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डॉक्टरों की वापसी पर बोले CM सुक्खू, करियर खराब नहीं करेगी सरकार, मनरेगा नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस का सत्याग्रह

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने डॉक्टरों के वापस काम पर आने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राघव नरूला का टर्मिनेशन रिव्यू करने के लिए नई कमेटी का गठन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी डॉक्टर का करियर खराब नहीं करना चाहती है। टर्मिनेशन सरकार ने नहीं, बल्कि हॉस्पिटल की रिपोर्ट के आधार पर विभाग की ओर से किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले में भाजपा ने सिर्फ राजनीति की। भाजपा पांच गुटों में बंटी हुई है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि इस पूरे मामले में भारतीय जनता पार्टी में सिर्फ राजनीति की। उन्होंने कहा कि भाजपा का एक विधायक इस पूरे मामले में डॉक्टर के साथ जबकि दूसरा विधायक के मरीज के साथ देता नजर आया। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के हित में काम कर रही है। सरकार किसी का भी बुरा नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बयानों पर तो कोई प्रतिक्रिया देने का अर्थ ही नहीं है, क्योंकि वे रोज़ाना कुछ न कुछ कहते ही रहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टरों के वापस काम पर लौटने से आम जनता को राहत मिलेगी। मनरेगा योजना से उन्होंने महात्मा गांधी का नाम हटा दियाकेंद्र सरकार की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का नाम बदलने के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया। शिमला में रिज पर लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार समेत अन्य मंत्रियों और विधायकों ने शांतिपूर्वक धरना देकर विरोध दर्ज करवाया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा बदले की भावना के साथ-साथ बदलने की भावना से काम कर रही है। भाजपा सरकार देश के इतिहास से छेड़छाड़ कर रही है। कांग्रेस के शासनकाल में शुरू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को नाम बदलने के साथ उनमें संशोधन करके कमजोर करने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना भाजपा की संकीर्ण सोच को दर्शाता है मनरेगा का सिर्फ नाम ही नहीं बदला, बल्कि इसकी गारंटी को भी सरकार ने खत्म कर दिया है। केंद्र सरकार देश से महात्मा गांधी की पहचान मिटाने का काम कर रही है। यही कारण है कि कांग्रेस के समय में शुरू मनरेगा योजना से उन्होंने महात्मा गांधी का नाम हटा दिया। कांग्रेस को जब शासन चलाना नहीं आताउपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना देश के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान है। केंद्र सरकार को गांधी सरनेम से दिक्कत है, इसलिए मनरेगा का नाम बदला गया। यह कानून गरीबों को कुचलने और उन्हें दबाने के लिए है। मनरेगा सिर्फ योजना नहीं थी, यह अधिकारों का सिद्धांत था। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने शिमला के रिज मैदान पर कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा मनरेगा को लेकर किए गए धरने को पूरी तरह झूठ, भ्रम और राजनीतिक नौटंकी करार दिया है। सत्ती ने कहा कि कांग्रेस को जब शासन चलाना नहीं आता, तो वह तथ्यों को तोड़–मरोड़ कर जनता को गुमराह करने के लिए धरनों का सहारा लेती है।

मनरेगा से VB-G RAM-G अधिनियम में बदलाव पर संसदीय समिति की चिंता, छह महीने के ट्रांजिशन पर उठे सवाल

एक संसदीय समिति ने सोमवार को यूपीए सरकार में लागू हुई ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के विभिन्न पहलुओं की जांच की। इस योजना को अब मोदी सरकार ने अधिनियम के जरिये विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) में बदल दिया है। संसदीय समिति ने यह भी विचार किया कि नए कानून में सुचारू रूप से परिवर्तन के लिए अगले छह महीनों में क्या किया जाए। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि ग्रामीण विकास और पंचायती राज संबंधी संसदीय स्थायी समिति के ज्यादातर सदस्य इस बात को लेकर चिंतित थे कि अगले छह महीनों में सरकार की ओर मनरेगा से वीबी-जी राम जी अधिनियम में कार्य नीतियों को स्थानांतरित करने के दौरान यह परिवर्तन कैसे होगा। इस अवधि के दौरान लाभार्थियों को भुगतान कैसे किया जाएगा और अतिरिक्त बजटीय सहायता की व्यवस्था कैसे की जाएगी। शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष के जोरदार विरोधसूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान किसी भी सदस्य ने वीबी-जी राम जी अधिनियम का विरोध नहीं किया। हालांकि उनमें से कई ने चिंता जताई की कि पुराने कानून के तहत कई राज्यों में नामांकन केवल लगभग 50 प्रतिशत था। सदस्यों ने यह भी कहा कि विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) अधिनियम को लागू करने में कम से कम छह महीने लगेंगे, क्योंकि इसे नियमों के तैयार होने के बाद ही लागू किया जाएगा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने 2005 में पारित किया था। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) विधेयक को हाल ही में समाप्त हुए शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच संसद में पारित किया गया। नए अधिनियम में ग्रामीण श्रमिकों के लिए 125 दिनों के मजदूरी रोजगार का प्रावधान है। विकास का समाधान नहीं कर पा रहासोमवार को हुई संसदीय समिति की बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि नई प्रणाली और ढांचा कैसा होगा। सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के कुछ सदस्यों ने स्वीकार किया कि मनरेगा में कुछ कमियां थीं, जिनके लिए समिति ने पहले कुछ सिफारिशें की थीं। कुछ विपक्षी सदस्यों ने कहा कि उन्होंने पहले कार्य दिवसों की संख्या 100 से बढ़ाकर 150 करने का सुझाव दिया था। सूत्रों के अनुसार उन्होंने यह भी मांग की कि वीबी जी राम जी अधिनियम के नियम तैयार करते समय समिति की ओर से पहले की गई सभी सिफारिशों पर विचार किया जाना चाहिए। भाजपा सांसदों ने कहा कि नए कानून की जरूरत थी क्योंकि मौजूदा कानून गांवों की मौजूदा समस्याओं और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास का समाधान नहीं कर पा रहा था। सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान कुछ सांसदों ने वीबी-जी राम जी अधिनियम लाने के कारणों के बारे में बात की।

₹80 हजार करोड़ की रक्षा खरीद को मंजूरी, भारतीय सेना की ताकत और निगरानी क्षमता होगी कई गुना मजबूत

2025 भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की युद्धक क्षमता और निगरानी तंत्र को अभूतपूर्व मजबूती देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद) ने करीब ₹80,000 करोड़ की लागत वाले सैन्य उपकरणों और हथियारों की खरीद के लिए ‘एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी’ प्रदान कर दी है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियों के बीच स्वदेशी रक्षा इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर दे रहा है। इस मंजूरी का एक बड़ा हिस्सा आपातकालीन खरीद फ्रेमवर्क के तहत है, जिसका उद्देश्य सेना की तत्काल परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करना है। रिपोर्टों के अनुसार, इस निवेश का उपयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा: इसमें एम्ब्रेयर आधारित एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम की खरीद और स्वदेशी ‘नेत्रा’ सिस्टम का एकीकरण शामिल है। इससे हवाई सीमाओं की निगरानी क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। T-90 टैंकों के ओवरहॉल और आधुनिकीकरण के प्रस्तावों को हरी झंडी मिली है, जो जमीनी युद्ध क्षमता के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं। निवेशकों के भरोसे को और मजबूत कर रहा है ₹79,000 करोड़ का आवंटन केवल सैन्य मजबूती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक बड़े उत्प्रेरक ) के रूप में कार्य करेगा। ‘बाय (इंडियन-IDDM)’ श्रेणी के तहत इन प्रस्तावों को प्राथमिकता मिलने से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड भारत डायनेमिक्स लिमिटेड और मझगांव डॉक जैसे सार्वजनिक उपक्रमों के साथ-साथ निजी क्षेत्र की कंपनियों और स्टार्टअप्स को बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्तर के निवेश से डिफेंस सप्लाई चेन में शामिल हजारों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को रोजगार और तकनीकी विकास के नए अवसर प्राप्त होंगे। DAC की इस बैठक और संभावित मंजूरी की खबरों के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में रक्षा क्षेत्र के शेयरों में जोरदार तेजी देखी गई। मिश्रा धातु निगम के शेयरों में लगभग 11% का उछाल आया, जबकि मझगांव डॉक, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स और के शेयर भी 2-3% की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सरकार द्वारा रक्षा क्षेत्र में निरंतर पूंजीगत व्यय निवेशकों के भरोसे को और मजबूत कर रहा है।

शशि थरूर के बयान पर कांग्रेस में मतभेद, हनुमंत राव बोले– यह निजी राय, पार्टी की सोच नहीं

पीएम नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान को लेकर पार्टी में नई बहस छिड़ गई है, जिसे उनकी ही पार्टी के नेता वी. हनुमंत राव ने कांग्रेसकी सोच से अलग बताया। हनुमंत राव ने कहा कि यह थरूर की निजी राय हो सकती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ऐसा नहीं सोचती। हनुमंत राव ने कहा किकांग्रेस में लोकतांत्रिक व्यवस्था है, इसलिए हर किसी को अपनी राय रखने की आजादी है। उन्होंने कहा, हमारे यहां लोकतंत्र है, इसलिए लोग अपनेविचार सामने रखते हैं। अगर किसी दूसरी पार्टी में ऐसा बयान दिया जाता, तो तुरंत कार्रवाई होती। यह उनकी सोच हो सकती है, लेकिन पार्टी ऐसानहीं सोचती। उन्हें बहादुर बतायाइससे पहले दोपहर में भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने शशि थरूर के बयान की तारीफ करते हुए उन्हें बहादुर बताया। उन्होंने उम्मीद जताई किकांग्रेस थरूर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी। पूनावाला ने कहा, एक बार फिर शशि थरूर ने राहुल गांधी को आईना दिखाने का साहस दिखायाहै। उन्होंने कहा कि विदेश नीति किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि देश की होती है। मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाएगी।लेकिन हो सकता है कि वे उनके खिलाफ फतवा जारी कर दें, क्योंकि वे राष्ट्रीय हित को पारिवारिक हित से ऊपर नहीं रख पाते।

उत्तरी बेंगलुरु अतिक्रमण कार्रवाई पर सियासी घमासान, डीके शिवकुमार ने पिनरई विजयन को दी दखल न देने की सलाह

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को केरल के मुख्यमंत्री को उत्तरी बंगलूरू में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान में हस्तक्षेप नकरने की सलाह दी। केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने शुक्रवार को कर्नाटक की राजधानी में मुस्लिम आवासीय क्षेत्रों को कथित तौर पर ध्वस्तकिए जाने की कड़ी निंदा करते हुए इस कार्रवाई को चौंकाने वाला और पीड़ादायक बताया। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा था कि फकीर कॉलोनी औरवसीम लेआउट में वर्षों से रह रहे मुस्लिम परिवारों के घर गिराए जाना दर्दनाक और चौंकाने वाला है। पूरी तरह एक राजनीतिकइस पर प्रतिक्रिया देते हुए डी के शिवकुमार ने कहा, ‘यह पूरी तरह एक राजनीतिक बयान है। बिना तथ्य जाने पिनरई विजयन को हमारे राज्य केमामलों में दखल नहीं देना चाहिए। यह चुनाव के समय किया गया राजनीतिक हथकंडा है।’ शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि जिस जमीन पर झुग्गियां बनीथीं, वह ठोस कचरा प्रबंधन के लिए नौ साल पहले अधिसूचित की गई थी। उन्होंने कहा कि यह जगह एक पुरानी खदान और कचरा डंपिंग साइट है, जो बेहद खतरनाक और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने कहा ‘कुछ लोगों ने रातों-रात अवैध रूप से कब्जा कर लिया। यह जमीन हड़पने कामामला है। इसमें किसी समुदाय को निशाना बनाने की बात बिल्कुल गलत है।’ बुलडोजर का इस्तेमाल नहीं कियाउपमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि इस कार्रवाई में किसी भी तरह के बुलडोजर का इस्तेमाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ‘हमने सिर्फ सार्वजनिकजमीन की रक्षा की है। यह शहर के बीचों-बीच स्थित कचरा प्रबंधन की जगह है। हम ऐसे अवैध स्लम को बढ़ावा नहीं दे सकते।’ उन्होंने यह भी भरोसादिलाया कि कांग्रेस सरकार मानवीय दृष्टिकोण रखती है और नियमों के तहत पात्र लोगों को वैकल्पिक आवास दिया जाएगा। डीके शिवकुमार ने आगेकहा कि ‘जो लोग वास्तव में जरूरतमंद और पात्र हैं, उन्हें राजीव गांधी आवास योजना के तहत घर दिए जाएंगे। लेकिन बिना कारण सरकारी जमीनपर कब्जा करने वालों को संरक्षण नहीं मिलेगा।’ शिवकुमार के अनुसार, अधिकतर अतिक्रमणकारी बाहरी लोग हैं और कुछ ही स्थानीय हैं। उन्होंनेबताया कि यह इलाका ब्यातरायनपुरा विधानसभा क्षेत्र में आता है, जहां से राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा विधायक हैं। उन्होंने कहा, ‘वह वरिष्ठ औरअनुभवी नेता हैं और उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए थे कि किसी भी तरह की भूमि हड़पने की कोशिश न होने दी जाए।’

मनरेगा बचाने के लिए कांग्रेस का देशव्यापी अभियान, 5 जनवरी से होगा ‘मनरेगा बचाओ’ आंदोलन

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को खत्म करने के खिलाफ देशभर में अभियानचलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पांच जनवरी से पूरे देश में ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ शुरू करेगी। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्षराहुल गांधी ने भी खरगे की तरह ही अपील की है। मनरेगा को बचाने का संकल्प लियाकांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के बाद खरगे ने बताया कि इस बैठक में कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा को बचाने का संकल्प लिया। उन्होंनेकहा कि पार्टी इस मुद्दे पर जनता के बीच जाएगी और सरकार के फैसले का विरोध करेगी। खरगे ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं है, बल्कियह संविधान की ओर से दिया गया काम करने का अधिकार है। इसे कमजोर या खत्म करना गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है।उन्होंने यह भी कहा कि मनरेगा को खत्म करने के फैसले से लोग नाराज हैं और सरकार को इसके नतीजे भुगतने पड़ेंगे। खरगे के अनुसार, कांग्रेस इस मुद्देपर चुप नहीं बैठेगी और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी। देशव्यापी अभियान चलाने की जरूरतखरगे ने कहा कि मनरेगा को खत्म किए जाने के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने की जरूरत है। उन्होंने तीन कृषि कानूनों का उदाहरण देते हुए कहाकि जिस तरह कड़े विरोध के बाद सरकार को वे कानून वापस लेने पड़े थे, उसी तरह मनरेगा के मामले में भी जनता की आवाज उठेगी। कांग्रेस अध्यक्षने यह भी कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की एक’सुनियोजित साजिश’ है। उन्होंने कहा कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब देश में लोकतंत्र, संविधान और नागरिकों के अधिकारों पर गंभीर खतरामंडरा रहा है।

पीएम मोदी ने वीर बाल दिवस पर बच्चों को संबोधित किया, साहिबजादों के अदम्य साहस को याद किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीर बाल दिवस के मौके पर नई दिल्ली में स्थित भारत मंडपम में बच्चों को संबोधित किया। भारत मंडपम में हुएआयोजन से पहले प्रधानमंत्री ने इस वर्ष वीरता पुरस्कार से सम्मानित बच्चों के साथ संवाद भी किया। बच्चों के साथ मुलाकात करने की वीडियो भीसामने आया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, ‘आज देश वीर बाल दिवस मना रहा है। अभी वंदे मातरम की सुंदर प्रस्तुतिहुई। आज हम उन वीर साहिबजादों को याद कर रहे हैं, जो भारत का गौरव हैं।’ उन्होंने कहा, ‘वीर साहिबजादे भारत के अदम्य साहस, शौर्य, वीरता कीपराकाष्ठा हैं। वीर साहिबजादों ने उम्र और अवस्था की सीमाओं को तोड़ दिया। वे क्रूर मुगल सल्तनत के सामने चट्टान की तरह खड़े हो गए। इससेमजहबी कट्टरता और आतंक का वजूद ही हिल गया।’ नाम का अजीत हूं, जीता न जाऊंगाउन्होंने कहा, ‘वीर साहिबजादों को छोटी सी उम्र में उस समय की सबसे बड़ी सत्ता से टकराना पड़ा। वो लड़ाई भारत के मूल विचारों और मजहबीकट्टरता के बीच थी। वो लड़ाई सत्य बनाम असत्य के बीच थी। उस लड़ाई की एक ओर गुरु गोविंद सिंह जी थे, दूसरी ओर क्रूर औरंगजेब की हुकूमतथी।’ उन्होंने कहा कि हमारे साहिबजादे उस समय छोटे ही थे, लेकिन औरंगजेब की क्रूरता को इससे फर्क नहीं पड़ा। वो जानता था कि उसे अगर भारतके लोगों को डराकर उनका धर्मांतरण कराना है तो इसके लिए उसे हिंदुस्तानियों का मनोबल तोड़ना होगा। इसलिए उसने साहिबजादों को निशानाबनाया। पीएम मोदी ने कहा कि भले ही पूरी मुगलिया बादशाहत उनके पीछे लग गई, लेकिन चारों साहिबजादों में से एक को भी डिगा नहीं पाई।साहिबजादा अजीत सिंह जी के शब्द आज भी उनके हौसले की कहानी कहते हैं। अजीत सिंह जी ने कहा था कि नाम का अजीत हूं, जीता न जाऊंगा, जीता भी गया तो जीता न आऊंगा। भाषाई विविधता हमारी ताकत बन रहीउन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही हमने गुरु तेगबहादुर को उनके 350वें बलिदान दिवस पर याद किया था। जिन साहिबजादों के पास गुरु तेगबहादुरजी के बलिदान की प्रेरणा हो, वो मुगल अत्याचारों से डर जाएंगे, ये सोचना ही गलत था। साहिबजादों के बलिदान की गाथा देश में जन-जन कीजुबान पर होनी चाहिए थी। दुर्भाग्य से आजादी के बाद भी देश में गुलामी की मानसिकता हावी रही। इस गुलामी का बीज अंग्रेज राजनेता मैकाले ने1835 में बोया था। उस मानसिकता से देश को आजादी के बाद भी मुक्त होने नहीं दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि आजादी के बाद भी देश में ऐसीसच्चाईयों को दबाने की कोशिश की गई। अब भारत ने तय किया है कि गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पानी ही होगी। अब हम भारतियों केबलिदान और शौर्य की स्मृतियां दबेंगी नहीं। अब देश के नायक-नायिकाओं को हाशिये पर नहीं रखा जाएगा, और इसलिए ‘वीर बाल दिवस’ को हमपूरे मनोभाव से मना रहे हैं। गुलामी की मानसिकता से मुक्त होते हमारे देश में, भाषाई विविधता हमारी ताकत बन रही है।

14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को पीएम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित

बिहार के 14 साल के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सूर्यवंशी को इस पुरस्कारसे सम्मानित किया है। समारोह के बाद वैभव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी ने वैभव की सराहना की। यहपुरस्कार पांच से 18 साल तक के बच्चों को दिया जाता है जो इस उम्र के बच्चों के लिए सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह पुरस्कार वीरता, कला एवंसंस्कृति, पर्यावरण, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा और खेल सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए प्रतिवर्ष दियाजाता है। वैभव को खेल श्रेणी में यह पुरस्कार दिया गया है। बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव के भारत की अंडर-19 टीम के बाकी खिलाड़ियों के साथजुड़ने और जिम्बाब्वे के लिए रवाना होने की उम्मीद है, क्योंकि टीम आगामी अंडर-19 विश्व कप की तैयारी कर रही है जो 15 जनवरी से शुरू हो रहाहै। इसकी निराशा को पीछे छोड़ावैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा जब वह लिस्ट ए क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाजबने। विजय हजारे ट्रॉफी के एक मुकाबले में उन्होंने मात्र 84 गेंदों पर 190 रन की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 15 छक्के लगाए औरसिर्फ 36 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उनकी इस पारी ने गेंदबाजों को पूरी तरह बेबस कर दिया था। वैभव हाल ही में संपन्न हुए अंडर-19 एशिया कप के लिए भारतीय टीम में शामिल थे। कुछ दिन पहले ही अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी कादिन खास नहीं रहा था। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए वह 10 गेंदों पर 26 रन बनाकर आउट हो गए थे। हालांकि, उन्होंने इसकी निराशा को पीछेछोड़ा था और विजय हजारे ट्रॉफी में चमक बिखेरी थी। वैभव ने भारत की ओर से लिस्ट-ए क्रिकेट में चौथा सबसे तेज शतक जड़ा था। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित कियाइसी साल दोहा में हुए राइजिंग स्टार्स एशिया कप में वैभव भारत ए टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी थे। भले ही भारत सेमीफाइनल में हार गया, लेकिनवैभव ने टूर्नामेंट में 239 रन बनाए, जिसमें यूएई के खिलाफ 32 गेंदों में शतक भी शामिल था। सिर्फ 12 साल की उम्र में रणजी डेब्यू करने वाले वैभवने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए भी देशभर में सुर्खियां बटोरीं। अपने पहले IPL सीजन में उन्होंने 206.55 का स्ट्राइक रेट बनाएरखा और गुजरात टाइटंस के खिलाफ 38 गेंदों में 101 रन जड़कर आईपीएल इतिहास के दूसरे सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड बनाया और सबसे कमउम्र के आईपीएल शतकवीर बन गए थे। उन्होंने सबसे तेज आईपीएल शतक लगाने वाले भारतीय के मामले में यूसुफ पठान का रिकॉर्ड तोड़ा था।वैभव ने 35 गेंद पर शतक पूरा किया, जबकि यूसुफ ने 2010 में 37 गेंदों में शतक जड़ा था। भारत के युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को नई दिल्ली मेंराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। वैभव को खेलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह पुरस्कार मिला है।

डीएसी की बैठक में स्वदेशी रक्षा परियोजनाओं को मंजूरी, नई मिसाइल और ड्रोन क्षमता पर जोर

रक्षा मंत्रालय की सर्वोच्च खरीद संस्था, रक्षा अधिग्रहण परिषद यानी डीएसी की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, भारतीयरक्षा बलों के लिए प्रमुख स्वदेशी परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए यह बैठक हुई। इन परियोजनाओं में दिल्ली एनसीआर क्षेत्र को हवाई खतरों सेबचाने के लिए स्वदेशी एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली भी शामिल है। भारतीय सेना की ड्रोन क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्य से, रक्षा मंत्रालयलगभग 850 लोइटरिंग मुनिशन्स (लॉइटरिंग मुनिशन्स) खरीदने का निर्णय ले सकता है। भारतीय नौसेना द्वारा अपने युद्धपोतों पर मंडरा रहे खतरों कामुकाबला करने के लिए स्वदेशी स्रोतों से बड़ी संख्या में मध्यम दूरी की सतह से वायु में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों की खरीद के प्रस्ताव परभी चर्चा होने की संभावना है। बैठक में भारत अमेरिका से लगभग तीन वर्षों के लिए दो सी गार्जियन MQ-9B HALE ड्रोन लीज पर लेने पर भीनिर्णय लेगा। भारत पहले ही इन ड्रोनों में से 31 के लिए समझौता कर चुका है, जिनके 2028 से भारत में आने शुरू होने की उम्मीद है। विकास को भी मंजूरी दिए जाने की संभावनारक्षा मंत्रालय की ओर से भारतीय वायु सेना के लिए 200 किलोमीटर से अधिक मारक क्षमता वाली बड़ी संख्या में एस्ट्रा मार्क 2 वायु-से-वायुमिसाइलों के विकास और खरीद को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। इसके साथ ही निश्चित संख्या में मेटियोर वायु-से-वायु मिसाइलों की खरीद भीशामिल है। भारतीय सेना रक्षा क्षेत्र की एक सार्वजनिक इकाई के माध्यम से 200 टी-90 टैंकों का स्वदेशी नवीनीकरण करने का भी प्रस्ताव कर रहीहै। भारतीय वायु सेना के लिए इस्राइल से बड़ी संख्या में स्पाइस-1000 वायु-से-जमीनी मिसाइलों पर भी बैठक में चर्चा होने की संभावना है।इस्राइल एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रीज को एकमात्र विक्रेता बनाकर छह मिड-एयर रिफ्यूलर विमानों की खरीद पर भी चर्चा होगी। रक्षा मंत्रालय और सेना केशीर्ष अधिकारियों सहित रक्षा समन्वय समिति (डीएसी) द्वारा 120 किलोमीटर की मारक क्षमता वाले पिनाका रॉकेटों के विकास को भी मंजूरी दिएजाने की संभावना है, जिन्हें 45 किलोमीटर और 80 किलोमीटर की मारक क्षमता वाले रॉकेटों के लिए उपयोग किए जाने वाले एक ही लॉन्चर से दागाजा सकेगा।

10 वर्षीय श्रवण सिंह को पीएम राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, ऑपरेशन सिंदूर में सैनिकों की सेवा के लिए सम्मानित

ऑपरेशन सिंदूर के नन्हे सिपाही श्रवण सिंह को आज दिल्ली में प्रधान मंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरानसरहद पर तैनात सैनिकों को श्रवण (10) घर से लस्सी, दूध और रोटी लेकर देने के लिए जाता था। राष्ट्रपति द्राैपदी मुर्मू के हाथों सम्मान पाने के बादश्रवण ने कहा कि जब पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, तो सैनिक हमारे गांव आए। मैंने सोचा कि मुझे उनकी सेवा करनी चाहिए। मैंउनके लिए रोज दूध, चाय, छाछ और बर्फ ले जाता था। मुझे पुरस्कार पाकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने कभी इसके बारे में सपने में भी नहीं सोचाथा। श्रवण सिंह पंजाब का अकेला विद्यार्थी है जिसे इस साल दिल्ली में प्रधानमंत्री नेशनल चाइल्ड अवॉर्ड में हिस्सा लेने का माैका मिला है। उसनेऑपरेशन सिंदूर में इंडियन आर्मी की बहुत मदद की थी। दूध-लस्सी पहुंचाईसीएम भगवंत मान ने श्रवण को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा-पंजाबियों के लिए यह बड़े गर्व की बात है कि आज राष्ट्रपति द्वारा हमारे फिरोजपुर केनिवासी 10 वर्षीय श्रवण सिंह को ‘राष्ट्रीय बाल पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। हमारे गुरुओं द्वारा दी गई शिक्षाओं पर चलते हुए, ऑपरेशन सिंदूरके दौरान श्रवण सिंह ने घर से चाय-पानी और भोजन लाकर सैनिकों की जो सेवा की, वह काबिल-ए-तारीफ़ है। बच्चे के देश के प्रति हौसले और जज़्बेको सलाम। ममदोट के सिटी हार्ट स्कूल में पढ़ने वाले इस साल के श्रवण सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दाैरान सैनिकों को दूध-लस्सी पहुंचाई थी। उसकेसाहस पर आर्मी ने उसकी प्रशंसा की थी। उसके स्कूल और बीमारी के इलाज का खर्च सेना उठा रही है।