न्यूयॉर्क सिटी के नवनिर्वाचित मेयर ने स्टारबक्स बहिष्कार का किया आह्वान, यूनियन की ‘रेड कप रिबेलियन’ हड़ताल तेज

न्यूयॉर्क सिटी के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी ने शुक्रवार को स्टारबक्स के बहिष्कार की अपील करते हुए लोगों से कहा कि वे हड़ताल पर बैठेयूनियन बारिस्ताओं का साथ दें। ममदानी ने साफ कहा कि जब तक कर्मचारियों की हड़ताल जारी है, वे खुद भी स्टारबक्स से कॉफी नहीं खरीदेंगे औरजनता से भी ऐसा ही करने को कहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘स्टारबक्स के कर्मचारी पूरे देश में एकअनफेयर लेबर प्रैक्टिस स्ट्राइक पर हैं, और एक उचित कॉन्ट्रैक्ट के लिए लड़ रहे हैं। जब तक वे हड़ताल पर हैं, मैं स्टारबक्स नहीं खरीदूंगा। आप भीहमारा साथ दें। नो कॉन्ट्रैक्ट, नो कॉफी।’ इसी दिन यूनियन स्टारबक्स वर्कर यूनाइटेड ने एक ओपन-एंडेड हड़ताल शुरू की, जिसे उन्होंने ‘रेड कपरिबेलियन’ नाम दिया है। यह हड़ताल स्टारबक्स के सालाना रेड कप डे के साथ रखी गई, वह दिन जब कंपनी के स्टोर सबसे ज्यादा भीड़ देखते हैं, क्योंकि ग्राहक फ्री रीयूजेबल हॉलिडे कप लेने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इस हड़ताल में 25 से अधिक अमेरिकी शहरों में कर्मचारी इस हड़तालमें शामिल हुए। वहीं यूनियन ने कहा कि यह स्टारबक्स के इतिहास की सबसे बड़ी और सबसे लंबी अनुचित श्रम अभ्यास (यूएलपी) हड़ताल बनसकती है। यूनियन ने लोगों से अपील की, ‘नो कॉन्ट्रैक्ट, नो कॉफी… हड़ताल के दौरान स्टारबक्स मत खरीदिए! लगभग 9000 स्टारबक्स बारिस्ताओं का प्रतिनिधित्व करतीबारिस्ताओं का प्रतिनिधित्व करतीयूनियन, जो लगभग 9000 स्टारबक्स बारिस्ताओं का प्रतिनिधित्व करती है, कहती है कि स्टारबक्स बातचीत से बचरहा है, कंपनी के खिलाफ 1000 से अधिक अनफेयर लेबर प्रैक्टिस शिकायतें नेशनल लेबर रिलेशंस बोर्ड (एनएलआरबी) में दर्ज की गई हैं। यूनियनचेतावनी दे चुकी है कि अगर बातचीत आगे नहीं बढ़ी, तो हड़ताल और फैल सकती है। यह 2023 से अब तक यूनियन की चौथी हड़ताल है और2024 में बने सीईओ ब्रायन निकॉल के कार्यकाल में तीसरी। स्टारबक्स यूनियन के आरोपों से इनकार करती है। कंपनी के अनुसार, यूनियन की मांगेंअनुचित हैं, कंपनी पहले ही कर्मचारियों को औसतन 19 डॉलर प्रति घंटा और लाभों समेत 30 डॉलर से अधिक का पैकेज देती है। स्टारबक्स का यहभी कहना है कि वह अपने कर्मचारियों को ‘उद्योग में सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं’ देता है। स्टारबक्स ने देशभर में सैकड़ों स्टोर्स बंद किएन्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, बीते महीनों में स्टारबक्स ने देशभर में सैकड़ों स्टोर्स बंद किए, जिनमें 59 यूनियनाइज्ड स्टोर भी शामिल थे। कई बंद स्टोरोंको केवल कुछ दिनों का नोटिस ही मिला। पिछले साल भी ‘रेड कप डे’ की हड़ताल के दौरान कंपनी को करीब 60 स्टोर अस्थायी रूप से बंद करने पड़ेथे। न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, बीते महीनों में स्टारबक्स ने देशभर में सैकड़ों स्टोर्स बंद किए, जिनमें 59 यूनियनाइज्ड स्टोर भी शामिल थे। कई बंदस्टोरों को केवल कुछ दिनों का नोटिस ही मिला। पिछले साल भी ‘रेड कप डे’ की हड़ताल के दौरान कंपनी को करीब 60 स्टोर अस्थायी रूप से बंदकरने पड़े थे।
कोलकाता टेस्ट – ऋषभ पंत बने टेस्ट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज़, भारत को 30 रनों की बढ़त

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच जारी कोलकाता टेस्ट के दूसरे दिन स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। वहइस प्रारूप में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। भारत के लिए पहली पारी में पंत ने दो छक्के और इतने ही चौके लगाए।भारत की पहली पारी में पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए पंत ने 24 गेंदों में 27 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से दो गगनचुंबी छक्केनिकले। इसी के साथ वह टेस्ट में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। अब उनके नाम 83 टेस्ट पारियों में 92 छक्के दर्ज हैंजबकि पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने 180 पारियों में 91 छक्के लगाए। इस मामले में तीसरे स्थान पर पूर्व कप्तान रोहित शर्मा हैं जिन्होंने116 पारियों में 8 छक्के ठोके। 30 रनों की मामूली बढ़त हासिल कीभारत ने पहली पारी में 189 रन बनाए और दक्षिण अफ्रीका पर 30 रनों की मामूली बढ़त हासिल की। भारतीय कप्तान शुभमन गिल बल्लेबाजी करतेहुए चोटिल हो गए थे जिस कारण वह रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौटे। इसके बाद वह बल्लेबाजी के लिए नहीं उतर सके जिस कारण नौ विकेटगिरने के बाद भारत की पहली पारी समाप्त हो गई। दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 159 रन बनाए थे। भारत के लिए केएल राहुल ने सबसे ज्यादा39 रन बनाए, जबकि वाशिंगटन सुंदर ने 29 रनों की पारी खेली। राहुल और वाशिंगटन के बीच दूसरे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी हुई।भारत की ओर से ऋषभ पंत ने 27, रवींद्र जडेजा ने 27, अक्षर पटेल ने 14, ध्रुव जुरेल ने 14, यशस्वी जायसवाल ने 12, कुलदीप यादव ने 1, मोहम्मद सिराज ने 1 और जसप्रीत बुमराह ने नाबाद 1 रन बनाए। वहीं, गिल चार रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए थे। दक्षिण अफ्रीका के लिए सिमोनहार्मर ने चार विकेट झटके, जबकि मार्को यानसेन को तीन सफलता मिली। केशव महाराज और कॉर्बिन बॉश ने एक-एक विकेट लिया।
Delhi BJP Announces Unity Marches in North-West Delhi to Mark 150th Birth Anniversary of Sardar Vallabhbhai Patel

Delhi BJP General Secretary and Member of Parliament from North-West Delhi Shri Yogendra Chandolia today addressed a press conference to announce the organization of Unity Marches in the North-West Delhi Lok Sabha constituency to commemorate the 150th birth anniversary of Sardar Vallabhbhai Patel.Present at the press conference were District President Shri Vinod Sahrawat, District Vice President Shri Mewa Ram Rathore, and Delhi BJP Spokesperson Shri Shubhendu Shekhar Awasthi, among others. Yogendra Chandolia stated that, as per the directions of the Ministry of Sports and under the guidance of Prime Minister Shri Narendra Modi, Unity Marches are being organized across the country. The Government of India has planned three processions in each Lok Sabha constituency, ensuring participation from government officials, school students, NCC cadets, and members of the public. Unity Marches will be heldIn the North-West Delhi Lok Sabha constituency, three Unity Marches will be held — two in the North-West District and one in the Outer Delhi District. The marches will be organized on November 15 in Narela and November 16 in Outer Delhi. Through these marches, the message of unity — that “we all are one nation” — will be conveyed. Shri Chandolia said that these marches aim to take Sardar Patel’s message to every home. He further added that discussions with students will also be held on the theme of Aatmanirbhar Bharat (Self-Reliant India), and programs for cleanliness drives and tree plantation will also take place. Deputy Prime Minister Sardar VallabhbhaiHighlighting the double standards faced by India’s former Deputy Prime Minister Sardar Vallabhbhai Patel, Shri Yogendra Chandolia said that Patel truly deserved to be the Prime Minister of India, but became a victim of political circumstances. As Home Minister, Sardar Patel displayed exceptional ability and statesmanship — uniting over 500 princely states, many of which had initially wanted to remain independent after the partition of India and Pakistan. Through his diplomatic skill and determination, he successfully integrated them into the Indian Union.
सहारनपुर अस्पताल में आतंकी साजिश, डॉक्टर आदिल की गिरफ्तारी के बाद संपर्कों की पड़ताल

डॉक्टर के वेश में आदिल कितने खतरनाक मंसूबे पाल रहा था, इसकी भनक किसी को नहीं थी। लेकिन उसकी गिरफ्तारी के बाद जैसे-जैसे एटीएसकी जांच आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। फरीदाबाद में विस्फोटक पदार्थ और हथियारों का जखीरा मिलने के बाद अबएजेंसियों को शक है कि क्या आदिल पश्चिमी यूपी में बड़ा आतंकी नेटवर्क खड़ा करने की तैयारी में था। अनंतनाग का रहने वाला डॉ. आदिल उत्तरप्रदेश के सहारनपुर जनपद में अंबाला रोड स्थित फेमस मेडिकेयर अस्पताल में कार्यरत था। 7 नवंबर को उसकी गिरफ्तारी के बाद से पुलिस औरखुफिया एजेंसियां सक्रिय हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आदिल पश्चिमी यूपी के कई डॉक्टरों के संपर्क में था, जिनमें से कुछ जम्मू-कश्मीरके मूल निवासी हैं। एजेंसियां अब इन सभी संपर्कों की गहन पड़ताल कर रही हैं। आतंकी नेटवर्क से जुड़ा निकलेगासहारनपुर को पश्चिमी यूपी का सबसे संवेदनशील जिला माना जाता है। यहां एयरफोर्स स्टेशन, एयरपोर्ट, रिमाउंट डिपो और दारुल उलूम जैसे संस्थानहैं। यही कारण माना जा रहा है कि अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज की नौकरी छोड़कर आदिल ने यहां काम करना शुरू किया और गुप्त रूप सेअपना नेटवर्क बढ़ाने की कोशिश की। फेमस अस्पताल से एहतियातन छुट्टी पर भेजे गए डॉ आदिल के साथी डॉ. बाबर और एडमिन इंचार्ज डॉ. असलम जैदी ने बुधवार को अपनी ड्यूटी फिर से ज्वाइन कर ली। डॉ. बाबर ने कहा, ‘हम डॉक्टर की शादी में गए थे लेकिन ये नहीं जानते थे कि वहआतंकी नेटवर्क से जुड़ा निकलेगा। चार नवंबर को शादी का निमंत्रण मिला था और हम दो दिन पहले घूमने निकले थे। हमारे उससे केवल पेशेवर रिश्तेही थे। मां की बीमारी को लेकर उसके साथियों ने बतायाउन्होंने बताया कि आदिल अक्सर कश्मीरी भाषा में बात करता था, लेकिन उसके व्यवहार से कभी संदेह नहीं हुआ। गिरफ्तारी के बाद फैली अफवाहोंको लेकर उन्होंने कहा, ‘हमारा उससे पेशेवर रिश्ता ही था, बाकी सब गलत प्रचार है। यह भी सवाल है कि क्या डॉ आदिल को अपनी गिरफ्तारी कोलेकर पहले से अंदेशा था। सहयोगी डॉ. बाबर ने बताया कि गिरफ्तारी से पहले आदिल ने कहा था कि उसकी मां बीमार हैं, इसलिए वह गांव जा रहाहै। शायद उसे पहले से शक हो गया था कि वह पकड़ा जाएगा। वहीं, एडमिन इंचार्ज डॉ. असलम जैदी ने भी ड्यूटी संभाली, हालांकि उन्होंने मीडियासे दूरी बनाए रखी। डॉ. आदिल की गिरफ्तारी के बाद जांच में नए खुलासे सामने आ रहे हैं। सहारनपुर के फेमस अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर आदिलकी शादी और मां की बीमारी को लेकर उसके साथियों ने बताया कि किसी को अंदाजा नहीं था कि वह आतंकी गतिविधियों से जुड़ा है। एटीएस अबउसके संपर्कों की जांच कर रही है।
जूनियर हॉकी विश्वकप ट्रॉफी लखनऊ पहुंची, सीएम योगी ने खिलाड़ियों और मेजर ध्यानचंद की उपलब्धियों को याद किया

देशभर के विभिन्न शहरों से होते हुए जूनियर हॉकी विश्वकप की ट्रॉफी बुधवार को लखनऊ पहुंची। ट्रॉफी के स्वागत समारोह में मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में इस ट्रॉफी का आना उत्तर प्रदेश के स्वर्णिम इतिहास का स्मरण करवाने वाला क्षणभी है। हॉकी इंडिया में उत्तर प्रदेश का योगदान अविस्वमरणीय है। हॉकी के जादूगर के रूप में विख्यात मेजर ध्यानचंद ने इसी उत्तर प्रदेश की धऱती परजन्म लिया था… उत्तर प्रदेश के अंदर ही मेजर ध्यानचंद की इन स्मृतियों को बनाए रखने के लिए हमारी सरकार मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्सविश्वविद्यालय के निर्माण का कार्य कर रही है… इसके साथ ही भारतीय हॉकी से जुड़े हुए और भारतीय हॉकी के बहुत ही यशस्वी खिलाड़ी के.डी. सिंहबाबू का जन्म भी उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनकी स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए बाराबंकी में स्थित उनके पैतृक आवास को एक बेहतर म्यूजियमके रूप में बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार वर्तमान में कार्रवाई कर रही है।” स्वागत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूदमुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश हॉकी खिलाड़ियों का भी जिक्र किया और कहा कि प्रदेश ने अनेक ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने हॉकी इंडिया को सम्मानदिलाया। सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद शाहिद, अशोक कुमार, रवींद्र पाल, सैयद अली, डॉ. आरपी सिंह, सुजीत कुमार, अब्दुलअजीज, सुबोध खांडेकर, रजनीश मिश्र, मोहम्मद शकील, देवेश चौहान, एमपी सिंह, जगवीर सिंह, राहुल सिंह, विवेक सिंह, ललित उपाध्याय, दानिशमुतजबा, राजकुमार पाल, प्रेम माया, रंजना श्रीवास्तव, मंजू बिष्ट, पुष्पा श्रीवास्तव, प्रीति दुबे जैसे हॉकी के खिलाड़ियों के योगदान को भी याद किया।भारत की मेजबानी में चेन्नई और मदुरई में 28 नवंबर से दस दिसंबर तक जूनियर हॉकी विश्वकप का आयोजन किया जाएगा। जिसकी ट्रॉफी बुधवारको लखनऊ पहुंची। स्वागत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। 2025 के सफल आयोजन की भी शुभकामनामुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में भी उत्तर प्रदेश के राजकुमार पाल, उत्तम सिंह, विष्णुकांत सिंह, मुमताज, साक्षी, ज्योति, पूर्णिमामहिला व पुरुष वर्ग की सीनियर-जूनियर भारतीय टीम में चयनित होकर प्रदेश और देश को गौरवान्वित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेजूनियर हॉकी वर्ल्ड कप से जुड़े समस्त पदाधिकारियों का लखनऊ आगमन पर स्वागत करते हुए एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 केसफल आयोजन की भी शुभकामना दी। उन्होंने विश्वकप में भारतीय खिलाड़ियों के सफलता की मंगलकामना भी की। बता दें कि भारत की मेजबानी मेंचेन्नई और मदुरई में 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक जूनियर पुरुष हॉकी विश्वकप का आयोजन किया जाएगा जिसकी ट्रॉफी बुधवार को लखनऊपहुंची। जूनियर पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में भारत, चीन, बेल्जियम जापान, स्पेन, न्यूजीलैंड चिली, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत 24 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
फरीदाबाद में पकड़ी गई डॉ. शाहीन, खुफिया एजेंसियां परवेज के साथ उसके आतंकी कनेक्शन की जांच में जुटीं

फरीदाबाद से पकड़ी गई डॉ. शाहीन सईद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग में सात साल तक प्रवक्ता के पद पर रही। वर्ष2013 में बिना सूचना दिए नौकरी से गायब हो गई। उसे नोटिस भेजे जाते रहे लेकिन जवाब नहीं दिया। वर्ष 2021 में शासन ने शाहीन को बर्खास्तकर दिया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी के मुताबिक, डॉ. शाहीन ने प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज से जनवरी 2003 मेंएमबीबीएस और दिसंबर 2005 में एमडी किया। इसके बाद लोक सेवा चयन आयोग से उसका चयन हुआ। अगस्त वर्ष 2006 में जीएसवीएममेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग में प्रवक्ता के पद पर ज्वाइन किया। वर्ष 2009-10 में कन्नौज मेडिकल कॉलेज तबादला हो गया लेकिनछह महीने के बाद वापस जीएसवीएम आ गई। शाहीन काफी सरल स्वभाव की थीवर्ष 2013 में वह बिना सूचना के नौकरी छोड़कर चली गई। कॉलेज की ओर से बार-बार भेजे गए नोटिसों का उसने कोई जवाब नहीं दिया। उसकेखिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई। शासन ने वर्ष 2021 में उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया। बर्खास्तगी की कार्रवाई के बाद शाहीन नेप्रार्थनापत्र देकर कॉलेज से अनुभव प्रमाणपत्र मांगा। प्रार्थना पत्र में उसने अपना पता डॉ. परवेज सईद, असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, ओपीडीकॉम्प्लेक्स इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, दसौली, कुर्सी रोड, लखनऊ दिया था। शाहीन ने इंटर की पढ़ाई लखनऊ के लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज से की। पतिनेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हयात जफर पीएमएस के डॉक्टर हैं लेकिन वर्ष 2015 में तलाक लेकर दोनों अलग हो गए। शाहीन के पिता ने बताया कि उनकीबेटी शुरू से ही डॉक्टर बनना चाहती थी। उसने यह फैसला मां की बीमारी के बाद लिया था। मां की बीमारी के दौरान डॉक्टरों को उनकी सेवा करतेदेख वह काफी प्रभावित हुई थी। मोहल्लेवालों का कहना है कि शाहीन काफी सरल स्वभाव की थी। परवेज के आतंकी कनेक्शन के बारे में पता लगा रहीस्थानीय लोगों में चर्चा है कि शाहीन पढ़ाई में तेज थी। वह लोगों की सेवा करना चाहती थी। पता नहीं वह कैसे संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होगई। कुछ लोगों ने शाहीन का माइंडवॉश किए जाने की बात भी कही। स्थानीय लोगों को भरोसा नहीं हो रहा कि शाहीन के संपर्क आतंकीगतिविधियों में शामिल लोगों से है। परिजनों ने बताया कि शाहीन कुछ दिन दिल्ली में भी काम कर चुकी है। खुफिया एजेंसियां शाहीन के संपर्क मेंरहने वाले लोगों के बारे में पता लगा रही हैं। अब तक शाहीन ने कहां-कहां काम की है, इसका ब्योरा जुटाया जा रहा है। परवेज का ठिकाना सहारनपुरमें भी था। वह वहां क्लीनिक भी चलाता था। डॉ. शाहीन के भी सहारनपुर कनेक्शन सामने आए हैं। दरअसल, छह नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस नेसहारनपुर के अंबाला रोड स्थित अस्पताल में तैनात डॉ. आदिल अहमद को गिरफ्तार किया था। आदिल के पकड़े जाने के बाद ही मुअज्जिम का नामसामने आया। मुअज्जिम गिरफ्तार किया गया तो उसने डॉ. शाहीन के बारे में जानकारी दी। खुफिया एजेंसियां अब शाहीन और परवेज के आतंकीकनेक्शन के बारे में पता लगा रही हैं।
लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धमाका, 10 मौतें, दिल्ली पुलिस ने यूएपीए और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज “आप नेता सौरभ भारद्वाज ने लगाए आरोप”

आप के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को एलएनजेपी अस्पताल पहुंचकर लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धमाके में घायल हुए लोगों व मृतकों केपरिजनों से मुलाकात की। प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में पहुंचे आप नेताओं ने अस्पताल में व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सौरभ भारद्वाज नेआरोप लगाया कि अस्पताल में भारी अव्यवस्था है और पीड़ितों को शव ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं दी जा रही। सरकार ने इंसानियत कोशर्मसार कर दिया है। यह सरकार तालिबान को एंबुलेंस दे सकती है लेकिन देश के लोगों को नहीं जिनके घरों में धमाके से तबाही मची है। पीड़ितपरिवार बेहद पीड़ा में हैं। प्रतिनिधिमंडल में विधायक दल के चीफ व्हिप संजीव झा, पूर्व मंत्री इमरान हुसैन, विधायक कुलदीप कुमार सहित कई वरिष्ठनेता मौजूद रहे।राष्ट्रीय राजधानी के लाल किले के पास हुए धमाके को दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी में ”बम विस्फोट” करार दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने इसघटना में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकवादी हमले की साजिश व सजा से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। इसबम विस्फोट में 10 लोगों की मौत हो गई थी। प्रयास के लिए भी आरोपों में जोड़ी गयीदिल्ली पुलिस समेत सुरक्षा एजेंसियां कई जगहों पर छापेमारी कर रही हैं। राष्ट्रीय राजधानी में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और हवाई अड्डों, रेलवेस्टेशनों एवं बस अड्डों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार उत्तरी जिले के कोतवाली थाने में गैरकानूनीगतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कीगई है। उतरी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिकी यूएपीए की धारा 16 और 18 के तहत दर्ज की गई है, जो आतंकवादी हमले के लिएसजा और साजिश से संबंधित है। इसके अतिरिक्त विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत धारा तीन जीवन को खतरे में डालने वाले विस्फोट के लिएऔर धारा चार विस्फोट करने के प्रयास के लिए भी आरोपों में जोड़ी गयी हैं। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं भी लगाई गई हैं। धमाके की चपेट में आसपास खड़े कई और वाहन भी आ गएइनमें हत्या के लिए धारा 103(1), हत्या के प्रयास के लिए धारा 109(1) और वरिष्ठ अधिकारी पर हमले के लिए उकसाने के लिए धारा 161(2) शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धीमी गति से गुजर रही एक कार में सोमवार शाम जबरदस्त विस्फोट हुआ, जिससे कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और कई वाहन जलकर खाक हो गए। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस नेलाल किले के पास हुए विस्फोट के संबंध में दर्ज प्राथमिकी में कहा है कि …यह एक बम विस्फोट है। प्राथमिकी में यह भी उल्लेख है कि विस्फोट मेंदिल्ली पुलिस चौकी की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। प्राथमिकी में शिकायतकर्ता लाल किले के चौकी प्रभारी विनोद नैन हैं। प्राथमिकी के अनुसार एकजोरदार धमाका हुआ। विस्फोट के कारण चौकी की दीवार ढह गई। पुलिस कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और देखा कि कारें जल रही थीं, जबकिघायल सड़क पर पड़े थे। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया।दिल्ली पुलिस के अनुसार, कार ने 10 नवंबर की दोपहर 3:19 बजे पार्किंग में प्रवेश किया। शाम 6:48 बजे पार्किंग से निकली। इसके महज चारमिनट बाद ही 6:52 बजे सुभाष मार्ग लाल बत्ती पर कार में ब्लास्ट हुआ। धमाके की चपेट में आसपास खड़े कई और वाहन भी आ गए।
शेख हसीना की बांग्लादेश लौटने की शर्त, सहभागी लोकतंत्र की बहाली और निष्पक्ष चुनाव की मांग “जानें क्या है पूरा मामला”

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि उनके बांग्लादेश लौटने की पहली शर्त सहभागी लोकतंत्र की बहाली है। पूर्व पीएम ने ये भीकहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की भारत के प्रति दुश्मनी बेवकूफी और आत्मघाती है। उन्होंने कहा किभारत-बांग्लादेश के संबंध बहुत गहरे हैं और ये यूनुस के बेवकूफी भरे अंतराल के बावजूद मजबूत रह सकते हैं। भारत में एक अज्ञात स्थान से न्यूजएजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में बांग्लादेश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि भारत हमेशा से बांग्लादेश का सबसे अहमअंतरराष्ट्रीय साझेदार रहा है। उन्होंने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर आरोप लगाया कि भारत से संबंध बिगाड़ना मोहम्मद यूनुस की बेवकूफी हैऔर यह कूटनीतिक तौर पर आत्मघाती कदम है। शेख हसीना ने कहा कि ‘यूनुस की भारत के प्रति दुश्मनी बेवकूफी भरी और आत्मघाती है। इससे पताचलता है कि वह कितने कमजोर, गैर निर्वाचित, अराजक राजा हैं, जो कट्टरपंथियों के समर्थन पर निर्भर हैं।’ शेख हसीना ने कहा कि ‘मैं उम्मीद करती हूंकि वे मंच छोड़ने से पहले बहुत ज्यादा कूटनीतिक गलतियां नहीं करेंगे।’ निष्पक्ष, समावेशी और मुक्त तरीके से होंभारत और बांग्लादेश के संबंधों में आए तनाव को लेकर शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा अंतरिम सरकार देशवासियों और खासकरबांग्लादेश की महिलाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करती है। भारत हमेशा से हमारे देश का सबसे अहम दोस्त रहा है और आगे भी रहेगा। शेख हसीना नेभारत में शरण देने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया और कहा कि वे भारत और इसके लोगों की मेहमाननवाजी की शुक्रगुजार हैं, साथ हीउन्होंने अपने बांग्लादेश लौटने की शर्त भी बताई। उन्होंने कहा ‘मेरे बांग्लादेश लौटने की सबसे जरूरी शर्त वही है, जो बांग्लादेश के लोग भी चाहते हैं।बांग्लादेश में सहभागी लोकतंत्र की वापसी होनी चाहिए। अंतरिम सरकार को अवामी लीग पार्टी पर लगे प्रतिबंध को हटाना होगा और ये सुनिश्चितकरना होगा कि चुनाव निष्पक्ष, समावेशी और मुक्त तरीके से हों।’ हालात पर नियंत्रण नहीं रख सकेशेख हसीना, बांग्लादेश की सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाली नेता हैं। बीते साल 5 अगस्त को बांग्लादेश में हिंसक छात्र आंदोलनके बाद शेख हसीना को पीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था और वे भारत आ गईं थी। इसके बाद बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिमसरकार सत्ता संभाल रही है, लेकिन अंतरिम सरकार में भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव चल रहा है। मोहम्मद यूनुस कई बार भारत विरोधीबयानबाजी कर चुके हैं। साथ ही मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश के कट्टरपंथियों का समर्थन कर रहे हैं और पाकिस्तान के साथ भी अपने संबंधों को मजबूतकर रहे हैं। इंटरव्यू के दौरान जब शेख हसीना से पूछा गया कि क्या वे हिंसक छात्र आंदोलन को संभाल पाने में असफल रहीं? तो इस पर पूर्व पीएम नेकहा कि ‘बेशक, हम हालात पर नियंत्रण नहीं रख सके और हमें इसका दुख है। इस घटना से सीखने के लिए कई सबक हैं। लेकिन कुछ जिम्मेदारी उनकथित छात्र नेताओं (असल में वे उग्र राजनेता हैं) को भी लेनी चाहिए, जिन्होंने लोगों की भीड़ को उकसाया।’
लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह का दावा, एग्जिट पोल जनता की असली राय दबाने की साजिश, 14 तारीख को खुलेगी पोल की पोल

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने हाल ही में एग्जिट पोल के परिणामों पर सवाल उठाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस बारमीडिया में जो तथाकथित “सरकारी एग्जिट पोल” दिखाए जा रहे हैं, वे भ्रम फैलाने और शेयर मार्केट में मनोवैज्ञानिक खेल खेलने के उद्देश्य से तैयारकिए गए हैं। सुनील सिंह ने जोर देकर कहा कि यह केवल चुनावी माहौल को प्रभावित करने और जनता की वास्तविक राय को दबाने की कोशिश है।उनका कहना है कि जनता ने इस बार बदलाव और सुधार के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने कहा, “14 तारीख को जब वास्तविक चुनाव परिणामसामने आएंगे, तो एग्जिट पोल की पूरी पोल खुल जाएगी और यह साफ हो जाएगा कि इन सर्वेक्षणों का उद्देश्य केवल जनता की राय को भ्रमित करनाथा।” सभी बनावटी सर्वेक्षणों की पोल खोल देंगेसुनील सिंह ने यह भी चेतावनी दी कि जो ताकतें आंकड़ों और सर्वेक्षणों के सहारे चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं, उनकाप्रयास असफल रहेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने जनादेश के अधिकार का इस्तेमाल करें और बदलाव के पक्ष में वोट डालें। लोकदलअध्यक्ष के अनुसार, एग्जिट पोल के सहारे मतदाता की वास्तविक सोच और विकल्प को दबाने का प्रयास न केवल अस्वीकार्य है बल्कि लोकतांत्रिकप्रक्रिया के लिए भी खतरनाक है। उन्होंने कहा कि जनता का जनादेश साफ और निर्णायक होगा और असली नतीजे दिखाएंगे कि बदलाव की भावनाकितनी मजबूत है। यह बयान बिहार चुनाव और देशभर में राजनीतिक माहौल में एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल उठाता है। सुनील सिंहने कहा कि 14 तारीख को आने वाले चुनाव परिणाम इन सभी बनावटी सर्वेक्षणों की पोल खोल देंगे और जनता की असली राय सामने आएगी।
दिल्ली धमाके और पुलवामा घटना पर लोकदल का हमला, गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग

पिछले दिनों पुलवामा की घटना ने पूरे राष्ट्र को हिला दिया था, और अब दिल्ली में हुए धमाके ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश कीसुरक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। दो-दो बड़ी घटनाओं का इतने कम समय में होना केवल संयोग नहीं, बल्कि गंभीर इंटेलिजेंसफेलियर और गृह मंत्रालय की लापरवाही का परिणाम है। देश की जनता अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतितलोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह का आरोप है कि जब देश की जनता अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है, तब गृह मंत्री अपनी जिम्मेदारियों से भटककरबिहार चुनाव जीतने की रणनीतियों और सुरक्षा में अधिक व्यस्त रहे। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की राजधानी दिल्ली और पुलवामा जैसेसंवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा चूक होती रही, जबकि गृह मंत्री चुनावी राजनीति पर ध्यान देते रहे। देश के गृह मंत्री का पहला कर्तव्य राष्ट्र की सुरक्षा होताहै, लेकिन वे इस सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाने में विफल रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में उनका पद पर बने रहना नैतिक रूप से उचित नहीं।इसलिए लोकदल की तरफ से गृह मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की जाती है, ताकि देश की सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा और जिम्मेदार नेतृत्वमिल सके।