भारत-फिजी संबंधों में नया अध्याय पीएम मोदी और पीएम राबुका ने किए 7 समझौते, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक दक्षिण पर फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी लिगामामादा राबुका, हैदराबाद हाउस में भारत और फिजी के बीच हुए समझौतों के आदान-प्रदान के साक्षी बने। प्रधानमंत्री मोदी और उनके फिजी समकक्ष राबुका के बीच वार्ता के बाद भारत और फिजी ने सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए. फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी लिगामामादा राबुका प्रधानमंत्री मोदी की बुधवार को एक संयुक्त प्रेस वार्ता हुई. इस दौरान पीएम मोदी ने जलवायुपरिवर्तन को फिजी के लिए खतरा बताते हुए कहा कि हम आपदा प्रतिक्रिया से निपटने में उसकी मदद करेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फिजीभले ही महासागरों से बंटे हुए हों, लेकिन हमारी आकांक्षाएं एक ही नाव पर सवार हैं इस दौरान फिजी के नेता भी उनके साथ थे. हमारी आकांक्षाएं एक ही नाव पर सवारइस दौरान पीएम मोदी ने कहा, “33 वर्षों के बाद, 2014 में, किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने फिजी का दौरा किया. मुझे बहुत खुशी और गर्व है कि यहमेरा सौभाग्य था. उस समय, हमने फॉरेन फॉर इंडिया पैसिफिक आइलैंड कोऑपरेशन-FIPIC का गठन किया था. इस पहल ने न केवल भारत-फिजीसंबंधों को बल्कि पूरे प्रशांत क्षेत्र के साथ हमारे संबंधों को भी मजबूत किया. प्रधानमंत्री राबुका की इस यात्रा के साथ, हम अपने संबंधों में एक नयाअध्याय जोड़ रहे हैं. भारत और फिजी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फिजी के समकक्ष सितवेनी लिगामामादा राबुका के साथ व्यापक वार्ताके बाद अपने रक्षा संबंधों को विस्तार देने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और फिजी भले ही महासागरोंकी दूरी पर हों, लेकिन हमारी आकांक्षाएं एक ही नाव पर सवार हैं. भारत-प्रशांत का करते है समर्थनप्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत और फिजी एक स्वतंत्र, समावेशी, खुले, सुरक्षित और समृद्ध भारत-प्रशांत का समर्थन करते हैं. राबुका रविवारको तीन दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचे. दक्षिण प्रशांत क्षेत्र के प्रधानमंत्री के रूप में यह उनकी पहली भारत यात्रा है. समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में फ़िजीभारत के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्र है. प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक पकड़ बढ़ाने के चीन के अथक प्रयासों की पृष्ठभूमि में, भारत फ़िजी के साथअपने रक्षा संबंधों को बढ़ाने पर विचार कर रहा है. मोदी और राबुका के बीच वार्ता के बाद, दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को व्यापक बनाने केलिए सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए. मोदी ने कहा, “हमने रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करने का फैसला किया है. उन्होंनेमीडिया को दिए बयान में कहा कि इसके लिए एक कार्य योजना तैयार की गई है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत फिजी की समुद्री सुरक्षा कोमजबूत करने के लिए प्रशिक्षण और उपकरण सहायता प्रदान करेगा. अपने संबोधन में मोदी ने वैश्विक दक्षिण के लिए भारत की प्राथमिकताओं का भीउल्लेख किया. उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक दक्षिण के विकास में सहयात्री है.
संविधान संशोधन विधेयक पर गरमाई सियासत, शिवसेना ने JPC से किनारा किया ‘अमित शाह ने बताया नैतिकता का प्रतीक”

शिवसेना (उसंजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी दी. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस विधेयक केजरिए लोकतंत्र और चुनी हुई सरकारों को कुचलना चाहती है. उन्होंने लिखा, नरेंद्र मोदी सरकार संविधान का 130वां संशोधन लाकर लोकतंत्र औरजनता द्वारा चुनी गई सरकारों को खत्म करना चाहती है. इस विधेयक की समीक्षा के लिए बनाई गई जेपीसी केवल एक दिखावा है. शिवसेना प्रमुखउद्धव ठाकरे ने स्पष्ट कहा है कि शिवसेना ऐसी किसी जेपीसी का हिस्सा नहीं बनेगी.द्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 पर बनी संयुक्तसंसदीय समिति (जेपीसी) का हिस्सा नहीं होगी. संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 में यह प्रस्ताव है कि अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री याकोई मंत्री किसी ऐसे अपराध के आरोप में गिरफ्तार होते हैं या 30 दिन तक हिरासत में रहते हैं. जिसकी सजा पांच साल या उससे ज्यादा हो सकती है, तो वह पद से खुद-ब-खुद हट जाएंगे. समिति करेगी जांचइस विधेयक की विस्तार से जांच के लिए इसे जेपीसी के पास भेजा गया है. समिति में संसद के दोनों सदनों के कुल 31 सदस्य शामिल होंगे. यहसमिति जांच करेगी और सुझाव देगी, उसके बाद इसे संसद में मतदान के लिए पेश किया जाएगा. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक इंटरव्यू में भरोसाजताया कि संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025 पारित हो जाएगा, चाहे विपक्ष इसकी आलोचना कर रहा हो. शाह ने इस विधेयक काबचाव करते हुए कहा कि यह सांविधानिक नैतिकता और जनता के भरोसे को बनाए रखने के लिए लाया गया है. उन्होंने कहा कि यह विधेयक सभीनेताओं पर समान रूप से लागू होगा, चाहे वे सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष. शाह ने कहा, मुझे पूरा भरोसा है कि यह विधेयक पारित होगा. कांग्रेस पार्टीऔर विपक्ष में भी ऐसे कई लोग हैं जो नैतिकता का समर्थन करेंगे और उच्च नैतिक स्तर बनाए रखेंगे. उन्होंने आगे कहा, प्रधानमंत्री ने इस विधेयक मेंखुद को शामिल किया है. पहले (पूर्व प्रधानमंत्री) इंदिरा गांधी ने 39वां संशोधन लेकर आई थीं, जिसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री औरलोकसभा अध्यक्ष को कोर्ट की समीक्षा से छूट दी गई थी. लेकिन नरेंद्र मोदी खुद अपने खिलाफ ऐसा संविधान संशोधन ला रहे हैं कि अगर प्रधानमंत्रीभी जेल जाता है, तो उसे इस्तीफा देना होगा. शहजाद पूनावाल पर साधा निशानाअमित शाह ने संसद में यह विधेशक पेश किया है जिसका मकसद है कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई मंत्री अगर लगातार 30 दिनों तक जेल में रहताहै और उस पर ऐसा अपराध है, जिसमें पांच साल या उससे ज्यादा की सजा हो सकती है, तो वह अपने पद पर नहीं बना रहेगा. भाजपा नेता शहजादपूनावाला ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो पार्टियां संविधान संशोधन विधेयक का विरोध कर रही हैं वे नैतिकता का नहीं, बल्किनिर्लज्जता का साथ दे रही हैं. उन्होंने पत्रकारों से कहा, जब पूरा देश नैतिकता और अच्छी शासन व्यवस्था के इस कदम का स्वागत कर रहा है, तब कुछविपक्षी दल खुलकर कह रहे हैं कि वे नैतिकता के साथ नहीं, बल्कि निर्लज्जता के साथ हैं… ये वही लोग हैं जो कहते हैं- हम तो निर्लज्जता के साथ हैं, हम तो सत्ता के साथ हैं.
अनुराग ठाकुर का विवादित बयान “पहले अंतरिक्ष यात्री थे हनुमान जी, बच्चों को बताया नील आर्मस्ट्रांग गलत जवाब

हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर का एक स्कूल कार्यक्रम से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चाओं में हैं. वीडियोमें अनुराग ठाकुर विद्यार्थियों से सवाल करते हैं कि अंतरिक्ष में यात्रा करने वाला सबसे पहला कौन व्यक्ति था. इसपर बच्चों ने जवाब दिया कि नीलआर्मस्ट्रांग इस पर अनुराग ठाकुर कहते हैं कि पवनसुत हनुमान जी पहले अंतरिक्ष यात्री थे. अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि जब तक हमें अपनी परंपरा, ज्ञान, संस्कृति का पता न होगा, तब तक हम अंग्रेजों की बताई बातों तक सीमित होकर रह जाएंगे. सांसद अनुराग ठाकुर बीते शनिवार को जवाहरनवोदय विद्यालय में नेशनल स्पेस डे पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे. चंद्रमा पर पैर रखने वाले थे पहले व्यक्तिबता दें कि जिला ऊना के स्कूल में राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर नेतर्क दिया कि ज्ञान परंपराओं का विस्तार अंग्रेजों द्वारा हमें दी गई पाठ्यपुस्कों से आगे आना चाहिए. उन्होंने इस दौरान प्रधानाचार्य और शिक्षकों सेअनुरोध किया बच्चों को हमारे वेदों, हमारी पाठ्यपुस्तकों और हमारे ज्ञान की ओर भी ले जाने की कोशिश करें. इससे बच्चों को बहुत कुछ देखने कोमौका मिलेगा. बता दें कि नील आर्मस्ट्रांग एक अमेरिकी खगोलयात्री (अंतरिक्ष यात्री), नौसैनिक एविएटर, परीक्षण पायलट और इंजीनियर थे, जोचंद्रमा पर पैर रखने वाले पहले व्यक्ति थे. अनुराग ठाकुर ने दिया एक बयानइस बयान पर डीएमके सांसद कनिमोझी ने ट्वीट कर लिखा कि एक सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री द्वारा स्कूली बच्चों से यह पूछना कि चांद पर सबसेपहले किसने कदम रखा था और जोर देकर कहना कि वह नील आर्मस्ट्रांग नहीं, बल्कि हनुमान थे, बेहद परेशान करने वाला है. विज्ञान कोई मिथक नहींहै कक्षाओं में युवाओं को गुमराह करना ज्ञान, तर्क और हमारे संविधान में निहित वैज्ञानिक सोच का अपमान है भारत का भविष्य जिज्ञासा को पोषितकरने में निहित है, न कि तथ्यों को मिथकों से भ्रमित करने में सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक बयान दिया है यह बयान वायरल होगया है. अनुराग ठाकुर विद्यार्थियों से सवाल करते हैं कि अंतरिक्ष में यात्रा करने वाला सबसे पहला कौन व्यक्ति था.
राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा चुनाव आयोग पर सवाल, ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के लगे नारे “वोटर अधिकार यात्रा’ में चुनावी धांधली का उठाया मुद्दा”

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ रविवार को आठवें दिन पूर्णिया से शुरू होकर अररिया पहुंची. यात्रा के दौरान उन्होंने न सिर्फ विपक्षीनेताओं के साथ मंच साझा किया, बल्कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर भी तीखे हमले किए. अररिया के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंसमें राहुल गांधी के साथ राजद नेता तेजस्वी यादव और भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य जैसे बड़े विपक्षी नेता मौजूद थे. यह मंचआगामी चुनाव से पहले बिहार में विपक्षी दलों की एकजुटता का संकेत माना जा रहा है. निष्पक्षता पर भी सवालप्रेस वार्ता में राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर युवाओं को रोजगार और विकास से वंचित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार नेदेश के युवाओं के लिए सभी दरवाजे बंद कर दिए हैं और देश का धन चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों के हवाले किया जा रहा है. इसी दौरान राहुल गांधी नेचुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए. जीवित लोगों के नाम जा रहे है काटेउन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को बिहार में आकर खुद देखना चाहिए कि किस तरह जीवित लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं. उन्होंने यहभी दावा किया कि यात्रा के दौरान छोटे-छोटे बच्चे तक ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ जैसे नारे लगा रहे हैं, जो इस बात का संकेत है कि चुनावी धांधली कोलेकर लोगों में जागरूकता और आक्रोश दोनों बढ़ रहा है. राहुल गांधी ने जनता से अपील की कि वे अपने मताधिकार को लेकर सजग रहें और किसीभी तरह की चुनावी गड़बड़ी बर्दाश्त न करें. उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल राजनीतिक रैलियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों कोउनके अधिकारों और देश की मौजूदा परिस्थितियों के प्रति जागरूक करना है. राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंनेकहा कि चुनाव आयोग को बिहार में आकर खुद देखना चाहिए कि किस तरह जीवित लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर बड़ा हमला, बोले देश को अस्थिर करने की साजिश में कांग्रेस की संलिप्तता का आरोप

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष और लोकसभा में उनके नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी कुछबोलते हैं, उनके सारे सांसद बहुत असहज हो जाते हैं. वो डरते हैं ये अनाप-शनाप बातें करेंगे, उसका नुकसान पार्टी को भुगतना पड़ेगा. उन्होंने कहा किराहुल गांधी बहुत खतरनाक रास्ते पर जा रहे हैं. जॉर्ज सोरोस कहते हैं कि भारत सरकार को अस्थिर करने के लिए एक ट्रिलियन डॉलर रखे गए हैं. कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन और कई वामपंथी संगठनों में बैठी भारत विरोधी खालिस्तानी ताकतें देश के खिलाफ काम करने की साजिश रच रही हैं. राहुल गांधी और कांग्रेस उनके साथ मिलकर काम कर रहे हैं और देश को कमजोर कर रहे हैं. यह बहुत चिंताजनक है, लेकिन कोई भी देश को अस्थिरनहीं कर सकता. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित है.सरकार राष्ट्रहित में करेगी विधेयक पारितप्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और गंभीर आपराधिक आरोपों में घिरे मंत्रियों को हटाने संबंधी विधेयक पर उन्होंने कहा, ‘पीएम नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट से कहाथा कि प्रधानमंत्री को इस विधेयक से बाहर रखने की सिफारिश की गई है, लेकिन वे इससे सहमत नहीं हुए. प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम को कोई छूटदेने से इनकार कर दिया. प्रधानमंत्री भी एक नागरिक हैं और उन्हें विशेष सुरक्षा नहीं मिलनी चाहिए. ज्यादातर मुख्यमंत्री हमारी पार्टी के हैं. अगर वे कुछगलत करते हैं तो उन्हें अपना पद छोड़ना होगा. नैतिकता का भी कुछ मतलब होना चाहिए. अगर विपक्ष ने नैतिकता को केंद्र में रखा होता, तो वे इसविधेयक का स्वागत करते.रिजिजू ने कहा कि अगर संसद नहीं चलती है तो नुकसान विपक्ष का है. सरकार राष्ट्रहित में विधेयक पारित करेगी. समस्याओं को कर रही है पेशउन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को संसदीय चर्चाओं में कोई रुचि नहीं है वे संसद में बहस और चर्चा में विश्वास नहीं रखते. कांग्रेस और अन्य दलों के कई सांसदमेरे पास आए और कहा कि संसद नहीं चलने के कारण वे अपने निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याओं को पेश कर पा रहे हैं. अगर संसद नहीं चलती है तोनुकसान विपक्ष का है. सरकार राष्ट्रहित में विधेयक पारित करेगी अगर विधेयक बिना चर्चा के पारित हो जाते हैं, तो यह ठीक नहीं है हम चर्चा मेंविश्वास करते हैं नुकसान उनका है जिन्हें सवाल पूछने हैं. रिजिजू ने कहा, ‘मेरा गला भी बैठ गया देखो। विपक्ष को चिल्ला-चिल्लाकर मैं अनुरोध करताहूं कि काम होने दीजिए. उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में संसद विपक्ष की होती है. सरकार जवाब देने के लिए जिम्मेदार होती है. विपक्ष कोसवाल पूछने होते हैं. अगर सवाल पूछने वाले ही भाग जाएं तो सरकार क्या करेगी? हम उनसे हंगामा न करने के लिए कह रहे हैं. मेरा गला खराब होगया, क्योंकि मुझे चिल्लाकर विपक्ष से हंगामा न करने के लिए कहना पड़ा.
शशि थरूर ने जताई चिंता, श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति की गिरफ्तारी को बताया बदले की राजनीति सम्मान से पेश आए श्रीलंकाई सरकार

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे की गिरफ्तारी पर चिंता जताई और श्रीलंकाई सरकार से बदले की राजनीतिछोड़ने का आह्वान किया. शशि थरूर ने ये भी कहा कि रानिल विक्रमसिंघे पर लगे आरोप मामूली हैं और उन्होंने वर्षों तक देश की सेवा की है, ऐसे में वेसम्मान के हकदार हैं. सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में शशि थरूर ने लिखा कि ‘श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे को मामूली आरोपोंमें हिरासत में लिए जाने से मैं चिंतित हूं. उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें पहले ही जेल अस्पताल ले जाया जा चुका है. इस बात का पूरासम्मान करते हुए कि यह उनका आंतरिक मामला है, मैं श्रीलंका सरकार से आग्रह करता हूं कि वह बदले की राजनीति छोड़ें और अपने पूर्व राष्ट्रपति केसाथ उस सम्मान और गरिमा के साथ पेश आएं जिसके वे हकदार हैं. उन्होंने कई वर्षों तक देश की सेवा की है. दुरुपयोग के आरोप में किया गिरफ्तारइससे पहले वरिष्ठ श्रीलंकाई पत्रकार एस वेंकट नारायण ने भी पूर्व श्रीलंकाई राष्ट्रपति की गिरफ्तारी को हास्यास्पद बताया. उन्होंने यह भी सुझाव दियाथा कि जरूरत पड़ने पर भारत 76 वर्षीय रानिल विक्रमसिंघे को चिकित्सा सहायता प्रदान कर सकता है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुएनारायण ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह बेहद हास्यास्पद है. रानिल विक्रमसिंघ ने हिरासत में लिए जाने से पहले कहा था, ‘नमस्ते, मैंने कभी अपनेलिए कुछ नहीं किया. मैंने सिर्फ श्रीलंका के लिए काम किया है और आप जानते हैं कि मुझे गिरफ्तार करना दिखाता है कि अनुरा (राष्ट्रपति अनुराकुमारा दिसानायके) इस समय किस तरह के प्रशासन का नेतृत्व कर रहे हैं. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रानिल विक्रमसिंघे को शुक्रवार कोसरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. जुड़ी है इस्तेमाल करने के आरोपों सेउनकी गिरफ्तारी लंदन की एक निजी यात्रा के लिए सरकारी धन का इस्तेमाल करने के आरोपों से जुड़ी है, जहां उन्होंने एक विश्वविद्यालय के स्नातकसमारोह में भाग लिया था. छह बार प्रधानमंत्री रहे रानिल विक्रमसिंघे ने गोटाबाया राजपक्षे को हटाए जाने के बाद जुलाई 2022 में श्रीलंका केअंतरिम राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया. वह सितंबर 2024 में नेशनल पीपुल्स पावर के नेता अनुरा कुमारा दिसानायके से राष्ट्रपति चुनाव हारगए थे. रानिल विक्रमसिंघे को शुक्रवार को सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी लंदन की एक निजी यात्राके लिए सरकारी धन का इस्तेमाल करने के आरोपों से जुड़ी है जहां उन्होंने एक विश्वविद्यालय के स्नातक समारोह में भाग लिया था.
अमित शाह का बड़ा बयान, संकीर्ण राजनीति के लिए संसद बाधित करना राष्ट्रहित के खिलाफ “विपक्ष को संयमित रहने की दी सलाह”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संसद या विधानसभाएं बहस और चर्चा की जगह हैं, लेकिन संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए सदन को चलनेन देना ठीक नहीं है. शाह ने अखिल भारतीय सभापति सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बात कही. संसद का मानसून सत्र विपक्ष के विरोध के चलतेबार-बार बाधित हुआ और सत्र के दौरान काफी कम काम हुआ. गृह मंत्री ने यह भी कहा कि जब संसद में सीमित बहस या चर्चा होती है, तो इससे राष्ट्रनिर्माण में सदन का योगदान प्रभावित होता है. अमित शाह ने कहा ‘लोकतंत्र में बहस होनी ही चाहिए. लेकिन किसी के संकीर्ण राजनीतिक लाभ केलिए, विपक्ष के नाम पर सदन को चलने न देना ठीक नहीं है. विपक्ष को हमेशा संयमित रहना चाहिए. देश को इस पर विचार करना होगा, जनता कोइस पर विचार करना होगा और निर्वाचित प्रतिनिधियों को इस पर विचार करना होगा. लोकतांत्रिक स्थिति रही है बिगड़शाह ने कहा कि सभी चर्चाओं में सार्थकता होनी चाहिए और सभी को अध्यक्ष पद की गरिमा और सम्मान बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए. केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा ‘हमें जनता के मुद्दों को उठाने के लिए एक निष्पक्ष मंच प्रदान करने के लिए काम करना चाहिए. हमें यह सुनिश्चित करना होगाकि सदन का संचालन नियमों के अनुसार हो हस्तिनापुर में द्रौपदी के अपमान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ‘जब भी सदन की गरिमा से समझौताहुआ है, देश को इसके भयंकर परिणाम देखने को मिले हैं. गृह मंत्री ने आजादी के बाद से भारत की लोकतांत्रिक परंपरा की सराहना की और कहा कि’यहां लोकतंत्र की जड़ें इतनी गहरी हैं कि सत्ता परिवर्तन के दौरान खून की एक बूंद भी नहीं गिरी है, जबकि कई देशों में लोकतांत्रिक स्थिति लगातारबिगड़ रही है. सदन का संचालन नियमों के अनुसारशाह ने संसद के पहले निर्वाचित भारतीय अध्यक्ष विट्ठलभाई पटेल को भी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि ‘100 साल पहले आज ही के दिन, महान स्वतंत्रता सेनानी विट्ठलभाई पटेल को लोकसभा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, जिससे भारत के विधायी इतिहास की शुरुआत हुई. शाह नेकहा कि ‘अगर देश को आजादी दिलाना अहम था तो लोकतंत्र की स्थापना और विधायी प्रक्रियाओं की स्थापना भी उतनी ही महत्वपूर्ण काम है. विट्ठलभाई पटेल ने कठिन समय में भी लोकतंत्र की स्थापना और उसे मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हम सभी को यह बात याद रखनीचाहिए. केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा ‘हमें जनता के मुद्दों को उठाने के लिए एक निष्पक्ष मंच प्रदान करने के लिए काम करना चाहिए. हमें यह सुनिश्चितकरना होगा कि सदन का संचालन नियमों के अनुसार हो.
सिख गुरुओं का त्याग सनातन धर्म की ढाल, CM योगी का गुरुद्वारे में सम्मानपूर्ण संबोधन सिख गुरुओं ने बलिदान देकर बचाई संस्कृति और सनातन मूल्य

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा और समाज को अधर्म के खिलाफ खड़ा करने में सिख गुरुओं का योगदान अतुलनीय है. उन्होंने अपने प्राणों तक का बलिदान कर इस देश की संस्कृति और मूल्यों की रक्षा की यह परंपरा आज भी हमें प्रेरित करती है. सीएम रविवार कोपैडलेगंज स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा में विकास कार्यों के लोकार्पण अवसर पर बोल रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरुओं का जीवन त्याग औरसमर्पण की मिसाल है. चाहे गुरु अर्जुन देव का बलिदान हो या गुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों की शहादत, हर प्रसंग यह बताता है कि सनातनसंस्कृति की रक्षा के लिए उन्होंने कभी पीछे हटना नहीं सीखा. नतमस्तक होकर करता हूं यादयही कारण है कि आज भी पूरा देश सिख गुरुओं को नतमस्तक होकर याद करता है. योगी ने गुरुद्वारा की परंपरा की चर्चा करते हुए कहा कि यहांचलने वाला लंगर समाज को समानता और भाईचारे का संदेश देता है. इसमें न कोई जाति देखी जाती है, न धर्म और न ही किसी का चेहरा. जो भीआता है वह प्रेम और श्रद्धा से लंगर छकता है. यही असली भारतीय संस्कृति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुद्वारे हमेशा समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण केकेंद्र रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गुरुद्वारों और तीर्थ स्थलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख समाज केअधिकांश कार्यक्रमों में इसलिए शामिल नहीं हो पाता कि उस खास दिन लखनऊ में होता हूं. ऐसा होने पर लखनऊ में ही कार्यक्रम में शामिल होताहूं. इतिहास है अत्यंत गौरवशालीइस अवसर पर सदर सांसद रविकिशन ने कहा कि सिख धर्म का इतिहास अत्यंत गौरवशाली है.देश की स्वतंत्रता और संस्कृति की रक्षा में सिखों ने अमूल्य योगदान दिया है. उन्होंने कहा कि गुरुओं का जीवन हमें न केवल आस्था बल्कि राष्ट्र के लिएसमर्पण का भी पाठ पढ़ाता है. कार्यक्रम में गोरखपुर के अलावा देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, संतकबीरनगर, मऊ, आजमगढ़ आदि जगहों सेसिख समाज के लोग पहुंचे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख गुरुओं का जीवन त्याग और समर्पण की मिसाल है. चाहे गुरु अर्जुन देव का बलिदान हो यागुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों की शहादत, हर प्रसंग यह बताता है कि सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए उन्होंने कभी पीछे हटना नहीं सीखा. यही कारण है कि आज भी पूरा देश सिख गुरुओं को नतमस्तक होकर याद करता है.
सस्ती और सम्मानजनक व्यवस्था के लिए प्रदेश में कल्याण मंडपम निर्माण, 66 परियोजनाएं 260 करोड़ की मंजूरी “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी गरीब परिवारों को बड़ी राहत”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के उन परिवारों को बड़ी राहत दी है, जो महंगे होटलों में विवाह जैसे आयोजनों का खर्च नहीं उठा सकते. ऐसे वर्गके लिए सरकार ने ‘मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना’ के तहत नगरीय क्षेत्रों में कल्याण मंडपम का निर्माण शुरू कराया है. प्रदेश में अब तक 66 कल्याणमंडपम परियोजनाओं को 260 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है. इनमें से 39 पूरी हो चुकी हैं, जबकि 27 निर्माणाधीन हैं. शनिवार कोमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में मानबेला और राप्तीनगर विस्तार योजना में निर्मित कल्याण मंडपम का लोकार्पण किया. इसके निर्माण केलिए सीएम योगी ने अपनी विधायक निधि से धनराशि दी है. शौचालय का कराया गया निर्माणइन कल्याण मंडपम में विवाह एवं अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं जैसे हॉल, किचन, चेंजिंग रूम और शौचालय कानिर्माण कराया गया है. इसका उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सस्ती और सम्मानजनक व्यवस्था उपलब्ध कराना है. सरकार ने इन कल्याणमंडपम का शुल्क भी बेहद कम रखा है. किसी आयोजन के लिए मात्र 11,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोईभी परिवार आर्थिक तंगी के कारण अपने मांगलिक कार्यों को सम्पन्न करने में कोई कठिनाई महसूस न करे. कल्याण मंडपम जैसी सुविधा के लिए कईशहरों में लोगों को 50 हजार से एक लाख रुपये खर्च कर करना पड़ता है. कल्याण मंडपम में बुकिंग की सुविधा ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधारपर मिलेगी. इन इलाकों में बन चुका है कल्याण मंडपमसरकार ने इन कल्याण मंडपम का शुल्क भी बेहद कम रखा है. किसी आयोजन के लिए मात्र 11,000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. इससे यहसुनिश्चित होगा कि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण अपने मांगलिक कार्यों को सम्पन्न करने में कोई कठिनाई महसूस न करे. कल्याण मंडपमजैसी सुविधा के लिए कई शहरों में लोगों को 50 हजार से एक लाख रुपये खर्च कर करना पड़ता है. अलीगढ़ (मद्रक), आंबेडकरनगर (राजे सुल्तानपुर, जहांगीरगंज), अमरोहा, अयोध्या (नगर तथा मां कामाख्या), आजमगढ़ (जहानगंज बाजार), बस्ती (कप्तानगंज), फर्रुखाबाद (नवाबगंज), फतेहपुर(असोधार), फिरोजाबाद (मक्खनपुर), कानपुर देहात (कंपेसी, रनिया), कौशांबी (दारानगर), लखनऊ (नगर तथा बंथरा), महराजगंज (बृजमनगंज), मऊ(मऊनाथ भंजन), पीलीभीत (नौगवां), प्रतापगढ़ (रामगंज), सोनभद्र (ओबरा, अनपरा), सुल्तानपुर (लंभुआ), उन्नाव (अचलगंज) इन इलाकों मेंकल्याण मंडपम बन चुका है.
दहेज के दानवों ने ली जान, आरोपी पति पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार जिंदा जलाई गई निक्की “बहन ने बताया क्रूरता का सच”

गौतमबुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा में निक्की हत्याकांड का मुख्य आरोपी पति विपिन पुलिस के साथ मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया. आरोपी के साथ पुलिस की सिरसा चौराहे के पास मुठभेड़ हुई। पुलिस ने घायल को गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी हिरासत से भागने का प्रयास कर रहा था. थाना कासना पुलिस आरोपी पति विपिन भाटी को हिरासत में लेकर घटना में इस्तेमाल ज्वलनशीलपदार्थ की बरामदगी के लिए ले जा रही थी. आरोपी उपनिरीक्षक से पिस्टल छीनकर भागा और पुलिस टीम पर जान से मारने की नियत से फायर करदिया. वहीं, दहेज की मांग को लेकर पत्नी निक्की की हत्या के आरोपी विपिन भाटी ने अस्पताल में कहा कि “मैंने नहीं मारा है न मैंने कुछ किया है वोअपने आप आत्महत्या की है, पत्नी और पति में हर जगह लड़ाई होती है ये कोई नई बात नहीं है. रीति- रिवाज के साथ हुई थी शादीउत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले के कासना कोतवाली इलाके के सिरसा गांव में दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की क्रूरता से हत्या कर दी गई. ससुराल पक्ष के लोगों ने विवाहिता को बर्बरता से पीटा और फिर उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला दिया. गंभीर रूप से झुलसने परमहिला की बहन उसे पड़ोसियों की मदद से अस्पताल ले गई, दो अस्पताल बदले, लेकिन इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया. दिल दहलानेवाली घटना के बाद मृतका महिला की बहन और परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. रूपबास गांव के रहने वाले भिकारी सिंह नेबताया कि उनकी पुत्री कंचन (29) और निक्की (27) की शादी दिसंबर 2016 में सिरसा गांव के रहने वाले रोहित और उसके भाई विपिन से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी. आरोपियों ने जलाया जिंदाशादी में स्कॉर्पियो गाड़ी और सभी सामान दिया था लेकिन शादी के बाद से ही ससुराल के लोग 35 लाख रुपये की मांग करने लगे. शादी के बाद सेही पति विपिन भाटी, जेठ रोहित भाटी, सास दया और ससुर सत्यवीर लगातार 35 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज मांग रहे थे. पीड़ित परिवार ने आरोपियोंकी मांग पूरी करने के लिए एक और कार भी दे दी, लेकिन प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा. दोनों बहनों के साथ ससुराल के लोग मारपीट करते थेकई बार पंचायत कर समझौता किया. लेकिन आरोपियों ने समझौते को नहीं माना. वहीं, मृतका निक्की की बड़ी बहन कंचन का आरोप है किबृहस्पतिवार की शाम करीब 5:30 बजे उसकी सास दया और देवर विपिन ने मिलकर घटना को अंजाम दिया. आरोप है कि सास दया ने अपने हाथ मेंज्वलनशील पदार्थ लिया और विपिन को पकड़ाया. विपिन ने पीड़ित की बहन निक्की के ऊपर डाल दिया. साथ ही बहन के गले पर हमला कियाबर्बरता से उसे पीटा गया. जिसके बाद उनकी बहन बेहोश हो गई. आरोपियों ने उसे जिंदा जला दिया.