अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस कमजोर? 1.6 लाख बूथों पर BLA तक नहीं दे पाई पार्टी क्या यूपी में कांग्रेस की राह और कठिन? “जानें क्याहै पूरा मामला”

बिहार के बाद सभी राजनीतिक दलों की निगाहें पश्चिम बंगाल और यूपी चुनावों पर हैं, लेकिन कांग्रेस एक बार फिर चुनावों की तैयारी में फिसड्डीसाबित होती दिख रही है। देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में पार्टी अब तक अपना संगठन भी नहीं बना पाई है। किसी भी पार्टी संगठन के लिएमहत्त्वपूर्ण प्रदेश कार्यकारिणी का भी अब तक गठन नहीं किया जा सका है। एसआईआर के लिए पार्टी सभी बूथों पर अपने बीएलए तक नहीं दे पाईहै। ऐसी परिस्थिति में संगठन की कमजोरी यूपी चुनाव में कांग्रेस पर फिर भारी पड़ सकती है।‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने हरियाणा चुनाव में धांधली होने की बात कही थी, लेकिन कांग्रेस की हार की एक बड़ी वजह राज्य मेंपार्टी संगठन का न होना बताया गया था। कांग्रेस ने हरियाणा में लंबे समय तक अपने जिलाध्यक्ष से लेकर मंडल अध्यक्ष तक नियुक्त नहीं किए थेजिससे पार्टी चुनावी लड़ाई पूरी मजबूती से नहीं लड़ पाई और भाजपा बाजी मार ले गई। वही परिस्थिति एक बार फिर उत्तर प्रदेश में बनती हुई दिखाईदे रही है। पदाधिकारियों की नियुक्ति करनीअगस्त 2023 में अजय राय को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष और महासचिव अविनाशपांडेय ने सौ दिनों के अंदर पार्टी संगठन बना लेने की बात कही थी। लेकिन संगठन की कमजोरी के कारण पार्टी लंबे समय तक जिलाध्यक्ष तक नहींबना पाई। इसके पीछे प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और केंद्रीय इकाई के बीच सहमति न बन पाना बताया गया था। कहा तो यहां तक जाता है किकेंद्रीय नेतृत्व की सुस्ती से नाराज अजय राय अपने पद से इस्तीफा तक देने के लिए तैयार हो गए थे। फिलहाल, इन सारी परेशानियों से गुजरते हुएपार्टी ने 20 मार्च 2025 को ही अपने जिलाध्यक्षों की घोषणा कर पाई। लेकिन इसके नीचे संगठन निर्माण पूरी तरह सुस्त पड़ा हुआ है। पार्टी सूत्रोंका दावा है कि जिलाध्यक्षों की नियक्ति के बाद जून से ही पार्टी में ‘संगठन सृजन अभियान’ चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत ब्लॉक, मंडल से लेकरबूथ स्तर तक के पदाधिकारियों की नियुक्ति करनी है, लेकिन यह पूरी कवायद कागजों तक सीमित है। ज्यादातर जगहों पर निचले स्तर केपदाधिकारियों की नियुक्ति नहीं हो पाई है।कार्यकर्ताओं के न होने के कारण उन्हें निचले स्तर तक नहीं ले जाया जा रहाकुछ जगहों पर केवल खानापूर्ति के लिए कागजों पर नियुक्ति कर दी गई है, लेकिन जमीन पर पार्टी का कोई कार्यकर्ता मौजूद नहीं है। निचले स्तर परसंगठन न होने का सबसे बड़ा प्रमाण यही है कि पार्टी प्रदेश के सभी बूथों पर अपने बीएलए तक नहीं दे पाई है। यूपी में 1.60 लाख के करीब बूथ हैं।इससे पार्टी की चुनावी तैयारियों को गहरा झटका लग रहा है, लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। कांग्रेस के एक नेता ने दावा किया कि राहुलगांधी के अभियानों को प्रदेश संगठन से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। राहुल गांधी चुनावों में धांधली सहित कई महत्त्वपूर्ण अभियान शुरु कर चुके हैं।नेता के अनुसार, यदि इन मुद्दों को जनता के बीच ले जाया जाए तो इसका लाभ मिल सकता है, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ताओं के न होने के कारण उन्हेंनिचले स्तर तक नहीं ले जाया जा रहा है। इससे इन अभियानों का कोई सार्थक परिणाम निकलने की उम्मीद नहीं है।
भारत के 53वें CJI बने न्यायमूर्ति सूर्यकांत, हिंदी में ली शपथ समारोह में 6 देशों के मुख्य न्यायाधीश शामिल

देश में 53वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जस्टिस सूर्यकांत ने आज राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद औरगोपनीयता की शपथ दिलाई, उनके शपथ ग्रहण की खास बात ये रही कि उन्होंने ये हिंदी में ली। इस दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा मौजूद रहे। इस शपथ ग्रहणसमारोह में पूर्व सीजेआई बीआर गवई और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समेत तमाम केंद्रीय मंत्री समेत कई अन्यगणमान्य अतिथि भी शामिल हुए। बता दें कि, सीजेआई सूर्यकांत का कार्यकाल 9 फरवरी 2027 तक रहेगा। वहीं इस शपथ ग्रहण समारोह के बादपूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई ने एक नई मिसाल पेश की। उन्होंने समारोह के बाद अपने उत्तराधिकारी जस्टिस सूर्यकांत के लिए अपनीआधिकारिक कार भी राष्ट्रपति भवन परिसर में छोड़ी। एएनआई के मुताबिक, पूर्व सीजेआई बीआर गवई ने आज तक मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहतेहुए उन्हें दी गई आधिकारिक कार में सफर न करके एक ऐतिहासिक नई मिसाल कायम की है। इसके बजाय, जस्टिस गवई ने मुख्य न्यायाधीश केलिए मिली कार अपने उत्तराधिकारी जस्टिस सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह के बाद राष्ट्रपति भवन में उनके लिए छोड़ दी, ताकि यह पक्का हो सकेकि नए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए आधिकारिक कार उपलब्ध रहे। महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कीमुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का शपथ ग्रहण ऐतिहासिक रहा क्योंकि इसमें छह देशों- भूटान, केन्या, मलयेशिया, मॉरिशस, नेपाल और श्रीलंका के मुख्यन्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज शामिल हुए। यह पहली बार है कि किसी भारतीय मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण में इतनी संख्या में विदेशीन्यायिक प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। शपथ ग्रहण के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में महात्मा गांधी की प्रतिमा परपुष्पांजलि अर्पित की। इधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को कहा कि जस्टिस सूर्यकांत का देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप मेंपदभार संभालना न्याय प्रणाली के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय पर हुआ है। उन्होंने भरोसा जताया कि जस्टिस सूर्यकांत के नेतृत्व में संवैधानिक मूल्योंऔर कानून के राज पर जनता का भरोसा और मजबूत होगा। जस्टिस सूर्यकांत कई अहम फैसलों का हिस्सा रहे हैं, जिनमें जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जाहटाने से जुड़ा फैसला भी शामिल है। 1985 में चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कीखरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘जस्टिस सूर्यकांत को मुख्य न्यायाधीश बनने पर मेरी शुभकामनाएं। आने वाले 14 महीने न्याय व्यवस्था के लिएबेहद अहम हैं। मुझे विश्वास है कि उनके नेतृत्व में संवैधानिक मूल्यों और संस्थागत मजबूती को और बल मिलेगा, और हर नागरिक को न्याय का भरोसामिलेगा।’ भारत के 53वें और नए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 1 में अपना काम शुरू कर दिया है। कोर्टरूम में मौजूदवकीलों ने नए सीजेआई, जस्टिस सूर्यकांत का स्वागत किया और उन्हें बधाई दी, जब उन्होंने बेंच पर जस्टिस जॉयमाल्या बागची और अतुल एस. चंदुरकर के साथ सुप्रीम कोर्ट में आधिकारिक कार्यवाही शुरू की। हरियाणा के गांव से निकलकर भारत की सर्वोच्च न्यायपालिका के मुख्य न्यायाधीशपद तक पहुंचने वाले जस्टिस सूर्यकांत का जीवन संघर्ष, समर्पण और न्याय के प्रति ईमानदारी की मिसाल है। 10 फरवरी 1962 को हरियाणा केहिसार जिले के पेट्वर गांव में जन्मे सूर्यकांत का बचपन साधारण परिवेश में बीता। उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई गांव के स्कूल से पूरी की और गवर्नमेंटपीजी कॉलेज, हिसार से 1981 में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से 1984 में कानून(एलएलबी) की पढ़ाई पूरी की। इसी वर्ष उन्होंने हिसार के जिला न्यायालय में वकालत शुरू की और 1985 में चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हरियाणाहाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की।
अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण 25 नवंबर को पीएम मोदी करेंगे राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण, रामनगरी उत्सव में डूबी

यूपी के अयोध्या स्थित राम मंदिर में 25 नवंबर को होने वाले ध्वजारोहण समारोह के उल्लास में रामनगरी डूबी हुई है। देश-दुनिया से बड़ी संख्या मेंश्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं के साथ ही संत महंतों में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों राम मंदिर के शिखर पर होनेवाले ध्वजारोहण का उल्लास छाया हुआ है। संत और श्रद्धालु खुशी से सराबोर होकर नृत्य कर रहे हैं। जय श्रीराम का उद्घोष गूंज रहा है। श्रद्धालुरामलला के दर्शन कर खुद को धन्य मान रहे हैं। ध्वजारोहण समारोह के दिन आम श्रद्धालुओं का प्रवेश राममंदिर में बंद रहेगा। 26 नवंबर कोवीआईपी दर्शन नहीं होंगे। जबकि, आम श्रद्धालु राम मंदिर में जा सकेंगे। ध्वजारोहण के अगले दिन बड़ी संख्या में भक्तों के अयोध्या पहुंचने कीसंभावना है। रामनगरी ही नहीं समूचे देश और दुनिया के लिए 25 नवंबर दिन ऐतिहासिक होगा। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिव्य और भव्य राममंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे। पीएम के आगमन से पहले अयोध्या सज संवरकर तैयार हो गई है। राम मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों को फूलों सेसजाया गया है। रामपथ पर भी भव्य सजावट की गई है। सेना के हेलीकाप्टर ने आकाश पर गरजेमंगलवार को सुबह 9:30 बजे प्रधानमंत्री मोदी महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। वहां पर सेना के तीन हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। एकहेलीकॉप्टर पर पीएम मोदी होंगे तो दो हेलीकॉप्टर उनकी सुरक्षा में लगाए गए हैं। तीनों हेलीकॉप्टर एयरपोर्ट से उड़ान भरकर लगभग 12 किलोमीटरदूर साकेत महाविद्यालय पहुंचेंगे, जहां पर तीन हेलीपैड बनाए गए हैं। यहां पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर लैंड होगा। यहां से सड़क मार्ग से रामपथ परलगभग एक किमी दूर वीआईपी गेट नंबर 11 यानी जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य द्वार से राम मंदिर में प्रवेश करेंगे। साकेत महाविद्यालय से इस द्वार तकरामपथ पर सुरक्षा और सजावट के पुख्ता व भव्य इंतजाम युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं। इसकी निरंतर मॉनीटरिंग भी प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठअधिकारियों की ओर से की जा रही है। हेलीकाप्टर से नजर रखी जा रही है। रविवार को सेना के हेलीकाप्टर ने आकाश पर गरजे। उन्होंने घूम-घूमकरराम मंदिर व आसपास का जायजा लिया। कोई भी शख्स फुटपाथ से रामपथ पर नहीं आ सकेगाइस एक किमी के रास्ते में 12 स्थान पर उनका पुष्प वर्षा से स्वागत होगा। सात जगह पर सांस्कृतिक मंच बनाए गए हैं। जहां लोक कलाकार गायन, नृत्य और वादन से स्वागत करेंगे। साकेत महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर 501 वैदिक आचार्य और बटुक स्वस्ति वाचन करेंगे। प्रधानमंत्री राम मंदिरपरिसर में बने सप्त ऋषि मंदिर और शेषावतार मंदिर में भी ध्वजारोहण करेंगे। इसके बाद बटन दबाकर राम मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे।फिर देश के नाम उनका संबोधन होगा। दोपहर लगभग 1:30 बजे पीएम मोदी अयोध्या से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। ध्वजारोहण समारोह में आ रहेप्रधानमंत्री के लिए रामपथ सुरक्षा और सजावट की नजीर बनेगा। पीएम मोदी के काफिले के गुजरने वाले मार्ग पर सुरक्षा के लिए दोहरे स्तर परबैरिकेडिंग की जा रही है। सांस्कृतिक मंच सजने लगे हैं। पथ के दोनों तरफ घरों व प्रतिष्ठानों पर भगवा ध्वज लहरा रहे हैं। पीएम मोदी के मूवमेंट केदौरान कोई भी शख्स फुटपाथ से रामपथ पर नहीं आ सकेगा। आईटीआई होते हुए साकेत महाविद्यालय से राम मंदिर के जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य द्वारतक रामपथ के दोनों तरफ सूचना व जनसंपर्क विभाग की ओर से पीएम मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत कीतस्वीरों वाली बड़ी-बड़ी होर्डिंग लगा दी गई हैं।
सीएम योगी ने अयोध्या में राम मंदिर ध्वजारोहण की तैयारियों का लिया जायजा, पीएम मोदी कल करेंगे शिखर पर भगवा ध्वज फहराया

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ श्री राम जन्मभूमि मंदिर के ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए सोमवार को अयोध्या पहुंचे, जिसमें कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। वहीं, हनुमान गढ़ी मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराकर ध्वजारोहण समारोह का शुभारंभ करेंगे। उनका एयरपोर्ट से साकेत महाविद्यालय तकहेलीकॉप्टर से पहुंचना प्रस्तावित है। साकेत महाविद्यालय से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक भव्य रोड शो भी आयोजित होगा। रोड शो के एक किमी लंबेरामपथ को आठ जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पारंपरिक तरीके से थाली, आरती, फूल-माला औरनमस्कार मुद्रा के साथ पीएम की अगवानी करेंगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए अलग-अलग समाज और समूहों की महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपीहै। सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहाध्वजारोहण समारोह के लिए सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद कर दिया गया है। पुलिसकर्मी जगह-जगह पर तैनात हैं। एडीजी जोन सुजीतपांडेय ने ध्वजारोहण कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस लाइन में उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को कार्य-व्यवहार और कर्तव्यों काबोध कराया। बताया कि अपनी तैनाती स्थल पर मुस्तैदी से डटे रहें। आगंतुकों से उत्तम व्यवहार करते हुए उन्हें जारी गाइडलाइन से अवगत कराएं।अराजकतत्वों पर विशेष नजर रखें। उन्होंने राम मंदिर परिसर, साकेत महाविद्यालय व अन्य कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया। इस मौके पर आईजीप्रवीण कुमार, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिरध्वजारोहण समारोह की तैयारियों की समीक्षा की, जिसमें पीएम मोदी शामिल होंगे। पीएम रोड शो भी करेंगे। कार्यक्रम के लिए सुरक्षा कड़ी कर दीगई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैयारियों की लगातार निगरानी कर रहे हैं और सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है।
दिल्ली में प्रदूषण के चलते इंडिया गेट पर हिडमा समर्थक प्रदर्शन, पुलिस पर हमला, 3-4 घायल, 15 गिरफ्तार

दिल्ली में इंडिया गेट पर उस समय हालात असामान्य हो गये जब वायु गुणवत्ता में गिरावट के लिए किया गया विरोध-प्रदर्शन मारे गये नक्सली कमांडर’हिडमा अमर रहे’ के नारों से गूंज उठा। इंडिया गेट पर युवा प्रदर्शनकारी अपने साथ हिडमा के नाम लिखी तख्तियां और पोस्टर लेकर आये थे।प्रदर्शनकारी व्यवस्था से नाराज थे और उसे बदलने की आवाज उठा रहे थे। मगर आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर पैपर स्प्रे कर दिया, जिससे तीन से चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी का राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी नेपुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। पुलिस ने 15 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिसकर्मी का अस्पताल में इलाज चल रहापुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब 4.30 बजे कुछ प्रदर्शनकारी इंडिया गेट के सी-हेक्सागन जमा हुए। वहवायु गुणवत्ता में लगातार हो रही गिरावट को लेकर विरोध जता रहे थे। कुछ देर बाद प्रदर्शन करने वाले नक्सली हिडमा के पक्ष में नारेबाजी करने लगे।वहां मौजूद पुलिस टीम ने उन्हें वहां से हटने का निर्देश दिया, लेकिन उन्होंने पुलिस के निर्देश का पालन नहीं किया और नारेबाजी करते रहे। उसके बादपुलिस प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने लगी। आरोप है कि इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर पेपर स्प्रे का इस्तेमाल करनेलगे, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई और पुलिस और प्रदर्शनकारी के बीच हल्की झड़प हो गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पेपर स्प्रे किए जानेसे तीन से चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन्होंने आंखों में जलन की शिकायत की। उन्हें तुरंत पास के आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया।सभी पुलिसकर्मी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। हिडमा के नाम लिखी तख्तियां और पोस्टर लेकर आयेप्रदर्शन की वजह से ट्रैफिक व्यवस्था में भी काफी दिक्कत आई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 15 प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछकी जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने हिंसक व्यवहार और पुलिस बल पर हमले को लेकर उनके खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वह अपनी शिकायत शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से रखें, ताकि सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा और व्यवस्थाप्रभावित न हो। घटना के बाद इंडिया गेट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इंडिया गेट पर युवा प्रदर्शनकारी अपने साथ हिडमा के नाम लिखी तख्तियां औरपोस्टर लेकर आये थे। प्रदर्शनकारी व्यवस्था से नाराज थे और उसे बदलने की आवाज उठा रहे थे।
गरम धरम’ और ‘ही-मैन’ के मालिक धर्मेंद्र का निधन, लाखों फैंस हुए भावुक 300 से ज्यादा फिल्मों में किया योगदान

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र का निधन हो गया है। 89 साल के धर्मेंद्र लंबे समय से बीमार थे और अब इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं।उनके जाने से पूरे देश में शोक की लहर है। फैंस को यकीन नहीं हो रहा कि उनका पसंदीदा सितारा अब उनके बीच नहीं है। धर्मेंद्र अभी भी एक्टिंग कीदुनिया में सक्रिय थे और उनकी आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ अगले महीने रिलीज होने वाली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धर्मेंद्र 450 करोड़ रुपयेकी संपत्ति के मालिक थे। उन्होंने अपने लंबे करियर में करीब 300 फिल्मों में काम किया और 450 करोड़ रुपये से अधिक का अंपायर खड़ा किया।इसके अलावा उन्होंने रेस्टोरेंट बिजनेस, हॉस्पिटल और अन्य क्षेत्रों में निवेश किया था। उनका मशहूर रेस्टोरेंट ‘गरम धरम’ और करनाल हाइवे पर स्थित‘हीमैन’ रेस्टोरेंट उनकी बिजनेस की समझ के उदाहरण हैं। धर्मेंद्र ने अपने करियर की शुरुआत 1960 में फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से की थी, जिसके लिए उन्हें सिर्फ 51 रुपये मिले थे। लेकिन आने वाले दशकों में उन्होंने इंडस्ट्री पर राज किया और करोड़ों की संपत्ति बनाई।रेंज रोवर जैसी महंगी कारें शामिलधर्मेंद्र का फार्महाउस खंडाला के लोनावाला में 100 एकड़ में फैला हुआ है, इसकी कीमत करीब 120 करोड़ रुपये बताई जाती है। इस फार्महाउस मेंस्वीमिंग पूल, एक्वा थैरेपी जैसी लग्जरी सुविधाएं हैं। धर्मेंद्र यहां अपनी पहली पत्नी प्रकाश कौर के साथ रहते थे। उनके बेटे बॉबी देओल ने बतायाथा कि माता-पिता को फार्महाउस का शांत माहौल पसंद है। इसके अलावा महाराष्ट्र में 17 करोड़ रुपये की एक अन्य प्रॉपर्टी और ₹1.4 करोड़ कीकृषि व गैर-कृषि जमीन भी उनके पास थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक वे फार्महाउस के पास 30 कॉटेज वाला एक लग्जरी रिसॉर्ट बनाने की योजना पर भीकाम कर रहे थे। धर्मेंद्र को लग्जीरियस गाड़ियों का शौक था। उनके कलेक्शन में मर्सिडीज-बेंज एस-क्लास, मर्सिडीज-बेंज SL500 और लैंड रोवर रेंजरोवर जैसी महंगी कारें शामिल थीं। हालांकि उनकी फेवरेट कार 65 साल पुरानी फिएट थी। धर्मेंद्र के कार कलेक्शन में कुछ कारों की कीमत लाखों मेंथी, तो कुछ की करोड़ों में। ‘ही-मैन’ नाम से एक और रेस्टोरेंट खोलाधर्मेंद्र ने फिल्मों के अलावा कलनरी से लेकर हेल्थकेयर सेक्टर तक में निवेश किया। सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले धर्मेंद्र अक्सर अपनेफार्महाउस की झलक फैंस को दिखाते रहते थे। धर्मेंद्र ने फिल्म प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया। उन्होंने ‘यमला पगला दीवाना’ जैसी फिल्मों कोप्रोड्यूस किया। इसके अलावा उन्होंने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कदम रखा और 2022 में ‘गरम धरम ढाबा’ लॉन्च किया। बाद में करनाल हाइवे पर ‘ही-मैन’ नाम से एक और रेस्टोरेंट खोला।
हिमाचल कांग्रेस के नए प्रदेशाध्यक्ष बने विनय कुमार, अनुसूचित जाति से पहली बड़ी नियुक्ति

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष विनय कुमार बनाए गए हैं। पार्टी आलाकमान ने लंबे मंथन के बाद अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले विनयकुमार के नाम पर मोहर लगाई है। शनिवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विनय को पार्टी प्रदेशाध्यक्ष बनाने के आदेश जारीकिए। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसकी सूचना साझा की। इससे पहले ही विनय कुमार ने शनिवार को विधानसभा उपाध्यक्ष पदसे इस्तीफा दे दिया था, जिसे स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने मंजूर भी कर लिया। विनय शिमला संसदीय क्षेत्र के तहत सिरमौर में आने वालीआरक्षित विधानसभा सीट रेणुका से विधायक हैं। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी और अर्की के विधायक संजय अवस्थी दौड़ में रहेएक साल से हिमाचल में कांग्रेस संगठन भंग चल रहा है। प्रतिभा सिंह का बतौर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पिछले वर्ष नवंबर में तीन साल का कार्यकालपूरा हो गया था। उसके बाद से उन्हें कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। हाईकमान के पास नियमित अध्यक्ष की नियुक्ति पर पिछले लंबे समयसे मंथन चल रहा था। आगामी दिनों में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव हैं। उससे पहले कांग्रेस हाईकमान का यह निर्णयमहत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस हाईकमान ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लक्षित कर भी अनुसूचित जाति के वोट बैंक को साधने के लिएविनय को अध्यक्ष बनाया है। राज्य में राजपूतों के बाद अनुसूचित जाति की जनसंख्या सबसे अधिक है। शिमला संसदीय क्षेत्र से संबंध रखने वालेपांच कांग्रेस नेता अध्यक्ष पद के दावेदार माने जा रहे थे। विनय कुमार के अलावा शिक्षा मंत्री राेहित ठाकुर, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व वर्तमान मेंपार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर, कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी और अर्की के विधायक संजय अवस्थी दौड़ में रहे हैं। दिल्ली जाकर उनसे अक्सर मिलते रहेविनय कुमार ने कहा कि पिता से विरासत में मिली राजनीति का उन्हें पूरा-पूरा लाभ मिला है। उनके पिता स्व. डॉ प्रेम सिंह भी छह बार विधायक बनकररेणुका विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्हें कांग्रेस का कट्टर व ईमानदार सिपाही माना जाता था। विनय ने अध्यक्ष बनाने के लिए हाईकमान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी सौंपी है वह बखूबी निर्वहन करेंगे। पार्टी संगठन को मजबूत करनाउनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी हाईकमान के समक्ष नया अध्यक्ष अनुसूचित जाति से बनाने की पैरवी की थी।विनय कुमार के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री दोनों से ही अच्छे संबंध हैं। उन्हें अध्यक्ष बनाने में जहां मुकेशअग्निहोत्री की विशेष दिलचस्पी रही है, वहीं मुख्यमंत्री ने भी उनके नाम पर सहमति प्रकट की। होलीलॉज के करीबी रह चुके सरल स्वभाव के विनयकुमार का किसी अन्य खेमे से कोई विरोध भी नहीं रहा। हालांकि होलीलॉज की पंसद कुलदीप राठौर भी थे। विनय कुमार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्षमल्लिकार्जुन खरगे के भी करीबी बताए जाते हैं। वह नई दिल्ली जाकर उनसे अक्सर मिलते रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी अध्यक्ष बननेपर विनय कुमार को बधाई दी है।
एनसीआर में 1 जनवरी 2026 से डीजल-पेट्रोल वाहनों पर पाबंदी, सिर्फ सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन ही चलेंगे

एनसीआर में वायु प्रदूषण में सुधार के लिए शासन ने एक जनवरी 2026 से डीजल और पेट्रोल से चलने वाले कैब-डिलीवरी वाहनों के संचालन पररोक लगाने का निर्देश जारी किए हैं। इससे मोटर वाहन एग्रीगेटर्स और ई-कॉमर्स कंपनियों के केवल सीएनजी और इलेक्ट्रिक कॉमर्शियल वाहन हीचल सकेंगे। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने सभी डीजल व पेट्रोल वाहनों को सीएनजी और इलेक्ट्रिक श्रेणी में बदलने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक का समय दिया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने सड़कों पर डीजल और पेट्रोल वाहनों के बढ़ते दबाव को वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारणमाना है। आयोग का मानना है कि कैब और डिलीवरी सेवाओं में बड़ी संख्या में डीजल और पेट्रोल कारों के इस्तेमाल से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।दिल्ली-एनसीआर के मेरठ समेत सभी शहरों में पांच लाख से अधिक डीजल व पेट्रोल चालित कार मोटर वाहन एग्रीगेटर्स और ई-कॉमर्स कंपनियों केसाथ जुड़कर कारोबार कर रही हैं। रिक्शा संचालन को चरणबद्ध तरीके बंद किया जाएगाऑनलाइन फूड आपूर्ति करने वाली कंपनियों के बड़ी संख्या में डिलीवरी वाहन भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इससे प्रदूषण बढ़ रहा है। आयोग के निर्देशपर शासन ने एनसीआर में आने वाले जनपदों में एक जनवरी से चार पहिया एलसीवीएस, एलजीवीएस (एन वन श्रेणी के 3.5 टन तक) और सभीपेट्रोल-डीजल से चलने वाले दो-पहिया डिलीवरी वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाई है। डीजल-पेट्रोल चालित वाहनों का संचालन रोकने संबंधीआदेश मिल गया है। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह के निर्देश पर इस संबंध में जनजागरूकता अभियान भी शुरू किया गया है। यह आदेश नए औरपुराने सभी ऐसे कॉमर्शियल वाहनों पर लागू होगा जो मोटर वाहन एग्रीगेटर्स और ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ मिलकर कारोबार करना चाहते हैं। एकजनवरी के बाद ऐसी कारों और बाइकों के खिलाफ धरपकड़ का अभियान चलाया जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के उत्तर प्रदेश वालेहिस्से में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए डीजल ऑटो के संचालन पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। इससे मेरठ में करीब 15 हजार ऑटो रिक्शा बंद हो जाएंगे। इसके अलावा मेरठ क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण ने प्रतिबंधित वाहनों के लिए नए परमिट जारी करने और परमिट केनवीनीकरण पर रोक लगा दी है। आगामी 31 दिसंबर, 2026 तक डीजल ऑटो रिक्शा संचालन को चरणबद्ध तरीके बंद किया जाएगा।
एसआईआर के दबाव में 16 बीएलओ की मौत, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा और चुनाव आयोग पर साधा निशाना

अलग-अलग राज्यों में कुछ बूथ लेवल अफसरों की मौत की खबरें सामने आई हैं। इनमें से कई मौतों के पीछे एसआईआर के काम के भारी दबाव कोवजह बताया जा रहा है। अब इसे लेकर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि काम काबोझ बीएलओ और पोलिंग अफसरों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर रहा है। कांग्रेस ने दावा किया कि एसआईआर को जल्दबाजी में लागू कियागया और ये नोटबंदी और लॉकडाउन के फैसलों की याद दिलाता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भाजपा की वोट चोरी अबजानलेवा हो गई है। खरगे ने X पर साझा एक पोस्ट में दावा किया कि ’19 दिनों में, मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 16 BLO कीमौत हो गई है। काम का बोझ बीएलओ और पोलिंग अफसरों को आत्महत्या करने पर मजबूर कर रहा है।’ खरगे ने लिखा कि, ‘हर उस परिवार केसाथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं जिन्होंने अपनों को खोया है। जमीनी हकीकत के हिसाब से, यह संख्या बताई गई संख्या से कहीं ज्यादा है, जो बहुत चिंताकी बात है। इन परिवारों को इंसाफ कौन दिलाएगा?’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘भाजपा चोरी की सत्ता का मजा ले रही है, जबकि चुनाव आयोगमूकदर्शक बनकर देख रहा है।’ मौत के लिए जिम्मेदारखरगे ने दावा किया, ‘एसआईआर को जल्दबाजी में, बिना किसी योजना के जबरदस्ती लागू करना नोटबंदी और कोरोना लॉकडाउन की याद दिलाताहै।’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सत्ता की भूख संस्थाओं को आत्महत्या करने, संविधान को खत्म करने और सत्ता का गलत इस्तेमाल करकेलोकतंत्र को कमजोर करने पर मजबूर कर रही है। खरगे ने कहा, ‘बस बहुत हो गया! अगर हम अब भी नहीं जागे, तो लोकतंत्र के आखिरी खंभों कोगिरने से कोई नहीं बचा सकता। जो लोग एसआईआर और वोट चोरी पर चुप रहते हैं, वे इन बेगुनाह बीएलओ की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।’ शनिवारको पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के तौर पर काम करने वाली एक महिला शनिवार को अपने घर पर मृत मिली।उसके परिवार वालों का कहना है कि वह एसआईआर काम से जुड़े बहुत ज्यादा तनाव में थी और उसने सुसाइड कर लिया। खरगे ने कहा, ‘बस बहुतहो गया! अगर हम अब भी नहीं जागे, तो लोकतंत्र के आखिरी खंभों को गिरने से कोई नहीं बचा सकता। जो लोग एसआईआर और वोट चोरी पर चुपरहते हैं, वे इन बेगुनाह बीएलओ की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।’
विजय ने कांचीपुरम में डीएमके पर किया हमला, टीवी के जनसभा में 1,500 लोगों ने लिया हिस्सा

तमिलागा वेत्री कषगम के संस्थापक और अभिनेता-राजनेता विजय रविवार को कांचीपुरम जिले में एक जनसभा को संबोधित किया। यह जनसभाइनडोर जगह पर हुई, जिसमें विजय ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी डीएमके पर खुलकर निशाना साधा। इस जनसभा के साथ विजय ने अपने राजनीतिकप्रचार को फिर से शुरू किया है, जो करूर भगदड़ हादसे के बाद से बंद था। टीवीके से जुड़े लोगों ने बताया कि जनसभा को आसानी से कराने के लिएसभी इंतजाम किए गए हैं। टीवीके चीफ और एक्टर विजय ने जनसभा के दौरान कहा, ‘मेरा इरादा सभी लोगों की बराबर सेवा करना है। हम अन्नादुरईके उसूलों की भावना से जनता से मिल रहे हैं। लेकिन आज अन्नादुरई को कौन याद करता है? डीएमके अब विचारधारा की कीमत पूछती है। वे हमसेहमारी विचारधारा के बारे में सवाल करते हैं। हमने जाति के आधार पर जनगणना की मांग की है, वक्फ एक्ट का विरोध किया है और ऐसा करने वालीपहली पार्टी के तौर पर सुप्रीम कोर्ट गए हैं, और हमने सीएए का भी कड़ा विरोध किया है। लेकिन, डीएमके की विचारधारा भ्रष्टाचार है। सोचिए उनकीअपनी पार्टी के अंदर क्या हो रहा है। पूरा राज्य एक ऐसी डीएमके को देख रहा है जो 75 साल के बच्चे जैसा बर्ताव करती है। हमने अभी तक पूरीताकत से डीएमके का विरोध करना भी शुरू नहीं किया है; वे पहले से ही कांप रहे हैं।’ पास से ही कार्यक्रम में लोगों की एंट्री हुईविजय ने कहा कि ‘कांचीपुरम पूर्व सीएम अन्नादुरई की धरती है। डीएमके हमारी पार्टी टीवीके से निजी दुश्मनी रखती है। हम ऐसी कोई नाराजगी नहींरखते, लेकिन हम उनसे सवाल करेंगे क्योंकि उन्होंने उन्हीं लोगों को धोखा दिया है जिन्होंने उन पर भरोसा किया और उन्हें वोट दिया। उनकी हरकतेंसिर्फ ड्रामा हैं। हम इस बारे में चुप नहीं रहेंगे। कांचीपुरम से हमारा एक कनेक्शन है, क्योंकि हमारा पहला प्रचार अभियान इसी जिले के परंदूर में शुरूहुआ था।’ टीवीके की जनसभा कांचीपुरम जिले के सुंगुवरचट्टीराम में एक निजी शिक्षण संस्थान की जगह में हुई। करूर हादसे के बाद टीवीके ने सबकलेते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कई इंतजाम किए। इस जनसभा में लगभग 1,500 लोग शामिल हुए, जिन्हें QR-कोड वाले पास दिएगए थे। खास बात ये है कि पास से ही कार्यक्रम में लोगों की एंट्री हुई। QR-कोड वाले पास दिए गएकार्यक्रम स्थल पर चमकीले पीले रंग की टीशर्ट और कैप पहने पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहें और भीड़ का प्रबंधन किया। भीड़ का प्रबंधन करने वालेकार्यकर्ताओं को रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों द्वारा ट्रेनिंग दी थी। साथ ही कई निजी सुरक्षा एजेंसियों ने भी कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा मुहैया कराई।बाउंसर मौजूद रहें और लोगों को लाने-ले जाने, खाने पीने का भी इंतजाम किया गया। जहां भी जरूरी हो, वहां टिन की चादरें लगा दी गई हैं ताकिबिना इजाजत के लोग अंदर न आ सकें। करूर हादसे से सबक लेते हुए टीवीके पार्टी की इस जनसभा में लगभग 1,500 लोग शामिल हुए, जिन्हेंQR-कोड वाले पास दिए गए थे। खास बात ये है कि पास से ही कार्यक्रम में लोगों की एंट्री हुई।