PM मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों के रिश्ते कई ऐतिहासिक पड़ावों पर पहुँच रहे हैं.. पिछले 10 सालों मेंदुनिया ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और इन सबके बीच, भारत-रूस के रिश्ते समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं- PM मोदी भारत और रूस लंबे समय से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं,चाहे पहलगाम में हुआ आतंकवादी हमला हो याक्रोकस सिटी हॉल पर हुआ कायरतापूर्ण हमला, इन सभी घटनाओं की जड़ एक ही है- PM मुझे पूरा भरोसा है कि यह प्लेटफॉर्म हमारे बिज़नेस संबंधों को नई मजबूती देगा। यह एक्सपोर्ट, को-प्रोडक्शन और को-इनोवेशन के लिए भी नएदरवाज़े खोलेगा, हाल ही में रूस में दो नए भारतीय कॉन्सुलेट खोले गए हैं। इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और हमारीआपसी नज़दीकी और मज़बूत होगी – PM मैं रूसी डेलीगेशन के गर्मजोशी और मेहमाननवाज़ी भरे स्वागत के लिए भारत की राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और हमारे सभी भारतीय साथियों को दिल सेधन्यवाद देता हूँ- पुतिन हम सबसे बड़ा भारतीय न्यूक्लियर पावर प्लांट , कुडनकुलम बनाने के लिए एक फ्लैगशिप प्रोजेक्ट भी चला रहे हैं,6 में से दो रिएक्टर यूनिट पहले हीएनर्जी नेटवर्क से जुड़ चुकी हैं, और चार अभी बन रही हैं- पुतिन रूसी कंपनियां प्रधानमंत्री मोदी फ्लैगशिप प्रोजेक्ट मेक इन इंडिया के तहत इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स का प्रोडक्शन शुरू करेंगी- पुतिन !!
पुतिन की चेतावनी: यूरोप जंग चाहता है तो रूस तैयार, अमेरिका संग 5 घंटे की शांति बैठक भी बेनतीजा

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बयान में कहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों से हुई बातचीत जरूरी औरकाम की थी, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि ये एक मुश्किल काम भी है। पुतिन ने बताया कि कई प्रस्तावों पर क्रेमलिन सहमत नहीं है। पुतिन का यहबयान मॉस्को में अमेरिकी प्रतिनिधियों जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ के साथ रूसी अधिकारियों की पांच घंटे लंबी बैठक के बाद सामने आया है।बैठक में रूस की ओर से राष्ट्रपति पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव और विशेष दूत किरिल दिमित्रिव शामिल हुए। बैठक के बाद यूरी उशाकोव ने कहाकि अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के कुछ प्रस्तावों पर रूस सहमत है, लेकिन कुछ प्रस्ताव उन्हें स्वीकार्य नहीं हैं।उल्लेखनीय है कि अमरीका ने 28-सूत्रीय शांति प्रस्ताव पेश किया है, जिसे यूक्रेन और यूरोपीय देशों के विरोध के बाद संशोधित किया गया है। इसशांति प्रस्ताव के कुछ प्रावधानों पर रूसी राष्ट्रपति सहमत हैं, लेकिन कुछ पर उन्हें आपत्ति है। उसी तरह यूक्रेन ने भी कुछ मुद्दों पर सहमति तो कुछ कोपूरी तरह से खारिज कर दिया है। अमेरिका की मध्यस्थता में रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने की कोशिशें चल रही हैं। इसी के तहत अमेरिका का एकप्रतिनिधिमंडल रूस दौरे पर था, जहां उनकी रूसी अधिकारियों से पांच घंटे लंबी बैठक चली, लेकिन दोनों पक्षों में कोई सहमति नहीं बन पाई। अबइसे लेकर पुतिन ने बयान दिया है कि सहमति बनाना एक मुश्किल काम है। यूरोप जंग चाहता है तो हम तैयाररूसी राष्ट्रपति ने रूसी और अमेरिकी अधिकारियों की बैठक के बाद कहा, ‘यह एक जरूरी और काम की बातचीत थी। यह मुश्किल काम है।’ अमेरिकाके ट्रंप प्रशासन की पहल पर रूस-यूक्रेन युद्ध में शांति की कोशिशों में तेजी आई है। हालांकि रूस और यूक्रेन को ‘रेड लाइन्स’ प्रस्तावों को सुलझानाअभी भी टेढ़ी खीर बना हुआ है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ रूसी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात से पहलेयूरोप को धमकी देते हुए कहा कि हम यूरोप के साथ जंग नहीं चाहते, लेकिन अगर यूरोप जंग चाहता है तो हम तैयार हैं। रूसी राष्ट्रपति ने कहा, ‘हमयूरोप के साथ जंग नहीं करने जा रहे हैं, मैंने पहले ही कहा है। लेकिन अगर यूरोप अचानक हमारे साथ जंग छेड़ना चाहता है, तो हम तुरंत तैयार हैं।’ उन्होंने यह भी धमकी दी कि अगर यूरोप रूस के साथ जंग शुरू करता है, तो ‘ऐसी स्थिति बन सकती है जिसमें बातचीत करने के लिए कोई नहीं होगा।’
फ्लैट विवाद पर BJP नेत्री शालिनी यादव का बड़ा बयान ‘न मैं मालिक, न सह-मालिक… विपक्ष चला रहा है बदनाम करने की साजिश’

भाजपा नेत्री शालिनी यादव ने बृहस्पतिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जिस फ्लैट के बारे में बात हो रही है न मैं कभी उसकी मालकिन रही न हीसह मालकिन रही हूं। विपक्षी दलों द्वारा मुझे बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं उनके पति अरुण यादव ने प्रेस वार्ता कर बताया किफ्लैट उनके नाम 1996 से है और वह उसे तभी से किराए पर दे रहे हैं। किराएनामा भी उनके पास है। उन्होंने कहा कि उनका नाम कहीं किसीएफआईआर में नहीं है। भाजपा नेत्री शालिनी यादव ने कहा पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर मेरे खिलाफ जानबूझकरतथ्यों को तोड़ मरोड़ कर झूठी खबर फैलाई जा रही है कि मेरे कथित मालिकाना के फ्लैट में अवैधानिक गतिविधियां चल रही थी, जिस पर पुलिस नेकार्रवाई की है। सोशल मीडिया की पोस्ट और समाचारों में यह लिखा गया कि भाजपा नेत्री शालिनी यादव के फ्लैट में पुलिस द्वारा देह व्यापार पकड़ागया, जिसमें 13 लोग पकड़े गए। जबकि सच्चाई यह है कि उक्त फ्लैट की मालकिन या सह मालकिन ना तो मैं कभी थी ना वर्तमान में हूं। सोची समझी रणनीति का हिस्साइस स्थिति में शालिनी यादव का फ्लैट लिखकर इतना बड़ा आरोप लगाना कहां तक न्याय संगत है। जहां तक 13 लोगों की गिरफ्तारी की बात जोइन्हीं लोगों द्वारा फैलाई गई वह भी तथ्यहीन है क्योंकि पुलिस रिपोर्ट में उक्त फ्लैट से मात्र तीन लड़कियों को थाने पर ले जाने की बात लिखी गई है।जिन्हें सिगरा थाने से छोड़ दिया गया। जबकि अन्य 10 लोगों की गिरफ्तारी उक्त फ्लैट के अलावा किसी अन्य स्थान से पुलिस कार्रवाई में हुई है, लेकिन इसमें भी मुझे बदनाम करने के लिए मेरे नाम को खबरों में दर्शाकर सोशल मीडिया पर समाचार व पोस्ट लगाए हैं जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है। कहाकि मैं राज्यसभा के पूर्व सभापति एवं केंद्रीय मंत्री की बहू हूं जिनकी सेवा और सच्चरित्र की चर्चा आज भी होती है। उन्हीं के पदचिन्हों पर चलकरजनता की सेवा ईमानदारी से कर रही हूं। इन सभी तथ्यों को भली भांति जानते हुए भी इस तरह की बिना तथ्यों का सत्यापन किए घृणित लांछनलगाना एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें विपक्षी दलों के राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और फेक आईडी ट्रॉलर्सशामिल हैं। समाचारों का अध्ययन कर रहेमेरे लीगल सहयोगी ऐसे सभी पोस्ट/समाचारों का अध्ययन कर रहे हैं जो सत्य से परे दुष्प्रचारित करने के उद्देश्य से पोस्ट व प्रकाशन किए गए अथवाकर रहे हैं। जिनके खिलाफ मानहानि और आईपीसी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया जा सके। ताकि भविष्य में बिना जांचे परखे किसी भी निर्दोषखासकर महिला पर झूठा आरोप न लग सके। अरुण यादव ने कहा कि दो दिसंबर को पुलिस की कार्रवाई किसी मेलोडी स्पा निकट एबी लॉन परहोती है जिसके बाद पुलिस शक्ति शिखा सिगरा स्थित फ्लैट के किराएदार के यहां भी कार्रवाई करती है। जिसमें 13 लोगों को देह व्यापार के आरोपमें पकड़ा जाता है। इस प्रकरण में स्पष्ट कर दूं कि मेलोडी स्पा नामक जगह का स्वामी ना तो मैं हूं ना ही कोई मेरा जानने वाला है। जबकि दूसरी जगहफ्लैट नंबर 112 शक्ति शिखा बिल्डिंग का वर्ष 1999 से मैं अकेला मालिक हूं। जिसका बिजली कनेक्शन, जल कर एवं निगम कर तन्हा मेरे नाम सेहै। 1 अप्रैल 2025 से अश्वनी त्रिपाठी पुत्र गोपाल त्रिपाठी निवासी चंदौली नामक व्यक्ति को एग्रीमेंट के माध्यम से मैंने अपना उक्त फ्लैट किराए परदिया।
लखनऊ की मेनका सोनी ने रचा इतिहास, भगवद्गीता हाथ में लेकर बनीं अमेरिका के रेडमंड शहर की पहली भारतीय-अमेरिकी महिला काउंसिलर

यूपी की राजधानी लखनऊ की मेनका सोनी को वाशिंगटन के रेडमंड शहर का सिटी काउंसिल चुना गया है। वह इस पद पर चुनी जाने वाली पहली’प्रवासी भारतीय-अमेरिकी महिला’ बनी हैं। वह क्षण भारत के लिए और गर्व का समय बन गया जब मेनका ने श्रीमद्भगवद गीता हाथ में लेकर शपथली। यही नहीं इस दौरान उन्होंने भारतीय हैंड-एम्ब्रॉयडरी वाली पैंट-सूट पहन रखा था। इससे न सिर्फ भारतीय संस्कृति बल्कि, विरासत को भी सम्मानमिला। जज रसेल ने उन्हें शपथ दिलाई। यहां बताते चलें कि रेडमंड शहर Microsoft के वैश्विक मुख्यालय और अमेरिका के सबसे प्रभावशाली टेकहब के रूप में जाना जाता है। यह जीत भारतीय-अमेरिकियों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। शपथ ग्रहण में बड़ी संख्या में भारतीय मूलके लोग शामिल हुए। इस दौरान मेयर एंजेला बिर्नी, सिटी काउंसिल के सदस्य और अनेक स्थानीय एवं भारतीय-अमेरिकी समुदाय के नेता उपस्थितरहे। लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड-2024 से सम्मानितभारतीय मूल की मेनका की यह जीत चंहुओर चर्चा का विषय रही। क्योंकि, उन्होंने आठ वर्ष से सत्ता में जमे प्रतिद्वंदी को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्जकी। सिटी काउंसिल बनने के बाद सिएटल में भारत के कांसुल जनरल प्रकाश गुप्ता ने उन्हें सम्मानित किया। आगरा में जन्मीं मेनका सोनी की पढ़ाई-लिखाई लखनऊ में हुई। लखनऊ विश्वविद्यालय से उन्होंने ग्रेजुएट पूरा किया। वह करीब 20 वर्षों तक लखनऊ में रहीं। इसके बाद अपने करिअर मेंउड़ान भरने के लिए उन्होंने आगे की यात्रा शुरू की। वह 30 से अधिक वर्षों से वैश्विक कॉर्पोरेट क्षेत्र में हैं। उनके पास माइक्रोसाफ्ट, स्टारबक्स, जनरलमोटर्स और टी मोबाइल जैसी कंपनियों में काम करने का अनुभव है। मेनका की सेवा, संघर्ष और नेतृत्व की कहानी हर किसी के लिए प्रेरणा है। उन्होंनेवॉशिंगटन राज्य में महिला सशक्तिकरण, घरेलू हिंसा, युवाओं के विकास, मानसिक स्वास्थ्य, सामुदायिक सुरक्षा, बेघर लोगों की मदद समेत विभिन्नक्षेत्रों में अपनी सेवा से लोगों के दिलों में छाप छोड़ी। वह AmPowering नामक गैर-लाभकारी संस्था की संस्थापक और अध्यक्ष हैं। इस संस्था नेपांच लाख से अधिक लोगों की मदद की है। इसके लिए उन्हें यूएस कांग्रेस द्वारा Top-20 Influential Women Award और राष्ट्रपति ‘जोबाइडेन’ द्वारा प्रेसीडेंट लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड-2024 से सम्मानित किया जा चुका है। स्थिरता और दीर्घकालिक योजनाएं बनाने पर फोकसजीत पर मेनका सोनी ने कहा कि ‘यह समुदाय की जीत है। रेडमंड एक वैश्विक शहर है। मैं इसके विविध और प्रतिभाशाली निवासियों का प्रतिनिधित्वकरने के लिए सम्मानित महसूस करती हूं। गीता हाथ में लेकर शपथ लेना मेरे लिए सत्य, कर्तव्य और सेवा के उन मूल्यों की याद दिलाने वाला क्षणथा, जिन्हें मैं सार्वजनिक जीवन में हमेशा निभाऊंगी।’उन्होंने अपने लक्ष्य के बारे में बताते हुए कहा कि सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना, सभी के लिए न्यायसंगत और सुलभ आवास, छोटेव्यवसायों और आर्थिक विकास का समर्थन, शहर की सुरक्षा, स्थिरता और दीर्घकालिक योजनाएं बनाने पर फोकस रहेगा। साथ ही हर आवाज कोसुना और सम्मानित किया जाए, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
मिचेल स्टार्क ने रचा इतिहास, वसीम अकरम का रिकॉर्ड तोड़कर बने टेस्ट क्रिकेट के No.1 लेफ्ट-आर्म पेसर

ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने इंग्लैंड के खिलाफ एशेज टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच के दौरान बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिसबेन के गाबा में पांच मैचों की एशेज टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जा रहा है। यह दिन-रात्रि टेस्ट है। इसमैच में स्टार्क ने एक बार फिर अपना जलवा बिखेरा और वह ऑस्ट्रेलिया को सफलता दिलाने में सफल रहे हैं। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स नेऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे एशेज टेस्ट मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। स्टोक्स ने टॉस के दौरान बताया कि यहां कीपरिस्थितियां अलग है इसलिए वह पहले बल्लेबाजी करना चाहते हैं। ऑस्ट्रेलियाई टीम में नाथन लियोन की जगह माइकल नेसर और उस्मान ख्वाजाकी जगह जोश इंग्लिस को प्लेइंग-11 में जगह दी गई है। शुरुआती झटकों के बाद इंग्लैंड की पारी को संभालाऑस्ट्रेलिया को एक बार फिर तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने शानदार शुरुआत दिलाई। स्टार्क ने इंग्लैंड को शुरुआती झटके दिए। इंग्लैंड की ओर सेजैक क्रावले और बेन डकेट पारी की शुरुआत करने उतरे, लेकिन स्टार्क ने पहले ही ओवर में टीम को सफलता दिलाई। स्टार्क ने डकेट को लाबुशेन केहाथों कैच कराया। डकेट खाता खोले बिना ही पवेलियन लौट गए। इसके बाद नए बल्लेबाज के रूप में उतरे ओली पोप भी तीन गेंद खेलकर खाताखोले बिना आउट हो गए। उन्हें स्टार्क ने बोल्ड कर पवेलियन की राह दिखाई। जैक क्रावले और जो रूट ने शुरुआती झटकों के बाद इंग्लैंड की पारीको संभाला। दूसरे सत्र में माइकल नेसर ने क्रावले और रूट के बीच साझेदारी को तोड़ दिया। मिचेल स्टार्क ने ब्रूक को अपना शिकार बनाया। मामले में पाकिस्तान के दिग्गज गेंदबाज वसीम अकरम को पीछे छोड़ दियाब्रूक का विकेट लेते ही स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के तेजगेंदबाज बन गए। उन्होंने इस मामले में पाकिस्तान के दिग्गज गेंदबाज वसीम अकरम को पीछे छोड़ दिया। अकरम ने टेस्ट क्रिकेट में 414 विकेट लिएहैं और अब तक उनके नाम टेस्ट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज का रिकॉर्ड था। लेकिन ब्रूक स्टार्क का 415वां शिकार बनेऔर इस तरह यह ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज अकरम से आगे निकल गया।
पुतिन के दौरे से पहले राजनीति गरमाई राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा सांसद संबित पात्रा का पलटवार, बोले ‘बयान गैर-जिम्मेदाराना और तथ्यहीन’

राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे से पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर विदेशी मेहमानों को विपक्षी नेता से न मिलने देने का आरोप लगायाहै। राहुल गांधी के इस आरोप पर अब भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा है कि राहुल गांधी ने नेता विपक्ष के तौर पर जोबयान दिए हैं। वह गैर-जिम्मेदाराना हैं। उनका दावा तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। गुरुवार को ससंद सत्र के बाद मीडिया से बात करते हुए भाजपा सांसदसंबित पात्रा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी द्वारा दिए गया बयान गैर-जिम्मेदाराना हैं और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।पहला उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विशिष्ट व्यक्तियों को नेता प्रतिपक्ष से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती क्योंकि भारत सरकार असुरक्षित महसूसकरती है। भारत सरकार राहुल गांधी से क्यों असुरक्षित महसूस करेगी? आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक स्तंभ बन चुका है। दूसरा उन्होंने कहाकि जब भी वह विदेश जाते हैं, हमारी सरकार उन देशों के नेताओं से अनुरोध करती है कि वे उनसे न मिलें। ऐसे बयान देना गैर-जिम्मेदाराना है।विपक्षी सदस्य थे जो सरकार का पक्ष लेतेराहुल गांधी के इस आरोप पर भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा, इससे अधिक मजाकिया बात और कुछ नहीं हो सकती। उन्हें आरोप-प्रत्यारोपकी राजनीति से ऊपर उठकर लोगों के लिए काम करना चाहिए… रूस के राष्ट्रपति भारत आ रहे हैं, ऐसे में विपक्ष के नेता को उनका स्वागत करनाचाहिएऔर इस समय ऐसी नेगेटिव सोच के साथ सबके सामने नहीं आना चाहिए। हमारी सरकार में सभी के लिए सम्मान और बराबरी की भावना है… विपक्ष के नेता को इज्जत से पेश आना चाहिए। वहीं भाजपा सासंद नरहरि अमीन ने कहा, राहुल गांधी को खुद सोचना चाहिए कि वह विदेश जाते हैंऔर भारत की बुराई कैसे कर सकते हैं? राजनीतिक मुद्दों पर भारत में चर्चा होनी चाहिए, लेकिन जब वह विदेश जाते हैं, तो वह भारत सरकार और देशकी बुराई करते हैं। सरकार उन्हें या किसी विपक्षी पार्टी के सदस्य को उनके व्यवहार की वजह से क्यों रोकती है? अगर वे अपना व्यवहार सुधार लें, तोकोई सवाल ही नहीं उठता। कांग्रेस के जमाने में विपक्षी सदस्य थे जो सरकार का पक्ष लेते थे।
बिहार विधान परिषद में हंगामा: राबड़ी देवी ने किया वॉकआउट, विपक्ष बोला‘राज्य में इमरजेंसी जैसे हालात

बिहार विधान परिषद् में आज उस वक्त बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिला, जब राष्ट्रीय जनता दल की कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी नेविधान परिषद् से वॉकआउट कर दिया। उन्होंने बाहर आकर सीधे तौर पर सरकार पर हमला बोला और कहा कि प्रदेश में इमरजेंसी जैसे हालात पैदा होगए हैं, जहां विपक्ष को अपनी बात रखने की अनुमति नहीं है। मौके पर उपस्थित राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सत्ता पक्ष पर लोकतंत्र की हत्याका गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है। हमारे सवालों को दबाया जा रहा है। ऐसा लग रहा है जैसेराज्य में आपातकाल लगा दिया गया हो। यह सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। हमारी राजनीति के इतने लंबे इतिहास में ऐसापहली बार हुआ है, जब विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है। राबड़ी देवी के वॉकआउट के बाद सदन में कुछ देर के लिए हंगामा हो गया। राजद केअन्य सदस्यों ने भी उनकी बातों का समर्थन करते हुए सरकार विरोधी नारेबाजी की। एक ओर बिहार विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दोदिन से अनुपस्थित हैं, वहीं दूसरी तरफ राबड़ी देवी ने आज विधान परिषद् में हंगामा करते हुए वाक आउट कर दिया। उन्होंने सत्ता पक्ष पर इमरजेंसीजैसे हालात पैदा करने का गंभीर आरोप लगाया है।महामहिम राज्यपाल का अभी भाषण हुआअब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि संसदीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष भी सरकार का अंग होता है। पक्ष और विपक्ष अगर लोकतंत्र में नहीं हो तोफिर लोकतंत्र का कोई मतलब नहीं है। कल महामहिम राज्यपाल का अभी भाषण हुआ। आज तक की जो परंपरा रही है कि महामहिम के भाषण मेंविपक्ष संशोधन देती है। उसे संशोधन पर विपक्ष को बोलने का मौका दिया जाता है। बाद में फिर सरकार विपक्ष को सुनकर अपना पक्ष रखती है, उत्तरदेती है। लेकिन मेरे संसदीय जीवन में यह पहला अवसर है जब विपक्ष को राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष को अपना मत रखने से रोका गया. हमारेकई कई माननीय सदस्यों ने संशोधन पेश किया था कि इसमें फलां-फलां जुट जाएं इनका कहना है कि वह आपके प्रोसिडिंग का पार्ट बन जाएगा, लेकिन भाषण नहीं होगा। तो जब हमें मेरी अभिव्यक्ति से रोका जाए, अपना विचार देने से रोका जाए तो ऐसी स्थिति में हमें याद दिलाता हैआपातकाल का। विपक्ष का जिस तरह से गला घोंटा गया था, इस तरह यह भी गला घोटने की कोशिश कर रहे हैं जिसका विरोध हम लोग मरते दमतक करते रहेंगे।
ममता बनर्जी का कड़ा संदेश, बंगाल में सांप्रदायिक राजनीति नहीं चलेगी, एनआरसी और ध्रुवीकरण को चुनौती

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को खुले मंच से दो बड़े संदेश दिए हैं। पहला, टीएमसी विधायक हमायूं कबीर के निलंबन के बादसांप्रदायिक राजनीति पर कड़ा रुख और दूसरा, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा पर तीखा हमला। हमायूं कबीर को कथित तौरपर ‘बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद’ की नींव रखने की घोषणा के बाद पार्टी से निलंबित किया गया। आरोप है कि इस बयान से जिले में सांप्रदायिकतनाव बढ़ सकता था। निलंबन की घोषणा कोलकाता में मंत्री फिरहाद हाकिम ने जल्दबाजी में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। उनके साथ जिले केनेता अखरुज्जमान और नियामत शेख भी मौजूद थे। हाकिम ने कहा, ‘जो धर्म के नाम पर राजनीति करेगा, उसका टीएमसी में कोई स्थान नहीं।’ एनआरसी नहीं आने दूंगीकुछ घंटे बाद, ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद की रैली में बिना नाम लिए कबीर पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, ‘मुर्शिदाबाद दंगों की राजनीति स्वीकारनहीं करेगा। यह सरज-उद-दौला की मिट्टी है, यहां सद्भाव है। हम सांप्रदायिक राजनीति नहीं करते और न इसे सहेंगे।’ उन्होंने कहा कि जिले की पहचानधार्मिक सद्भावना है और इसे किसी कीमत पर टूटने नहीं दिया जाएगा। ‘इतिहास सिखाता है, विश्वास जोड़ता है और विश्वासघात बर्बाद करता है।’ वहींबहरामपुर में दूसरी रैली में ममता बनर्जी ने एसआईआर के मुद्दे पर भाजपा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी 2026 विधानसभा चुनाव कोध्यान में रखते हुए धार्मिक ध्रुवीकरण कर रही है। उन्होंने दावा किया, ‘देशभर में एसआईआर से जुड़े घटनाओं में जितने लोग मरे हैं, उनमें आधे सेज्यादा हिंदू हैं। भाजपा वही डाली काट रही है जिस पर बैठी है।’ उन्होंने कहा कि बंगाल में न एनआरसी लागू होगा, न डिटेंशन कैंप बनेंगे। ‘मेरी आवाजकाट दी जाए, तब भी मैं एनआरसी नहीं आने दूंगी।’ नहीं तो भाजपा फायदा उठाएगीमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग धार्मिक स्थानों को लेकर झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि जमीन रिकॉर्ड मेंमस्जिद या कब्रिस्तान दर्ज हो गए हैं। यह झूठ है। एआई का दुरुपयोग कर मेरे नाम से फर्जी बयान चलाए जा रहे हैं।’ उन्होंने बिहार चुनाव का उदाहरणदेते हुए कहा, ‘स्वतंत्र उम्मीदवारों के नाम पर वोट न बांटें, नहीं तो भाजपा फायदा उठाएगी।’ इस दौरान सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि वह लोगों केनाम शामिल होने तक अपना फॉर्म नहीं भरेंगी। ‘मैंने अभी तक फॉर्म नहीं भरा है। पहले जनता, बाद में मैं।’ पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी नेएक ही दिन में दो स्पष्ट संदेश दिए हैं। इसमें पहला ये है कि तृणमूल कांग्रेस सांप्रदायिक राजनीति बर्दाश्त नहीं करेगी वहीं दूसरा ये कि एसआईआर, एनआरसी तथा ध्रुवीकरण की राजनीति को चुनौती दी जाएगी।
संचार साथी विवाद गरमाया उद्धव बोले, “जासूसी का नया तरीका!” राजनीतिक तूफान केंद्र VS विपक्ष आमने-सामने

संचार साथी एप को लेकर लगातार केंद्र सरकार को घेरा जा रहा है। पूरा विपक्ष इस पर सवाल उठा रहा है। सरकार ने भी मामले को गंभीरता कोसमझते हुए तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि इस एप को लोग अपने फोन से डिलीट कर सकते हैं। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धवठाकरे ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संचार साथी एप असल में पेगासस का ही नया रूप है और भाजपा नेतृत्व वाली सरकारलोगों की जासूसी करने की तैयारी कर रही है। ठाकरे ने दावा किया कि यह एप नागरिकों के फोन में जबरन डालकर उनकी गतिविधियों की निगरानीकरने का तरीका है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। आगे कहा कि सरकार लोगों पर अविश्वास दिखाने के बजाय उन सुरक्षा चूकों की जांच करे, जिनके कारण अप्रैल में पहलगाम में बड़ा आतंकी हमला हुआ था जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार को यहदेखना चाहिए कि आतंकीभारत में कैसे घुस रहे हैं, तब वह नागरिकों के फोन पर नजर रखने में व्यस्त है। इस बीच संचार मंत्रालय के 28 नवंबर केआदेश ने विवाद बढ़ा दिया है, जिसमें सभी मोबाइल कंपनियों को यह एप प्री-इंस्टॉल करने और मौजूदा फोन में भी अपडेट के जरिए शामिल करने कानिर्देश दिया गया है। सुरक्षा के लिए बनाया गयाएप को अनिवार्य रूप से शामिल करने के आदेश के बाद गोपनीयता को लेकर आशंकाएं बढ़ गईं हैं। आरोप है कि यह एप मैसेज पढ़ सकता है औरफोन डेटा तक पहुंच सकता है। ठाकरे ने कहा कि पेगासस की तरह यह भी फोन में मैलवेयर की तरह घुसकर निगरानी कर सकता है। उन्होंने पार्टीकार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार ने बस नाम बदल दिया है, तरीका वही है। जासूसी और नागरिकों पर शक। उन्होंने कहा कि “जो लोग आपको सत्ता मेंलाए, उन्हीं पर शक करना शासन की नाकामी दिखाता है। गोपनीयता को लेकर उठे सवालों पर संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में कहाकि एप से किसी भी तरह की जासूसी संभव नहीं है और न ही ऐसा होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एप लोगों की सुरक्षा के लिए बनाया गया है औरसरकार उपभोक्ताओं को कई विकल्प देना चाहती है। सिंधिया ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति एप में रजिस्टर नहीं है तो एप स्वतः सक्रिय नहीं होगाऔर उसे डिलीट भी किया जा सकता है। सरकार नागरिकों पर अविश्वास दिखा रहीसिंधिया ने यह भी कहा कि एप को अनिवार्य रूप से इंस्टॉल करने के आदेश पर मंत्रालय लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर संशोधन करने को तैयारहै। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार किसी पर भी निगरानी का दबाव नहीं डालना चाहती। लेकिन विपक्ष का कहना है कि सरकार ने पहले भी पेगाससमामले पर जवाब नहीं दिया था और अब वही तकनीक नए नाम के साथ लागू की जा रही है, जिससे आशंका गहरी होती जा रही है। शिवसेना(यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संचार साथी एप को पेगासस का नया नाम बताते हुए केंद्र सरकार पर जासूसी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा किसरकार नागरिकों पर अविश्वास दिखा रही है और सुरक्षा मुद्दों से ध्यान भटका रही है।
संचार साथी एप पर घमासान ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले, “जासूसी नहीं, सुरक्षा के लिए बनाया गया

संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में साफ कहा है कि ‘संचार साथी’ एप के जरिए जासूसी बिल्कुल भी संभव नहीं है। उन्होंने बताया कियह एप लोगों की सुरक्षा और मदद के लिए बनाया गया है। लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने की हमारी कोई मंशा नहीं है। हाल ही में मंत्रालय नेसभी स्मार्टफोन कंपनियों को आदेश दिया है कि वे अपने नए मोबाइल फोन्स में यह एप पहले से इंस्टॉल करके बेचें। साथ ही, मौजूदा फोन में भी इसेसॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए जोड़ा जाएगा। प्रश्नकाल के दौरान सिंधिया ने कहा, यह एप सिर्फ यूजर्स की सुरक्षा के लिए है। इससे स्नूपिंग यानीजासूसी न तो संभव है और न ही भविष्य में होगी। सरकार चाहती है कि लोग खुद को सुरक्षित रखने के लिए तकनीकी साधनों से लैस हों। मंत्रालय के28 नवंबर के आदेश में कंपनियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि, संचार साथी एप फोन सेटअप के समय ही दिखे। एप की किसीभी सुविधा को बंद या सीमित न किया जा सके। उन्होंने चिंता जताईहालांकि, सिंधिया ने मंगलवार को यह भी कहा था कि अगर कोई यूजर इस एप को इस्तेमाल नहीं करना चाहता है तो वह इसे अपने फोन से हटाने केलिए स्वतंत्र है। राज्यसभा में कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र सरकार के संचार साथी एप को लेकर बड़े सवाल खड़े किए। उन्होंने कहाकि यह एप नागरिकों की गोपनीयता के अधिकार को पूरी तरह समाप्त कर सकता है। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि एप के जरिए किसी भी यूजरकी रियल-टाइम लोकेशन, सर्च हिस्ट्री, फाइनेंशियल लेन-देन को जाना जा सकता है। साथ ही SMS व वाट्सएप चैट तक की निगरानी संभव हो है।उनका दावा है कि सरकार ने मोबाइल कंपनियों को आदेश दिया है कि यह एप हर फीचर फोन और स्मार्टफोन में प्री-इंस्टॉल होना चाहिए। इसे न तोहटाया जा सकेगा और न ही डिसेबल किया जा सकेगा। सांसद ने यह भी सवाल उठाया कि अगर एप में ‘किल स्विच’ मौजूद है। तो सरकार किसी भीफोन को एक पल में बंद कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पत्रकारों, विपक्षी नेताओं और असहमति रखने वालों को निशाना बनानाआसान हो जाएगा। उन्होंने चिंता जताई कि एप के कारण पासवर्ड, बैंक अकाउंट की जानकारी और निजी डाटा किसी सरकारी एजेंसी या हैकर कीपहुंच में आ सकते हैं। घमासान के बीच संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का बड़ा बयान सामने आयासुरजेवाला का कहना है कि यह व्यवस्था लाखों डिवाइसेज को महीनों तक जोखिम में डाल सकती है। उन्होंने उदाहरण दिया कि अगर सरकार अपडेटजारी कर दे। लेकिन सैमसंग जैसी कोई कंपनी उसे तीन महीने देर से रोलआउट करे। तो इस दौरान उस कंपनी के सारे फोन हैकिंग के खतरे में रहेंगे।संचार साथी एप प्राइवेसी को लेकर मचे घमासान के बीच संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का बड़ा बयान सामने आया है। यह बयान उन्होंनेलोकभा में दिया जहां उन्होंने प्राइवेसी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए एप को बिल्कुल सुरक्षित बताया।