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कोटरंका के बधाल गांव में रहस्यमय बीमारी से 17 मौतें, स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया

कोटरंका के बधाल गांव में तीन परिवारों के 17 सदस्यों की रहस्यमय बीमारी से मौत के बाद क्षेत्र में मेडिकल अलर्ट जारी कर दिया गया है। इनमें सेआठ मौतें अकेले 12 जनवरी के बाद हुई हैं। इस संकट को देखते हुए जीएमसी राजौरी के सभी डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। आइसोलेशन सेंटर में शिफ्ट किए गए करीबी रिश्तेदारशनिवार को, पीड़ित परिवारों के लगभग 200 करीबी रिश्तेदारों को एक आइसोलेशन सेंटर में शिफ्ट किया गया। इसके अलावा, कुछ अन्य ग्रामीण भीविभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं, और वे सामूहिक मौतों के कारणों का पता लगाने के लिए की जा रही जांच में शामिल हैं। अधिकारियों ने संदिग्धविषाक्त पदार्थों (जहरीले पदार्थों) के कारणों की पहचान करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। गांव को सुरक्षित रखने पर जोररहस्यमय मौतों के बाद, बधाल गांव को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। इसके तहत, सभी सार्वजनिक और निजी समारोहों पर निषेधाज्ञा लगादी गई है। जीएमसी राजौरी के प्रिंसिपल डॉ. अमरजीत सिंह भाटिया ने बताया कि मेडिकल अलर्ट की स्थिति से निपटने के लिए सर्दियों की छुट्टियां भीरद्द कर दी गई हैं। अतिरिक्त मेडिकल छात्रों की तैनातीजम्मू-कश्मीर सरकार ने स्वास्थ्य स्थिति को संभालने के लिए जीएमसी राजौरी में 10 अतिरिक्त मेडिकल छात्रों की प्रतिनियुक्ति की है। यह कदममेडिकल सेटअप को मजबूत करने और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। अभी भी जांच जारीअधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय टीम और पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। मोहम्मद फजल, मोहम्मद असलम और मोहम्मद रफीकके परिवारों के चार वयस्कों और 13 बच्चों की रहस्यमय बीमारी के कारण मौत हुई थी। जांच के दौरान, मृतकों के नमूनों में कुछ न्यूरोटॉक्सिन पाए गएहैं, जिसके बाद 11 सदस्यीय एसआईटी ने आपराधिक पहलू की जांच भी शुरू की। अब तक 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।

एम मोहन को इसरो के लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर का निदेशक नियुक्त किया गया

इसरो के अध्यक्ष ने विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) के प्रसिद्ध वैज्ञानिक और वर्तमान निदेशक (परियोजनाएं) एम मोहन को लिक्विडप्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर (LPSC) का निदेशक नियुक्त किया है। इससे पहले, मोहन जून 2023 से जून 2024 तक मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र(HSFC) के निदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं। महत्वपूर्ण परियोजनाओं में भूमिकाआधिकारिक जानकारी के अनुसार, एम मोहन ने जीएसएलवी (GSLV) कार्यक्रम के परियोजना निदेशक के रूप में भी कार्य किया है। उन्होंने 2018 में दो सफल मिशनों- जीएसएलवी-एफ8/जीसैट-6ए और जीएसएलवी-एफ11/जीसैट-7ए की देखरेख की। इसके अलावा, वह 2008 में चंद्रयान-1 मिशन के तहत मून इम्पैक्ट प्रोब (MIP) परियोजना के सिस्टम लीडर थे, जिसने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को चंद्रमा की सतह पर स्थापित किया था। अलाप्पुझा के निवासी हैं एम मोहनएम मोहन, जो अलाप्पुझा (केरल) के निवासी हैं, ने इसरो में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। इनमें क्रायोजेनिक अपर स्टेज (CUS) केपरियोजना निदेशक, एलपीएससी में सामग्री और विनिर्माण इकाई के उप निदेशक, और वीएसएससी में स्पेस कैप्सूल रिकवरी प्रोजेक्ट (SRE-2) केपरियोजना निदेशक शामिल हैं। एम मोहन को मिले पुरस्कार और सम्मानएम मोहन को उनके कार्यों के लिए कई पुरस्कार मिल चुके हैं। 2016 में उन्हें इसरो प्रदर्शन उत्कृष्टता पुरस्कार और 2010 में इसरो मेरिट पुरस्कार सेसम्मानित किया गया। वे एयरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के फेलो हैं और कई पेशेवर निकायों के आजीवन सदस्य भी हैं, जिनमें सोसाइटी ऑफएयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियर्स (SAME), हाई एनर्जी मैटेरियल्स सोसाइटी ऑफ इंडिया (HEMSI), और इंडियन सोसाइटी फॉर एयरोस्पेस एंडरिलेटेड मैकेनिज्म (INSARM) शामिल हैं।

AICC ने भाजपा की नफ़रती फ़िल्म को लेकर चुनाव आयोग से की कार्रवाई की मांग, बीजेपी और AAP से भी किए सवाल, जानिए पूरामामला

कांग्रेस पार्टी ने 25 जनवरी 2025 को चुनाव आयोग से शिकायत की है कि भाजपा द्वारा प्रचारित फ़िल्म ‘दिल्ली 2020’ को दिल्ली विधानसभाचुनाव से ठीक पहले रिलीज किया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि यह फ़िल्म भ्रामक और ग़लत घटनाओं का चित्रण करती है, जिसका मुख्यउद्देश्य विशेष समुदाय के खिलाफ नफ़रत फैलाना है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से अपील की है कि इस फ़िल्म की रिलीज़ को चुनावी प्रक्रिया कीनिष्पक्षता को बनाए रखने के लिए स्थगित किया जाए। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा अपने चुनावी उम्मीदवारों और अभियान पर विश्वास न होने के कारण नफ़रती फ़िल्मों का प्रचार कर रही है।साथ ही कांग्रेस ने यह भी पूछा कि क्या अब राजनीतिक दल अपने चुनाव अभियान का हिस्सा बनाकर प्रचार फ़िल्में बनाना शुरू कर देंगे, जिससेचुनावी माहौल में सांप्रदायिक तनाव बढ़े। आज़ादी का अमृत महोत्सव और सांप्रदायिकता का खतरागणतंत्र दिवस के अवसर पर कांग्रेस नेता डॉ. अभिषेक सिंघवी ने कहा कि जब देश अपनी आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, तब दूसरी ओर सत्ताकी भूख ने देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग संविधान की अनदेखी कर समाज मेंसांप्रदायिकता का ज़हर फैला रहे हैं। संविधान की अवहेलना और चुनाव आयोग की निष्क्रियताडॉ. सिंघवी ने संविधान और गणतंत्र दिवस की विडंबना पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस सिर्फ एक राष्ट्रीय पर्व नहीं है, बल्कि यहहमें संविधान की महत्ता और लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहसास कराता है। लेकिन आज सत्ता में बैठे लोग संवैधानिक मूल्यों को रौंदने में लगे हैं। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि चुनाव आयोग का काम निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करनाहै, लेकिन वर्तमान में यह संस्था सत्ता के दबाव में अपनी आँखें मूंदे बैठी हुई है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से किया अनुरोधकांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर अपने राजनीतिक विरोधियों कोबदनाम करने की कोशिश की है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से अपील की है कि सोशल मीडिया पर बिना मंजूरी के चल रहे राजनीतिक विज्ञापनों कोरोका जाए, ताकि चुनावी प्रक्रिया में कोई अनुचित लाभ न उठाया जा सके। बीजेपी और AAP से पूछे सवाल कांग्रेस ने भाजपा से पूछा कि क्या उन्हें अपने उम्मीदवारों और चुनाव अभियान पर विश्वास नहीं है, जिस कारण उन्हें नफ़रती फ़िल्मों का प्रचार करना पड़रहा है। इसके साथ ही कांग्रेस ने यह सवाल भी उठाया कि क्या राजनीतिक दल अब अपने चुनाव अभियान के हिस्से के रूप में प्रचार फ़िल्में बनाना शुरूकर देंगे? कांग्रेस ने AAP से भी सवाल किया कि क्या दिल्ली विधानसभा चुनाव में बिना किसी ठोस आधार के आरोप लगाकर ही जीत हासिल करनेकी कोशिश की जा रही है?

हरियाणा और पंजाब में 26 जनवरी को किसानों का ट्रैक्टर मार्च, अंबाला में मंत्री अनील विज का घर घेरा, बीजेपी कार्यालय के बाहर ट्रैक्टर लगाए

26 जनवरी 2025 को भारत के गणतंत्र दिवस के मौके पर हरियाणा और पंजाब में किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में किसानों ने कृषिकानूनों के खिलाफ अपनी आवाज उठाई और सरकार से इन कानूनों को पूरी तरह से रद्द करने की मांग की। गणतंत्र दिवस के दिन किसानों का यहमार्च राजनीतिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि यह सरकार के खिलाफ किसान आंदोलन का एक मजबूत संदेश था। किसानों का विरोध और मांगेंकृषि कानूनों के खिलाफ चल रहा किसान आंदोलन पिछले कुछ समय से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। किसानों का कहना है कि ये कानूनउनके लिए हानिकारक हैं और उनकी जीवनशैली को प्रभावित करेंगे। खासतौर पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी और अपनी 12 मांगो कोलेकर किसानों ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालकर सरकार को अपनी ताकत का एहसास कराने की कोशिश की। अंबाला में मंत्री अनील विज का घर घेराहरियाणा के अंबाला जिले में किसानों ने राज्य के गृह मंत्री अनील विज के घर का घेराव किया। किसान नेताओं का कहना था कि अनील विज नेहमेशा किसानों के विरोध में बयान दिए थे और उनके द्वारा दिए गए बयान उनके संघर्ष के लिए प्रतिकूल थे। ऐसे में किसान नेताओं ने अपने विरोध कोएक नया मोड़ देने के लिए उनके घर का घेराव किया। इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी, लेकिन किसान अपनी ताकत को दिखाते हुए अनील विजके घर के बाहर भारी संख्या में इकट्ठा हो गए। किसानों का कहना था कि यह घेराव तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनके मुद्दों को गंभीरता से नहींलेती। बीजेपी कार्यालय के बाहर ट्रैक्टर लगाएकिसान संगठनों ने अंबाला और हरियाणा के अन्य हिस्सों में बीजेपी के कार्यालयों के बाहर भी ट्रैक्टरों की तैनाती की। यह कदम बीजेपी के नेतृत्ववाली सरकार के खिलाफ किसानों के गुस्से का प्रतीक था। किसानों ने बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी की और यह संदेश दिया कि वे सरकार केखिलाफ अपनी लड़ाई को जारी रखेंगे। इस प्रदर्शन में किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ अपनी आवाज को मजबूती से उठाया और सरकार सेतत्काल इन कानूनों को रद्द करने की मांग की। पंजाब में भी किसानों ने निकाला ट्रैक्टर मार्चपंजाब में भी किसानों ने 26 जनवरी के दिन व्यापक पैमाने पर ट्रैक्टर मार्च निकाला। अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, जालंधर और अन्य प्रमुख शहरोंमें किसानों ने अपने ट्रैक्टरों के साथ मार्च निकाला। इन किसानों का कहना था कि सरकार उनके मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है, और अगर उनकी मांगेंपूरी नहीं होतीं, तो वे अपनी रणनीतियों को और तेज करेंगे। पंजाब में किसानों का गुस्सा इस कदर बढ़ गया था कि ट्रैक्टर मार्च में भाग लेने वालेकिसानों की संख्या लाखों में पहुंच गई। किसान आंदोलन का असर और पुलिस प्रशासन की तैयारीकिसान आंदोलनों के चलते पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए थे। अंबाला और अन्य शहरों में पुलिस बल तैनात किया गया था।किसानों को किसी भी प्रकार के हिंसक प्रदर्शन से रोकने के लिए पुलिस ने कड़ी निगरानी रखी। हालांकि, किसान नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान शांतिबनाए रखने की अपील की और कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपनी मांगों को शांतिपूर्वक तरीके से सरकार के सामने रखना है। किसान आंदोलन का राजनीतिक असरहरियाणा और पंजाब में किसानों का यह ट्रैक्टर मार्च केवल कृषि कानूनों के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि यह राज्य और राष्ट्रीयराजनीति में भी महत्वपूर्ण संदेश देने वाला था। किसान संगठनों का कहना था कि इस आंदोलन के जरिए वे सरकार से यह साबित करने की कोशिशकर रहे हैं कि उनकी ताकत अब भी बरकरार है और वे अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। विपक्षी दलों ने भी किसानों के इस विरोध प्रदर्शन कासमर्थन किया और सरकार से अपील की कि किसानों की मांगों पर विचार किया जाए। किसानों की तरफ से सरकार को चेतावनीकिसान नेताओं ने 26 जनवरी के ट्रैक्टर मार्च के बाद सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तो उनका आंदोलन और तेज होसकता है। उनका कहना था कि यह ट्रैक्टर मार्च सिर्फ शुरुआत थी, और वे आगे भी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। किसानों का कहना था किसरकार ने उन्हें सुनने का प्रयास नहीं किया है, जिसके कारण आंदोलन और तेज हो सकता है।

पद्म पुरस्कार 2025: सम्मानित हस्तियों की सूची जारी,जानिए कब किसे मिलेगा?

गणतंत्र दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार ने इस साल के पद्म पुरस्कारों की सूची जारी कर दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को 139 पद्म पुरस्कारोंको मंजूरी दी। इन पुरस्कारों में 7 पद्म विभूषण, 19 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। इस बार 23 महिलाएं, 10 विदेशी नागरिक और 13 मरणोपरांत पुरस्कार विजेता सूची में शामिल हैं।पद्म विभूषण विजेताओं के नामपद्म विभूषण से सम्मानित प्रमुख हस्तियों में दुव्वुर नागेश्वर रेड्डी (चिकित्सा), कुमुदिनी लाखिया और लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम (कला), और एमटीवासुदेवन नायर (मरणोपरांत) (साहित्य-शिक्षा) शामिल हैं। इसके अलावा भोजपुरी गायिका शारदा सिन्हा (मरणोपरांत) और सुजुकी कंपनी के ओसामुसुजुकी (मरणोपरांत) को भी यह सम्मान प्रदान किया गया। पद्म भूषण विजेताओं की सूचीपद्म भूषण पाने वालों में साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में बिबेक देबरॉय, सामाजिक कार्यों में साध्वी ऋतंभरा, और खेल के क्षेत्र में पीआर श्रीजेश कानाम प्रमुख है। अन्य विजेताओं में रामबहादुर राय (पत्रकारिता), शेखर कपूर (कला), और कैलाश नाथ दीक्षित (पुरातत्व) शामिल हैं। पद्म श्री विजेताओं की सूचीपद्म श्री से सम्मानित किए गए प्रमुख नामों में गोवा की स्वतंत्रता सेनानी लीबिया लोबो सरदेसाई, पश्चिम बंगाल के ढाक वादक गोकुल चंद्र डे, औरराजस्थान की लोकगायिका बतूल बेगम शामिल हैं। दिल्ली की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरजा भटला, कुवैत के योग शिक्षक शेख एजे अल सबा, औरब्राजील के वेदांत गुरु जोनास मैसेट को भी इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। प्पीएम ने भी दी बधाईप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए ट्वीट किया, “सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं को बधाई! उनकी उपलब्धियां प्रेरणादायकहैं। इन हस्तियों ने समाज को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है और हमें निस्वार्थ सेवा का महत्व सिखाया है।” पिछले साल का रिकॉर्डपिछले साल 132 पद्म पुरस्कार प्रदान किए गए थे, जिनमें 5 पद्म विभूषण, 17 पद्म भूषण और 110 पद्म श्री शामिल थे। इस बार की सूची मेंविजेताओं की संख्या बढ़कर 139 हो गई है। पद्म पुरस्कारों का महत्व पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं। इन्हें तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाता है: पद्म विभूषण (असाधारण और विशिष्टसेवा के लिए), पद्म भूषण (उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा के लिए), और पद्म श्री (विशिष्ट सेवा के लिए)। ये पुरस्कार समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टयोगदान देने वाले व्यक्तियों को दिए जाते हैं।

दिल्ली विधानसभा चुनाव: केजरीवाल ने बीजेपी सरकार पर लगाया आरोप, बोले- इन्होंने केवल अपने लोगों का कर्ज माफ किया

जैसे-जैसे दिल्ली चुनाव पास आ रहा है, राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज होती जा रही है। रविवार को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आमआदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोपलगाया कि बीते 5 वर्षों में बीजेपी सरकार ने अरबपति उद्योगपतियों के कर्ज माफ कर दिए, जबकि आम जनता के लिए ऐसी कोई राहत नहीं दी। बड़े लोगों का कर्ज माफ हुआअरविंद केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी सरकार ने 400-500 बड़े उद्योगपतियों का करीब 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया। उन्होंने एकउदाहरण देते हुए कहा कि एक व्यक्ति का 46,000 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया। इसके अलावा, 6,500 करोड़ रुपये का कर्ज लेने वालेव्यक्ति को 1,500 करोड़ रुपये देकर रिहा कर दिया गया, और बाकी 5,000 करोड़ रुपये माफ कर दिए गए। बीजेपी आई तो सुविधा बंद कर देगीकेजरीवाल ने जनता को आगाह करते हुए कहा कि यदि बीजेपी सत्ता में आती है और कमल का बटन दबाया जाता है, तो दिल्ली में मुफ्त बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी योजनाएं खत्म कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी का मॉडल केवल अमीरों और उद्योगपतियों को फायदापहुंचाने का है, जबकि AAP का मॉडल गरीबों और आम जनता के कल्याण पर आधारित है। केजरीवाल सरकार का कल्याणकारी मॉडलअरविंद केजरीवाल ने AAP मॉडल की विशेषताएं गिनाते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने दिल्ली में 24 घंटे मुफ्त बिजली, पानी और बेहतरीन स्वास्थ्यसेवाएं उपलब्ध करवाई हैं। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी नीतियां इन कल्याणकारी योजनाओं के खिलाफ हैं। केजरीवाल ने देश को दिया संदेशकेजरीवाल ने इस चुनाव को केवल दिल्ली का नहीं, बल्कि देश के भविष्य का चुनाव बताया। उन्होंने इसे दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई करारदिया। एक ओर जनता का पैसा जनता की भलाई के लिए खर्च करने की सोच है, और दूसरी ओर अरबपतियों के कर्ज माफ करने का मॉडल। टैक्स का सही प्रयोग होना चाहिएकेजरीवाल ने कहा कि देश का हर नागरिक टैक्स देता है, चाहे वह गरीब हो, मिडिल क्लास हो, या जीएसटी के जरिए योगदान दे रहा हो। चुनाव यहतय करेगा कि जनता का पैसा कैसे और कहां खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह चुनाव दिल्ली ही नहीं, पूरे देश की नीतियों और विकास के लिएमहत्वपूर्ण है।

भारत ने मनाया 76वां गणतंत्र दिवस, संविधान और लोकतंत्र का उत्सव

भारत ने 26 जनवरी 2025 को 76वां गणतंत्र दिवस गर्व और उत्साह के साथ मनाया। इस वर्ष भारतीय संविधान के लागू होने की 75वीं वर्षगांठ भीमनाई गई। गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहितकई नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस भव्य आयोजन में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्रीययुद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने तिरंगा फहराया। भारतीय सेना और राज्यों की झलकियांकर्तव्य पथ पर भारतीय सेना की भव्य परेड आयोजित की गई, जिसमें सैन्य दस्तों ने अनुशासन और ताकत का प्रदर्शन किया। परेड में राज्यों औरकेंद्रशासित प्रदेशों की सांस्कृतिक झांकियों ने भी विविधता और परंपराओं की झलक प्रस्तुत की। वायुसेना के फ्लाई-पास्ट ने दिखाया भारत का दमभारतीय वायुसेना के फ्लाई-पास्ट ने गणतंत्र दिवस समारोह को और भी यादगार बना दिया। इसमें राफेल, सुखोई-30, जगुआर, C-130, C-295, C-17, डॉर्नियर-228 और AN-32 जैसे अत्याधुनिक विमानों ने अपनी ताकत दिखाई। विशेष फॉर्मेशनों, जैसे ध्वज, अर्जुन, वज्रंग और त्रिशूल नेदर्शकों को रोमांचित किया। फ्लाई-पास्ट का समापन राफेल विमान द्वारा किए गए शानदार “वर्टिकल चार्ली” मैनूवर से हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमइस वर्ष 5,000 कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया, जिसका शीर्षक था “जयति जय मम भारतम।” विजय चौक से लेकर सी-हैक्सागनतक हुए इस प्रदर्शन में 45 से अधिक नृत्य रूपों की प्रस्तुति दी गई। यह कार्यक्रम भारतीय सांस्कृतिक विविधता और धरोहर का उत्सव था। CRPF की झांकीकर्तव्य पथ पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 148 सदस्यीय महिला टुकड़ी ने शानदार परेड की। इस दल का नेतृत्व असिस्टेंट कमांडेंट ऐश्वर्या जोय एमने किया। यह प्रदर्शन महिलाओं की सुरक्षा बलों में बढ़ती भागीदारी और सशक्तिकरण को रेखांकित करता है। नौसेना की झांकीभारतीय नौसेना की झांकी ने “आत्मनिर्भर भारत” की अवधारणा को प्रदर्शित किया। इस झांकी ने भारत की समुद्री शक्ति और रक्षा क्षमताओं कोदर्शाया, जो देश की सुरक्षा और समुद्री हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। वीरता और बलिदान की कहानियांपरेड में भारतीय सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों और उनके बलिदानों को समर्पित एक झांकी भी शामिल थी। इसमें सूबेदार मुरलीकांत पेटकर और मानदकप्तान जीतू राय जैसे पद्मश्री और खेल रत्न पुरस्कार विजेताओं का योगदान दिखाया गया। इस झांकी ने उन वीर नायकों को सम्मानित किया, जिन्होंनेअपने अद्वितीय योगदान से देश को गौरवान्वित किया। लोकतंत्र दिवस और विविधता का उत्सवगणतंत्र दिवस 2025 का यह भव्य आयोजन भारतीय लोकतंत्र की मजबूती, संविधान के प्रति सम्मान, और विविधता के प्रतीक के रूप में यादगारबना। भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने इस दिन को ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण बना दिया।

76वें गणतंत्र दिवस पर मल्लिकार्जुन खरगे का राष्ट्र के नाम संदेश: संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान

आज पूरा देश 76वा गणतंत्र दिवस मना रहा है, वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देश वासियों को पूरी कांग्रेस पार्टी की तरफ सेबधाई दी। चलिए जानते हैं इस ऑर्टिकल के माध्यम से मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने क्या क्या कहा?। गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर भारतीयराष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से, मैं आप सभी को शुभकामनाएँ देता हूँ। आज हम भारतीय संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं, जो हमारेगणतंत्र की आत्मा है। संविधान निर्माताओं को नमनइस दिन, हम महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुलकलाम आजाद, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सरोजिनी नायडू और उन सभी महान नेताओं को कृतज्ञता और सम्मानपूर्वक याद करते हैं जिन्होंने भारत को एकसमृद्ध गणतंत्र बनाने में योगदान दिया। संविधान सभा के हर सदस्य के प्रति हमारी श्रद्धा है, जिन्होंने इस विविधता भरे देश के लिए एक दूरदर्शीदस्तावेज़ तैयार किया। राष्ट्र रक्षकों और राष्ट्र निर्माताओं का सम्मानहम अपने सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और सुरक्षाकर्मियों को सलाम करते हैं, जिन्होंने देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए अनगिनत बलिदानदिए। वैज्ञानिकों और शिक्षकों का भी आभार, जिनकी मेहनत से भारत ज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी बना। हमारे किसान, श्रमिक, मजदूर, औरकलाकार राष्ट्र निर्माण के आधारस्तंभ हैं। हम उन सभी को धन्यवाद देते हैं, जिनकी कड़ी मेहनत से भारत प्रगति कर रहा है। संविधान पर बढ़ते हमलेयह दिन न केवल जश्न का है, बल्कि संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध होने का भी है। आज, संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं। सत्ताधारी दल नेहमारे स्वायत्त संस्थानों की स्वतंत्रता को बाधित किया है। संघीय ढांचे को कमजोर करते हुए विपक्षी राज्यों के अधिकारों में कटौती की जा रही है।संसद की कार्यक्षमता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। समाजिक और आर्थिक चुनौतियांधार्मिक कट्टरवाद और विभाजनकारी नीतियों ने देश के सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित किया है। कमजोर वर्गों और अल्पसंख्यकों के खिलाफअत्याचार बढ़ रहे हैं। आर्थिक असमानता अपने चरम पर है। संसाधनों का लाभ केवल कुछ खास लोगों तक सीमित है, जबकि आम नागरिकों पर टैक्सका बोझ लगातार बढ़ रहा है। संविधान की रक्षा का संकल्पहम सभी को इस अवसर पर न्याय, समानता, स्वतंत्रता, और बंधुत्व के आदर्शों को संरक्षित करने की शपथ लेनी चाहिए। यह हमारा कर्तव्य है किसंविधान की मूल भावना को बनाए रखें और इसे किसी भी तरह के प्रहार से बचाएँ। जय बापू, जय भीम, जय संविधान।जय हिंद। 

केरल में पत्नी को फोन पर ‘तीन तलाक’ कहना पड़ा महंगा, पति गिरफ्तार

कोल्लम के युवक ने फोन पर कहा ‘तीन तलाक‘केरल के कोल्लम जिले में एक युवक को अपनी पत्नी को फोन पर ‘तलाक, तलाक, तलाक’ कहना भारी पड़ गया। इस घटना के बाद पत्नी ने पुलिसमें शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शनिवार को पुलिस ने मामले की जानकारी साझा की। 14 दिन की न्यायिक हिरासतपुलिस के अनुसार, म्यनागपल्ली के रहने वाले अब्दुल बासित को दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में चावराउपजेल भेजा गया है। अब्दुल पर मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कियागया है। पहली शादी छिपाने का आरोपशिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बासित ने अपनी पहली शादी की जानकारी छिपाकर दूसरा निकाह किया। शादी के बाद वह शिकायतकर्ता कोएक किराए के मकान में लेकर गया, बता दें कि उसकी पहली पत्नी उसके अपने घर में रहे रही थी शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के आरोपशिकायतकर्ता का कहना है कि जब उसे बासित की पहली शादी के बारे में पता चला, तो उसने उससे सवाल किया। इसके बाद बासित ने उसेमानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उसने कथित तौर पर एक और शादी करने की धमकी भी दी। तीन तलाक देकर रिश्ता खत्म करने की कोशिशशिकायत के मुताबिक, दोनों के बीच विवाद के बाद महिला अपने मायके लौट गई। 19 जनवरी को बासित ने उसे फोन पर ‘तीन तलाक’ कहकररिश्ता समाप्त करने की बात कही। इसके बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम का उल्लंघनयह मामला मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 के तहत दर्ज किया गया है। इस अधिनियम के तहत ‘तीन तलाक’ कहनागैर-कानूनी और दंडनीय अपराध है। पुलिस की कार्रवाईपुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अब्दुल बासित फिलहाल चावरा उपजेल में न्यायिक हिरासत में है। पुलिस काकहना है कि मामले की आगे जांच की जा रही है। महिला की लड़ाई ने दिया संदेशयह मामला महिलाओं के अधिकारों और कानून के महत्व को रेखांकित करता है। इस घटना ने यह संदेश दिया है कि कानून का उल्लंघन करने परकिसी को भी सजा का सामना करना पड़ेगा।

बेंगलुरु में क्लीनिकल ट्रायल से जुड़ी संदिग्ध मौत, पुलिस ने शुरू की जांच

33 वर्षीय युवक की संदिग्ध मौतकर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 33 वर्षीय नागेश वीरन्ना की मौत ने हड़कंप मचा दिया है। वह अपने भाई के घर पर मृत पाया गया। इस मामले मेंनागेश के भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें एक आरएंडडी कंपनी के क्लीनिकल ट्रायल को जिम्मेदार ठहराया गया है। क्लीनिकल ट्रायल पर गंभीर आरोपनागेश के भाई रेवन्ना सिद्दप्पा ने आरोप लगाया है कि नागेश ने एक आरएंडडी कंपनी के क्लीनिकल ट्रायल में हिस्सा लिया था। इस दौरान दी गईदवाओं और इंजेक्शनों के दुष्प्रभावों की वजह से उसकी तबीयत बिगड़ी और आखिरकार उसकी मौत हो गई। पुलिस ने दर्ज की शिकायतजलाहल्ली पुलिस ने इस मामले को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 174 (3) के तहत अप्राकृतिक मौत के रूप में दर्ज किया है। एक पुलिसअधिकारी ने कहा कि इस मामले की गहराई से जांच की जा रही है। नागेश था पूरी तरह स्वस्थभाई सिद्दप्पा का कहना है कि नागेश पूरी तरह स्वस्थ था और उसे किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं थी। उसकी स्थिति तभी खराब हुई, जबउसने क्लीनिकल ट्रायल में भाग लिया। दिसंबर में अस्पताल में भर्ती हुआ था नागेशशिकायत के अनुसार, नागेश को पिछले साल दिसंबर में स्वास्थ्य समस्याओं के चलते एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। उसीसमय आरएंडडी कंपनी ने उससे संपर्क कर परीक्षण के तहत दवाएं और इंजेक्शन लेने का प्रस्ताव दिया था। मौत से एक रात पहले खाया था खानाशिकायत में बताया गया कि 21 जनवरी की रात नागेश और उसके भाई ने साथ में खाना खाया। इसके बाद दोनों सोने चले गए। अगले दिन सुबहजब सिद्दप्पा ने नागेश को जगाने की कोशिश की, तो वह नहीं उठा। डॉक्टर ने मृत घोषित कियानागेश को जगाने में असफल होने पर सिद्दप्पा ने तुरंत आरएंडडी कंपनी के डॉक्टर से संपर्क किया। डॉक्टर ने नागेश को उसी अस्पताल में ले जाने कीसलाह दी, जहां वह पहले भर्ती था। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने नागेश को मृत घोषित कर दिया। मामले की जांच जारी नागेश की मौत से जुड़े तथ्यों की जांच बेंगलुरु पुलिस कर रही है। पुलिस आरएंडडी कंपनी के क्लीनिकल ट्रायल और दवाओं के दुष्प्रभावों की गहनपड़ताल कर रही है। नागेश के भाई द्वारा लगाए गए आरोपों को ध्यान में रखते हुए मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।