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रीना पासवान का बड़ा दावा, चिराग 2030 में बिहार के सीएम बन सकते “जानें और क्या कुछ कहा”

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की मां रीना पासवान अपने बेटे को भविष्य में मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेरी शुभकामनाएंचिराग पासवान के साथ हैं। जब उनसे सवाल पूछा गया कि लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) प्रमुख चिराग पासवान को भविष्य का मुख्यमंत्रीमानती हैं, तो उन्होंने कहा कि आने वाले समय में, 2030 में। मेरी शुभकामनाएं हमेशा उसके साथ हैं। इससे पहले उन्होंने पत्रकारों के सवाल काजवाब देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल में हमारी पार्टी को शामिल किया गया है। बहुत खुशी हो रही है। यह सब चिराग पासवान की मेहनत और जनता काआशीर्वाद का फल है। हमलोग शून्य पर थे और आज 19 पर हैं। लोकसभा में भी हमें अच्छी सीटें आई थी। इस विधानसभा चुनाव ने उनकाराजनीतिक कद और बढ़ा दिया है। नीतीश कुमार के शपथ लेने के बाद फिलहाल इन चर्चाओं पर विराम लग गयावहीं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार को कहा कि मैं उपमुख्यमंत्री पद की मांग कर लालची नहीं दिखना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि मैंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करता हूं कि नई बिहार कैबिनेट में उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को दो स्थान मिले। प्रेसकॉन्फ़्रेंस को संबोधित करते हुए पासवान ने यह भी कहा कि वह बिहार से बाहर पश्चिम बंगाल, पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी एनडीए केसाझेदार के रूप में पार्टी का विस्तार करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए के भीतर सीट-बँटवारे के तहत हमें 29 सीटें मिली थीं, जिनमें से हमारीपार्टी ने 19 सीटें जीतीं। हमने उन्हीं सीटों पर चुनाव लड़ा जो गठबंधन के लिए कमजोर मानी जाती थीं। यह जनता के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री द्वाराहमारी पार्टी को मिले समर्थन की वजह से संभव हो पाया। अब बिहार की नई कैबिनेट में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दो स्थान दिए गए हैं।यह पर्याप्त है।चिराग पासवान के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा लोकसभा चुनाव के बाद से उठने लगी थी। कई बार उनके करीबी इस बात की चर्चा कर चुके हैं। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के शपथ लेने के बाद फिलहाल इन चर्चाओं पर विराम लग गया। लेकिन, अब चिराग की मां रीना पासवानके बयान की खूब चर्चा हो रही है।

सेबी ने रिट्स और इनविट्स को बाजार सूचकांकों में शामिल करने पर विचार शुरू किया, म्यूचुअल फंड एक्सपोजर बढ़ाने के कदम

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे शुक्रवार को आरईआईटी और इनविट के राष्ट्रीय सम्मेलन पर बोलते हुए कहा किनियामक रियल एस्टेट निवेश ट्रस्टों (रिट्स) को बाजार सूचकांकों में शामिल करने पर विचार कर रहा है। इस कदम का उद्देश्य इस क्षेत्र में तरलता, दृश्यता और संस्थागत भागीदारी में सुधार लाना है। इस कदम के साथ ही रिट्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश ट्रस्ट्स दोनों तक म्यूचुअल फंड की पहुंचबढ़ाने के लिए भी उपाय किए जा रहे हैं।पांडे ने कहा कि यह उपकरण भारत के अवसंरचना वित्तपोषण के अगले चरण का एक महत्वपू्र्ण हिस्सा हैं और अगर तरलता और निवेशक दोनों की हीभागीदारी सार्थक रूप से अच्छी होती है तो यह घरेलू और वैश्विक दोनों पूंजी को आकर्षित कर सकते हैं। पांडे ने कहा आरईआईटी को इक्विटी के रूपमें माना जाएगा और इनविट्स को हाइब्रिड उपकरणों के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियामक रिट्स और इनविट्स दोनों में हीएक्सपोजर की अनुमति देने के लिए लिक्विड म्यूचुअल फंड्स के पूल का विस्तार करेगा। इसके लागू होने के बाद रिट्स के लिए सूचकांक समावेशनस्वाभविक रूप से अधिक संस्थागत निवेश को आकर्षिक करेगा और द्वितीयक बाजार की गतिविधियों को भी मजबूत करेगा। पांडे ने कहा, “हमारे सोनेके नियमों को पहले ही एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से समझाया जा चुका है। सोने में निवेश या तो म्यूचुअल फंड द्वारा पेश किए जाने वाले गोल्डइन्वेस्टमेंट ईटीएफ के माध्यम से या व्यापार योग्य सोने की प्रतिभूतियों के माध्यम से किया जा सकता है। ये वे उत्पाद हैं जो विनियमित क्षेत्र में शामिलहैं, इसलिए फिलहाल हम केवल इन्हीं उत्पादों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।” सेबी फिलहाल इन उपकरणों पर ध्यान केंद्रित कर रहासेबी प्रमुख ने बताया कि नियमित वितरण और विनियमित संरचनाओं की पेशकश करने वाले उत्पादों के बाद भी रिट्स और इनविट्स में रिटेलभागीदारी कम है। उन्होंने कहा कि निवेशक आधार का विस्तार करने और नियामक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और संचार में सुधार करने कीआवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। विशेषकर सेबी के हाल में निवेशक सर्वेक्षण के बाद पता चला है कि व्यक्ति अपनी समझ में आने वालीभाषाओं में वित्तिय जानकारी लेना पसंद करते हैं रिट्स और इनविट्स बाजार में सूचीबद्ध साधन हैं जो निवेशकों के पैसो को एकत्र कर आय देने वालीअचल संपत्ति में या परिसंपत्तियों का स्वामित्व और संचालन करते हैं। रिट्स में मुख्य रूप से कार्यालय पार्क और व्यावसायिक संपत्तियां होती हैं, जबकि इनविट्स में राजमार्ग, ट्रांसमिशन लाइन या नई परियोजनाओं जैसी परिसंपत्तियां होती हैं। उनका कैश फ्लो (नकदी प्रवाह) समर्थित सरंचनाएंनिवेशकों को स्थिर प्रतिफल देती है और वहीं परिसंपत्ति मालिकों को मुद्रीकरण का विकल्प देती हैं। सेबी के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने शुक्रवार कोस्पष्ट किया कि नियामक इस समय डिजिटल गोल्ड के लिए किसी नए नियामक ढांचे पर विचार नहीं कर रहा है। रीट्स और इनविट्स-2025 परराष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर मीडिया से बात करते हुए, पांडे ने कहा कि सोने से संबंधित निवेश वर्तमान में म्यूचुअल फंड द्वारा पेश किए जाने वालेगोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) या व्यापार योग्य सोने की प्रतिभूतियों के माध्यम से किया जा सकता है। ये वे उत्पाद हैं जो विनियमित क्षेत्र मेंआते हैं, और सेबी फिलहाल इन उपकरणों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

एमसीडी स्कूल लाजपत नगर पहुँचे शिक्षा मंत्री आशीष सूद, बच्चों को दिए सपनों से भरे नए स्कूल बैग

बच्चों से मिलने पहुँचे शिक्षा मंत्रीदिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने एमसीडी स्कूल लाजपत नगर-III का दौरा किया। यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्किबच्चों से सीधी मुलाक़ात का ऐसा अवसर था जिसने पूरे माहौल को उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। यह आयोजन बाल दिवस समारोह के साथ-साथउस परिवर्तन यात्रा के दस वर्ष पूरे होने का प्रतीक भी रहा, जिसने इस स्कूल और आसपास के वार्ड के स्कूलों को नई पहचान दिलाई है। बच्चों को मिले सपनों से भरे नए बैगसमारोह के दौरान नर्सरी से लेकर पाँचवीं तक के विद्यार्थियों को नए स्कूल बैग दिए गए। कुल 2,200 से अधिक बैग वितरित किए गए, जिनसे बच्चोंके चेहरे खिल उठे। यह पूरी पहल गेल (GAIL) के साथ हुई साझेदारी के तहत संभव हुई। कार्यक्रम में 500 से अधिक बच्चे शामिल हुए, जिन्होंनेरंगारंग प्रस्तुतियों, नृत्य और स्वागत बैंड के ज़रिए आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। ये बैग सिर्फ किताबें रखने के लिए नहीं, सपनों को सँभालने के लिए हैंमंच से बोलते हुए शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बच्चों के भविष्य को लेकर अपनी गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे भी एक समय सरकारीस्कूल में पढ़े हैं और इसलिए यहाँ आना उन्हें घर जैसा लगता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी का यह अधिकार है कि उसे ऐसा स्कूल मिले जहाँ वहसुरक्षित महसूस करे और खुले मन से सीख सके। उन्होंने कहा आज हम जो बैग दे रहे हैं, वे बच्चे सिर्फ किताबों से नहीं भरेंगे, बल्कि अपने सपनों औरउम्मीदों को इन बैगों में लेकर आगे बढ़ेंगे। यही सपने कल देश का भविष्य बनेंगे। दिल्ली सरकार का लक्ष्य आधुनिक और एआई–सक्षम स्कूलअपने संबोधन में सूद ने दिल्ली सरकार की उस दृष्टि का विस्तार से वर्णन किया, जिसके तहत आने वाले पाँच वर्षों में सभी सरकारी स्कूलों कोअत्याधुनिक सुविधाओं वाला बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में एआई तकनीक, उन्नत फर्नीचर, आधुनिक उपकरणों वाली कक्षाएँ और नईशिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप सीखने का वातावरण तैयार किया जा रहा है। उनका मानना है कि आने वाली पीढ़ियाँ दिल्ली के सरकारीस्कूलों में पढ़ने को ही गर्व का विषय समझेंगी। सीएसआर फंडिंग से बदलेगा स्कूलों का स्वरूपसूद ने स्पष्ट किया कि चाहे एमसीडी के स्कूल हों या दिल्ली सरकार के, सभी को एक समान महत्व दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सीएसआर फंडिंगका उपयोग करके स्कूलों को विश्वस्तरीय संस्थानों में बदला जाएगा। ये संसाधन न केवल ढाँचागत विकास में काम आएँगे, बल्कि सीखने के माहौलको भी बेहतर बनाएँगे। दस वर्षों की यात्रा स्कूल से समाज तकलाजपत नगर स्कूल उस चुनिंदा सरकारी स्कूलों में से है जहाँ वर्ष 2015 में एनजीओ पीपल की मदद से व्यापक सुधार की शुरुआत हुई थी। तब सेलगातार स्कूल में एक ऐसा माहौल तैयार हुआ है जहाँ शिक्षक, बच्चे और समुदाय—तीनों स्कूल विकास की इस यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर चलतेहैं। पीपल की सह-संस्थापक उर्मिला चौधरी ने कहा कि यह उनके लिए गर्व का विषय है कि दस साल पहले जिस स्कूल से उनकी यात्रा शुरू हुई, आज वही इस उत्सव का केंद्र बना हुआ है। शिक्षा को सामाजिक अभियान बनाने का संकल्पकार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने इस बात पर सहमति जताई कि शिक्षा का विकास सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिकदायित्व है। बच्चे तभी बेहतर सीख पाते हैं जब शिक्षक उनका मार्गदर्शन करें, माता-पिता उनका साथ दें और समुदाय स्कूलों के प्रति संवेदनशील हो।इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि जब सभी मिलकर प्रयास करते हैं तो सरकारी स्कूल भी उत्कृष्टता की मिसाल बन सकते हैं।

AAP Welcomes Delhi HC Order Granting Power Connections to Booked Properties

The Aam Aadmi Party (AAP) has hailed the Delhi High Court’s decision directing that booked properties be granted electricity connections, calling it a long-overdue relief for thousands of residents. Senior AAP leader Durgesh Pathak said the High Court’s order stems directly from the proposal passed during the Arvind Kejriwal Government, which had already ensured water connections for booked properties in 2021 and pushed through an Municipal Corporation of Delhi (MCD) proposal for electricity connections in 2024 after citizens insisted that water access was meaningless without power. The senior AAP leader noted that the same BJP-controlled MCD that sealed 1.5 lakh homes and engaged in massive illegal collections between 2007 and 2022 had consistently opposed every attempt to provide electricity connections, even when the AAP Government brought the proposal to the House. At a press conference held at the party headquarters on Thursday, senior AAP leader Durgesh Pathak said, “The BJP took control of the MCD in 2007 and remained in power until 2022, during which people who migrated from other states and worked in Delhi built small and large homes with their life savings, only to see nearly 1.50 lakh of them sealed by the BJP-ruled MCD. The BJP councillors and corrupt officials collected lakhs of rupees from these families, who kept demanding electricity and water connections for years.” He added that the MCD’s building department functions under the MCD, and since the BJP was in power, it never gave permission for electricity or water connections because booked properties had become a major income hub for BJP leaders. Durgesh Pathak pointed out, “Arvind Kejriwal took a historic decision in 2021–22 that even booked properties have a fundamental right to water. Babasaheb’s Constitution ensures every person the right to life, and if the right to life is meaningful, access to water cannot be denied.” He added that in 2021–22, the Delhi Jal Board (DJB) issued a notification directing that all properties in Delhi, including jhuggi jhopdis, unauthorised colonies, resettlement colonies and booked properties, must receive water connections. “After this notification, every person across Delhi began receiving water connections,” he said.He noted that many people later approached the court, arguing that water could only be used if electricity was also available, and demanded electricity connections. Electricity could only be provided if the MCD building department issued an NOC, but the MCD refused. “After the AAP formed the MCD government in 2023, the MCD House passed a unanimous resolution on 26 February 2024 directing BSES Rajdhani, BSES Yamuna and Tata Power Limited to provide electricity connections in the same manner that the DJB provides water connections,” he said. Proposal was brought by AAP councillorDurgesh Pathak said the proposal was brought by AAP councillor Prem Chauhan from Ward 164 and AAP councillor Praveen Kumar from Ward 105. The House unanimously passed the proposal and instructed power companies to provide electricity connections to the 1.50 lakh homes sealed by the BJP government. He added, “We thank the Delhi High Court for taking cognisance of the proposal passed by the AAP government and directing BSES (Bombay Suburban Electricity Supply) Rajdhani, BSES Yamuna and Tata Power to provide electricity connections to all sealed homes in Delhi. These families can now finally receive electricity. Electricity, like water, is a fundamental right.” The senior AAP leader said, “I also thank Arvind Kejriwal, whose government passed the water-connection proposal in 2021. Had the Delhi government not passed the proposal for water connections in 2021, the AAP government in the MCD would not have been able to pass the proposal for electricity connections.” Kuldeep Kumar saidSenior leader and MLA Kuldeep Kumar said another fraud of the BJP’s “Chachi 420 government” had been exposed. He said, “The AAP government in the MCD passed the proposal on 26 February 2024 so that residents of booked properties would not suffer for electricity connections. The Delhi High Court took cognisance of that proposal and ruled in favour of these one and a half lakh people.”The AAP MLA said the BJP turned the MCD into a den of extortion from the moment it took power, booking properties to extract illegal money and harassing families. “After the High Court’s decision, these families have finally received major relief and light will now reach their homes,” he said. No work in DelhiKuldeep Kumar said the BJP had done no work in Delhi and only took credit for the work done by others, adding that it had now begun claiming credit for even the High Court’s work and did not spare even Babasaheb’s name. He said, “The BJP governs both Delhi and the MCD. The High Court has ordered installation of electricity meters on booked properties; now the BJP should remove the seals from those properties and complete their registration. Only then will people of Delhi acknowledge that the BJP has worked in the public interest.” Kuldeep Kumar asserted, “Because of the proposal passed by the AAP government, the people of Delhi have received significant relief. This is the result of Arvind Kejriwal’s farsighted leadership.” AAP councillor from Janakpuri ward Praveen Kumar said the AAP has always prioritised the interests of the people. He said the AAP government in the MCD functioned for two years and received countless complaints that 25–square-yard homes built by poor families with their life savings had been booked by the BJP government, making it impossible for them to secure electricity connections. To resolve this long-standing problem, the AAP government placed the proposal before the MCD House. When the proposal was introduced, the BJP strongly opposed it because BJP leaders were involved in corruption linked to booked properties,” he said.The AAP councillor added that the BJP government had not taken a single step to help people living in booked properties because its leaders were deeply entangled in corruption. “The AAP fought for electricity connections to booked properties inside the House and we won in the High Court. We thank the High Court for this decision,” he said.

भारत–इस्राइल साझेदारी की नई उड़ान, पीयूष गोयल बोले दोनों देशों के बीच संभावनाएँ असीमित

भारत, इस्राइल की कंपनियों के लिए निवेश और साझेदारी के व्यापक अवसर उपलब्ध करा रहा है। भारत के वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल नेगुरुवार को अपने इस्राइल दौरे पर यह बात कही। गोयल ने कहा कि दोनों देश उद्योग के बुनियादी ढांचा विकास, विनिर्माण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसेभविष्य-उन्मुख क्षेत्रों में सहयोग को और तेज कर सकते हैं। गोयल ने बताया कि सहयोग के अन्य संभावित क्षेत्रों में फिनटेक, कृषि-तकनीक, मशीनलर्निंग, क्वांटम कंप्यूटिंग, फार्मास्यूटिकल्स, अंतरिक्ष तकनीक और रक्षा शामिल हैं। भारत-इस्राइल व्यापारिक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुएगोयल ने कहा, “दोनों देशों के बीच संभावनाएँ असीमित हैं।” यह पहली बार है जब कोई भारतीय वाणिज्य मंत्री इस्राइल के आधिकारिक दौरे पर गयाहै। गोयल 60 सदस्यीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्राइल पहुंचे हैं। दौरे के दौरान वे सरकारी और व्यावसायिक नेताओं के साथ बैठकों मेंद्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश को मज़बूत करने के उपायों पर चर्चा करेंगे। व्यापारिक एकीकरण को बढ़ावा मिलेगाउन्होंने कहा, भारत निवेशकों और कारोबारियों के लिए बेहद अनुकूल माहौल प्रदान करता है। यह दोनों देशों के उद्योगों के लिए अपार अवसर खोलताहै।” इस्राइल के अर्थव्यवस्था मंत्री नीर बरकत ने मंच से कहा कि भारत, इस्राइल के लिए एक ‘बेहतरीन पार्टनर’ है। उन्होंने कहा, “भारत अगली बड़ीशक्ति है… भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां इस्राइल में आकर बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए बोली लगा सकती हैं। बरकत ने भारत-मध्य पूर्व–यूरोप आर्थिकगलियारे (IMEC) को भी सहयोग बढ़ाने के बड़े अवसर के तौर पर रेखांकित किया। आईएमईसी का उद्देश्य भारत, सऊदी अरब, अमेरिका और यूरोपको सड़क, रेल और समुद्री मार्गों के व्यापक नेटवर्क से जोड़ना है। इससे एशिया, मध्य पूर्व और पश्चिमी देशों के बीच व्यापारिक एकीकरण को बढ़ावामिलेगा। यह पहल सितंबर 2023 में दिल्ली में हुए G20 शिखर सम्मेलन में अंतिम रूप दी गई थी। भारत-इस्राइल व्यापारिक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहाबरकत ने कहा, “IMEC एक शानदार विचार है।” व्यापार आंकड़ों की बात करें तो 2024-25 में भारत का इस्राइल को निर्यात 52% घटकर 2.14 अरब डॉलर रह गया, जो 2023-24 में 4.52 अरब डॉलर था। इसी अवधि में आयात भी 26.2% घटकर 1.48 अरब डॉलर पर आ गया। अप्रैल2000 से जून 2025 के बीच, भारत ने इज़राइल से 337.77 मिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्राप्त किया है। वाणिज्य मंत्री पीयूषगोयल ने भारत-इस्राइल व्यापारिक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच असीमित संभावनाएं हैं। यह पहली बार हैजब कोई भारतीय वाणिज्य मंत्री इस्राइल के आधिकारिक दौरे पर गया है। गोयल 60 सदस्यीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्राइल पहुंचे हैं।

चीन–पाकिस्तानी समुद्री गठजोड़ पर भारतीय नौसेना की पैनी नजर, वाइस एडमिरल वात्सायन बोले हर स्थिति से निपटने को पूरी तरह तैयार

वाइस एडमिरल संजय वात्सायन ने कहा कि भारतीय नौसेना इस बात से अवगत है कि चीन पाकिस्तान को पनडुब्बियां और जहाज दे रहा है औरनौसेना हर गतिविधि की बहुत ध्यान से ‘निगरानी’ कर रही है, ताकि समुद्री सुरक्षा और देश के हितों की रक्षा की जा सके। राजधानी दिल्ली में एककार्यक्रम को संबोधित करते हुए नौसेना के उप-प्रमुख ने कहा, हमें पता है कि चीन पाकिस्तान को पनडुब्बियां और जहाज दे रहा है। हम हर चीज परबारीकी नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना देश की रक्षा प्रणाली को मजबूत करने पर काम कर रही है, खासकर पनडुब्बी-रोधी युद्धक्षमता पर। वाइस एडमिरल वात्सायन ने कहा, हमें पूरी जानकारी है कि चीन पाकिस्तान को पनडुब्बियां दे रहा है और जल्द ही उनकी पनडुब्बियों कोशामिल करने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। लेकिन हम भी पूरे क्षेत्र में हर स्थिति पर नजर रख रहे हैं। जो कुछ भी हमें करना है और जिसका मुकाबलाकरना है, हम उसकी तैयारी कर रहे हैं। हमें यह भी पता है कि पनडुब्बी-रोधी युद्ध के लिए हमें कैसी क्षमताओं की जरूरत है।भारतीय नौसेना को भी अगले दो साल में कई नए विमान मिलने वालेवात्सायन ने यह बयान भारतीय नौसेा के ‘स्वावलंबन 2025’ कार्यक्रम को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेस में दिया। यह कार्यक्रम 25-26 नवंबर कोराष्ट्रीय राजधानी के मानेकशॉ केंद्र में होगा। इस बार का आयोजन नई तकनीकों, स्वदेशी समाधान और भारतीय नौसेना की आत्मनिर्भरता की दिशा मेंप्रगति को प्रदर्शित करेगा। नौसेना के उप-प्रमुख ने कहा कि भारतीय नौसेना उन तकनीकों और क्षमताओं पर भी नजर रख रही है जो अन्य देश भी दे रहेहैं और इन्हें देखते हुए नौसेना लगातार अपनी तैयारी की समीक्षा करती है और नई चीजों को जोड़ने और खरीदने की योजना बनाती है। चीन कीक्षमताओं पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि चीन अपना तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर शामिल करने जा रहा है, लेकिन भारतीय नौसेना को भी अगले दोसाल में कई नए विमान मिलने वाले हैं। उद्योगों और सशस्त्र बलों को एक साथ लाएगाउन्होंने कहा, जहां तक चीन की बात है.. उनके पास तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर आने वाला है। लेकिन जैसा मैंने कहा, हमारे कुछ विमान निर्माणाधीन हैंऔर अगले दो साल में हमें मिल जाएंगे। हमने जरूरी स्वीकृति पहले ही ले ली है और पिछले पांच साल में कई क्षमताएं हासिल की हैं। इसलिए हमेंपूरा भरोसा है कि हम वही कर रहे हैं जो जरूरी है। एक नवंबर को भी वाइस एडमिरल वात्सायन ने कहा था कि भारतीय नौसेना हिंद महासागर में ‘बाहरीताकतों’ की मौजूदगी पर नजर रख रही है। उन्होंने बताया था कि किसी भी समय वहां 40 से 50 जहाज सक्रिय रहते हैं और नौसेना हर परिस्थिति कासामना करने के लिए तैयार है। भारतीय नौसेना का ‘स्वावलंबन 2025’ एक ऐसा मंच है जो नवोन्मेषकों, स्टार्टअप्स, उद्योगों और सशस्त्र बलों को एकसाथ लाएगा। नौसेना के उप-प्रमुख के अनुसार, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी स्वावलंबन 2025 में शामिल होंगे।

बिहार मंत्रिमंडल में बड़ा सरप्राइज़, बिना चुनाव लड़े उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश मंत्री बने, जींस–शर्ट में ली शपथ

बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद बिहार में अब नई सरकार का गठन हो चुका है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 27 मंत्रियों ने मंत्रिपद कीशपथ ली है। सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। नीतीश कुमार के साथ जिन 26 कैबिनेट मंत्रियों ने शपथ ली, उनमें से14 भाजपा से, 9 जदयू से, 2 लोजपा से और एक-एक हम और रालोमो से हैं। एनडीए की इस कैबिनेट में नौ नए चेहरों को शामिल किया गया है।इनमें लोजपा के संजय कुमार सिंह भी शामिल हैं, जिन्होंने महुआ विधानसभा सीट पर लालू प्रसाद के बेटे तेज प्रताप यादव को हराया था। 26 मंत्रियोंमें से सिर्फ़ एक मुस्लिम सदस्य है। इस कैबिनेट में एक नाम ऐसे भी है जिसे बिना चुनाव लड़े ही शपथ दिलाई गई है। उस मंत्री का नाम है दीपकप्रकाश। दीपक प्रकाश को एनडीए में शामिल रालोमो के नेता उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। रालोमो को एनडीए में चुनाव लड़ने के लिए छह सीट मिलीथी जिसमें से वह चार सीट जीतने में सफल रहे। उपेंद्र कुशवाहा ने अपने विधायकों पर विश्वास न जताकर बेटे को मंत्री पद दिलवाया है। दीपकप्रकाश ने बिहार चुनाव नहीं लड़ा है। वह कहीं से विधायक नहीं है। उन्हें मंत्री पद पर बने रहने के लिए छह महीने के भीतर विधानसभा और विधानपरिषद का सदस्य बनना होगा। 2019 में दीपक प्रकाश की शादी हुई थी। मंत्रिमंडल की छवि देखने को मिलीदीपक प्रकाश इकलौते ऐसे मंत्री दिखे जो जींस-शर्ट पहनकर शपथ लेने पहुंचे। आमतौर पर मंत्री पद की शपथ लेने नेता कुर्ता पहनकर पहुंचते हैं।लेकिन उनके परिधान में युवा मंत्रिमंडल की छवि देखने को मिली। सफेद रंग की शर्ट और नीले रंग की जींस पहनकर पहुंचे दीपक प्रकाश युवाओं केमंत्रिमंडल में शामिल होने का संदेश दे रहे थे। उनके माथे पर तिलक भी लगा हुआ था। इसके बाद वह प्रधानमंत्रा नरेंद्र मोदी से भी मिले। रालोमो नेबिहार में 6 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। इसमें बाजपट्टी, मधुबनी, सासाराम, दिनारा, उजियारपुर और पारु शामिल हैं। इनमें सेबाजपट्टी से रामेश्वर कुमार महतो, मधुबनी से माधव आनंद, सासाराम से स्नेहलता और दिनारा से आलोक कुमार सिंह ने जीत हासिल की। सासाराम सेरालोमो की प्रत्याशी स्नेहलता पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी है। नई सरकार का शपथ ग्रहण हुआउपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता पहली बार सासाराम ने विधायक चुनी गई हैं। उपेंद्र कुशवाहा राज्यसभा सदस्य हैं। वह लोकसभा सांसद भी रह चुकेहैं। 2000 में जंदाहा सीट से विधानसभा पहुंचे थे। वह बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं। अब उन्होंने अपने बेटे दीपक प्रकाश कोराजनीति में प्रवेश कराया है। दीपक ने बिना चुनाव लड़े मंत्री पद की शपथ ली है। आज बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण हुआ। इसमें मुख्यमंत्रीनीतीश कुमार समेत कुल 27 मंत्रियों ने शपथ ली। इसमें एक ऐसा नाम भी है जो बिना चुनाव लड़े ही मंत्री बन गया।

पटना में एनडीए सरकार का भव्य आगाज़, गांधी मैदान में PM मोदी का ‘गमछा मोमेंट’ बना समारोह की सबसे बड़ी चमक

पटना के गांधी मैदान में नए एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भव्यता देखने को मिली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई राजनीतिक दिग्गजमौजूद थे। समारोह में पीएम द्वारा ‘गमछा’ लहराने का क्षण सबसे बड़ा आकर्षण बन गया, जिससे करीब तीन लाख लोगों की भीड़ का एक हिस्साजोरदार उत्साह में झूम उठा। कार्यक्रम में कलाकारों ने लोकगीत और लोकनृत्य प्रस्तुत कर मंच पर मौजूद सितारों की चमक में और इजाफा किया।मंच पर प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे. पी. नड्डा और उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम, ओडिशा, हरियाणातथा दिल्ली के मुख्यमंत्री मौजूद थे। जैसे ही जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में दसवीं बार शपथ ली, प्रधानमंत्री ने भीड़ कीओर ‘गमछा’ लहराया, जिसके बाद तालियों और जयकारों की गूंज तेज हो गई। मिथिला के लोकनृत्य सामा-चकेवा से हुईशपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इससे पहले मिथिला क्षेत्र के लोकप्रिय लोकनृत्य ‘सामा-चकेवा’ की प्रस्तुति महिलाओं के एक दलने दी, जो भाई-बहन के प्रेम का उत्सव माना जाता है। इसके जरिए आगंतुकों का स्वागत किया गया। भाजपा और जदयू जो एनडीए की दो प्रमुखसहयोगी पार्टियां हैं ने क्रमशः 89 और 85 सीटें जीतीं। दोनों ने 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ा था। बाद में विभिन्न महिला कलाकारों के समूहों नेराज्य के अलग-अलग क्षेत्रों के पारंपरिक गीत और नृत्य पेश किए। मुख्य मंच के अलावा दूसरे मंच पर भोजपुरी अभिनेता एवं गायक से भाजपा सांसदबने मनोज तिवारी, तथा भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह ने अपने लोकप्रिय गीतों से भीड़ का मनोरंजन किया। गांधी मैदान में आए विशिष्ट अतिथियों केलिए विशेष चाय और बिहार के पारंपरिक व्यंजन लिट्टी-चोखा, मठरी, मखाना-खीर की व्यवस्था की गई थी। वीआईपी मेहमानों के लिए विशेष बैठकव्यवस्था भी की गई थी। पटना के गांधी मैदान में एनडीए सरकार के भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘गमछा’ लहराना सबसे बड़ाआकर्षण बन गया, जिस पर लाखों की भीड़ उत्साह से गूंज उठी। समारोह की शुरुआत मिथिला के लोकनृत्य सामा-चकेवा से हुई, जबकि विभिन्नमहिला कलाकारों ने राज्यभर के लोकगीत प्रस्तुत किए।

20 साल की सत्ता, 1 नेता नीतीश कुमार फिर बने बिहार की राजनीति के धुरी, एनडीए कैबिनेट के साथ नया अध्याय शुरू

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की बंपर जीत के बाद नई कैबिनेट का गठन गुरुवार को पूरा हो गया है। 243 सदस्यों वाली विधानसभा मेंफिलहाल 27 मंत्री रखे गए हैं। इनमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के अलावा विजय सिन्हा को भी उपमुख्यमंत्री बनाया गयाहै। इसके अलावा 24 अन्य नेताओं को भी कैबिनेट में जगह दी गई है।इसी के साथ एक बार फिर राज्य में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार का कार्यकाल शुरू हो गया। बिहार में अब बीते 20 वर्षोंकी तर्ज पर ही नीतीश के फिर से सत्ता के शीर्ष पर काबिज हैं। 2005 के अंत में शुरू हुआ नीतीश कुमार का शासन अब अगले पांच साल चल सकताहै। राम मनोहर लोहिया की समाजवादी नीतियों से काफी प्रभावित थेऐसे में यह जानना अहम है आखिर नीतीश कुमार कौन हैं, उनका सियासी सफर कैसा रहा है? बिहार में 2005 में पहली बार नीतीश के मुख्यमंत्री बननेके बाद से अब तक क्या-क्या हुआ है? किस तरह राज्य में अलग-अलग पार्टियों की सीटें और वोट प्रतिशत लगातार ऊपर-नीचे हुए हैं, लेकिन नीतीशकुमार किंग या किंगमेकर ही रहे हैं? इसके अलावा कैसे कम सीटें और वोट पाने के बावजूद नीतीश कुमार ने कैसे अपनी सत्ता बनाए रखी? नीतीशकुमार का जन्म 1951 में नालंदा के कल्याण बीघा गांव में हुआ था। नीतीश के पिता देश के स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल रहे थे, ऐसे में वे खुदसियासत में काफी रुचि रखते थे। वे राम मनोहर लोहिया की समाजवादी नीतियों से काफी प्रभावित थे। धड़ा बाद में जनता दल यूनाइटेड यानी जदयू बनाबताया जाता है कि उनके और लालू प्रसाद यादव के सियासी सफर की शुरुआत लगभग एक ही समय हुई थी। यह समय था कर्पूरी ठाकुर केसमाजवादी नेतृत्व का। कर्पूरी ठाकुर जनता पार्टी की सरकार के दौरान 1970 के दशक में बिहार में ओबीसी आरक्षण के अगुआ रहे थे। नीतीश पहलीबार सियासत में 1977 में उतरे, जब पूरे देश में कांग्रेस के खिलाफ माहौल बन चुका था। इस दौर में जनता पार्टी मजबूती से उभरी और लगभग पूरेदेश में वर्चस्व बनाया। हालांकि, नीतीश कुमार चुनावी राजनीति में बेहतर शुरुआत नहीं कर पाए। वे जनता पार्टी की तरफ से हरनौत विधानसभा सीटसे उतरे और एक निर्दलीय उम्मीदवार से हार गए। यह वह दौर था, जब नीतीश कुमार ने निराशा में राजनीति तक छोड़ने का मन बना लिया था।हालांकि, उनके करीबियों ने किसी तरह उन्हें मना लिया। 1985 में वे एक बार फिर हरनौत सीट से ही लोक दल के टिकट पर चुनाव लड़े औरआखिरकार जीते।बाद में नीतीश ने 1989 में लोकसभा चुनाव में बाढ़ से जीत हासिल करने के बाद वे बिहार की राजनीति से कुछ दूर भी हुए। वे वीपी सिंह की सरकारमें कृषि राज्य मंत्री बने। 1991 में उन्होंने जनता दल के टिकट पर बाढ़ से फिर जीत हासिल की। हालांकि, तीन साल बाद ही उन्होंने जनता दल सेअलग होकर 1994 में जॉर्ज फर्नांडीस के साथ मिलकर समता पार्टी बना ली। उनका यही धड़ा बाद में जनता दल यूनाइटेड यानी जदयू बना।

AAP Accuses BJP of ‘Credit Theft’ Over Delhi High Court Order on Electricity Connections

The Aam Aadmi Party (AAP) has blasted the BJP’s “Chachi 420” government for pulling off its boldest ‘credit-chori’ (credit theft) yet, hijacking a Delhi High Court order and passing it off as Chief Minister Rekha Gupta’s achievement. AAP’s Delhi State President Saurabh Bharadwaj said the BJP didn’t just hide the court’s ruling on electricity connections for Municipal Corporation of Delhi (MCD)’s booked properties, it staged a full-blown victory parade, with BJP leaders, including Manoj Tiwari and Virendra Sachdeva, congratulating Rekha Gupta for a decision she never made. Addressing a press conference, AAP Delhi unit president Saurabh Bharadwaj stated, “The BJP government is setting new records of ‘farziwada’ (fraud) every day. The BJP government is committing fraud with pollution data and with the cleaning of the Yamuna. When they get caught, they say things can’t be fixed so quickly. If they cannot fix it quickly then why did they claim they would? Arvind Kejriwal’s government purchased buses and CM Rekha Gupta now wants to take credit for it. Arvind Kejriwal built Mohalla Clinics and dispensaries and the BJP CM wants to replace the boards and take the credit.” Highlighting how the BJP has crossed every limit, Saurabh Bharadwaj elaborated, “While stealing the credit of the Aam Aadmi Party government, the BJP government has gone so far in its fraud that it is now trying to steal credit for the courts’ work as well. The BJP government is not just cheating the people of Delhi, now the CM of Delhi, Rekha Gupta, is doing fraud even with the court.” Waving the posters of the film ‘Chachi 420’, he said that CM Rekha Gupta has even committed fraud with the Delhi High Court. “The BJP believes no one will notice their fraud. On Tuesday, all newspapers published a wrongly printed report quoting CM Rekha Gupta that electricity connections would now be allowed even in booked properties. It was reported that the MCD used to stop electricity connections in properties booked for unauthorised construction and that her government has now decided these properties will again receive electricity connections,” shared the senior AAP leader. Saurabh Bharadwaj continued, “Before publishingExplaining how the claim got amplified, Saurabh Bharadwaj continued, “Before publishing this report, the media should have checked when and why this decision was taken. This release was prepared and sent from the CM’s office and the media published it trusting the CM. After that, BJP MP Manoj Tiwari went to thank CM Rekha Gupta saying that this decision was awaited for a long time and would bring relief to Delhi’s people. Then BJP Delhi State President Virendra Sachdeva committed the third fraud. Virendra Sachdeva also thanked the Chief Minister and called this decision unprecedented.” The AAP Delhi Chief revealed, “This order belongs to Delhi High Court Judge Mini Pushkarna, not to the Chief Minister. The Chief Minister is committing fraud with the people of Delhi and even with the court. From the very first day, CM Rekha Gupta has been stealing the credit for the work done by Arvind Kejriwal and the Aam Aadmi Party. But in this fraud, ‘Chachi 420’ (referring to CM Rekha Gupta) has gone so far that she is now presenting the Delhi High Court’s order as her own order. We did not know that Rekha Gupta is also a judge of the Delhi High Court. This fraud can only be done by the BJP. Both English and Hindi newspapers have published this.” Pointing to the long-running case, he added, “A case related to electricity connections in booked properties had been ongoing in court for many years. When the MCD books a property, it does not receive an electricity connection. I have said many times that the matter is pending in the High Court and we hope the Delhi High Court will deliver a good decision that will provide relief to lakhs of families.” Delivered by Delhi High Court“On 13 November, this decision was delivered by Delhi High Court Judge Mini Pushkarna. In the order, she wrote that it is not acceptable that a property booked by MCD should be denied an electricity connection. If the MCD wants to demolish or seal a property, then electricity connections will be cut at that time. Merely on the grounds of booking, electricity connections cannot be stopped, and if a property is booked but no action is being taken, then the Delhi High Court has instructed BSES (Bombay Suburban Electricity Supply) Yamuna Power Limited to provide electricity connections,” he added. Saurabh Bharadwaj continued, “To commit fraud over the Delhi High Court’s order, on 17 November 2025 the Special Secretary of the Power Department, Ravi Dadhich, issued an order. It stated that the government reviewed the latest decision and issued instructions after consulting the Law Department. Whereas, the High Court’s decision was already binding on the discom. The order deliberately hid the court’s decision. The BJP government intended deception and fraud, which is why the name of the court’s decision was concealed.”He asserted, “Who behaves with such shamelessness? The BJP government is presenting the Delhi High Court’s order as its own and BJP MP Manoj Tiwari and Virendra Sachdeva are thanking the CM. I want to tell CM Rekha Gupta to file a defamation case against me because I also want to go to court and state that CM Rekha Gupta is so deeply involved in fraud that she wants to steal the credit even for the court’s decisions. I also request the court to officially certify CM Rekha Gupta with the name ‘Chachi 420’ so that she is known by that name. No government has committed this level of ‘420’ (fraud) that CM Rekha Gupta has.”