जीएसटी में राहत पर मुस्लिम समाज की राय जानने और प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करने जामा मस्जिद बाजार में पहुँचे, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा कार्यकर्ता

मोदी सरकार द्वारा हाल ही में जीएसटी में दी गई राहत को लेकर देशभर में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इस फैसले ने आमव्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच नई उम्मीदें जगाई हैं। कारोबारियों का कहना है कि सरकार के इस कदम से व्यापार को गति मिलेगी, महँगाई परनियंत्रण रहेगा और आम जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यकर्ता मोर्चा अध्यक्ष श्री अनीशअब्बासी के नेतृत्व में आज जामा मस्जिद क्षेत्र के विभिन्न बाज़ारों में पहुँचे। इस दौरान उन्होंने दुकानदारों, ग्राहकों और खासतौर पर मुस्लिम समुदाय केलोगों से उनकी राय जानी तो स्थानीय लोगों ने जीएसटी में राहत देने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम आमजनता के हित में है और निश्चित रूप से इसका फायदा हर व्यक्ति को मिलेगा। व्यापारियों और ग्राहकों का कहनाव्यापारियों और ग्राहकों का कहना है कि इससे छोटे दुकानदारों, रोज़मर्रा के सामान खरीदने वालों और मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा।मुस्लिम समाज के लोगों ने भी प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि मोदी सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र पर चलकर हर वर्ग कीफिक्र करती है बस ये समझ का फेर है। इस दौरान इस अभियान में अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रभारी कारी मोहम्मद हारून, दिल्ली प्रदेश सह कार्यालयप्रभारी अमित गुप्ता, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी दीप्ति इंदौरा सहित मुस्लिम समाज के अनेकों गणमान्य लोग वा मोर्चे के कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस मौकेपर अनीश अब्बासी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लगातार गरीब, व्यापारी और आम नागरिक की तकलीफों को ध्यान में रखते हुए फैसले लेतेहैं। जीएसटी में दी गई राहत इसका ताज़ा उदाहरण है। अब्बासी ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय न केवल मुस्लिम समाजबल्कि पूरे देश की जनता के लिए राहतकारी और ऐतिहासिक साबित होगा।
भाजपा सरकार दिल्लीवालों पर जीएसटी उत्सव मनाने का बना रही दबाव बोले“आप” विधायक कुलदीप कुमार

जीएसटी की दरें कम करने का फायदा अभी लोगों तक पहुंचा भी नहीं है लेकिन भाजपा और उसकी सरकार दिल्लीवालों पर जीएसटी उत्सव मनाने कादबाव बना रही है। कई दुकानदारों ने बताया कि उनके पास दिल्ली सरकार के अधिकारी आ रहे हैं और जीएसटी उत्सव नहीं मनाने पर धमका रहे हैं।बुधवार को मीडिया से बातचीत के दौरान आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक कुलदीप कुमार से ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अगरजीएसटी सुधार से लोगों की वास्तव में बचत हो रही होती तो वो खुद ही उत्सव मनाते। सरकार के मंत्रियों और अफसरों को गली-गली में घूमना नहींपड़ता। कोंडली से “आप” विधायक कुलदीप कुमार ने जीएसटी सुधारों के कार्यान्वयन को लेकर बुधवार को कहा कि अधिकारी दुकानदारों के पासजाकर कह रहे हैं कि जीएसटी का उत्सव मनाओ। एक तरफ दुकानदार का नुकसान हो रहा है। ये नहीं कि पहले वो उससे निपट ले, उस पर उत्सवमनाने का दबाव बनाया जा रहा है। अधिकारी व्यापारियों को धमका रहे हैं और उनसे जबरदस्ती उत्सव मनवा रहे हैं। दिल्ली की मुख्यमंत्री, भाजपामंत्री व अधिकारी जबरदस्ती उत्सव मनवाने के लिए गली-गली घूम रहे हैं। जनता खुद उत्सव मनातीकुलदीप कुमार ने कहा कि जब हम अच्छा काम करते हैं, तो जनता खुद उत्सव मनाती है। इसलिए अगर यह इतना ही अच्छा उत्सव होता, तो जनताभी उत्सव मनाती। लेकिन आज भाजपा वाले लोगों से जबरदस्ती उत्सव मनवा रहे है। केंद्र में बैठी भाजपा सरकार ने यह कैसा संशोधन किया? दिल्लीके लोगों को क्या राहत दी? 1,000 रुपये तक के कपड़ों पर 12 फीसद जीएसटी थी, अब इन्होंने इसे खत्म कर दिया और 2,500 रुपये से ऊपर केकपड़ों पर 18 फीसद जीएसटी लगा दी है। फिर यह जीएसटी घटी या बढ़ी? भाजपा घुमा-फिराकर जनता को बेवकूफ बनाने के सिवाय और कुछ नहींकर रही है।
सीएम रेखा गुप्ता ने हिरण कूदना गांव में अत्याधुनिक खेल परिसर का किया उद्घाटन आधुनिक सुविधाएं खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित हैं करती

माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिन के अवसर पर चल रहे सेवा पखवाड़े के तहत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज बाहरी दिल्ली स्थित हिरण कूदना गांव के सीएम श्री स्कूल में विकसित नए खेल परिसर का उद्घाटन किया। करीब 3.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस अत्याधुनिक खेल परिसर में उभरते खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए तैयार किया गया है। इसमें 200 मीटर, पांच लेन का सिंथेटिकएथलेटिक्स ट्रैक भी है, जिसमें 100 मीटर सीधी दौड़ के लिए एक विशेष सेक्शन शामिल है। मुख्यमंत्री का कहना है कि यह परिसर छात्रों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने और तैयारी करने का अवसर भी प्रदान करेगा। खेल परिसर दिल्ली सरकार के उस संकल्प को प्रतिबिंबितइस कार्यक्रम में उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के सांसद योगेंद्र चंदोलिया, दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, विधायक गजेंद्र दराल सहित अन्यगणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह खेल परिसर दिल्ली सरकार के उस संकल्प को प्रतिबिंबित करता हैजिसमें सार्वजनिक शिक्षा में उच्चस्तरीय खेल की संरचना उपलब्ध कराना शामिल है। यह पश्चिम दिल्ली में अपनी तरह की पहली सुविधा है। इसकाउद्देश्य युवाओं में खेल कौशल का विकास करना, स्वास्थ्य व फिटनेस को बढ़ावा देना, और अनुशासन, टीम वर्क तथा दृढ़ता जैसे महत्वपूर्ण गुणों कोसंजोना है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली सरकार के कुल 1 लाख करोड़ रुपये के बजट में लगभग 20,000 करोड़ रुपये शिक्षा विभाग कोआवंटित किए गए हैं। इसके तहत ग्रामीण और स्कूल स्तर पर खेल सुविधाओं के निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया किलोकार्पित किये गए नए खेल परिसर में गांवों के बच्चों के लिए खेल और स्वास्थ्य की सुविधाएं प्रदान की गई है । मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे ग्रामीणक्षेत्रों के बच्चे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं, उनमें जज़्बा होता है और वे जीत के लिए दृढ़ता से प्रयास करते हैं। ऐसे में सरकार का यह कर्तव्य है किउन्हें आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएं। क्षेत्रों में इंटरस्टेट बस सेवाएं पुनः चालू करेगीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी घोषणा की कि दिल्ली सरकार जल्द ही दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में इंटरस्टेट बस सेवाएं पुनः चालू करेगी। नईबसों के साथ नए मार्ग बनाए जाएंगे, जिससे दिल्ली के दूरदराज इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली देहात में अगलेवर्ष तक कई लंबित परियोजनाओं को पूरा कर दिया जाएगा, जिससे गांवों और देहात के लोगों को स्थायी लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री श्रीआशीष सूद ने कहा कि यह खेल परिसर एक आदर्श उदाहरण है कि कैसे आधुनिक सुविधाएं खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित कर सकती हैं। उन्होंने बतायाकि यह परिसर न केवल खेल कौशल को बढ़ावा देगा, बल्कि सरकारी स्कूलों में विश्वस्तरीय शिक्षा और बेहतर सुविधाओं को भी प्रोत्साहित करेगा। श्रीसूद ने आगे कहा कि दिल्ली सरकार 75 नए सीएम श्री स्कूल स्थापित कर सरकारी शिक्षा को उच्चतम स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। अबसरकारी स्कूल अभावग्रस्त स्कूल नहीं रहेंगे, बल्कि उत्कृष्ट शिक्षा के केंद्र बनेंगे,इस खेल परिसर का निर्माण लगभग 3.50 करोड़ रुपये की लागत.नए खेल परिसर की विशेषताएंइस खेल परिसर का निर्माण लगभग 3.50 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह खेल परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जोखिलाड़ियों के प्रशिक्षण और विकास को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसमें 200 मीटर, 5-लेन सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक है, जिसमें100 मीटर सीधी दौड़ के लिए एक विशेष सेक्शन शामिल है। लॉन्ग जम्प, ट्रिपल जम्प, शॉट पुट, हाई जम्प और डिस्कस थ्रो जैसी प्रतियोगी खेलों केलिए विशेष क्षेत्र बनाए गए हैं। ट्रैक के भीतर हरियाली से सुसज्जित मल्टीपर्पज़ क्षेत्र है, जो हैंडबॉल और अन्य मैदान खेलों के लिए उपयुक्त है।परिसर में एक वॉलीबॉल कोर्ट का भी निर्माण किया गया है । इसके अतिरिक्त लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग चेंजिंग रूम, वाटर कूलरसहित शौचालय की सुविधाएं भी उपलब्ध की गई हैं। प्रशिक्षकों और खेल प्रबंधकों के लिए समर्पित कक्ष बनाए गए हैं, जिससे प्रशिक्षण औरप्रबंधन की प्रक्रिया और भी प्रभावी होगी।
प्रशासन ने शारदीय नवरात्र में मंदिर ध्वस्त कर दिया?

बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल विरोध में मौके पर। यूपी के सिद्धार्थनगर का मामला। आरोप कि आधी रात बिना किसी सूचना के नौगढ़ विकास भवन के पास स्थित प्राचीन हिंदू मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। प्रतिमाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। सांसद जगदंबिका पाल की आंखे हैरानी से फटी हुई हैं। वे बता रहे हैं कि ये मंदिर न तो आवागमन के रास्ते में था, न विकास भवन में था, न किसी को कोई दिक्कत थी। फिर ये क्यों किया गया? कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री को बताऊंगा।
कानपुर में पत्नी कुतर गई पति का आधा कान

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिला में अनवरगंज में पति-पत्नी के विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया. पानी भरने को लेकर झगड़े के दौरान पत्नी ने पति अमितसोनकर को पीटा और गुस्से में उसका आधा कान दांत से काट लिया। खून से लतपथ अमित थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज मेडिकल करवाया, दंपत्ति के बीच तलाक का मामला पहले से ही कोर्ट में चल रहा है। पति-पत्नी में विवाद होना एक आम बात है लेकिन उत्तर प्रदेश के कानपुर में इस विवाद ने ऐसा रूप लिया की पत्नी ने क्रोध में कुछ भयानक कर डालाउसने पति का कान दांतों से किसी चूहे की तरह चबा लिया, इस दौरान पत्नी ने पति को जमकर पीटा भी पति ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराईजिसके बाद पुलिस ने उसका मेडिकल कराकर जांच शुरू कर दी है। कानपुर के अनवरगंज इलाके में रहने वाले पीड़ित अमित सोनकर का एक लड़की से अफेयर चलता था. लड़की भी उनके पड़ोस में ही रहती थी. दोनोंका प्यार इतना परवानचढ़ा की 8 साल पहले उन्होंने शादी कर ली। शादी के बाद दोनों राजी खुशी रहने लगे लेकिन फिर पति-पत्नी में विवाद होने लगा. इसके बाद अमित ने तलाक का मुकदमा दायर कर दिया था. दोनों के बीच तलाक का मुकदमा चल रहा था, इसी दौरान मंगलवार को पानी भरने को लेकर पति पत्नी में विवाद हो गया।इसी दौरान विवाद इतना बढ़ा की पत्नी ने अमित को जमकर पीट दिया. इतना ही नहीं अमित ने उससे बचाव करने की कोशिश की तो उसने गुस्से मेंआकर अपने दांतों से उसका कान ही काट लिया। पत्नी ने ऐसा कान काटा की पति का आधा कान कटकर उसके मुंह में आ गया. अमित का पूरा चेहराखून से लाल हो गया. वह इसी हालत में थाने गया जहां पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज कर पीड़ित का मेडिकल करवाया। एडीसीपी सेंट्रल महेश कुमार का कहना है कि पति पत्नी के बीच तलाक का मुकदमा चल रहा था. उसी में विवाद हुआ. दिन में दोनों में मारपीट हुई. पति ने पत्नी के खिलाफ कान काटने की रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इस पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
लखनऊ में 180 बीघा जमीन पर चल रही थी,17 अवैध प्लाटिंग LDA की बड़ी कार्यवाही से मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अवैध प्लाटिंग पर मंगलवार को एक बार फिर बुल्डोजर गरजा है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने 180 बीघा क्षेत्रफल में चल रही 17 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया है। एलडीए ने जोन 1, 3, 4, 5 और 7 में यह कार्रवाई की है। जिसमें बीबीडी, सुशांतगोल्फ सिटी और बक्कास क्षेत्र में लगभग 90 बीघा अवैध प्लाटिंग को जमींदोज किया गया है। जबकि दुबग्गा में 56,000 वर्गमीटर में विकसित 5 अवैध कालोनियां ध्वस्त की गई है। दरअसल, राजधानी में अनियोजित और अवैध प्लाटिंग पर मंगलवार को LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन टीमों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान चलाया। जिसमें लगभग 180 बीघा क्षेत्रफल में विकसित की जा रही 17 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया है। प्रवर्तन जोन-1 की जोनल अधिकारी संगीता राघव ने बताया कि बीबीडी और सुशांत गोल्फ सिटी थानाक्षेत्र के सिकन्दरपुर अमोलिया, सिकन्दरपुर खुर्द, देवरिया वबक्कास इलाकों में कार्रवाई की गई है। जोनल अधिकारी संगीता राघव ने बताया कि ओपी राय, अमित राय, जितेन्द्र मिश्रा, सतीश, देशराज, पवनयादव, हरिनाम, शरीफ, दुर्गेश, श्रीकांत, राम धीरज व अन्य द्वारा पांच स्थानों पर लगभग 90 बीघा क्षेत्रफल में अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। जिसपरकार्रवाई करते हुए अवैध प्लाटिंग को जमीदोंज कर दिया गया है। वहीं दुबग्गा ग्राम-कुसमोरा हलुआपुर में पांच अलग-अलग स्थानों पर लगभग56,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अवैध कालोनियां विकसित की जा रही थीं, जिन्हें ध्वस्त कर दिया गया है। इसी के साथ प्रवर्तन जोन-7 के अधिकारी माधवेश कुमार ने बताया कि दुबग्गा के ग्राम-कुसमोरा हलुआपुर में हुसनैन फखरूद्दीन, हरछठ लाल, सोनूपंडित, अनवर, संजय यादव, रामगोपाल यादव, अवधेश समेत अन्य लोग अवैध कालोनी विकसित कर रहे थे। प्रवर्तन टीम ने इन पांचों अवैध प्लाटिंगको ध्वस्त कर दिया गया है। इसी तरह प्रवर्तन जोन-4 के जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने बताया कि मडियांव के फैजुल्लागंज के गौरभीठ औरगाजीपुर बलराम क्षेत्र में दिनेश यादव, जगेताऊ, मनीष जैन, अशोक समेत अन्य लोग 3 अलग-अलग जगहों पर लगभग 60 बीघा क्षेत्रफल में अवैधरूप से प्लाटिंग कर रहे थे। इन तीनों अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया है।
योगी सरकार का छात्रवृत्ति वितरण ऐलान: छात्रों के लिए बड़ा तोहफा

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने छात्र-छात्राओं के हित में एक महत्वपूर्ण और क्रांतिकारी कदम उठाते हुए छात्रवृत्ति वितरण को समय सेपहले करने का ऐलान किया है। यह पहली बार होगा जब छात्रवृत्ति फरवरी-मार्च की बजाय सितंबर माह (नवरात्रि के दौरान) में वितरित की जाएगी।इस कदम से छात्रों को समय पर आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए और वे आत्मनिर्भर बन सकें। आगामी 26 सितंबर 2025 को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं छात्रवृत्ति का वितरण करेंगे। इस कार्यक्रम में4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा। आपको बता दे कि पहले छात्रवृत्ति का वितरण वित्तीय वर्ष के अंत (फरवरी-मार्च) में होता था, जिससे छात्रों को पढ़ाई के बीच में आर्थिक समस्या कासामना करना पड़ता था। अब इसे सितंबर में शिफ्ट करने से छात्रों को नवरात्रि के दौरान ही धनराशि मिल जाएगी, जो उनके लिए दीपावली से पहलेएक बड़ा उपहार साबित होगी। इससे छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो और वे बिना चिंता के अपनी शिक्षा पर फोकस कर सकें। इसी के मद्देनजर योगीसरकार ने यह बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार कहा है कि “प्रतिभाशाली छात्र और छात्राएं आर्थिक अभाव के कारण पढ़ाई न छोड़ें।” यह कदमइसी दिशा में है, जहां छात्रवृत्ति को केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि शिक्षा में प्रेरणा और आत्मनिर्भरता का माध्यम माना जा रहा है। इसी क्रम में आपको बता दे कि 26 सितंबर को होने वाले वितरण में 4 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का मिलेगा। यह मुख्य रूप सेपिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों के लिए मददगार साबित होगा। जिससे उनकोआर्थिक सहायता में सहयोग मिल सकेगा। इसी के साथ आपको बताते चले कि वर्ष 2024 में प्रदेश के लगभग 59 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ मिला था। वर्ष 2025 में यहसंख्या बढ़कर 70 लाख से अधिक हो जाएगी। सरकार छात्रवृत्ति का दायरा लगातार बढ़ा रही है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद छात्र लाभान्वितहो सके।
एक्शन में योगी आदित्यनाथ राज्य कर की डिप्टी कमिश्नर सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य कर विभाग की डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ का एक्शन लेते हुए बरेली की फर्म को गलततरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ पहुंचाने के मामले में तत्कालीन सहायक आयुक्त राज्य कर श्रद्धा कुमारी को सस्पेंड कर दिया है। उत्तर प्रदेश केमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य कर विभाग की डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए बरेली की फर्म को गलत तरीके सेइनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ पहुंचाने के मामले को लेकर श्रद्धा कुमारी को निलंबित करने का फरमान जारी किया है। आपको बता दे कि राज्य कर विभाग के विशेष सचिव श्याम प्रकाश नारायण की ओर से जारी किए गए आदेशों के अंतर्गत निलंबित की गई श्रद्धाकुमारी मौजूदा समय में प्रयागराज में उपायुक्त के पद पर तैनात है। सस्पेंड की गई राज्य कर विभाग की डिप्टी कमिश्नर श्रद्धा कुमारी पर आरोप लगा हैकि बरेली में रजिस्टर्ड फर्म कन्हैया इंटरप्राइजेज के डीम्ड अप्रूवल होने के बाद फील्ड विजिट रिपोर्ट में फार्म का रजिस्ट्रेशन कैंसिल किए जाने कीसिफारिश के बाद भी उसका रजिस्ट्रेशन कैंसिल नहीं किया गया, जिसकी वजह से उक्त फर्म ने एक करोड़ 78 लख रुपए के टैक्स को आईटीसी से सेटऑफ कर दिया, जिससे राज्य कर विभाग को राजस्व का नुकसान पहुंचा है।
उत्तर प्रदेश योगी सरकार का नया आदेश वाहनों पर जाति लिखाने पर भारी जुर्माना

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जातिगत भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राज्य में वाहनों परजाति-आधारित स्टिकर लगाने या नारे लिखवाने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना औरसंभवतः वाहन जब्ती शामिल हो सकती है। यह फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। आपको बता दे कि कार, बाइक या अन्य वाहनों पर जाति का नाम, स्टिकर या कोई भी जातिगत संकेत लगाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। ऐसा करनेपर मोटर वाहन कानून की धारा 179(1) के तहत जुर्माना लगाया जाएगा। पुराने नियमों के अनुसार, यह जुर्माना 500 से 1000 रुपये तक हो सकताहै, लेकिन नई नीति में इसे और सख्त बनाने की योजना बनाई गई है। इसी के साथ थानों में दर्ज एफआईआर गिरफ्तारी मेमो या किसी भी आधिकारिक दस्तावेज में आरोपी या व्यक्ति का नाम बताते समय जाति काउल्लेख नहीं किया जाएगा। केवल माता-पिता दोनों के नाम शामिल होंगे। जाति-आधारित रैलियां या जुलूस आयोजित करने पर भी प्रतिबंध लगेगा, जिससे राजनीतिक दलों पर इसका असर पड़ेगा। इसी के साथ सोशल मीडिया या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जाति-आधारित दुश्मनी फैलाने वालों केखिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश योगी सरकार ने दिए गए हैं। योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से इसकी जागरूकता फैलाने और अमल करने के आदेश दिएगए हैं। नागरिकों को ऐसी गतिविधियों की शिकायत करने के लिए सरल व्यवस्था उपलब्धता कराई जाए। आपको बता दे कि यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट के 19 सितंबर 2025 के फैसले पर आधारित है, जिसमें कोर्ट ने कहा था, कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में जातिवाद का पूर्ण उन्मूलन जरूरी है। कोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिया था कि सार्वजनिक दस्तावेजों, वाहनोंऔर साइनबोर्ड से जातिगत संदर्भ हटाए जाएं। हाईकोर्ट ने फैसले की प्रति मुख्य सचिव को भेजने का आदेश दिया, जो इसे मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्रालय और अन्य विभागों तक पहुंचाया जाएगा। योगी सरकार का कहना है कि यह कदम संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने और सर्वसमावेशी समाज बनाने के लिए है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारीबयान में कहा गया है कि , “राज्य में जातिगत पहचान को बढ़ावा देने के बजाय देशभक्ति और संविधान के प्रति श्रद्धा को प्राथमिकता दी जाएगी।” यह फैसला सामाजिक सद्भाव बढ़ाने और जातिवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। जन प्रतिनिधियों का मिला समर्थन* सामाजिक कार्यकर्ता और कई राजनीतिक दलों ने इसे स्वागतयोग्य बताया, कहा कि यह लंबे समय से चली आरही समस्या का समाधान योगी सरकार ने किया है। तो वही दूसरी ओर कुछ जाति-आधारित संगठनों ने इसे राजनीतिक नुस्खा करार दिया, लेकिन सरकार ने साफ किया कि यह न्यायिक आदेश का पालनकरना होगा।
करीब 2 साल बाद जेल से रिहा हुए आजम खा

समाजवादी पार्टी वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की रिहाई हो गई है। आजम खान सीतापुर जेल से बाहर आ गए हैं। सीतापुर जेल से बाहरआते ही सपा समर्थकों और बेटे अदीब ने उनका स्वागत किया। आजम खान जब सीतापुर जेल से बाहर निकले तो उनका वही पुरा अंदाज देखने कोमिला। वह काला चश्मा और सफेद कुर्ता पहन सीतापुर जेल से बाहर निकले, तो समर्थकों में जोश भर गया। आजम खान को 72 मामलों में जमानतमिल चुकी है, जिसमें हाल ही में क्वालिटी बार लैंड ग्रैब केस भी शामिल है. वे अक्टूबर 2023 से सीतापुर जेल में बंद थे। आजम के इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 23 महीनों बाद जेल से बाहर आए हैं। वह सुबह ही जेल से बाहर आने वाले थे, लेकिन बेलबॉन्ड में उनके पते में गलती पाए जाने के कारण रिहाई की प्रक्रिया में देरी हुई। जेल प्रशासन के अनुसार, बेल बॉन्ड भरते समय आजम खान का पतागलत दर्ज हो गया था। किसी भी कैदी की रिहाई के लिए बेल बॉन्ड में पूरा और सही पता अनिवार्य होता है. अगर पते में कोई त्रुटि या असंगति हो, तोपूरी प्रक्रिया को रोक दिया जाता है। कई मामलों का सामना कर रहे आजम खान के लगभग दो साल की कैद के बाद जमानत पर जेल से बाहर आए हैं। जिला प्रशासन ने किसी भी अप्रियघटना को रोकने के लिए सीतापुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी, लेकिन बड़ी संख्या मेंसमर्थक अपने वाहनों के साथ जेल के पास पहुंचने में कामयाब रहे. इससे ट्रैफिक जाम हो गया. ट्रैफिक पुलिस ने प्रतिबंधों का उल्लंघन कर जमा हुएकई वाहनों के चालान काटे। नगर क्षेत्र के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) विनायक भोसले ने कहा, ‘धारा 163 लागू होने के बावजूद अफरा-तफरी और भीड़भाड़ थी. वाहनों को जेलके पास आने की अनुमति नहीं थी, लेकिन वे किसी तरह पहुंच गए. आगे की जटिलताओं से बचने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी.’ समाजवादी पार्टी केराष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक अनूप गुप्ता और जिला अध्यक्ष छत्रपति यादव समेत कई नेता और भारी संख्या में कार्यकर्ता खान का स्वागत करने केलिए जेल के बाहर मौजूद रहे।