कांशीराम जी सफल हुए क्योंकि कांग्रेस अपना काम ठीक से नहीं कर पाई — राहुल गांधी का आत्मचिंतन

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे। जहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कांशीराम जयंती के अवसर पर आयोजित सामाजिक परिवर्तन दिवस कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांशीराम जी समाज में बराबरी की बात करते थे। कांग्रेस अपना काम पूरी तरह से नहीं कर सकी। यही कारण है कि कांशीराम जी सफल हुए। अगर कांग्रेस ठीक तरह से काम करती तो कांशीराम जी कभी सफल न होते। उन्होंने कहा कि अगर जवाहर लाल नेहरू जी जिंदा होते तो कांशीराम जी कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते और अब भाजपा ने सरकार के 85 प्रतिशत हिस्से की अनदेखी की है।राहुल गांधी ने कहा कि ब्यूरोक्रेसी में देख लीजिए, कार्पोरेट इंडिया में देख लीजिए, बड़ी-बड़ी कंपनियों के टॉप मैनेजमेंट की सूची निकालकर देख लीजिए आपको दलित, पिछड़ा और आदिवासी कहीं नहीं मिलेगा। किसी प्राइवेट अस्पताल में जाकर देख लीजिए। डॉक्टरों के नाम पढ़िए आपको एक दलित, पिछड़ा और आदिवासी नहीं मिलेगा। वहीं, मनरेगा मजदूरों की सूची निकाल लीजिए वहां पर 85 प्रतिशत दलित और पिछड़ा मिलेंगे। साइकोलॉजिकली खत्म कर दियाउन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार में दलित, आदिवासी और ओबीसी के लिए मौके कम किए जा रहे हैं। इंटरव्यू से बच्चों को निकाला जा रहा है। उन्हें पब्लिक सेक्टर में मौका नहीं मिल पाता है। हम सभी की बराबरी चाहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि हमारे संविधान में हमारे देश के हजारों साल की विचारधारा है। इसमें सावरकर की विचारधारा नहीं है। गोडसे की विचारधारा नहीं है। इसलिए वो लोग इसे नहीं मानते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ भी कह लें लेकिन वो संविधान की विचारधारा को नहीं मानते हैं। गांधी जी, आंबेडकर जी और कांशीराम जी ने बहुत मुश्किलें झेली पर वो कभी कंप्रोमाइज्ड नहीं हुए जबकि मोदी जी तो कंप्रोमाइज्ड हैं। हमने उन्हें पकड़ लिया है। हमने नरेंद्र मोदी को साइकोलॉजिकली खत्म कर दिया है। वो अमेरिका के दबाव में हैं। वो अब अमेरिका का काम कर रहे हैं।
“अमेरिका कौन होता है हमें बताने वाला?, संसद में गूंजी राहुल गांधी की दहाड़!

लोकसभा में गुरुवार को ईरान-इस्राइल युद्ध के चलते पैदा हुए उर्जा संकट पर राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने ईरान युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है। देश में एलपीजी को लेकर संकट है। स्ट्रीट वेंडर्स पर ज्यादा प्रभाव पड़ा है। अमेरिका कौन होता है हमें यह बताने वाला कि हम किससे तेल खरीदेंगे, किससे गैस खरीदेंगे? छोटे व्यापारी परेशान हो रहे हैं। राहुल गांधी में सदन में कहा कि हर कोई जानता है कि पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू हो गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध चल रहा है। इस युद्ध के दूरगामी परिणाम होने वाले हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है, उस मुख्य समुद्री रास्ते को बंद कर दिया गया है। इसका बहुत बड़ा असर पड़ेगा, खासकर हमारे देश पर, क्योंकि हमारे तेल और प्राकृतिक गैस का बहुत बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। पहेली को समझने की कोशिश कर रहाराहुल गांधी ने आगे कहा कि मुश्किलें अभी बस शुरू हुई हैं। रेस्तरां बंद हो रहे हैं। एलपीजी को लेकर लोगों में घबराहट फैल रही है। सड़क पर सामान बेचने वाले लोग प्रभावित हो रहे हैं और जैसा मैंने कहा, यह सिर्फ शुरुआत है। किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है और मैं यह बात हल्के में नहीं कह रहा हूं, लेकिन अमेरिका को यह तय करने देना कि हम तेल किससे खरीदेंगे, गैस किससे खरीदेंगे, क्या हम रूस से तेल खरीद सकते हैं या नहीं और अलग-अलग तेल आपूर्तिकर्ता देशों के साथ हमारे संबंध कैसे होंगे, यह सब मानो सौदे में दे दिया गया है। ट्रंप के बयान को लेकर राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मेरे लिए यह हमेशा एक बहुत उलझाने वाली बात रही है कि भारत जैसा बड़ा देश किसी दूसरे देश को यह तय करने क्यों देगा कि हम किससे तेल खरीदें। क्यों किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति हमें अनुमति दें कि हम रूस से तेल खरीद सकते हैं या नहीं और हमारे अंतरराष्ट्रीय संबंध कैसे होंगे। यह मेरे लिए एक पहेली रही है और मैं इस पहेली को समझने की कोशिश कर रहा हूं।
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की तैयारी, 193 सांसदों ने नोटिस पर किए हस्ताक्षर!

लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 सांसदों ने एक नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की गई है। एक सूत्र ने गुरुवार को यह जानकारी दी। सूत्र के मुताबिक, इस नोटिस को कल किसी एक सदन में जमा किया जा सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि किस सदन में सौंपा जाएगा। इस बीच, विपक्ष के एक नेता ने कहा कि सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर करने में काफी उत्साह दिखाया है। आवश्यक संख्य पहले ही पूरी हो जाने के बावजूद गुरुवार को कई सांसद इस नोटिस पर हस्ताक्षर करने के लिए आगे आए। नियम के मुताबिक, सीईसी को पद से हटाने के लिए लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर होने जरूरी हैं। वहीं, राज्यसभा के 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी हैं। इसका मकसद भाजपा की मदद करनासूत्र ने बताया कि नोटिस पर इंडिया ब्लॉक के राजनीतिक दलों के सदस्यों ने हस्ताक्षर किए। एक अन्य सूत्र ने कहा, आम आदमी पार्टी (आप) के सांसदों ने भी इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि आप अब इंडिया ब्लॉक का हिस्सा नहीं है। यह पहली बार है, जब किसी मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए नोटिस दिया जा रहा है। एक उच्च पदस्थ सूत्र के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सात आरोप लगाए गए हैं। इनमें पद पर रहते हुए पक्षपाती और भेदभावपूर्ण आचरण से लेकर चुनावी धोखाधड़ी की जांच में जानबूझकर बाधा डालने और बड़े पैमाने पर लोगों को मताधिकार से वंचित करने जैसे आरोप शामिल हैं। विपक्ष दल कई बार मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोप लगा चुके हैं कि वह सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मदद करते हैं, खासकर जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में। इसके बारे में उनका आरोप है कि इसका मकसद भाजपा की मदद करना है।
केरल की धरती से पीएम मोदी का हुंकार ‘कांग्रेस के राजकुमार’ युवाओं की सोच नहीं समझते, अब राज्य में बदलेगा सत्ता का रिवाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोच्चि में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने त्रिशूर लोकसभा सीट और तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में भाजपा की जीत का जिक्र किया। उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा की यह सफलता अब पूरे केरल में फैलेगी। पीएम ने कहा कि केरल में एलडीएफ और यूडीएफ के बारी-बारी शासन करने के पुराने तरीके को बदलना अब बहुत जरूरी है। उन्होंने लोगों से अगले पांच साल एनडीए को सेवा का मौका देने की अपील की। उन्होंने जनता को ‘मोदी की गारंटी’ का भरोसा दिया। पीएम मोदी ने राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राजकुमार केरल और भारत के युवाओं की सोच को नहीं समझते। उन्होंने केरल के भविष्य के लिए अपनी योजना साझा की। उन्होंने कहा कि हम केरल को एआई (एआई) और भविष्य की नई तकनीक का बड़ा केंद्र बनाने के लिए काम करेंगे। भारतीयों को सुरक्षा मिले, हरसंभव सुविधा मिलेप्रधानमंत्री ने विदेश में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज का भारत अपने नागरिकों को कहीं भी मुसीबत में अकेला नहीं छोड़ता। पीएम मोदी ने कहा, “वेस्ट एशिया में जो कुछ हो रहा है, उससे आप सभी का चिंतित होना बहुत स्वाभाविक है। हमारे लाखों भाई-बहन वहां काम करते हैं। जब भी हमारा कोई देशवासी संकट में पड़ता है तो हमारी सरकार उसे सुरक्षित बचाने के लिए पूरी ताकत लगा देती है। आज का भारत अपने नागरिकों को संकट में अकेला नहीं छोड़ता है। आज भी हमारा प्रयास है कि युद्ध की हालत में फंसे भारतीयों को सुरक्षा मिले, हरसंभव सुविधा मिले।” इसके साथ ही पीएम ने खाड़ी देशों का भी आभार जताया जो विषम परिस्थिति में फंसे लोगों की मदद करने का प्रयास कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, “मुझे संतोष है कि गल्फ के हमारे सभी मित्र देशों की सरकारें भी हमारे देश के नागरिकों का पूरा ध्यान रख रही हैं। मैं उन सभी सरकारों का आभारी हूं। वहां हर देश में हमारे जो दूतावास हैं, हमारे मिशन हैं, वे 24/7 उनकी मदद कर रहे हैं। किसी को भी खाना-पीना चाहिए, मेडिकल हेल्प चाहिए, रहने की जगह चाहिए या कानूनी मदद चाहिए, तो इसे सुनिश्चित किया जा रहा है। लेकिन यह बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि कांग्रेस इतने बड़े वैश्विक संकट में भी राजनीति ढूंढ रही है।”
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के विकास को लेकर मंत्री कपिल मिश्रा की अहम बैठक

सरिता साहनी दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा, पर्यटन और श्रम मंत्री तथा उत्तर-पूर्वी दिल्ली के प्रभारी मंत्री कपिल मिश्रा ने क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक दिल्ली सचिवालय में आयोजित की गई, जिसमें सड़क चौड़ीकरण, भूमि अधिग्रहण और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक में दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट भी मौजूद रहे। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जिला अधिकारी (डीएम), एमसीडी के उपायुक्त, राजस्व विभाग के अधिकारी और कई अन्य संबंधित अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह था कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली और यमुनापार क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए और लोगों को बेहतर सुविधाएँ दी जा सकें। करावल नगर रोड के चौड़ीकरण पर विशेष जोरबैठक के दौरान मंत्री कपिल मिश्रा ने दयालपुर चौक से शिव विहार तिराहा तक जाने वाली करावल नगर रोड के चौड़ीकरण को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले इस सड़क का दोबारा सीमांकन (डिमार्केशन) किया जाए ताकि यह साफ हो सके कि सड़क की वास्तविक सीमा क्या है। मंत्री ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह काम अगले दो से तीन दिनों के भीतर पूरा किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस सड़क को लगभग 80 मीटर चौड़ा करने के लिए पूरा सर्वे एक महीने के अंदर किया जाए।इस सर्वे के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि सड़क को चौड़ा करने के लिए किन-किन जमीनों या संपत्तियों का अधिग्रहण करना जरूरी होगा। मंत्री ने कहा कि कोशिश यह होनी चाहिए कि कम से कम जमीन लेकर सड़क चौड़ीकरण का काम किया जाए ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो। यमुनापार क्षेत्र में विकास का नया दौरबैठक के दौरान कपिल मिश्रा ने कहा कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली और यमुनापार क्षेत्र में इस समय विकास का एक नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी राजधानी के अन्य हिस्सों की तरह अच्छी सड़कें, बेहतर यातायात और सभी जरूरी सुविधाएँ मिलें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए ताकि आम लोगों को जल्द से जल्द इसका फायदा मिल सके। मंत्री ने यह भी कहा कि सड़कें बेहतर होने से न केवल यातायात आसान होगा बल्कि व्यापार और रोज़गार के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देशों का पालन जरूरीबैठक में मंत्री कपिल मिश्रा ने यह भी बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विकास कार्यों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि हर परियोजना को समय पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की लगातार निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। अगर कहीं भी काम की गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन पर सही तरीके से लागू करना भी है। काली घटा रोड को भी किया जाएगा चौड़ा बैठक के दौरान काली घटा रोड के चौड़ीकरण पर भी चर्चा की गई। मंत्री कपिल मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस सड़क को लगभग 60 फीट चौड़ा करने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।उन्होंने राजस्व विभाग को कहा कि साइट का सर्वे जल्द पूरा किया जाए। इसके साथ ही एमसीडी को भी निर्देश दिया गया कि इस परियोजना से जुड़ा प्रस्ताव वार्ड समिति से जल्द पारित कराया जाए ताकि आगे की प्रक्रिया में कोई देरी न हो। यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने की योजनाबैठक के अंत में मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली और करावल नगर क्षेत्र में तेजी से आबादी बढ़ रही है। ऐसे में यातायात की समस्या भी बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि सड़क चौड़ीकरण और नई विकास योजनाओं के माध्यम से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। बेहतर सड़कें बनने से लोगों को आने-जाने में आसानी होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या भी कम होगी। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएँ मिल सकें। लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में कदमइस बैठक के माध्यम से दिल्ली सरकार ने यह स्पष्ट किया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के विकास को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है। मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सड़कें बनाना ही नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। जब सड़कें अच्छी होंगी, यातायात बेहतर होगा और बुनियादी सुविधाएँ मजबूत होंगी, तो इसका सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा। आने वाले समय में उत्तर-पूर्वी दिल्ली और यमुनापार क्षेत्र में कई बड़े विकास कार्य देखने को मिल सकते हैं, जिससे यह क्षेत्र और अधिक विकसित और सुविधाजनक बन सकेगा।
ईरान-इस्राइल-अमेरिका युद्ध से एलपीजी संकट की आशंका, मोदी ने हाई-लेवल बैठक बुलाई

ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच युद्ध के कारण रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में रसोई गैस की संभावित कमी से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के असर देश के उपभोक्ताओं को बचाने के लिए रणनीतिक योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। मौजूदा संकट की वजह होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना बताया जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल की सैन्य कार्रवाई व ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद यह समुद्री मार्ग बंद हो गया है। यह मार्ग भारत की उर्जा सुरक्षा के लिए बहुत अहम है, क्योंकि देश अपनी कुल एलपीजी जरूरत का करीब 62 फीसदी आयात करता है। जमाखोरी और काला बाजारी को रोका जा सकेभारत में हर साल करीब 31.3 मिलिटन टन एलपीजी की खपत होती है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एलपीजी वितरण को दो हिस्सों में बांटा है। घरेलू क्षेत्र यानी घरों में इस्तेमाल होनी वाली गैस कुल खपत का 87 फीसदी है। वहीं, होटल, रेस्तरां और उद्योग जैसे व्यावसायिक क्षेत्र 13 फीसदी गैस का इस्तेमाल करते हैं। सरकार ने आम लोगों और घरों को ध्यान में रखे हुए घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है। इसकी वजह बाजार कीमत पर मिलने वाले वाणिज्यिक सिलिंडर पर निर्भर होटल, रेस्तरां और उद्योगों को भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस कमी का असर मुंबई और बंगलूरू जैसे बड़े शहरों में भी दिखने लगा है। इस पर इंडिया होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने भी चिंता जताई है। संकट से निपटने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय ने कई आपात कदम उठाए हैं। रिफाइनरी को निर्देश दिया गया है कि वे पेट्रोकेमिकल उत्पादन कम करके एलपीजी का उत्पादन ज्यादा से ज्यादा बढ़ाएं। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस सिलिंडर की दोबार बुकिंग का समय 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है, ताकि जमाखोरी और काला बाजारी को रोका जा सके।
मोदी सरकार का बड़ा फैसला, सीमा से जुड़े देशों के लिए FDI नियम आसान

केंद्र सरकार ने विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम उठाते हुए, चीन सहित भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों को आसान बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने इस बहुप्रतीक्षित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत का चीन के साथ व्यापारिक घाटा लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इस अहम फैसले के तहत सरकार ने 2020 में जारी ‘प्रेस नोट 3’ के प्रावधानों में ढील दी है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय कंपनियों के अवसरवादी अधिग्रहण को रोकने के लिए यह सख्त नियम लागू किया गया था। पुराने नियमों के अनुसार, भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों- चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमार और अफगानिस्तान- से आने वाले किसी भी निवेश के लिए सरकार की पूर्व मंजूरी अनिवार्य कर दी गई थी। अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगेगौरतलब है कि जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के बीच संबंधों में भारी तनाव आ गया था। इसके परिणामस्वरूप, भारत सरकार ने टिकटॉक, वीचैट और यूसी ब्राउजर जैसे 200 से अधिक चीनी मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। देश में रणनीतिक बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए भी केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि ‘स्ट्रैटेजिक इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कनेक्टिविटी इन्वेस्टमेंट एजेंडा 2024’ के तहत कैबिनेट ने कुल 8.8 लाख करोड़ रुपये की विभिन्न महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को अपनी मंजूरी दे दी है। इन फैसलों में रेलवे, हाईवे, एविएशन और ग्रामीण जल आपूर्ति जैसे प्रमुख सेक्टर्स शामिल हैं, जो अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
महंगाई की आग में झोंका जा रहा है देश — गैस के दामों में भारी बढ़ोतरी जनता के साथ अन्याय- सुनील सिंह

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने घरेलू गैस और पाइप्ड गैस के दामों में हाल ही में की गई भारी बढ़ोतरी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण आम जनता पहले से ही महंगाई की मार झेल रही है, और अब गैस के दामों में 60 से 120 रुपये तक की बढ़ोतरी करके लोगों की कमर तोड़ने का काम किया गया है।लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की सरकार ने जानबूझकर देश को महंगाई की आग में धकेल दिया है। एक तरफ सरकार “आपदा को अवसर” बताने की बात करती है और दूसरी तरफ इसी माहौल का फायदा उठाकर बड़ी कंपनियों को मुनाफा कमाने का खुला मौका दिया जा रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगपति Gautam Adani की कंपनी Adani Total Gas Limited (ATGL) ने गैस के दाम लगभग तीन गुना तक बढ़ा दिए हैं, जिससे आम उपभोक्ता, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।लोकदल ने कहा कि जब देश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक दबाव से जूझ रही है, तब सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह लोगों को राहत दे। लेकिन इसके उलट सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाली नीतियां बना रही है।हमने ने मांग की है कि गैस और सिलेंडर के दामों में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
समुद्र में भारत का मानवीय मिशन, ईरानी जहाज ‘IRIS लावन’ को कोच्चि में दी शरण

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने एक मानवीय कदम उठाते हुए ईरान के जहाज आईरिस लावन को केरल के कोच्चि बंदरगाह पर रुकने की अनुमति दी। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि इस फैसले के लिए ईरान के विदेश मंत्री ने भारत का आभार भी जताया है। उन्होंने कहा कि इस समय ईरान के शीर्ष नेतृत्व से संपर्क करना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन भारत ने स्थिति को देखते हुए मानवीय आधार पर यह फैसला लिया। विदेश मंत्री ने संसद को बताया कि 28 फरवरी को ईरान ने अपने तीन जहाजों को भारतीय बंदरगाहों पर रुकने की अनुमति मांगी थी। भारत ने 1 मार्च को इसकी मंजूरी दे दी। इसके बाद आइरिस लावन 4 मार्च को कोच्चि पहुंचा। जहाज के चालक दल को फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में रखा गया है। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत को लगा कि ऐसा करना सही और मानवीय कदम था। भारतीय उपभोक्ताओं के हित को सबसे ऊपर रखा जाएगादरअसल, इससे पहले ईरान का एक और युद्धपोत आइरिस डेना डूब गया था। जानकारी के अनुसार यह जहाज श्रीलंका के गाले तट से लगभग 40 समुद्री मील दूर अमेरिकी पनडुब्बी के हमले में टॉरपीडो से नष्ट हो गया था। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। संसद में बोलते हुए डॉ. जयशंकर ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ सकता है, क्योंकि इस क्षेत्र से होकर गुजरने वाला हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार तेल की उपलब्धता, कीमत और जोखिम, तीनों बातों को ध्यान में रखकर फैसले ले रही है और भारतीय उपभोक्ताओं के हित को सबसे ऊपर रखा जाएगा।
भ्रष्टाचार, 170 टूटे फोन और प्राइवेट जेट… हाई कोर्ट में CBI ने खोली शराब घोटाले की फाइल

दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई हुई। दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तथा कुल 23 आरोपियों को आरोपमुक्त किया था। सीबीआई की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पक्ष रखा। दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़े केस की सुनवाई से रोक दिया है। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ट्रायल कोर्ट में चल रही ईडी मामले की कार्यवाही को तब तक के लिए टाल दिया जाए, जब तक कि सीबीआई की इस याचिका पर फैसला नहीं हो जाता। वहीं, अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले में जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के स्टेटमेंट पर भी रोक लगाई। मामले में सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। आज सुनवाई के दौरान केजरीवाल मनीष सिसोदिया या अन्य किसी भी आरोपी के तरफ से कोई भी पेश नहीं हुआ था। अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी। याचिका में दावा किया गयाएसजी तुषार मेहता ने हाई कोर्ट में कहा कि यह मामला पूरी तरह से भ्रष्टाचार का है, इस मामले में आरोपियों द्वारा कुल 170 फोन नष्ट किए गए हैं। कोरोना महामारी के दौरान जिस समय पूरा देश लॉकडाउन में था और आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंध था उस समय रिश्वत लेने देने के लिए प्राइवेट जेट तक का इस्तेमाल किया गया। ट्रायल कोर्ट के आदेश में अप्रूवर दिनेश अरोड़ा के बयानों को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया। दिनेश अरोड़ा इस मामले में महत्वपूर्ण गवाह है। उन्होंने बताया है कि मीटिंग्स में क्या हुआ। दिनेश अरोड़ा के बयानों को आरोप तय करने के स्टेज पर स्वीकार किए जाने चाहिए। सीबीआई ने अपनी 974 पेज की लंबी याचिका में निचली अदालत के फैसले को चौंकाने वाला और गैरकानूनी करार दिया है। एजेंसी का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया और जांच में सामने आए तथ्यों पर सही से विचार नहीं किया। याचिका में दावा किया गया है कि आबकारी नीति में साजिश रचकर कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का मामला स्पष्ट था, लेकिन निचली अदालत ने इसे नजरअंदाज कर दिया।