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अमित शाह ने मुजफ्फरपुर में एनडीए के लिए वोट की अपील, महागठबंधन पर जमकर किया हमला ‘जानें क्या कुछ कहा”

गृह मंत्री अमित शाह ने मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में चुनावी सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एनडीए प्रत्याशी के लिए मतदान करने कीअपील की। इसके बाद महागठबंधन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं बाबा गरीबनाथ धाम को प्रमाण कर अपने भाषण की शुुरुआतकरता हूं। उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी में माता सीता का भव्य मंदिर बनेगा। छह नवंबर को आपको मतदान करना है। मुजफ्फरपुर में एनडीए के तीनप्रत्याशी हैं। इसमें से एक हमारे मंत्री भी हैं। आपका वोट किसी प्रत्याशी को विधायक और मंत्री बनाने के लिए मत दीजिएगा। आपका वोट बिहार कोजंगलराज से बनाने के लिए देना है। लालू-राबड़ी के समय में 15 साल में बिहार का जो पतन हुआ है, वही जंगलराज आज भेष बदलकर फिर से आनेवाला है। अगर मुजफ्फरपुर वाले प्रण लेंगे कि एनडीए को जिताना है तो जंगलराज को कोई नहीं ला सकता है। सीएम नीतीश के नेतृत्व सरकार बनाईपीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की जोड़ी ने बिहार में काफी विकास किया। एम्स, एयरपोर्ट, मेट्रो, पावरप्लांट समेत कई सौगातें दी। जंगलराजसे बिहार को विकास की ओर ले जाने का काम नरेंद्र मोदी ने किया है। नरेंद्र मोदी के शासनकाल में ही मुजफ्फरपुर की लीची आज देश दुनिया मेंपहुंचकर आज मिठास बांटने का काम कर रही है। यह सब लालू-राबड़ी राज में नहीं हो सकता था। लालू-राबड़ी शासनकाल में यहां पर जी कृष्णैयाकी पीट-पीटकर हत्या की गई। अगर फिर से लालू के बेटे सीएम बनते हैं तो बिहार में तीन नए मंत्रालय खुलेंगे। एक अपहरण, दूसरा रंगदारी औरतीसरा हत्या को बढ़ावा देने वाला मंत्रालय खुलेगा। अगर आपने पीएम मोदी और सीएम नीतीश के नेतृत्व सरकार बनाई तो बाढ़ मुक्त बिहार बनाने केलिए मंत्रालय बनाया जाएगा। विकास महागठबंधन को पच नहीं रहाअमित शाह ने कहा कि लालू प्रसाद और सोनिया गांधी को अपने बेटों को चिंता सताती है। लालू अपने बेटे तेजस्वी को सीएम और सोनिया गांधीअपने बेटे राहुल गांधी को पीएम बनाना चाहते हैं। लेकिन, दोनों को मैं बता दूं कि यहां सीट ही खाली नहीं है। वहां पीएम मोदी हैं तो यहां सीएमनीतीश कुमार हैं। दोनों में कोई सीट खाली नहीं है और न होने वाली है। इसलिए जो लोग दिन में सपने देख रहे हैं, वह सपने देखना छोड़ दें। बिहार कीजनता एनडीए की सरकार फिर से लाने जा रही है। गृह मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की जोड़ी ने बिहार में घर-घर बिजलीपहुंचाई। आज 125 यूनिटी बिजली फ्री दे रही है। महिलाओं को रोजगार के लिए मदद कर रही है। लेकिन, यह विकास महागठबंधन को पच नहींरहा है।

अमेरिकी सेना का कैरेबियन में हमला, तीन कथित ड्रग तस्कर मारे गए, बढ़ा विवाद जानें क्या है पूरा मामला

अमेरिकी सेना ने कैरेबियन सागर में एक और सैन्य हमला किया है, जिसमें तीन कथित ड्रग तस्कर मारे गए हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शनिवार कोसोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की जानकारी दी। हेगसेथ ने बताया कि यह नाव एक ऐसे संगठन से जुड़ी थी जिसे अमेरिका ने पहले ही आतंकवादीघोषित किया हुआ है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस समूह को निशाना बनाया गया। यह सितंबर की शुरुआत से अब तक अमेरिकीसेना का 15वां हवाई हमला है, जो कैरेबियन सागर या पूर्वी प्रशांत क्षेत्र में ड्रग तस्करों पर किया गया है। उन्होंने अपने बयान में कहा यह नाव हमारीखुफिया जानकारी के अनुसार मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल थी और एक ऐसे मार्ग से गुजर रही थी, जो ड्रग तस्करी के लिए कुख्यात है। इस परबड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ मौजूद थे। अब तक इन अभियानों में कम से कम 64 लोगों की मौत हो चुकी है। मारे गए लोगों की पहचान क्याअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों को जायज ठहराते हुए कहा है कि यह कदम अमेरिका में ड्रग्स की आपूर्ति रोकने के लिए आवश्यक है।उन्होंने कहा कि अमेरिका अब ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष में है- ठीक उसी कानूनी अधिकार के तहत, जो 9/11 के बाद आतंकवाद केखिलाफ युद्ध के लिए इस्तेमाल किया गया था। इन हमलों के बीच ट्रंप प्रशासन ने क्षेत्र में युद्धपोतों की संख्या बढ़ा दी है, जिससे यह अभियान औरभी तीव्र हो गया है। इस बीच, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिकी कार्रवाइयों की निंदा करते हुए कहा है कि यह सैन्य अभियान उनकेशासन को अस्थिर करने का एक छिपा हुआ प्रयास है। हालांकि, अब तक ट्रंप प्रशासन यह साबित नहीं कर पाया है कि जिन नावों को निशाना बनायागया, वे वास्तव में ड्रग कार्टेल से जुड़ी थीं या मारे गए लोगों की पहचान क्या थी। सशस्त्र संघर्ष की स्थिति मेंट्रंप प्रशासन के इस अभियान को लेकर अमेरिका के भीतर भी विरोध बढ़ा है। डेमोक्रेटिक सांसदों ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ट्रंप बिना कांग्रेस कीमंजूरी के सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। सीनेट की सशस्त्र बल समिति के सदस्य रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि इस तरहसे सैन्य क्षेत्र का विस्तार करना लापरवाही है। यह अमेरिकी सेना का राजनीतिक इस्तेमाल है। हालांकि, ट्रंप ने साफ कहा कि हम युद्ध की घोषणा नहींकर रहे। जो लोग हमारे देश में ड्रग्स ला रहे हैं, हम उन्हें खत्म कर देंगे। रिपब्लिकन बहुमत वाली सीनेट ने हाल ही में डेमोक्रेट्स के उस प्रस्ताव कोखारिज कर दिया, जिसमें राष्ट्रपति को भविष्य की किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले कांग्रेस की अनुमति लेने की आवश्यकता बताई गई थी। ट्रंप ने ड्रग्सतस्करों को अवैध लड़ाके घोषित करते हुए कहा कि अमेरिका अब उनसे सशस्त्र संघर्ष की स्थिति में है।

बिहार का भविष्य तय करने का वक्त” गोपालगंज से अमित शाह का वर्चुअल संदेश, बोले ‘जंगलराज’ बनाम ‘विकासराज’ की जंग

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गोपालगंज में वर्चुअली चुनावी जनसभा को संबोधित किया। खराब मौसम के कारण उनका हेलिकॉप्टर पटना से उड़ाननहीं भर पाया। अपने भाषण में शाह ने जंगलराज की याद दिलाई, साथ ही बंद पड़े चीनी मिलों को चालू कराने का वादा किया। करीब 8 मिनट केअपने भाषण में अमित शाह ने कहा कि पीएम ने बंद पड़ी रीगा चीनी मिल को चालू करने का काम किया है। बिहार की बाकी बंद पड़ी चीनी मिल कोअगले 5 साल में चालू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये चुनाव विधायक चुनने का नहीं है। ये चुनाव बिहार का भविष्य तय करने का है। बिहारकिसके हाथ में रहेगा। जिन्होंने वर्षों तक बिहार में जंगलराज थोपा उसके या नरेंद्र जी और नीतीश जी के नेतृत्व में जो बिहार का विकास हुआ उसेचुनेगा। शाह ने कहा कि साधु यादव के कारनामे गोपालगंज वालों से ज्यादा किसको मालूम हैं। जंगलराज के दौर में कई नरसंहार हुए, जिनमें बथानीटोला, सोनारी, शंकरबीघा नरसंहार जैसे अलग-अलग 34 नरसंहार हुए थे। जिसने बिहार की धरती को रक्तरंजित किया है। लोगों से वोट की अपीलइससे पहले 30 अक्तूबर को शाह बिहार के बेगूसराय, लखीसराय और नालंदा में जनसभा को संबोधित कर चुके हैं। लखीसराय में उन्होंने डिप्टी CM विजय सिन्हा के लिए लोगों से वोट की अपील की थी। मुंगेर में उन्होंने डिप्टी CM सम्राट चौधरी के लिए वोट मांगे थे। इस दौरान शाह ने कहा, मुंगेर वालों यहां से बीजेपी के कैंडिडेट सम्राट चौधरी को जिताइए। मोदी जी इन्हें बहुत बड़ा आदमी बनाएंगे। वहीं, नालंदा में अमित शाह ने कहा कि ये चुनाव किसी को विधायक या मंत्री बनाने के लिए नहीं हैं। ये चुनाव उस ‘जंगलराज’ को रोकने के लिए हैं, जो अपना वेष बदलकरआएगा। लालू-राबड़ी के शासन में 38 नरसंहार हुए। नालंदा के कई लोग मौत के घाट उतरे गए थे। किडनैपिंग, हत्या, लूट जैसे गैरकानूनी काम होतेथे। लेकिन नीतीश ने इस धंधे पर रोक लगा दिया और लालू के आतंक को समाप्त कर दिया.

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ 10 श्रद्धालुओं की मौत, पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मु ने जताया शोक

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार को भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में दस श्रद्धालुओं की मौतहो गई। जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर केप्रवेश द्वार के पास अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। हादसे के बाद पूरेराज्य में शोक की लहर दौड़ गई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई दुखद घटना पर गहरा शोकव्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में कई लोगों की जान जाना अत्यंत दुखद है। राष्ट्रपति ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट कीऔर घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। जनप्रतिनिधियों से राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंनेसोशल मीडिया एक्स पर कहा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना से अत्यंत व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपनेप्रियजनों को खो दिया है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि घायल श्रद्धालु जल्द स्वस्थ हों। प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहतकोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता प्रदानकी जाएगी। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में कहाश्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ की यह घटना अत्यंत दुखद है। श्रद्धालुओं की मृत्यु हृदयविदारक है। मैं मृतकों केपरिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी घायलों को शीघ्र और उचितचिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होंने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने को कहाहै।प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुईगृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी इस दर्दनाक हादसे पर शोक जताते हुए कहा आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्थित काशीबुग्गा वेंकटेश्वर स्वामीमंदिर में हुई भगदड़ में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की मृत्यु से मैं गहरा दुखी हूं। मैं उन सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंनेअपने प्रियजनों को खोया है। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि घायल श्रद्धालु शीघ्र स्वस्थ हों। पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी वेंकटेश्वरस्वामी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना पर गहरा सदमा और दुख व्यक्त किया है। अपने बयान में उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकीहैं- तिरुपति में वैकुंठ एकादशी के दौरान छह श्रद्धालुओं की मौत हुई थी और सिंहाचलम मंदिर में सात लोगों की जान गई थी। उन्होंने आरोप लगायाकि बार-बार हो रही इन त्रासदियों के बावजूद सरकार ने उचित सावधानियां नहीं बरतीं और चंद्रबाबू नायडू प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुई है।जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि निर्दोष लोगों की बार-बार हो रही मौतें सरकार की अक्षमता को दर्शाती हैं और ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिएठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

भाजपा सांसद रवि किशन को मिली जान से मारने की धमकी बोले, यह एंटी-सनातन ताकतों की साजिश, डरने वाला नहीं

गोरखपुर से सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन को हाल ही में जान से मारने की धमकी मिली, जिसके बाद हड़कंप मच गया। शुक्रवार रात कोरवि किशन के निजी मोबाइल नंबर पर लगातार धमकी भरे फोन आए, जिनमें न केवल अपशब्द कहे गए बल्कि उनकी धार्मिक आस्था और परिवार कोलेकर भी अभद्र बातें की गईं। इसी मामले पर अब रवि किशन ने बात की है। रवि किशन ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए पुलिस में शिकायतदर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य धमकी नहीं है, बल्कि इसके पीछे “एंटी-सनातन ताकतों” का हाथ है- जो हिंदू संस्कृति और राष्ट्रवादीसोच के खिलाफ काम कर रही हैं। शनिवार को मीडिया से बातचीत में रवि किशन ने कहा, ‘यह घटना दिखाती है कि देश में एंटी-सनातन ताकतेंकितनी सक्रिय हो चुकी हैं। किसी सांसद और कलाकार को धमकी देना मामूली बात नहीं है। इसके पीछे कोई बहुत ताकतवर गिरोह काम कर रहा है।हम डरने वाले नहीं हैं। कानून अपना काम करेगा और अपराधी को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलेगी।’ बिहार गया तो जान से मार देंगेउन्होंने आगे कहा कि धमकियों का यह सिलसिला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है, जिसका सीधा संबंध बिहार विधानसभा चुनाव से है। रवि किशनइन दिनों भाजपा के स्टार प्रचारक के तौर पर बिहार में लगातार चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टियां यह समझ चुकी हैं कि जनताअब उनके झांसे में नहीं आने वाली, इसलिए हताशा और डर फैलाने की राजनीति अपनाई जा रही है। रवि किशन ने साफ कहा, ‘हम प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी की सेना के सिपाही हैं। ऐसी धमकियों से मैं डरने वाला नहीं हूं। मुझे कहा गया कि अगर बिहार गया तो जान से मार देंगे, लेकिन मैं वहां जाऊंगा, जनता से मिलूंगा और सच बोलूंगा।’ संस्कृति और सच्चाई के लिए आवाज़ उठाताइस मामले में रामगढ़ ताल थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, फोन कॉल में अज्ञात व्यक्ति ने सांसद को जान से मारने कीधमकी दी थी। गोरखपुर के एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है और कॉल की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। मामलाभारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धाराओं 302, 351(3) और 352 के तहत दर्ज हुआ है। शिकायत सांसद के निजी सचिव शिवम द्विवेदीद्वारा दर्ज कराई गई। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिस नंबर से कॉल आया, वह वर्चुअल आईडी से जुड़ा हुआ है और संभवत किसी अन्य राज्य सेकिया गया। इस मामले में साइबर सेल की टीम भी शामिल की गई है। रवि किशन ने इस घटना को न केवल अपनी सुरक्षा से जुड़ा बताया बल्कि इसेधर्म और विचारधारा पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा- ‘एंटी-सनातन सोच वालों को लगता है कि वे धमकाकर किसी की आवाज़ दबा देंगे, लेकिनवे भूल गए हैं कि मैं कलाकार होने के साथ एक कर्मयोगी भी हूं। मैं धर्म और देश की रक्षा के लिए हमेशा खड़ा रहूंगा।’ गोरखपुर में उनके समर्थकों नेभी इस धमकी के खिलाफ नारेबाजी की और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि रवि किशन पर हमला दरअसलहिंदू मान्यता और सनातन संस्कृति पर हमला है। वहीं, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आरोपी जल्द ही गिरफ्त में होगा। रवि किशनने अंत में कहा कि “यह लड़ाई केवल मेरी नहीं है, यह उस हर व्यक्ति की है जो धर्म, संस्कृति और सच्चाई के लिए आवाज़ उठाता है।”

सपा सांसद इकरा हसन और नाहिद हसन ने आजम खां से की मुलाकात कहा, “यह पारिवारिक भेंट थी, बिहार में इंडिया गठबंधन की बनेगी सरकार

सपा की सांसद इकरा हसन ने अपने भाई नाहिद हसन के साथ मिलकर सपा नेता आजम खां से मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात को सियासत सेहटकर पारिवारिक बताया। उन्होंने बिहार चुनाव को लेकर कहा कि बिहार में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। सपा नेता आजम खां से मिलने वालोंका सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार की रात में कैराना की सपा सांसद इकरा हसन अपने भाई नाहिद हसन के साथ सपा नेता आजमखां से मुलाकात करने पहुंचीं, जहां उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक मुलाकात की। यहां पहुंचकर घंटे भर मुलाकातइस दौरान उन्होंने सपा नेता के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इकरा हसन ने सपा नेता की पत्नी डा.तजीन फात्मा से भी मुलाकात की। बाद में उन्होंनेमीडिया से कहा कि यह मुलाकात सियासी नहीं बल्कि पारिवारिक मुलाकात है। वह सपा नेता का हाल जानने के लिए आई थीं। बिहार चुनाव इंडियागठबंधन के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए इस चुनाव में इंडिया गठबंधन को सफलता मिलेगी। इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। वह खुद भी प्रचारके लिए जा रही हैं। इससे पहले, 29 अक्तूबर को रामपुर में सपा नेता आजम खां से मुलाकात करने के लिए कानपुर नगर की सीसामऊ विधानसभासीट से पूर्व विधायक इरफान सोलंकी अपनी विधायक पत्नी नसीम सोलंकी के साथ उनके आवास पर पहुंचे। उन्होंने यहां पहुंचकर घंटे भर मुलाकातकी। दर्ज मुकदमें पूरी तरह फर्जीइस दौरान सपा नेता ने उनका हाल जाना। सियासी घटनाक्रम व ताजा हालात पर भी चर्चा की। बाद में इरफान सोलंकी ने मीडिया से भी बात की।कहा कि यह मुलाकात उनकी सियासी नहीं बल्कि निजी मुलाकात है। सपा नेता आजम खां उनके पिता के समान हैं। कहा कि उनके खिलाफ भीमुकदमे दर्ज हैं वह भी जेल में थे। सपा नेता पर दर्ज मुकदमे सियासी मुकदमे हैं। कहा कि यह जो हो रहा है कि जनता सब जानती है। जनता सहीसमय आने पर जवाब देगी। वहीं, 29 अक्तूबर को सपा नेता आजम खां ने अपने ऊपर पर दर्ज मामले में फिर से सफाई पेश की। कहा कि यदि बकरीचोरी हुई तो बरामद क्यो नहीं हुई। कहा कि उन पर दर्ज मुकदमें पूरी तरह फर्जी हैं। कोर्ट में पेश होने के बाद सपा नेता आजम खां मीडिया से रूबरूहुए।

मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप पर महाराष्ट्र में ‘सत्यचा मोर्चा’ उद्धव, शरद और राज ठाकरे एक साथ, भाजपा ने भी किया विरोध प्रदर्शन

मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए महाराष्ट्र का विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी आज विरोध मार्च आयोजित कर रहा है। इस मार्चको ‘सत्यचा मोर्चा’ नाम दिया गया है। महाविकास अघाड़ी की पार्टियों कांग्रेस, शिवसेना यूबीटी और एनसीपी (एसपी) के साथ ही महाराष्ट्र नवनिर्माणसेना भी इस मार्च में शामिल होगी। सत्यचा मोर्चा दक्षिण मुंबई के फैशन स्ट्रीट से शुरू होकर बीएमसी मुख्यालय पर खत्म होगा। इस मार्च में पूर्वसीएम उद्धव ठाकरे, एनसीपी एसपी प्रमुख शरद पवार, मनसे प्रमुख राज ठाकरे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट समेत अन्य नेता शामिलहोंगे। मोर्चा के समापन पर एक रैली को भी संबोधित किया जाएगा, जिसमें नेता मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाएंगे।विपक्ष का दावा है कि मतदाता सूची में कई फर्जी नाम हैं और गलत तरीके से नाम जोड़े और हटाए गए हैं। विपक्ष ने चुनाव आयोग पर इस मुद्दे परआंख मूंदने का आरोप लगाया और जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र निकाय चुनाव तभी होने चाहिए, जब इन कमियों को दूर कर लिया जाए। मुंबई में एक सभा को संबोधितराज ठाकरे अपने समर्थकों और पार्टी सहयोगी बाला नंदगांवकर के साथ दादर स्टेशन से ट्रेन में चढ़े और चर्चगेट के लिए रवाना हुए। इस हफ्ते कीशुरुआत में मुंबई में एक सभा को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने मनसे कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट काइस्तेमाल करने की अपील की थी। भाजपा ने भी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के खिलाफ एमवीए के सत्यचा मोर्चा के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोधप्रदर्शन का आयोजन किया। भाजपा ने दावा किया कि विपक्ष निकाय चुनाव से पहले झूठा नैरेटिव फैलाने की कोशिश कर रहा है। भगवा पार्टी केनेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने मुंह पर काली पट्टी बांधकर दक्षिण मुंबई के गिरगांव इलाके में विरोध प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्षरवींद्र चव्हाण ने कहा कि इस विरोध का मकसद चुनावों से पहले MVA द्वारा झूठे नैरेटिव फैलाने की कोशिशों को बेनकाब करना है। उन्होंने कहा, ‘एमवीए नेताओं ने हर चुनाव से पहले लोगों को गुमराह करने की लगातार कोशिश की है। 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले भी ऐसी ही कोशिशेंकी गईं, जब उन्होंने जानबूझकर संविधान में बदलाव के बारे में झूठे दावे फैलाए। राज ठाकरे अपने समर्थकों और पार्टी सहयोगी बाला नंदगांवकर केसाथ दादर स्टेशन से ट्रेन में चढ़े और चर्चगेट के लिए रवाना हुए। इस हफ्ते की शुरुआत में मुंबई में एक सभा को संबोधित करते हुए राज ठाकरे ने मनसेकार्यकर्ताओं से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की अपील की थी।

‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ पर आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले बोले “यह केवल गीत नहीं, राष्ट्र की आत्मा और देशभक्ति कामंत्र “जानें और क्या कुछ कहा”

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने शनिवार को ‘वंदे मातरम’ की रचना की 150वीं वर्षगांठ पर इसके रचयिताबंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को याद करते हुए कहा कि यह गीत केवल शब्दों का संगम नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा और देशभक्ति का मंत्र बन गया है।होसबोले ने कहा कि 1875 में रचित यह गीत, जब 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर ने कांग्रेस अधिवेशन में गाया, तब से यह भारत के हर नागरिक के दिलकी आवाज बन गया। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ ने पूरे राष्ट्र में चेतना, सम्मान और एकता की भावना जगाई। कृतज्ञतापूर्वक स्मरण और श्रद्धांजलि अर्पित करताआरएसएस महासचिव ने बताया कि इस गीत का प्रभाव इतना गहरा था कि देश के कई विद्वानों और महान हस्तियों, जैसे महर्षि अरविंद, मैडमभीकाजी कामा, महाकवि सुब्रमण्यम भारती, लाला हरदयाल, लाला लाजपत राय आदि ने अपने समाचार पत्रों और पत्रिकाओं के शीर्षक में ‘वंदेमातरम’ जोड़ा। महात्मा गांधी ने भी वर्षों तक अपने पत्रों का समापन ‘वंदे मातरम’ लिखकर किया। होसबोले ने हिंदी में जारी एक बयान में कहामातृभूमि की आराधना करने वाले और सम्पूर्ण राष्ट्र में चेतना का संचार करने वाले अद्भुत मंत्र, वंदे मातरम की रचना की 150वीं वर्षगांठ के पावनअवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्रगीत के रचयिता, श्रद्धेय बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को कृतज्ञतापूर्वक स्मरण और श्रद्धांजलि अर्पित करता है। उन्होंनेकहा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने 1896 के कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन में 1875 में रचित ‘वंदे मातरम’ गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया था। देशभक्ति का मंत्र बन गयाहोसबोले ने कहा वंदे मातरम एक ऐसा अद्भुत मंत्र है जो मातृभूमि की आराधना करता है और पूरे राष्ट्र में चेतना का संचार करता है। उन्होंने आगे कहाकि 1905 के बंगाल विभाजन आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक, यह गीत हर स्वतंत्रता सेनानी के लिए नारा बन गया। ‘वंदे मातरम’ केवल एकगीत नहीं, यह देश की आत्मा और भारत की पहचान है। आरएसएस महासचिव दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं बल्किभारत की आत्मा है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित यह गीत 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा गाया गया और तब से यह देशभक्ति कामंत्र बन गया।

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जीएसटी (दूसरा संशोधन) विधेयक 2025 पारित, टैक्स चोरी रोकने को ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम लागू होगा

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार को जम्मू कश्मीर वस्तु एवं सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 पारित कर दिया गया। इस विधेयक केमाध्यम से प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार और जीएसटी परिषद की सिफारिशों के आधार पर राज्य के जीएसटी कानून में कई अहम बदलाव किए हैं।संशोधन का उद्देश्य प्रदेश के कर कानून को केंद्र के संशोधित जीएसटी कानून के अनुरूप बनाना है। नए संशोधन के तहत अब सरकार कुछ वस्तुओं परट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली लागू कर सकेगी। क्रेडिट के मामलों में कोई भ्रम न रहेइसके तहत उत्पादों पर एक विशेष डिजिटल निशान या कोड लगाया जाएगा जिससे उनकी आवाजाही पर निगरानी रखी जा सकेगी। इस व्यवस्था कामकसद टैक्स चोरी पर रोक लगाना और वस्तुओं की पारदर्शी ट्रैकिंग सुनिश्चित करना है। संशोधन में यह भी प्रावधान है कि अगर कोई व्यापारी इसप्रणाली का पालन नहीं करता, तो उस पर एक लाख रुपये या वस्तु पर देय कर का दस फीसदी (जो अधिक हो) तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।बिल के तहत वाउचर के लेनदेन को अब वस्तु या सेवा की श्रेणी में नहीं रखा गया है यानी अब वाउचर पर जीएसटी नहीं लगेगा। वहीं, संयंत्र औरमशीनरी की परिभाषा को स्पष्ट किया गया है ताकि इनपुट टैक्स क्रेडिट के मामलों में कोई भ्रम न रहे। पारदर्शी व तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनानायह संशोधन आठ जुलाई 2017 से प्रभावी माना जाएगा। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि यदि किसी व्यापारी को केवल जुर्माने सेसंबंधित आदेश मिला है और उस पर कोई कर देनदारी नहीं है, तो अपील करने से पहले उसे जुर्माने की राशि का दस प्रतिशत जमा करना होगा।संशोधन में स्थानीय निकायों की परिभाषा को भी स्पष्ट किया गया है। अब स्थानीय कोष और नगर कोष शब्दों का अर्थ कानून में स्पष्ट रूप सेपरिभाषित किया गया है ताकि संबंधित मामलों में कोई भ्रम न रहे। साथ ही विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) या मुक्त व्यापार गोदाम क्षेत्र में रखे गए मालकी आपूर्ति को अब वस्तु या सेवा की आपूर्ति नहीं माना जाएगा। यह संशोधन आठ जुलाई 2017 से प्रभावी रहेगा। इस संशोधन से सरकार के कोषपर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। इन संशोधनों का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजटीय प्रस्तावों को लागू करना और कर कानूनों कोअधिक पारदर्शी व तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाना है।

एलजी मनोज सिन्हा बोले “निर्वाचित सरकार के पास सभी अधिकार, राज्य का दर्जा नहीं बहाना” उमर और फारूक अब्दुल्ला ने किया पलटवार

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर की निर्वाचित सरकार के पास सभी अधिकार हैं। लिहाजा राज्य का दर्जा नहीं मिलनेको खराब प्रदर्शन का बहाना नहीं बनाया जा सकता। एसकेआईसीसी में जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह को संबोधितकरते हुए सिन्हा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में कह चुके हैं कि पहले परिसीमन, फिर विधानसभा चुनाव और फिर उचित समय परराज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। पर, कुछ लोगों को कुछ समस्याएं हैं। जब चुनाव हुए तो यह स्पष्ट था कि चुनाव केंद्र शासित प्रदेश कीविधानसभा के लिए हो रहे हैं। वे (निर्वाचित सरकार) यह बहाना नहीं बना सकते कि राज्य का दर्जा बहाल होने तक काम नहीं किया जा सकता।लोग राज्य के दर्जे से इतना क्यों डरतेएलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि निर्वाचित सरकार के पास सभी अधिकार हैं और राज्य का दर्जा न होने के बहाने लोगों को गुमराह नहीं किया जानाचाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सरकार को अपनी शक्तियों का इस्तेमाल लोगों की भलाई के लिए करना चाहिए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला व नेकांअध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने एलजी के बयान पर कड़ा पलटवार किया है। उमर ने कहा, एलजी को कम से कम सुप्रीम कोर्ट और संसद में जम्मूकश्मीर के लोगों से किए गए वादे के बारे में तो बात करनी चाहिए। उमर ने कहा, 90 विधायकों में से एक या दो को छोड़कर सभी ने राज्य के दर्जे केनाम पर वोट मांगे। एलजी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, ये लोग राज्य के दर्जे से इतना क्यों डरते हैं? वे सत्ता क्यों नहीं छोड़ना चाहते? पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा, हमारे 26 मेहमान मारे गए और हमें काम करने की सलाह दी गई है। हम काम करना जानते हैं। आपअपना काम करें, हम अपना करेंगे। वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरलसीएम ने कहा, बताइए हमें कब तक इंतजार करना चाहिए? हमें बताया गया है कि इसे उचित समय पर बहाल कर दिया जाएगा। ठीक है… मेंइंतजार करूंगा, लेकिन मुझे बताइए कि सही समय का आकलन करने का पैमाना क्या है। हम उचित समय का आकलन कैसे करें? बहाली के नियमऔर शर्तें स्पष्ट होनी चाहिए ताकि हमारी सरकार को पता चले कि हमें इसके लिए क्या करना चाहिए। एक मुख्यमंत्री के रूप में मुझे पता होना चाहिएकि यही वह मील का पत्थर या लक्ष्य है जिसे हमें प्राप्त करना है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने एलजी केबयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। डॉ. फारूक ने कहा कि एलजी झूठ बोलते हैं। वह कभी सच नहीं बोलते हैं। आईएएस और आईपीएसअधिकारियों के जरिए उन्होंने पूरा नियंत्रण कर रखा है। एक भी फाइल पास नहीं करते हैं। डॉ. फारूक के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर खूबवायरल हो रहा है। इससे सियासत गरमा गई है।