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दिल्ली आम आदमी पार्टी की नेता प्रियंका कक्कड़ ने बीजेपी व आम आदमी पार्टी पर साधा निशाना, कहा कांग्रेस को मिल रहा बीजेपी कीतरफ से इनाम “जानें क्या है पूरा मामला”

कॉमनबेल्थ मामले में कांग्रेस को क्लीन चिट मिलने पर आम आदमी पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर तीखा हमला बोला है. पार्टी का कहना हैकि कांग्रेस को यह क्लीन चिट दिल्ली में भाजपा का साथ देने का इनाम मिला है. नेशनल हेराल्ड जैसे केस में गांधी परिवार के किसी भी सदस्य कीअभी तक गिरफ्तारी न होना और जमीन घोटालों में कांग्रेस के दामाद का जेल न जाना जैसे मामले बताते हैं कि भाजपा और कांग्रेस बीच आखिरकार मेंक्या जुगलबंदी है. अब कॉमनवेल्थ मामले में ‘मोदी सरकार के तोता’ ईडी द्वारा क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करना इस नूराकुश्ती को सच साबित कर रही है. असल में भाजपा और कांग्रेस चोर-चोर मौसेरे भाई है. इसको लेकर आम आदमी पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा कि हाल ही में दिल्लीमें चुनाव हुए थे. जिसमें कांग्रेस ने भाजपा की भरपूर मदद की थी उसको अब कांग्रेस पार्टी को इसका इनाम मिला है. कांग्रेस के शासनकाल में लगाए गए थे भ्रष्टाचार के आरोपदरअसल इसको लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि आज भाजपा में 90 फीसदी वही लोग हैं जिन पर कांग्रेस के शासनकाल में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपलगे थे. अमित शाह ने हिमंता बिस्वा शर्मा के ऊपर तो पूरी बुकलेट छपवाकर घर-घर बांटी थी. लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद वह साफ होगए और असम के मुख्यमंत्री बन गए. इसी तरह दिल्ली में भी जिस कांग्रेस ने भाजपा की मदद की उसे यह इनाम दिया गया है. इसके बाद प्रियंकाकक्कड़ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल कांग्रेस के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराना चाह रहे थे, तब इसको लेकर कांग्रेस के खिलाफ एफआईआरकी बात उठी थी लेकिन उस समय भाजपा की केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार से एसीबी छीन ली थी. दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने केतीन महीने के अंदर दिल्ली सरकार से केंद्र ने एसीबी छीन ली थी. भाजपा और कांग्रेस दोनों एक ही हैं. आज भाजपा में 90 प्रतिशत वही कांग्रेसीमिलेंगे जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. लेकिन अब उन पर लगे सारे भ्रष्टाचार के आरोप धुल गए हैं और आज वही कांग्रेस के साथ जा रहे हैं.

डुप्लिकेट नाम हटाने को लेकर जुटा चुनाव आयोग, आधार देना पूरी तरह है स्वैच्छिक “जानें क्या है पूरी प्रक्रिया”

चुनाव आयोग देशभर में मतदाता सूची से डुप्लिकेट नाम हटाने के अभियान में जुटा है इस बीच मंगलवार को सरकारी सूत्रों ने साफ किया किमतदाताओं के लिए आधार नंबर देना पूरी तरह स्वैच्छिक रहेगा. और इसमें कानून के तहत कोई बदलाव नहीं किया जाएगा साथ ही ये भी बताया गयाकि चुनाव कानून (संशोधन) अधिनियम, 2021 के तहत मतदाताओं द्वारा चुनाव अधिकारियों को आधार जानकारी देना जरूरी नहीं है बल्कि यहउनकी मर्जी पर निर्भर करता है.यह बयान तब आया जब कुछ लोगों ने पूछा कि क्या आधार साझा करना अनिवार्य किया जा सकता है और अगर कोईमतदाता जानकारी नहीं देता तो क्या उसे कारण बताना होगा. इस सवाल के जवाब में सूत्रों का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है और नही किसी नए नियम को जोड़ने की योजना है बता दें कि इस मुद्दे पर जारी बहस के बीच चुनाव आयोग पहले ही कह चुका है कि वह जन्म और मृत्युपंजीकरण अधिकारियों के साथ समन्वय कर मतदाता सूची को नियमित रूप से अपडेट करेगा.इसके अलावा UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचानप्राधिकरण) और चुनाव आयोग के तकनीकी विशेषज्ञों के बीच मतदाता सूची और आधार लिंक करने को लेकर विचार-विमर्श जल्द शुरू होगा. हालांकि आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक मतदाता केवल उसी मतदान केंद्र में वोट डाल सकता है. जहां उसका नाम दर्ज है. चुनाव आयोग का है लक्ष्यमतदाता सूची से डुप्लिकेट नाम हटाने को लेकर चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि देशभर में डुप्लिकेट वोटर लिस्ट की समस्या को तीन महीने में खत्मकिया जाए.मौजूदा कानून के अनुसार अगर कोई मतदाता किसी उचित कारण से आधार नंबर नहीं दे पाता. तो उसकी मतदाता सूची से प्रविष्टि नहींहटाई जा सकती इस तरह मतदाता सूची को साफ-सुथरा और सही बनाने की प्रक्रिया तेज की जा रही है लेकिन आधार साझा करना पूरी तरह स्वैच्छिकबना रहेगा.अभी आधार नंबर इकट्ठा करने के लिए फॉर्म 6B है. इसमें मतदाताओं के पास आधार न देने का कोई विकल्प नहीं है. इसमें सिर्फ दो हीविकल्प हैं पहला तो आधार दें या यह घोषणा करें कि मेरे पास आधार नंबर नहीं है इसलिए मैं इसे नहीं दे सकता.इसको लेकर 18 मार्च को अहमबैठक हुई थी. अब फॉर्म 6B में बदलाव होगा. अब इसमें ‘मेरे पास आधार नहीं है वाला बयान हटाया जाएगा. इसके बजाय एक नया बयान होगाजिसमें मतदाता कहेगा कि वह दूसरा दस्तावेज दे रहा है और एक तय तारीख को ईआरओ के सामने जाकर यह बताएगा कि उसने आधार क्यों नहींदिया.

सचिन- युवराज जैसे दिग्गज हुए 14 वर्षीय वैभव के मुरीद, जमकर की तारीफ “जानें क्या कुछ कहा”

IPL 2025: राजस्थान रॉयल्स के 14 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने सोमवार को अपनी उम्र से ज्यादा बड़ा कारनामा कर रिकॉर्ड्स की झड़ी लगादी. उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए मुकाबले में महज 35 गेंदों में शतक जड़कर पूर्व भारतीय बल्लेबाज यूसुफ पठान का 15 साल पुरानारिकॉर्ड तोड़ दिया. उनकी इस पारी ने सचिन तेंदुलकर से लेकर युवराज सिंह तक सभी क्रिकेटर्स को अपना मुरीद बना लिया.वैभव की उम्र 14 साल 32 दिन है. लेकिन उन्होंने यूसुफ पठान का 15 वर्ष पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. वैभव आईपीएल में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय बन गए हैं. 2010 में यूसुफ पठान ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 35 गेंदों पर शतक लगाया था और वह इस टूर्नामेंट में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय थे. उनका यह रिकॉर्ड अब 2025 में टूटा है। यानी वैभव का जब जन्म भी नहीं हुआ था उस वक्त यूसुफ ने यह कारनामा किया था और अब बिहार के इसयुवा बल्लेबाज ने अपनी उम्र से भी ज्यादा का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. ओवरऑल आईपीएल में सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम हैजिन्होंने 2013 में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 30 गेंदों पर शतक लगाया था.अपना 15 वर्ष पुराना रिकॉर्ड टूटने पर यूसुफ पठान ने प्रतिक्रिया दी पूर्वखिलाड़ी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर वैभव की तारीफ करते हुए लिखा वैभव सूर्यवंशी को भारतीय द्वारा सबसे तेज आईपीएल शतक का मेरा रिकॉर्डतोड़ने के लिए बहुत-बहुत बधाई. राजस्थान रॉयल्स के लिए ऐसा देखना है बेहद खासराजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए ऐसा होते देखना और भी खास है. युवाओं के लिए इस फेंचाइजी में वाकई कुछ जादुई है अभी बहुत आगे जानाहै.महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी खुद को वैभव की तारीफ करने से नहीं रोक पाए उन्होंने युवा बल्लेबाज के निडर दृष्टिकोण की तारीफ की सचिनने कहा- वैभव का निडर दृष्टिकोण, बल्ले की गति शुरुआत में ही लेंथ को पहचानना और गेंद के पीछे ऊर्जा का हस्तांतरण करना एक शानदार पारी कानुस्खा था. पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह भी वैभव की शानदार पारी से प्रभावित होकर खुद को उनकी तारीफ करने से रोक नहीं पाए. उन्होंने कहा14 साल की उम्र में आप क्या कर रहे थे.वैभव टी20 क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज हैं. उन्होंने 14 साल 32 दिन की उम्र में यहकारनामा किया वैभव ने महाराष्ट्र के विजय जोल का रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने 18 साल 118 दिन की उम्र में टी20 में शतक लगाया था. विजय ने 2013 में टी20 में शतक लगाया था वैभव ने गुजरात के खिलाफ 17 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और फिर शतक पूरा करने के लिए अगले 18 गेंद लिए. वैभव शतकीय पारी खेलकर आउट हुए उन्होंने महज 38 गेंदों में 265.78 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 101 रनों की पारी खेली. इस दौरानउनके बल्ले से सात चौके और 11 छक्के निकले.

पेगासस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी, बोले किसी भी रिपोर्ट को नहीं करेंगें सार्वजनिक

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पेगासस मामले में सुनवाई के दौरान इस बात पर हैरानी जताई कि अगर सरकार आतंकियों की जासूसी करा रही हैं तोइसमें गलत क्या है साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वे ऐसी किसी भी रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करेंगे जो देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ी हो. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि वे ऐसी किसी भी रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करेंगे. जो देश की सुरक्षा और सुप्रभुता से जुड़ी हो हालांकि उन्होंने संकेतदिए कि वे निजता के उल्लंघन की व्यक्तिगत आशंकाओं पर विचार कर सकता है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहाकि तकनीकी समिति की रिपोर्ट पर सड़कों पर चर्चा नहीं होनी चाहिए. एक याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वकील दिनेश द्विवेदी ने सुनवाई केदौरान कहा कि सवाल ये था कि क्या सरकार के पास स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर है और क्या वह इसका इस्तेमाल कर सकती है अगर सरकार के पास ये हैतो कोई भी उन्हें इसका इस्तेमाल करने से नहीं रोक सकता. इस पर पीठ ने कहा कि ‘अगर देश आतंकियों के खिलाफ स्पाइवेयर का इस्तेमाल कर रहाहै तो इसमें गलत क्या है स्पाइवेयर रखना गलत नहीं है ये किसके खिलाफ इस्तेमाल हो रहा है सवाल इसका है देश की सुरक्षा से समझौता नहीं कियाजा सकता आम नागरिकों का संविधान के तहत निजता का अधिकार सुरक्षित किया जाएगा.जो देश की संप्रभुता से जुड़ी होगा उसे छुआ नहीं जाएगाइसको लेकर पीठ ने कहा कि कोई भी रिपोर्ट जो देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ी हो उसे छुआ नहीं जाएगा. लेकिन व्यक्तिगत तौर पर अगर कोईयह जानना चाहता है कि वह रिपोर्ट में शामिल है या नहीं उसे इसकी जानकारी दी जा सकती है. लेकिन रिपोर्ट को ऐसा दस्तावेज नहीं बनाया जाएगाकि सड़कों पर भी इसकी चर्चा हो. अदालत ने कहा कि वे इस बात की जांच करेंगे कि किस हद तक तकनीकी समिति की रिपोर्ट को संबंधित व्यक्तिके साथ साझा किया जा सकता है. इसके बाद पीठ ने मामले पर सुनवाई 30 जुलाई तक के लिए टाल दी. पेगासस एक इस्राइली सॉफ्टवेयर है जिसेमोबाइल फोन को हैक कर निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 2021 में कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारत में कईपत्रकारों, नेताओं, और सामाजिक कार्यकर्ताओं के फोन की जासूसी की गई थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की स्वतंत्र जांच के आदेश दिएथे. साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस मामले की जांच के लिए एक तकनीकी समिति और एक निगरानी समिति बनाई थी. वहीं इस जांच कीनिगरानी पूर्व न्यायाधीश आर वी रवींद्रन कर रहे हैं जिनकी सहायता पूर्व आईपीएस अधिकारी आलोक जोशी और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ संदीपओबेरॉय कर रहे हैं.

पहलगाम आतंकी हमले के बाद अब सीमा हैदर पर लटकी तलवार, जानें क्या है मामला

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार ने सार्क वीजा छूट की नीति के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को दी जा रही सुविधा समाप्त कर दी है. इसी के साथ पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ना पड़ रहा है अवैध तरीके से भारत आई सीमा हैदर को लेकर नोएडा पुलिस का कहना है कि केंद्रसरकार से आदेश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.पाकिस्तान की सीमा हैदर मई 2023 में नेपाल के रास्ते अवैध रूप से अपने चार बच्चों केसाथ भारत आई थी. उन्होंने सचिन मीणा के साथ हिंदू रीति-रिवाज से शादी भी की है हाल ही में दोनों को एक बच्चा भी हुआ है. सीमा पर कोई सीधाअसर नहीं होगा क्योंकि सीमा वीजा के जरिये भारत नहीं आई थी. उनके खिलाफ मामला अदालत में विचाराधीन है. एडिशनल डीसीपी ग्रेनो सुधीरकुमार का कहना है कि सीमा को लेकर कोई आदेश नहीं है. आदेश के बाद कार्रवाई की जाएगी.सीमा हैदर के अधिवक्ता एपी सिंह का कहना है किसीमा के मामले की जांच यूपी एटीएस ने भी की है. उन्हें जांच में अबतक कुछ नहीं मिला है केंद्र के अलावा पुलिस से देश छोड़ने के संबंधी कोईआदेश नहीं मिला है.सीमा हैदर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उसे भारत में रहने देने की गुहार लगाई है. सीमा ने अपील करते हुए कहा कि वह बेशक पाकिस्तान की बेटी थी लेकिन अब बहू भारत की है और उन्हें भारत में रहने की इजाजत दी जाए. सोशल मीडिया पर कही बातसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जा रहे एक वीडियो में सीमा हैदर ने यह बातें कही हैं.सीमा हैदर ने एक वीडियो में कहा मैं पाकिस्तान नहींजाना चाहती. मैं मोदी जी और योगी जी से अपील करती हूं कि मैं अब उनकी शरण में हूं. मैं पाकिस्तान की बेटी थी लेकिन अब मैं भारत की बहू हूं. मुझे यहीं रहने दीजिए हैदर का दावा है कि सचिन मीना से शादी के बाद उसने हिंदू धर्म अपना लिया है.देशव्यापी विरोध के बावजूद सीमा हैदर केवकील एपी सिंह को उम्मीद है कि उन्हें भारत में रहने की अनुमति दी जाएगी. एपी सिंह ने दावा किया कि वह अब पाकिस्तानी नागरिक नहीं हैंअधिवक्ता एपी सिंह ने कहा, “सीमा अब पाकिस्तानी नागरिक नहीं है. उसने ग्रेटर नोएडा निवासी सचिन मीना से विवाह किया और हाल ही में उनकीबेटी भारती मीना को जन्म दिया. उसकी नागरिकता अब उसके भारतीय पति से जुड़ी हुई है और इसलिए केंद्र का निर्देश उस पर लागू नहीं होनाचाहिए.सीमा हैदर के वकील एपी सिंह ने कहा कि पहलगाम हमले की जानकारी होने पर सीमा बहुत परेशान और दुखी है. हम सभी इस हमले कीकड़ी निंदा करते हैं उन्होंने कहा कि सीमा पाकिस्तान से सनातन धर्म ग्रहण करके नेपाल पहुंची. नेपाल में की थी सचिन के साथ शादीनेपाल में सचिन मीणा के साथ शादी की और भारत में भी आकर दोनों ने पूरे रीति रिवाज के साथ शादी रचाई. शादी के बाद पिछले माह उसने एकबेटी को जन्म दिया है भारत सरकार ने सार्क वीजा निलंबित करने का जो निर्णय लिया है वह तारीफ के काबिल है। यह आतंकवाद के खिलाफ निर्णयहै.पहलगाम में आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ एक बड़ा और कड़ा फैसला लेते हुए सार्क वीजाछूट की नीति के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को दी जा रही सुविधा समाप्त कर दी है. इस निर्णय के अनुसार अब पाकिस्तानी नागरिक इस छूट केअंतर्गत भारत की यात्रा नहीं कर सकेंगे. वहीं जो पाकिस्तानी नागरिक पहले से इस सुविधा के तहत भारत में मौजूद हैं. उन्हें एक सप्ताह के भीतर देशछोड़ने का आदेश दिया गया है जिसके बाद सीमा हैदर को वापस पाकिस्तान भेजने की मांग की जा रही है.

जम्मू-कश्मीर में आतंक के खिलाफ जारी अभियान, 600 से अधिक ठिकानों की ली गई तलाशी

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी है पुलिस और सुरक्षा बलों ने सोमवार को श्रीनगर में 36 और डोडा व किश्तवाड़ मेंआतंकवादियों और उसके मददगारों के दर्जनों ठिकानों पर छापे मारे और तलाशी ली. पहलगाम हमले के बाद छह दिनों के भीतर सुरक्षा बलों नेआतंकियों और ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) के 600 से अधिक ठिकानों की तलाशी ली है. जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रवक्ता ने बताया किआतंकियों आतंकी संगठनों और उनके सहयोगियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में यह कार्रवाई कीजा रही है. यह कार्रवाई कार्यकारी मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों की निगरानी में की गई श्रीनगर शहर में जिन 36 जगहों की तलाशी ली गई. उनमें सेज्यादातर आतंकवादियों और उनके मददगारों के थे आतंकवाद रोधी अभियान में सुरक्षा बलों ने सैकड़ों संदिग्धों से पूछताछ भी की है. पहलगाम केबायसरन के मैदान में 22 अप्रैल के हमले बाद से नौ आतंकियों और ओजीडब्ल्यू के घरों को भी जमींदोज किया जा चुका है. आतंकियों के घरों पर छापेमारीपुलिस ने विशेष ऑपरेशन ग्रुप और अन्य खुफिया एजेंसियों के साथ सोमवार सुबह डोडा के 13 आतंकियों के घरों में छापे मारे. तलाशी के दौरान कईघरों से संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं. जिनकी जांच की जा रही है किश्तवाड़ जिले में भी तलाशी ली गई. सभी केआतंकी समूहों और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से सक्रिय दहशतगर्दों से जुड़े होने का संदेह है। प्रवक्ता ने बताया कि कार्रवाई काउद्देश्य हथियार दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त करने और राष्ट्र की सुरक्षा के खिलाफ किसी भी षड्यंत्रकारी या आतंकी गतिविधि का पतालगाने और उसे रोकने के लिए साक्ष्य संग्रह और खुफिया जानकारी जुटाना है.पहलगाम में पर्यटकों पर हमला करने वालों की तलाश में सुरक्षाबलों नेघाटी की चौकसी बढ़ा दी है. बीते एक सप्ताह में सुरक्षाबलों ने चार बार इन आतंकियों की घेराबंदी की. एक बार उनके साथ गोलीबारी भी हुई औरआतंकी डर कर भाग निकले. खुफिया सूचनाओं व तलाशी अभियान जारीदरअसल सुरक्षा बलों ने स्थानीय लोगों से मिली जानकारी खुफिया सूचनाओं व तलाशी अभियानों के जरिये आतंकियों का पता लगाया गया. एकसैन्य अधिकारी ने कहा कि घने जंगलों का फायदा उठाते हुए आतंकी बच रहे हैं. पर ऐसा बहुत दिन तक नहीं होगा. सूत्रों के मुताबिक सबसे पहलेअनंतनाग के पहलगाम तहसील के हापत नार गांव के पास जंगलों में दहशतगर्दों को देखा गया. फिर इनके कुलगाम के जंगलों में होने का इनपुटमिला. मौके पर सुरक्षाबलों ने इन्हें चारों ओर से घेरा. गोलीबारी भी हुई लेकिन आतंकी भाग निकले इसके बाद आतंकियों को त्राल रिज औरकोकेरनाग में देखा गया था.आतंकियों को इस बार किश्तवाड़ में कम बर्फ पड़ने का फायदा हो रहा है. बर्फ नहीं होने के कारण उन्हें पहाड़ी के रास्तेदूसरी ओर से जम्मू की तरफ घने जंगलों में भागने का मौका मिल रहा है. एक अधिकारी ने कहा कि हमारा मानना है कि वे अभी भी दक्षिण कश्मीर मेंहैं. इनके अभी भी इसी इलाके में छिपे होने की सूचना है. सुरक्षाबलों ने मुस्तैदी बढ़ा दी है और तलाशी अभियान तेज कर दिया है.

बांग्लादेश की युनूस सरकार ने रखाइन में मदद को लेकर गलियारे पर जताई सहमति, BNP बोली गंभीर चिंता का विषय

बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने म्यांमार के रखाइन राज्य में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए मानवीय गलियारा खोलने परसैद्धांतिक सहमति दे दी है. इस पर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने गंभीर चिंता जताईहै.बीएनपी के महासचिव मीरा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने सोमवार को एक रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसाबड़ा फैसला लेने से पहले सभी राजनीतिक दलों से सलाह-मशविरा करना चाहिए था. क्योंकि यह फैसला हमारी स्वतंत्रता, संप्रभुता और भविष्य मेंक्षेत्रीय शांति को प्रभावित कर सकता है. उन्होंने कहा रिपोर्ट ने हमें चिंतित कर दिया है.अंतरिम सरकार के विदेश मामलों के सलाहकार एम तौहीद हुसैनने रविवार को घोषणा की कि बांग्लादेश ने संयुक्त राष्ट्र के उस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दी है. जिसमें म्यांमार में चल रहे गृहयुद्ध के बीच रखाइनराज्य में सहायता पहुंचाने के लिए बांग्लादेश के रास्ते एक मानवीय गलियारा बनाने की बात कही गई है. शर्तों के बारे में विस्तार से बताने से इनकारकरते हुए उन्होंने कहा मैं विवरण में नहीं जाऊंगा. लेकिन शर्तें पूरी होती हैं तो हम निश्चित रूप से सहायता प्रदान करेंगे. संयुक्त राष्ट्र ने जताई आशंकासंयुक्त राष्ट्र ने पहले आशंका जताई थी कि रखाइन में गृहयुद्ध के कारण अकाल जैसी स्थिति बन सकती है. जिससे रोहिंग्या और अन्य जातीय समुदायोंके लोग बांग्लादेश में शरण लेने आ सकते हैं. इस मुद्दे पर बोलते हुए बीएनपी नेता आलमगीर ने कहा हम नहीं चाहते कि बांग्लादेश एक दूसरा गाजाबन जाए. हम किसी युद्ध में शामिल नहीं होना चाहते हम नहीं चाहते कि कोई यहां आकर हमारे लिए और परेशानी खड़ी करे. हम पहले से ही रोहिंग्याके साथ एक गंभीर समस्या में फंसे हैं.आलमगीर ने आगे कहा कि बीएनपी संकट में फंसे लोगों की मदद करने के खिलाफ नहीं है लेकिन कोई भीफैसला करने से पहले सभी राजनीतिक दलों के साथ परामर्श की आवश्यकता है क्योंकि ‘हम नहीं चाहते कि कोई भी हमारे क्षेत्र में आकर नई मुसीबतखड़ी करे.बीएनपी की यह प्रतिक्रिया उन रिपोर्टों के बीच आई है जिनमें कहा गया है कि म्यांमार के विद्रोही गुट अराकान सेना से बचने के लिए हर दिनअधिक से अधिक रोहिंग्या बांग्लादेश में घुस रहे हैं. डेली स्टार अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा कि रोहिंग्या लोगों को हत्या यातना और जबरन गायबकिए जाने का खतरा है. विद्रोही गुट उन्हें जुंटा बलों के खिलाफ मानव ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं.

अमेरिका समेत कई अन्य शहरों में वज्रपात और ओलावृष्टि के साथ ही बवंडर आने की संभावना, सहमें लोग लोगों से सतर्क रहने की गई अपील

अमेरिका के ऊपरी मध्यपश्चिम में सोमवार को तूफान, वज्रपात, ओलावृष्टि के साथ ही बवंडर आने की संभावना जताई गई है. इन शहरों में मिनेसोटा, आयोवा और विस्कॉन्सिन के साथ ही मिनियापोलिस और उसके आसपास के क्षेत्र शामिल हैं. राष्ट्रीय मौसम सेवा के पूर्वानुमान के अनुसार, दो बारतूफान आ सकता है. एक दोपहर में और दूसरा शाम को। ओक्लाहोमा के नॉर्मन में स्टार्म प्रेडिक्शन सेंटर के पूर्वानुमानकर्ताओं के अनुसार शाम वालातूफान ज्यादा खतरनाक हो सकता है जिसमें तेज बवंडर भारी ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की संभावना है.मिनियापोलिस के मौसम विभाग ने कहाकि बवंडर काफी तेज हो सकते हैं और EF-2 स्तर या उससे भी बड़े बवंडर बनने की आशंका है. सोमवार दोपहर एक बवंडर को मिनेसोटा के फेयरमोंटइलाके में देखा गया लेकिन अभी तक कोई नुकसान की खबर नहीं है.यह भी पता नहीं चल पाया कि देखा गया बवंडर नीचे उतरा या नहीं.स्टॉर्मप्रेडिक्शन सेंटर ने कहा है कि टेक्सास और ओक्लाहोमा के कुछ हिस्सों तक दक्षिण में भी तूफान आ सकते हैं लेकिन वहां खतरा थोड़ा कम है।मिनियापोलिस शहर ने लोगों को सोमवार को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. सुरक्षित जगह पर जाने की करें तैयारीलोगों से कहा गया है कि वह मौसम अलर्ट पाने के कई साधन रखें जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगह पर जाने की तैयारी करें. घर के बाहर का सामानसुरक्षित करें और मोबाइल फोन और टॉर्च आदि चार्ज करके रखें.सोमवार सुबह पहले तूफान ने मिनियापोलिस के आसमान को काला कर दिया औरथोड़ी देर भारी बारिश हुई. लेकिन उस समय कोई गंभीर चेतावनी नहीं दी गई मौसम सेवा ने कहा कि असली खतरा दोपहर और शाम को था. मिनियापोलिस शहर ने दोपहर 2 बजे तक अपने मुख्य सेवा केंद्र सहित सार्वजनिक-सामने वाले गैर-आपातकालीन शहर की सुविधाओं को बंद करदिया और अपने आपातकालीन संचालन केंद्र को सक्रिय कर दिया.मिनियापोलिस सेंट पॉल और ब्लूमिंगटन स्कूल जिले के साथ ही मिनेसोटा में तेजआंधी के दौरान बड़े-बड़े ओले गिरे. बवंडर की चेतावनी है जारीदक्षिणी मिनेसोटा उत्तरी आयोवा और पश्चिमी विस्कॉन्सिन के बड़े हिस्सों में बवंडर की चेतावनी जारी की गई है जो मंगलवार रात तक प्रभावी रहेगी. अयोवा के कुछ स्कूल भी दिन के लिए बंद कर दिए गए शाम की गतिविधियां भी रद्द कर दी गईं.एक बवंडर ने उत्तर-पश्चिमी नेब्रास्का में एक मालगाड़ीको भी पलट दिया. शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा गया था कि 1.6 किलोमीटर से ज्यादा चौड़े बवंडर ने ट्रेन की लगभग 130 बोगियों में से कई को पटरीसे उतार दिया जिससे कई बोगियां पलट गईं। हालांकि किसी के घायल होने की तत्काल कोई रिपोर्ट नहीं है और इंजन सीधा खड़ा रहा. यह रविवारशाम को नेब्रास्का के उस हिस्से में रिपोर्ट किए गए कई बवंडर में से एक था.

Archery NTPC National Ranking Tournament Finals Held at Yamuna Sports Club

The finals of the Archery NTPC National Ranking Tournament were held today at the Yamuna Sports Club. The event witnessed the presence of Delhi’s Lieutenant Governor Vinai Kumar Saxena, Delhi BJP President Virendra Sachdeva, and Union Minister of State Harsh Malhotra, who cheered and motivated the participating players. Lt. Governor Announces New Archery Training Facility in DelhiDuring the event, Delhi Lt. Governor Vinai Kumar Saxena announced the upcoming construction of another state-of-the-art archery stadium in Delhi, aimed at providing enhanced training facilities for young archers. This new initiative is expected to further strengthen Delhi’s sports infrastructure and encourage budding talent.Massive Rewards for PlayersSpeaking at the event, Delhi BJP President Virendra Sachdeva revealed that a total of ₹1 crore in cash prizes was awarded to the participants. Additionally, archers received equipment worth ₹2.5 crore sponsored by NTPC. Expressing optimism, Sachdeva said, “We are confident that with such support, our players will bring medals home from the 2028 Olympics.”Prime Minister Narendra Modi’s Vision for Sports HighlightedHighlighting the transformation in the Indian sports ecosystem, Virendra Sachdeva credited Prime Minister Narendra Modi’s leadership over the past 11 years for revolutionizing sports development across the country. He emphasized initiatives like ‘Khelo India’ and ‘Fit India’, which have significantly boosted grassroots participation and provided better training infrastructure. Sachdeva further stated, “Previously, support for athletes came only after podium finishes. Today, players are identified and nurtured right from the grassroots level, receiving essential equipment and professional training from the beginning. This proactive approach is paving the way for India’s stronger presence in international sporting events.”

AAP Urges Strong Retaliation Against Pakistan After Pahalgam Attack, Calls for Full-Time Home Minister

New Delhi, April 28, 2025:In the wake of the recent terrorist attack in Pahalgam targeting tourists, the Aam Aadmi Party (AAP) has raised serious concerns over national security and called for immediate, decisive action from the central government against Pakistan. Government Must Give a Befitting Reply to Pakistan: Anurag DhandaAddressing a press conference at the party headquarters, AAP National Media Coordinator Anurag Dhanda conveyed the sentiments of the nation, stressing that six days have passed since the attack, and the country eagerly awaits a strong retaliatory move against Pakistan. He criticized the BJP-led central government, urging it to appoint a full-time Home Minister who focuses solely on national security rather than political activities like buying legislators and toppling state governments. Questions Over Intelligence Inputs and Lapse in Tourist SecurityDhanda raised questions about the Prime Minister’s recently cancelled visit to Jammu and Kashmir. He asked if intelligence inputs led to the cancellation, why were security arrangements for tourists in Pahalgam not strengthened accordingly? He emphasized that if there was prior information about potential threats, failure to protect civilians amounts to a major security lapse. Demand for Swift Investigation and Public AccountabilityHighlighting the need for transparency, Dhanda demanded a time-bound investigation into the Pahalgam attack. He insisted that the identities of all those responsible, including any internal failures, must be made public. Referring to the Pulwama attack, he noted that years after the incident, crucial questions about accountability remain unanswered, and a similar lack of clarity must not be repeated. End All Trade Ties with Pakistan, Says AAPCalling for stringent economic measures, Dhanda supported the idea of completely halting trade with Pakistan. He questioned whether ports in Gujarat and Maharashtra had also ceased trade activities with Pakistan and demanded full transparency. He argued that crippling Pakistan economically is essential to weakening its support for terrorism. Pakistan’s New Strategy: Religious PolarizationDhanda warned that the Pahalgam attack revealed Pakistan’s shift towards a new strategy aimed at creating religious division within India. He urged the government to take strict action against individuals or organizations that, knowingly or unknowingly, promote hatred on social media, thereby advancing Pakistan’s agenda. Dhanda stressed that irrespective of political affiliation or position, anyone spreading communal hatred must face stern action. Call for a Full-Time Home MinisterEmphasizing the magnitude of security challenges across the country, Dhanda demanded that India must have a dedicated full-time Home Minister. He criticized the current government setup, suggesting that national security requires round-the-clock focus, not part-time attention divided by political manoeuvring.Who Ordered the Withdrawal of Security Forces in Pahalgam?Raising serious questions about security arrangements, Dhanda demanded that the government reveal who ordered the withdrawal of security forces from Pahalgam just days before the attack. He stated that the public has the right to know who compromised the safety of thousands of tourists.Accountability for Lapses in Prime Minister’s Cancelled VisitFinally, Dhanda questioned whether intelligence inputs warning of an attack had influenced the Prime Minister’s decision to cancel his Jammu and Kashmir visit. If so, he asked, why were adequate security measures not taken for civilians? He called for accountability from the Home Ministry and demanded that responsible officials face consequences. Nation Awaits a Decisive ResponseConcluding his address, Dhanda asserted that the entire country stands united behind the government in demanding a strong and fitting response to Pakistan. He stressed that the people’s patience is running out, and the time has come for bold action to ensure such attacks never happen again.