दंतेवाड़ा: नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, पांच नक्सली मारे गए, हथियार बरामद

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच नक्सलियों को मार गिराया गया है। इस घटना में मारे गए नक्सलियों में दोमहिलाएं भी शामिल हैं। यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गुमियापाल के जंगलों में हुई। सुरक्षाबलों ने इस अभियान को सफलतापूर्वकअंजाम देकर इलाके में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। *घटना का विवरण*घटना की जानकारी के अनुसार, दंतेवाड़ा के गुमियापाल के जंगलों में नक्सलियों के छिपे होने की सूचना पर सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन चलाया। इसऑपरेशन में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और केंद्रीय सुरक्षा बलों की टीम शामिल थी। गुप्त सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदीकी। इस दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने पांच नक्सलियों को ढेर कर दिया। मुठभेड़ स्थल से मारे गए नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। मौके से सुरक्षाबलों ने दो हथियार भी बरामद किएहैं, जिनमें एक एसएलआर (SLR) और एक 12 बोर की राइफल शामिल है। इसके अलावा, नक्सलियों के पास से अन्य सामान भी बरामद हुआ है, जिनका इस्तेमाल सुरक्षाबल जांच के लिए करेंगे। सुरक्षाबलों की भूमिकादंतेवाड़ा और इसके आसपास के इलाके लंबे समय से नक्सल प्रभावित रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र सरकार के निर्देश पर सुरक्षाबल लगातार इनइलाकों में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे हैं। यह मुठभेड़ इसी अभियान का हिस्सा थी। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलताहासिल की है, जो क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करने के प्रयासों को बल देगा। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि मुठभेड़ स्थल से मिले सबूतों और हथियारों की जांच की जाएगी। मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है।माना जा रहा है कि इनमें से कुछ नक्सली संगठन के बड़े सदस्य हो सकते हैं। *नक्सली नेटवर्क पर असर*इस मुठभेड़ से नक्सली संगठन को बड़ा नुकसान हुआ है। यह घटना सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव और नक्सलियों की कमजोर होती पकड़ को दिखातीहै। नक्सलियों के खिलाफ इस तरह के ऑपरेशन न केवल उन्हें कमजोर करते हैं, बल्कि स्थानीय लोगों में सुरक्षा और विश्वास का माहौल भी बनाते हैं। स्थानीय प्रशासन का बयान दंतेवाड़ा के एसपी ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए इसे सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि इलाके में नक्सल विरोधी अभियान तेज करदिया गया है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सुरक्षाबलों ने पांच नक्सलियों को मार गिराकर नक्सल विरोधी अभियान को मजबूती दी है। मुठभेड़ में शामिल सुरक्षाबलों कीसतर्कता और रणनीति की सराहना की जा रही है। इस घटना से न केवल नक्सली नेटवर्क कमजोर हुआ है, बल्कि यह सुरक्षाबलों के साहस औरसमर्पण का उदाहरण भी है।
दिल्ली चुनाव 2025: आतिशी ने 40 लाख रुपये जुटाने के लिए क्राउड फंडिंग अभियान शुरू किया

दिल्ली की मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता आतिशी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए 40 लाख रुपये जुटाने के उद्देश्य सेएक क्राउड फंडिंग अभियान शुरू किया है। आतिशी ने जनता से अपील की है कि वे इस अभियान में योगदान करें ताकि वे कालकाजी विधानसभा क्षेत्रसे चुनाव लड़ सकें। *क्राउड फंडिंग अभियान की शुरुआत*आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनावी खर्च के लिए उन्हें 40 लाख रुपये की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे उद्योगपतियों से चंदानहीं लेंगी, बल्कि जनता के योगदान से चुनावी प्रक्रिया में भाग लेंगी। अपने समर्थकों से उन्होंने 100 रुपये, 1000 रुपये या उससे अधिक का दानकरने की अपील की और इसके लिए एक ऑनलाइन लिंक भी साझा किया है। *आम आदमी पार्टी की ईमानदारी की राजनीति*आतिशी ने आम आदमी पार्टी की ईमानदारी की राजनीति की ओर इशारा करते हुए कहा कि पार्टी बड़े उद्योगपतियों से चंदा नहीं लेती, और यह उसकीसफलता का एक महत्वपूर्ण कारण है। उनका कहना था कि यदि पार्टी उद्योगपतियों से चंदा लेती, तो उसकी नीतियां उनके हितों के अनुसार होतीं, जिससे पार्टी जनता के लिए काम नहीं कर पाती। *चुनाव की तिथियां*दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान 5 फरवरी को निर्धारित किया गया है, और परिणाम 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। वर्तमानविधानसभा का कार्यकाल 23 फरवरी को समाप्त हो जाएगा। *आतिशी का राजनीतिक करियर*आतिशी ने 2013 में आम आदमी पार्टी के गठन के बाद से पार्टी के लिए विभिन्न मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम किया है। वे शिक्षा, स्वास्थ्य औरमहिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देती हैं और दिल्ली में उनके योगदान के कारण उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर भी मिला। *समर्थकों की प्रतिक्रिया*आतिशी के क्राउड फंडिंग अभियान की शुरुआत के बाद, उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर इसका समर्थन किया। AAP के आधिकारिक ट्विटरहैंडल ने ट्वीट किया, “देश को आतिशी जी जैसे पढ़े-लिखे और ईमानदार नेताओं की आवश्यकता है।” इसके साथ ही समर्थकों ने दान करने के लिएलिंक साझा किया, जिससे अभियान को व्यापक समर्थन मिल रहा है। आतिशी का क्राउड फंडिंग अभियान दिल्ली की राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आम आदमी पार्टी की ईमानदारी और जनता के प्रतिप्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह अभियान AAP की राजनीति की ईमानदारी का परीक्षण भी है, क्योंकि पार्टी ने हमेशा छोटे-छोटे दान की मदद से चुनावलड़ा है। *दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020*दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया। AAP ने 70 सीटों में से 62 पर विजय प्राप्त की, जबकि भाजपाको 8 सीटें मिलीं और कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई। यह चुनाव AAP के लिए एक बड़ी जीत साबित हुई, क्योंकि पार्टी ने दिल्ली की जनताद्वारा किए गए विकास कार्यों को प्रमुख आधार बनाकर चुनावी सफलता प्राप्त की। *AAP की विजय और भाजपा तथा कांग्रेस का प्रदर्शन*AAP की जीत ने पार्टी की राजनीतिक स्थिति को मजबूत किया, और अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री के रूप में फिर से चुना गया। भाजपा के लिएयह चुनाव अपेक्षाकृत कम सीटों के साथ खत्म हुआ, जबकि कांग्रेस के लिए यह और बड़ा झटका था, क्योंकि पार्टी दिल्ली की राजनीति से लगभगबाहर हो गई थी। *आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025*दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 का आयोजन फरवरी के अंत में या मार्च 2025 के पहले सप्ताह में होने की संभावना है। चुनाव की तिथियां चुनावआयोग द्वारा निकट भविष्य में घोषित की जाएंगी।
कोहरे के कारण उत्तर प्रदेश में कार दुर्घटना, बीजेपी के दो नेताओं की मौत, मुख्यमंत्री ने भी मदद का किया ऐलान

उत्तर प्रदेश में आज सुबह एक दुखद घटना घटी, जिसमें घने कोहरे के कारण एक कार ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में बीजेपी के दो नेताओं की मौतहो गई। यह दुर्घटना कानपुर-लखनऊ हाइवे पर हुई, जहां कोहरा घना था। दुर्घटना में मृतकों की पहचान बीजेपी के स्थानीय नेता और एक पार्टीकार्यकर्ता के रूप में हुई है। दोनों नेता निजी यात्रा पर थे, जब उनकी कार अचानक ट्रक से टकरा गई। हादसे में ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति कीघटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे की जांच और पुलिस की कार्रवाईदुर्घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि कोहरे के कारण दृश्यता कम थी, जिससे वाहन चालकों को रास्ते में आने वाली रुकावटों का सही अनुमान नहीं हो पाया। हादसे के बाद ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है औरहादसे के कारणों की गहन जांच की जा रही है। बीजेपी में शोक की लहर, सीएम योगी का संवेदना संदेशबीजेपी के नेताओं की मौत के बाद पार्टी में शोक का माहौल बन गया है। वरिष्ठ नेताओं ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों केपरिवारों के प्रति संवेदनाएं जाहिर की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायताका आश्वासन दिया। उन्होंने प्रशासन को कोहरे के मौसम में सड़कों पर सुरक्षा उपायों को कड़ी निगरानी में रखने का निर्देश दिया है। मौसम की स्थिति और यातायात पर प्रभावउत्तर प्रदेश में मौसम का असर आज महसूस होने लगा है। कानपुर सहित सात शहरों में सुबह से बारिश हो रही है, जिससे ठंड और कोहरे के कारणयातायात में रुकावट आ रही है। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि आने वाले दिनों में और अधिक बारिश और ठंड बढ़ सकती है। इस मौसम केकारण सड़कों पर वाहन धीमी गति से चल रहे हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में किसानअपनी फसलों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। विमान और रेलवे सेवाएं प्रभावितकानपुर, इलाहाबाद, लखनऊ, वाराणसी, अलीगढ़, बरेली और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों में बारिश और घने कोहरे का असर देखा जा रहा है, जिसकेकारण एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को समस्याएं हो रही हैं। विमानों की उड़ानें देर से हो रही हैं और रेलवे ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआहै। अधिकारियों ने यात्रियों से सतर्क रहने और यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। सावधानी बरतने की आवश्यकतायह दुर्घटना और मौसम की स्थिति यह स्पष्ट करती है कि ठंड और कोहरे के मौसम में यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है। प्रशासनको और भी कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सीएम ने जताया दुखउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर-लखनऊ हाइवे पर हुई दुर्घटना में बीजेपी के दो नेताओं की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। उन्होंनेइसे अत्यंत दुखद घटना बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट की और राज्य सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को हर संभवसहायता देने का आश्वासन दिया। साथ ही, उन्होंने प्रशासन से खराब मौसम के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठानेकी सलाह दी। उत्तर प्रदेश में बारिश और ठंड का असरउत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने मौसम की स्थिति को प्रभावित किया है। कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, वाराणसी, अलीगढ़, बरेली और मेरठमें बारिश हो रही है, जिससे सड़क यातायात में समस्याएं बढ़ गई हैं और दृश्यता कम हो गई है। साथ ही, किसानों के लिए फसलों की सुरक्षा को लेकरचिंता बढ़ गई है। ठंड और कोहरे के कारण शहरी क्षेत्रों में भी ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि अगले कुछ दिनों में औरअधिक बारिश और ठंड बढ़ सकती है, जिससे स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। यह मौसम एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर भी असर डाल रहा है, जहां विमानों की उड़ानें और ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। अधिकारियों नेयात्रियों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने और सड़क पर यात्रा करते वक्त विशेष ध्यान देने की अपील की है।
कन्नौज में निर्माणाधीन बिल्डिंग का लेंटर गिरा, 25 से अधिक मजदूर मलबे में दबे

11 जनवरी 2025 को उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में एक गंभीर हादसा हुआ, जब कन्नौज रेलवे स्टेशन के पास एक निर्माणाधीन दो मंजिला बिल्डिंगका लेंटर गिर गया। इस घटना में 25 से अधिक मजदूर मलबे में दब गए, जिनमें से 9 गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का विवरणशनिवार दोपहर करीब 3 बजे, कन्नौज रेलवे स्टेशन परिसर में अमृत भारत योजना के तहत एक नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा था। इस दौरानलेंटर डालने का काम किया जा रहा था, तभी अचानक लेंटर ढह गया और उस समय काम कर रहे लगभग 25 मजदूर मलबे में दब गए। राहत और बचाव कार्य जारीहादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस, प्रशासन और रेलवे के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। अब तक 6 मजदूरोंको मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। अन्य मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशनलगातार जारी है। प्रशासनिक ने क्या दी प्रतिक्रिया?उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री असीम अरुण भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों कोरेस्क्यू ऑपरेशन को तेज़ी से चलाने और घायलों के उपचार में कोई कमी न होने के निर्देश दिए हैं। घायलों की क्या है स्थिति?घायलों को कन्नौज जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, दो घायलों की हालत गंभीर है औरउन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। हादसे की हो रही जांचप्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक सभीमजदूर मलबे से पूरी तरह सुरक्षित बाहर नहीं निकल जाते।यह हादसा कन्नौज जिले के लिए एक बड़ा संकट बनकर आया है, जिसमें कई मजदूरों की जान खतरे में पड़ी है। प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकरराहत-बचाव कार्य में जुटे हुए हैं, ताकि सभी को सुरक्षित निकाला जा सके।
अमित शाह बोले, केजरीवाल ने अन्ना जैसे संत का इस्तेमाल किया, केजरीवाल ने भ्रष्टचार के सारे रिकॉर्ड तोड़े हैं

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधीआंदोलन का इस्तेमाल सत्ता हासिल करने के लिए किया। शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शराब नीति में घोटाले का आरोपअमित शाह ने दिल्ली सरकार की शराब नीति में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इस नीति के कारण सरकारी खजानेको भारी वित्तीय नुकसान हुआ। शाह ने मोहल्ला क्लीनिक परियोजना में भी फर्जी टेस्टिंग और घोटाले की बात कही। 45 करोड़ रुपये का ‘शीशमहल’गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री केजरीवाल पर उनके आधिकारिक आवास के नवीनीकरण में 45 करोड़ रुपये खर्च कर ‘शीशमहल’ बनवाने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि केजरीवाल, जिन्होंने कभी सरकारी गाड़ी और बंगले का विरोध किया था, अब खुद आलीशान जीवन जी रहे हैं। पंजाब को ‘भ्रष्टाचार का एटीएम’ बनाने का आरोपअमित शाह ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल ने पंजाब को ‘भ्रष्टाचार का एटीएम’ बना दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार अपने अदालतीमामलों की पैरवी के लिए वकीलों की फीस चुकाने में पंजाब सरकार के राजस्व का उपयोग कर रही है। ‘आपदा मुक्ति दिवस’ का आह्वानशाह ने कहा कि 5 फरवरी को दिल्ली में ‘आपदा मुक्ति दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली केलिए एक आपदा बन चुकी है। उन्होंने दिल्ली के नागरिकों से भाजपा को वोट देने और भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चुनने की अपील की। भाजपा की गारंटी ?अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी है कि सभी झुग्गीवासियों को पक्के मकान मिलेंगे। उन्होंने बताया कि भाजपा ने देशभर मेंकरोड़ों गरीबों को मकान, गैस सिलेंडर, बिजली, और शौचालय उपलब्ध कराए हैं। इसके विपरीत, उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार नेकेवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान 5 फरवरी को होगा और मतगणना 8 फरवरी को होगी। पिछले चुनाव में, आम आदमी पार्टी ने 70 में से 62 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को 8 सीटें मिली थीं। कांग्रेस शून्य पर सिमट गई थी। इस बार के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस सत्ता मेंवापसी के लिए प्रयासरत हैं, जबकि आम आदमी पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है। 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में *आम आदमी पार्टी (AAP)* ने शानदार जीत दर्ज की। कुल 70 सीटों में से पार्टी ने 62 सीटें जीतीं और53.57% वोट शेयर प्राप्त किया। यह उनकी लगातार तीसरी जीत थी, जिसके बाद अरविंद केजरीवाल ने फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP)*ने 70 में से 8 सीटें* जीतीं और उन्हें *38.51% वोट शेयर* प्राप्त हुआ। यह बीजेपी का पिछली बार की तुलना में थोड़ीसुधार था, लेकिन फिर भी पार्टी को बहुमत से काफी दूर रहना पड़ा। *कांग्रेस (INC) को इस चुनाव में एक भी सीट* नहीं मिली, और उसका वोट शेयर केवल *4.26%* रहा। यह लगातार दूसरा चुनाव था, जब कांग्रेसदिल्ली विधानसभा में कोई सीट नहीं जीत पाई। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत ने दिल्ली की राजनीति में उसकी मजबूत पकड़ को साबित किया, और केजरीवाल की सरकार ने तीसरी बारसत्ता में वापसी की।
दिल्ली शराब नीति पर कैग रिपोर्ट: 2,026 करोड़ रुपये के नुकसान का खुलासा

दिल्ली सरकार की अब रद्द हो चुकी नई आबकारी नीति पर नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट ने एक बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्टमें दावा किया गया है कि इस नीति के कारण दिल्ली सरकार के खजाने को 2,026 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह पहली बार है जब कथितशराब घोटाले के वित्तीय असर को लेकर ऐसा आंकड़ा सार्वजनिक किया गया है। *क्या है मामला?*दिल्ली सरकार ने नवंबर 2021 में नई आबकारी नीति लागू की थी। इसका उद्देश्य शराब के कारोबार को व्यवस्थित करना और राजस्व बढ़ाना बतायागया था। हालांकि, इस नीति को लेकर विपक्षी दलों ने घोटाले के आरोप लगाए थे। बाद में, जुलाई 2022 में सरकार ने इस नीति को वापस लेलिया। अब कैग की रिपोर्ट ने इन आरोपों को और हवा दी है। कैग की रिपोर्ट के मुख्य बिंदु 1. राजस्व में कमीकैग रिपोर्ट के अनुसार, नई आबकारी नीति के चलते सरकारी खजाने को 2,026 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। रिपोर्ट में इस बात पर भी सवालउठाए गए कि क्यों शराब लाइसेंस जारी करने में प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। 2. अनियमितताएं:रिपोर्ट में कहा गया है कि नई नीति बनाते समय कई नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया। शराब विक्रेताओं को अनुचित लाभ पहुंचाने काआरोप भी रिपोर्ट में शामिल है। 3. आबकारी विभाग पर सवालरिपोर्ट में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। इसमें आरोप है कि शराब लाइसेंस देने के लिए निर्धारित मापदंडों कापालन नहीं किया गया। 4. नियमों में बदलावकैग ने यह भी पाया कि शराब नीति लागू होने के बाद कई बार नियमों में बदलाव किया गया, जिससे कुछ कंपनियों को फायदा हुआ।*राजनीतिक प्रक्रिया* भाजपा का दावाभाजपा ने कैग रिपोर्ट को आधार बनाकर दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। पार्टी ने इसे “शराब घोटाले” काप्रमाण बताया है और मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगा है। आम आदमी पार्टी की सफाईआम आदमी पार्टी (आप) ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। पार्टी का कहना है कि कैग की रिपोर्ट में कुछ सुझाव दिए गए हैं, लेकिन इसेघोटाला कहना गलत है। आप ने भाजपा पर संस्थाओं का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। *कैसे हुआ नुकसान?*रिपोर्ट के अनुसार, नई शराब नीति के तहत शराब लाइसेंस फीस में छूट दी गई और कुछ बड़े कॉरपोरेट समूहों को अनुचित लाभ दिया गया। साथ ही, लाइसेंस फीस में देरी से भुगतान की अनुमति देकर सरकार ने राजस्व का नुकसान किया। भ्रष्टाचार के आरोपकैग की रिपोर्ट ने उन आरोपों को मजबूती दी है जो दिल्ली सरकार पर पहले से लगते रहे हैं। भाजपा का कहना है कि इस नीति को लागू करने काउद्देश्य कुछ कंपनियों को लाभ पहुंचाना था। विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि नीति को अचानक वापस क्यों लिया गया। भविष्य पर असरकैग की रिपोर्ट से दिल्ली सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है। इससे पहले, इस मुद्दे पर केंद्रीय एजेंसियों ने जांच शुरू की थी। रिपोर्ट काइस्तेमाल भाजपा आगामी चुनावों में आप सरकार के खिलाफ बड़े मुद्दे के रूप में कर सकती है। कैग की रिपोर्ट से दिल्ली सरकार की शराब नीति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इसमें 2,026 करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही गई है, जो बड़ाआंकड़ा है। हालांकि, इसे लेकर आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर भाजपा इसे घोटाला बता रही है, वहीं आप इसे राजनीति से प्रेरित आरोप मान रही है। आगे देखना होगा कि इस रिपोर्ट के आधार पर क्या कानूनी और राजनीतिक कदम उठाए जाते हैं।
यूपी, बिहार और राजस्थान में कड़ाके की ठंड, हिमाचल में पारा माइनस 11 डिग्री तक गिरा, कोहरे की चपेट मे देश के 16 राज्य

उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई शहरों में तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से भी कम दर्जकिया गया है। राजस्थान के कुछ इलाकों में तापमान 2-3 डिग्री तक गिर चुका है, वहीं उत्तर प्रदेश और बिहार के शहरों में भी ठंड ने लोगों की दिनचर्याको बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश में बर्फबारीहिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली और अन्य पर्यटन स्थलों में बर्फबारी के चलते तापमान शून्य के करीब पहुंच गया है। पहाड़ी इलाकों में न्यूनतमतापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है। ठंड के साथ बर्फबारी ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घना कोहरा और दृश्यता में कमीउत्तर भारत के कई राज्यों, जैसे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, और दिल्ली में घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है। दृश्यता 50 मीटर से भीकम हो जाने के कारण सड़क और रेल यातायात में बाधाएं आई हैं। कोहरे के कारण दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ गई है। यातायात सेवाओं पर ठंड का प्रभावकोहरे और ठंड के चलते रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई ट्रेनों को रद्द किया गया है और दर्जनों उड़ानों में देरी हुई है। यात्रियोंको समय पर गंतव्य तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासनिक कदमठंड से बचाव के लिए प्रशासन ने रैनबसेरों में सुविधाएं बढ़ाने और सड़कों पर अलाव जलाने की व्यवस्था की है। गरीबों को कंबल वितरित किए जा रहेहैं और कई जगहों पर स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। कुछ इलाकों में ठंड के कारण स्कूलों में छुट्टियां भी घोषित की गई हैं। कृषि पर ठंड का प्रभावकोहरे और पाला फसलों पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। गेहूं, आलू और सरसों जैसी रबी फसलों की वृद्धि प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का कहनाहै कि लंबे समय तक ऐसी परिस्थितियां बनी रहीं तो उत्पादन में कमी आ सकती है। उत्तर भारत में सर्दी और कोहरे का प्रकोप चरम पर है। तापमान में गिरावट और कोहरे के कारण न केवल यातायात और कृषि प्रभावित हुई है, बल्किआम लोगों का जीवन भी कठिन हो गया है। प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन ठंड से बचाव के लिए जनता को अतिरिक्त सतर्कताबरतने की जरूरत है।
इंडिया गठबंधन पर बोले संजय राउत, कांग्रेस बताए इंडिया ब्लॉक का क्या वजूद है?

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने ‘इंडिया’ गठबंधन की वर्तमान स्थिति पर कांग्रेस से स्पष्टता की मांग की है। उन्होंनेकहा कि यदि कांग्रेस गठबंधन के अस्तित्व को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं करती, तो उनकी पार्टी स्वतंत्र रूप से अपने रास्ते तय करने के लिए बाध्य होगी।राउत ने चेतावनी दी कि यदि गठबंधन एक बार टूट गया, तो इसे दोबारा खड़ा करना बेहद मुश्किल होगा। हरियाणा चुनाव पर राउत की टिप्पणीहरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार पर टिप्पणी करते हुए राउत ने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया किकांग्रेस ने सत्ता की लालसा में गठबंधन का अवसर गंवा दिया, जिसके कारण नतीजे उसके पक्ष में नहीं आए। राउत के अनुसार, यदि ‘इंडिया’ गठबंधनहोता, तो तस्वीर अलग हो सकती थी। महाराष्ट्र में अकेले चुनाव लड़ने का सवालराउत ने कांग्रेस से यह भी आग्रह किया कि यदि वह महाराष्ट्र में अकेले चुनाव लड़ने का इरादा रखती है, तो इसे स्पष्ट करे। उन्होंने हरियाणा में आमआदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच तालमेल न बनने को भी गठबंधन के विफल होने का एक प्रमुख कारण बताया। भाजपा की रणनीति की तारीफराउत ने भाजपा की चुनावी रणनीति की तारीफ करते हुए कहा कि पार्टी ने हरियाणा में हार की स्थिति को जीत में बदल दिया। हालांकि, उन्होंने यह भीजोड़ा कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाने के बावजूद भाजपा को वहां हार का सामना करना पड़ा, जो उनके लिए आत्ममंथन का विषय होना चाहिए। नेतृत्व को लेकर खुली चर्चा का सुझावराउत ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के नेतृत्व को लेकर सभी दल चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, एनसीपीप्रमुख शरद पवार, सपा नेता अखिलेश यादव और अन्य नेताओं के नाम सुझाए, जो गठबंधन का नेतृत्व कर सकते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया किबीजू जनता दल के नेता नवीन पटनायक जैसे नेता भी इस गठबंधन में शामिल हो सकते हैं। उमर अब्दुल्ला ने भी जताई थी नाराजगीजम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ‘इंडिया’ गठबंधन की दिशा और नेतृत्व में स्पष्टता की कमी पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कियदि यह गठबंधन केवल संसदीय चुनावों के लिए था, तो इसे समाप्त कर देना चाहिए, ताकि सभी दल अपनी स्वतंत्र रणनीतियां बना सकें। उन्होंनेसुझाव दिया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद गठबंधन की बैठक बुलाई जानी चाहिए, ताकि नेतृत्व और भविष्य की रणनीति पर निर्णय लियाजा सके। गठबंधन की वर्तमान स्थिति पर सवालशिवसेना (यूबीटी) के नेता राउत और उमर अब्दुल्ला दोनों ने कांग्रेस से मांग की है कि वह ‘इंडिया’ गठबंधन की स्थिति और उद्देश्य पर स्थिति स्पष्टकरे। राउत ने कांग्रेस को इस गठबंधन को एकजुट रखने की जिम्मेदारी दी, जबकि उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यदि कोई समय सीमा तय नहीं की गईथी, तो इसे औपचारिक रूप से समाप्त करना चाहिए। गठबंधन के भविष्य पर बढ़ता दबाव‘इंडिया’ गठबंधन के अस्तित्व और नेतृत्व पर उठ रहे सवालों के बीच कांग्रेस पर दबाव बढ़ रहा है कि वह स्पष्ट करें कि यह गठबंधन केवल लोकसभाचुनावों तक सीमित था या इसका दीर्घकालिक उद्देश्य है। यदि स्पष्टता नहीं मिलती, तो सहयोगी दल अपनी स्वतंत्र रणनीतियों पर काम करने के लिएबाध्य होंगे।
भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ की कोशिश, BSF ने घुसपैठियों को मार गिराया

अमृतसर के पास भारत-पाकिस्तान सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को मार गिराया। यह घटना बुधवार रात हुई, जब बीएसएफ की पेट्रोलिंग टीम ने संदिग्ध गतिविधियों को देखा और संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की। बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि यहपाकिस्तानी नागरिक था, जो अवैध रूप से भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहा था। *घसपैठिए का प्रयास और बीएसएफ की प्रतिक्रिया*घुसपैठ की घटना रात के समय घटी, जब बीएसएफ के जवानों ने सीमा पर पाकिस्तान से भारत की ओर बढ़ते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा।जवानों ने उसे रुकने का आदेश दिया, लेकिन वह भागने की कोशिश करने लगा और संदिग्ध वस्तु की तरफ बढ़ने लगा। इसके बाद, बीएसएफ नेआत्मरक्षात्मक कार्रवाई करते हुए उस पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मृत्यु हो गई। *संदिग्ध व्यक्ति के पास कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिलीबीएसएफ के अधिकारियों के अनुसार, मृत घुसपैठिए के पास कोई विस्फोटक सामग्री या हथियार नहीं मिले। हालांकि, उसकी मंशा पर संदेह व्यक्तकिया जा रहा है। बीएसएफ ने यह संभावना जताई है कि उसका उद्देश्य भारतीय सुरक्षा को खतरे में डालना था। जांच और सुरक्षा बढ़ाई गईघटना के बाद, बीएसएफ ने विस्तृत जांच शुरू की और मृतक के शव को कब्जे में लेकर उसे भारतीय सीमा में लाया, जहां उसका पोस्टमॉर्टम करायाजाएगा। इस घटना के बाद, भारतीय सुरक्षा बलों ने अपनी चौकसी को बढ़ा दिया है और अमृतसर के पास की सीमा को पूरी तरह से सुरक्षित करने केलिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। *सुरक्षा के लिए कड़ी निगरानी*बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने की पुष्टि की है। पाकिस्तान से होने वाली घुसपैठ की कोशिशों को रोकनेके लिए सीमा पर निगरानी और चौकसी को और अधिक कड़ा किया गया है। भारतीय सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि वे भारतीय सीमा की सुरक्षा कोहर हाल में सुनिश्चित करेंगे और किसी भी घुसपैठ को विफल करने के लिए तत्पर हैं। *सीमा सुरक्षा और शांति की आवश्यकता*भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ की घटनाएं एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं, और बीएसएफ लगातार अपनी चौकसी को मजबूत करने के लिएकाम कर रहा है, ताकि भारतीय सीमा की सुरक्षा को और सुदृढ़ किया जा सके।
अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ: तीन दिवसीय महोत्सव में जुटेंगे लाखों श्रद्धालु

अयोध्या में रामलला प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ 11 से 13 जनवरी 2025 से तीन दिनों तक भव्य रूप में मनाई जाएगी। इस अवसर पर लाखोंश्रद्धालुओं के आने की संभावना है। राम मंदिर ट्रस्ट ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। विशेष आयोजन और धार्मिक अनुष्ठानउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगे और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेंगे। सुप्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास अपनीभक्ति कविताओं और गीतों से राम भक्ति का संदेश देंगे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रमुख कलाकार इस आयोजन की गरिमा को बढ़ाएंगे। विशिष्ट अतिथियों के लिए विशेष व्यवस्था13 जनवरी से वीआईपी दर्शन का आरंभ होगा, जिसमें राजनेताओं, उद्योगपतियों और संत समाज के प्रमुख लोग हिस्सा लेंगे। आम श्रद्धालुओं के लिएभोजन, ठहरने, और सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई है। पहली प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक संदर्भरामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को आयोजित हुई थी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, औरआरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत अनेक प्रमुख हस्तियां उपस्थित थीं। भव्य शोभायात्रा और धार्मिक कार्यक्रमों ने इस अवसर को ऐतिहासिक बनादिया था। आस्था और राजनीति का द्वंद्वपिछले आयोजन के दौरान राजनीतिक चर्चा भी हुई थी। जहां भाजपा ने इसे आस्था का प्रतीक बताया, वहीं विपक्ष ने इसे राजनीतिक लाभ से प्रेरितकरार दिया। श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएलाखों श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए रेलवे और बस सेवाओं को मजबूत किया गया है। अयोध्या में व्यापक स्तर पर यातायात और अन्यव्यवस्थाएं की गई हैं। सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्थाभीड़ को नियंत्रित करने के लिए अयोध्या में सख्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन की मदद से निगरानी की जा रही है।यातायात नियंत्रण के लिए विशेष टीमें तैनात हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमरामकथा, प्रवचन, और भजन संध्या जैसे कार्यक्रम इस आयोजन के मुख्य आकर्षण होंगे। यह उत्सव अयोध्या के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व कोअंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करेगा। पर्यटन और आस्था का संगमयह आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि अयोध्या को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदमहै। प्राण प्रतिष्ठा समारोह 2024: ऐतिहासिक पहलू?22 जनवरी 2024 को आयोजित रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह भारतीय धर्म और संस्कृति के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना थी। इस कार्यक्रम मेंविभिन्न क्षेत्रों से प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। प्रमुख राजनीतिक हस्तियांप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम को भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी देखरेख की।आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और अन्य केंद्रीय मंत्री भी इस आयोजन का हिस्सा बने। धर्मिक संतों की भागीदारीजगद्गुरु शंकराचार्य, स्वामी परमानंद, बाबा रामदेव, और अखाड़ा परिषद के प्रमुख संतों सहित कई धार्मिक हस्तियों ने इस आयोजन में हिस्सा लियाऔर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उद्योग और समाज से जुड़े लोगमुकेश अंबानी, गौतम अडानी, और रतन टाटा जैसे प्रमुख उद्योगपतियों ने इस ऐतिहासिक अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। क्रिकेट और फिल्म जगत से हस्तियांमहान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और अभिनेता अमिताभ बच्चन ने भी इस अवसर पर रामलला के दर्शन किए। यह आयोजन सभी क्षेत्रों के लोगों कोजोड़ने का एक अनूठा उदाहरण बन गया।