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રાજ્યમાં અતિભારે વરસાદ અને પૂરની પરિસ્થિતિમાં અસરગ્રસ્તોને મદદરૂપ થવા માટે ભાજપા પ્રદેશ અધ્યક્ષ શ્રી જગદીશભાઈ વિશ્વકર્માના માર્ગદર્શન હેઠળ ગુજરાત પ્રદેશ ભારતીય જનતા પાર્ટી દ્વારા ‘સેવા હી સંગઠન‘ના ભાવ સાથે 24×7 હેલ્પલાઇન સેવા/ કંટ્રોલ રૂમ શરૂ કરાયો

તા. ૨૩ જુલાઈ ૨૦૨૬ 63597 01000 અને 63596 02000 હેલ્પલાઇન નંબર પર સંપર્ક કરીને અસરગ્રસ્ત નાગરિકો અથવા તેમના સ્વજનો અસરગ્રસ્ત વ્યક્તિની જરૂરિયાત, સ્થળ, સંપર્ક વિગત સહિતની જરૂરી માહિતી નોંધાવી શકશે ભાજપા પ્રદેશ કાર્યાલય ‘શ્રી કમલમ‘, કોબા, ગાંધીનગર ખાતે ભાજપા કાર્યકર્તાઓ ૨૪/૭ હાજર રહી સેવા બજાવશે ભારે વરસાદના કારણે સર્જાયેલી વિકટ પરિસ્થિતિમાં ભારતીય જનતા પાર્ટીના કાર્યકર્તાઓ જનતાની વચ્ચે રહી નિઃસ્વાર્થ સેવા, રાહત અને સહાય કાર્યો દ્વારા ‘સેવા હી સંગઠન‘ના મંત્રને સાચા અર્થમાં સાર્થક કરી રહ્યા છે આ કુદરતી આપત્તિના સમયમાં દરેક અસરગ્રસ્ત નાગરિક સુધી સહાય પહોંચે તે માટે બનતા તમામ પ્રયાસ કરવા ગુજરાત ભાજપા સંગઠન કટિબદ્ધ છે ગુજરાત પ્રદેશ ભાજપા મીડિયા વિભાગની અખબારી યાદી જણાવે છે કે, રાજ્યના વિવિધ વિસ્તારોમાં પડેલા અતિભારે વરસાદના પરિણામે સર્જાયેલી પૂરની પરિસ્થિતિને ધ્યાનમાં રાખી, અસરગ્રસ્ત નાગરિકોને ઝડપી સહાય ઉપલબ્ધ થાય તે હેતુથી ભાજપા પ્રદેશ અધ્યક્ષ શ્રી જગદીશભાઈ વિશ્વકર્માના માર્ગદર્શન હેઠળ ‘સેવા હી સંગઠન‘ના ભાવ સાથે ગુજરાત પ્રદેશ ભારતીય જનતા પાર્ટી દ્વારા 24×7 હેલ્પલાઇન સેવા/ કંટ્રોલ રૂમ શરૂ કરવામાં આવ્યો છે. અસરગ્રસ્ત નાગરિકો અથવા તેમના સ્વજનો જાહેર કરાયેલા હેલ્પલાઇન નંબર પર સંપર્ક કરીને અસરગ્રસ્ત વ્યક્તિની જરૂરિયાત, સ્થળ, સંપર્ક વિગત સહિતની જરૂરી માહિતી 63597 01000 અને 63596 02000 નંબર પર નોંધાવી શકશે. પ્રાપ્ત થતી વિગતોને પ્રાથમિકતા સાથે સંબંધિત વહીવટી તંત્ર સુધી પહોંચાડીને ત્વરિત સંકલન કરવામાં આવશે. ભાજપા પ્રદેશ કાર્યાલય ‘શ્રી કમલમ‘, કોબા, ગાંધીનગર ખાતે ભાજપા કાર્યકર્તાઓ ૨૪/૭ હાજર રહી સેવા બજાવશે. આ હેલ્પલાઇન/ કંટ્રોલ રૂમનો હેતુ પૂરગ્રસ્ત વિસ્તારોમાં ફસાયેલા અથવા મેઘતાંડવના કારણે મુશ્કેલીનો સામનો કરી રહેલા નાગરિકોની માહિતી મેળવી તેમને જરૂરી સહાય પહોંચાડવા માટેનો છે. ભારે વરસાદના કારણે સર્જાયેલી વિકટ પરિસ્થિતિમાં ભારતીય જનતા પાર્ટીના કાર્યકર્તાઓ જનતાની વચ્ચે રહી નિઃસ્વાર્થ સેવા, રાહત અને સહાય કાર્યો દ્વારા ‘સેવા હી સંગઠન‘ ના મંત્રને સાચા અર્થમાં સાર્થક કરી રહ્યા છે અને બચાવ કામગીરીમાં તંત્રને સહયોગ કરી સતત કાર્ય કરી રહ્યા છે. આ કુદરતી આપત્તિના સમયમાં દરેક અસરગ્રસ્ત નાગરિક સુધી સહાય પહોંચે તે માટે બનતા તમામ પ્રયાસ કરવા ગુજરાત ભાજપા સંગઠન કટિબદ્ધ છે. પ્રશાંત વાળાપ્રદેશ મીડિયા ઇન્ચાર્જભાજપા ગુજરાત

मैक्स, मिन और म्याऊज़ाकी’ – रिश्तों, प्यार और परिवार की भावनाओं को छू लेने वाली फिल्म~एक ऐसी कहानी जो दिल से दिल को जोड़ती है और अपनों से खुलकर बात करने का संदेश देती है

मुंबई23 जुलाई 2026 आज के समय में सिनेमाघरों में ज्यादातर बड़ी एक्शन, थ्रिलर और रोमांटिक फिल्में देखने को मिलती हैं। इन फिल्मों में बड़े सितारे, शानदार दृश्य और जबरदस्त एक्शन होता है। लेकिन इन सबके बीच यदि कोई फिल्म परिवार, रिश्तों, अपनापन और भावनाओं की बात करे, तो वह अलग पहचान बना लेती है। ‘मैक्स, मिन और म्याऊज़ाकी’ ऐसी ही एक भावनात्मक फिल्म है, जो दर्शकों को सिर्फ मनोरंजन ही नहीं देती, बल्कि रिश्तों की अहमियत भी समझाती है। यह फिल्म हमें सिखाती है कि परिवार के लोगों से खुलकर बात करनी चाहिए। मन की बातें अपने अंदर छिपाकर रखने के बजाय अपनों से साझा करनी चाहिए। यही इस फिल्म का सबसे बड़ा संदेश है। फिल्म की कहानी दिल को छू लेने वाली हैफिल्म की कहानी रमेश नाम के एक सफल उद्योगपति के इर्द-गिर्द घूमती है। बाहर से देखने पर उसकी जिंदगी बहुत अच्छी लगती है। उसके पास पैसा, नाम और बड़ा कारोबार है, लेकिन उसके जीवन में खुशी और सुकून नहीं है। वह अकेलापन और तनाव महसूस करता है अपनी मानसिक परेशानी से बाहर निकलने के लिए रमेश एक मनोचिकित्सक की मदद लेता है। वह अपने मन की बातें डॉक्टर के सामने रखता है और अपने जीवन की परेशानियों को याद करता है। यहीं से फिल्म की असली कहानी शुरू होती है। पत्नी की मौत के बाद बदल गई जिंदगीरमेश की पत्नी वसुधा का कुछ वर्ष पहले कैंसर के कारण निधन हो चुका है। पत्नी के जाने के बाद उसका जीवन पूरी तरह बदल जाता है। वह अंदर से टूट चुका है। उसके जीवन में खुशियां खत्म हो जाती हैं और वह अपने परिवार से भी दूर होता चला जाता है। पिता और बेटे के रिश्ते में बढ़ती दूरियांरमेश का एक बेटा मैक्स (महेश) है। रमेश चाहता है कि उसका बेटा आगे चलकर उसका कारोबार संभाले, लेकिन मैक्स की सोच अलग है। उसे संगीत से बहुत प्यार है। वह जिंगल और वेस्टर्न म्यूजिक में अपना करियर बनाना चाहता है। मैक्स अपने सपनों को पूरा करना चाहता है, जबकि उसके पिता चाहते हैं कि वह परिवार का कारोबार संभाले। इसी सोच के अंतर के कारण दोनों के रिश्तों में दूरियां बढ़ जाती हैं। प्रेम कहानी भी देती है नया संदेशमैक्स एक मुस्लिम लड़की से प्यार करता है और उसके साथ अपना जीवन बिताना चाहता है। लेकिन रमेश इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर पाता। वह धर्म के कारण इस रिश्ते का विरोध करता है। इस विषय को फिल्म में बहुत शांत और भावनात्मक तरीके से दिखाया गया है। फिल्म यह बताने की कोशिश करती है कि रिश्ते प्यार और विश्वास से बनते हैं, केवल धर्म या समाज की सोच से नहीं। दादा और बेटे के रिश्ते की भावुक कहानीफिल्म में रमेश के पिता भी एक महत्वपूर्ण किरदार हैं। वे एक प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें अपने बेटे के साथ रहना चाहिए था, लेकिन वे वृद्धाश्रम में रहते हैं। यह दृश्य दर्शकों को सोचने पर मजबूर करता है कि आज के समय में कई बुजुर्ग अपने ही परिवार से दूर रहने को मजबूर हैं। फिल्म इस दर्द को बहुत सरल और भावनात्मक ढंग से दिखाती है। म्याऊज़ाकी बनी फिल्म की सबसे खास किरदारइस फिल्म की सबसे अलग और खास बात है म्याऊज़ाकी नाम की बिल्ली। आमतौर पर फिल्मों में कुत्तों को परिवार का हिस्सा दिखाया जाता है, लेकिन इस फिल्म में बिल्ली कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। म्याऊज़ाकी केवल एक पालतू जानवर नहीं है, बल्कि वह परिवार के सदस्यों के बीच प्यार, अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन जाती है। कई दृश्यों में उसकी मौजूदगी दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान भी लाती है और आंखों को नम भी कर देती है। मुंबई और बारिश का खूबसूरत चित्रणफिल्म की शूटिंग मुंबई की पृष्ठभूमि में की गई है। बारिश का मौसम और शहर की खूबसूरती कहानी को और भी प्रभावशाली बनाती है। हर दृश्य बहुत सुंदर लगता है और दर्शकों को कहानी से जोड़कर रखता है। कलाकारों का शानदार अभिनयफिल्म में नफीसा अली, मेधा शंकर, मंदिरा बेदी, आदिल हुसैन और अन्य कलाकारों ने बेहतरीन अभिनय किया है।आदिल हुसैन ने रमेश के किरदार में एक ऐसे पिता का दर्द दिखाया है जो अपने परिवार को जोड़ना चाहता है, लेकिन परिस्थितियां उसे अकेला कर देती हैं।मेधा शंकर ने अपने किरदार को बहुत सहजता से निभाया है। नफीसा अली और मंदिरा बेदी ने भी अपने अभिनय से फिल्म को मजबूत बनाया है। सभी कलाकार अपने-अपने किरदार में पूरी तरह फिट दिखाई देते हैं। निर्देशन की सबसे बड़ी ताकतफिल्म के लेखक और निर्देशक पद्म कुमार राव ने कहानी को बहुत सादगी और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया है। उन्होंने पूरी फिल्म में कहीं भी कहानी को भटकने नहीं दिया। उन्होंने हर किरदार को महत्व दिया है। किसी भी पात्र को केवल दिखावे के लिए नहीं रखा गया। हर किरदार कहानी को आगे बढ़ाने में मदद करता है। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें शोर-शराबा, अनावश्यक एक्शन या बेवजह के दृश्य नहीं हैं। पूरी फिल्म भावनाओं और रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमती है। थोड़ी छोटी होती तो और बेहतर बनतीफिल्म की अवधि लगभग 143 मिनट है। यदि इसे 10 से 15 मिनट छोटा किया जाता तो फिल्म और भी प्रभावशाली बन सकती थी। कुछ दृश्य थोड़े लंबे महसूस होते हैं, लेकिन इससे फिल्म का भावनात्मक असर कम नहीं होता। देश-विदेश में मिल चुकी है सराहनाइस फिल्म को देश और विदेश के कई फिल्म समारोहों में दिखाया जा चुका है। वहां इसे दर्शकों, समीक्षकों और निर्णायकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। फिल्म ने कई सम्मान भी अपने नाम किए हैं। इससे साफ है कि यह केवल मनोरंजन की फिल्म नहीं, बल्कि एक सार्थक और संदेश देने वाली फिल्म है। फिल्म का संगीत और भावनात्मक माहौलफिल्म का संगीत कहानी के साथ पूरी तरह मेल खाता है। गीत और पृष्ठभूमि संगीत हर भावनात्मक दृश्य को और प्रभावशाली बनाते हैं। संगीत दर्शकों को कहानी से जोड़कर रखता है और फिल्म की भावनाओं को और गहरा करता है। फिल्म क्या संदेश देती है?यह फिल्म बताती है कि परिवार का महत्व सबसे बड़ा होता है। जीवन में चाहे कितनी भी व्यस्तता क्यों न हो, हमें अपने माता-पिता, बच्चों और अपनों के लिए समय निकालना चाहिए।

उत्तराखंड में पेपर लीक पर अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला

नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026। सारिता साहनी नीट पेपर लीक, सीबीआई की जांच और छात्रों के आंदोलन को लेकर उठाए कई सवालआम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में पेपर लीक की घटना को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं और इससे लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि आखिर देश में पेपर लीक की घटनाएं कब रुकेंगी। उनका कहना था कि मेहनत करने वाले छात्र पूरी ईमानदारी से पढ़ाई करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की गलत हरकतों की वजह से उनकी मेहनत बेकार हो जाती है। उत्तराखंड में पेपर लीक पर जताई चिंताअरविंद केजरीवाल ने कहा कि उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में पेपर लीक होना बहुत गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि जब किसी परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले ही बाहर आ जाता है तो मेहनत से पढ़ाई करने वाले छात्रों का मन टूट जाता है। छात्र और उनके परिवार कई महीनों तक तैयारी करते हैं। ऐसे में पेपर लीक होने से उनका समय, मेहनत और पैसा तीनों बर्बाद हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाए। बार-बार हो रहे पेपर लीक पर उठाए सवालअरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों और पेपर लीक की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि हर बार जांच का भरोसा दिया जाता है, लेकिन फिर कुछ समय बाद एक और पेपर लीक की खबर आ जाती है। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों का सरकार और परीक्षा प्रणाली पर विश्वास कमजोर होता जा रहा है। नीट पेपर लीक मामले का किया जिक्रअरविंद केजरीवाल ने वर्ष 2024 के नीट पेपर लीक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय सरकार ने एक व्यक्ति को इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया था। बाद में उसी व्यक्ति को सीबीआई की ओर से क्लीन चिट मिलने की बात सामने आई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे जांच प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच पूरी ईमानदारी से होती तो सच्चाई देश के सामने आती। सीबीआई की कार्रवाई पर लगाए आरोपअरविंद केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई ने समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण आरोपी को कुछ ही महीनों में जमानत मिल गई। उनका कहना था कि यदि समय पर कानूनी कार्रवाई होती तो मामला अलग हो सकता था। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया ने छात्रों और देश के लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर भी दी प्रतिक्रिया अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पहले जिस व्यक्ति को सबसे बड़ा आरोपी बताया गया, बाद में उसी को क्लीन चिट मिल गई। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की नीयत और जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में पूरी सच्चाई सामने नहीं आने देना चाहती। प्रधानमंत्री से पूछा बड़ा सवालअरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के छात्र जानना चाहते हैं कि आखिर पेपर लीक कब बंद होंगे। उन्होंने कहा कि हर साल लाखों छात्र दिन-रात मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं। यदि परीक्षा निष्पक्ष नहीं होगी तो छात्रों का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कानून और सख्त व्यवस्था बनाई जाए। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सराहनाअरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि युवाओं ने कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाई और पूरे देश का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचा। उन्होंने कहा कि युवाओं का यह साहस देश के लिए प्रेरणा है। तीन घटनाओं का किया उल्लेखअरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में तीन घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक छात्रा पुलिस की गाड़ी के सामने खड़ी हो गई और अपने साथियों का साथ नहीं छोड़ा। दूसरी घटना में एक छात्र पुलिस की कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटा और अपने साथियों के साथ खड़ा रहा। तीसरी घटना में एक बच्चे ने पुलिस वाहन का दरवाजा खोलकर अपने साथियों की मदद की। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से युवाओं की हिम्मत और एकता दिखाई देती है। युवाओं के साहस की की प्रशंसाअरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब युवा एकजुट होकर अपनी बात रखते हैं तो समाज में बदलाव की उम्मीद बढ़ती है। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई जारी रखने और हिम्मत न हारने की अपील भी की। मनीष सिसोदिया ने भी लगाए आरोपदिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री और आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य आरोपी खुलकर बोलता तो कई बड़े लोगों के नाम सामने आ सकते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण पूरे मामले में सही कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि देश के छात्रों को सच्चाई जानने का अधिकार है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की मांगआम आदमी पार्टी ने कहा कि सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे किसी भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक न हो। पार्टी का कहना है कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी गलती करने की हिम्मत न करे। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोरपार्टी ने कहा कि देश का भविष्य छात्रों के हाथ में है। इसलिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना बहुत जरूरी है। छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। यदि परीक्षा प्रणाली पर लोगों का विश्वास बना रहेगा तो देश के युवाओं का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के पेपर लीक