मध्य प्रदेश बीजेपी को मिला नया प्रदेश अध्यक्ष, हेमंत खंडेलवाल ने पदभार संभालते ही संगठन को मजबूत करने का दिया संदेश

मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को अपना नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। हेमंत खंडेलवाल ने पदभार संभालने के बाद कहा कि यह पद सिर्फ एकजिम्मेदारी नहीं, बल्कि संगठन की सेवा करने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने आश्वस्त किया कि वह पार्टी द्वारा जताए गए विश्वास पर पूरी निष्ठा औरमेहनत से खरा उतरने का प्रयास करेंगे। ज़मीनी स्तर तक पहुंचाएंगे पार्टी की विचारधाराखंडेलवाल ने कहा कि उनकी प्राथमिकता संगठन की रीति-नीति और विचारधारा को प्रत्येक कार्यकर्ता तक पहुंचाने की रहेगी। उन्होंने जोर देते हुए कहाकि संगठन की मजबूती के लिए हर कार्यकर्ता को जोड़ना, सुनना और साथ लेकर चलना जरूरी है। वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ इस दिशा में काम करेंगे। हर चुनौती का करेंगे डटकर सामनाप्रदेश अध्यक्ष ने यह भी स्वीकार किया कि भविष्य में कई चुनौतियां सामने आएंगी, लेकिन वे किसी कठिन परिस्थिति से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहाकि वे हर मुश्किल का सामना दृढ़ता और संगठनात्मक एकजुटता के साथ करेंगे। संगठन को मजबूत करना और उसकी साख को और ऊंचा उठानाउनका सतत प्रयास रहेगा। संवाद और भागीदारी से बने रणनीतिजब उनसे आगामी कार्ययोजनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उनका पहला दिन संवाद और मुलाकातों से शुरू हुआ है। कार्यकर्ताओंऔर पदाधिकारियों से मिलना शुरू हो चुका है और यही संवाद संगठन की भावी दिशा और कार्ययोजना की नींव बनेगा। सभी कार्यकर्ताओं से सुझाव मांगने का किया आह्वानखंडेलवाल ने संगठन के सभी कार्यकर्ताओं और आमजनों से आग्रह किया कि वे अपने विचार और सुझाव निसंकोच साझा करें। उन्होंने कहा कि संगठनको सशक्त बनाने में सभी की भागीदारी आवश्यक है और हर कार्यकर्ता की आवाज़ को गंभीरता से सुना जाएगा। विनम्रता और समर्पण से करेंगे कार्यभार का निर्वहनअपने पहले आधिकारिक संबोधन में खंडेलवाल ने सकारात्मक और संयमित दृष्टिकोण दिखाते हुए वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति आभारप्रकट किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए वे कोई कसर नहीं छोड़ेंगे और पूरी विनम्रता व समर्पण के साथअपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
ICMR-AIIMS स्टडी में बड़ा खुलासा, कोविड वैक्सीन और युवाओं की अचानक मौतों के बीच नहीं है कोई संबंध, स्वास्थ्य मंत्रालय ने भीकिया स्पष्ट, हार्ट अटैक और टीकाकरण के बीच नहीं मिला कोई कनेक्शन

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) द्वारा संयुक्त रूप से की गई एक विस्तृत स्टडीमें यह निष्कर्ष निकला है कि कोविड-19 वैक्सीन का युवाओं में हो रही अचानक मौतों से कोई संबंध नहीं है। स्वस्थ व्यक्तियों की मौतों पर केंद्रित रही स्टडीयह अध्ययन मई से अगस्त 2023 के बीच देश के 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में स्थित 47 अस्पतालों में किया गया। स्टडी में उन लोगों कोशामिल किया गया जो पहले पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन अक्टूबर 2021 से मार्च 2023 के बीच अचानक मृत्यु का शिकार हो गए। हार्ट अटैक और वैक्सीन के बीच नहीं मिला कोई वैज्ञानिक संबंधकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए साफ कहा है कि कोरोना टीकाकरण और हार्ट अटैक के मामलों के बीच किसी भी प्रकारका सीधा संबंध नहीं पाया गया है। मंत्रालय का कहना है कि युवाओं की अचानक मौतों के मामलों के पीछे वैक्सीन को जिम्मेदार ठहराना वैज्ञानिकदृष्टिकोण से उचित नहीं है। जीवनशैली और स्वास्थ्य स्थितियां बताई गईं प्रमुख वजहेंइस स्टडी में सामने आया है कि युवाओं में हो रही अचानक मौतों के पीछे अधिकतर मामलों में अस्वस्थ जीवनशैली, पहले से मौजूद बीमारियां औरकुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियां जिम्मेदार रही हैं। वैक्सीन को इससे जोड़ने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं मिला है। सिद्धारमैया के बयान के बाद आई स्टडी की रिपोर्टयह स्टडी उस समय सार्वजनिक की गई जब एक दिन पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कोविड-19 वैक्सीन को लेकर सवाल उठाए थे।उन्होंने कहा था कि वैक्सीन को जल्दबाजी में दी गई मंजूरी और उसका वितरण युवाओं की अचानक मौतों का कारण हो सकता है।सिद्धारमैया ने वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने की भी घोषणा की थी।
कोलकाता लॉ कॉलेज में घिनौनी वारदात, आरोपी मनोजीत मिश्रा की वापसी से छात्राओं में डर का माहौल-कॉलेज में लौटने के बाद छात्राओं की अटेंडेंस में भारी गिरावट

कोलकाता के प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज में हाल ही में सामने आए यौन उत्पीड़न और डराने-धमकाने के मामले में मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा को लेकरचौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। छात्राओं ने बताया कि 2024 के मध्य में जब मनोजीत एक बार फिर कॉलेज में बतौर एड-हॉक स्टाफ लौटा, तो कॉलेजका माहौल ही बदल गया। छात्राओं की सुरक्षा पर उठे सवालकॉलेज की एक सीनियर छात्रा ने बताया कि जैसे ही मनोजीत कॉलेज में आया, लड़कियों की उपस्थिति तेजी से कम होने लगी। “वो हमें अजीब नजरोंसे घूरता था, चोरी-छिपे तस्वीरें खींचता और फिर ग्रुप्स में डाल देता। हर किसी को प्रपोज करता और जबरदस्ती बातचीत करने की कोशिश करता।” कई छात्राओं ने कॉलेज छोड़ने का लिया फैसलादूसरे वर्ष की एक छात्रा ने बताया कि पहले वो नियमित रूप से क्लास अटेंड करती थी, लेकिन मनोजीत के आने के बाद उसने कॉलेज जाना ही बंदकर दिया। “अब मैं सिर्फ इंटर्नशिप पर ध्यान देती हूं। कॉलेज में डर का माहौल है,” उसने कहा। पुराना छात्र, विवादों से रहा है नातामनोजीत मिश्रा ने 2012 में इस लॉ कॉलेज में दाखिला लिया था, लेकिन एक साल के भीतर ही आपराधिक गतिविधियों के चलते उसे निष्कासितकर दिया गया। 2017 में वह दोबारा कॉलेज लौटा और उस दौरान भी तोड़फोड़ और विवादों में घिरा रहा। 2022 में कॉलेज से स्नातक की डिग्रीलेकर जाने के बाद छात्र-छात्राओं ने राहत की सांस ली थी। 2023 में मिला कॉलेज पर नियंत्रण2023 में कॉलेज की छात्र यूनियन (TMCP यूनिट) के भंग होने के बाद मनोजीत को अनौपचारिक रूप से कॉलेज की गतिविधियों पर नियंत्रण मिलगया। अगले ही वर्ष 2024 में उसे एड-हॉक स्टाफ के रूप में बहाल किया गया, जिसके बाद से छात्राओं ने कॉलेज आना ही बंद कर दिया। लड़कों पर भी बनाता था दबावमनोजीत का डर सिर्फ लड़कियों तक सीमित नहीं था। कॉलेज के कुछ छात्रों ने बताया कि वह उन्हें भी धमकाता और परेशान करता था। “कोई उससेउलझना नहीं चाहता था, क्योंकि सब जानते थे कि वो क्या कर सकता है,” एक छात्र ने बताया। प्रशासन तक पहुंची शिकायतें, लेकिन मिली अनदेखीछात्राओं ने जब मनोजीत की वापसी पर विरोध जताया और प्रशासन से शिकायत की, तो उनकी बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। “हमने प्रिंसिपलसे बात की, लेकिन किसी ने हमें गंभीरता से नहीं लिया,” एक छात्रा ने बताया। कॉलेज के डाटा पर भी था उसका कब्जाएक अन्य छात्रा ने आरोप लगाया कि मनोजीत ने कॉलेज की जानकारी, छात्रों के फोन नंबर, पते और दस्तावेजों तक का नियंत्रण अपने पास रख लियाथा। “वो फोन करके धमकाता या अपने लोगों को भेज देता। क्लास के बीच में बुलाकर डराता था,” उसने कहा।
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता के सरकारी आवास का रेनोवेशन शुरू, PWD ने 60 लाख का टेंडर जारी किया, बंगला नंबर 1 में रहेंगी सीएम, नंबर 2 बनेगा कैंप ऑफिस

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को हाल ही में राजधानी दिल्ली के राज निवास मार्ग, सिविल लाइंस स्थित प्लॉट नंबर 8 पर दो सरकारी बंगले आवंटित किए गएहैं। इनमें से बंगला नंबर 1 को उनका आधिकारिक निवास बनाया गया है, जबकि बंगला नंबर 2 को उनके कैंप ऑफिस के रूप में उपयोग में लायाजाएगा। इलेक्ट्रिकल व इंटीरियर अपग्रेडेशन पर जोरलोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा फिलहाल बंगला नंबर 1 के लिए रेनोवेशन का टेंडर जारी किया गया है, जिसकी कुल अनुमानित लागत 60 लाखरुपये बताई गई है। यह टेंडर मुख्यतः इलेक्ट्रिकल और इंटीरियर से जुड़ी सुविधाओं के अपग्रेडेशन को लेकर है। TV, AC, CCTV और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीदीजारी टेंडर के अनुसार, मुख्यमंत्री के आवास पर 9.3 लाख रुपये की लागत से 5 आधुनिक टीवी लगाए जाएंगे। वहीं, 7.7 लाख रुपये की लागत में14 एयर कंडीशनर और 5.74 लाख रुपये में 14 सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे। इसके अलावा, दो लाख रुपये का UPS सिस्टम भी लगायाजाना प्रस्तावित है। रिमोट कंट्रोल फैन से लेकर डिशवॉशर तकटेंडर दस्तावेजों में बताया गया है कि बंगले में 1.8 लाख रुपये के 23 रिमोट कंट्रोल सीलिंग फैन लगाए जाएंगे। साथ ही, 85 हजार रुपये काओटीजी, 77 हजार की ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन और 60 हजार रुपये का एक डिशवॉशर भी शामिल है।किचन और बाथरूम अपग्रेडेशन भी शामिलबंगले में 63 हजार रुपये का गैस चूल्हा, 32 हजार का माइक्रोवेव और 91 हजार रुपये की लागत से 6 गीजर लगाए जाने हैं। वहीं, रोशनी कीव्यवस्था के लिए 6.03 लाख रुपये की लागत से 115 लैंप, वॉल लाइट्स, हैंगिंग लाइट्स और तीन बड़े झूमर भी इंस्टॉल किए जाएंगे। 4 जुलाई को खुलेगा टेंडर, 60 दिन में होगा कामयह टेंडर 4 जुलाई को खोला जाएगा और कार्य को 60 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शालीमार बाग स्थितअपने निवास में रह रही हैं। सीएम का आवास टाइप-7 कैटेगरी मेंगौरतलब है कि यह आवास टाइप-7 कैटेगरी में आता है। इससे पहले दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया था कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का फ्लैगस्टाफ रोड स्थित बंगला बीजेपी सरकार के किसी मुख्यमंत्री को नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री पद संभालने के करीब 100 दिन बाद रेखा गुप्ता को नयाआवास आवंटित किया गया है। पूर्व में एलजी सचिवालय था बंगला नंबर 1जिस बंगले को अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आवास बनाया जा रहा है, पहले उसका उपयोग उपराज्यपाल सचिवालय के तौर पर किया जाता था।अब इसे पूरी तरह से मुख्यमंत्री निवास के रूप में पुनः विकसित किया जा रहा है।
गोरखपुर में उत्तर प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय हुआ लोकार्पित, सीएम योगी ने की नई घोषणाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय — का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। यह विश्वविद्यालय 268 करोड़रुपये की लागत से तैयार किया गया है।सीएम योगी ने हर मंडल में आयुष कॉलेज खोलने की घोषणा कीइस ऐतिहासिक मौके पर बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि जिन मंडलों में अभी तक आयुषचिकित्सा पद्धति से संबंधित कोई कॉलेज नहीं है, वहां जल्द ही एक-एक महाविद्यालय स्थापित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक जिले मेंएक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी बनाया जाएगा, जिसमें न्यूनतम 100 बेड की सुविधा होगी। पूर्ववर्ती सरकारों पर साधा निशाना, पीएम मोदी को दिया श्रेययोगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों की पूर्व सरकारों पर पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2014 से पहलेआयुर्वेद, यूनानी, योग और होम्योपैथी जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को अंतरराष्ट्रीय पहचान नहीं मिल पाई थी। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत की प्राचीन चिकित्सा विधाएं आज वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त कर रही हैं। विश्वविद्यालय बनेगा अनुसंधान और रोजगार का केंद्रमुख्यमंत्री ने बताया कि यह नया आयुष विश्वविद्यालय परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े महाविद्यालयों को संबद्धता प्रदान करेगा। विश्वविद्यालयआयुर्वेद, योग, होम्योपैथी और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में न केवल उपचार की सुविधाएं देगा, बल्कि शोध और रोजगार के नए अवसर भी प्रदानकरेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह संस्थान युवाओं के करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राष्ट्रपति और राज्यपाल को दी बधाईसीएम योगी ने राष्ट्रपति और राज्यपाल का आभार जताते हुए कहा कि गोरखपुर और पूरे प्रदेश के लिए यह अत्यंत गर्व की बात है कि राष्ट्रपति मुर्मू नेएम्स गोरखपुर के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लिया और अब आयुष विश्वविद्यालय का उद्घाटन करके राज्यवासियों को मार्गदर्शन दे रही हैं।
ओडिशा: वरिष्ठ नौकरशाह की पिटाई पर बवाल, BJP ने की कार्रवाई, कांग्रेस और OAS संघ का विरोध तेज,भुवनेश्वर में जनसुनवाई के दौरान हुई मारपीट

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां भुवनेश्वर नगर निगम (BMC) के एडिशनल कमिश्नर रत्नाकर साहू केसाथ कुछ लोगों ने मारपीट की। यह घटना उस समय हुई जब साहू जनसुनवाई कर रहे थे। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसकेबाद राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। हमलावरों में BJP नेता भी शामिल, पार्टी ने 5 नेताओं को किया निलंबितहमले के वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस पर सख्त कार्रवाईकी मांग की। दबाव बढ़ने पर बीजेपी ने त्वरित कदम उठाते हुए पांच नेताओं को पार्टी से निलंबित कर दिया। इनमें पार्षद जीवन राउत भी शामिल हैं, जिन पर साहू के साथ मारपीट में शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने तीन हमलावरों को किया गिरफ्तारपुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए वीडियो की जांच के आधार पर तीन आरोपियों जीवन राउत, रश्मि महापात्रा और देबाशीष प्रधान को गिरफ्तारकर लिया है। जांच जारी है और बाकी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है। रत्नाकर साहू का बयानहमले के बाद मीडिया से बातचीत में रत्नाकर साहू ने कहा कि हमलावर उन्हें नहीं जानते थे और उन्होंने किसी के साथ कोई बदसलूकी नहीं की थी।उनके अनुसार, पार्षद जीवन राउत ने कथित तौर पर यह पूछने के बाद कि क्या उन्होंने ‘जगा भाई’ से बदतमीजी की है, अचानक हमला कर दिया। BMC कर्मचारियों का धरना और कार्य बहिष्कारघटना के विरोध में BMC के कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में दिनभर का कार्य बहिष्कार किया और धरना दिया। उन्होंने दोषियों की गिरफ्तारी, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर अधिकारियों को कार्यालय में सुरक्षा नहीं मिलती, तो वे कैसेकाम करेंगे। नवीन पटनायक का सरकार पर हमलापूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटना की तीखी आलोचना करते हुए इसे कानून व्यवस्था की विफलता बताया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) परलिखा, “अगर रत्नाकर साहू जैसे वरिष्ठ अधिकारी कार्यालय में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक क्या उम्मीद करें?” उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन मांझी सेतत्काल और उदाहरण प्रस्तुत करने वाली कार्रवाई की मांग की। प्रशासनिक सेवा संघ ने दी सामूहिक अवकाश की चेतावनीओडिशा प्रशासनिक सेवा (OAS) संघ ने इस हमले के विरोध में मंगलवार से सामूहिक अवकाश पर जाने की घोषणा की है। संघ के अध्यक्ष ज्योतिरंजन मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।
हिमाचल के मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर NHAI अधिकारी से मारपीट का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मामला

फोरलेन निर्माण स्थल पर हुआ विवादहिमाचल प्रदेश के शिमला ग्रामीण क्षेत्र के भट्टाकुफर इलाके में फोरलेन निर्माण के दौरान एक गंभीर विवाद सामने आया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटीऑफ इंडिया (NHAI) के शिमला प्रोजेक्ट मैनेजर अचल जिंदल ने राज्य के कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर मारपीट का आरोप लगाते हुए ढली थाने मेंशिकायत दर्ज कराई है। घटना उस समय की है जब निर्माण कार्य के चलते एक पांच मंजिला इमारत ढह गई थी।बैठक में नहीं पहुंचे SDM, साइट पर बुलाए गए अधिकारीअचल जिंदल के अनुसार, उन्हें और साइट इंजीनियर योगेश को शिमला ग्रामीण के एसडीएम कार्यालय में 11:30 बजे बैठक के लिए बुलाया गयाथा, लेकिन एसडीएम के अनुपस्थित होने के चलते दोनों अधिकारियों को घटनास्थल पर जाने को कहा गया। वहां मंत्री अनिरुद्ध सिंह और स्थानीयलोग पहले से मौजूद थे। मंत्री पर लगाए गए गंभीर आरोपजिंदल ने अपनी शिकायत में कहा कि उन्होंने मंत्री को जानकारी दी कि जिस भवन का जिक्र हो रहा है, वह राष्ट्रीय राजमार्ग की अधिकार सीमा(ROW) से 30 मीटर दूर स्थित है और नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। आरोप है कि यह सुनते ही मंत्री ने अपशब्द कहे और फिर उन्हें एककमरे में ले जाकर स्थानीय लोगों की उपस्थिति में उनके साथ मारपीट की गई।पानी के घड़े से हमला, अस्पताल में भर्तीशिकायत के अनुसार, मंत्री ने कथित तौर पर पानी के घड़े से अचल जिंदल के सिर पर वार किया जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और खून बहने लगा।जब साइट इंजीनियर योगेश ने उन्हें बचाने की कोशिश की, तो उसके साथ भी मारपीट की गई। दोनों अधिकारियों को आईजीएमसी अस्पताल में भर्तीकराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। मौके पर मौजूद थे सरकारी अधिकारी, किसी ने नहीं रोकाजिंदल का कहना है कि घटना के वक्त एसडीएम सहित अन्य अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद थे, लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया। अधिकारीजान बचाकर अपनी गाड़ी से सीधे अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने मामला दर्ज किया, मंत्री की चुप्पीपुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132, 121(1), 352, 126(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।हालांकि, अब तक कैबिनेट मंत्री अनिरुद्ध सिंह की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है। इंजीनियरिंग एसोसिएशन ने नितिन गडकरी को लिखा पत्रघटना के बाद सेंट्रल इंजीनियरिंग सर्विस ऑफिसर एसोसिएशन ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखते हुए इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कीहै। शिकायत की प्रतिलिपि NHAI के क्षेत्रीय कार्यालय, मुख्यालय और परियोजना निदेशक को भी भेजी गई है। बढ़ सकता है विवादमंत्री पर सीधे मारपीट के आरोप लगने के कारण यह मामला राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ सकता है। प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में इसप्रकरण को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस जांच जारी है और पीड़ित अधिकारियों की मेडिकल रिपोर्ट भी केस का अहम हिस्सा बनेगी।
कर्नाटक में सियासी घमासान, प्रियांक खरगे का आरएसएस पर प्रतिबंध का बयान बना विवाद का केंद्र

प्रियांक खरगे का विवादास्पद बयानकर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है। इस बार कांग्रेस नेता और मंत्री प्रियांक खरगे नेराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर एक विवादित बयान देकर बहस को और हवा दे दी। उन्होंने कहा, “अगर केंद्र में हमारी सरकार बनती है, तोहम आरएसएस पर पाबंदी लगाएंगे।” आरएसएस पर गंभीर आरोपकांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र प्रियांक खरगे ने आरएसएस को धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद के खिलाफ बताते हुए कहा कि इसकीविचारधारा समानता और आर्थिक समता के सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने दावा किया कि आरएसएस पहले भी दो बार प्रतिबंधित किया गया था औरउस दौरान संगठन ने राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों से पल्ला झाड़ते हुए माफी मांगी थी। खरगे ने यह भी कहा कि कांग्रेस हमेशा से आरएसएस की विचारधारा का विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी। उनके मुताबिक, कांग्रेस सत्तामें आने पर इस दिशा में कठोर कदम उठा सकती है क्योंकि उनके पास संबंधित घटनाओं का पूरा रिकॉर्ड मौजूद है। भाजपा का पलटवारभाजपा ने प्रियांक खरगे के इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि आरएसएस एक देशभक्तसंगठन है, जिसके लाखों स्वयंसेवक राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने खरगे के बयान को “खाली बर्तन की आवाज” बताया और कहा किआरएसएस एक वटवृक्ष की तरह है, जिसे कोई भी राजनीतिक ताकत उखाड़ नहीं सकती। कांग्रेस के भविष्य पर भाजपा का तंजविजयेंद्र ने कांग्रेस को अपने राजनीतिक भविष्य पर ध्यान देने की सलाह दी और कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या कांग्रेस का अस्तित्व आने वाले वर्षों मेंबचा रह पाएगा। उन्होंने कहा कि बार-बार आरएसएस को निशाना बनाना कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है। प्रियांक खरगे के बयान ने न केवल राज्य की राजनीति को गरमा दिया है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी बहस को जन्म दिया है। कांग्रेस और भाजपा केबीच यह जुबानी जंग आगे और तेज होने की संभावना है, खासकर तब, जब आरएसएस जैसे संगठन को प्रतिबंधित करने की बात खुले मंचों पर कहीजा रही हो।
UN में एस. जयशंकर का सख्त संदेश: आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हो विश्व, परमाणु धमकियों से न डरे, आतंक के खिलाफ वैश्विक एकता की अपील

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आतंकवाद पर सख्त रुख अपनाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होने का आह्वानकिया। उन्होंने कहा कि किसी भी आतंकी को बख्शा नहीं जाना चाहिए और न ही किसी देश को आतंकियों का इस्तेमाल अपने रणनीतिक उद्देश्यों केलिए करने देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति “जीरो टॉलरेंस” पर आधारित है। पहलगाम हमले का संदर्भ और भारत की प्रतिक्रियाजयशंकर ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले का ज़िक्र करते हुए बताया कि इस हमले ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को और सख्तकिया है। उन्होंने कहा कि इस हमले के दो हफ्तों के भीतर भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकीठिकानों को निशाना बनाया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ओर से इस हमले की निंदा का भी उल्लेख किया। मानवता के लिए सबसे बड़ा खतराविदेश मंत्री ने जोर देते हुए कहा कि आतंकवाद न केवल शांति और स्थिरता बल्कि मानवाधिकारों, कानून के शासन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के भीखिलाफ है। जब कोई राष्ट्र अपने पड़ोसी के खिलाफ आतंक को हथियार बनाता है या जब कट्टरपंथ इसे बढ़ावा देता है, तो उसे बेनकाब करना जरूरीहो जाता है. परमाणु धमकियों से न झुके वैश्विक समुदायजयशंकर ने यह भी चेताया कि दुनिया को किसी भी देश की परमाणु धमकी या ब्लैकमेल के आगे झुकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवादऔर परमाणु हथियारों की धमकी दोनों ही वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे हैं। संयुक्त राष्ट्र में प्रदर्शनी का उद्घाटनएस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में ‘आतंकवाद का मानवीय नुकसान’ नामक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जो 30 जून से 3 जुलाई और 7 से 11 जुलाई तक प्रदर्शित की जाएगी। इस प्रदर्शनी में 1993 मुंबई बम धमाके, 2008 के मुंबई हमलों और 2025 के पहलगामहमले जैसे आतंकवादी कृत्यों को दर्शाया गया है। इसमें आतंकवाद से प्रभावित पीड़ितों की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने की कोशिशकी गई है। पाकिस्तान की UNSC अध्यक्षता के बीच अहम वक्तव्यगौरतलब है कि यह वक्तव्य ऐसे समय पर आया है जब पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभालने जा रहा है। जयशंकर का यहबयान एक तरह से वैश्विक मंच पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को चुनौती देने की दिशा में भी देखा जा रहा है।
हिमाचल में मॉनसून की मार: मंडी में बादल फटने से भारी तबाही, 800 करोड़ का नुकसान, मंडी बना तबाही का केंद्र

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बादल फटने की घटनाओं ने जबरदस्त तबाही मचाई है। करसोग और धर्मपुर क्षेत्रों में बादल फटने से अब तक 4 लोगोंकी मौत हो चुकी है, जबकि 16 लोग अभी भी लापता हैं। राहत की बात यह है कि अब तक 117 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इस आपदासे राज्य को अब तक करीब 800 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। सड़कों, पुलों और घरों को नुकसानभारी बारिश और बादल फटने की वजह से कई सड़कें, पुल और पुलियाएं बह गईं। मंडी जिले में कुल 18 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, 12 गौशालाएं पूरीतरह तबाह हो गईं और लगभग 30 मवेशी पानी में बह गए। इन घटनाओं का असर दोपहर एक बजे तक के आंकड़ों में देखा गया है। गोहर और धर्मपुर में सबसे ज्यादा नुकसानमंडी के गोहर क्षेत्र में चार अलग-अलग जगहों पर बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गईं, जिसमें दो घर पूरी तरह नष्ट हो गए। धर्मपुर में भी हालात गंभीरहैं, जहां 6 घर बाढ़ की चपेट में आ गए और 8 गौशालाएं बह गईं। ब्यास नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिससे क्षेत्र में और खतरा बनाहुआ है। राज्यभर में बारिश का कहरइस बार हिमाचल प्रदेश में मॉनसून ने सामान्य से कहीं अधिक तबाही मचाई है। जून महीने में सामान्य से 37% अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसतेज बारिश से राज्यभर में व्यापक नुकसान हुआ है, खासकर मंडी, कांगड़ा, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, सोलन और शिमला जिलों में भारी बारिशरिकॉर्ड की गई है।पंडोह में 123 मिमी, मंडी में 120 मिमी, शिमला में 110 मिमी और पालमपुर में 80 मिमी वर्षा दर्ज की गई। रेड और ऑरेंज अलर्ट जारीराज्य में मौसम विभाग ने आगामी 6 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी दी है। 2 और 3 जुलाई को विशेष रूप से अधिकतर इलाकों में तेज बारिशकी संभावना है। जिला ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कुल्लू में येलो अलर्ट और कुछ स्थानों पर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। वहीं, मंडी, कांगड़ा और चंबा जैसे जिलों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पंडोह डैम से छोड़ा गया पानीबाढ़ की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए मंडी के पंडोह डैम से करीब 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे निचले क्षेत्रों में खतरा औरअधिक बढ़ गया है और रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।