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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोटद्वार के सिद्धबली मंदिर में किया माथा टेक, बहन कौशल्या देवी से की शोक संवेदना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोटद्वार स्थित सिद्धबली मंदिर में माथा टेककर सिद्धबली बाबा का आशीर्वाद लिया। इससे पहलेलैंसडौन विधायक महंत दिलीप रावत ने मंदिर प्रांगण में पहुंचने पर उनका स्वागत किया। योगी आदित्यनाथ हेलिकॉप्टर से कोटद्वार पहुंचे थे।ग्रास्टनगंज में हेलीपैड पर उतरकर कार से दोपहर 2:45 बजे सिद्धबली मंदिर पहुंचे। सिद्धबली बाबा के समक्ष नतमस्तक होकर करबद्ध प्रार्थना की।सीएम योगी आदित्यनाथ के कोटद्वार आगमन से पूर्व ही पौड़ी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्थ चाकचौबंद कर दी थी। मुख्यमंत्री के मंदिर प्रांगण में पहुंचने सेकुछ देर पहले ही एक क्षेत्र को खाली कराते हुए सुरक्षा घेरा बना लिया गया था। योगी आदित्यनाथ के कार से उतरते ही लैंसडौन विधायक महंतदिलीप रावत ने उनका अभिवादन किया। महंत दिलीप रावत योगी आदित्यनाथ को बाबा के दर्शन के लिए लेकर गए। देवी के आवास पर पहुंचेइसके बाद योगी आदित्यनाथ कोटद्वार के गाड़ीघाट क्षेत्र में अपनी बहन कौशल्या देवी के आवास पर पहुंचे। उन्होंने जीजा ओमप्रकाश रावत के निधनपर शोक संवेदना व्यक्त कर बहन को ढांढस बंधाया। इस दौरान प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्टि से गाड़ीघाट क्षेत्र में भी कुछ मार्गों पर रूट डायवर्ट कियाहुआ था। कई जगहों पर अवरोधक रखे थे और वाहनों की आवाजाही को रोका गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोटद्वार पहुंचकर सिद्धबलीबाबा का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह कोटद्वार के गाड़ीघाट क्षेत्र में अपनी बहन कौशल्या देवी के आवास पर पहुंचे। उन्होंने जीजा ओमप्रकाशरावत के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त कर बहन को ढांढस बंधाया।

इंडिगो उड़ानों में गड़बड़ी के बाद सरकार ने हवाई किराए पर लगाया नियंत्रण, पी. चिदंबरम ने किया स्वागत “जानें क्या है पूरा मामला”

इंडिगो उड़ानों में हाल ही में हुई बड़ी अव्यवस्था और टिकटों की बढ़ी कीमतों के बाद सरकार ने हवाई किराए पर नियत्रंण लगाने का फैसला किया है।इस कदम का स्वागत करते हुए कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि जब तक एयरलाइन सेक्टर में केवल दो बड़ी कंपनियों कादबदबा है, तब तक किराए पर नियंत्रण जारी रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंडिगो की उड़ानों में आई गड़बड़ी की वजह से देशभर में सैकड़ों उड़ानें रद्दहुईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चिदंबरम ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- ‘मैं खुश हूं कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय नेआखिरकार दखल दिया और इकोनॉमी क्लास किराए पर नियंत्रण लगाया है। जब तक एयरलाइन बाजार में मजबूत प्रतिस्पर्धा नहीं होती, तब तककिराए पर नियंत्रण रहना जरूरी है।’ उन्होंने कहा कि अगर बाजार में केवल दो बड़ी कंपनियां हों तो उपभोक्ताओं को बचाने का एकमात्र तरीका कीमतोंपर नियंत्रण है, क्योंकि हवाई यात्रा करने वाले अधिकांश लोग महंगी टिकटें वहन नहीं कर सकते। नियमों को फिलहाल रोक दियावरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने इंडिगो में आई समस्या को केवल कंपनी की गलती नहीं बल्कि सरकार और डीजीसीए की भी विफलता बताया।उन्होंने कहा कि नए पायलट ड्यूटी टाइम नियम जनवरी 2024 में लागू किए गए थे, लेकिन पिछले 23 महीनों में सरकार एयरलाइन को इन नियमों केअनुसार ढालने में नाकाम रही। उनके मुताबिक, ‘संकट बढ़ता गया और सरकार कुछ नहीं कर सकी। आखिरकार उसे पीछे हटना पड़ा।’ सरकार नेशुक्रवार को नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम (एफडीटीएल) नियमों को फिलहाल रोक दिया है। देर से उठाया गया कदम बताया जा रहानागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हवाई किराए पर लगाम लगाने का कारण बताते हुए कहा कि इंडिगो में परिचालन की गड़बड़ी के चलते उड़ानें कम हो गईंऔर कम सीटों की वजह से टिकटों की कीमतें अचानक बहुत बढ़ गईं। शनिवार को एयरलाइन ने लगभग 1500 उड़ानें चलाईं, जबकि करीब 800 उड़ानें रद्द रहीं। रविवार तक स्थिति सुधर रही है, लेकिन फिर भी 650 उड़ानें रद्द हुईं। इंडिगो रोजाना लगभग 2300 उड़ानें संचालित करती है। वरिष्ठकांग्रेस नेता पी चिदंबरम का कहना है कि जब तक बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा नहीं आती, तब तक ऐसा नियंत्रण जरूरी है ताकि आम यात्री महंगीटिकटों का बोझ न झेलें। वहीं सरकार के इस फैसले को यात्रियों को राहत देने वाला माना जा रहा है। हालांकि राजनीतिक स्तर पर इसे देर से उठायागया कदम बताया जा रहा है।

अमेरिकी अधिकारी एलिसन हुकर का भारत दौरा, रणनीतिक साझेदारी, रक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग पर चर्चा

अमेरिका की अंडर सेक्रटरी ऑफ स्टेट फॉर पॉलिटिकल अफेयर्स एलिसन हुकर 7 से 11 दिसंबर तक भारत के दौरे पर रहेंगी। अमेरिकी दूतावास द्वाराजारी बयान के अनुसार, उनका यह दौरा भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और व्यापार, रक्षा और उभरती तकनीकों में सहयोगबढ़ाने पर केंद्रित रहेगा। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि एलिसन हुकर की प्राथमिकताओं में अमेरिकी निर्यात को बढ़ावा देना, आर्थिक संबंधोंको और गहरा करना और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), अंतरिक्ष अनुसंधान तथा अन्य उभरते क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करना शामिल है। इस दौरे के दौरानएलिसन हुकर नई दिल्ली में वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों से मुलाकात करेंगी। वह विदेश सचिव विक्रम मिस्री के साथ ‘फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन’ मेंहिस्सा लेंगी, जिसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा, आपसी हितों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा होगी। आतंकवाद के सभी रूपों और स्वरूपों की कड़ी निंदाइसके बाद वह बंगलूरू जाएंगी, जहां भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का दौरा करेंगी और भारत के अंतरिक्ष व तकनीकी क्षेत्र केप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगी। इस दौरान दोनों देशों के बीच अनुसंधान, नवाचार और ऊर्जा क्षेत्र में संभावित नए सहयोग पर चर्चा होगी। अमेरिकाके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्राथमिकताओं के तहत यह दौरा ‘मजबूत भारत-अमेरिका साझेदारी’ और ‘मुक्त व खुले इंडो-पैसिफिक’ की दिशा में एकऔर कदम माना जा रहा है, बयान में कहा गया। इस दौरे से पहले 6 दिसंबर को भारत और अमेरिका ने आतंकवाद के सभी रूपों और स्वरूपों की कड़ीनिंदा की है। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र, क्वाड और एफएटीएफ जैसे बहुपक्षीय मंचों पर आतंकवाद-रोधी सहयोग मजबूत करने का संकल्प दोहराया। समर्थन नहीं मिलना चाहिए3 दिसंबर को यहां आयोजित हुई भारत-अमेरिका संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की 21वीं बैठक और 7वीं डेजिग्नेशन डायलॉग में दोनों पक्षों नेआईएसआईएस, अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद समेत उनके समर्थकों और सहयोगियों पर संयुक्त राष्ट्र के 1267 प्रतिबंध सूचीमें और नाम जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों देशों ने पहलगाम (22 अप्रैल) और दिल्ली के लाल किला क्षेत्र (10 नवंबर) में हुए आतंकीहमलों की निंदा करते हुए कहा कि आतंकवादियों को सजा मिलनी चाहिए और उन्हें किसी भी प्रकार का समर्थन नहीं मिलना चाहिए। विदेश मंत्रालयकी ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह बैठक भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की भावना और उसके दायरे को दर्शाती है।

दिल्ली में हुई स्वराज कौशल की शोकसभा, बेटी बांसुरी स्वराज सहित राजनीतिक और कानूनी हस्तियों नेताओं ने दी अंतिम श्रद्धांजलि

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज के पिता, वरिष्ठ वकील और पूर्व मिजोरम राज्यपाल स्वराज कौशल का गुरुवार को निधन हो गया। वे 73 वर्ष के थे।स्वराज कौशल का जन्म 12 जुलाई 1952 को हिमाचल प्रदेश के सोलन में हुआ था। अपने जीवन में उन्होंने कानून और राजनीति के क्षेत्र मेंउल्लेखनीय योगदान दिया और समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाई।स्वराज कौशल सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता थे। उन्होंने वर्षों तक वकालत के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया और कानून के प्रति उनकी गहरी समझऔर न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशेष बनाती थी। वे केवल एक कुशल वकील ही नहीं, बल्कि समाज सेवा और देशभक्ति के क्षेत्र में भीसक्रिय रहे। स्वराज कौशल स्वर्गीय सुषमा स्वराज के पति थे, जो भारत की पूर्व विदेश मंत्री रही हैं। उनके परिवार में उनकी बेटी बांसुरी स्वराज भीशामिल हैं, जो वर्तमान में भाजपा सांसद हैं। भारत के सबसे कम उम्र के राज्यपाल बनेउनके निधन से राजनीतिक और कानूनी समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया (एक्स) पर अपने संदेश मेंलिखा: श्री स्वराज कौशल जी के निधन से दुख हुआ है। वे भारत के सबसे कम उम्र के राज्यपाल बने और मिजोरम के लोगों पर अपने कार्यकाल केदौरान गहरा प्रभाव छोड़ा। एक सांसद के रूप में उनके विचार भी महत्वपूर्ण रहे। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनकी बेटी बांसुरी और परिवार केअन्य सदस्यों के साथ हैं। ॐ शांति। निधन से देश ने एक संवेदनशील, ईमानदार और प्रभावशाली व्यक्तित्व खो दियास्वराज कौशल का राजनीतिक जीवन भी अत्यंत सक्रिय और प्रभावशाली रहा। वे भारत के सबसे कम उम्र के राज्यपाल बने और मिजोरम के लोगों केबीच अपने कार्यकाल के दौरान गहरा प्रभाव छोड़ा। उन्होंने अपने प्रशासनिक कौशल और दूरदर्शिता के जरिए राज्य में कई महत्वपूर्ण पहल की। उनकीशोकसभा समारोह आज यानी 7 दिसंबर को दिल्ली के PSOI क्लब, चाणक्यपुरी में आयोजित की गई. यह शोकसभा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजेतक चली। इस अवसर पर उनके परिवारजन, करीबी मित्र और विभिन्न राजनीतिक व कानूनी हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में उनकेयोगदान और व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए उपस्थित लोगों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। स्वराज कौशल ने अपने जीवन में कानून और राजनीति केक्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके निधन से देश ने एक संवेदनशील, ईमानदार और प्रभावशाली व्यक्तित्व खो दिया है। उनकी उपलब्धियों औरउनके व्यक्तित्व की छवि हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।

दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण की सबसे बड़ी मुहिम — पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की बड़ी कार्रवाई

सरकार का सख़्त आदेश गैर–अनुरूपित इंडस्ट्रीज़ और प्रदूषण फैलाने वालों पर ज़ीरो टॉलरेंसदिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में राजधानी की हवा को साफ़ करने के लिए अब तक की सबसे बड़ी मुहिम शुरू कर दी है। पर्यावरणमंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने साफ़ कहा है कि दिल्ली में कोई भी ऐसी इंडस्ट्री, निर्माण साइट या एजेंसी जो प्रदूषण फैलाती पाई जाएगी उस पर तुरंतऔर कड़ी कार्रवाई होगी। सरकारी हो या निजी, सभी को नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।इंडस्ट्रीज़ का 7 दिन में सर्वे सभी डीसी, डीएम और DSIIDC अधिकारियों को सख़्त निर्देशबैठक में मंत्री सिरसा ने सभी ज़िलों के डीसी, डीएम और DSIIDC अधिकारियों को आदेश दिया कि हर इंडस्ट्री का पूरा सर्वे सिर्फ़ 7 दिनों में पूराकिया जाए। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कौन सी फैक्ट्रियाँ गैर-अनुरूपित इलाकों में चल रही हैं, कौन-सी इकाइयाँ नियम तोड़ रही हैं औरप्रदूषण फैला रही हैं। सर्वे के बाद ऐसे सभी यूनिट्स पर तुरंत जुर्माना, सीलिंग और बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। MCD को आदेश नॉन–कनफॉर्मिंग एरिया और निर्माण स्थलों का मैदान–स्तर सर्वेसिरसा ने MCD के डिविजनल कमिश्नर को यह भी निर्देश दिया कि दिल्ली के सभी नॉन-कनफॉर्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया और निर्माण स्थलों का विस्तृतसर्वे कराया जाए। जहाँ धूल प्रबंधन, कचरा निस्तारण या कंस्ट्रक्शन वेस्ट के निपटारे में लापरवाही मिले वहाँ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उनका कहनाहै कि प्रदूषण रोकने के लिए डेटा और ज़मीनी जानकारी सबसे ज़रूरी है। टूटी सड़कें और खाली प्लॉट्स की रिपोर्ट तुरंत तैयार करने का निर्देशदिल्ली में धूल फैलने का सबसे बड़ा कारण टूटी सड़कें, गड्ढे और बिना विकसित पड़े प्लॉट हैं। इसलिए सरकार ने सभी विभागों को आदेश दिया है किइन सभी का पूरा अपडेट तुरंत तैयार किया जाए। इस साल अब तक 42,000 से ज़्यादा गड्ढे भरे जा चुके हैं, जो पिछले साल की तुलना में दोगुने से भीज़्यादा है। यह कदम दिल्ली में धूल और पीएम-10 को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। DPCC की अब तक की कार्रवाई भारी जुर्माना, नोटिस और निर्माण स्थल बंदपिछले दिनों DPCC ने 1,756 साइट्स का निरीक्षण किया और 556 को नोटिस जारी किए। कुल ₹7 करोड़ का भारी जुर्माना लगाया गया है और48 निर्माण साइट्स को तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया है। सरकारी एजेंसियाँ भी नियम तोड़ते मिले—DDA, DSIIDC, MCD, PWD औरDMRC जैसी एजेंसियों पर ₹1 करोड़ का नोटिस जारी किया गया है। मंत्री सिरसा ने कहा कि नियम सबके लिए समान हैं, चाहे सरकारी विभाग होया निजी कंपनी। रिहायशी इलाकों में गैर–कानूनी इंडस्ट्रीज़ पर अभियान तेज़दिल्ली के कई रिहायशी इलाकों में अवैध तरीके से चल रही इंडस्ट्रीज़ प्रदूषण का बड़ा कारण हैं। DPCC लगातार सर्वे कर इनकी पहचान कर रहाहै। जहाँ भी अवैध यूनिट मिल रही है, उसे तुरंत बंद कराया जा रहा है। सिरसा का कहना है कि दिल्ली की हवा साफ़ रखने के लिए अवैध इंडस्ट्रीज़ कोहर हाल में हटाया जाएगा। सड़क निर्माण, बेहतर सफ़ाई और EV नीति से हवा में सुधार का लक्ष्यदिल्ली में सड़क सुधार और EV को बढ़ावा देना भी इस मुहिम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नवंबर 2025 तक दिल्ली में 4.54 लाख इलेक्ट्रिक वाहनपंजीकृत हो चुके हैं, जो पिछले साल की तुलना में बड़ी वृद्धि है। इसके अलावा 350 नए मिस्ट-स्प्रे सिस्टम लगाए जा चुके हैं, 100 नई मैकेनिकलस्वीपर मशीनें और 1,000 लिटर-पिकर्स जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि दिल्ली की सड़कों पर धूल कम हो सके। खुले में कचरा या बायोमास जलाने पर सख़्त रोक 10,000 इलेक्ट्रिक हीटर वितरितखुले में कचरा या बायोमास जलाना दिल्ली की हवा को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुँचाता है। सरकार ने DPCC की 1,823 टीमें तैनात की हैं, जिनमेंसे 633 टीमें सिर्फ़ ओपन बर्निंग रोकने का काम कर रही हैं। मजदूरों की ठंड को देखते हुए अब तक 3,377 इलेक्ट्रिक हीटर 1,407 RWAs को दिएजा चुके हैं। कुल 10,000 हीटर दिए जा रहे हैं ताकि मजदूर आग न जलाएँ और प्रदूषण न बढ़े। विज्ञान आधारित नीति IIT Delhi और IITM के साथ बड़ा अध्ययन शुरूदिल्ली सरकार वैज्ञानिक तरीकों से प्रदूषण को समझने और रोकने की दिशा में काम कर रही है। जल्द ही IIT Delhi और IITM के साथ नई सोर्सएपॉर्शनमेंट स्टडी शुरू होगी। इससे यह पता चलेगा कि दिल्ली की हवा को प्रदूषित करने वाले मुख्य स्रोत कौन-कौन से हैं। इसके आधार पर आनेवाले समय में और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। सरकार ने एक इनोवेशन चैलेंज भी शुरू किया था, जिसमें 278 सुझाव आए हैं। इनमें से 200 समाधान को आगे की समीक्षा के लिए चुना गया है। विशेषज्ञों की समिति इनका मूल्यांकन कर रही है। जनरेटर रेट्रोफिटिंग अनिवार्य उल्लंघन पर भारी जुर्मानादिल्ली में अब कोई भी BS-IV या उससे नीचे का जनरेटर बिना एंटी-पॉल्यूशन डिवाइस के नहीं चलेगा। चाहे वह घरेलू जनरेटर हो या व्यावसायिक—सभी में रेट्रोफिटिंग अनिवार्य है। उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई और भारी जुर्माना लगाया जाएगा। पर्यावरण मंत्री सिरसा ने हाल ही मेंसैदुलाजाब वार्ड का निरीक्षण भी किया, जहाँ उन्होंने DMRC की एक निर्माण साइट पर कई खामियाँ पाईं और अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देशदिए। दिल्ली की हवा साफ़ करना सिर्फ़ सर्दियों का काम नहींसिरसा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ़ घोषणाएँ करना नहीं, बल्कि ज़मीन पर वास्तविक बदलाव लाना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में पूरेसाल प्रदूषण के खिलाफ़ रणनीति चलेगी। सभी मंत्री, सभी विभाग और पूरी टीमें मैदान में हैं, ताकि दिल्ली की हवा में सुधार नागरिक रोज़ महसूस करसकें।

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर 10 दिसंबर से बातचीत शुरू, टैरिफ के मुद्दे को सुलझाने के लिए बनेगा व्यापार ढांचा

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर 10 दिसंबर से बातचीत शुरू होगी। यह बातचीत तीन दिन चलेगी। भारत और अमेरिका के बीचव्यापार समझौते के लिए इस बातचीत को अहम माना जा रहा है। दोनों पक्षों की बातचीत 12 दिसंबर तक चलेगी और अभी यह बातचीत काऔपचारिक राउंड नहीं है।अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए दिल्ली आएगा और उसका नेतृत्व अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि रिक स्विट्जरकरेंगे। अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद अमेरिकी अधिकारियों का व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए यह दूसराभारत दौरा होगा। इससे पहले 16 सितंबर को अमेरिकी अधिकारियों ने भारत का दौरा किया था। इसके बाद 22 सितंबर को केंद्रीय वाणिज्य एवंउद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में एक दल अमेरिका गया था। इससे पहले मई में भी पीयूष गोयल अमेरिका दौरे पर थे। हाल ही में वाणिज्यसचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि अमेरिका के साथ इस साल ही व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति बन जाएगी। मुद्दे को सुलझाने के लिए एक व्यापार ढांचाव्यापार समझौते से भारतीय निर्यातकों को टैरिफ से राहत मिल सकती है। भारत और अमेरिका टैरिफ के मुद्दे को सुलझाने के लिए एक व्यापार ढांचाबनाने और एक पूर्ण व्यापार समझौते पर समानांतर बातचीत कर रहे हैं। अब तक छह राउंड की बातचीत हो चुकी है। इस समझौते का मकसद 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को मौजूदा 191 अरब से दोगुना करके 500 अरब डॉलर करना है। अमेरिका 2024-25 में लगातार चौथे साल भारतका सबसे बड़ा व्यापार साझेदार बना रहा और दोनों देशों के बीच का व्यापार 131.84 अरब डॉलर रहा। भारत के कुल निर्यात में अमेरिका कीहिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत, आयात 6.22 प्रतिशत रहा। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए एक अमेरिकीप्रतिनिधिमंडल जल्द ही भारत आएगा। हाल ही में वाणिज्य सचिव ने एक बयान में कहा है कि इस साल तक व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति बनसकती है।

दुष्कर्म मामले में फरार राहुल ममकूटाथिल को केरल HC से बड़ी राहत, 15 दिसंबर तक गिरफ्तारी पर रोक

केरल उच्च न्यायालय ने कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल को गिरफ्तार से अंतरिम राहत दे दी है। राहुल ममकूटाथिल पर दुष्कर्म औरजबरन गर्भपात कराने का आरोप है। शनिवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस के बाबू ने कहा कि वे 15 दिसंबर को राहुल ममकूटाथिल की अग्रिमजमानत याचिका पर सुनवाई करेंगे, तब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। मामले की सुनवाई तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगाअदालत ने कहा, ‘याचिकाकर्ता को मामले की सुनवाई तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा’। राहुल ममकूटाथिल की तरफ से वरिष्ठ वकील एस राजीवअदालत में पेश हुए और उन्होंने भी आदेश की पुष्टि की है। हालांकि ममकूटाथिल पर शारीरिक शोषण का एक दूसरा मामला भी चल रहा है। यहदूसरा मामला बुधवार को ही दर्ज हुआ है, जिसमें बंगलूरू की रहने वाली महिला ने राहुल ममकूटाथिल पर दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। गुरुवार कोतिरुवनंतपुरम की सत्र अदालत ने राहुल ममकूटाथिल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद ममकूटाथिल ने उच्च न्यायालय कारुख किया। बाद से ही फरारममकूटाथिल एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार हैं। उच्च न्यायालय में दायर याचिका में राहुल ममकूटाथिल ने कहा है कि वह निर्दोष हैं औरउन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कोई जरूरत नहीं है। साथ ही कांग्रेस के निष्कासित विधायक ने कहा उनके और पीड़िता के बीच आपसीसहमति से संबंध बने थे और जब दोनों के बीच रिश्ते बिगड़ गए तो पीड़िता ने एफआईआर करा दी। विधायक ने दावा किया महिला शादीशुदा है, लेकिन अपने पति से अलग रहती है। विधायक ने जांच में सहयोग का वादा किया है। विधायक ने ये भी दावा किया कि जांच एजेंसी द्वारा तथ्यों कोगलत तरीके से पेश किया जा रहा है और उनके पास अपने दावे के पक्ष में पर्याप्त सबूत हैं

महापरिनिर्वाण दिवस पर राष्ट्र ने किया बाबा साहेब आंबेडकर को नमन, नेताओं ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की आज 69वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपतिसीपी राधाकृष्णन और अन्य नेताओं ने संसद भवन परिसर में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। डॉ. आंबेडकर को याद करतेहुए प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा ‘महापरिनिर्वाण दिवस पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को याद करते हुए। उनका दूरदर्शी नेतृत्वऔर न्याय, समानता और संविधान के प्रति अटूट प्रतिबद्धता हमारी राष्ट्रीय यात्रा को राह दिखाती रहेगी। उन्होंने पीढ़ियों को इंसानी गरिमा बनाए रखनेऔर लोकतांत्रिक मूल्यों को मज़बूत करने के लिए प्रेरित किया। उनके आदर्श हमें विकसित भारत बनाने की दिशा में काम करते हुए राह दिखाते रहें।’ एक पोस्ट में लिखाकांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने डॉ. आंबेडकर को महापरिनिर्वाण दिवस पर याद करते हुए एक पोस्ट में लिखा, ‘बाबासाहेबआंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उनकी समानता, न्याय और मानवीय गरिमा की विरासत संविधान बचाने के मेरे संकल्पको मजबूत करती है और भारत और समावेशी और करुणाशील भारत बनाने में हमारे एकजुट संघर्ष को प्रेरित करती है।’ संसद परिसर में डॉ. आंबेडकरको श्रद्धांजलि देने के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा ‘आंबेडकर जी एक आइकॉन हैं। उन्होंने पूरे देश को रास्ता दिखाया, उन्होंने हमेंसंविधान दिया। इसलिए, हम उन्हें याद करते हैं और उनके विचारों और संविधान की रक्षा करते हैं। हर भारतीय का संविधान खतरे में है। हम इसकीरक्षा करते हैं, नागरिक इसकी रक्षा करते हैं।’ न्याय की मजबूत आवाजकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने डॉ. आंबेडकर को याद करते हुए लिखा, ‘डॉ. आंबेडकर के 70वें महापरिनिर्वाण दिवस पर हम संविधान केनिर्माता और सामाजिक न्याय की मजबूत आवाज को दिल से धन्यवाद देते हैं। बाबा साहेब आंबेडकर अपनी पूरी जिंदगी बराबरी, भाईचारे और न्यायके लोकतांत्रिक सिद्धांतों के लिए मजबूती से खड़े रहे। आज हमसे उन मूल्यों को बनाए रखने, बचाने की उम्मीद की जाती है, जिनके लिए वे जिए।देश को उनका सबसे बड़ा तोहफा, भारत का संविधान है।’

बाबरी मस्जिद की तर्ज पर हुमांयू कबीर ने रखी नई मस्जिद की आधारशिला, मुर्शिदाबाद में ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे; TMC से निलंबित MLA ने 6 दिसंबर का दिन चुना

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के निलंबित विधायक हुमांयू कबीर ने अयोध्या की बाबरी मस्जिद की तर्ज परएक नई मस्जिद की आधारशिला रखी। निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में इसमस्जिद की आधारशिला रखी। हुमांयू कबीर ने मस्जिद की आधारशिला कार्यक्रम के मंच पर मौलवियों के साथ समारोह का फीता काटा। इस दौरानकार्यक्रम स्थल पर ‘नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर’ के नारे लगाए गए। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे।बाबरी मस्जिद की तर्ज परबाबरी मस्जिद की तर्ज पर नई मस्जिद के शिलान्यास समारोह को देखते हुए कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया गया था। कानून और व्यवस्था बनाए रखनेके लिए रेजिनगर और निकटवर्ती बेलडांगा क्षेत्र में पुलिस, आरएएफ और केंद्रीय बलों की बड़ी टुकड़ियां तैनात की गईं। हुमांयू कबीर को इस हफ्ते कीशुरुआत में ही टीएमसी से निलंबित कर दिया गया था, क्योंकि पार्टी ने इसे सांप्रदायिक राजनीति से जुड़ा मामला बताया था। कबीर ने इस महीने कीशुरुआत में स्थापना समारोह का एलान किया था, जिससे राजनीतिक आलोचना शुरू हो गई थी और राज्य प्रशासन को सुरक्षा बढ़ानी पड़ी थी।आधारशिला रखने के समारोह के लिए कबीर ने 6 दिसंबर का दिन चुना, जो अयोध्या की बाबरी मस्जिद के विध्वंस की वर्षगांठ है। कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करेंगेहुमायूं कबीर ने शनिवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद के निर्माण के लिए शिलान्याससमारोह को बाधित करने की साजिश रची जा रही है। कबीर ने दावा किया कि 2026 के चुनावों में 90 विधानसभा क्षेत्रों से मुस्लिम उम्मीदवारविजयी होंगे। निलंबित टीएमसी विधायक ने कहा, ‘कोई भी ताकत इसे रोक नहीं सकती। हम कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करेंगे।’ उन्होंनेयह भी आरोप लगाया, ‘हिंसा भड़काकर कार्यक्रम को बाधित करने की साजिशें की जा रही हैं। दक्षिण बंगाल के जिलों से लाखों लोग ऐसी कोशिशोंको नाकाम कर देंगे।’

इंडिगो का ‘उड़ान संकट’, CEO की माफ़ी पर भड़के यूज़र्स

इंडिगो एयरलाइन का संकट बरकरार है और शनिवार को भी कई हवाई अड्डों पर इंडिगो की उड़ानें रद्द हुई हैं। शुक्रवार को हालात सबसे ज्यादा खराबरहे और दिनभर में 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और लोग कई घंटों तक हवाई अड्डों पर फंसेरहे और अफरा-तफरी का माहौल रहा। इस बीच शुक्रवार शाम को इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने एक वीडिया जारी कर मौजूदा हालात के लिएमाफी मांगी। सीईओ की इस वीडियो को सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर साझा किया गया। यूजर्स भड़क गएहालांकि सीईओ की माफी से एक्स यूजर्स भड़क गए और उन्होंने कई गंभीर सवाल उठाए। एक्स पर सीईओ की वीडियो पर कम्युनिटी नोट लगा है, जिस पर यूजर्स अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और तथ्य साझा कर रहे हैं। यूजर्स ने लिखा कि इंडिगो और अन्य एयरलाइंस को डीजीसीए के नए नियमों केबारे में एक साल पहले नोटिफाई किया गया था, लेकिन इंडिगो ने नियमों का पालन नहीं किया, जिसके चलते ये परेशानी हुई। साथ ही कहा गया किइंडिगो ने अपने बयान में डीजीसीए के नियमों का पालन न करने की बात स्वीकार नहीं की है, जबकि इसके कारण ही सारी परेशानी हुई। प्रतिक्रिया भी दे रहेइस कम्युनिटी नोट पर यूजर्स प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि ‘जब हालात इतने खराब हैं तो फिर इंडिगो द्वारा टिकट क्यों बेचे जा रहेहैं?’ साथ ही लोगों ने पूछा कि क्या लोगों को जो परेशानी हुई, उसके लिए इंडिगो मुआवजा देगी? एक अन्य यूजर ने लिखा ‘ये इंडिगो के लिए बेहदशर्मनाक बात है, एयरलाइन योजना के स्तर पर बुरी तरह से असफल हुई है, या ये डीजीसीए को ब्लैकमेल करने के लिए जानबूझकर तो नहीं कियागया। यात्रियों की परेशानी को दूर करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए और उड़ानें रद्द होने पर यात्रियों को रिफंड भी नहीं दिया गया। लोगों कोहुई परेशानी के लिए उन्हें मुआवजा दिया जाना चाहिए।’