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केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का पंजाब बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा, पीएम मोदी को सौंपेंगे विस्तृत रिपोर्ट

बाढ़ प्रभावित राज्य पंजाब का दौरा करने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य में बाढ़ की स्थितिपर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके सौंपेंगे. कृषि मंत्री ने कहा शिवराज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, पंजाब में बाढ़की जो स्थितियां है उससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत ही चिंतित है उन्हें के निर्देश पर मैं वहा के हालत समझने पंजाब गया था. कृषि मंत्री ने कहा, पंजाब में जल प्रलय की स्थिति है। फसलें तबाह और बर्बाद हो गई है संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार पंजाब की जनता और किसानों के साथ खड़ीहै अब बाढ़ग्रस्त इलाकों के पुननिर्माण के लिए हमें योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है पंजाब को इस संकट से बाहर निकालने के लिएअल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनानी होगी. जमीनी स्तर पर करना होगा काममैं प्रधानमंत्री को पंजाब के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट सौंपूंगा संकट बड़ा है, लेकिन केंद्र सरकार इस संकट से बाहर निकलने में कोई कसर नहींछोड़ेगी. राज्य सरकार को भी पूरी गंभीरता के साथ जमीनी स्तर पर काम करना होगा. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ के लिए आंशिक रूप सेसतलुज, व्यास, रावी और घग्गर नदियों के तटबंधों के कमजोर होने और अवैध खनन गतिविधियों के कारण हुई क्षति को जिम्मेदार ठहराया है. शिवराज ने लिखा कि, अटल बिहारी वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे और प्रकाश सिंह बादल जब पंजाब के सीएम थे, तब फसलों को बाढ़ से बचाने केलिए सतलुज, ब्यास, रावी और घग्गर नदियों पर बांध मजबूत और उंचे किए गए थे. लेकिन अवैध खनन के कारण वे कमजोर हो गए और गांव मेंपानी आ गया है. ढ़ाचों को मजबूत करना है जरुरीअब इन ढांचों को मजबूत करना जरूरी है ताकि पंजाब को भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचाया जा सके. मंत्री शिवराज ने पीड़ितों को भोजन, कपड़ेऔर दवाइयां उपलब्ध कराने वाले हजारों सामाजिक कार्यकर्ताओं की सेवा भावना की सराहना की. आपदा की इस घड़ी में, न केवल पंजाब, बल्किपड़ोसी राज्यों के लोगों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है एकता और सेवा की यही भावना हमें बड़े से बड़े संकट से भी उबरने की शक्ति देती है. कृषि मंत्रीशिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के योजनाबद्ध पुनर्निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें राज्य को उबरने में मदद के लिएअल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियों की आवश्यकता शामिल है बाढ़ के बाद की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री शिवराज ने पानी कमहोने पर संभावित बीमारियों के प्रकोप की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि मृत पशुओं का सुरक्षित तरीके से निपटान करना होगा, ताकि बीमारी न फैले।खेतों में गाद जमा हो गई है, उसे हटाने की योजना बनानी होगी, ताकि अगली फसल खतरे में न पड़े.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर लगाया भाजपा के पक्षपात का आरोप, जीएसटी और शिक्षा पर भी साधा निशाना

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग ने भाजपा नेताओं को कोड दे दिया है इसके जरिये वे घर बैठकर वोट बढ़ा रहे हैं सरकार पीडीए(पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) के एसडीएम तैनात नहीं कर रही है यह पूछे जाने पर किन राज्यों में इस तरह के कोड दिए गए हैं, अखिलेश ने कहाकि कई स्थानों पर ऐसा हुआ. अखिलेश ने शुक्रवार को प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है किकिसी व्यक्ति का वोट बनने से न छूटे और एक भी फर्जी वोट न बनने पाए लेकिन, भाजपा सरकार, अधिकारियों और चुनाव आयोग की तिकड़ी बनगई है. चुनाव आयोग भाजपा का जुगाड़ आयोग बन गया है. पंचायत चुनाव पर विशेष ख्यालचुनावों में वोटों की डकैती हो रही है सपा ने कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने कहा कि सपा के सभी फ्रंटल संगठन केलोगों की जिम्मेदारी है कि एक भी वोट लिस्ट से कटने न पाए पंचायत चुनाव में भी इसका विशेष ख्याल रखें. जीएसटी को लेकर अखिलेश ने कहाकि भाजपा सरकार चुनाव को देखते हुए नया जीएसटी लाई हैउन्होंने कहा कि अगर इस सरकार के एजेंडे में शिक्षा व नौकरी होती तो 27 हजार प्राथमिक स्कूल बंद नहीं करती. भाजपा पर साधा निशाना69 हजार शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को अभी तक आंदोलन नहीं करना पड़ता. विश्वविद्यालयों और संस्थाओं में एक ही विचारधारा के लोगों को बैठादिए गए हैं उन्होंने कहा कि भाजपा पहले इस्तेमाल करती है, फिर बर्बाद कर देती हैं बाराबंकी में छात्रों पर लाठीचार्ज परिषद बनाम वाहिनी की लड़ाई है. उन्होंने एबीवीपी पर अखिल भारतीय वीडियो पिटाई कहकर कटाक्ष भी किया. सपा अध्यक्ष ने उन्हें टोटी चोर की संज्ञा दिए जाने के मामले में कहा कि यह साजिश तत्कालीन आईएएस अफसर अवनीश अवस्थी और ओएसडी अभिषेक कौशिक की है. सरकार जान ले और सरकार चलाने वाले भी जान लें कि यह बात भूलने वाली नहीं है.

यमुना के बढ़ते जलस्तर से छह जिलों में भारी बाढ़, मयूर विहार फ्लाईओवर के नीचे बनी टेंट सिटी

राजधानी में बाढ़ के कारण छह जिलों के करीब 18000 लोग प्रभावित हुए हैं दिल्ली सरकार की तरफ से ये जानकारी देते हुए कहा गया है किएनडीआरएफ, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन राहत शिविरों में भोजन, पानी, और चिकित्सा सहित अन्य सुविधाएं दे रहे हैं. यमुना का जलस्तर206 मीटर पार करने से उत्तर, उत्तर-पूर्वी, शाहदरा, पूर्वी, केंद्रीय और दक्षिण-पूर्वी जिले बाढ़ की चपेट में हैं. पूर्वी दिल्ली में 7,200, उत्तर-पूर्वी में5,200, दक्षिण-पूर्वी में 4,200, उत्तर दिल्ली में 1,350 और शाहदरा में 30 लोग प्रभावित हैं। इस तरह कुल 17980 लोग पीड़ित हैं इनके लिए35 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं जहां भोजन, पानी, शौचालय और चिकित्सा सुविधाएं 24 घंटे दी जा रही हैं. एनडीआरएफ की टीमें निचलेइलाकों से लोगों को सुरक्षित निकाल रही हैं पूर्वी दिल्ली में डीएम के नेतृत्व में बोट क्लब ने यमुना खादर से 5,000 से अधिक लोगों और सैकड़ोंमवेशियों, बकरियों, भैंसों व कुत्तों को बचाया है. 24 घंटे नजर परगोताखोरों व नाविकों ने बहादुरी से कई जिंदगियां बचाईं पशुपालन विभाग मवेशियों की चिकित्सा और चारे की व्यवस्था कर रहा है. दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम और ड्यूसिब मिलकर राहत शिविरों में सफाई, फॉगिंग और पानी की आपूर्ति कर रहे हैं सिविल डिफेंस और आपदा मित्र टीमें 24 घंटेसक्रिय हैं. बाढ़ पीड़ितों को सरकार, जनप्रतिनिधि व एनजीओ मदद करने में जुटे हैं शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार बाढ़पीड़ितों की हर जरूरत का ध्यान रख रही है राहत शिविरों में भोजन, पानी, दवाइयां और शौचालय की व्यवस्था है. किसानों के मवेशियों के लिए चाराभी मुहैया कराया जा रहा है बाढ़ पीड़ितों की सुरक्षा व सुविधा में कोई कमी नहीं होगी. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि स्थिति नियंत्रण में है यमुना काजलस्तर अब कम हो रहा है सरकार 24 घंटे हालात पर नजर रख रही है. किसानों को दिया जा सके उचित मुआवजासभी जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) प्रभावित इलाकों में मौके पर हैं जो पीड़ितों को राहत पहुंचाने में जुटे हैं वहीं, मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय मुख्यमंत्रीजनसेवा सदन से डिविजनल कमिश्नर और सभी डीएम के साथ ऑनलाइन बैठक की जिसमें राहत कार्यों की समीक्षा की गई और स्पष्ट दिशा-निर्देशदिए गए. रेखा गुप्ता ने कहा कि पीड़ितों की जान-माल की रक्षा की गई है राहत शिविरों में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का विशेष ध्यान रखने केनिर्देश दिए गए हैं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) प्रभावित इलाकों में निगरानी कर रहा है. सामाजिक संगठनों की मदद से राहत कार्योंको और तेज किया जा रहा है। डीएम को निर्देश दिए गए कि बाढ़ से प्रभावित फसलों का आकलन करें ताकि किसानों को उचित मुआवजा दिया जासके.

नेपाल सरकार का 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बंद करने का फैसला, विपक्ष ने कहा संविधान विरोधी और अधिनायकवादी

नेपाल सरकार द्वारा फेसबुक समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बंद किए जाने के फैसले पर देश भर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. विपक्षीदलों से लेकर सत्ताधारी नेताओं तक ने इस कदम को संविधान विरोधी और जनविरोधी बताते हुए विरोध जताया है.नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री एवं माओवादी अध्यक्ष पुष्पकमल दहल ने सरकार पर आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से हो रही आलोचनाको दबाने के लिए सरकार ने सोशल मीडिया बंद करने का निर्णय लिया है. सोशल मीडिया बंद करना अधिनायक का संकेतउन्होंने सरकार के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा, ‘यह कदम केवल संविधान विरोधी, अलोकतांत्रिक और जनविरोधी ही नहीं है, बल्कि सुप्रीमकोर्ट द्वारा सोशल मीडिया पर प्रकाशन और प्रसारण सम्बन्धी दिए गए आदेश की गलत व्याख्या भी है’ हालाँकि, दाहाल स्वयं जब प्रधानमंत्री थे, तबउनकी सरकार ने सामाजिक सद्भाव बिगड़ने का हवाला देते हुए टिकटॉक बंद करने का निर्णय लिया था. इसी तरह राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी के उपाध्यक्ष औरसांसद स्वर्णिम वाग्ले ने कहा कि सोशल मीडिया बंद करना अधिनायकवाद का संकेत है. पुरानी शैली में रोकना उचित नहींरामेछाप जिला के मन्थली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘आज के डिजिटल युग में सूचना प्रवाह रोकने की कोशिश सूर्य को हथेली सेढकने जैसी है. उनका कहना था कि जनता के दबाव और विरोध के कारण सरकार इस निर्णय को लागू नहीं कर पाएगी.पूर्व प्रधानमंत्री तथा नेपाल समाजवादी पार्टी (नया शक्ति) के अध्यक्ष बाबुराम भट्टराई ने कहा कि कर के दायरे में आ चुके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मको सूचीबद्ध न होने के आधार पर बंद करना गलत है उनके अनुसार, राज्य आवश्यकतानुसार नियमन कर सकता है, लेकिन इंटरनेट और एआई नेसीमाएं पार कर ली हैं, ऐसे में पुरानी शैली से रोकना उचित नहीं है.