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दिल्ली में दिव्यांग बच्चों के लिए खुलेंगे 10 संसाधन केंद्र, गृह मंत्री अमित शाह करेंगे उद्घाटन

दिव्यांग बच्चों के लिए दिल्ली सरकार 10 नए संसाधन केंद्र खोलने जा रही है गृह इसमें 12,500 बच्चों का इलाज होगा और इनके पढ़नी की पूरीव्यवस्था रहेगी यहां इन बच्चों को मेडिकल, शैक्षणिक और परामर्श सेवाएं एक ही जगह मिलेंगी. ये केंद्र विशेष बच्चों की जिंदगी को आसान बनाएंगे. संसाधन केंद्रों में बच्चों को मुफ्त चिकित्सा, शिक्षा और परामर्श सेवाएं मिलेंगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को इसकी घोषणा की है उन्होंनेबताया कि इन केंद्रों का 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन करेंगा. इन केंद्रों को दिव्यांगबच्चों की सुविधा के लिहाज से डिजाइन किया जाएगा हर केंद्र में बच्चों की मदद करने के लिए छह विशेषज्ञों की टीम काम करेगी, जिसमें स्पीचथेरपिस्ट, फिजियोथेरपिस्ट, ऑक्युपेशनल थेरपिस्ट और बिहैवियरल एक्सपर्ट शामिल होंगे। ये विशेषज्ञ बच्चों की बोलने, चलने-फिरने, रोजमर्रा केकाम करने और व्यवहार सुधारने की क्षमता को बेहतर करेंगे साथ ही, काउंसलिंग के जरिए. नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर शुरू कीबच्चों और उनके परिवारों को मानसिक संतुष्टि भी देंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि इन केंद्रों से बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होगा, जिससेवे मुख्यधारा की शिक्षा का हिस्सा बन सकेंगे.ये केंद्र बादली, पश्चिम विहार, विश्वास नगर, मंगोलपुरी, नारायणा, द्वारका, नजफगढ़, छतरपुर, मदनपुरखादर और प्रताप नगर में खोले जाएंगे हरएक केंद्र में बच्चों की जरूरतों के हिसाब से इलाज और पढ़ने की सुविधा रहेगी माता-पिता को भी यहां परपरामर्श की सुविधा मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर शुरू की है. अमित शाह इन केंद्रों का उद्घाटन करेंगेइन केंद्रों से बच्चों को शिक्षा, कौशल के जरिये उनके जीवन में बदलाव लाने की कोशिश है ये केंद्र जिला स्तर पर नोडल संस्थान की तरह काम करेंगे, जहां दिव्यांगता से जुड़ी योजनाओं की निगरानी और शिक्षकों व अभिभावकों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा दिव्यांग बच्चों को इससे नई उम्मीदमिलेगी उनके लिए शिक्षा, इलाज और सपनों को हकीकत में बदलने का रास्ता अब आसान होगा. दिल्ली सरकार 10 नए संसाधन केंद्र खोल रही है, जहां 12,500 दिव्यांग बच्चों को मुफ्त चिकित्सा, शिक्षा और परामर्श सेवाएं मिलेंगी 17 सितंबर 2025 को पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर केंद्रीयगृह मंत्री अमित शाह इन केंद्रों का उद्घाटन करेंगे.

विश्व चैंपियनशिप में नीरज चोपड़ा का स्वर्ण बचाने का मिशन शुरू, नदीम और वेबर से कड़ी टक्कर तय

भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में खिताब बचाने के इरादे से उतरेंगे नीरज बुधवार को क्वालिफिकेशनदौर से अभियान की शुरुआत करेंगे. इस टूर्नामेंट में नीरज के सामने सबसे बड़ी चुनौती पाकिस्तान के अरशद नदीम और जर्मनी के जूलियन वेबर होंगेनदीम ने पिछले साल पेरिस ओलंपिक में नीरज को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता था, जबकि वेबर ने हाल ही में डायमंड लीग का खिताब जीता था. विश्व चैंपियनशिप में नीरज का लक्ष्य स्वर्ण पदक का बचाव करने वाले तीसरे खिलाड़ी बनना होगा. टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ीने 2023 में बुडापेस्ट में आयोजित हुए विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था चेक गणराज्य के दिग्गज और वर्तमान में नीरज के कोचजान जेलेंजी (1993, 1995) और ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स (2019, 2022) ने ही अब तक लगातार दो मौकों पर विश्व चैंपियनशिप का ताज जीताहै.ब्राजील के लुईज दा सिल्वा बाकी स्टार खिलाड़ियों में शामिलनीरज 2024 पेरिस ओलंपिक के बाद पहली बार नदीम का सामना करेंगे जिससे उन्हें फ्रांस की राजधानी में दूसरे स्थान पर रहने का बदला लेने कामौका मिलेगा. नदीम ने पेरिस में 92.97 मीटर के शानदार थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था, जबकि नीरज का उस दिन सर्वश्रेष्ठ थ्रो 89.45 मीटर थाऔर उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा था नीरज और नदीम का मुकाबला बुधवार को नहीं होगा क्योंकि दोनों प्रतिद्वंद्वियों को क्वालिफाइंग दौर मेंदो अलग-अलग ग्रुप में रखा गया है गुरुवार को फाइनल में उनके आमने-सामने होने की उम्मीद है वेबर, पीटर्स, केन्या के 2015 के विश्व चैंपियनजूलियस येगो, त्रिनिदाद और टोबैगो के 2012 के ओलंपिक चैंपियन केशोर्न वाल्कोट, चेक गणराज्य के अनुभवी जैकब वाडलेज और ब्राजील केलुईज दा सिल्वा बाकी स्टार खिलाड़ियों में शामिल हैं. विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतायह भारत के लिए एक ऐतिहासिक प्रतियोगिता होगी क्योंकि सचिन यादव, यशवीर सिंह और रोहित यादव मैदान पर नीरज के साथ शामिल होंगे, जोइस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले देशों में सबसे बड़ी संख्या है नीरज को गत विजेता के रूप में वाइल्ड कार्ड दिया गया है, जबकि अन्य तीन ने विश्वरैंकिंग के जरिए क्वालिफाई किया. नीरज को बुधवार को 19 सदस्यीय ग्रुप ए क्वालिफिकेशन राउंड में वेबर, वाल्कोट, वाडलेज और सचिन के साथरखा गया है, जबकि 18 सदस्यीय ग्रुप बी में नदीम, पीटर्स, येगो, डा सिल्वा, रोहित, यशवीर और उभरते हुए श्रीलंकाई खिलाड़ी रमेश थरंगा पथिरगेशामिल हैं जो खिलाड़ी 84.50 मीटर की दूरी तक पहुंचेंगे या सर्वश्रेष्ठ 12 खिलाड़ी गुरुवार को होने वाले फाइनल में जगह बनाएंगे. विश्व चैंपियनशिपमें नीरज का लक्ष्य स्वर्ण पदक का बचाव करने वाले तीसरे खिलाड़ी बनना होगा टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी ने 2023 मेंबुडापेस्ट में आयोजित हुए विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था.

पीएम मोदी के जन्मदिन पर दिव्यांगों और बुजुर्गों को सौगात, दिल्ली में खुलेंगे तीन नए विशेष केंद्र “अटल आशा गृह और वरिष्ठ नागरिक गृह का उद्घाटन”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर 17 सितंबर से शुरू हो रहे सेवा पखवाड़े में दिल्ली सरकार दिव्यांगों और बुजुर्गों को भी खास तोहफा देगी. कॉलेज जाने वाली दृष्टिबाधित छात्राओं को अटल दृष्टि छात्रावास, बौद्धिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को अटल आशा गृह और बुजुर्गों को सावित्रीबाईफुले वरिष्ठ नागरिक गृह मिलेंगे कुल 64.66 करोड़ रुपये की लागत से बने ये केंद्र विशेष वर्ग के लोगों को आत्मनिर्भर और सम्मान से जीने के अवसरदेंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह त्यागराज स्टेडियम से इनका शुभारंभ उद्घाटन करेंगे. मुख्यमंत्री ने रविवार को बताया कि उनकी सरकार असहाय वर्ग केलोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाने के लिए काम कर रही है. किसी भी वर्ग को सुविधाएं देने से सरकारी पीछे नहीं हटेगी. 96 बुजुर्गों के लिए रहने का इंतजामतिमारपुर में डीयू के पास 13.42 करोड़ रुपये की लागत से दृष्टिबाधित छात्राओं के लिए चार मंजिला छात्रावास बनाया गया है करीब 3703.43 वर्गमीटर में बने इस भवन में 96 छात्राओं के रहने की जगह है इसे छात्राओं की सुविधा के लिहाज से डिजाइन किया गया है, उसी के अनुरूप सहायकसुविधाएं लगाई गई हैं. पश्चिम विहार में 10.64 करोड़ रुपये से 2257 वर्गमीटर में चार मंजिला सावित्रीबाई फुले वरिष्ठ नागरिक गृह बनाया गया हैइसमें 96 बुजुर्गों के लिए रहने का इंतजाम है इस केंद्र में चिकित्सा, पौष्टिक भोजन और मनोरंजन की सुविधाएं भी मिलेंगी. मुख्यमंत्री ने बताया किविशेष वर्ग के लोगों के लिए ये केंद्र अटल बिहारी वाजपेयी और सावित्रीबाई फुले की स्मृति में बनाए गए हैं ये पहल कमजोर वर्गों को सुविधाएं देगीप्रधानमंत्री के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू होकर गांधी जयंती व लाल बहादुर शास्त्री जयंती तक चलने वाले सेवा पखवाड़े में 75 योजनाएं शुरू होंगी. सम्मानजनक जीवन के लिए सुविधाएं प्रदान करेंगेनरेला में 40.60 करोड़ रुपये की लागत से 12,500 वर्गमीटर में चार मंजिला अटल आशा गृह बनाया गया है. इसमें बौद्धिक रूप से दिव्यांग 220 लोग रहेंगे, इन्हें भोजन, स्वास्थ्य जांच, शिक्षा, खेल और मनोरंजन की सुविधाएं भी यहीं पर मिलेंगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर दिल्लीसरकार सेवा पखवाड़े में 64.66 करोड़ की लागत से दृष्टिबाधित छात्राओं, बौद्धिक रूप से दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए अटल दृष्टि छात्रावास, अटलआशा गृह और सावित्रीबाई फुले वरिष्ठ नागरिक गृह का उद्घाटन करेगी। ये केंद्र आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन के लिए सुविधाएं प्रदान करेंगे.

Amit Khare Advisor to Prime Minister Appointed Secretary to Vice-President CP Radhakrishnan Cabinet Approves Appointment

Amit Khare, 1985 batch IAS officer from Jharkhand cadre, who currently serves as advisor to Prime Minister Narendra Modi, was Sunday appointed secretary to Vice-President (V-P) CP Radhakrishnan. The Appointments Committee of the Cabinet approved the appointment of Khare, for three years, according to a government order. Radhakrishnan was sworn in as VP on September 12.  Former Higher Education Secretary and Advisor to PM ModiKhare had been appointed as advisor to the Prime Minister in October 2021, after retiring as Union Higher Education Secretary in September that year. His term as advisor was to complete in June 2026. During his time in the civil service, Khare served as Union Information and Broadcasting Secretary and in the departments of finance, education and general administration in the state. As Higher Education Secretary, he worked on the National Education Policy. Before the creation of Jharkhand in 2000, he had served across the undivided state of Bihar, including as district collector of West Singhbhum from 1995 to 1997, when he played a role in exposing the fodder scam.The V-P election was necessitated by the mid-term resignation of Jagdeep Dhankhar on July 21. After presiding over the proceedings of the Rajya Sabha, Dhankhar handed in his resignation to President Droupadi Murmu, citing health reasons. Dhankhar’s term was till 2027. 

IND vs PAK मैच में 1.5 लाख करोड़ का सट्टा? शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत का सनसनीखेज दावा

शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोमवार को सनसनीखेज आरोप लगाया कि रविवार को खेले गए भारत-पाकिस्तानएशिया कप मैच में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का सट्टा खेला गया. राउत के मुताबिक, इस सट्टे में से 25,000 करोड़ रुपये पाकिस्तान पहुंचे हैं. राउत ने दावा किया कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को अकेले इस मैच से करीब 1,000 करोड़ रुपये की कमाई हुई उन्होंने सवाल उठाते हुएकहा, ‘यह पैसा हमारे खिलाफ इस्तेमाल होगा क्या सरकार और बीसीसीआई को इसकी जानकारी नहीं है?’ भारत ने यह मुकाबला सात विकेट सेजीता, लेकिन मैच के बाद खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया राउत ने इस कदम को भी दिखावा करार दिया उन्होंने कहा कियह कोई आकस्मिक फैसला नहीं था बल्कि बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट की सहमति से लिया गया निर्णय था. यह हाई-वोल्टेज मुकाबला ऐसेसमय में खेला गया जब भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव चरम पर है पहलगाम में आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी इसके बाद मई मेंभारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके स्थित आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी ऐसे हालात में मैच के आयोजन पर कईराजनीतिक दलों और संगठनों ने बहिष्कार की मांग की थी. मैदान से बाहर के विवादों ने इसे और ज्यादा चर्चा में ला दियाराउत ने कहा, ‘जब देश में ऐसा माहौल है, तब पाकिस्तान को आर्थिक फायदा पहुंचाने वाले मैच खेलना समझ से परे है सट्टेबाजी का इतना बड़ा जालसरकार की आंखें खोलने के लिए काफी होना चाहिए. भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा से भावनाओं का केंद्र रहा है, लेकिन इस बार मैदान से बाहर केविवादों ने इसे और ज्यादा चर्चा में ला दिया है. वहीं, कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने कहा, ‘मैं पहले से कह रहा था कि भारत-पाकिस्तान का यह मैचखेला ही नहीं जाना चाहिए था यह बेहद शर्मनाक है कि बीसीसीआई ने इस मैच को कराने का फैसला लिया यह पहलगाम में मारे गए लोगों काअपमान है और हमारे सैनिकों का अपमान है. सरकार ने साफ तौर पर देशभक्ति पर मुनाफे को चुना. प्रियंक खड़गे ने दिया विवादित बयानप्रियंक खड़गे ने विवादित बयान देते हुए कहा, ‘अभी खेलने की क्या जरूरत थी? यह हाथ न मिलाने का ड्रामा किसके लिए है? किसे बेवकूफ बनानेकी कोशिश हो रही है? सारे राष्ट्रवादी कहां छिप गए हैं? अगर भारतीय टीम के कप्तान ने खेलने से इनकार कर दिया होता तो मैं उनकी सराहनाकरता… दुर्भाग्यवश, ‘मेन इन ब्लू’ (यानी भारतीय टीम) बीसीसीआई के ठेके वाले मजदूरों से ज्यादा कुछ नहीं हैं.मालूम हो कि सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को हराकर ग्रुप ए से सुपर-फोर में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली हैभारतीय गेंदबाजों ने पहले पाकिस्तान को सिर्फ 127 रन पर रोका और फिर 15.5 ओवर में तीन विकेट गंवाकर लक्ष्य का पीछा कर लिया भारत औरपाकिस्तान की टीमें एशिया कप 2025 के सुपर-4 राउंड में फिर से आमने-सामने आ सकती हैं अगर दोनों टीमें फाइनल तक पहुंचती हैं तो खिताबीमुकाबले में भी भिड़ंत संभव है मौजूदा हालात को देखते हुए अगली भिड़ंत और भी ज्यादा रोमांचक होने की संभावना है.

2027 यूपी विधानसभा चुनाव: सपा-कांग्रेस गठबंधन की सीटों पर चल रही मंथन, लखनऊ में टकराव के बीच सीटें तय करने की जद्दोजहद”सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कही बड़ी बात”

साल 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश में 43 सीटों (सपा-37, कांग्रेस 6) पर मिली जीत को आधार बनाकर सपा और कांग्रेस 2027 केविधानसभा चुनाव की तैयारी में लगी है. बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले लखनऊ में हुई सपा की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेशयादव ने भी महानगर में सिर्फ दो सीट इंडिया गठबंधन को देने की बात कही थी हालांकि कांग्रेस चार सीट चाहती है लेकिन कांग्रेसी शहर की सात मेंतीन सीटों पर ज्यादा सक्रिय दिखाई दे रहे हैं. पूर्व विधायक अजय कपूर के भाजपा में शामिल हो जाने के बाद किदवईनगर सीट अब कांग्रेस के बाकीदावेदारों के लिए खाली हो चुकी है गोविंदनगर भी ऐसी सीट है जहां पर दावेदारों के बीच अभी से रार होने लगी है. कांग्रेस के बजाय सपा को फिर से तरजीह देने की तैयारीपिछले दिनों जब कांग्रेस महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता की ओर से मंडल अध्यक्षों का मनोनयन किया जा रहा था तब किदवईनगर और गोविंदनगर क्षेत्रको लेकर सबसे ज्यादा आपस में एक दूसरे की टांग खिंचाई की गई थी मामला प्रदेश अध्यक्ष अजय राय तक तक पहुंच गया था पता चला है कि जोकांग्रेसी अभी तक कल्याणपुर से दावेदारी कर रहे थे वे अब गोविंदनगर का रुख कर रहे हैं. वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो कांग्रेसऔर सपा ने तब अलग-अलग चुनाव लड़ा था इस बार दावेदार दोनों पार्टियों के प्रत्याशी पिछले चुनाव में मिले वोट को आधार बनाकर अपनी तैयारीकर रहे हैं क्योंकि कल्याणपुर में सपा ने भाजपा को अच्छी टक्कर दी थी इस वजह से वहां पर कांग्रेस के बजाय सपा को फिर से तरजीह देने की तैयारीहै।महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो अभी पूरी तरह से स्थिति साफ नहीं है कि यह सीट किसके खाते में जाएगी लेकिन कांग्रेस ने पूरा जोरलगा रखा है कैंट, आर्यनगर, सीसामऊ में सपा के विधायक हैं इसलिए उस पर किसी तरह की कोई चर्चा नहीं है. महानगर इकाई से जुड़ीं सभी सीटों पर अपनी तैयारीकांग्रेस और सपा में 2027 के चुनाव में गठबंधन रहेगा पार्टी महानगर की सात विधानसभा सीटों से कम से कम चार सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारीकर रही है इससे कम में समझौता नहीं करेंगे यह अपील पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष से भी की जा रही है.सपा नेतृत्व महानगर इकाई से जुड़ीं सभी सीटों पर अपनी तैयारी कर रहा है राष्ट्रीय नेतृत्व से जैसा आदेश मिलेगा उसी तरह से आगे की योजना बनाईजाएगी तीन सीटों सीसामऊ, आर्यनगर और कैंट में पहले से ही सपा के विधायक हैं बाकी जो रिपोर्ट मांगी जाएगी उसे बनाकर दिया जाएगा.

नेपाल की अंतरिम पीएम सुशीला कार्की का मंत्रिमंडल विस्तार, कुलमान घीसिंग सहित तीन नए मंत्री शामिल

नेपाल में प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने सोमवार को मंत्रिमंडल का विस्तार किया मंत्री के रूप में रामेश्वर खनाल, ओमप्रकाश अर्याल और कुलमानघीसिंग को शपथ दिलाई गई. खनाल वित्त मंत्री, अर्याल गृह मंत्री और कुलमान घीसिंग ऊर्जा मंत्री बने अर्याल के पास कानून मंत्रालय की अतिरिक्तजिम्मेदारी भी रहेगी घीसिंग के पास भी ऊर्जा के अलावा भौतिक पूर्वाधार, यातायात व शहरी विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी है खनाल आर्थिक सुधारसुझाव आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं वह पूर्व सचिव भी रह चुके हैं अर्याल पेशे से वकील हैं। घीसिंग नेपाल विद्युत प्राधिकरण के पूर्व कार्यकारीनिदेशक हैं ओली सरकार में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था उनका नाम पीएम पद को लेकर भी चर्चा में था. इससे पहले राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल नेशुक्रवार देर रात कार्की को अंतरिम सरकार का मुखिया नियुक्त किया और उन्होंने रविवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया मंत्रिमंडलविस्तार पहले रविवार को होने वाला था उनके व्यस्त कार्यक्रम के कारण इसे स्थगित कर दिया पूर्व मुख्य न्यायाधीश कार्की के पास 5 मार्च तक नएचुनाव कराने और प्रधानमंत्री के लिए पद खाली करने का समय है, जिसका चुनाव संसद द्वारा किया जाएगा.सरकार तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाओं की जांच करेगीपदभार ग्रहण करने के बाद अपने पहले संबोधन में उन्होंने विनम्रता और जवाबदेही का एक कड़ा संदेश दिया और कहा कि उनका प्रशासन सत्ता कास्वाद चखने के लिए नहीं, बल्कि देश को स्थिर करने, न्याय की मांगों को पूरा करने और छह महीने के भीतर नए चुनावों की तैयारी करने के लिए सत्तामें है सिंह दरबार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्की ने कहा, ‘मैं और मेरी टीम यहां सत्ता का स्वाद चखने नहीं आए हैं हम छह महीने से ज्यादा नहीं रुकेंगे हमनई संसद को जिम्मेदारी सौंप देंगे आपके सहयोग के बिना हमें सफलता नहीं मिलेगी।’कार्की ने परिवारों को यह भी आश्वासन दिया कि सरकार मृतकों के शवों को उनके गृह जिलों तक पहुंचाने में मदद करेगी उन्होंने विरोध प्रदर्शनों केदौरान हुई तबाही, जिसमें निजी संपत्ति को नुकसान भी शामिल है, को स्वीकार किया और कहा कि सरकार मदद के लिए आगे आएगी उन्होंने आगेकहा कि सरकार तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाओं की जांच करेगी. सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार किया गयाएक अधिकारी ने बताया कि नेपाल की विभिन्न जेलों से भागे कुल 79 कैदियों को सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भारत-नेपाल सीमा पर विभिन्नचौकियों के माध्यम से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया है इन कैदियों में से दो नाइजीरियाई, एक ब्राजीलियाई औरएक बांग्लादेशी है ये चारों विदेशी नागरिक 29 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के हैं. स्थानीय निवासी सूर्य बहादुर श्रेष्ठ ने बताया कि पिछले हफ्ते की तुलनामें हालात सुधर रहे हैं, लेकिन पहले जैसी स्थिति नहीं लौटी है कहना होगा कि हालात सुधर रहे हैं हमें उम्मीद है उन्होंने हमें भरोसा दिलाया है कि चुनावसमय पर होंगे. भरोसा ही हमारी उम्मीदों को मजबूत करता है मुझे पूरा विश्वास है कि चुनाव समय पर होंगे. स्थानीय निवासी सबिता सुरखेती ने बतायाकि हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं लोगों की आवाजाही कम हो गई है लोग अभी भी शोक मना रहे हैं वे गहरे दुःख में हैं बिक्री पर बुरा असर पड़ाहै. प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली नेपाल की अंतरिम सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार किया गया इसमें तीन नए मंत्रियों को शामिल कियागया कार्की ने कई दौर की आंतरिक सलाह-मशविरा के बाद नामों को अंतिम रूप दिया.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किरेन रिजिजू ने किया स्वागत, बोले- संसद के अधिकार को मान्यता मिली

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संसोधन अधिनियम 2025 को लेकर सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि कोर्ट ने एकतरह से भारत की संसद के फैसले को बरकरार रखा है उन्होंने यह भी कहा कि जब काई कानून संसद में बनाया जाता है तो उसे खारिज नहीं किया जासकता इसी बात पर आज सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगाई है. कोर्ट के आदेश पर रिजिजू ने कहा, ‘वक्फ संशोधन अधिनियम पर पूरी सुनवाई के बाद आजसुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए आदेश का मैं स्वागत करता हूं सुप्रीम कोर्ट पूरे विषय से वाकिफ है मामले को बहुत विस्तार से प्रस्तुत किया गयासरकार की ओर से हमारे सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में अधिनियम के प्रावधानों और उसकी मंशा और सरकार की सोच को विस्तार से प्रस्तुतकिया है. भारत की संसद के फैसले को बरकरारमेरा मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने जो भी फैसला दिया है, वह हमारे लोकतंत्र के लिए बहुत अच्छा संकेत है, क्योंकि जब कोई भी कानून संसदमें बनता है, तो उसे खारिज नहीं किया जा सकता और इसी बात पर आज सुप्रीम कोर्ट ने मुहर लगाई है मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट हूं औरक्योंकि यह देश की सर्वोच्च अदालत है, इसलिए जब भी सुप्रीम कोर्ट से कोई फैसला आता है, उसका प्रभाव पड़ता है, और एक तरह से भारत कीसंसद के फैसले को बरकरार रखा गया है हम एक प्रैक्टिसिंग मुस्लिम के मामले को देखेंगे और नियमों में क्या शामिल किया जाना चाहिए. गैर-मुस्लिमों की संख्या तीन से अधिक नहीं हो सकतीइससे पहले शीर्ष अदालत ने वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 को लेकर बड़ा फैसला सुनाया कोर्ट ने कानून पर रोक लगाने की मांग पर विचार करनेसे इनकार कर दिया सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून पर केवल दुर्लभतम मामलों में ही रोक लगाई जा सकती है हमने माना है कि अनुमान हमेशा कानूनकी संवैधानिकता के पक्ष में होता है कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य वक्फ बोर्डों और केंद्रीय वक्फ परिषदों में गैर-मुस्लिमों की संख्या तीन से अधिक नहींहो सकती . इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने उस प्रावधान पर रोक लगा दी है, जिसके अनुसार पिछले पांच वर्षों से इस्लाम का पालन करने वाले व्यक्तिही वक्फ बना सकते हैं। कोर्ट ने कहा है कि यह प्रावधान तब तक स्थगित रहेगा, जब तक यह तय करने के लिए नियम नहीं बन जाते कि कोई व्यक्तिइस्लाम का अनुयायी है या नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वक्फ संशोधन अधिनियम पर अंतरिम आदेश सुनाते हुए कानून की कुछ धाराओं पर रोकलगा दी हालांकि, सर्वोच्च अदालत ने पूरे कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर अब सरकार की प्रतिक्रिया भीसामने आ गई है.

यौन शोषण के आरोपों में घिरे विधायक राहुल ममकूटाथिल पहुंचे विधानसभा, विपक्ष ने जताई आपत्ति जानें क्या है पूरा मामला

पलक्कड़ के निलंबित कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटाथिल सोमवार को केरल विधानसभा पहुंचे यौन दुराचार के आरोप लगने के बाद कांग्रेस पार्टी नेउन्हें पार्टी सदस्यता से निलंबित कर दिया था निलंबन के बाद राहुल ममकूटाथिल पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए। युवा कांग्रेस के जिलाअध्यक्ष नेमोम शजीर और कुछ अन्य दोस्तों के साथ विधानसभा सत्र शुरू होने के कुछ मिनट बाद राहुल सदन पहुंचे. हालांकि विधानसभा में विपक्ष केनेता वी.डी. सतीशन ने कथित तौर पर सदन में उनकी उपस्थिति पर आपत्ति जताई हालांकि अन्य सदस्यों की ओर से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं देखीगई सदन पहुंचने के कुछ देर बार उन्हें एक कागज पर कुछ लिखते हुए देखा गया, जो कथित तौर पर कांग्रेस पार्टी की ओर से प्राप्त एक नोट का जवाबथा, जवाब देने के बाद में राहुल सदन से चले गए. विधानसभा के बाहर मीडिया ने उन्हें घेर लिया, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. कांग्रेस संसदीय दल के सदस्य नहींएसएफआई कार्यकर्ताओं ने विधायक छात्रावास के पास उनके वाहन को रोका और कुछ देर विरोध प्रदर्शन भी किया बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियोंको हटा दिया. पलक्कड़ के विधायक राहुल ममकूटाथिल और न ही पार्टी नेतृत्व ने इस बारे में कोई स्पष्टीकरण दिया कि क्या वह आने वाले दिनों में वेसत्र में भाग लेंगे या नहीं इस बीच कांग्रेस नेता इस मामले से खुद को अलग करते दिखे और उन्होंने कहा कि पार्टी को ममकूटाथिल के विधानसभा आनेपर प्रतिक्रिया देने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि वह अब कांग्रेस के सदस्य नहीं हैंलोकसभा सांसद कोडुक्कुन्निल सुरेश ने कहा, ‘वह अब कांग्रेस संसदीय दल के सदस्य नहीं हैं. प्रश्न का उत्तर देने के लिए उत्तरदायी नहींइसलिए हम उनसे संबंधित किसी भी प्रश्न का उत्तर देने के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।’ वरिष्ठ माकपा नेता ई. पी. जयराजन ने भी सदन में ममकूटाथिल केआने की कड़ी आलोचना की उन्होंने आरोप लगाया कि उनका आना सदन में जानबूझकर समस्याएं पैदा करने की कोशिश है, और उनका यह कदमजनता और विधानसभा का अपमान है। ममकूटाथिल ने हाल ही में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था मलयालम अभिनेत्री रिनीएन जॉर्ज ने बिना नाम लिए राहुल ममकूटाथिल पर दुर्व्यहार करने का आरोप लगाया था। इसके बाद, कुछ अन्य महिलाओं और एक ट्रांसजेंडर व्यक्तिने भी राहुल पर इसी तरह के आरोप लगाए थे इन आरोपों के चलते उन्हें कांग्रेस पार्टी से भी निलंबित कर दिया गया था. कांग्रेस नेता इस मामले से खुदको अलग करते दिखे और उन्होंने कहा कि पार्टी को ममकूटाथिल के विधानसभा आने पर प्रतिक्रिया देने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि वह अबकांग्रेस के सदस्य नहीं हैं.

शिवसेना का हमला “जिसने खून बहाया, उसी से क्रिकेट! ये देशभक्ति है या शहीदों का अपमान?” देश या दस्तूर? पाकिस्तान से मुकाबले पर उठे गंभीर सवाल

मेरा देश, मेरा सिंदूर! पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना देशद्रोह ही है! 9 सितंबर से शुरू हुए एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्‍तान समेत 8 देश खेल रहे हैं. 14 सितंबर को भारत और पाकिस्‍तान के बीच मुकाबला है, जिसको लेकर क्रिकेटप्रेमी दो गुट में बंटे हुए हैं. एक गुट जो खेलभावनाका समर्थन कर रहा है और भारत-पाक मैच से उन्‍हें बहुत आपत्ति नहीं, लेकिन दूसरा गुट जो शायद संख्‍याबल में बड़ा है, राष्‍ट्रप्रेम की भावना से भराहुआ है. ये गुट भारत और पाकिस्‍तान के बीच मैच के विरोध में है. ज्‍यादातर लोगों का मानना है कि भारत को पाकिस्‍तान के साथ मैच भी नहीं खेलनाचाहिए. भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच की अनुमति दे दी‘भारत में मोदी के सत्ता में आने के बाद से सुविधाजनक हिंदुत्व और सुविधाजनक राष्ट्रवाद ने जोर पकड़ा है. देशभक्ति और दूसरी चीजें सिर्फ चुनाव औरवोट का जरिया बन गई हैं. अगर ऐसा न होता तो 14 सितंबर को होनेवाले भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को हरी झंडी देकर पहलगाम हमले के जख्मों पर नमक छिड़कने की कोशिश नहीं होती. दुबई में कैसा एशिया कप हो रहा है. वहां 14 सितंबर को बेशर्मी से भारत-पाकिस्तान टी-20 क्रिकेट मैच खेला जा रहा है. जनभावना है कि भारत को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए. कश्मीर घाटी के पहलगाम हमले में लोगों काखून बहाया गया था. वह खून अभी तक सूखा नहीं है. 26 मां-बहनों की आंखों से अभी भी आंसू बह रहे हैं. मृतकों के बाल-बच्चे और मित्र परिवार उससदमे से उबर नहीं पाए हैं. पाकिस्तान ने इस आतंकी हमले को अंजाम दिया. जिसके चलते भारतीय जनता में पाकिस्तानियों के प्रति भारी आक्रोश था, बावजूद मोदी सरकार ने ‘वैश्विक’ और ‘अंतरराष्‍ट्रीय’ नियमों आदि का हवाला देकर भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच की अनुमति दे दी.’ उसे अपने नियंत्रण में ले लेंगे‘दरअसल, पहलगाम हमले के तुरंत बाद, इसी मंडली ने एक जोरदार हिंदुत्ववादी मुद्दा उठाया था, जो यह था कि ‘जिन आतंकवादियों ने पहलगाम मेंघुसकर पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी करके 26 लोगों की जान ले ली, उन सभी को उनका धर्म पूछकर मारा गया.’ यह भयानक है, लेकिन फिर हमेंयह भी देखना ही होगा कि क्या दुबई में हो रहे भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच में पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने धर्मांतरण कर लिया है या फिर भारत के लिएखेलनेवालों ने अपना वैचारिक सुन्नत करवा लिया है. पहलगाम हमले के बाद मोदी, शाह और अन्य नेताओं द्वारा व्यक्त किए गए दु:ख के अनुसार, ‘अब हम पाकिस्तान की कमर इस तरह तोड़ देंगे, ताकि पाकिस्तान फिर कभी दुनिया के नक्शे पर न दिखे. अब हम पाकिस्तान से निर्णायक लड़ाईलड़ेंगे और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में घुसकर उसे अपने नियंत्रण में ले लेंगे,’ दर्द सरकार के चेहरे पर दिखाई नहीं देतावे दहाड़े और वे सही भी थे. उस समय हिंदुस्तान ने बिगुल बजाते हुए पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपतिट्रंप के दबाव में इसे रोक दिया गया. राष्ट्रपति ट्रंप बार-बार कहते हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाया. बिना कोई स्पष्टीकरण दिए, प्रधानमंत्रीमोदी इस बात पर ताल ठोकते हैं कि अमेरिका हमारा मित्र है. प्रधानमंत्री चीन गए, जिसने भारत के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान की खुलकर मदद कीऔर वर्णन किया कि कैसे चीन ने हमारे लिए लाल कालीन बिछाया, लेकिन चीन के सहयोग से पाकिस्तान कश्मीर में ‘पहलगाम’ की तरह हिंदुओं काखून बहा रहा है. हमारी माताओं और बहनों के माथे का कुमकुम यानी सिंदूर उजाड़ रहा है. इसका दर्द सरकार के चेहरे पर दिखाई नहीं देता.’ भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच बेशर्मी की पराकाष्ठा है. मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया, लेकिन जो लोग कहते हैं कि वे मिटाए गए सिंदूर का बदला लेंगे, वे पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलते नजर आते हैं. पाकिस्तान में ‘घुसकर मारेंगे’ ऐसा वचन देनेवाले पाकिस्तान के किस अंग में घुस गए यह उन्हेंही पता होगा. भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच भारतीय महिलाओं के सिंदूर का अपमान है. यह उन हिंदुओं के बलिदान का अपमान है, जिनकीपाकिस्तान ने निर्दयतापूर्वक हत्या की.