"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

मातृ दिवस पर प्रमोद तिवारी ने याद दिलाया 1971 का इतिहास, केंद्र सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली: राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता और सांसद श्री प्रमोद तिवारी ने मातृ दिवस के अवसर पर स्वर्गीय इंदिरा गांधी की 1971 की निर्णायकभूमिका को स्मरण करते हुए मौजूदा केंद्र सरकार से कई गंभीर सवाल पूछे हैं। उन्होंने बांग्लादेश के निर्माण में इंदिरा गांधी के नेतृत्व को याद करते हुएकहा कि जब अमेरिका ने सातवां बेड़ा बंगाल की खाड़ी में उतारा, तब भी भारत की प्रधानमंत्री झुकी नहीं और भारतीय सेना तब तक आगे बढ़ती रहीजब तक 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने आत्मसमर्पण नहीं कर दिया। ‘संघर्षविराम की घोषणा दिल्ली से होनी चाहिए थी’प्रमोद तिवारी ने हाल ही में पहलगाम में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या पर दुख व्यक्त किया और सवाल उठाया कि जब देश शोक में था और सेनानिर्णायक कार्रवाई कर रही थी, तब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्षविराम की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि यह सूचना थी या आदेश, यहस्पष्ट होना चाहिए, लेकिन देश को अपेक्षा थी कि संघर्षविराम की जानकारी सबसे पहले नई दिल्ली से आती। संसद का विशेष सत्र और सर्वदलीय बैठक की मांगश्री तिवारी ने केंद्र सरकार से मांग की कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में तत्काल एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए और संसद का विशेष सत्र आयोजितकिया जाए, जिससे वाशिंगटन डीसी में हुई घोषणा, भारत-पाकिस्तान द्वारा घोषित संघर्षविराम और पहलगाम ऑपरेशन ‘सिन्दूर’ पर खुलकर चर्चा होसके।क्या तीसरी पार्टी को मंजूरी दी गई है?उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा भारत-पाकिस्तान संवाद के लिए ‘तटस्थ मंच’ की बात पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब भारतने शिमला समझौते को पीछे छोड़ दिया है और क्या तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार कर ली गई है? कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि पाकिस्तान के कब्जेवाला कश्मीर (POK) भारत का अभिन्न अंग है। सरकार की नीतियों पर जवाबदेही की मांगश्री तिवारी ने केंद्र सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि क्या भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक वार्ता दोबारा शुरू हो रही है, और यदि हां, तो पाकिस्तान से क्या गारंटियां ली गई हैं और हमें क्या प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैन्य प्रमुखों द्वारा हाल की परिस्थितियों पर की गईटिप्पणियों को गंभीरता से लेते हुए प्रधानमंत्री को स्वयं जनता के सामने जवाब देना चाहिए।

गांधी मैदान से कारगिल चौक तक गूंजे सेना के समर्थन में नारे, कांग्रेस नेताओं ने दिखाई एकजुटता

पटना: भारतीय सेना के साहस, पराक्रम और बलिदान के समर्थन में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी द्वारा शनिवार को राजधानी पटना में एक भव्य तिरंगायात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति से आरंभ होकर कारगिल चौक तक निकाली गई, जिसका नेतृत्व एआईसीसीके राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावारू और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम नेकिया। सेना के प्रति समर्थन और एकजुटता का प्रदर्शनसंध्या काल में निकली इस यात्रा में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भारत माता और सेना के समर्थन में गगनभेदी नारे लगाए। साथ ही, पाकिस्तान की नापाक हरकतों के खिलाफ भी जमकर विरोध दर्ज कराया। नेताओं ने इस यात्रा को सेना के साथ राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक बताया। भूपेश बघेल बोले – ‘हम हर परिस्थिति में सेना के साथ खड़े हैं’तिरंगा यात्रा के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि यह आयोजन देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे वीर जवानों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि जब देशयुद्ध जैसे हालात का सामना कर रहा है, तब कांग्रेस का हर कार्यकर्ता सेना के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने लोगों से सेना के निर्देशों का पालन करनेऔर रक्तदान जैसे योगदान देने की अपील की। कृष्णा अल्लावारू का पाकिस्तान को चेतावनी भरा संदेशप्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने कहा कि भारतीय सेना ने पहले भी पाकिस्तान को सबक सिखाया है और अब समय फिर से आ गया है कि आतंक केपनाहगारों को जवाब दिया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सेना को पूर्ण समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है और तिरंगा यात्राओं के माध्यम से हमउनका मनोबल बढ़ा रहे हैं। राजेश राम ने कहा – ‘सेना का संदेश साफ है, भारत की ओर आंख उठाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा’प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि भारतीय सेना हर मोर्चे पर पाकिस्तान को जवाब दे रही है और कांग्रेस पार्टी उनके साथ कदम से कदम मिलाकरखड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता न केवल रक्तदान के लिए बल्कि किसी भी जरूरत में सेवा देने के लिए तैयार हैं। बड़े पैमाने पर कांग्रेस नेताओं की उपस्थितितिरंगा यात्रा में भूपेश बघेल, कृष्णा अल्लावारू और राजेश राम के अलावा कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता डॉ. शकील अहमद खान, विधान परिषदमें नेता डॉ. मदन मोहन झा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, डॉ. समीर कुमार सिंह, प्रेमचंद्र मिश्रा, ब्रजेश पांडेय, विजेंद्र चौधरी, अजयचौधरी समेत सैकड़ों वरिष्ठ नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

ग्रेटर नोएडा में युवा टाउन हॉल कार्यक्रम का आयोजन, तिरंगा यात्रा के साथ देशभक्ति का संदेश

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि भारत को आर्थिक और सामरिक दृष्टि से महाशक्ति बनाने केलिए ‘एक देश, एक चुनाव’ प्रणाली को अपनाना अनिवार्य है। वे शनिवार को ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी में आयोजित युवा टाउन हॉलकार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जिसका विषय ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ था। कार्यक्रम से पूर्व श्री धर्मपाल सिंह ने पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व स्थानीय नागरिकों के साथ तिरंगा यात्रा निकाली। यह यात्रा भारतीय सेना केसम्मान व समर्थन में एकजुटता दर्शाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा, क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेन्द्रशिसोदिया, विधायक मास्टर तेजपाल नागर, एमएलसी श्रीचंद शर्मा, विधायक धीरेन्द्र सिंह, एमएलसी नरेन्द्र भाटी और जिला पंचायत अध्यक्ष अमितचौधरी मौजूद रहे। भारतीय सेना के सम्मान में तिरंगा यात्रा, रक्तदान की अपीलतिरंगा यात्रा के दौरान श्री धर्मपाल सिंह ने लोगों से रक्तदान की अपील करते हुए कहा कि भारतीय सेना का साहस और पराक्रम हर परिस्थिति में देशकी रक्षा में सक्षम है। उन्होंने कहा कि पूरा देश सेना के साथ खड़ा है और उनके बलिदान को सलाम करता है। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ से विकास को मिलेगा बलयुवा टाउन हॉल में संवाद करते हुए श्री सिंह ने कहा कि ‘एक देश, एक चुनाव’ एक आवश्यक प्रशासनिक सुधार है। यदि लोकसभा और विधानसभाचुनाव एक साथ तथा नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव भी एक साथ कराए जाएं तो इससे देश के संसाधन व मानवशक्ति की बचत होगी, जो राष्ट्रनिर्माण में उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में हुए लोकसभा चुनावों पर लगभग 1.24 लाख करोड़ रुपये का खर्च आया, जबकिबार-बार लगने वाली आचार संहिता से विकास कार्य बाधित होते हैं। राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक बचत का माध्यमश्री सिंह ने जोर दिया कि एकसाथ चुनाव से राजनीतिक स्थिरता आएगी और देश के करोड़ों रुपये बचाए जा सकेंगे, जो जनता के हित में उपयोग होसकते हैं। इससे नागरिक आत्मनिर्भर बनेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘विकसित भारत’ का संकल्प साकार होगा। पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में बनी स्टैंडिंग कमेटीउन्होंने बताया कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के लिए एक स्टैंडिंग कमेटी का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता भारत के पूर्व राष्ट्रपति श्री रामनाथकोविन्द कर रहे हैं। यह विषय अब आमजन के बीच जाकर जनमत तैयार कर रहा है। विपक्षी दलों से समर्थन की अपीलधर्मपाल सिंह ने कहा कि जब 1967 तक देश में एकसाथ चुनाव हो सकते थे, तो आज कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे दलों का विरोध समझ सेपरे है। उन्होंने आह्वान किया कि गांव, शहर, गली, मोहल्ले और चाय की दुकानों तक इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों, वकीलों, चिकित्सकों, व्यापारियों सहित सभी वर्गों से ‘एक देश, एक चुनाव’ अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कियाकि यह एजेंडा केवल भाजपा का नहीं बल्कि पूरे देश का है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा का बयान, “सीजफायर का स्वागत, पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ उठाना चाहिए ठोस कदम”

भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में घोषित सीजफायर पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र सचदेवा ने इसका स्वागत कियाहै। उन्होंने इस निर्णय को क्षेत्रीय शांति के लिए सकारात्मक कदम बताया और आशा जताई कि पाकिस्तान इस समझौते को ईमानदारी से निभाएगा। “भारत का संघर्ष आतंकवाद के खिलाफ, न कि आम पाकिस्तानियों से”श्री सचदेवा ने स्पष्ट किया कि भारत की नीति कभी भी आम पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ नहीं रही है। उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई पाकिस्तान कीजमीन से संचालित आतंकवाद के खिलाफ है, जिसे वहां की सेना और सरकार का प्रत्यक्ष या परोक्ष समर्थन प्राप्त है।” उन्होंने दोहराया कि भारत नेहमेशा आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग का समर्थन किया है। “पाकिस्तान के लिए यह है एक नई शुरुआत का मौका”दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह सीजफायर पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के लिए आत्मचिंतन का अवसर है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को अब गंभीरता से अपने देश को आतंकवाद की फैक्ट्री बनने से रोकना चाहिए। आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई अब उसकीज़िम्मेदारी है।” “स्थायी शांति के लिए जरूरी है आतंकवाद का समूल नाश”श्री सचदेवा ने यह भी कहा कि सीमाओं पर शांति तभी स्थायी हो सकती है जब पाकिस्तान अपने यहां सक्रिय आतंकी नेटवर्क्स को खत्म करे औरसीमा पार से भारत में आतंकवाद फैलाने की किसी भी कोशिश को रोके। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और सेना किसी भी प्रकार की गतिविधि केलिए पूरी तरह सतर्क है। राजनीतिक संवाद से ज्यादा जरूरी है आतंक के खिलाफ ठोस नीतिउन्होंने इस बात पर बल दिया कि पाकिस्तान को केवल राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर ठोस और पारदर्शी कार्रवाई करनीचाहिए, जिससे विश्वास बहाली हो सके।

उत्तर प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित

उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय वायुप्रवाहों के चलते राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाएं, बारिश औरआंधी का प्रभाव देखा जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें 20 से अधिक जिलों मेंवज्रपात, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। प्रयागराज और लखनऊ में तेज बारिश, यातायात हुआ बाधितगुरुवार सुबह राजधानी लखनऊ, बाराबंकी और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं प्रयागराज में तेज गर्जना और चमकके साथ हुई मूसलधार बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित किया। सड़कों पर कई स्थानों पर पेड़ और होर्डिंग गिरने से यातायात प्रभावित हुआ औरजाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। सुलतानपुर में हादसा, दो की मौतसुलतानपुर में तेज आंधी के दौरान एक गंभीर दुर्घटना सामने आई। एक विशाल पेड़ उखड़कर बोलेरो वाहन पर गिर गया, जिससे उसमें सवार दो लोगोंकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। यह हादसा तेज हवाओं और बारिश के बीच हुआ, जिसने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया। इन जिलों में जारी की गई चेतावनीमौसम विभाग ने कानपुर, कानपुर देहात, कन्नौज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़, बुलन्दशहर, अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, अमरोहा और मुरादाबाद सहित कई जिलों में तेज बिजली गिरने और भारी बारिशकी आशंका जताई है। प्रशासन की अपील: सावधानी बरतेंस्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि मौसम पूरी तरह सामान्य होने तक घरों में ही रहें। पेड़ों, बिजली के खंभों औरखुले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

पाकिस्तान की ड्रोन गतिविधियों पर भारत का कड़ा जवाब,अफगानिस्तान पर मिसाइल हमले का दावा बताया हास्यास्पद

नई दिल्ली: पाकिस्तान द्वारा भारत पर लगातार ड्रोन हमले किए जा रहे हैं, जिनका भारतीय सुरक्षा बल प्रभावशाली तरीके से जवाब दे रहे हैं। सीमापार से भेजे गए कई ड्रोन भारत द्वारा नष्ट कर दिए गए हैं। इन कार्रवाइयों के बीच पाकिस्तान ने एक विवादास्पद और अजीब दावा किया है, जिसनेराजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पाकिस्तान का अजीब आरोप: “भारत ने अफगानिस्तान पर दागी मिसाइल”भारत सरकार ने शनिवार सुबह एक आधिकारिक ब्रीफिंग में बताया कि पाकिस्तान भारत में गलत सूचनाएं फैलाकर सांप्रदायिक तनाव भड़काने कीकोशिश कर रहा है। इसी के तहत पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि भारतीय मिसाइलों ने अफगानिस्तान में हमला किया है – जिसे भारत ने पूरी तरहसे नकार दिया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने किया आरोपों का खंडनविदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि पाकिस्तान ने अमृतसर की दिशा से मिसाइल छोड़े जाने कीझूठी खबर फैलाई है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह निराधार है और भारत ने अफगानिस्तान पर कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की है। पाकिस्तान की अपनी कारगुजारियों की ओर इशारामिस्री ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाइयों की ओर इशारा करते हुए कहा कि दुनिया जानती है कि किस देश ने पिछले डेढ़ साल में कईबार अफगान नागरिक इलाकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से भारत पर लगाए गए आरोपों में कोईसच्चाई नहीं है। लोकतंत्र और आलोचना पर विदेश सचिव का तीखा बयानविक्रम मिस्री ने कहा कि पाकिस्तान की यह कोशिश कि वह भारत सरकार को जनता के असंतोष के दबाव में दिखाए, हास्यास्पद है। उन्होंने कहा किपाकिस्तान के लिए यह बात आश्चर्यजनक हो सकती है कि भारत में नागरिक खुलकर अपनी सरकार की आलोचना करते हैं — लेकिन यही किसीजीवंत लोकतंत्र की पहचान होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान जैसे देशों के लिए यह समझ पाना स्वाभाविक रूप से मुश्किल है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद तनाव खत्म, भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर सहमत

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव का दौर आखिरकार समाप्त हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपकी पहल पर दोनों देशों ने सैन्य टकराव से पीछे हटने का फैसला लिया। इस ऐलान की जानकारी ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रूथ’ पर दी। भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर की आधिकारिक पुष्टिट्रंप के बयान के कुछ ही देर बाद भारत और पाकिस्तान दोनों ने सैन्य झड़पें रोकने की पुष्टि की। भारत के विदेश मंत्रालय ने शनिवार शाम एक संक्षिप्तप्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों देशों के बीच जल, थल और वायु क्षेत्र में युद्धविराम लागू हो गया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी का बयानविदेश सचिव विक्रम मिसरी ने जानकारी दी कि भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ 12 मई को फिर से बातचीत करेंगे। उन्होंने बताया कि यहसीजफायर भारत की शर्तों के अनुरूप है और इसे लेकर पाकिस्तान की ओर से फोन कॉल भी आया था।विदेश मंत्री एस. जयशंकर का कड़ा संदेशभारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि दोनों देशों ने सैन्य कार्रवाई और गोलाबारी को रोकने पर सहमति जताई है।उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के सभी स्वरूपों के खिलाफ सख्त और स्पष्ट रुख अपनाए रखेगा। अमेरिका की मध्यस्थता से सुलझा विवादअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष को समाप्त करने में अहम भूमिका निभाई। ट्रंप ने कहा किपिछले तीन दिनों के संघर्ष के बाद दोनों देश तत्काल प्रभाव से पूर्ण युद्धविराम को तैयार हुए हैं।वरिष्ठ नेताओं की बातचीत ने बनाई राहअमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि पिछले 48 घंटों में अमेरिकी नेतृत्व ने भारत और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्कबनाए रखा। इन चर्चाओं में भारत की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री जयशंकर और एनएसए अजित डोभाल शामिल रहे, जबकि पाकिस्तान कीओर से पीएम शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख असीम मुनीर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार असीम मलिक ने भाग लिया।

भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम को लेकर बनी सहमति, अमेरिका की मध्यस्थता से बना रास्ता

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर घोषणा की कि भारत और पाकिस्तान युद्ध विराम के लिए राज़ी हो गए हैं।ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच देर रात तक बातचीत चली, जिसके बाद दोनों पड़ोसी देश युद्ध विराम पर सहमत हुए।उन्होंने इसे एक समझदारी से भरा फैसला बताया और दोनों देशों की सराहना की। भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव में राहतभारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में युद्ध विराम की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई को रोकने परगंभीर और रचनात्मक बातचीत हुई है। पाकिस्तान की ओर से उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने भी सहमति जताते हुए कहा कि पाकिस्तान हमेशा क्षेत्रीयशांति और स्थिरता के पक्ष में रहा है। अमेरिका की गहन कूटनीतिक भूमिकाअमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पिछले 48 घंटों में भारत और पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं से लगातार बातचीत की।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पाक पीएम शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, सेना प्रमुख असीम मुनीर, एनएसए अजीत डोभाल और अन्यवरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क में रहकर वार्ता को सफल दिशा दी। शांति के रास्ते की ओर एक अहम कदमपाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान बिना अपनी संप्रभुता से समझौता किए क्षेत्रीय शांति के लिए प्रतिबद्ध है। भारत कीओर से भी यह स्पष्ट किया गया कि शांति के प्रयास तभी सफल होंगे जब सीमाओं पर स्थायित्व और पारदर्शिता रहेगी।

दिल्ली में हाई लेवल मीटिंग,पाकिस्तान की हरकतों पर बनी रणनीति

शनिवार को राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर एक अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तीनोंसेनाओं के प्रमुख, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल मौजूद रहे। मानाजा रहा है कि यह बैठक पाकिस्तान की ओर से हाल ही में हुई ड्रोन और मिसाइल हमलों की घटनाओं के मद्देनजर बुलाई गई थी। सीमा पर हालात गंभीर, पाकिस्तान की उकसाने वाली गतिविधियां जारीभारतीय सेना और विदेश मंत्रालय की संयुक्त प्रेस ब्रीफिंग में जानकारी दी गई कि पाकिस्तान ने अपनी फॉरवर्ड पोस्ट्स पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दीहै, जो ज़मीनी हमले की तैयारी का संकेत देता है। भारतीय सेना ने इस कदम को सीधे तौर पर उकसाने वाली कार्रवाई बताया और स्पष्ट किया किभारत इससे सख्ती से निपटेगा। जवाबी कार्रवाई में पूरी तरह तैयार है भारतऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद भी पाकिस्तान की ओर से हमले की कोशिशें जारी रहीं, जिन्हें भारतीय सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया। शनिवार सुबह तकदोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात देखे गए। हालांकि, भारत की प्रभावी रणनीति और जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान की हरकतों को कड़ा संदेशमिला है। अमेरिका का दबाव, पाकिस्तान के रुख में बदलावसूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाया है, जिसके चलते उसके तेवरों में कुछ नरमी देखी जा रही है। यह भी संभावनाजताई जा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी की बैठक में इस अंतरराष्ट्रीय दबाव और उसके संभावित असर पर भी चर्चा हुई। सुरक्षा रणनीति पर केंद्रित रहा बैठक का एजेंडाप्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुई बैठक में देश की सुरक्षा तैयारियों, सीमा पर उत्पन्न हालात और भविष्य की रणनीति पर व्यापक मंथन किया गया। बैठक मेंवायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी भी शामिल थे।

Dr. Ragini Nayak Addresses Media on National Security, Operation Sindoor, and Congress’ Stand on Unity

Dr. Ragini Nayak Basoya, spokesperson of the All India Congress Committee (AICC), held a press conference at the AICC Headquarters on 24 Akbar Road, addressing crucial issues concerning national security, the recent terror attack in Pahalgam, and the Congress party’s stance. Saluting the Armed ForcesDr. Nayak began her address by paying tribute to the Indian Armed Forces, emphasizing their unmatched valor, dedication, and sacrifice. Referring to the recent Operation Sindoor, she stated it was a proud moment for the country, demonstrating India’s military resolve in the face of terrorism. “Our army is establishing new benchmarks of bravery every day. We sleep peacefully because they are standing guard,” she noted. Operation Sindoor: A Fitting Response to TerrorismReferring to the Pahalgam terror attack, Dr. Nayak condemned the brutal targeting of innocent tourists by Pakistani-backed terrorists. She lauded the Indian military’s decisive counterattack through Operation Sindoor, which struck multiple terrorist bases in Pakistan-occupied Kashmir (PoK), including locations sheltering F-16 jets and air defense systems. She particularly praised women officers, Colonel Sofia Qureshi and Wing Commander Vyomika Singh, whose leadership in Operation Sindoor sent a strong message of national pride and gender empowerment. Dr. Nayak emphasized that this operation symbolizes India’s collective resistance against religious extremism. Unity in Diversity: The Need for Jai Hind YatraHighlighting the Congress party’s resolve to maintain national unity above politics, Dr. Nayak announced the launch of the “Jai Hind Yatra” from all Congress headquarters across India. This initiative, she said, is aimed at demonstrating India’s communal harmony and sending a unified message against terrorism. She asserted, “When Pahalgam was attacked, they asked for religion before shooting