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असम में दो बड़े मामले सुर्खियों में: अली तौकीर शेख केस केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की तैयारी, जुबिन गर्ग मौत मामले में SIT ने दायर की12,000 पन्नों की चार्जशीट

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को दो बड़े मामलों पर महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीरशेख मामले को जल्द ही केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपा जाएगा। वहीं, जुबिन गर्ग मौत मामले में एसआईटी ने लगभग 12,000 पन्नों की चार्जशीटअदालत में दायर कर दी है। सीएम सरमा ने कहा कि केस में काफी जटिलताएं हैं, इसलिए राज्य की SIT अकेले पूरी सच्चाई सामने नहीं ला पाएगी।उन्होंने कहा जुबिन गर्ग केस के नियमित ट्रायल शुरू होते ही हम अली तौकीर शेख मामले को केंद्रीय एजेंसी को ट्रांसफर कर देंगे। महीने के अंत तकहम कुछ दस्तावेज भी सार्वजनिक करेंगे। अली तौकीर शेख के कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी से कथित लिंक की बात सामने आने के बादमामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बन गया है। मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंप दीबता दें कि विशेष पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) मुन्ना प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में एसआईटी ने औपचारिक रूप से 10 सितंबर को मुख्यमंत्री को रिपोर्टसौंप दी। रिपोर्ट मिलने के बाद, मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य सरकार इसकी विस्तार से जांच करेगी और इसे सार्वजनिक करने से पहले मंत्रिमंडल केसमक्ष चर्चा के लिए रखेगी। सरमा ने पहले दावा किया था कि एसआईटी ने पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख की नापाक गतिविधियों में एकब्रिटिश नागरिक जिसने एक भारतीय सांसद से शादी की है की संलिप्तता स्थापित की है। उन्होंने दावा किया था कि जांच से यह भी पता चलता है किकैसे पाकिस्तान सरकार के गृह मंत्रालय ने असम के एक सांसद की अपने देश में यात्रा को सुगम बनाया। गोगोई ने पूर्व में दावा किया था कि मुख्यमंत्रीद्वारा लगाए गए आरोप बॉलीवुड की किसी सी-ग्रेड फिल्म की तरह हैं, जो फ्लॉप हो जाएगी क्योंकि असम के लोग सब कुछ समझते हैं।

एनआईए ने अमेरिका से लौटे अनमोल बिश्नोई को गिरफ्तार, पटियाला हाउस कोर्ट में भेजा न्यायिक हिरासत में

पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष एनआईए न्यायाधीश ने अनमोल बिश्नोई को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उनके खिलाफ खतरे की आशंका कोदेखते हुए उन्हें वर्चुअल माध्यम से अदालत में पेश किया गया।गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई और उसके करीबी अनमोल बिश्नोई को अमेरिका सेलौटने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि अनमोल को अमेरिका ने मंगलवार को भारत डिपोर्ट कर दियाथा। इसके बाद दिल्ली पहुंचते ही एनआईए ने उसे पकड़ लिया। मिलकर काम करतेबिश्नोई गिरोह के विभिन्न सहयोगियों के साथ मिलकर काम करते हुए अनमोल ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के लिए अमेरिका से आतंकवादी सिंडिकेटचलाना और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देना जारी रखा। इसके लिए उसने जमीनी स्तर पर उसके गुर्गों का इस्तेमाल किया। जांच से पताचला है कि अनमोल बिश्नोई ने गिरोह के शूटरों और जमीनी गुर्गों को आश्रय और रसद सहायता प्रदान की थी। वह अन्य गैंगस्टरों की मदद से विदेशीधरती से भारत में जबरन वसूली में भी शामिल था। मामले में आरोपीएनआईए, आतंकवादियों, गैंगस्टरों और हथियार तस्करों के बीच गठजोड़, जिसमें उनका बुनियादी ढांचा और धन स्रोत शामिल हैं, को नष्ट करने केअपने प्रयासों के तहत, आरसी 39/2022/एनआईए/डीएलआई (लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व में आतंकवादी-गैंगस्टर षड्यंत्र मामला) मामले की जांचजारी रखे हुए है। अनमोल बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में आरोपी है। सलमान खान के घर हुई फायरिंग और सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस से भीउसका कनेक्शन है।

जय राम रमेश का आरोप, पीएम मोदी और टीम ने इतिहास की किताबें पढ़ी ही नहीं “जानें क्या है पूरा मामला”

वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर लोकसभा और राज्यसभा में हुई चर्चा के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। पार्टी ने गुरुवारको कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पूरी टीम वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के अवसर पर सदन में हुई चर्चा में पूरी तरह बेनकाब औरगलत साबित हुई।कांग्रेस के महासचिव और संचार प्रभारी जय राम रमेश ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा में वंदे मातरम् पर तीन दिन तक चर्चाहुई। उन्होंने बताया कि चर्चा में राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय गान पर भी चर्चा हुई। रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और उनकी टीम ने दो प्रमुखइतिहासकारों द्वारा लिखी गई किताबें, रुद्रांगसु मुखर्जी की ‘भारत का गीत: राष्ट्रगान का एक अध्ययन’ और सब्यसाची भट्टाचार्य की ‘वंदे मातरम’ पढ़ीही नहीं हैं। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि इतना उम्मीद करना ही बेकार है कि वे अपने झूठों के बेनकाब होने के बाद भी इसे पढ़ें। इसके साथ ही कांग्रेसनेता ने पहले इतिहासकार सुगता बोस के हवाले से बताया कि 1937 में रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर ही पार्टी ने तय किया था कि राष्ट्रीय सभाओं मेंकेवल वंदे मातरम् का पहला भाग ही गाया जाएगा।’ प्रमुख इतिहासकारों की किताबें पढ़ी ही नहींरमेश ने कहा कि ये बातें मोदी सरकार की झूठी दलीलों को और उजागर करती हैं। इतना हीं नहीं रमेश ने यह भी कहा कि बहस का उद्देश्य पहलेप्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और स्वतंत्रता सेनानियों जैसे रवींद्रनाथ टैगोर का अपमान करना था। गौरतलब है कि वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ परचर्चा में भाजपा और कांग्रेस दोनों पक्षों ने राष्ट्रीयता, इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर अपनी-अपनी राय रखी। लोकसभा में सोमवार कोचर्चा शुरू हुई, जबकि राज्यसभा में यह बहस मंगलवार और बुधवार को चली। इस दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। हालांकि दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि नेहरू ने वंदे मातरम् को धोखादिया, क्योंकि उन्होंने मुहम्मद अली जिन्ना की आपत्ति के चलते इसे पूरा गाने से रोका और साम्प्रदायिक राजनीति को बढ़ावा दिया। वंदे मातरम के150 साल पूरे होने पर लोकसभा और राज्यसभा में हुई तीन दिन की चर्चा के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। महासचिव जय राम रमेश नेकहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी पूरी टीम बेनकाब और गलत साबित हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने प्रमुख इतिहासकारों की किताबें पढ़ीही नहीं।

पुतिन की भारत यात्रा पर अमेरिकी संसद में बहस, ट्रंप की व्यापार नीति पर सवाल

अमेरिका और भारत के व्यापारिक संबंध ट्रंप की टैरिफ नीति के चलते बहुत बेहतर नहीं है। ऐसे में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत दौराअमेरिका में खूब चर्चा में है। इतना ही नहीं इस दौरे को आधार बनाकर विशेषज्ञ और अमेरिकी सांसद ट्रंप की व्यापार नीतियों को लेकर कई कठोरसवाल भी पूछते नजर आ रहे हैं। इस बात को ज्यादा हवा तब मिली जब डेमोक्रेट सांसद सिडनी कैमलेगर-डव ने पहले तो पुतिन और पीएम मोदी कीकार वाली सेल्फी को अमेरिकी संसद में बड़ा सा पोस्ट बनाकर दिखाया, फिर भारत और रूस के संबंध में बढ़ती नजदीकियां और अमेरिका और भारतके संबंध में खटास का जिक्र करते हुए ट्रंप और उनकी व्यापारिक नीति की खूब आलोचना भी की। भारत साझेदारी को फिर से मजबूत किया जा सकेडेमोक्रेट सांसद सिडनी कैमलाजर डोव ने संसद में संबोधन के दौरान भारत और अमेरिका के संबंधों में आई तल्खियों को लेकर ट्रंप को जिम्मेदारबताया। साथ ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे का भी जिक्र किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की कार वालीसेल्फी का बड़ा सा पोस्ट भी दिखाया। अमेरिकी सांसद कैमलेगर डव ने पुतिन और पीएम मोदी की सेल्फी का जिक्र करते हुए कहा कि यह तस्वीरहजारों शब्दों के बराबर है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जबरदस्ती वाली नीतियों का भारी मूल्य चुकाना पड़ता है। उन्होंनेचेताया कि ट्रंप की नीतियों ने अमेरिका के रणनीतिक साझेदारों को हमारे प्रतिद्वंद्वियों की ओर धकेल दिया। डव ने इस बात पर जोर दिया कि हमे तुरंतकार्रवाई करनी होगी ताकि अमेरिका और भारत साझेदारी को फिर से मजबूत किया जा सके। इन मुद्दों का तुरंत समाधान नहीं हुआइस दौरान सांसद प्रमिला जयापल ने व्यापार और आव्रजन (इमिग्रेशन) नीतियों के कारण भारत-अमेरिका आर्थिक और लोगों के बीच संबंधों पर पड़रहे असर को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में लगे टैरिफ कारोबार और उपभोक्ताओं को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सांसद जयापल कीयह टिप्पणी ट्रंप के हालिया बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने भारत से चावल के आयात पर नए टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने आरोपलगाया कि भारत अमेरिकी किसानों को नुकसान पहुंचाते हुए सस्ते चावल निर्यात कर रहा है। इस दौरान ट्रंप ने अमेरिकी कृषि उत्पादकों के लिए 12 अरब डॉलर की मदद पैकेज की घोषणा भी की। बता दें कि बैठक में कई अमेरिकी किसानों ने शिकायत की कि भारत, वियतनाम और थाईलैंड सेसस्ते आयात के कारण घरेलू कीमतें घट रही हैं। ट्रंप ने कहा कि इस समस्या का समाधान करने के लिए वे अतिरिक्त शुल्क लगाने पर विचार करेंगे।कुल मिलाकार सांसदों का मानना है कि अगर इन मुद्दों का तुरंत समाधान नहीं हुआ, तो दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग परनकारात्मक असर पड़ सकता है।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि,जनसेवा और संविधान की गहरी समझ के लिए याद किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया। इसके साथ ही कहा कि संविधान कीउनकी गहन समझ ने सार्वजनिक पदों पर उनके कार्यकाल को परिभाषित किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट एक संदेश में कहा, “भारत के पूर्व राष्ट्रपतिप्रणब मुखर्जी जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। जनसेवा के प्रति समर्पित नेता मुखर्जी जी की संविधान की गहरी समझ ने सार्वजनिक पदों पर उनकेकार्यकाल को परिभाषित किया। उनका जीवन और कार्य हमारी लोकतांत्रिक यात्रा को प्रेरित करते रहेंगे।” इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ ने भी प्रणब मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूर्व राष्ट्रपति की दूरदृष्टि भारतीय लोकतंत्र के लिए एकअमूल्य धरोहर है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कियाकि पूर्व राष्ट्रपति ‘भारत रत्न’ प्रणब मुखर्जी की जयंती पर, उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि,” मुख्यमंत्री ने आगेकहा, “उनकी दूरदृष्टि, सादगी और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण भारतीय लोकतंत्र के लिए एक अमूल्य संपत्ति है।” सार्वजनिक पदों पर उनके कार्यकाल को परिभाषित कियाएक दिग्गज राजनेता, मुखर्जी ने भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। अपने लंबे और गौरवशाली राजनीतिक जीवन में उन्होंने विभिन्न समयोंपर विदेश, रक्षा, वाणिज्य और वित्त मंत्री सहित कई अन्य पदों पर भी कार्य किया। मुखर्जी ने 2012 से 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप मेंकार्य किया। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के रूप में, उन्होंने भारत सरकार में कई मंत्री पद भी संभाले। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को पूर्वराष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किया। इसके साथ ही कहा कि संविधान की उनकी गहन समझ ने सार्वजनिक पदों परउनके कार्यकाल को परिभाषित किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मणिपुर दौरा शुरू, महिलाओं के संघर्ष को करेंगी याद “नागरिक स्वागत और ऐतिहासिक कार्यक्रमों में लिया हिस्सा”

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार से मणिपुर का दो दिवसीय दौरा शुरू करेंगी। इस दौरान वे ब्रिटिश शासन के खिलाफ महिलाओं के संघर्ष कोयाद करने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगी और संभवत मणिपुर के प्रसिद्ध श्री गोविंदाजी मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगी। यह राष्ट्रपति मुर्मू का पहलादौरा है, जब से वे भारत की राष्ट्रपति बनी हैं। उनका दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सितंबर 2025 में मणिपुर दौरे के तीन महीने बाद हो रहा है। राष्ट्रपतिद्रौपदी मुर्मू सबसे पहले दोपहर में इंफाल पोलो ग्राउंड में युवा मामले और खेल विभाग द्वारा आयोजित पोलो कार्यक्रम में शामिल होंगी। इसके बाद वेसंभवतः श्री गोविंदाजी मंदिर में पूजा करेंगी, जो मणिपुर में वैष्णव धर्म का प्रमुख केंद्र है। शाम को वे सिटी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नागरिक स्वागतसमारोह में भाग लेंगी और रात को लोक भवन में ठहरेंगी। पोस्टर और अस्थायी प्रवेश द्वार भी लगाए गएवहीं बात अगर दूसरे दिन की करें तो शुक्रवार को वे नूपी लान समारोह में शामिल होंगी। यह समारोह हर साल महिलाओं द्वारा 1904 और 1939 मेंब्रिटिश शासन के खिलाफ किए गए आंदोलनों की याद में मनाया जाता है। इसके अलावा वे नागा बहुल सेनापति जिले में आयोजित कार्यक्रम में भीशामिल हो सकती हैं। राष्ट्रपति दौरे के चलते मणिपुर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कारण है कि कई आंतरिक सशस्त्र संगठन और प्रतिबंधित समूहों नेराष्ट्रपति दौरे के विरोध में बंद बुलाया है। इस कारण इंफाल घाटी में बाजार, स्कूल-कॉलेज बंद हैं और सड़कें सुनसान हैं। राष्ट्रपति के दौरे वाले स्थानोंपर कई पोस्टर और अस्थायी प्रवेश द्वार भी लगाए गए हैं। NRC के कार्यान्वयन पर भी जोरमणिपुर के मीतेई संगठन अरंबाई टेंगोल (एटी) ने राष्ट्रपति से अंतरविभागीय विस्थापितों की समस्या उठाने और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) लागू करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि कई विस्थापित परिवार केंद्र सरकार की योजनाओं के बावजूद कठिन परिस्थितियों में रह रहे हैं।उन्हें सभी अधिकारों और लाभों की निष्पक्ष और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने अवैध सीमा पार आंदोलन और NRC केकार्यान्वयन पर भी जोर दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से दो दिन के मणिपुर यात्रा पर जा रही है। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका पहला यात्रा है।आइए जानते हैं इस यात्रा के दौरान वह कौन-कौन से कार्यक्रम में शामिल होंगी।

पीएमओ अधिकारी ने भारत के यूएनएचआरसी चुनाव को लोकतंत्र और समावेशी विकास का प्रतीक बताया, वर्करों की संवेदनशीलता जैसे मुद्दों पर भारत ने तैयार किया ढांचा

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में भारत के चुनाव को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के वरिष्ठ अधिकारी ने भारत कीलोकतांत्रिक संस्थाओं और समावेशी विकास मॉडल पर वैश्विक विश्वास का प्रतीक बताया। पीएम के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने कहा कि पीएम नरेंद्रमोदी की जनभागीदारी की सोच ने शासन के स्वरूप को बदल दिया है। अब योजनाएं केवल लागू नहीं होतीं, बल्कि लोगों को सम्मान व भागीदारी केसाथ जोड़ती हैं। वह ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन एवरीडे एसेंशियल्स-पब्लिक सर्विसेज एंड डिग्निटी फॉर ऑल’ को संबोधित कर रहे थे। पीके मिश्रा ने कहाकि मानवाधिकार दिवस (10 दिसंबर) लोकतांत्रिक देशों, विशेषकर भारत के लिए महत्वपूर्ण है, जहां सांविधानिक आदर्श, लोकतांत्रिक संस्थाएं औरसामाजिक मूल्य मिलकर मानव मर्यादा की रक्षा और संवर्धन करते हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन स्वयं एक मौलिक अधिकार है, जिसमें दक्षता, पारदर्शिता, शिकायतों का त्वरित समाधान और समय पर सेवाओं की उपलब्धता शामिल है। इनकी विश्वसनीयता प्रभावित हुईपीके मिश्रा ने कहा कि भारत की सभ्यतागत सोच में हमेशा से मानव गरिमा और कर्तव्य को केंद्र में रखा गया है। धर्म, न्याय, करुणा, सेवा, अहिंसाऔर वसुधैव कुटुंबकम जैसे सिद्धांत सार्वजनिक जीवन का आधार रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले भारत ने शिक्षा का अधिकार, मनरेगा औरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून जैसे अधिकार आधारित विकास मॉडल अपनाए, लेकिन प्रभावी क्रियान्वयन न होने से इनकी विश्वसनीयता प्रभावित हुई। संवेदनशीलता और डिजिटल निगरानी जैसे मुद्दे शामिल2014 के बाद, सरकार ने सैचुरेशन अप्रोच पर जोर दिया यानी हर पात्र व्यक्ति तक योजना पहुंचे। डिजिटल ढांचे, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर औरविकसित भारत संकल्प यात्रा जैसे अभियानों ने कागजी अधिकार को लागू अधिकार में बदला। उन्होंने बताया कि बीते 10 वर्षों में 25 करोड़ भारतीयगरीबी रेखा से ऊपर उठे, जिसका प्रमाण हाउसहोल्ड कंजम्पशन एक्सपेंडिचर सर्वे 2023-24 में भी मिलता है। पीके मिश्रा ने कहा कि गरीबी उन्मूलनसबसे प्रभावी मानवाधिकार हस्तक्षेप है और भारत यही मॉडल दुनिया के सामने रख रहा है। पीके मिश्रा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) से उभरती चुनौतियों के लिए ढांचे विकसित करने का आग्रह किया। इनमें जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण न्याय, डाटा सुरक्षा, एल्गोरिदमिक निष्पक्षता, जिम्मेदार एआई, गिग वर्करों की संवेदनशीलता और डिजिटल निगरानी जैसे मुद्दे शामिल हैं।

ममता बनर्जी का चेतावनी भरा बयान, “मतदाता सूची से नाम हटाया तो बैठूंगी धरने पर” ‘दिल्ली से भेजे जा रहे BJP के करीबी अधिकारी’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कृष्णानगर में आयोजित एक रैली में आरोप लगाया कि चुनाव आयोग (ईसीआई) दिल्ली से भारतीयजनता पार्टी (भाजपा) के समर्थक अधिकारियों को भेज रहा है, ताकि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जिलाधिकारी केकाम पर रखें। मुख्यमंत्री बनर्जी ने कोलकाता में हाल ही में हुए कार्यक्रम में फूड वेंडर्स पर हमले की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह उत्तर प्रदेश नहींहै और ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने फूड वेंडर्स को मारा… हमने कल रात सभी को गिरफ्तार करलिया। नष्ट करना चाहतेममता ने कहा कि कौन शाकाहारी या मांसाहारी भोजन करेगा, यह भाजपा तय नहीं कर सकती, यह व्यक्तिगत चुनाव है। उन्होंने कोलकाता में हाल हीमें हुए विशाल गीता पाठ को लेकर कहा कि हम सब गीता पढ़ते हैं, इसके लिए किसी सभा की जरूरत क्या है। उन्होंने भाजपा पर राज्य में सांप्रदायिकविभाजन की संस्कृति लाने का आरोप लगाया। बनर्जी ने कहा, मैं सांप्रदायिक बंटवारे में भरोसा नहीं करती। मैं सभी धर्मों के साथ चलना चाहती हूं।सिर्फ गीता पढ़ने के लिए सार्वजनिक सभा करने की क्या जरूरत है? जो लोग भगवान से प्रार्थना करते हैं या अल्लाह से आशीर्वाद मांगते हैं, वह अपनेदिल में करते हैं। उन्होंने उन लोगों पर भी तंज कसा जो कथित तौर पर राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक ग्रंथों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा, मैंउनसे पूछना चाहती हूं जो ‘गीता, गीता’ का जाप कर रहे हैं, श्री कृष्ण ने धर्म के बारे में क्या कहा? धर्म का मतलब है पालन करना, न कि विभाजितकरना। वे पश्चिम बंगाल को नष्ट करना चाहते हैं। वे राज्य पर कब्जा करना चाहते हैं और लोगों को बंगाली बोलने से रोकना चाहते हैं। हम सब गीतापढ़ते हैं और पाठ करते हैं। इसके लिए सभा करने की क्या जरूरत है?” बांग्लादेशी बताकर उन्हें हिरासत शिविरों में भेज सकतेकोलकाता पुलिस ने बुधवार रात को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में सात दिसंबर को हुए ‘पांच लोखों कोंठे गीता पाठ’ (पांच लाख कंठों के साथगीता पाठ) कार्यक्रम में दो फूड वेंडर्स पर हमले के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारियां मैदान थाना में दर्ज दो शिकायतों के आधारपर की गईं। शिकायतकर्ता कोलकाता के टोपसिया और हूगली जिले के अरमबाग के थे। वे कार्यक्रम में चिकन पैटी बेचने गए थे, जब उन पर कथितरूप से हमला किया गया। आरोप है कि आरोपियों ने उनका सामान फेंक दिया और उन्हें कान पकड़कर उठक-बैठक करने के लिए मजबूर किया। इसघटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने कहा कि फुटेज और अन्य सबूतों की जांच के बाद गिरफ्तारियां की गईं। ममता नेचेतावनी दी कि अगर किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया गया तो वह धरने पर बैठेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्रीकुछ भी कर सकते हैं। सभी बंगालियों को बांग्लादेशी बताकर उन्हें हिरासत शिविरों में भेज सकते हैं।

गोवा क्लब अग्निकांड, सौरभ और गौरव लूथरा ने अग्रिम जमानत के लिए दिल्ली कोर्ट में याचिका दायर की

गोवा क्लब अग्निकांड मामले में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई, जहां आरोपी गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा ने भारत लौटने औरइस मामले में अग्रिम जमानत पाने के लिए अर्जी दी है। दोनों आरोपियों की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा, सीनियर एडवोकेटतनवीर अहमद मीर पेश हुए और अंतरिम सुरक्षा की मांग की। सुनवाई के दौरान, आरोपी सौरभ लूथरा की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थलूथरा ने मेडिकल कारणों का हवाला देते हुए आरोपी सौरभ लूथरा की सेहत की स्थिति बताई, जिसे मिर्गी और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारी है।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आरोपी क्लब के मालिक नहीं हैं, बल्कि सिर्फ लाइसेंसधारी हैं, जो वैध परमिशन के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंनेसाफ किया कि मालिकाना हक किसी और के पास है। गिरफ्तारी से सुरक्षा मांग रहेदिल्ली की रोहिणी कोर्ट में गोवा नाइट क्लब आग मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान रोहिणी कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता शारीरिक तौर परउसके अधिकार क्षेत्र में मौजूद नहीं है, कोर्ट ने सवाल किया कि ऐसी परिस्थितियों में अग्रिम जमानत की याचिका को कैसे स्वीकार किया जा सकताहै? जवाब में लूथरा भाईयों के वकील तनवीर अहमद मीर ने कोर्ट के सवाल का जवाब देने के लिए कानूनी मिसालों का हवाला दिया। उन्होंने कहा किवह यह एप्लीकेशन इसलिए दे रहे हैं क्योंकि याचिकाकर्ता कोर्ट के अधिकार क्षेत्र का स्थायी निवासी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह सिर्फ गिरफ्तारीसे सुरक्षा मांग रहे हैं। रेस्तरां मालिक का अवॉर्ड भी मिलाहालांकि राज्य के वकील ने विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय मांगा। उन्होंने कहा कि आरोपी देश छोड़कर भाग गया है, गोवा कोर्ट नेपहले ही गैर-जमानती वारंट जारी कर चुका है और अन्य जरूरी तथ्यों को रिकॉर्ड पर रखने की जरूरत है। कोर्ट ने राज्य को सभी जरूरी सूचनाओ के साथअपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले पर अगले दिन विचार करने के लिए तारीख तय की। आरोपियों के वकील ने तनवीर अहमदमीर ने कोर्ट से अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता को अंतरिम सुरक्षा देने का आग्रह किया। राज्य के वकील ने इस अनुरोध का विरोध किया और किसीभी तरह की अंतरिम राहत देने का कड़ा विरोध किया। इस नाइट क्लब के मालिक सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा हैं। क्लब की आधिकारिक वेबसाइटके मुताबिक, सौरभ लूथरा एक गोल्ड मेडलिस्ट इंजीनियर हैं, जो कि बाद में आंत्रप्रेन्योर बन गए और रेस्तरां के बिजनेस से जुड़े हैं। यह भी दावा किागया है कि 2023 में सौरभ को आदर्श रेस्तरां मालिक का अवॉर्ड भी मिला और पहले भी कई सम्मान मिल चुके हैं।

BJP की आलोचना पर प्रियंका गांधी बोलीं, पीएम विदेश में, विपक्ष क्यों नहीं? BJP के निशाने का जवाब दिया

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को पार्टी के नेता राहुल गांधी की आगामी जर्मनी यात्रा को लेकर भाजपा की आलोचना का जवाब दिया।उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना लगभग आधा समय देश केबाहर बिताते हैं। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के मुताबिक, राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी में रहेंगे। इस दौरान वह भारतीय समुदाय से मिलेंगेऔर जर्मन मंत्रियों से भी मुलाकात करेंगे। भाजपा ने राहुल गांधी की आगामी विदेश यात्रा पर तंज कसा और कहा कि ‘राहुल तो विपक्ष के नेता नहीं, बल्कि पर्यटन के नेता हैं। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स पर लिखा कि संसद 19 दिसंबर तक चल रही है। लेकिन राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार चुनाव के दौरान भी राहुल विदेश में थे और बाद में जंगल सफारी पर चले गए थे। राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी में रहेंगेप्रियंका गांधी ने भाजपा के हमले पर पलटवार करते हुए कहा, मोदी जी अपने काम का आधा समय विदेश में बिताते हैं… फिर विपक्ष के नेता केविदेश जाने पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं? इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के जर्मनी के अध्यक्ष बलविंदर सिंह ने बताया कि राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी दौरे पर रहेंगे और उनके साथ सैम पित्रोदा भी होंगे।कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सांसद राहुल गांधी की जर्मनी यात्रा पर भाजपा की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि जब पीएम मोदी आधा समयविदेश में बिताते हैं तो विपक्ष के नेता पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं। राहुल गांधी 15 से 20 दिसंबर तक जर्मनी में रहेंगे और भारतीय समुदाय वजर्मन मंत्रियों से मुलाकात करेंगे।