मिचेल स्टार्क ने रचा इतिहास, वसीम अकरम का रिकॉर्ड तोड़कर बने टेस्ट क्रिकेट के No.1 लेफ्ट-आर्म पेसर

ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने इंग्लैंड के खिलाफ एशेज टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच के दौरान बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिसबेन के गाबा में पांच मैचों की एशेज टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जा रहा है। यह दिन-रात्रि टेस्ट है। इसमैच में स्टार्क ने एक बार फिर अपना जलवा बिखेरा और वह ऑस्ट्रेलिया को सफलता दिलाने में सफल रहे हैं। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स नेऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे एशेज टेस्ट मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। स्टोक्स ने टॉस के दौरान बताया कि यहां कीपरिस्थितियां अलग है इसलिए वह पहले बल्लेबाजी करना चाहते हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम में नाथन लियोन की जगह माइकल नेसर और उस्मान ख्वाजाकी जगह जोश इंग्लिस को प्लेइंग-11 में जगह दी गई है। शुरुआती झटकों के बाद इंग्लैंड की पारी को संभालाऑस्ट्रेलिया को एक बार फिर तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने शानदार शुरुआत दिलाई। स्टार्क ने इंग्लैंड को शुरुआती झटके दिए। इंग्लैंड की ओर सेजैक क्रावले और बेन डकेट पारी की शुरुआत करने उतरे, लेकिन स्टार्क ने पहले ही ओवर में टीम को सफलता दिलाई। स्टार्क ने डकेट को लाबुशेन केहाथों कैच कराया। डकेट खाता खोले बिना ही पवेलियन लौट गए। इसके बाद नए बल्लेबाज के रूप में उतरे ओली पोप भी तीन गेंद खेलकर खाताखोले बिना आउट हो गए। उन्हें स्टार्क ने बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई। जैक क्रावले और जो रूट ने शुरुआती झटकों के बाद इंग्लैंड की पारीको संभाला। दूसरे सत्र में माइकल नेसर ने क्रावले और रूट के बीच साझेदारी को तोड़ दिया। मिचेल स्टार्क ने ब्रूक को अपना शिकार बनाया। मामले में पाकिस्तान के दिग्गज गेंदबाज वसीम अकरम को पीछे छोड़ दियाब्रूक का विकेट लेते ही स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के तेजगेंदबाज बन गए। उन्होंने इस मामले में पाकिस्तान के दिग्गज गेंदबाज वसीम अकरम को पीछे छोड़ दिया। अकरम ने टेस्ट क्रिकेट में 414 विकेट लिएहैं और अब तक उनके नाम टेस्ट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज का रिकॉर्ड था। लेकिन ब्रूक स्टार्क का 415वां शिकार बनेऔर इस तरह यह ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज अकरम से आगे निकल गया।
पुतिन के दौरे से पहले राजनीति गरमाई राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा सांसद संबित पात्रा का पलटवार, बोले ‘बयान गैर-जिम्मेदाराना और तथ्यहीन’

राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे से पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर विदेशी मेहमानों को विपक्षी नेता से न मिलने देने का आरोप लगायाहै। राहुल गांधी के इस आरोप पर अब भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा है कि राहुल गांधी ने नेता विपक्ष के तौर पर जोबयान दिए हैं। वह गैर-जिम्मेदाराना हैं। उनका दावा तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। गुरुवार को ससंद सत्र के बाद मीडिया से बात करते हुए भाजपा सांसदसंबित पात्रा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी द्वारा दिए गया बयान गैर-जिम्मेदाराना हैं और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।पहला उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विशिष्ट व्यक्तियों को नेता प्रतिपक्ष से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती क्योंकि भारत सरकार असुरक्षित महसूसकरती है। भारत सरकार राहुल गांधी से क्यों असुरक्षित महसूस करेगी? आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक स्तंभ बन चुका है। दूसरा उन्होंने कहाकि जब भी वह विदेश जाते हैं, हमारी सरकार उन देशों के नेताओं से अनुरोध करती है कि वे उनसे न मिलें। ऐसे बयान देना गैर-जिम्मेदाराना है।विपक्षी सदस्य थे जो सरकार का पक्ष लेतेराहुल गांधी के इस आरोप पर भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा, इससे अधिक मजाकिया बात और कुछ नहीं हो सकती। उन्हें आरोप-प्रत्यारोपकी राजनीति से ऊपर उठकर लोगों के लिए काम करना चाहिए… रूस के राष्ट्रपति भारत आ रहे हैं, ऐसे में विपक्ष के नेता को उनका स्वागत करनाचाहिएऔर इस समय ऐसी नेगेटिव सोच के साथ सबके सामने नहीं आना चाहिए। हमारी सरकार में सभी के लिए सम्मान और बराबरी की भावना है… विपक्ष के नेता को इज्जत से पेश आना चाहिए। वहीं भाजपा सासंद नरहरि अमीन ने कहा, राहुल गांधी को खुद सोचना चाहिए कि वह विदेश जाते हैंऔर भारत की बुराई कैसे कर सकते हैं? राजनीतिक मुद्दों पर भारत में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन जब वह विदेश जाते हैं, तो वह भारत सरकार और देशकी बुराई करते हैं। सरकार उन्हें या किसी विपक्षी पार्टी के सदस्य को उनके व्यवहार की वजह से क्यों रोकती है? अगर वे अपना व्यवहार सुधार लें, तोकोई सवाल ही नहीं उठता। कांग्रेस के जमाने में विपक्षी सदस्य थे जो सरकार का पक्ष लेते थे।
बिहार विधान परिषद में हंगामा: राबड़ी देवी ने किया वॉकआउट, विपक्ष बोला‘राज्य में इमरजेंसी जैसे हालात

बिहार विधान परिषद् में आज उस वक्त बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिला, जब राष्ट्रीय जनता दल की कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी नेविधान परिषद् से वॉकआउट कर दिया। उन्होंने बाहर आकर सीधे तौर पर सरकार पर हमला बोला और कहा कि प्रदेश में इमरजेंसी जैसे हालात पैदा होगए हैं, जहां विपक्ष को अपनी बात रखने की अनुमति नहीं है। मौके पर उपस्थित राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सत्ता पक्ष पर लोकतंत्र की हत्याका गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है। हमारे सवालों को दबाया जा रहा है। ऐसा लग रहा है जैसेराज्य में आपातकाल लगा दिया गया हो। यह सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। हमारी राजनीति के इतने लंबे इतिहास में ऐसापहली बार हुआ है, जब विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है। राबड़ी देवी के वॉकआउट के बाद सदन में कुछ देर के लिए हंगामा हो गया। राजद केअन्य सदस्यों ने भी उनकी बातों का समर्थन करते हुए सरकार विरोधी नारेबाजी की। एक ओर बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दोदिन से अनुपस्थित हैं, वहीं दूसरी तरफ राबड़ी देवी ने आज विधान परिषद् में हंगामा करते हुए वाक आउट कर दिया। उन्होंने सत्ता पक्ष पर इमरजेंसीजैसे हालात पैदा करने का गंभीर आरोप लगाया है।महामहिम राज्यपाल का अभी भाषण हुआअब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि संसदीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष भी सरकार का अंग होता है। पक्ष और विपक्ष अगर लोकतंत्र में नहीं हो तोफिर लोकतंत्र का कोई मतलब नहीं है। कल महामहिम राज्यपाल का अभी भाषण हुआ। आज तक की जो परंपरा रही है कि महामहिम के भाषण मेंविपक्ष संशोधन देती है। उसे संशोधन पर विपक्ष को बोलने का मौका दिया जाता है। बाद में फिर सरकार विपक्ष को सुनकर अपना पक्ष रखती है, उत्तरदेती है। लेकिन मेरे संसदीय जीवन में यह पहला अवसर है जब विपक्ष को राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष को अपना मत रखने से रोका गया. हमारेकई कई माननीय सदस्यों ने संशोधन पेश किया था कि इसमें फलां-फलां जुट जाएं इनका कहना है कि वह आपके प्रोसिडिंग का पार्ट बन जाएगा, लेकिन भाषण नहीं होगा। तो जब हमें मेरी अभिव्यक्ति से रोका जाए, अपना विचार देने से रोका जाए तो ऐसी स्थिति में हमें याद दिलाता हैआपातकाल का। विपक्ष का जिस तरह से गला घोंटा गया था, इस तरह यह भी गला घोटने की कोशिश कर रहे हैं जिसका विरोध हम लोग मरते दमतक करते रहेंगे।
ममता बनर्जी का कड़ा संदेश, बंगाल में सांप्रदायिक राजनीति नहीं चलेगी, एनआरसी और ध्रुवीकरण को चुनौती

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को खुले मंच से दो बड़े संदेश दिए हैं। पहला, टीएमसी विधायक हमायूं कबीर के निलंबन के बादसांप्रदायिक राजनीति पर कड़ा रुख और दूसरा, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा पर तीखा हमला। हमायूं कबीर को कथित तौरपर ‘बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद’ की नींव रखने की घोषणा के बाद पार्टी से निलंबित किया गया। आरोप है कि इस बयान से जिले में सांप्रदायिकतनाव बढ़ सकता था। निलंबन की घोषणा कोलकाता में मंत्री फिरहाद हाकिम ने जल्दबाजी में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। उनके साथ जिले केनेता अखरुज्जमान और नियामत शेख भी मौजूद थे। हाकिम ने कहा, ‘जो धर्म के नाम पर राजनीति करेगा, उसका टीएमसी में कोई स्थान नहीं।’ एनआरसी नहीं आने दूंगीकुछ घंटे बाद, ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद की रैली में बिना नाम लिए कबीर पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, ‘मुर्शिदाबाद दंगों की राजनीति स्वीकारनहीं करेगा। यह सरज-उद-दौला की मिट्टी है, यहां सद्भाव है। हम सांप्रदायिक राजनीति नहीं करते और न इसे सहेंगे।’ उन्होंने कहा कि जिले की पहचानधार्मिक सद्भावना है और इसे किसी कीमत पर टूटने नहीं दिया जाएगा। ‘इतिहास सिखाता है, विश्वास जोड़ता है और विश्वासघात बर्बाद करता है।’ वहींबहरामपुर में दूसरी रैली में ममता बनर्जी ने एसआईआर के मुद्दे पर भाजपा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी 2026 विधानसभा चुनाव कोध्यान में रखते हुए धार्मिक ध्रुवीकरण कर रही है। उन्होंने दावा किया, ‘देशभर में एसआईआर से जुड़े घटनाओं में जितने लोग मरे हैं, उनमें आधे सेज्यादा हिंदू हैं। भाजपा वही डाली काट रही है जिस पर बैठी है।’ उन्होंने कहा कि बंगाल में न एनआरसी लागू होगा, न डिटेंशन कैंप बनेंगे। ‘मेरी आवाजकाट दी जाए, तब भी मैं एनआरसी नहीं आने दूंगी।’ नहीं तो भाजपा फायदा उठाएगीमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग धार्मिक स्थानों को लेकर झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि जमीन रिकॉर्ड मेंमस्जिद या कब्रिस्तान दर्ज हो गए हैं। यह झूठ है। एआई का दुरुपयोग कर मेरे नाम से फर्जी बयान चलाए जा रहे हैं।’ उन्होंने बिहार चुनाव का उदाहरणदेते हुए कहा, ‘स्वतंत्र उम्मीदवारों के नाम पर वोट न बांटें, नहीं तो भाजपा फायदा उठाएगी।’ इस दौरान सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि वह लोगों केनाम शामिल होने तक अपना फॉर्म नहीं भरेंगी। ‘मैंने अभी तक फॉर्म नहीं भरा है। पहले जनता, बाद में मैं।’ पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी नेएक ही दिन में दो स्पष्ट संदेश दिए हैं। इसमें पहला ये है कि तृणमूल कांग्रेस सांप्रदायिक राजनीति बर्दाश्त नहीं करेगी वहीं दूसरा ये कि एसआईआर, एनआरसी तथा ध्रुवीकरण की राजनीति को चुनौती दी जाएगी।
संचार साथी विवाद गरमाया उद्धव बोले, “जासूसी का नया तरीका!” राजनीतिक तूफान केंद्र VS विपक्ष आमने-सामने

संचार साथी एप को लेकर लगातार केंद्र सरकार को घेरा जा रहा है। पूरा विपक्ष इस पर सवाल उठा रहा है। सरकार ने भी मामले को गंभीरता कोसमझते हुए तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि इस एप को लोग अपने फोन से डिलीट कर सकते हैं। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धवठाकरे ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संचार साथी एप असल में पेगासस का ही नया रूप है और भाजपा नेतृत्व वाली सरकारलोगों की जासूसी करने की तैयारी कर रही है। ठाकरे ने दावा किया कि यह एप नागरिकों के फोन में जबरन डालकर उनकी गतिविधियों की निगरानीकरने का तरीका है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। आगे कहा कि सरकार लोगों पर अविश्वास दिखाने के बजाय उन सुरक्षा चूकों की जांच करे, जिनके कारण अप्रैल में पहलगाम में बड़ा आतंकी हमला हुआ था जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार को यहदेखना चाहिए कि आतंकीभारत में कैसे घुस रहे हैं, तब वह नागरिकों के फोन पर नजर रखने में व्यस्त है। इस बीच संचार मंत्रालय के 28 नवंबर केआदेश ने विवाद बढ़ा दिया है, जिसमें सभी मोबाइल कंपनियों को यह एप प्री-इंस्टॉल करने और मौजूदा फोन में भी अपडेट के जरिए शामिल करने कानिर्देश दिया गया है। सुरक्षा के लिए बनाया गयाएप को अनिवार्य रूप से शामिल करने के आदेश के बाद गोपनीयता को लेकर आशंकाएं बढ़ गईं हैं। आरोप है कि यह एप मैसेज पढ़ सकता है औरफोन डेटा तक पहुंच सकता है। ठाकरे ने कहा कि पेगासस की तरह यह भी फोन में मैलवेयर की तरह घुसकर निगरानी कर सकता है। उन्होंने पार्टीकार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार ने बस नाम बदल दिया है, तरीका वही है। जासूसी और नागरिकों पर शक। उन्होंने कहा कि “जो लोग आपको सत्ता मेंलाए, उन्हीं पर शक करना शासन की नाकामी दिखाता है। गोपनीयता को लेकर उठे सवालों पर संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में कहाकि एप से किसी भी तरह की जासूसी संभव नहीं है और न ही ऐसा होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एप लोगों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है औरसरकार उपभोक्ताओं को कई विकल्प देना चाहती है। सिंधिया ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति एप में रजिस्टर नहीं है तो एप स्वतः सक्रिय नहीं होगाऔर उसे डिलीट भी किया जा सकता है। सरकार नागरिकों पर अविश्वास दिखा रहीसिंधिया ने यह भी कहा कि एप को अनिवार्य रूप से इंस्टॉल करने के आदेश पर मंत्रालय लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर संशोधन करने को तैयारहै। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार किसी पर भी निगरानी का दबाव नहीं डालना चाहती। लेकिन विपक्ष का कहना है कि सरकार ने पहले भी पेगाससमामले पर जवाब नहीं दिया था और अब वही तकनीक नए नाम के साथ लागू की जा रही है, जिससे आशंका गहरी होती जा रही है। शिवसेना(यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संचार साथी एप को पेगासस का नया नाम बताते हुए केंद्र सरकार पर जासूसी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा किसरकार नागरिकों पर अविश्वास दिखा रही है और सुरक्षा मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
संचार साथी एप पर घमासान ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले, “जासूसी नहीं, सुरक्षा के लिए बनाया गया

संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में साफ कहा है कि ‘संचार साथी’ एप के जरिए जासूसी बिल्कुल भी संभव नहीं है। उन्होंने बताया कियह एप लोगों की सुरक्षा और मदद के लिए बनाया गया है। लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने की हमारी कोई मंशा नहीं है। हाल ही में मंत्रालय नेसभी स्मार्टफोन कंपनियों को आदेश दिया है कि वे अपने नए मोबाइल फोन्स में यह एप पहले से इंस्टॉल करके बेचें। साथ ही, मौजूदा फोन में भी इसेसॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए जोड़ा जाएगा। प्रश्नकाल के दौरान सिंधिया ने कहा, यह एप सिर्फ यूजर्स की सुरक्षा के लिए है। इससे स्नूपिंग यानीजासूसी न तो संभव है और न ही भविष्य में होगी। सरकार चाहती है कि लोग खुद को सुरक्षित रखने के लिए तकनीकी साधनों से लैस हों। मंत्रालय के28 नवंबर के आदेश में कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि, संचार साथी एप फोन सेटअप के समय ही दिखे। एप की किसीभी सुविधा को बंद या सीमित न किया जा सके। उन्होंने चिंता जताईहालांकि, सिंधिया ने मंगलवार को यह भी कहा था कि अगर कोई यूजर इस एप को इस्तेमाल नहीं करना चाहता है तो वह इसे अपने फोन से हटाने केलिए स्वतंत्र है। राज्यसभा में कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र सरकार के संचार साथी एप को लेकर बड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहाकि यह एप नागरिकों की गोपनीयता के अधिकार को पूरी तरह समाप्त कर सकता है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि एप के जरिए किसी भी यूजरकी रियल-टाइम लोकेशन, सर्च हिस्ट्री, फाइनेंशियल लेन-देन को जाना जा सकता है। साथ ही SMS व वाट्सएप चैट तक की निगरानी संभव हो है।उनका दावा है कि सरकार ने मोबाइल कंपनियों को आदेश दिया है कि यह एप हर फीचर फोन और स्मार्टफोन में प्री-इंस्टॉल होना चाहिए। इसे न तोहटाया जा सकेगा और न ही डिसेबल किया जा सकेगा। सांसद ने यह भी सवाल उठाया कि अगर एप में ‘किल स्विच’ मौजूद है। तो सरकार किसी भीफोन को एक पल में बंद कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पत्रकारों, विपक्षी नेताओं और असहमति रखने वालों को निशाना बनानाआसान हो जाएगा। उन्होंने चिंता जताई कि एप के कारण पासवर्ड, बैंक अकाउंट की जानकारी और निजी डाटा किसी सरकारी एजेंसी या हैकर कीपहुंच में आ सकते हैं। घमासान के बीच संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का बड़ा बयान सामने आयासुरजेवाला का कहना है कि यह व्यवस्था लाखों डिवाइसेज को महीनों तक जोखिम में डाल सकती है। उन्होंने उदाहरण दिया कि अगर सरकार अपडेटजारी कर दे। लेकिन सैमसंग जैसी कोई कंपनी उसे तीन महीने देर से रोलआउट करे। तो इस दौरान उस कंपनी के सारे फोन हैकिंग के खतरे में रहेंगे।संचार साथी एप प्राइवेसी को लेकर मचे घमासान के बीच संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का बड़ा बयान सामने आया है। यह बयान उन्होंनेलोकभा में दिया जहां उन्होंने प्राइवेसी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एप को बिल्कुल सुरक्षित बताया।
यूपी में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों पर बड़ा एक्शन, डिटेंशन सेंटर जल्द “विदेशी घुसपैठियों की सूची बनाने का आदेश”

उत्तर प्रदेश में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों पर बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में 17 नगर निकायों कोनिर्देश दे दिए हैं। निर्देश में कहा गया है कि नगर निकायों में काम करने वाले रोहिंग्या और बांग्लादेशियों की सूची बनाएं और कमिश्नर व आईजी कोसौपे। कमिश्नर व आईजी को प्रथम चरण में डिटेंशन सेंटर बनाने का निर्देश दिया गया है। ये डिटेंशन सेंटर प्रदेश के हर मंडल में बनाए जाएंगे।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद अधिकारी एक्शन में आ गए हैं। घुसपैठियों को निकालने के लिए एक्शन शुरू होउत्तर प्रदेश में से विदेशी घुसपैठियों को बाहर करने के लिए दिल्ली की तर्ज पर जिलों में डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केनिर्देश के बाद कई कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उनको वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी होने तक डिटेंशन सेंटर में रखने के लिए जगह तलाशी जा रही हैं।शासन के निर्देश पर जिलों में खाली सरकारी इमारतों, सामुदायिक केंद्र, पुलिस लाइन, थाने आदि चिन्हित किए जा रहे हैं, जहां घुसपैठियों को कड़ीसुरक्षा में रखा जा सके। दिल्ली में करीब 18 डिटेंशन सेंटर चल रहे हैं, जिनमें तकरीबन 1500 विदेशी नागरिकों को कड़ी सुरक्षा बंदोबस्त में रखा गयाहै। इनमें अवैध रूप से सीमा पार करके आए बांग्लादेशी, रोहिंग्या और अफ्रीकी मूल के देशों के नागरिक हैं। उत्तर प्रदेश से बांग्लादेशी और रोहिंग्याघुसपैठियों को निकालने के लिए एक्शन शुरू हो गया है। इसके लिए नगर निकायों को सूची बनाकर आईजी और कमिश्नर को सौंपने के निर्देश दिएगए हैं। घुसपैठियों की जानकारी गृह विभाग को रोजानाबांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों द्वारा भारतीय नागरिकता के दस्तावेज बनवा लेने की वजह से उनका सत्यापन कराया जा रहा है। डिटेंशन सेंटरों परखाने-पीने, इलाज की सुविधा भी मुहैया कराई जाती है। सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम भी रहता है। तत्पश्चात एफआरआरओ (फॉरेन रीजनल रजिस्ट्रेशनऑफिस) के जरिए उनको वापस भेजने की प्रक्रिया की जाती है। तमाम राज्यों में पकड़े गए घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल और असम में बीएसएफ कीमदद से वापस भेजा जाता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी मानक संचालन प्रक्रिया भी सभी राज्यों को भेजी है, जिसके बाद अब यूपी में भी अन्यराज्यों की तरह डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे। इनके प्रबंधन और सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस की होगी। इसके अलावा पकड़े गएघुसपैठियों की जानकारी गृह विभाग को रोजाना देनी होगी।
दिल्ली MCD चुनाव में भाजपा को झटका, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने दिखाई पकड़ “जानें क्या है पूरा मामला”

दिल्ली नगर निगम के उपचुनाव में सभी 12 सीटों के नतीजे आ गए हैं। भाजपा ने कुल सात सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, आम आदमी पार्टी तीनसीटों पर जीती है। एक सीट पर आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक शोएब इकबाल वाली पार्टी ने कब्जा जमाया है। वहीं, कांग्रेस ने भी एक सीट परभाजपा को हराया है। आम आदमी पार्टी अपनी लाज बचाने में कामयाब रही, वह पहले की तरह तीन सीट जीत पाई। हालांकि उसकी सीटों मेंपरिवर्तन हुआ है, जबकि कांग्रेस ने खाता खोलकर सबको चौंका दिया। मटिया महल के कद्दावर नेता शोएब इकबाल ने आम आदमी पार्टी से बगावतकरके अपने उम्मीदवार को जिताने में कामयाबी हासिल की। एमसीडी उपचुनाव के परिणाम में भारतीय जनता पार्टी को झटका लगा है। भाजपा 12 में से केवल सात सीट ही जीत पाई, जबकि पहले पार्टी के पास पहले नौ सीट थीं। आम आदमी पार्टी को न नुकसान हुआ है न ही फायदा हुआ है।आप के पास पहले तीन सीटें थीं, उपचुनाव में भी तीन सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं, कांग्रेस ने उपचुनाव में खाता खोलकर सबको चौंका दिया है। दिल्ली में लगातार हार का सामना करना पड़ रहासात सीटें जीतकर भाजपा ने साफ दिखा दिया कि दिल्ली की स्थानीय राजनीति में वह अभी भी सबसे मजबूत है। उसने आम आदमी पार्टी और कांग्रेसके कई पुराने गढ़ों में सेंध लगाई। संख्या के लिहाज से आप ने उतनी ही तीन सीटें जीतीं जितनी पहले थीं, यानी नुकसान नहीं हुआ। लेकिन पुरानी तीनमें से कुछ सीटें गंवाईं और नई जीतीं हैं। पार्टी को बड़ा झटका मटिया महल में लगा है, जहां पार्टी के दिग्गज नेता रहे शोएब इकबाल ने बगावत करदी। वर्षों बाद कांग्रेस ने MCD में एक सीट जीतकर सबको चौंका दिया है। यह उसके लिए बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत है, खासकर जब उसे दिल्ली मेंलगातार हार का सामना करना पड़ रहा था। दक्षिणपुरी सीट पहले भी आम आदमी पार्टी के पास थीआम आदमी पार्टी ने नारायण सीट भाजपा से छीनी है, यहां से वर्तमान विधायक उमंग बजाज 2022 में पार्षद बने थे। आप की राजन अरोड़ा नेभाजपा के उम्मीदवार चंद्रकांता को हराया है। इन दोनों के जो बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। राजन मात्र 148 वोट से जीतीं। मुंडका सीट सेआम आदमी पार्टी के अनिल ने जीत दर्ज की है, उन्होंने भाजपा के जयपाल को हराया है। दोनों के बीच 1577 वोट का अंतर रहा। मुंडका से 2022 मेंनिर्दलीय गजेंद्र दलाल चुनाव जीते थे मगर वह भाजपा में शामिल हो गए थे और अब मुंडका से वह भाजपा के विधायक हैं। इस तरह यह सीट आमआदमी पार्टी ने भाजपा से छीनी है। दक्षिणपुरी सीट से आम आदमी पार्टी की जीत हुई है। रामस्वरूप कनौजिया ने भाजपा की रोहिणी को हराया है।दोनों के बीच 2262 वोट का अंतर है। दक्षिणपुरी सीट पहले भी आम आदमी पार्टी के पास थी।
प्रधानमंत्री मोदी का चुनावी मंत्र, बंगाल में लोकतंत्र बचाने के लिए जनता के बीच रहो “आक्रामक रणनीति की तैयारी”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसदों को साफ संदेश देते हुए कहा है कि वे तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंऔर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में जीत सुनिश्चित करें। प्रधानमंत्री ने सांसदों को राज्य की स्थिति पर आक्रामक रुख अपनाने औरलोकतंत्र को बचाने के नाम पर जनता के बीच और मजबूती से उतरने को कहा। नई दिल्ली में बुधवार को पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसदों नेप्रधानमंत्री से मुलाकात की। बैठक में मालदा उत्तर से भाजपा सांसद खगन मुर्मू भी मौजूद रहे, जिन पर अक्टूबर में भीड़ ने हमला किया था। प्रधानमंत्रीने उनकी कुशलक्षेम पूछी और बाकी सांसदों से कहा कि उन्हें राज्य की तृणमूल सरकार का मजबूती से मुकाबला करना होगा ताकि लोकतांत्रिक मूल्योंको बचाया जा सके। भाजपा नेताओं के अनुसार, मोदी ने साफ कहा कि चुनाव जीतना है और जीतेंगे। नागरिक तक पहुंचने के लिए प्रेरित कियाबैठक के बाद पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पार्टी नेताओं को कहा कि राज्य सरकार की नाकामियों कोउजागर किया जाए और जनता के बीच लगातार पहुंच बनाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पार्टी को पूरी ताकत झोंकने के निर्देश दिए हैंताकि अगले साल टीएमसी सरकार को सत्ता से बाहर किया जा सके। मजूमदार ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र बचाने की इस लड़ाई को और तेज करेगी।दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बंगाल में भाजपा कार्यकर्ताओं के समर्पण और जनता के बीच उनकी सक्रियता कीप्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मोदी ने कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा के साथ जनसंपर्क अभियान चलाने और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचने के लिए प्रेरितकिया है। बिस्ता के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता मुश्किल समय में लोगों के साथ खड़े रहे हैं और यह उनकी सबसे बड़ी ताकत है। आक्रामक तैयारी करने का निर्देश दियाभाजपा पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में पूरी तरह जुट चुकी है। बिहार में भाजपा-जदयू गठबंधन की बड़ी जीतके बाद पार्टी का उत्साह बढ़ा है और केंद्र नेतृत्व चाहता है कि उसका असर बंगाल में भी दिखे। बैठक को इसी रणनीतिक तैयारी का हिस्सा माना जारहा है, जिसमें सांसदों को चुनावी माहौल और टीएमसी सरकार के खिलाफ मजबूत अभियान चलाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदीने पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसदों को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए आक्रामक तैयारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कितृणमूल सरकार को काउंटर करते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए जनता के बीच जाना होगा।
विराट कोहली ने 53वां वनडे शतक लगाया, स्टेडियम सुरक्षा पर उठे सवाल, “जानें क्या है पूरा मामला”

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे दूसरे वनडे में स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर धमाकेदार प्रदर्शन से प्रशंसकों का दिलजीता है। उन्होंने 90 गेंदों में अपने वनडे करियर का 53वां शतक जड़ा। इस मैच में भी स्टेडियम की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए। दरअसल, ड्रिंक्स ब्रेकके दौरान एक प्रशंसक किंग कोहली के करीब पहुंचा और उनके पैर छुए। ऐसा ही रांची वनडे में भी देखने को मिला था। यह पहला मौका नहीं है जबस्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। इससे पहले रांची में खेले गए पहले मुकाबले में भी एक प्रशंसक विराट कोहली के करीब पहुंच गयाथा। उस मैच में दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 135 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी। यह उनके वनडे करियर का 52वां शतक और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटका 83वां शतक था। ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान एक प्रशंसक विराट कोहली के करीब पहुंच गयाकोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी प्रारूप में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। कोहली से पहले ये रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नामथा जिन्होंने टेस्ट में 51 शतक लगाए थे, लेकिन अब कोहली उनसे आगे निकल गए हैं। कोहली 294 पारियों में इस उपलब्धि पर पहुंचे हैं। कोहलीवनडे प्रारूप में सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में पहले ही सचिन को पीछे छोड़ चुके हैं। सचिन के नाम वनडे में 49 शतक हैं। रायपुर में खेले जा रहेदूसरे वनडे मैच में खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर किए गए इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं। ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान एक प्रशंसक विराट कोहली केकरीब पहुंच गया और उसने उनके पैर छुए। हालांकि, तभी मैदानकर्मी मौके पर पहुंचे और उसे बाहर लेकर गए।