘सोनार बांग्ला’ बनाए.
उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन का बयान द्रमुक की शिक्षा और छात्र कल्याण योजनाओं को कोई भी बदलने की हिम्मत नहीं करेगा

प्रसिद्ध द्रविड़ नेता सी.एन. अन्नादुरई के शब्दों का जिक्र करते हुए उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि अगर भविष्य में विपक्ष दल शिक्षा औरछात्रों के कल्याण को लेकर चल रही द्रमुक सरकार की योजनाओं को बदलने की सोचेंगे भी तो वह ऐसा करने से डरेंगे, क्योंकि उन योजनाओं से लाभपाने वाले लोग इसका विरोध करेंगे और उन्हें इसका सामना करना पड़ेगा. अन्नादुरई 1967 से 1969 के बीच मुख्यमंत्री थे उदयनिधि ने गुरुवार कोएक कार्यक्रम में उनकी उपलब्धियों की सूची दी इनमें राज्य का नाम मद्रास से बदलकर तमिलनाडु रखना, तमिल और अंग्रेजी की दो-भाषा नीति कोअपनाना, स्वाभिमान विवाहों को भी कानूनी मान्यता देने का भी जिक्र किया था। स्वाभिमान विवाह में बिना पंडित या धार्मिक रीति-रिवाजों के विवाहहोता है. करुणानिधि स्टालिन मुख्यमंत्री रहेंगेउदयनिधि ने कहा, अन्ना ने कहा था कि अगर उनके जो उत्तराधिकारी सत्ता संभालेंगे, उन तीन योजनाओं को खत्म करने की सोचेंगे तो उनके दिल में डररहेगा वह इस बात से डरेंगे कि लोग उनके खिलाफ क्या करेंगे और जब तक विरोधियों के मन में यह डर रहेगा, तब तक अन्ना मुख्यमंत्री रहेंगे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वह इसे आज के समय के हिसाब से बदलना चाहते हैं. उन्होंने कहा, हमारे मुख्यमंत्री और हमारी द्रविड़ मॉडल सरकार ने स्कूल केबच्चों के लिए नाश्ता योजना, पुडुमई पेन, तमिल पुधलवान और नान मुडलवान जैसी योजनाएं दी हैं भविष्य में अगर कोई विरोधी इन योजनाओं कोबदलने की सोच भी रखेगा तो उसके दिल में डर होगा वह चिंतित होगा क्योंकि इसके लाभार्थी और समर्थक इसका विरोध करेंगे जब तक ऐसा डररहेगा, मुथुवेल करुणानिधि स्टालिन मुख्यमंत्री रहेंगे. उन्होंने राज्य को नई पहचान दीउन्होंने बताया कि तमिलनाडु भारत का पहला राज्य है, जिसने 1920 में स्कूल के बच्चों के लिए मध्याह्न भोजन योजना शुरू की थी यह ऐतिहासिकउपलब्धि न्याय पार्टी ने सौ साल पहले शुरू की थी तमिल पुधलवान और पुडुमई पेन योजनाओं के तहत कॉलेज जाने वाले लड़के और लड़कियों कोहर महीने एक हजार रुपये की मदद मिलती है नान मुडलवान रोजगार केंद्रित कौशल विकास योजना है, जिसमें छात्रवृत्तियां भी शामिल हैं। नाश्तायोजना सरकारी और राज्य समर्थित स्कूलों के बच्चों को भोजन प्रदान करती है. उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि द्रमुक सरकार की शिक्षाऔर छात्र कल्याण योजनाएं इतनी लोकप्रिय हैं कि भविष्य में कोई भी विरोधी दल इन्हें बदलने की हिम्मत नहीं करेगा, क्योंकि जनता इसका विरोधकरेगी उन्होंने सी. एन. अन्नादुरई की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे उन्होंने राज्य को नई पहचान दी, वैसे ही मौजूदा योजनाएं भीबदलाव का प्रतीक हैं.
आंध्र प्रदेश विधानसभा में हंगामा टीडीपी के बालकृष्ण ने पूर्व सीएम जगन को ‘साइको’ कहा, YSRCP ने कड़ा विरोध जताया

आंध्र प्रदेश विधानसभा में उस समय भारी हंगामा शुरू हो गया जब तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के विधायक और मशहूर अभिनेता नंदमुरी बालकृष्ण नेपूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी को लेकर विवादित टिप्पणी की इसके बाद वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के विधायकों ने भी इसपरतीखी प्रतिक्रिया दी और पार्टी ने अभिनेता बालकृष्ण के बयान को गैरजिम्मेदाराना और असभ्य बताया. बता दें कि ये विवाद तब शुरू हुआ जब टीडीपीविधायक बालकृष्ण ने पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी को ‘साइको’ (मनरोगी) कहा बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा विधायक कमिनेनीश्रीनिवास ने पिछली YSRCP सरकार पर तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री की अनदेखी करने का आरोप लगाया उन्होंने कहा कि कई फिल्मी हस्तियों ने उससमय के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी से मिलने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया. बाद में जब अभिनेता चिरंजीवी ने हस्तक्षेपकिया, तब जाकर बैठक संभव हो पाई इस दौरान बालकृष्ण ने श्रीनिवास की बात को काटते हुए जगन को साइको कह दिया बस फिर क्या था, YSRCP विधायकों ने विरोध करना शुरू कर दिया. राजनीतिक फायदे के लिए इंसानियत और शिष्टाचार को भुला देनापूर्व सीएम पर टिप्पणी करने के बाद पूर्व मंत्री पर्नी वेंकट रमैया (नानी) ने बालकृष्ण को आड़े हाथों लिया उन्होंने कहा कि जगन ने हमेशा बालकृष्ण कासाथ दिया है उन्होंने बताया कि ‘अखंडा’ फिल्म की रिलीज से पहले बालकृष्ण खुद जगन से मिलने गए थे और जगन ने न सिर्फ मुलाकात की, बल्किअधिकारियों को हर संभव मदद देने का निर्देश भी दिया. इसके अलावा, जब बालकृष्ण के घर पर गोलीबारी की घटना हुई थी, तब भी जगन ने चिंताजताई थी और सहयोग दिया था साथ ही, बालकृष्ण से जुड़े बसवतारकम ट्रस्ट के बकाया बिल्स भी समय पर क्लियर किए गए थे नानी ने सवालउठाया कि क्या राजनीतिक फायदे के लिए इंसानियत और शिष्टाचार को भुला देना चाहिए? बालकृष्ण की ‘वीरा सिम्हा रेड्डी’ भी शामिलवहीं YSRCP नेताओं अंबाती रामबाबू और मारगनी भारत ने इसे लेकर टीडीपी, जनसेना, चंद्रबाबू नायडू, नारा लोकेश, पवन कल्याण और बालकृष्णपर हमला बोला उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने जनता को झूठी कहानियों” से गुमराह किया है मारगनी भारत ने कहा कि सच्चाई सामने आ गई है जगनने हमेशा फिल्म इंडस्ट्री का साथ दिया अब यह मौका परस्त राजनीति बंद होनी चाहिए. वहीं घटना के बाद विधानसभा मची हलचल को देखते हुएअभिनेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री चिरंजीवी ने एक बयान जारी कर स्थिति साफ करने की कोशिश की उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद फिल्म इंडस्ट्री कीसमस्याओं को लेकर मंत्री पर्नी नानी के माध्यम से जगन से मुलाकात की थी चिरंजीवी के अनुसार, जगन ने उनकी बात ध्यान से सुनी और सकारात्मकप्रतिक्रिया दी इसके बाद सरकार ने टिकट प्राइसिंग की नीति में बदलाव किया, जिससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री को फायदा हुआ, इसमें चिरंजीवी की फिल्म’वाल्टेयर वीरेय्या’ और बालकृष्ण की ‘वीरा सिम्हा रेड्डी’ भी शामिल थीं.
लेह हिंसा के बाद लद्दाख में तनाव, जयराम रमेश और अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा के बाद लद्दाख में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं राज्य के लोग केंद्र शासित प्रदेश को छठी अनुसूची में शामिल करनेऔर राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं इसी बीच कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश और आप पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंदकेजरीवाल ने भी केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है. जयराम रमेश ने कहा कि लद्दाख के लोगों की पीड़ा और गुस्सा सरकार की अंतरात्मा कोझकझोरना चाहिए उन्होंने आरोप लगाया कि लद्दाख के लोगों की जमीन और रोजगार के अधिकार खतरे में हैं स्थानीय प्रशासन का पूरा नियंत्रणउपराज्यपाल और नौकरशाही के हाथों में है उन्होंने कहा, ‘छह साल पहले जब लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था, तब लोगों की बड़ीउम्मीदें थीं लेकिन आज निराशा और असंतोष है चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर एकतरफा बदलाव किए हैं और प्रधानमंत्री ने 19 जून2020 को चीन को क्लीन चिट दी थी, जिससे स्थिति और अस्थिर हुई है. भाजपा बार–बार वादे करने के बावजूद उनका हक नहीं दे रहीउन्होंने यह भी कहा कि लद्दाख सांस्कृतिक, आर्थिक, पारिस्थितिक और रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है और यहां के लोग हमेशा से गर्वित भारतीय रहेहैं सरकार को सिर्फ बैठकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनकी मांगें पूरी तरह और जल्द से जल्द पूरी करनी चाहिए. वहीं आम आदमी पार्टीके राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सत्ता के नशे में चूर भाजपा सरकार जनता की आवाज को दबा रही हैऔर लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर कर रही है लद्दाख के लोग किसी विशेषाधिकार की नहीं बल्कि सिर्फ अपने संवैधानिक अधिकार- वोट देने औरअपनी सरकार चुनने की मांग कर रहे हैं, लेकिन भाजपा बार-बार वादे करने के बावजूद उनका हक नहीं दे रही. सरकार सत्ता के नशे में चूरकेजरीवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत ने अंग्रेजों से आजादी इसलिए नहीं ली थी कि जनता अंग्रेजों की जगह भाजपा की गुलाम बन जाएभगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों ने लोकतंत्र के लिए बलिदान दिया था, लेकिन आज भाजपा राज्यों को केंद्र शासित प्रदेश बनाकरजनता से उनके अधिकार छीन रही है अगर आज लद्दाख की आवाज को अनसुना किया गया, तो कल यह पूरे देश की आवाज बन जाएगी.इधर, लेह में धारा 163 के तहत पाबंदियां जारी हैं पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने, रैली और मार्च पर बैन है। किसी भी कार्यक्रम के लिएपहले से लिखित अनुमति लेना जरूरी है. लद्दाख में तनावपूर्ण हालात के बीच तमाम राजनीतिक दलों की तरफ से केंद्र सरकार पर निशाना साधा गयाहै इसमें कांग्रेस नेता जयराम रमेश और आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार सत्ता के नशे मेंचूर है