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नई दिल्ली, 4 जुलाई 2026

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह पर कथित 650 करोड़ रुपये के दवा घोटाले को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े मामले के सामने आने के बाद भी सरकार, जांच एजेंसियों और मीडिया के एक बड़े हिस्से की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने मांग की कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

संजय सिंह बोले- इतने बड़े मामले पर आखिर चुप्पी क्यों है?
संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में दवाओं, अस्पतालों की बेडशीट, ओआरएस पैकेट, एक्स-रे मशीनों और अन्य चिकित्सा उपकरणों की खरीद में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। उनका दावा है कि यह पूरा मामला करीब 650 करोड़ रुपये का है। उन्होंने कहा कि जब आम आदमी पार्टी की सरकार पर आरोप लगाए गए थे, तब पूरे देश में बहस हुई थी, लेकिन अब इतने बड़े कथित घोटाले पर हर तरफ सन्नाटा दिखाई दे रहा है।
उन्होंने सवाल किया कि क्या इस मामले पर चर्चा नहीं होनी चाहिए? क्या सरकार से जवाब नहीं मांगा जाना चाहिए? आखिर सभी लोग इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं?

ईडी और सीबीआई की भूमिका पर भी उठाए सवाल
संजय सिंह ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज होते थे, तब तुरंत ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियां सक्रिय हो जाती थीं। लेकिन अब दिल्ली सरकार पर इतने बड़े कथित घोटाले के आरोप लगने के बावजूद कोई कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने पूछा कि आखिर ईडी और सीबीआई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह के दफ्तरों और घरों पर कब कार्रवाई करेगी? उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां विपक्ष के मामलों में तेजी दिखाती हैं, लेकिन भाजपा सरकारों के मामलों में चुप रहती हैं।

बेडशीट खरीद को लेकर लगाया बड़ा आरोप
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार ने 15 हजार अस्पताल बेड के लिए 16 लाख से ज्यादा बेडशीट खरीदीं। उनके अनुसार इसका मतलब है कि एक बेड के लिए लगभग 111 बेडशीट खरीदी गईं। उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर अस्पतालों में सीमित संख्या में चादरें खरीदकर उन्हें धोकर दोबारा इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इस खरीद में जरूरत से कहीं ज्यादा बेडशीट खरीदी गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो बेडशीट दूसरे बड़े अस्पतालों को कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाती हैं, वही दिल्ली सरकार को कई गुना ज्यादा कीमत पर खरीदी गईं।

ओआरएस पैकेट की खरीद पर भी सवाल
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि बाजार में लगभग 2 से 2.5 रुपये में मिलने वाला ओआरएस पैकेट दिल्ली सरकार ने 15 रुपये प्रति पैकेट की दर से खरीदा। उन्होंने कहा कि इस खरीद में भी करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि सरकार जनता को गर्मी से बचाने के लिए ओआरएस पिलाने की बात कर रही थी, लेकिन उसी योजना में कथित रूप से भारी वित्तीय अनियमितता की गई।

दवाओं की खरीद में कमीशनखोरी का आरोप
संजय सिंह ने दावा किया कि दिल्ली सरकार ने लगभग 400 करोड़ रुपये की दवाएं स्थानीय केमिस्टों से खरीदीं, जबकि दवा कंपनियों से सीधे खरीद करने पर वही दवाएं काफी कम कीमत में मिल सकती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में करीब 300 करोड़ रुपये की कमीशनखोरी हुई। उन्होंने कहा कि यह आरोप आम आदमी पार्टी नहीं बल्कि एसीबी के दस्तावेजों में दर्ज तथ्यों के आधार पर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

एक्स-रे मशीन खरीद पर भी लगाए आरोप
संजय सिंह ने कहा कि शुरुआत में केवल दो पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की खरीद के लिए टेंडर जारी किया गया था। बाद में उसी टेंडर के तहत मशीनों की संख्या बढ़ाकर 448 कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जो मशीनें दूसरे अस्पतालों को लगभग 10 लाख रुपये में दी जाती हैं, वही दिल्ली सरकार को 33 लाख रुपये प्रति मशीन की दर से खरीदी गईं। उनके अनुसार इस खरीद में करीब 100 करोड़ रुपये का कथित घोटाला हुआ।

डॉ. वत्सला अग्रवाल की नियुक्ति पर भी उठाए सवाल
संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सभी नियमों को नजरअंदाज करते हुए डॉ. वत्सला अग्रवाल को स्वास्थ्य महानिदेशक (डीजीएचएस) नियुक्त किया। उन्होंने दावा किया कि उनसे वरिष्ठ कई डॉक्टरों को नजरअंदाज किया गया और उनकी नियुक्ति के बाद ही स्वास्थ्य विभाग में बड़े स्तर पर खरीद से जुड़े फैसले लिए गए। उन्होंने कहा कि इस नियुक्ति और उसके बाद हुए फैसलों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

पुराने मामलों का जिक्र करते हुए भाजपा पर साधा निशाना
संजय सिंह ने अपने संबोधन में आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान सामने आए कथित शराब नीति मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय पार्टी के नेताओं के खिलाफ लगातार बहस हुई, इस्तीफे मांगे गए और कई तरह के आरोप लगाए गए। उनका दावा है कि बाद में अदालत से राहत मिलने के बावजूद पार्टी नेताओं और उनके परिवारों को लंबे समय तक आलोचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब जब भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लग रहे हैं तो उसी तरह की चर्चा और जवाबदेही क्यों नहीं दिखाई दे रही है।

जनता के बीच जाने की घोषणा
संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को यहीं नहीं छोड़ेगी। पार्टी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों को बताएगी कि यदि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को समय पर दवाएं नहीं मिल रही हैं तो उसके पीछे कथित भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस पूरे मामले को जनता के बीच लेकर जाएगी और सरकार से जवाब मांगती रहेगी। साथ ही उन्होंने दोहराया कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

क्या है पूरा मामला?
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में दवा, ओआरएस, बेडशीट, एक्स-रे मशीन और अन्य चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कुल 650 करोड़ रुपये का कथित घोटाला हुआ है। पार्टी का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

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