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अमित शाह ने जारी किया बीजेपी का संकल्प पत्र, गरीब कल्याण योजनाओं को जारी रखने का वादा

केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का संकल्प पत्र जारी किया। उन्होंने जनता कोभरोसा दिलाया कि गरीबों के कल्याण के लिए चलाई जा रही किसी भी योजना को बंद नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी की संस्कृति है किजो वादे किए जाते हैं, उन्हें पूरा किया जाता है। अमित शाह की केजरीवाल सरकार को चेतावनीअमित शाह ने कहा कि दिल्ली चुनाव में झूठे प्रचार का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने एक वाकये का जिक्र करते हुए कहा, “मेरे बंगले में काम करनेवाले एक कर्मचारी ने बताया कि उसे फोन पर बार-बार यह कहा जा रहा है कि बीजेपी अगर दिल्ली में सत्ता में आई तो गरीब कल्याण योजनाओं कोबंद कर देगी।” उन्होंने इस तरह के प्रचार को ‘गंभीर झूठ’ करार दिया। अमित शाह का बड़ा वादाशाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने खुद आश्वासन दिया है कि गरीबों के लिए चलाई जा रही सभी योजनाएं जारी रहेंगी।उन्होंने इसे ‘पत्थर की लकीर’ बताते हुए जनता को विश्वास दिलाया कि बीजेपी गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। केजरीवाल सरकार पर साधा निशानाअमित शाह ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, “जो व्यक्ति अन्ना हजारे की नहीं सुनता, वह मेरी भी नहीं सुनेगा।” उन्होंनेकेजरीवाल से अपील की कि झूठी राजनीति बंद करें और जनता को गुमराह न करें। शाह ने केजरीवाल पर लगाया झूठे प्रचार का आरोपशाह ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार व्हाट्सएप, फोन कॉल और विज्ञापनों के जरिए झूठ फैलाकर चुनावी माहौल को खराब कर रही है।उन्होंने इसे सार्वजनिक जीवन का ह्रास बताते हुए आलोचना की। बीजेपी ने क्या किया वादा?अमित शाह ने कहा कि बीजेपी ने हमेशा अपने वादों को पूरा किया है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बीजेपी कोमौका देकर विकास और कल्याण की योजनाओं को आगे बढ़ाने का समर्थन करें।

भारत के गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो बने मुख्य अतिथि

भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शनिवार को राष्ट्रपतिसुबियांतो भारत पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका औपचारिक स्वागत किया। भारत के गणतंत्र दिवस में मुख्यअतिथि के रूप में शामिल होने वाले वह इंडोनेशिया के चौथे राष्ट्रपति हैं। दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ताशनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक हुई। इसदौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति सुबियांतो का स्वागत करते हुए कहा कि यह हमारे लिए गर्वकी बात है कि भारत के 76वें गणतंत्र दिवस के मौके पर इंडोनेशिया एक बार फिर इस ऐतिहासिक समारोह का हिस्सा बना। संबंधों को मजबूत बनाने पर जोरप्रधानमंत्री मोदी ने संबोधन में बताया कि भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को 2018 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। अबइन संबंधों को और मजबूत करने के लिए रक्षा, साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-निरोध और डी-रेडिकलाइजेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग कोप्राथमिकता दी जा रही है। खास समझौते पर हस्ताक्षरप्रधानमंत्री ने बताया कि समुद्री सुरक्षा, अपराध रोकथाम, खोज एवं बचाव और क्षमता निर्माण जैसे मुद्दों पर भारत और इंडोनेशिया के बीच आज एकसमझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता दोनों देशों के सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। पीएम मोदी ने यह भीबताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार में भी पिछले कुछ वर्षों में तेजी से वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष यह व्यापार 30 अरब डॉलर से अधिक हो गया था। इंडोनेशियाई राष्ट्रपति ने जताई कृतज्ञताराष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने भारत में मिले सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह मेरी पहली राजकीय यात्रा है, और भारत में मिलेइस सम्मान के लिए मैं अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के साथ मेरी गहन और स्पष्ट चर्चा हुई।” दोनों देशों के बीच बढ़ते संतोष पर चर्चाराष्ट्रपति सुबियांतो ने भारत और इंडोनेशिया के बीच बढ़ते सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों के लिए नएअवसर लेकर आएगी और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में भी मदद करेगी।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आप के बीच बढ़ी सियासी जंग,आप के नए पोस्टर में राहुल का नाम

दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब तक की सियासी घटनाओं में एक नया मोड़ आ गया है। इंडिया गठबंधन के दो प्रमुख घटक दल, आम आदमी पार्टी(आप) और कांग्रेस, अब एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस ने एक ऑडियो जारी किया है, जिसमें आम आदमी पार्टी के कुछ नेताओं कानाम शराब घोटाले में लिया गया है। वहीं, आप ने कांग्रेस के सबसे बड़े नेता राहुल गांधी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। दोनों पार्टियों के बीच यहआरोप-प्रत्यारोप का दौर चुनावी माहौल को और भी गर्म कर रहा है, और यह सुनिश्चित हो गया है कि इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव में राजनीतिऔर आरोपों का स्तर पहले से कहीं अधिक ऊंचा होगा। कांग्रेस का AAP पर वारकांग्रेस ने दिल्ली में शराब घोटाले से जुड़ा एक ऑडियो क्लिप जारी किया है, जिसमें दावा किया गया है कि आम आदमी पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता इसघोटाले में शामिल हैं। कांग्रेस ने इस ऑडियो को आधार बनाते हुए आरोप लगाया कि आप ने दिल्ली में शराब नीति में गड़बड़ी की और इसके जरिएकरोड़ों रुपये की घोटालेबाजी की है। कांग्रेस ने कहा कि यह घोटाला केवल आम आदमी पार्टी के नेताओं के लाभ के लिए किया गया था, और अबइस मामले की गहराई से जांच की जानी चाहिए। कांग्रेस के नेता यह भी आरोप लगा रहे हैं कि केजरीवाल सरकार के संरक्षण में इस घोटाले कोअंजाम दिया गया। कांग्रेस का यह भी कहना है कि दिल्ली सरकार की शराब नीति में कई ऐसे अनुशासनहीनियां और भ्रष्टाचार के संकेत हैं, जिन्हें नजरअंदाज किया गयाहै। पार्टी ने यह आरोप भी लगाया कि जिन अधिकारियों ने घोटाले में संलिप्तता की थी, उन्हें संरक्षण दिया गया। कांग्रेस ने दावा किया कि अगरदिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार सही है, तो वह इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखानी चाहिए। AAP ने राहुल के खिलाफ जारी किया पोस्टरइसी बीच, आम आदमी पार्टी ने एक पोस्टर जारी किया है, जिसमें कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आप ने पोस्टर मेंलिखा है, “राहुल गांधी को नहीं छोड़ेंगे”, और उन्हें भ्रष्ट करार दिया है। आप ने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह पिछले कई वर्षों सेभ्रष्टाचार में लिप्त हैं, और अब इस चुनावी प्रचार के जरिए उन्होंने अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए नए तरीके अपनाए हैं। आप का कहना है कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है और राहुल गांधी की अध्यक्षता में पार्टी ने कभी भी सच्चाई का सामना नहींकिया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीति के चलते देश और राज्य में भ्रष्टाचार का खात्मा नहीं हो पाया। आप ने कांग्रेस पर निशानासाधते हुए कहा कि वह अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए आम आदमी पार्टी को बदनाम करने में लगी हुई है। कांग्रेस और AAP के बीच सियासी बयानबाजीदिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच इस तरह के आरोपों का सिलसिला पहले भी देखा गया है, लेकिन इस बार इनआरोपों का स्वरूप ज्यादा तीव्र हो गया है। दोनों पार्टियां अब एक-दूसरे के खिलाफ न केवल शब्दों से हमला कर रही हैं, बल्कि उन्होंने गंभीर आरोपोंका भी सामना किया है। कांग्रेस जहां एक ओर आप सरकार पर शराब घोटाले में शामिल होने का आरोप लगा रही है, वहीं आप ने राहुल गांधी केखिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। इस संघर्ष में एक ओर जहां आम आदमी पार्टी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में चुनावी मैदान में है, वहीं कांग्रेस पार्टी के चुनाव प्रचार कीकमान पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के हाथ में है। दोनों दलों के बीच यह आरोप-प्रत्यारोप का खेल न केवल दिल्ली की राजनीति को प्रभावित कर रहा है, बल्कि यह दिल्ली के मतदाताओं को भी काफी प्रभावित कर सकता है। चुनाव पर क्या असर पड़ेगा?दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और आप के बीच के इस सियासी संघर्ष का चुनाव परिणाम पर बड़ा असर पड़ सकता है। जहां एक ओर आमआदमी पार्टी भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोपों से बचने के लिए चुनावी प्रचार में जुटी हुई है, वहीं कांग्रेस इन आरोपों के जरिए आप को कमजोर करनेका प्रयास कर रही है। अब यह देखना होगा कि इन आरोपों के बाद दिल्ली के मतदाता किसे सही मानते हैं और किसे सत्ता में लाते हैं। क्या आम आदमी पार्टी इस आरोप-प्रत्यारोप की प्रक्रिया से बच पाएगी या कांग्रेस को सत्ता में आने का एक और मौका मिलेगा, यह सवाल चुनाव के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

कोलकाता रेप केस: पीड़िता की फैमिली ने लगाए आरोप, पुलिस और अस्पताल ने सबूत मिटाने की कोशिश की, सीएम जिम्मेदारी से बच नहींसकती

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 31 वर्षीय महिला डॉक्टर के साथ हुई बलात्कार और हत्या की घटना के बाद, पीड़ितपरिवार ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य सरकारी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक डॉक्टर के माता-पिता का कहनाहै कि राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों ने अपराध के सबूतों को नष्ट करने के प्रयास किए और मामले में शामिल मुख्य षड्यंत्रकारियों को बचानेकी कोशिश की। पीड़िता की फैमिली के आरोपमृतक डॉक्टर की मां ने एक प्रमुख बंगाली टीवी चैनल से बातचीत करते हुए आरोप लगाया कि कोलकाता पुलिस, अस्पताल प्रशासन और सत्तारूढ़तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने इस घिनौनी घटना को दबाने की कोशिश की। उनका कहना था कि इन अधिकारियों का उद्देश्य सच्चाई को सामने आनेसे रोकना था, ताकि जिम्मेदार लोगों को बचाया जा सके। मृतका के शव को पिछले साल 9 अगस्त को आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल मेंपाया गया था। उन्होंने यह भी कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पुलिस प्रशासन को इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से भागने का कोई अधिकार नहीं है। यह घटनासरकारी अधिकारियों की विफलता का परिणाम है और उन्हें इसे स्वीकार करना होगा।’’ मामले में आगे की कार्रवाईइस मामले में सीबीआई ने संजय रॉय को दोषी ठहराया और उसकी फांसी की सजा की मांग करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है।सीबीआई ने मामले में बड़ी साजिश के पहलू को नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया है। 20 जनवरी को, निचली अदालत ने संजय रॉय कोबलात्कार और हत्या मामले में मृत्यु तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। कलकत्ता हाई कोर्ट में इस याचिका पर 27 जनवरी को सुनवाई होने वाली है। न्यायमूर्ति देबांगसु बसाक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सीबीआई कीअपील पर सुनवाई का दिन तय किया है, साथ ही पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दायर एक याचिका पर भी सुनवाई की जाएगी, जिसमें फांसी की सजाकी मांग की गई है। कुणाल घोष की प्रतिक्रियातृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने इस मामले में पीड़ित परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसालगता है कि ये टिप्पणियां कुछ ताकतों द्वारा प्रेरित हैं जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस को बदनाम करना चाहती हैं।’’ कुणाल घोष नेयह भी कहा कि इस तरह के आरोप केवल राजनीतिक साजिश के तहत लगाए जा रहे हैं, ताकि राज्य सरकार और मुख्यमंत्री की छवि को धूमिल कियाजा सके। मामले का राजनीतिक पहलूइस घटना के बाद राज्य में राजनीति गर्मा गई है। जहां एक ओर पीड़ित परिवार आरोप लगा रहा है कि सरकारी अधिकारियों ने सच्चाई को दबाने कीकोशिश की, वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस इस पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बता रही है। इस विवाद ने केवल कानूनी मामलों को ही नहींबल्कि राज्य की राजनीति को भी प्रभावित किया है।

बीजेपी उम्मीदवार प्रवेश वर्मा ने यमुना में डुबोया केजरीवाल का कट-आउट, प्रदूषण पर किया कटाक्ष

दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीति गरमा गई है, और चुनावी मैदान में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और आम आदमी पार्टी (AAP) केबीच तीखी बयानबाजी जारी है। इस कड़ी में बीजेपी उम्मीदवार प्रवेश वर्मा ने एक सनसनीखेज कदम उठाया। शनिवार को उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्रीअरविंद केजरीवाल के एक कट-आउट को यमुना नदी में डुबो दिया, जिसके बाद यह घटना सुर्खियों में आ गई। प्रवेश वर्मा का यह कदम यमुना नदी केप्रदूषण को लेकर केजरीवाल सरकार की नाकामी पर तीखा प्रहार था। केजरीवाल के कट-आउट में लिखा संदेशप्रवेश वर्मा ने जिस कट-आउट को यमुना नदी में डुबोया, उस पर एक संदेश लिखा हुआ था: “मैं असफल हो गया, मुझे वोट मत देना, मैं 2025 तकयमुना को साफ नहीं कर सकता।” इस संदेश के जरिए उन्होंने केजरीवाल पर दिल्ली की यमुना नदी को साफ करने के वादे में विफलता का आरोपलगाया। केजरीवाल ने 2015 में दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने के बाद यमुना को साफ करने का वादा किया था, लेकिन प्रदूषण और सफाई में सुधार कीदिशा में कोई खास बदलाव नहीं आया है। यमुना प्रदूषण और केजरीवाल सरकार की आलोचनाप्रवेश वर्मा ने यह कदम यमुना नदी के प्रदूषण को लेकर केजरीवाल सरकार की आलोचना करते हुए उठाया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल नेदिल्लीवासियों को यमुना को साफ करने का आश्वासन दिया था, लेकिन पिछले कई वर्षों में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। वर्मा ने कहा, “केजरीवाल ने चुनावों में हमेशा यमुना को साफ करने का वादा किया, लेकिन वह अपनी बातों में सच्चे नहीं साबित हुए। आज यमुना की हालत बद सेबदतर हो चुकी है और इसके लिए केजरीवाल जिम्मेदार हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो वे यमुना को साफ करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और दिल्ली के पर्यावरण कोसुधारने की दिशा में काम करेंगे। वर्मा और केजरीवाल के बीच मुकाबलाप्रवेश वर्मा और अरविंद केजरीवाल दिल्ली के नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं। यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्णहै, क्योंकि नई दिल्ली क्षेत्र दिल्ली का एक प्रमुख और उच्च प्रोफाइल विधानसभा क्षेत्र है। यहां की चुनावी लड़ाई में भाजपा और आम आदमी पार्टीदोनों के लिए प्रतिष्ठा की दांव पर लगी है। वर्मा ने केजरीवाल के कट-आउट को यमुना नदी में डुबोने के बाद दावा किया कि दिल्ली की जनता अबबदलाव चाहती है और भाजपा को सत्ता में लाकर ही यमुना को साफ किया जा सकता है। दूसरी तरफ, केजरीवाल ने वर्मा के आरोपों का जवाब देतेहुए कहा कि उनकी सरकार ने यमुना के लिए कई योजनाएं बनाई हैं, लेकिन केंद्र सरकार की अनदेखी के कारण कुछ भी सफल नहीं हो पाया। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025दिल्ली विधानसभा के आगामी चुनावों में पांच फरवरी को मतदान होगा और वोटों की गिनती 8 फरवरी को की जाएगी। इन चुनावों में भाजपा, कांग्रेसऔर आम आदमी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के नागरिकों के लिए कईयोजनाओं की घोषणा की है, जबकि भाजपा ने केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली के विकास को आगे बढ़ाने का वादा किया है। प्रवेश वर्मा औरअरविंद केजरीवाल के बीच बढ़ती सियासी तनातनी को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचार और प्रचारकरणनीतियों का मुकाबला न सिर्फ दिल्ली की जनता के लिए, बल्कि देशभर के राजनैतिक माहौल के लिए भी एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकताहै। यमुना के प्रदूषण पर सियासत तेजयमुना नदी का प्रदूषण दिल्ली की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। यह नदी सालों से गंदगी और प्रदूषण का शिकार रही है, और कई बार इस मुद्देपर सरकारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं। दिल्ली सरकार ने इस समस्या को हल करने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं, लेकिन धरातल परकिसी भी योजना का प्रभावी कार्यान्वयन नजर नहीं आया है।कांग्रेस और भाजपा दोनों ने यमुना को साफ करने के मुद्दे पर केजरीवाल सरकार को घेरनेकी कोशिश की है, और अब प्रवेश वर्मा के इस कदम ने इस मुद्दे को फिर से सार्वजनिक बहस में ला दिया है।

जम्मू-कश्मीर के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस: ट्रायल रन पूरा, जल्द शुरू होगा संचालन

जम्मू-कश्मीर के लोग वंदे भारत एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे हैं और अब उनका इंतजार लगभग खत्म हो चुका है। इस ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वकपूरा हो चुका है। खास बात यह है कि यह ट्रेन दुनिया के सबसे ऊंचे पुल से होकर गुजरी है और इसे कश्मीर की सर्दी के हिसाब से विशेष रूप सेडिजाइन किया गया है। इसके अलावा, ट्रेन में अत्याधुनिक सुविधाओं का समावेश किया गया है। खास पुलों से गुजरेगी ट्रेनभारतीय रेलवे ने श्री माता वैष्णो देवी रेलवे स्टेशन कटरा से श्रीनगर तक वंदे भारत एक्सप्रेस का ट्रायल रन पूरा किया। इस दौरान ट्रेन ने अंजी खाद पुलऔर चिनाब ब्रिज जैसे महत्वपूर्ण संरचनाओं को पार किया। अंजी खाद पुल भारत का पहला केबल-आधारित रेल पुल है, जबकि चिनाब ब्रिज दुनियाका सबसे ऊंचा रेलवे पुल है। वंदे भारत ट्रेन में ऐसी विशेषताएं जोड़ी गई हैं, जो कश्मीर की ठंडी और खराब मौसम की स्थिति में यात्रियों को राहतप्रदान करेंगी। विशेष डिजाइन से तैयार की गई है ट्रेनकटरा-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन, वंदे भारत का एक अपडेटेड वर्जन है जिसे खासतौर पर कश्मीर घाटी के मौसम को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गयाहै। जम्मू डिवीजन को कश्मीर से जोड़ने के लिए बनिहाल-कटरा ब्लॉक में फाइनल सेफ्टी इंस्पेक्शन भी शुरू हो चुका है। इस ब्लॉक में 97 किलोमीटरलंबी टनल और कुल 7 किलोमीटर लंबे 4 पुल बनाए गए हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस की खासियतेंवंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की विशेषताएं अन्य ट्रेनों से बहुत अलग हैं। इसमें विशेष रूप से कश्मीर घाटी के मौसम को ध्यान में रखते हुए उन्नत हीटिंगसिस्टम और जलवायु नियंत्रण सुविधाएं दी गई हैं। ट्रेन में ‘विंडशील्ड’ (आगे वाला शीशा) में भी हीटिंग की सुविधा है, जो चालक के सामने की धुंधको पिघला देती है, जिससे कड़ाके की सर्दी में भी स्पष्ट विजिबिलिटी बनी रहती है। समय और किरायावंदे भारत एक्सप्रेस की यात्रा से यात्री समय की बचत कर सकेंगे। यह ट्रेन कटरा से श्रीनगर तक की 160 किलोमीटर से अधिक दूरी महज 30 घंटे 10 मिनट में तय करेगी। ट्रेन सुबह 8:10 बजे कटरा से निकलेगी और रात 11:20 बजे श्रीनगर पहुंचेगी। वहीं श्रीनगर से यह ट्रेन 12:45 बजे निकलेगीऔर 3:55 बजे कटरा पहुंचेगी। वहीं ट्रेन के टिकट कीमत का अनुमान लगाया जा रहा है। एसी चेयर कार का किराया 1500-1600 रुपये के बीच हो सकता है, जबकि एक्जीक्यूटिवचेयर कार का किराया 2200-2500 रुपये तक हो सकता है। प्रधानमंत्री मोदी की हरी झंडीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ट्रेन को कटरा से हरी झंडी दिखा सकते हैं। हालांकि, पीएम मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाने की तारीख अभी तक तय नहीं कीगई है।

11 राज्यों में कोहरे का अलर्ट, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में बर्फबारी थमी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के 11 राज्यों में घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी दी है। इनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं। अगले कुछ दिनों तक इन क्षेत्रों में ठंड और कोहरे काप्रकोप बने रहने की संभावना है। सतर्कता के उपायकोहरे की वजह से दृश्यता में कमी आने से सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को धीमी गति से गाड़ी चलाने औरफॉग लाइट्स का उपयोग करने की सलाह दी गई है।कोहरे के स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं, खासकर अस्थमा और हृदय रोगियों के लिए। लोगों को गर्म कपड़े पहनने, घर में रहने और गर्मपेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। जम्मू कश्मीर और हिमाचल में हालात?हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी हुई थी। हालांकि अब इन क्षेत्रों में मौसम स्थिर हो रहा है और बर्फबारी थम गई है।जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है, लेकिन तापमान में गिरावट के कारण ठंड का असर जारी है। ठंड और कोहरे का असरमौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना जताई है।इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है। हालांकि, कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। प्रशासन की तैयारियांराज्य सरकारों और प्रशासन ने कोहरे और शीतलहर से निपटने के लिए खास इंतजाम किए हैं। बता दें कि सड़कों पर एंटी-फॉग लाइट्स और संकेतकलगाए जा रहे हैं। रैन बसेरों में बेघर लोगों के लिए कंबल, गर्म कपड़े और भोजन की व्यवस्था की गई है। साथ ही आपातकालीन सेवाओं को सतर्करखा गया है। कृषि पर असरकोहरा और शीतलहर आलू, गेहूं, मटर और सरसों जैसी फसलों पर पाला (फ्रॉस्ट) का असर डाल सकते हैं। कृषि विशेषज्ञ किसानों को फसलों कीसिंचाई और मल्चिंग का सुझाव दे रहे हैं, जिससे मिट्टी की नमी बनी रहे और फसलों को पाले से बचाया जा सके। स्वास्थ्य पर प्रभाव और बचाव के उपायशीतलहर और कोहरे से सांस संबंधी बीमारियां बढ़ सकती हैं। बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग अधिक प्रभावित हो सकते हैं। वहीं गर्म कपड़ेपहनें और घर के अंदर रहें। साथ ही संतुलित आहार और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें। यात्रा के दौरान सावधानियांघने कोहरे के चलते सड़क और रेल यात्राएं प्रभावित हो सकती हैं।वाहन चलाते समय धीमी गति रखें और फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करें।ट्रेन औरहवाई यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले अपडेट की जांच करनी चाहिए, क्योंकि देरी और रद्द होने की संभावना बनी हुई है।

मुंबई हमलों के दोषी तहव्वुर राणा का भारत प्रत्यर्पण तय, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी

2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो गया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राणा की याचिकाखारिज कर दी है, जिससे भारत को उसे लाने की प्रक्रिया तेज करने में मदद मिलेगी। कौन है राणा?तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जो फिलहाल लॉस एंजिल्स की जेल में कैद है। राणा पर 26/11 हमलों की साजिश रचनेवाले डेविड कोलमैन हेडली के साथ षड्यंत्र रचने और समर्थन प्रदान करने का आरोप है। हेडली ने लश्कर-ए-तैयबा के लिए मुंबई के विभिन्न स्थानों कीरेकी की थी, जो इन हमलों में अहम भूमिका निभाते थे।कब हुआ था मुंबई हमला26 नवंबर 2008 को, 10 आतंकवादियों ने समुद्र के रास्ते मुंबई में प्रवेश किया और कई अहम स्थानों पर हमले किए। इनमें ताज होटल, ओबेरॉयट्राइडेंट, नरीमन हाउस, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, और कामा अस्पताल जैसे स्थल शामिल थे। इन हमलों में 175 लोग मारे गए, जिनमें 9 आतंकवादीभी थे। एकमात्र जीवित पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब को 2012 में फांसी दी गई थी। राणा के कानूनी लड़ाईतहव्वुर राणा ने भारत प्रत्यर्पण से बचने के लिए अमेरिकी अदालतों में कई अपीलें कीं। उसने ‘दोहरे खतरे के सिद्धांत’ का हवाला देते हुए यह तर्क दियाकि उसे अमेरिका में इसी अपराध से जुड़ी सुनवाई के लिए बरी किया जा चुका है। लेकिन अमेरिकी सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को समझाया कि भारतमें उस पर मुकदमा चलाने से इस सिद्धांत का उल्लंघन नहीं होगा। आखिरकार, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राणा की याचिका खारिज कर दी, जिससे उसके भारत प्रत्यर्पण का मार्ग साफ हो गया। भारत के लिए क्या है महत्व?भारत कई वर्षों से राणा के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा था। उसके भारत लाए जाने के बाद जांच एजेंसियां हमले की साजिश और इसमें शामिल अन्यलोगों की भूमिका की गहराई से पड़ताल कर सकेंगी। आगे की कानूनी प्रक्रियाराणा को भारत लाने के लिए अब दोनों देशों के अधिकारी समन्वय करेंगे। प्रत्यर्पण के बाद, उस पर भारतीय अदालतों में मुकदमा चलाया जाएगा।यह मामला आतंकवाद के खिलाफ भारत और अमेरिका के सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है और भविष्य में दोनों देशों के बीच सुरक्षा साझेदारीको और मजबूत करेगा। न्याय की ओर एक और कदमराणा का भारत प्रत्यर्पण न केवल 26/11 हमले के पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि यह वैश्विक स्तर परआतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख का भी प्रतीक है। यह दर्शाता है कि आतंकवाद के दोषियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदायएकजुट है।

यूपी कांग्रेस मुख्यालय में कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती पर कांग्रेस ने अर्पित की श्रद्धांजलि

बिहार राज्य के दूसरे उपमुख्यमंत्री और दो बार मुख्यमंत्री रहे स्वतंत्रता सेनानी कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय परश्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष श्री दिनेश सिंह ने कर्पूरी ठाकुर जी की तस्वीर पर पुष्पअर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कर्पूरी ठाकुर का जीवन और संघर्षश्री दिनेश सिंह ने कर्पूरी ठाकुर जी के जीवन की प्रमुख घटनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कर्पूरी ठाकुर जी का जन्म समस्तीपुर जिले केपितौंझिया गांव (अब कर्पूरी ग्राम) में हुआ था। कर्पूरी जी ने 1940 में पटना विश्वविद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा पास की। इसके बाद 1942 मेंभारतीय स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े और 26 महीने तक भागलपुर के कैंप जेल में बंद रहे। 1945 में रिहा होने के बाद उन्होंने 1948 में आचार्य नरेंद्रदेव और जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में समाजवादी आंदोलन में भाग लिया और प्रादेशिक मंत्री बने। दलित वर्ग के लिए जीवन समर्पित कियाश्री सिंह ने कर्पूरी ठाकुर जी की कड़ी मेहनत और संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि वे हमेशा दलित, शोषित और वंचित वर्ग के उत्थान के लिएकार्य करते रहे। उनके सरल स्वभाव, स्पष्ट विचार और दृढ़ इच्छाशक्ति ने लोगों को उनकी ओर आकर्षित किया। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद बिहारमें हुए विकास को हमेशा याद किया जाएगा। कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलिइस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता डॉ. सुधा मिश्रा, प्रो. आर.बी. बौद्ध, चेतराम भारती, हर्ष, तुषार, सुबोध सहाय, ओ.पी. शर्मा, देवेन्द्र सिंह चौहान सहित अन्य नेताओं ने भी कर्पूरी ठाकुर जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

कांग्रेस का आरोप: पीएम मोदी के कार्यकाल में रुपये की कीमत में ऐतिहासिक गिरावट

रूपये पर राजनीतिक घमासान: कांग्रेस ने लगाया आरोप, सुर्पिया श्रीनेत बोली– डॉलर के सामने रूपये का शतक लगवाकर ही मनाएंगे पीएम कांग्रेस पार्टी ने डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी की सोशल मीडियाप्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने इस पर तंज करते हुए कहा कि पीएम मोदी तब तक संतुष्ट नहीं होंगे, जब तक रुपये का शतक नहीं लगता। उन्होंने कहा किवर्तमान सरकार के शासन में रुपये का मूल्य 50% गिर चुका है और रिजर्व बैंक की लाख कोशिशों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा। रुपए की गिरावट पर कांग्रेस का हमलासुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “रुपया लगातार गिरता जा रहा है और इसे ढूंढने के लिए अब मैग्निफाइंग ग्लास की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी को यहसमझाना चाहिए कि रुपये का शतक नहीं, बल्कि रुपये को संभालना है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि रुपये का मूल्य 87 के आसपास जा सकता है, जोकि चिंता का विषय है। पिछले वर्षों में रुपये का अवमूल्यनसुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी की एक पुरानी टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि एक प्रमुख अर्थशास्त्री ने कहा था कि जैसे-जैसे रुपया गिरता है, वैसे-वैसे प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा भी गिरती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब नरेंद्र मोदी मई 2014 में प्रधानमंत्री बने थे, तब डॉलर के मुकाबलेरुपये की कीमत 58 थी, जो अब बढ़कर 87 तक पहुंच गई है।रिजर्व बैंक पर भी जताया संदेहकांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि रुपये को बचाने के लिए रिजर्व बैंक ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। 2024 में विदेशी मुद्रा भंडार 704 अरब डॉलरथा, लेकिन इसके बाद 80 अरब डॉलर खर्च किए गए हैं। बावजूद इसके रुपये की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाया है। कांग्रेस ने पीएम पर लगाए आरोपसुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी रुपये के मूल्य को गिराने में पूरी तरह से जुटे हुए हैं। उनका कहना था, “ऐसा लग रहा है जैसेप्रधानमंत्री रुपये की गिरावट को बढ़ावा दे रहे हैं और रुपये को 87 तक ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं। अब सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिएकि रुपये की स्थिरता के लिए कौन से कदम उठाए जा रहे हैं।” रुपये की स्थिरता की मांगकांग्रेस ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री को रुपये की गिरावट को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि देश की अर्थव्यवस्था और आमनागरिक की स्थिति पर इसका नकारात्मक असर न पड़े।