नेहरू ने जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ से मां दुर्गा के श्लोक हटाए, BJP नेता सी.आर. केसवन का दावा

वंदे मातरम से नेहरू ने जानबूझकर मां दुर्गा के श्लोक हटाए। ये दावा किया है भाजपा नेता सीआर केसवन ने। उन्होंने आज से 89 साल पहले महाराष्ट्रके फैजपुर में आयोजित इंडियन नेशनल कांग्रेस के फैजपुर अधिवेशन का जिक्र कर कहा कि जानबूझकर कांग्रेस पार्टी ने देश के राष्ट्रीय गीत- वंदेमातरम में बदलाव किए। बकौल केसवन, 1937 में जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में वंदे मातरम से देवी दुर्गा की स्तुति वाले छंद हटा दिए गए। उन्होंनेआरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने ये फैसला कुछ सांप्रदायिक समूहों को खुश करने के लिए लिया। एक्स पर उन्होंने इस संबंध में पोस्ट किया है।इससे वंदे मातरम के मूल स्वरूप और मकसद को लेकर नई बहस छिड़ने की आशंका है। गौरवशाली वंदे मातरम के पूर्ण संस्करणबकौल केसवन, कांग्रेस पार्टी ने वंदे मातरम के केवल पहले दो छंदों को स्वीकार किया। कथित सांप्रदायिक कारणों से देवी दुर्गा का आह्वान करने वालेबाद के छंदों को छोड़ दिया गया। भाजपा प्रवक्ता केसवन ने वंदे मातरम की तुलना वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित समारोहसे की। बता दें की वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में पीएम मोदी की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस समारोह मेंवंदे मातरम के पूर्ण संस्करण का सामूहिक गायन भी किया गया। इस समारोह का उल्लेख करते हुए भाजपा नेता केसवन ने कहा, ‘हमारी युवा पीढ़ी केलिए यह जानना जरूरी है कि किस तरह नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस पार्टी ने अपने सांप्रदायिक एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए 1937 के फैजपुरअधिवेशन में पार्टी के राष्ट्रीय गीत के रूप में केवल एक संक्षिप्त वंदे मातरम को अपनाया था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वंदे मातरम के 150वेंस्मरणोत्सव का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद पूरे देश में गौरवशाली वंदे मातरम के पूर्ण संस्करण का सामूहिक गायन होगा।’ शब्दों को देवी से संबंधित मानताउन्होंने एक्स पोस्ट में विस्तार से जारी बयान में लिखा, वंदे मातरम किसी विशेष धर्म या भाषा से संबंधित नहीं है, लेकिन उन्होंने कांग्रेस पर इसे धर्म सेजोड़कर और देवी के प्रति भक्तिपूर्ण आह्वान को हटाकर ‘ऐतिहासिक पाप और भूल’ की है। केसवन ने आरोप लगाया कि नेहरू के नेतृत्व वाली कांग्रेसने धार्मिक आधार का हवाला देते हुए जानबूझकर वंदे मातरम के उन छंदों को हटा दिया, जिनमें देवी मां दुर्गा की स्तुति की गई थी। भाजपा नेताकेसवन ने दावा किया है कि 20 अक्तूबर, 1937 को नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कथित तौर पर लिखा था कि गीतकी पृष्ठभूमि मुसलमानों को “चिढ़ा सकती है।” केसवन का दावा है कि नेताजी ने वंदे मातरम के पूर्ण और मूल संस्करण की पुरजोर वकालत की थी।भाजपा प्रवक्ता केसवन ने कांग्रेस की वैचारिकी को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा, 1 सितंबर, 1937 को लिखे एक पत्र में नेहरू ने द्वेषपूर्ण ढंग से वंदेमातरम पर टिप्पणी की है। केसवन ने पत्र के जिन अंशों को रेखांकित किया है, उसमें नेहरू कथित तौर पर लिखते हैं, ‘अगर कोई वंदे मातरम के शब्दोंको देवी से संबंधित मानता है तो ऐसी मानसिकता बेतुकी है।’
राहुल गांधी ने फिर साधा निशाना, ‘भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से हरियाणा चुनाव में हुई वोट चोरी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक बार फिर भाजपा पर वोट चोरी के आरोप लगाए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पूरा चुनाव चोरी कियागया और नरेंद्र मोदी, चुनाव चोरी करके प्रधानमंत्री बने हैं। हालांकि भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि राहुल गांधीअपनी नाकामी को छिपाने के लिए देश के लोकतंत्र को बदनाम कर रहे हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘हमारे पास बहुत सारा मैटेरियल है। हमवोट चोरी का पर्दाफाश करने की प्रक्रिया जारी रखेंगे। हम भारत के जेन Z, युवाओं को साफ तौर पर दिखाएंगे कि नरेंद्र मोदी, चुनाव चोरी करकेप्रधानमंत्री बने हैं और भाजपा चुनाव चोरी करती है।’ बुधवार की अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘यह एक सामान्य सीबात है। मैंने अपनी प्रेजेंटेशन में दिखाया कि हरियाणा चुनाव, चुनाव नहीं था, और बड़े पैमाने पर चोरी हुई है।’ भाजपा के साथ मिलीभगतराहुल गांधी ने कहा कि ‘मेरे द्वारा लगाए गए सभी आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से कोई जवाब नहीं आया है और भाजपा लगातार चुनाव आयोगका बचाव कर रही है। लेकिन, वे मेरी कही बात को गलत नहीं बता रहे हैं।’ राहुल गांधी ने दावा किया था कि हरियाणा चुनाव के दौरान मतदाता सूचीमें 25 लाख एंट्री फर्जी थीं और चुनाव आयोग ने पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए भजापा के साथ मिलीभगत की थी। लोकसभा में विपक्ष केनेता ने कहा कि ‘मीडिया ब्राजीली मॉडल के मुद्दे को उठा रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह और चुनाव आयोग मिलकरसंविधान पर हमला कर रहे हैं।’ गांधी ने कहा कि संविधान कहता है – एक आदमी, एक वोट, लेकिन हरियाणा दिखाता है कि हरियाणा में एकआदमी, एक वोट नहीं था। एक आदमी था, कई वोट थे, एक ब्राजीलियाई महिला का वोट था, एक महिला के पास एक ही बूथ में एक महिला की200 तस्वीरें थीं। यही काम वे बिहार में करने जा रहे हैं, उन्होंने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी ऐसा किया है और हरियाणा में भी ऐसा हुआ है। औरगुजरात में भी यह बार-बार हो रहा है। तो यह मुख्य मुद्दा है।’
ईडी ने 68 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी मामले में अमर नाथ दत्ता को गिरफ्तार किया, जांच में रिलायंस पावर और नकली ईमेल डोमेन शामिल

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 6 नवंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत अमर नाथ दत्ता को गिरफ्तारकिया है। उन्हें 68 करोड़ रुपये से अधिक की जाली बैंक गारंटी (बीजी), जाली बीजी समर्थन और रिलायंस पावर लिमिटेड की सहायक कंपनी द्वारासोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसईसीआई) को फर्जी एसएफएमएस पुष्टिकरण जमा करने से जुड़ी मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिलेमें गिरफ्तार किया गया है। वह व्यापार वित्तपोषण में परामर्श सेवाएं प्रदान करने का दावा करता है। वर्तमान मामले में, वह कोलकाता निवासी है, जिसने फर्जी बीजी प्रदान करने में अशोक पाल और पार्थ सारथी बिस्वाल के साथ सक्रिय भूमिका निभाई थी। आरोपी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-04, पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली की अदालत में पेश किया गया। धोखाधड़ी से जमा किए गए बैंक गारंटीईडी ने इस मामले में दर्ज 3 एफआईआर के आधार पर उक्त केस की जांच शुरू की थी। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) मेंएसईसीआई द्वारा दर्ज एफआईआर संख्या 0079/2025 भी शामिल है। एसईसीआई, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत एकसार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम, रिलायंस पावर की सहायक कंपनी द्वारा धोखाधड़ी से जमा किए गए बैंक गारंटी के कारण 100 करोड़ रुपये से अधिकका नुकसान हुआ है। गौरतलब है कि 11/10/2025 को, रिलायंस पावर लिमिटेड के तत्कालीन मुख्य वित्तीय अधिकारी अशोक कुमार पाल को इसीमामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के सिलसिले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। ईडी के अनुसार, अशोक पाल की गिरफ्तारी उनके साथी, पार्थ सारथीबिस्वाल, एक शेल कंपनी- मेसर्स बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड के एमडी की गिरफ्तारी के बाद हुई है। संस्थाओं की भूमिका की जांच शामिलईडी ने अपनी जांच के दौरान खुलासा किया है कि एसईसीआई को गुमराह करने के लिए, जाली बैंक गारंटी को असली मानने के लिए, नकली ईमेलडोमेन sbi.17313@s-bi.co.in के ज़रिए एसबीआई के जाली समर्थन तैयार किए गए थे। इसके अलावा, ईडी ने वाणिज्यिक बैंकों के और भीनकली डोमेन की पहचान की है, जैसे ‘lndiabank.in‘, ‘lndusindbank.in‘, ‘pnblndia.in‘, ‘psdbank.co.in‘, ‘siliguripnb.co.in‘, ‘lobbank.co.in‘, और ‘unionbankofIndia.co.in‘। इनमें से प्रत्येक में एकल-वर्ण स्वैप या मामूली टेक्स्ट परिवर्तन का उपयोग किया गया है।इन नकली डोमेन का उपयोग एक ही समूह के लोग करते हैं। ईडी की जांच विभिन्न पहलुओं पर जारी है, जिसमें अपराध की आय के लाभार्थियों कीपहचान, धन के अंतिम उपयोग का पता लगाना, अपराध की आय से अर्जित संपत्ति और बड़ी साजिश तथा अतिरिक्त व्यक्तियों और संस्थाओं कीभूमिका की जांच शामिल है।
पीएम मोदी ने औरंगाबाद में की चुनावी सभा, वन रैंक वन पेंशन और बिहार में सुशासन पर किया जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोद औरंगाबाद में चुनावी सभा को संबोधित करने मंच पर पहुंच चुके हैं। एनडीए के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया।उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लालटेन वाले भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। लालू-राबड़ी राज में कोई काम नहीं है। सीएम नीतीश कुमारने बिहार में सुशासन लाया। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं इस क्षेत्र की सभी महानविभूतियों को नमन करता हूं। बिहार में पहले चरण के मतदान नेअब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बिहार के इतिहास का अब तक का सबसे अधिक मतदान हुआ है। हमारी माताएं-बहनें सुबह से ही कतारलगाकर खड़ी हो गईं। पहले चरण में करीब 65 प्रतिशत मतदान हुआ। यह दिखाता है कि एनडीए सरकार की वापसी का मोर्चा खुद बिहार कीजनता, युवा, महिला और किसानों ने संभाला है। पहले चरण के मतदान से स्पष्ट है कि बिहार के लोग अब किसी भी कीमत पर जंगलराज को लौटनेदेना नहीं चाहते हैं। बिहार का नौजवान राजद के झूठे वादों पर वोट नहीं दे रहा है। राजद ने झूठे वादों का भ्रम फैलाने की कोशिश की। इनके वादों परखुद कांग्रेस को भरोसा नहीं है। पहले चरण के मतदान ने तय कर दिया कि इस बार फिर से एनडीए सरकार आएगी। एक लाख करोड़ में एक के पीछे कितने शून्य लगेंगेपीएम नरेंद्र मोदी ने एनडीए सरकार के कामों को गिनाया। उन्होंने कहा कि मोदी ने कहा था कि राम मंदिर बनेगा। मंदिर बन गया। डंके की चोट परबना। 500 साल का अधूरा काम पूरा हुआ। उन्होंने कहा कि मैंने 370 हटाने की बात कही थी। वह भी हट गया। बिहार की इसी धरती से पहलगामहमले की बात कही थी। इसके बाद आपने ऑपरेशन सिंदूर से तबाह होते पाकिस्तान को देखा। मैंने वन रैंक वन पेंशन की बात की। आज सात नवंबरको ही इसे लागू हुए 11 वर्ष हो रहे हैं। हमारे सैनिक परिवार चार दशकों से वन रैंक वन पेंशन की मांग कर रहे थे। लेकिन, कांग्रेस हर बार उनसे झूठबोलती रही। कांग्रेस ने फौजियों से किया हुआ वादा तक नहीं निभाया। मैंने फौजियों को ओआरओपी लागू करने की गारंटी दी। इन 11 साल में हमारेफौजी भाई-बहन को अब तक एक लाख करोड़ रुपये वन रैंक वन पेंशन के बाद दिए गए। राजद वालों को तो यह नहीं पता कि एक लाख करोड़ मेंएक के पीछे कितने शून्य लगेंगे।विदेश से लोग कल के मतदान को देखने आए थेपीएम मोदी ने कहा कि जब हम कहते हैं कि हमलोग आने वाले पांच साल में एक करोड़ रोजगार देंगे तो उन्हें हमारी बात पर भरोसा है। आपके सामनेराजद और कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड भी है। यह वो लोग हैं जो बिहार में लोगों से नौकरी के बदले जमीन लिखवा लेते हैं। इस बात को अदालत ने भीमाना है। यह जंगलराज वाले जमानत पर चल रहे हैं। राजद और कांग्रेस वाले बिहार के युवाओं को कभी भी नौकरी नहीं दे सकते हैं। औरंगाबाद वालेतो नक्सलवाद और माओवाद से पीड़ित रहे हैं। वह दिन भूल नहीं पाएंगे आप जब शाम होते ही लोग घर से बाहर निकलने में डरते थे। इस क्षेत्र कीचर्चा देश और दुनिया में नरसंहारों के लिए होती थी। जैसे ही जंगलराज की सरकार गई। नीतीश कुमार को आपने लाया तो नरसंहार बंद हो गई। जबआपने दिल्ली में मुझे बैठाया तो नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई की। आज बिहार माओवादी आतंक की डर से मुक्त हो चुका है। यह इसलिए हुआक्योंकि बिहार में डबल इंजन की सरकार है। जंगलराज और सुशासन में क्या अंतर आया है? यह कल हमने देखा है। कल बिहार में दलित, गरीब, पिछड़े और अतिपिछड़ो ने वोट डाला। जंगलराज में मतदान के वक्त बमबाजी करते थे। लोगों को डराते थे। मैं चुनाव आयोग को बधाई देता हूं किप्रथम चरण के चुनाव इतने अच्छे तरीके संपन्न करवाए थे। विदेश से लोग कल के मतदान को देखने आए थे।
तेजस्वी यादव का दावा बिहार में महागठबंधन की अभूतपूर्व जीत की लहर, 14 नवंबर को होगी खुशहाली का त्योहार

बिहार चुनाव में ऐतिहासिक 64.46 फीसदी मतदान के बाद सियासत जारी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने पहले चरण की वोटिंग में राष्ट्रीय जनतांत्रिकगठबंधन जीत का दावा किया था। अब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि महागठबंधन को एकमुश्त वोट मिलने का दावा किया है। उन्होंने कहाकि बिहार ने प्रथम चरण में बदलाव के लिए मतदान किया है। हर बिहारवासी ने 20 साल के अंधकार को मिटाने के लिए, घर से निकल कर परिवर्तनकी ऐसी रोशनी जलाई कि पूरे बिहार में सुख, समृद्धि, सुरक्षा, सम्मान, सौहार्द, शांति और खुशहाली की दस्तक सुनाई देने लगी है। महागठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में एकमुश्त वोट कियानेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि 20 साल में पहली बार इस तरह की अभूतपूर्व बदलाव की लहर महागठबंधन के पक्ष में दिखाई दे रही है। हरघर से ही नहीं, हर हृदय से भी सिर्फ एक ही आवाज सुनाई दे रही है कि इस बार नई युवा सरकार लायेंगे, हर घर से सरकार चलायेंगे और हरबिहारवासी को सीएम यानी चिंता मुक्त और चेंज मेकर बनायेंगे। बुजुर्ग और हमारे युवा साथियों ने जिस जोश, जुनून , जज़्बे, उम्मीद और उत्साह केसाथ लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की, उससे साफ हो चुका है कि बिहार में महापरिवर्तन होने जा रहा है। 20 वर्षों सेबेरोजगारी, गरीबी, अपराध, अन्याय, गैर बराबरी, अत्याचार, भ्रष्टाचार और अनगिनत पीड़ाओं का अंत होने जा रहा है। सभी 121 सीटों परबिहारवासियों ने महागठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में एकमुश्त वोट किया है। इसके लिए मैं सभी का धन्यवाद करता हूं।14 नवंबर की तारीख को लोग त्योहार के रूप में मनाने लगेंगेतेजस्वी यादव ने बिहारवासियों से कहा कि आप लोग मेरी शक्ति और बिहार के परिवर्तन युग के प्रकाश पुंज है। अभी थमना नहीं है, रुकना नहीं है।तकनीकी से तरक्की का प्रकाश थोड़ी ही दूर पर जगमगाता दिख रहा है। हमें विनम्रता के साथ मंजिल तक मजबूत कदम रखते हुए पहुंचना है। विपक्षद्वारा उत्पन्न बाधाओं का सामना करते हुए, लोकतंत्र और संविधान पर आए खतरे को मिटाते हुए, जनता जनार्दन के हर सपने को लक्ष्य तक पहुंचानाहै। आप सभी प्रथम चरण की भांति ही दूसरे चरण यानि 11 नवंबर को भी अपना प्रेम, आशीर्वाद, स्नेह और सहयोग तेजस्वी को दें। आपका बेटा, भाईऔर साथी, तेजस्वी वचन देता है कि अगले पांच साल में बिहार को इतना खुशहाल बनाएंगे कि 14 नवंबर की तारीख को लोग त्योहार के रूप मेंमनाने लगेंगे, एक ऐसे दिन के रूप में जिस दिन बिहार में विकसित बनने वाली तरक्की का आगमन हुआ था।
बांग्लादेश में चुनावी हिंसा की शुरुआत, बीएनपी उम्मीदवार एरशाद उल्लाह गोली से घायल, एक प्रत्याशी का घर जला

बांग्लादेश में फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनावों के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत के साथ ही कई जगहों पर हिंसा भड़क उठी है। इस दौरानचिटगांव में विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के उम्मीदवार एरशाद उल्लाह को गोली लगने से घायल हो गए हैं, जबकि कुमिल्लाजिले में उपद्रवियों ने एक अन्य उम्मीदवार के घर में आग लगा दी। वहीं अंतरिम सरकार ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा है किलोकतांत्रिक प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि बीएनपीउम्मीदवार एरशाद उल्लाह इस हमले के मुख्य निशाने पर नहीं थे, बल्कि एक भटकी हुई गोली से घायल हो गए। सरकार ने बयान जारी कर कहा, ‘हमइस आपराधिक घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं और सभी उम्मीदवारों व नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। चिटगांवमेट्रोपॉलिटन पुलिस (सीएमपी) को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं ताकि अपराधियों को जल्द पकड़ा जा सके।’ विश्वसनीय और उत्सव जैसा माहौल लिएमुख्य सलाहकार ने सुरक्षा एजेंसियों को आदेश दिया है कि दोषियों को हर हाल में पकड़कर न्याय के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा, ‘हिंसा औरडराने-धमकाने की राजनीति बांग्लादेश की सामाजिक और राजनीतिक संस्कृति में किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है।’ सरकार ने सभी राजनीतिक दलोंऔर उनके समर्थकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और चुनावी प्रक्रिया को सम्मानजनक और शांतिपूर्ण बनाएं। बयान में कहा गया, ‘सरकारयह सुनिश्चित करेगी कि फरवरी का आम चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, विश्वसनीय और उत्सव जैसा माहौल लिए हो।’ विपक्ष को डराने की कोशिश की जा रहीइस बीच बीएनपी ने जमात-ए-इस्लामी पर चुनावी माहौल खराब करने का आरोप लगाया है। पार्टी के नेताओँ का कहना है कि जमात समर्थित छात्रसंगठन की हाल की विश्वविद्यालय छात्र संघ (डीयूसीएसयू, आरयूसीएसयू, सीयूसीएसयू) में जीत के बाद देश में अस्थिरता बढ़ी है। बीएनपीउम्मीदवार अनवारुल हक ने कहा, ‘जमात-ए-इस्लामी और कुछ सरकारी सलाहकार मिलकर देश का माहौल खराब कर रहे हैं। कुछ विदेशी ताकतें भीइसमें शामिल हो सकती हैं। हमारे देश के लोग धार्मिक जरूर हैं, लेकिन अतिवाद के खिलाफ हैं।’ वहीं कुमिल्ला जिले के बीएनपी प्रत्याशी मोनोवारसरकार ने आरोप लगाया कि उनके घर को अज्ञात लोगों ने आग के हवाले कर दिया। उन्होंने कहा, ‘शरारती तत्वों ने मेरे घर में कई चीजों को जलादिया। यह साफ संकेत है कि विपक्ष को डराने की कोशिश की जा रही है।’
भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा पर लखीसराय में हमला, जद समर्थकों ने किया विरोध “जानें क्या है पूरा मामला”

बिहार विधानसभा चुनाव के बीच बुधवार को लखीसराय विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के काफिले कोघेरने, चप्पलें फेंकने और ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाने का मामला सामने आया है। इसका आरोप राजद समर्थकों पर लगा है। कहा जा रहा है कि मौके परमौजूद समर्थकों ने ‘विजय कुमार सिन्हा मुर्दाबाद’ के नारे लगाए और चप्पलें फेंककर विरोध जताया। जानकारी के मुताबिक, घटना के समय सिन्हाचुनाव प्रचार के लिए इलाके से गुजर रहे थे। आरोप है कि इसी समय राजद समर्थकों ने उनकी गाड़ी को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। मौकेपर पुलिस बल मौजूद था, जिसने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भीड़ को वहां से हटाया। फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।पुलिस ने बताया कि स्थिति अब सामान्य है और मामले की जांच की जा रही है। लखीसराय में चुनाव प्रचार के दौरान डिप्टी सीएम और भाजपाप्रत्याशी विजय कुमार सिन्हा की गाड़ी को घेरने, चप्पलें फेंकने और ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाने का मामला सामने आया है। मौके पर मौजूद पुलिस नेहस्तक्षेप कर स्थिति संभाली। इस घटना का आरोप राजद समर्थकों पर लगा है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गयावहीं, इस घटना को लेकर उपमुख्यमंत्री और लखीसराय निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा ने बयान दिया है कि भीड़ में राजद केगुंडे हैं। गुंडे मुझे गांव में जाने नहीं दे रहे हैं। उन्होंने मेरे पोलिंग एजेंट को भगा दिया और उसे वोट नहीं देने दिया है। खुड़ियारी गांव के 404 और 405 बूथ नंबर हैं। सिन्हा ने आगे यह भी कहा कि उनको पता है कि एनडीए सत्ता में आ रही है इसलिए उनकी छाती पर बुलडोजर चलेगा। लखीसराय जिलेके हलसी प्रखंड के खुड़ियारी गांव स्थित बूथ संख्या 404 और 405 पर बूथ कैप्चरिंग की सूचना मिलने पर एसपी अजय कुमार दल-बल के साथमौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लेते हुए मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। सुरक्षा बलों ने गांव में फ्लैग मार्चकर लोगों में विश्वास बहाल किया। इसी दौरान उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिंह भी गांव पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनका विरोध किया। आक्रोशितलोगों ने उनकी गाड़ी पर जूते-चप्पल और गोबर फेंका। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
बिहार विधानसभा चुनाव: तेजस्वी यादव और परिवार ने किया मतदान, नेताओं ने जनता से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील

विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान आज सुबह राजद नेता और इंडिया गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव नेपरिवार के साथ मतदान किया। उनके साथ राजद सुप्रीमो लालूप्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और परिवार के अन्य सदस्य भी मतदान केंद्रपहुंचे। पटना के वेटरनरी कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर यादव और उनके परिवार ने मतदान किया। वोट डालने के बाद उन्होंने लोगों से अपील की किवे लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। मतदान के लिए पहुंचीं पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी ने कहा- “मेरी शुभकामनाएं दोनोंबेटों के साथ हैं। तेजप्रताप अपने दम पर चुनाव लड़ रहे हैं। मैं उनकी मां हूं, दोनों को शुभकामनाएं देती हूं।” उन्होंने आगे कहा कि “मैं बिहार की जनतासे अपील करती हूं कि वे बाहर निकलकर मतदान करें और अपने वोट के अधिकार का जरूर इस्तेमाल करें। दीपमाला श्रीवास्तव के साथ दीघा विधानसभा क्षेत्र में मतदानइसी बीच उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और जेडीयू नेता राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ ने भी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों मेंवोट डाला। वहीं गायक से नेता बने राजद प्रत्याशी खेसारीलाल यादव ने सारण जिले के एकमा में मतदान किया। इधर जनशक्ति जनता दल केराष्ट्रीय अध्यक्ष और महुआ विधानसभा से प्रत्याशी तेजप्रताप यादव ने पटना में मतदान किया। उन्होंने वोट डालने के बाद कहा कि हर व्यक्ति कोमतदान करना चाहिए क्योंकि हर वोट कीमती है। तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्या ने भरोसा जताया कि इस बार बिहार की जनता डबल इंजनसरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने भी लोगों से लोकतंत्र के इस पर्व में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहाकि बिहार लोकतंत्र की जन्मभूमि है और यहां की मिट्टी के हर कण में लोकतंत्र की भावना बसती है। वहीं राज्य सड़क निर्माण मंत्री नितिन नवीन नेअपनी पत्नी दीपमाला श्रीवास्तव के साथ दीघा विधानसभा क्षेत्र में मतदान किया। लोकतंत्र में नागरिकों का कर्तव्यइसी बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, राजीव रंजन सिंह ‘ललन’, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी औरकेंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय समेत कई दिग्गज नेताओं ने भी अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में वोट डाले। तारापुर में मतदान करने के बादउपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में जो विकास हुआ है, वह आगे भी जारी रहना चाहिए। लोगों को विकास केलिए वोट देना चाहिए। वहीं गिरिराज सिंह ने लखीसराय में वोट डालने के बाद कहा कि बुर्का पहनने वाली महिलाओं की पहचान की जांच कोईधार्मिक पक्षपात नहीं, बल्कि वोट चोरी रोकने का कदम है। उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान में नहीं रहते, न बिहार में तेजस्वी यादव की सरकार बनेगी, न शरिया कानून लागू होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने गृह नगर बख्तियारपुर में मतदान करने पहुंचे और सोशल मीडिया पर लिखा- मतदान केवलअधिकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र में नागरिकों का कर्तव्य भी है।
योगी आदित्यनाथ का बिहार चुनावी आगाज, माफियाराज और जंगलराज पर कड़ा प्रहार, एनडीए को समर्थन देने की अपील

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, आज बिहार में विकास की सारी योजनाएं हैं। बिहार बदलकर समृद्धि की तरफ बढ़ा है। राजद काल में 1990 से2005 के मध्य 60 से अधिक जातीय नरसंहार व अपहरण की 30 हजार घटनाएं हुईं। उस समय इंजीनियर, डॉक्टर, बच्चे, व्यापारी के साथ ही सड़क, पुल का भी अपहरण हो जाता था। पेशेवर माफिया व अपराधी इनके शागिर्द बनते थे। यूपी में माफिया को अब बुलडोजर से रौंद दिया गया है।सीएम ने मतदाताओं को चेताया कि माफिया व अपराधियों को सत्ता का स्वाद नहीं चखने देना चाहिए। जब भी इन्हें सत्ता का स्वाद चखाओ तो कीमतचुकाओगे। दंगाइयों को सत्ता का स्वाद चखने नहीं देना है। सीएम योगी की बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार में ताबड़तोड़ रैली निरंतर जारी है। गुरुवारको दूसरी रैली में उन्होंने पूर्व उप मुख्यमंत्री व बेतिया विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार रेणु देवी के लिए कमल खिलाने की अपील की। यहांजनसभा में योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाया तो कांग्रेस व राजद गठबंधन पर करारा प्रहार किया। माफिया को बुलडोजर से रौंद दिया गयासीएम ने विपक्षी प्रत्याशियों की जमानत जब्त कराने की अपील की। कहा कि आज पहले चरण की 121 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है।नौजवान, किसान, श्रमिक, माताएं, बहनें, युवा सभी एनडीए को वोट दे रहे हैं। रुझान बता रहा कि 14 नवंबर को परिणाम आने पर एनडीए सरकार कानारा फिर बुलंद होगा। मुख्यमंत्री ने कहा, यूपी में इनके पार्टनर सपा व कांग्रेस माफिया को गले लगाकर चलती थी। जनता का शोषण करती थी।हमने कहा कि यह नहीं चलेगा। आज यूपी में नौजवान को नौकरी, रोजगार, शिक्षा, बहन-बेटियों को सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन है। वहां युवा मस्त वमाफिया पस्त है। यूपी में माफिया को बुलडोजर से रौंद दिया गया है। कांग्रेस-राजद के माफियाराज व जंगलराज का मुंहतोड़ जवाबलखनऊ में डीजीपी आवास के सामने दुर्दांत माफिया ने गरीबों की जमीनों पर कब्जा करके हवेली बनाई थी। एक दिन मैंने कहा कि इसे कब्जे में लेलो। मैं बताऊंगा कि क्या करना है। फिर कब्जे में लेकर उस हवेली पर बुलडोजर चलवाया गया। वहां हमने गरीबों के लिए 72 आवास बनाकर उन्हेंचाबी सौंपी। यही काम प्रयागराज में भी किया। माफिया व अपराधियों को सत्ता का स्वाद नहीं चखने देना चाहिए। जब भी इन्हें सत्ता का स्वादचखाओ तो इसकी कीमत चुकाओगे। योगी ने कहा, पीएम मोदी ने भारत को बदला है। जो काम कांग्रेस 65-70 वर्ष में नहीं कर पाई, मोदी जी ने 11 वर्ष में कर दिया। 46 करोड़ बैंक अकाउंट खोल दिए गए, जिससे गरीबों, महिलाओं व लाभार्थियों का पैसा सीधे अकाउंट में जाता है। पीएम ने कांग्रेसव राजद की दलाली को रोक दिया है, इसलिए यह लोग मोदी जी को गाली देते हैं। राजद के समय बिजली नहीं आती थी, जबकि अब तीन करोड़लोगों के घर में बिजली कनेक्शन दिए गए। लालटेन की लाइट में मोबाइल-लैपटॉप नहीं चार्ज कर पाएंगे, क्योंकि बिजली तो एनडीए ही देगी। यहलोग लालटेन दिखाकर बंद कर देते थे, फिर रात में डकैती डालते थे। कांग्रेस, राजद व सपा वाले जाति के नाम पर बांटने का कार्य कर रहे हैं। सीएम नेमतदाताओं को आगाह किया कि बंटे थे तो कटे थे। बंटना नहीं है, एकजुट होकर कांग्रेस-राजद के माफियाराज व जंगलराज का मुंहतोड़ जवाब देना है।
NYC के मेयर ममदानी को कहा जा रहा अमेरिका का ‘केजरीवाल’, जानें क्या है इसके पीछे का कारण

जोहरान मामदानी (Zohran Mamdani) न्यूयॉर्क के मेयर बनने के लिए चुने जा चुके हैं। उन्हें चुने जाने में सबसे बड़ी भूमिका अमेरिका के अश्वेत(55 प्रतिशत) और एशियन (51 प्रतिशत) लोगों ने निभाई है। ममदानी का जादू सबसे ज्यादा जेन जी के बीच चला है जिसमें 15 से 29 वर्ष के बीचके 78 प्रतिशत युवाओं ने उन्हें वोट दिया है। ममदानी की जीत को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों के खिलाफ सबसे बड़ा जनमतसंग्रह कहा जा रहा है। ममदानी अप्रवासी लोगों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरे हैं। अप्रवासियों को लग रहा है कि ममदानी के चुने जाने से उनकेअमेरिका से बाहर होने का खतरा टल गया है। लेकिन इन सबसे अलग जोहरान ममदानी को अमेरिका का ‘केजरीवाल’ भी कहा जा रहा है क्योंकिउन्होंने चुनाव जीतने के लिए उसी ‘फ्रीबीज योजनाओं’ पर भरोसा किया है जो दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने अपनाई थी। व्यवस्था पर संकट आ सकताजोहरान ममदानी ने चुनाव जीतने पर बसों में यात्रा मुफ्त करने का वादा किया था। उन्होंने न्यूयॉर्क में अगले चार साल तक घरों का किराया न बढ़ाने कानियम लागू करने का वादा किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि वे सरकारी पैसों से दो लाख मकान बनाकर गरीबों को देंगे और लोगों को सस्ता राशनउपलब्ध कराने के लिए सस्ती राशन की दुकानें खोलेंगे। ममदानी का ये दांव मध्य वर्ग के लोगों और आप्रवासियों पर सबसे ज्यादा चला और उन्होंनेभरपूर वोट देकर ममदानी को न्यूयॉर्क का दक्षिण एशियाई मूल का पहला मुस्लिम मेयर बनाने का रास्ता साफ कर दिया। ठीक इसी तरीके से अरविंदकेजरीवाल ने मुफ्त बिजली-पानी की घोषणा कर दिल्ली का चुनाव जीता था। न्यूयॉर्क ने 2026 के लिए 115.9 बिलियन डॉलर का बजट निर्धारितकिया है। न्यूयॉर्क को इस बजट का सबसे अधिक हिस्सा प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन, टैक्स और अन्य माध्यमों से आता है। वह अपना पैसा सबसे ज्यादासार्वजनिक परिवहन प्रणाली, शिक्षा और साफ-सफाई पर खर्च करता है। लेकिन ममदानी ने जिस तरह मुफ्त की घोषणाएं की हैं, उससे यदि इसबजट से मुफ्त की घोषणाएं पूरी की जाती हैं तो इससे शहर की शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और साफ-सफाई की व्यवस्था पर संकट आ सकता है। फंड एकत्र कर पाएंगे, यह कहना मुश्किललेकिन ममदानी के लिए अपने वादों पर खरा उतरना आसान नहीं होगा। न्यूयॉर्क शहर का बजट इतना नहीं है कि वे इससे अपने सभी वादों को पूरा करसकें। इसके लिए उन्हें केंद्र सरकार यानी डोनाल्ड ट्रंप पर निर्भर रहना होगा। लेकिन ममदानी को एक संकट बता चुके ट्रंप उनकी कोई मदद करेंगे, इसकी संभावना कम ही है। चुनाव के दौरान ही उन्होंने धमकी दी थी कि यदि ममदानी मेयर बनते हैं तो वे न्यूयॉर्क शहर का बजट रोक देंगे। वैसे भीपहले ही अमेरिकी कांग्रेस से बजट पास न कराने के कारण पूरे देश में शटडाउन लागू करने के लिए मजबूर हुए ट्रंप के पास अतिरिक्त बजट कीसंभावना बहुत कम ही है। अपने वादों को पूरा करने के लिए ममदानी के पास अमीरों पर कर बढ़ाने का एक विकल्प है। अमेरिका में भी केंद्र सरकार हीकर एकत्र करती है। शहरी व्यवस्था को चलाने के लिए टैक्स बढ़ाने के उनके विकल्प पूरी तरह खत्म तो नहीं हैं, लेकिन उनके विकल्प सीमित अवश्यहैं। लेकिन इससे वे कितना फंड एकत्र कर पाएंगे, यह कहना मुश्किल है।