AAP’s Tokenism on Ambedkar Exposed, Delhi BJP Slams Kejriwal Govt for Failing Dalit Students and Education Reforms

Delhi BJP President Virendra Sachdeva & General Secretary Shri Yogendra Chandolia MP have said that its really pathetic to see the Aam Aadmi Party leaders every other day try to invoke the name of Bharat Ratna Dr. B.R. Ambedkar in political discussions for their petty political survival. In 10 years of government in Delhi Aam Aadmi Party did nothing except renaming 31 Rajkiya Pratibha Vikas Vidhyalaya as Dr. B.R. Ambedkar School of Excellence and rendering them worthless by affiliating them to a newly set up Delhi Board of School Education which had no credibility and some students who did Class XII from there couldn’t manage admission in any higher education university thus spoiling several careers. This led to mass quitting by students from these schools. On the other hand Arvind Kejriwal did nothing for poor students for promoting specialised education for deprived students as 70% Delhi Government schools had no facility to teach either science or commerce at senior secondary level. Aam Aadmi Party leaders should noteDelhi BJP Leaders have said that Aam Aadmi Party leaders should note that the cause of dalits upliftmemt cannot be fulfilled by just putting up Baba Saheb’s photographs but as a true tribute to Baba Saheb instead all governments need to work for providing proper education, fair job opportunities and total social integration in society for Dalit students. Sachdeva has asked the AAP leaders to tell 5 works that their Government of Delhi did for dalit community’s welfare & Dr. Ambedkar’s true promotion during there 10 years listing for them major works done by PM Shri Narendra Modi government in Memory Dr. Ambedkar like : – Panchteerth Development: Development of five important sites associated with Ambedkar’s life, including his birthplace in Mhow, the place of study in London, Deeksha Bhoomi in Nagpur, Mahaparinirvan Sthal in Delhi, and Chaitya Bhoomi in Mumbai. – Ambedkar International Centre*: Inauguration of the Dr. Ambedkar International Centre in Delhi, a tribute to the Father of the Indian Constitution. – Babasaheb Ambedkar Awas Navinkaran Yojana: Financial aid to disadvantaged sections of society for housing. – Dr. Ambedkar Centres of Excellence: Launch of Dr. Ambedkar Centres of Excellence in 31 Central Universities. – Ambedkar Social Innovation and Incubation Mission: Empowerment of marginalized communities through social innovation and incubation. – Commemorative Coins: Unveiling of commemorative coins on Ambedkar’s 125th birth anniversary. – Constitutional Values: Emphasis on Ambedkar’s principles of social harmony, equality, and justice in governance. Commitment to preservingVirendra Sachdeva & Shri Yogendra Chandolia have said these initiatives reflect the government’s commitment to preserving Ambedkar’s legacy and promoting social justice and equality.
गोवा में जिला पंचायत चुनाव के साथ एसआईआर प्रक्रिया पर ‘आप’ की आपत्ति आतिशी बोलीं, चुनाव के बीच मतदाता सूची की समीक्षा से निगरानी असंभव

आम आदमी पार्टी ने गोवा में जिला पंचायत चुनाव के साथ ही एसआईआर कराने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। गोवा प्रभारी आतिशी के नेतृत्व मेंशुकवार को ‘‘आप’’ प्रतिनिधि मंडल ने दिल्ली में केंद्रीय चुनाव आयोग से मुलाकात की और जिला पंचायत चुनाव के साथ एसआईआर कराने परसवाल उठाए। वहीं, ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर गोवा में जिला पंचायत चुनाव के साथएसआईआर कराने पर आपत्ति जताई। आतिशी ने कहा कि सभी दल जिला पंचायत चुनाव में व्यस्त हैं, तो एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी कैसे करपाएंगे? 13 दिसंबर को जिला पंचायत चुनाव खत्म हो जाएगा। इसके बाद भी एसआईआर शुरू की जा सकती है। फिर इतनी हड़बड़ी क्यों की जारही है? प्रतिनिधि मंडल में ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता और गोवा के अध्यक्ष अमित पालेकर भी शामिल थे। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहाशुक्रवार को चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद गोवा प्रभारी और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि हमारी चुनाव आयोग सेमुलाकात गोवा में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर थी। गोवा में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 9 दिसंबर को ड्राफ्ट रोल जारी होना है। आम आदमी पार्टी की चिंता इस बात की है कि गोवा में इसी दौरान जिला पंचायत चुनाव भी चल रहा है। 13 दिसंबर को जिला पंचायत चुनाव है और आज उसकी आरक्षण घोषणा हुई है। दो-तीन दिन में आचार संहिता लग जाएगी। स्वाभाविक रूप से चुनावके समय सभी राजनीतिक दलों की मशीनरी प्रचार और चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त हो जाती है। किसी भी दल को एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी यापर्यवेक्षण का समय नहीं मिल पाएगा। राजनीतिक दलों के अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) होते हैं, जिन्हें ऐसे समय पर नियुक्त किया जाता है।लेकिन यदि कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में लगे हैं तो वे एसआईआर की निगरानी नहीं कर पाएंगे।चुनाव दोनों प्रक्रियाएं एक साथ क्योंआतिशी ने सवाल किया कि गोवा में एसआईआर और जिला पंचायत चुनाव दोनों प्रक्रियाएं एक साथ क्यों चलाई जा रही हैं? जिला पंचायत चुनावतीन हफ्ते बाद हो सकता था या एसआईआर की प्रक्रिया तीन हफ्ते बाद शुरू की जा सकती थी। लेकिन ऐसी क्या आपात स्थिति आ गई कि दोनोंको एक ही समय पर एक ही चुनावी मशीनरी के साथ हड़बड़ी में किया जा रहा है? आतिशी ने कहा कि दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि गोवा समेत12 राज्यों में शुरू हुई एसआईआर प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने विस्तृत प्रक्रिया बनाई है। मसलन, यदि ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में किसी का नाम गलततरीके से शामिल हो जाए तो नोटिस भेजा जाएगा, जांच होगी और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। लेकिन यदि किसी का नाम ड्राफ्ट रोल से छूटजाए तो उसका नाम शामिल करने के लिए कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे व्यक्ति को नए मतदाता के रूप में फिर से नामांकन करना पड़ेगा। ड्राफ्ट रोल में मेरा नाम ही नहींआतिशी ने बताया कि एक मतदाता होने के नाते यदि मैंने किसी ने है तो मुझे कैसे पता चलेगा कि ड्राफ्ट रोल में मेरा नाम ही नहीं है? इसलिए आमआदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि गलत तरीके से नाम छूटने वालों के लिए भी प्रावधान होना चाहिए। वोट का अधिकार सबसे बड़ा संवैधानिक अधिकार है और यदि नाम छूट जाए तो चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की जिम्मेदारी है कि मतदाता को सूचित किया जाए और उसका नाम जोड़ा जाए। इन दोनों मुद्दों पर हमारी चुनाव आयोग से चर्चा हुई। चुनाव आयोग ने गोवा में एसआईआर और जिलापंचायत चुनाव की प्रक्रिया एक साथ करने की जरूरत पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। राजनीतिक दलों की निगरानी में एसआईआर क्यों नहीं होरही है, इस पर भी स्पष्टता नहीं मिली। आतिशी ने कहा कि 13 दिसंबर को जिला पंचायत चुनाव है तो 14 दिसंबर से एसआईआर शुरू की जा सकती थी। गोवा विधानसभा चुनाव तो फरवरी 2027 में है, फिर ऐसी क्या हड़बड़ी है? दोनों प्रक्रियाएं एक साथ चलने से पर्याप्त निगरानी नहीं हो पाएगी। आम आदमी पार्टी की ओर से ड्राफ्ट रोल आने पर पूरी जांच की जाएगी और गलत तरीके से नाम काटे जाने की पहचान की जाएगी।
दिल्ली से वृंदावन तक निकली 10 दिवसीय ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’, बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में हुई शुरुआत

बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में इंद्रप्रस्थ यानि दिल्ली से वृंदावन तक 10 दिनी सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शुक्रवार सुबहदस बजे रवाना हो गई. साधु संतों द्वारा सौंपे गए धर्म ध्वज को आगे रखकर शुरू होने वाली इस पदयात्रा की शुरुआत से पूर्व देशभर से दिल्ली पहुंचनेवाले महामंडलेश्वरों, आचार्यों के आशीर्वचनों की वर्षा के बाद राष्ट्रगान, हनुमान चालीसा का पाठ और हिंदू एकता की शपथ के कार्यक्रम होंगे। बागेश्वरमहाराज ने कहा कि जो भी हिंदुत्ववादी विचारधारा का है, वह यात्रा में साथ चले, क्योंकि यह यात्रा किसी एक व्यक्ति की नहीं है सभी हिंदुओं की है।उन्होंने देश विदेश में रहने वाले हिंदुओं का आह्वान करते हुए कहा कि 7 नवंबर से 16 नवंबर तक की यात्रा में कम से कम एक दिन के लिए वे अवश्यआएं। महाराज श्री ने कहा कि वे विवाद नहीं संवाद के माध्यम से आगे बढ़ना चाहते हैं। हिंदू एकता पदयात्रा के माध्यम से लोगों को जोड़ने का कामपदयात्रा में दीदी मां ऋतंभरा, चिदानंद मुनि जी ऋषिकेश, स्वामी ज्ञानानंद महाराज गीता मनीषी, रमणरेती वाले महाराज, प्रख्यात कथा वाचक सुधांशुजी महाराज, बालक योगेश्वर दास महाराज बद्रीनाथ, माधव दास महाराज मौनी बाबा, राजू दास महाराज हनुमान गढ़ी, मृदुल कांत शास्त्री वृंदावन, आरके पांडे जी बलदेव मंदिर, अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. संजीव कृष्ण ठाकुर, तन्मय वशिष्ठ गंगासभा तीर्थ पुरोहित, दिल्ली संत मंडल महामंत्रीमहामंडलेश्वर नवल किशोर दास महाराज के अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद मनोज तिवारी, मंत्री कपिल मिश्रा सहित दिल्ली से 50 संत महात्माओं की गरिमामय उपस्थिति रहेगी। बागेश्वर महाराज ने कहा कि यह पहला अवसर है जब उनकी यात्रा का समर्थन इस्लाम धर्म के लोगों नेकिया है। फैज खान के नेतृत्व में 300 से अधिक मुस्लिम समाज के लोग यात्रा में चलेंगे। विगत दिनों दिल्ली में मुस्लिम समाज के लोगों के साथमहाराज श्री ने बैठक की थी। इसमें समाज के सभी लोगों ने महाराज श्री की यात्रा का समर्थन करते हुए साथ चलने का भरोसा दिया था। मुस्लिमसमाज के लोगों का कहना है कि सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के माध्यम से लोगों को जोड़ने का काम किया जा रहा है इसलिए वे यात्रा में साथचलेंगे।
कर्नाटक में गन्ना किसानों का उग्र आंदोलन, BJP नेता आर. अशोक बोले अगर सिद्धारमैया शासन नहीं कर सकते तो इस्तीफा दें

कर्नाटक में गन्ना किसानों की तरफ से किए जा रहे भारी-विरोध प्रदर्शन के बीच विपक्षी दल भाजपा ने सीएम सिद्धारमैया पर निशाना साधा है। भाजपानेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने मामले में सीएम सिद्धारमैया से कहा कि अगर वे शासन नहीं कर सकते तो पद से इस्तीफा दे दें।आर आशोक ने केंद्र पर आरोप लगाने के लिए मुख्यमंत्री की आलोचना की और उनसे किसानों की चिंताओं का समाधान करने को कहा। अशोक नेएक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘सात दिन, हजारों गन्ना किसान सड़कों पर हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पास बस एक ही उपाय है, केंद्र को दोषदो।’ यह बताते हुए कि विपक्ष में रहते हुए सिद्धारमैया बड़े-बड़े उपदेश देते थे, उन्होंने कहा, ‘लेकिन अब (मुख्यमंत्री के रूप में), वह बहानों के पीछे छिपजाते हैं और किसानों को छोड़ देते हैं। अगर आप (सिद्धारमैया) शासन नहीं कर सकते, तो इस्तीफा दे दीजिए और पद छोड़ दीजिए।’ प्रधानमंत्री से तत्काल मिलने का समय मांगासीएम सिद्धारमैया ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में कहा था कि समस्या की जड़ केंद्रीय नीतिगत उपायों में है: उचित औरलाभकारी मूल्य (एफआरपी) का फॉर्मूला, चीनी के लिए स्थिर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), निर्यात प्रतिबंध और चीनी आधारित फीडस्टॉक सेइथेनॉल का कम उपयोग। उन्होंने चल रहे आंदोलन से उत्पन्न गंभीर स्थिति पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री से तत्काल मिलने का समय मांगा है। अशोकने अपने पत्र में आगे कहा, ‘हम मांग करते हैं: एफआरपी से 500 रुपये प्रति टन अधिक प्रोत्साहन राशि, 5,000 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड, औरतत्काल हस्तक्षेप – प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं।’ अगर मुख्यमंत्री शासन नहीं कर सकते तोकर्नाटक में गन्ने की कीमत तय करने के मुद्दे पर किसानों ने बेलगावी जिले के हट्टारागी टोल प्लाजा पर (बंगलूरू-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग) को अवरुद्ध करनेका प्रयास किया।बेलगावी जिले के मुदलागी तालुक के गुरलापुर क्रॉस पर किसान एक हफ्ते से ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन उत्तरीकर्नाटक के कई जिलों जैसे बेलगावी, बागलकोट, विजयपुरा, हावेरी अन्य में भी फैल गया है। विरोध प्रदर्शन तेज होने के मद्देनजर सिद्धारमैया नेकिसान नेताओं और चीनी मिलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाई है। कर्नाटक के उत्तरी जिलों में गन्ने के लिए 3500 रुपये प्रति टन के उचितमूल्य की मांग को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए, भाजपा नेता आर अशोक ने शुक्रवार कोकहा कि अगर मुख्यमंत्री शासन नहीं कर सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे, पीएम मोदी ने किया वर्षभर चलने वाले स्मरणोत्सव का शुभारंभ, कहा ‘वंदे मातरम् एक मंत्र है, एक ऊर्जा है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने पर एक वर्ष तक चलने वाले स्मरणोत्सव का शुभारंभ किया है। इस दौरानआयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वंदे मातरम, ये शब्द एक मंत्र है, एक ऊर्जा है, एक स्वप्न है, एक संकल्प है। वंदेमातरम, ये शब्द मां भारती की साधना है, मां भारती की आराधना है। वंदे मातरम, ये शब्द हमें इतिहास में ले जाता है, ये हमारे वर्तमान को नएआत्मविश्वास से भर देता है, और हमारे भविष्य को ये नया हौसला देता है कि ऐसा कोई संकल्प नहीं जिसकी सिद्धि न हो सके, ऐसा कोई लक्ष्य नहींजिसे हम भारतवासी पा न सकें। विभाजनकारी सोच आज भी देश के लिए चुनौती बनीइस दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘गुलामी के उस कालखंड में वंदे मातरम् इस संकल्प का उद्घोष बन गया था और वह उद्घोष था- भारत की आजादी का, मां भारती के हाथों से गुलामी की बेड़िया टूटेगी और उसकी संतानें स्वयं अपने भाग्य की भाग्य विधाता बनेगी।’ उन्होंने आगे कहा ‘गुलामी के कालखंडमें जिस तरह अंग्रेज भारत को नीचा और पिछड़ा बताकर अपने शासन को सही ठहराते थे, इस पहली पंक्ति ने उस दुष्प्रचार को पूरी तरह से ध्वस्त करदिया। इसलिए, ‘वंदे मातरम्’ न केवल आजादी का गीत बना, बल्कि ‘वंदे मातरम्’ ने करोड़ों देशवासियों के सामने स्वतंत्र भारत कैसा होगा, वह’सुजलाम सुफलाम’ सपना भी प्रस्तुत किया।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आजादी की लड़ाई में ‘वंदे मातरम्’ की भावना ने पूरे राष्ट्र को आलोकितकिया, लेकिन दुर्भाग्य से 1937 में इसकी आत्मा का एक हिस्सा, ‘वंदे मातरम्’ के महत्वपूर्ण पदों को अलग कर दिया गया। ‘वंदे मातरम्’ को खंडितकिया गया, उसके टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए। ‘वंदे मातरम्’ के इसी विभाजन ने देश के विभाजन के बीज भी बोए… आज की पीढ़ी के लिए यह जाननाजरूरी है कि यह अन्याय क्यों हुआ, क्योंकि वही विभाजनकारी सोच आज भी देश के लिए चुनौती बनी हुई है।’भारत अगर मानवता की सेवा के लिए कमला और विमला का स्वरूपइस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, ‘1927 में महात्मा गांधी ने कहा था ‘वंदे मातरम्’ हमारे सामने पूरे भारत की एक ऐसी तस्वीर प्रस्तुत करता है जोअखंड है… हमारे राष्ट्रीय ध्वज में समय के साथ कई बदलाव हुए हैं, लेकिन तब से लेकर आज तक, जब भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है, तो ‘भारतमाता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ स्वतः ही हमारे मुंह से निकलता है।’ पीएम मोदी ने आगे कहा कि ‘बीते वर्षों में दुनिया ने भारत के इसी स्वरूप का उदयदेखा है। हमने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरे हैं और जबदुश्मन ने आतंकवाद के माध्यम से भारत की सुरक्षा और सम्मान पर प्रहार करने का दुस्साहस किया, तो पूरी दुनिया ने देखा कि नया भारत अगर मानवताकी सेवा के लिए कमला और विमला का स्वरूप है, तो आतंकवाद के विनाश के लिए 10 प्रहर धारिणी दुर्गा बनना भी जानता है।’
बिहार चुनाव 2025: प्रशांत किशोर बोले, रिकॉर्ड मतदान बदलाव का संकेत, जन सुराज बन रहा है नया राजनीतिक विकल्प

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के बाद जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर (पीके) ने कहा है कि इस बार रिकॉर्ड मतदानबदलाव का संकेत है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की 60% से अधिक जनता परिवर्तन चाहती है और जन सुराज को अब एक मजबूत राजनीतिकविकल्प के रूप में देख रही है। गयाजी में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “आजादी के बाद पहली बार बिहार में इतना ज्यादावोटिंग प्रतिशत देखने को मिला है। यह दिखाता है कि लोग बदलाव के लिए वोट कर रहे हैं। पिछले 30 वर्षों से बिहार की राजनीति में कोई ठोसविकल्प नहीं था, लेकिन जन सुराज के आने से लोगों को एक नया रास्ता मिला है।”नीतीश कुमार को वोट देने की मजबूरी अब खत्मपीके ने कहा कि इस बार प्रवासी मजदूर चुनाव के “एक्स फैक्टर” बन गए हैं। “छठ के बाद जो प्रवासी मजदूर बिहार में रुके हुए थे, उन्होंने खुद वोटकिया और अपने परिजनों को भी वोटिंग के लिए प्रेरित किया। महिलाओं से ज्यादा इस बार प्रवासी मजदूरों की भूमिका अहम रही है। यही लोग बिहारमें बदलाव की बयार ला रहे हैं।”उन्होंने दावा किया कि 14 नवंबर को बिहार का इतिहास लिखा जाएगा, क्योंकि जनता ने इस बार लोकतंत्र के पर्व मेंबढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। पीके ने कहा, “दो करोड़ से ज्यादा लोगों ने वोट किया है। यह दिखाता है कि जनता अब डर की राजनीति से बाहर निकलचुकी है।” राजनीतिक हमले करते हुए उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार के डर से लालू यादव को और लालू के डर से नीतीश कुमार को वोट देने की मजबूरीअब खत्म हो गई है। जनता को अब असली विकल्प मिल गया है।” जन सुराज की सबसे बड़ी सफलता यहीपीके ने एनडीए और राजद-कांग्रेस गठबंधन दोनों पर निशाना साधते हुए कहा, “सम्राट चौधरी कहते हैं कि पार्टी का चेहरा साफ है, लेकिन बिहार मेंआज भी असुरक्षा का माहौल है। पहले जनता झेलती थी, अब नेता और मंत्री झेल रहे हैं।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रियादी जिसमें कहा गया था कि राजद और कांग्रेस एक-दूसरे का बाल नोचेंगे। पीके ने कहा, “बाल नोचेंगे या सिर नोचेंगे, यह उनका काम है, लेकिनबिहार की जनता ने कल दिखा दिया कि अब उन्हें एक नया विकल्प मिल गया है।” अंत में उन्होंने कहा, “अब चुनाव सिर्फ सत्ता तय नहीं करता, बल्कियह भी तय करता है कि विपक्ष में कौन होगा और कौन जनता के मुद्दों पर सड़क पर उतरेगा। जन सुराज की सबसे बड़ी सफलता यही है कि उसनेबिहार को विकल्प दिया है।”
‘मोदी का बड़ा सम्मान करता हूँ’ ट्रम्प बोले भारत-यूएस रिश्ते मजबूत, पर ट्रेड मुद्दों पर मतभेद बने हुए

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बातचीत बेहद अच्छी चल रही है और वे जल्द ही भारत दौरे परआ सकते हैं। ट्रंप ने बृहस्पतिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा हमारे बीच बातचीत बहुत अच्छी चल रही है। उन्होंनेरूस से तेल खरीदना काफी हद तक बंद कर दिया है। मोदी मेरे दोस्त हैं, हम बात करते रहते हैं और उन्होंने मुझे भारत आने का न्योता दिया है। हमतारीख तय करेंगे… प्रधानमंत्री मोदी एक महान व्यक्ति हैं और मैं भारत जाऊंगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे अगले साल भारत का दौरा करेंगे, तोट्रंप ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “हो सकता है, हां। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत अभीजारी है। ट्रंप ने कहा कि ट्रेड के कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं, लेकिन हमारी टीम इस पर काम कर रही है। नरेंद्र मोदी का बेहद सम्मान करता हूंहालांकि दोनों देशों के बीच बीते कुछ समय से व्यापार को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। अमेरिका चाहता है कि भारत अपने बाजारों को और अधिकखोलने पर विचार करे, जबकि भारत कृषि और तकनीकी क्षेत्र में अमेरिकी रियायतों की उम्मीद कर रहा है। ट्रंप के कार्यकाल के दौरान भी दोनों देशों केबीच कई व्यापारिक समझौतों पर बात हुई थी, लेकिन कुछ मतभेदों के कारण वे अधूरे रह गए थे। ट्रंप ने हाल ही में भारत-रूस तेल व्यापार को लेकरभी बयान दिया था। उनका कहना था कि भारत अब रूस के साथ तेल व्यापार को सीमित करेगा। पिछले महीने से ट्रंप इस मुद्दे पर कई दावे कर चुकेहैं। इससे पहले भी ट्रंप ने अपने भाषण के दौरान भारत से जल्द व्यापार समझौता पूरा होने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका जल्दही व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। हालांकि, इस बीच उन्होंने आयात शुल्क को अमेरिका की ताकत के तौर पर भी दर्शाया। ट्रंप ने एक बार फिरपुराना राग अलापते हुए कहा, “अगर आप भारत-पाकिस्तान को देखें तो मैं भारत के साथ व्यापार समझौता करने वाला हूं और मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीका बेहद सम्मान करता हूं।” मेरे पास टैरिफ का विकल्प नहींअमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने आठ युद्ध खत्म कराए, जिनमें से पांच से छह केवल टैरिफ (आर्थिकप्रतिबंधों) की वजह से रुके। ट्रंप ने कहा अगर आप भारत और पाकिस्तान को देखें, तो वे आपस में लड़ने लगे थे। दोनों परमाणु हथियार वाले देश हैं… उस समय आठ विमान गिराए गए थे। तब मैंने दोनों से कहा, अगर तुम लोग लड़ाई जारी रखोगे, तो मैं तुम पर टैरिफ लगा दूंगा। वे इस बात से खुशनहीं थे, लेकिन 24 घंटे के भीतर मैंने वह युद्ध खत्म करा दिया। ट्रंप ने आगे कहा अगर मेरे पास टैरिफ का विकल्प नहीं होता, तो मैं यह युद्ध नहीं रोकपाता।
नेहरू ने जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ से मां दुर्गा के श्लोक हटाए, BJP नेता सी.आर. केसवन का दावा

वंदे मातरम से नेहरू ने जानबूझकर मां दुर्गा के श्लोक हटाए। ये दावा किया है भाजपा नेता सीआर केसवन ने। उन्होंने आज से 89 साल पहले महाराष्ट्रके फैजपुर में आयोजित इंडियन नेशनल कांग्रेस के फैजपुर अधिवेशन का जिक्र कर कहा कि जानबूझकर कांग्रेस पार्टी ने देश के राष्ट्रीय गीत- वंदेमातरम में बदलाव किए। बकौल केसवन, 1937 में जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में वंदे मातरम से देवी दुर्गा की स्तुति वाले छंद हटा दिए गए। उन्होंनेआरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने ये फैसला कुछ सांप्रदायिक समूहों को खुश करने के लिए लिया। एक्स पर उन्होंने इस संबंध में पोस्ट किया है।इससे वंदे मातरम के मूल स्वरूप और मकसद को लेकर नई बहस छिड़ने की आशंका है। गौरवशाली वंदे मातरम के पूर्ण संस्करणबकौल केसवन, कांग्रेस पार्टी ने वंदे मातरम के केवल पहले दो छंदों को स्वीकार किया। कथित सांप्रदायिक कारणों से देवी दुर्गा का आह्वान करने वालेबाद के छंदों को छोड़ दिया गया। भाजपा प्रवक्ता केसवन ने वंदे मातरम की तुलना वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित समारोहसे की। बता दें की वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में पीएम मोदी की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस समारोह मेंवंदे मातरम के पूर्ण संस्करण का सामूहिक गायन भी किया गया। इस समारोह का उल्लेख करते हुए भाजपा नेता केसवन ने कहा, ‘हमारी युवा पीढ़ी केलिए यह जानना जरूरी है कि किस तरह नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस पार्टी ने अपने सांप्रदायिक एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए 1937 के फैजपुरअधिवेशन में पार्टी के राष्ट्रीय गीत के रूप में केवल एक संक्षिप्त वंदे मातरम को अपनाया था। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वंदे मातरम के 150वेंस्मरणोत्सव का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद पूरे देश में गौरवशाली वंदे मातरम के पूर्ण संस्करण का सामूहिक गायन होगा।’ शब्दों को देवी से संबंधित मानताउन्होंने एक्स पोस्ट में विस्तार से जारी बयान में लिखा, वंदे मातरम किसी विशेष धर्म या भाषा से संबंधित नहीं है, लेकिन उन्होंने कांग्रेस पर इसे धर्म सेजोड़कर और देवी के प्रति भक्तिपूर्ण आह्वान को हटाकर ‘ऐतिहासिक पाप और भूल’ की है। केसवन ने आरोप लगाया कि नेहरू के नेतृत्व वाली कांग्रेसने धार्मिक आधार का हवाला देते हुए जानबूझकर वंदे मातरम के उन छंदों को हटा दिया, जिनमें देवी मां दुर्गा की स्तुति की गई थी। भाजपा नेताकेसवन ने दावा किया है कि 20 अक्तूबर, 1937 को नेहरू ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने कथित तौर पर लिखा था कि गीतकी पृष्ठभूमि मुसलमानों को “चिढ़ा सकती है।” केसवन का दावा है कि नेताजी ने वंदे मातरम के पूर्ण और मूल संस्करण की पुरजोर वकालत की थी।भाजपा प्रवक्ता केसवन ने कांग्रेस की वैचारिकी को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा, 1 सितंबर, 1937 को लिखे एक पत्र में नेहरू ने द्वेषपूर्ण ढंग से वंदेमातरम पर टिप्पणी की है। केसवन ने पत्र के जिन अंशों को रेखांकित किया है, उसमें नेहरू कथित तौर पर लिखते हैं, ‘अगर कोई वंदे मातरम के शब्दोंको देवी से संबंधित मानता है तो ऐसी मानसिकता बेतुकी है।’
राहुल गांधी ने फिर साधा निशाना, ‘भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से हरियाणा चुनाव में हुई वोट चोरी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक बार फिर भाजपा पर वोट चोरी के आरोप लगाए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पूरा चुनाव चोरी कियागया और नरेंद्र मोदी, चुनाव चोरी करके प्रधानमंत्री बने हैं। हालांकि भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि राहुल गांधीअपनी नाकामी को छिपाने के लिए देश के लोकतंत्र को बदनाम कर रहे हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘हमारे पास बहुत सारा मैटेरियल है। हमवोट चोरी का पर्दाफाश करने की प्रक्रिया जारी रखेंगे। हम भारत के जेन Z, युवाओं को साफ तौर पर दिखाएंगे कि नरेंद्र मोदी, चुनाव चोरी करकेप्रधानमंत्री बने हैं और भाजपा चुनाव चोरी करती है।’ बुधवार की अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘यह एक सामान्य सीबात है। मैंने अपनी प्रेजेंटेशन में दिखाया कि हरियाणा चुनाव, चुनाव नहीं था, और बड़े पैमाने पर चोरी हुई है।’ भाजपा के साथ मिलीभगतराहुल गांधी ने कहा कि ‘मेरे द्वारा लगाए गए सभी आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से कोई जवाब नहीं आया है और भाजपा लगातार चुनाव आयोगका बचाव कर रही है। लेकिन, वे मेरी कही बात को गलत नहीं बता रहे हैं।’ राहुल गांधी ने दावा किया था कि हरियाणा चुनाव के दौरान मतदाता सूचीमें 25 लाख एंट्री फर्जी थीं और चुनाव आयोग ने पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए भजापा के साथ मिलीभगत की थी। लोकसभा में विपक्ष केनेता ने कहा कि ‘मीडिया ब्राजीली मॉडल के मुद्दे को उठा रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह और चुनाव आयोग मिलकरसंविधान पर हमला कर रहे हैं।’ गांधी ने कहा कि संविधान कहता है – एक आदमी, एक वोट, लेकिन हरियाणा दिखाता है कि हरियाणा में एकआदमी, एक वोट नहीं था। एक आदमी था, कई वोट थे, एक ब्राजीलियाई महिला का वोट था, एक महिला के पास एक ही बूथ में एक महिला की200 तस्वीरें थीं। यही काम वे बिहार में करने जा रहे हैं, उन्होंने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी ऐसा किया है और हरियाणा में भी ऐसा हुआ है। औरगुजरात में भी यह बार-बार हो रहा है। तो यह मुख्य मुद्दा है।’
ईडी ने 68 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी मामले में अमर नाथ दत्ता को गिरफ्तार किया, जांच में रिलायंस पावर और नकली ईमेल डोमेन शामिल

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 6 नवंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत अमर नाथ दत्ता को गिरफ्तारकिया है। उन्हें 68 करोड़ रुपये से अधिक की जाली बैंक गारंटी (बीजी), जाली बीजी समर्थन और रिलायंस पावर लिमिटेड की सहायक कंपनी द्वारासोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसईसीआई) को फर्जी एसएफएमएस पुष्टिकरण जमा करने से जुड़ी मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिलेमें गिरफ्तार किया गया है। वह व्यापार वित्तपोषण में परामर्श सेवाएं प्रदान करने का दावा करता है। वर्तमान मामले में, वह कोलकाता निवासी है, जिसने फर्जी बीजी प्रदान करने में अशोक पाल और पार्थ सारथी बिस्वाल के साथ सक्रिय भूमिका निभाई थी। आरोपी को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश-04, पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली की अदालत में पेश किया गया। धोखाधड़ी से जमा किए गए बैंक गारंटीईडी ने इस मामले में दर्ज 3 एफआईआर के आधार पर उक्त केस की जांच शुरू की थी। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) मेंएसईसीआई द्वारा दर्ज एफआईआर संख्या 0079/2025 भी शामिल है। एसईसीआई, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत एकसार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम, रिलायंस पावर की सहायक कंपनी द्वारा धोखाधड़ी से जमा किए गए बैंक गारंटी के कारण 100 करोड़ रुपये से अधिकका नुकसान हुआ है। गौरतलब है कि 11/10/2025 को, रिलायंस पावर लिमिटेड के तत्कालीन मुख्य वित्तीय अधिकारी अशोक कुमार पाल को इसीमामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के सिलसिले में ईडी ने गिरफ्तार किया था। ईडी के अनुसार, अशोक पाल की गिरफ्तारी उनके साथी, पार्थ सारथीबिस्वाल, एक शेल कंपनी- मेसर्स बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड के एमडी की गिरफ्तारी के बाद हुई है। संस्थाओं की भूमिका की जांच शामिलईडी ने अपनी जांच के दौरान खुलासा किया है कि एसईसीआई को गुमराह करने के लिए, जाली बैंक गारंटी को असली मानने के लिए, नकली ईमेलडोमेन sbi.17313@s-bi.co.in के ज़रिए एसबीआई के जाली समर्थन तैयार किए गए थे। इसके अलावा, ईडी ने वाणिज्यिक बैंकों के और भीनकली डोमेन की पहचान की है, जैसे ‘lndiabank.in‘, ‘lndusindbank.in‘, ‘pnblndia.in‘, ‘psdbank.co.in‘, ‘siliguripnb.co.in‘, ‘lobbank.co.in‘, और ‘unionbankofIndia.co.in‘। इनमें से प्रत्येक में एकल-वर्ण स्वैप या मामूली टेक्स्ट परिवर्तन का उपयोग किया गया है।इन नकली डोमेन का उपयोग एक ही समूह के लोग करते हैं। ईडी की जांच विभिन्न पहलुओं पर जारी है, जिसमें अपराध की आय के लाभार्थियों कीपहचान, धन के अंतिम उपयोग का पता लगाना, अपराध की आय से अर्जित संपत्ति और बड़ी साजिश तथा अतिरिक्त व्यक्तियों और संस्थाओं कीभूमिका की जांच शामिल है।