टीएमसी विधायक का विवादित बयान ‘तेजाब से जला दूंगा आवाज’, भाजपा ने बताया तृणमूल की संस्कृति

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के जिला अध्यक्ष और विधायक अब्दुर रहीम बख्शी का विवादित बयान सामने आया है. अब्दुर रहीम बख्शी ने भाजपा विधायक शंकर घोष को सीधे नाम लिए बिना धमकी दी कि अगर उन्होंने बंगाल के प्रवासी मजदूरों को रोहिंग्या याबांग्लादेशी कहा, तो वह उनके मुंह पर तेजाब डाल देंगे. उनका यह बयान शनिवार शाम को मालदा में हुई एक सभा में आया यह सभा बंगाली प्रवासीमजदूरों के खिलाफ कथित अत्याचारों के विरोध में आयोजित की गई थी. दिखी बौखलाहट साफटीएमसी विधायक ने अपने बयान में कहा- ‘जो यह कहेगा कि बंगाल के 30 लाख प्रवासी मजदूर रोहिंग्या या बांग्लादेशी हैं, मैं उसकी आवाज कोतेजाब से जला दूंगा यह पश्चिम बंगाल है यहां हम बंगालियों को बोलने का अधिकार छीनने नहीं देंगे. उन्होंने लोगों से अपील की कि भाजपा के झंडेफाड़ दें और पार्टी का सामाजिक बहिष्कार करें. वहीं अब्दुर रहीम बख्शी के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी मालदा उत्तर से भाजपा सांसदखगेन मुर्मू ने कहा, ‘यह तृणमूल कांग्रेस की संस्कृति है. उनका काम सिर्फ लोगों को डराना है चुनाव से पहले उनकी यह बौखलाहट साफ दिख रही है. दिया संस्कृति करारभाजपा ने इस मामले को लेकर मालदा में विरोध प्रदर्शन भी किया और आरोप लगाया कि पुलिस झूठे केस दर्ज कर भाजपा कार्यकर्ताओं को परेशानकर रही है. बता दें कि मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पहले ही अपनी पार्टी नेताओं को आगाह कर चुकी हैं कि वे भड़काऊ औरआपत्तिजनक बयान न दें. उन्होंने हाल ही में एक समीक्षा बैठक में कहा था कि ऐसे बयान पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं. पश्चिम बंगाल मेंभाजपा और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के बीच जुबानी जंग हमेशा जारी है नए विवाद में टीएमसी विधायक अब्दुर रहीम बख्शी ने भाजपा विधायकपर तेजाब डालने की धमकी दी है जिसे लेकर भाजपा ने टीएमसी पर पलटवार किया और इसे उनकी संस्कृति करार दिया है.
चुनाव आयोग पर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे का वार, वोट चोरी पर रोकी जा रही है जांच “आखिर किसे बचा रहा है आयोग?”

वोट चोरी के आरोपों को लेकर देशभर की सियासत में गर्माहट है विपक्षी इंडिया गठबंधन लगातार रूप से इसके लिए चुनाव आयोग और केंद्र सरकारपर निशाना साध रही है. ऐसे में एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने कहा किआयोग जरूरी जानकारी साझा नहीं कर रहा, जिससे कथित वोट चोरी के आरोपियों को बचाया जा रहा है. अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स परपोस्ट करते हुए खरगे ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले अलंद विधानसभाक्षेत्र में फॉर्म-7 के जरिए मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तब हजारों वोटरों की लिस्ट से गायब होनेकी बात उजागर की थी. जांच को रहा है भटकाकांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आगे कहा कि फरवरी 2023 में इस मामले पर केस दर्ज हुआ था और जांच में 5,994 फर्जी फॉर्म-7 सामने आए, जो बड़े पैमाने पर वोटर फ्रॉड का सबूत थे. इसके बाद कांग्रेस सरकार ने सीआईडी जांच के आदेश दिए थे. खरगे ने कहा कि पहले ईसीआई ने कुछदस्तावेजों को जांच के लिए साझा किया, लेकिन अब वह जरूरी और अहम जानकारी देने से मना कर रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर चुनावआयोग किसे बचा रहा है? क्या भाजपा के दबाव में आकर चुनाव आयोग सीआईडी की जांच को भटका रहा है? नहीं आई कोई आधिकारिक प्रतिक्रियाइसके साथ ही खरगे ने आगे कहा कि एक नागरिक का वोट देने का अधिकार सबसे जरूरी है और भारतीय लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए. हालांकिचुनाव आयोग की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. गौर करने वाली बात ये है कि चुनाव आयोग पहले भी वहकांग्रेस के इन आरोपों को बेबुनियाद बता चुका है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा किकर्नाटक चुनाव में वोटरों की फर्जी हटाने की साजिश हुई लेकिन आयोग जरूरी जानकारी साझा नहीं कर रहा. साथ ही खरगे ने पूछा कि चुनाव आयोगकिसे बचा रहा है?
लखनऊ में बसपा की समीक्षा बैठक मायावती ने केंद्र को दी नसीहत, कहा ‘ट्रंप टैरिफ’ से भारत का सम्मान बचाएं

राजधानी लखनऊ में रविवार को बसपा सुप्रीमो मायावती ने कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक माल एवेन्यू स्थित पार्टी मुख्यालय में हुई. इसमें यूपी में संगठन की तैयारी, कमेटी गठन के साथ सर्वसमाज में पार्टी का जनाधार बढ़ाने को लेकर चर्चा की. इसके अलावा देश के अंदर चल रहेताजा घटनाक्रम पर भी बातचीत हुई. इस अवसर पर सभी से बसपा के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम कोसफल बनाने की अपील की गई. बैठक में मायावती ने यूपी और अन्य राज्यों में धार्मिक स्थलों एवं उनके संतों, गुरुओं व महापुरुषों का निरादर करकेसामाजिक, साम्प्रदायिक व राजनीतिक हालात बिगाड़ने की घटनाओं पर चिंता जताई.उन्होंने अमेरिका द्वारा लगाए गए ‘ट्रंप टैरिफ’ से उभरी नई चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार को नसीहत दी है कि वह अपनी नीतियों वकार्यक्रमों में सुधारवादी रवैया अपनाएं. कार्यों को पूरा करने के आदेशअन्यथा देश के दलितों की गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, अशिक्षा, घरों से दूर पलायन की विवशता आदि की समस्याएं और भी जटिल हो जाएंगी. इससे देश का मान-सम्मान भी दुनिया में प्रभावित होगा इससे बचना बहुत जरूरी है. उन्होंने पार्टी संगठन के गठन व जनाधार को जमीनी स्तर पर बढ़ानेके लिए जिला मुख्यालयों से लेकर बूथ स्तर पर कमेटी गठन को लेकर चलाए जा रहे अभियान के बारे में जानकारी ली. इस दौरान करीब 80 फीसदीलक्ष्य प्राप्त होने पर संतोष व्यक्त किया बचे कार्यों को पूरा करने के लिए निर्देश दिए. भारत का बचाएं सम्मानबसपा सुप्रीमो ने कहा कि इस बार कांशीराम की पुण्यतिथि का कार्यक्रम ‘मान्यवर श्री कांशीराम जी स्मारक स्थल’ में होगा. इसमें वह खुद कार्यक्रमका नेतृत्व करेंगी. इस दौरान आगे की राजनीतिक चुनौतियों से संघर्ष के लिए रूपरेखा पर भी चर्चा करेंगी. पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टीपदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने ट्रंप टैरिफ पर केंद्र सरकार को नसीहत दी कि नीतियों व कार्यक्रमों मेंसुधारवादी रवैया अपनाकर भारत का सम्मान बचाएं.
लखनऊ में अनुदेशकों को मिला नियुक्ति पत्र, सीएम योगी बोले ” 8.5 लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी”

राजधानी लखनऊ में रविवार को लोक भवन में अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया. इसमें मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ ने व्यावसायिक शिक्षा से विभिन्न व्यवसायों के चयनित 1510 अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र सौंपे. इनका चयन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवाचयन आयोग द्वारा कराई गई भर्ती में हुआ है. हाल में इसका परिणाम घोषित किया गया है. अब सीएम ने उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा है इस मौके परव्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल, कौशल विकास विभाग के प्रमुख सचिव हरिओम सहित अन्य लोग मौजूद रहे. इस अवसर पर मुख्यमंत्रीयोगी आदित्यनाथ ने कहा कि मिशन रोजगार के संकल्प को पूरा करने के लिए आठ वर्षों में 8.5 लाख सरकारी नौकरियां दी गईं. सरकार कीप्राथमिकता है कि किसी भी अभ्यर्थी के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो. पारर्दशिता के साथ हो रहा है चयनउसका किसी भी स्तर पर शोषण न हो योग्यता और क्षमता के आधार पर युवाओं को सरकारी नौकरी मिले. इसी सख्ती का परिणाम है कि आजभर्तियों में पारर्दशिता के साथ चयन हो रहा है.सीएम ने आगे कहा कि 400 साल पहले की बात करें तो यूपी देश का सबसे समृद्ध राज्य था. लेकिन, व्यापक रूप से लूटपाट, शोषण और अराजकताथी. विदेशी आक्रांताओं ने हमले किए. अंग्रेजों ने भी लूटपाट की. इसके बावजूद, जब 1947 में देश को आजादी मिली, तो उत्तर प्रदेश भारत कीअर्थव्यवस्था में नंबर एक था. हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता1960 के बाद गिरावट शुरू हुई 2016 तक प्रदेश का योगदान घटकर सिर्फ 8 फीसदी रह गया. जब नीतियां स्वार्थ, वोट बैंक की चिंता औरपारिवारिक हितों की रक्षा को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं, तो वे बर्बादी की ओर ले जाती हैं. जैसा कि उन लोगों ने उत्तर प्रदेश को पहुंचाया.इस अवसर पर व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह अवसर न केवल चयनित अभ्यर्थियों के जीवन में नई ऊर्जा औरआत्मविश्वास का संचार करेगा. बल्कि, प्रदेश सरकार के इस संकल्प का भी प्रमाण है कि योग्यता के आधार पर पारदर्शिता के साथ युवाओं कोरोजगार उपलब्ध कराना ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.
अदाणी पावर ने भूटान में 570 मेगावाट वांगछू हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के लिए समझौते पर किए हस्ताक्षर, 60 अरब रुपए का किया निवेश जानें क्या है इसमें शामिल

अदाणी पावर और भूटान की सरकारी स्वामित्व वाली बिजली उत्पादन कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्प लिमिटेड (डीजीपीसी) ने शनिवार, 5 सितंबर कोभूटान में 570 मेगावाट की वांगछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट (एसएचए) पर हस्ताक्षर किए.इस मौके पर पावर परचेसएग्रीमेंट (पीपीए) पर सैद्धांतिक सहमति भी बनी और डेवलपर्स ने भूटान की शाही सरकार के साथ प्रोजेक्ट के लिए रियायतसमझौते (सीए) पर भी हस्ताक्षर किए. भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे और अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी की उपस्थिति में समझौतोंपर हस्ताक्षर किए गए. 60 अरब का निवेशभूटान अपने ग्रॉस नेशनल हैपीनेस (सकल राष्ट्रीय खुशहाली) और हिमालय से मिलने वाली जीवनदायिनी उर्जा के जरिए स्वच्छ ऊर्जा महाशक्ति के रूपमें उभर रहा है. अदाणी पावर जैसी भारतीय प्राइवेट कंपनी के साथ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की शुरुआत भारत और भूटान के बीच दोस्ती को और मजबूतीदेगा. इस समझौते के साथ ही अदाणी पावर और डीजीपीसी के लिए रन-ऑफ-रिवर वांगछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन को बीओओटी(बिल्ड, ओन, ऑपरेट, ट्रांसफर) मॉडल पर शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है. वांगछू प्रोजेक्ट में रिन्यूएबल एनर्जी पावर प्लांट और संबंधितइंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना में लगभग 60 अरब रुपए का निवेश होगा. उभर रहा महाशक्ति के रुप मेंभूटान के लिए, यह सिर्फ एक बिजली परियोजना नहीं है बल्किअपनी अर्थव्यवस्था को नया ईंधन देने वाला कदम है। इसके जरिए स्थानीय रोज़गार, तकनीकी क्षमता और राजस्व में विविधता आएगी. अब तक भूटान ऊर्जा निर्यात और पर्यटन पर अधिक निर्भर है. दूसरी तरफ भारत के लिए, यह ऊर्जासुरक्षा को मज़बूत करने का मौका है. आंकड़े बताते हैं कि भूटान के निर्यात में बिजली का योगदान पहले से ही 40 प्रतिशत से ज़्यादा है और इसकाज़्यादातर हिस्सा भारत को जाता है.भूटान अपने ग्रॉस नेशनल हैपीनेस (सकल राष्ट्रीय खुशहाली) और हिमालय से मिलने वाली जीवनदायिनी उर्जा के जरिए स्वच्छ ऊर्जा महाशक्ति के रूपमें उभर रहा है. अदाणी पावर जैसी भारतीय प्राइवेट कंपनी के साथ हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की शुरुआत भारत और भूटान के बीच दोस्ती को और मजबूतीदेगा.
लोकदल अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह का सरकार पर हमला GST घटाने का नाटक, महंगाई कम नहीं होगी “जनता चुनाव में जताएगी गुस्सा”

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने जीएसटी के भ्रम और व्यापारियों की आर्थिक कमर तोड़ने एवं आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाली सरकारपर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार जनता को बेवकूफ़ बनाने में लगी है। GST घटाने के नाटक से महंगाई कम होने वाली नहीं है. असलियतयह है कि पेट्रोल-डीज़ल, गैस, बिजली और खाद-बीज जैसी ज़रूरी चीज़ें महंगी हैं, इसलिए महंगाई थमने का नाम नहीं ले रही. बिचौलियों औरपूंजीपतियों की जेबें भर रही हैं. जबकि जनता की जेब खाली हो रही है टैक्स घटाने का दिखावा करने वाली सरकार कभी यह नहीं बताती कि क्योंडीज़ल-पेट्रोल पर टैक्स वसूला जा रहा है? क्यों जमाखोरी पर कार्रवाई नहीं हो रही?आज किसान कर्ज़ में दबा है. चुनाव में दिखेगा इसका विरोधमजदूर महँगाई से त्रस्त है, और मध्यमवर्ग हर सुबह उठते ही टैक्स की मार झेल रहा है सरकार के हर फैसले का फायदा चंद पूंजीपतियों को पहुँचता है, जनता को नहीं लोकदल साफ चेतावनी देता है कि महंगाई पर काबू पाना है तो केवल GST घटाने का छलावा बंद करो. जनता अब और गुमराह नहींहोगी सरकार को चुनाव में जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि सरकार के फैसलों का फायदा केवल कुछ खास पूंजीपतियों कोहोता है आम जनता को नहीं लोकदल ने चेतावनी दी है कि महंगाई को रोकने के लिए केवल GST घटाने का छलावा बंद करना होगा. जनता अबऔर गुमराह नहीं होगी और चुनाव में इसका विरोध जरूर दिखेगा.
अमेरिकी विद्वान टेरिल जोंस का दावा, ट्रंप ने भारत-पाक विवाद में मध्यस्थता की भूमिका निभाने की इच्छा जताई, मोदी के नोबेल समर्थन नदेने पर खटास

अमेरिका के एक शीर्ष विद्वान ने भारत और अमेरिका के संबंधों में आई खटास की संभावित वजह का कारण बताते हुए कहा कि ट्रंप खुद को वैश्विकशांतिकार दिखाना चाहते हैं और इसी के चलते उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का श्रेय लेने की कोशिश की, लेकिन जब पीएम मोदी नेइससे इनकार किया और ट्रंप के नाम का नोबेल शांति पुरस्कार के लिए समर्थन नहीं किया तो ट्रंप इस बात को शायद निजी तौर पर ले गए और बुरामान गए. किसी अन्य देश की नहीं कोई जरुरतअमेरिकी शिक्षाविद् टेरिल जोंस ने कहा कि ‘ट्रंप की रणनीति दो पक्षों में बातचीत के लिए पहले बड़ी-बड़ी शर्तें लगाना और फिर उन्हें बातचीत के लिएमजबूर करना है और अभी भी वे यही कर रहे हैं।’ जोंस ने कहा कि ‘ट्रंप ने उम्मीद की थी कि पीएम मोदी भी उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामितकरेंगे, लेकिन जब पीएम मोदी ने ऐसा नहीं किया तो ट्रंप इस बात को दिल पर ले गए और इसी के चलते ट्रंप ने भारत पर टैरिफ लगाया.प्रोफेसर टैरिल जोंस ने कहा कि ‘डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक नेता बनना चाहते हैं। न सिर्फ राजनीतिक, आर्थिक तौर पर बल्कि भू-राजनीतिक तौर पर भी. इसलिए उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का श्रेय लेने में बहुत जल्दबाजी की. जबकि प्रधानमंत्री मोदी से इससे इनकार करते रहेऔर उन्होंने कहा कि हमें पाकिस्तान से बातचीत के लिए अमेरिका या किसी भी अन्य देश की कोई जरूरत नहीं है. निभा सकते है मध्यस्थता की भूमिकाजब ट्रंप चाहते थे कि पीएम मोदी नोबेल शांति पुरस्कार के लिए उनके नाम का समर्थन करें, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो ट्रंप ने इस बात को निजीतौर पर ले लिया. जब ट्रंप कोई बात निजी तौर पर ले लेते हैं तो वे उस पर प्रतिक्रिया देते हैं और उन्होंने कई मौकों पर कहा भी है कि टैरिफ शब्दइंग्लिश भाषा का सबसे सुंदर शब्द है. अमेरिकी शिक्षाविद् टेरिल जोंस ने ये भी कहा कि ‘अमेरिका, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से बात कर सकता है, अमेरिका रूस से भी बात कर सकता है, लेकिन हो सकता है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन इस पर ध्यान न दें, लेकिन भारत ऐसा देश है, जो दोनों देशों सेबात कर सकता है और दोनों देशों के नेता, भारत की बात को ध्यान से सुनेंगे. ऐसे में अगर कोई बड़ा देश है तो ये देश मध्यस्थता की भूमिका निभासकते हैं.
केरल कांग्रेस के ‘बीड़ी और बिहार’ पोस्ट पर सियासी बवाल, केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने मांगी माफी

केरल कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘बीड़ी और बिहार’ को लेकर की गई पोस्ट पर सियासी बवाल मचा हुआ है. इस सोशल पोस्टपर अब केरल कांग्रेस ने माफी मांगी है. केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने शनिवार को स्वीकार किया कि पार्टी की राज्य इकाई के सोशल मीडियाहैंडल पर “बीड़ी और बिहार” वाला पोस्ट करते समय “गलती” हुई है। जोसेफ ने कहा कि ‘एक्स’ वाली पोस्ट हटा दी गई है और राज्य नेतृत्व के निर्देशपर सोशल मीडिया टीम ने माफी मांगी है. एक्स पर किया गया पोस्टकांग्रेस की केरल राज्य इकाई ने हाल ही में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कथित तौर पर हालिया जीएसटी सुधारों के मद्देनजर बिहार और बीड़ी (एक तंबाकूउत्पाद) के बीच समानताएं बताईं थीं. जिस पर भाजपा ने विरोध जताया था बता दें कि केरल कांग्रेस की ओर से की गई इस पोस्ट में कहा गया था, बीड़ी और बिहार ‘B’ से शुरू होते हैं अब इसे पाप नहीं माना जा सकता. कांग्रेस की आलोचनासनी जोसेफ ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, पोस्ट को हटा दिया गया है। सोशल मीडिया हैंडल कर वाले एडमिन और इसे चलाने वालेव्यक्ति ने इसे वापस ले लिया है और माफी मांगी है. कांग्रेस इसका समर्थन नहीं करती एक प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह कीपोस्ट डालने में गलती हुई है और सावधानी नहीं बरती गई है.जोसेफ ने बताया कि यह मामला पूर्व विधायक वीटी बलराम के समक्ष उठाया गया है, जो केपीसीसी के डिजिटल मीडिया सेल के प्रभारी हैं पार्टी नेशुक्रवार को एक नई एक्स पोस्ट में कहा, जीएसटी दरों को लेकर मोदी के चुनावी हथकंडे पर हमारे तंज को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है. अगरआपको ठेस पहुंची हो तो हम क्षमा चाहते हैं कई उत्तर भारतीय नेताओं ने हटा दी गई एक्स पोस्ट के लिए कांग्रेस की आलोचना की है.
ऑपरेशन सिंदूर से मिली सफलता में नागरिक और सैनिकों की भूमिका अहम, बोले आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी “जानें क्या कुछ कहा”

आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक बयान में कहा है कि देश की सुरक्षा सिर्फ सैनिकों का काम नहीं है बल्कि ये हर नागरिक की जिम्मेदारी है. आर्मीचीफ ने कहा ‘नागरिक ही सैनिकों को सबसे पहले सूचना देते हैं, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 72,000 से ज्यादा एनसीसी जवान थे, जिन्होंने ऑपरेशनके दौरान सभी जरूरी सहायता प्रणालियों का नेतृत्व किया और नागरिक की सुरक्षा के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया. यूक्रेन ने दुनिया को दिखायाहै कि जब आम नागरिक अपने देश की रक्षा की जिम्मेदारी लेते हैं तो क्या होता है उनकी भूमिका खुफिया जानकारी जुटाने, रसद और प्रतिरोध मेंसाबित हुई है इससे पता चलता है कि देश की सुरक्षा सिर्फ सैनिकों का काम नहीं है, बल्कि ये सभी की जिम्मेदारी है. नहीं होगा लक्ष्य हासिलशुक्रवार को गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद भारतऔर पाकिस्तान ने अलग-अलग सबक सीखे भारत ने जहां लंबी दूरी तक सटीकता से मार करने वाले हथियार और हमले के बाद नुकसान का आकलनकरने की क्षमता पर ध्यान दिया, वहीं पाकिस्तान ने संभवतः अपनी एयर डिफेंस प्रणाली को मजबूत करने पर फोकस किया.ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सीडीएस ने कहा कि जब राजनीतिक नेतृत्व से चर्चा हुई तो यह साफ हो गया कि सिर्फ ड्रोन और लोटरिंग म्यूनिशन (घूमतेहुए लक्ष्य तलाशने वाले हथियार) से लक्ष्य हासिल नहीं होगा. रसद और प्रतिरोध मे हुई साबितबहावलपुर और मुरिदके में आतंकी ठिकाने तबाह करने के लिए एयर पावर का इस्तेमाल जरूरी था उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार नेसेना को साफ निर्देश दिए थे कि आतंकी ठिकाने नष्ट करने हैं और तभी जवाबी कार्रवाई करनी है जब पाकिस्तान हमला करे इस ऑपरेशन में सेना कोपूरी आजादी मिली थी, चाहे वो योजना बनाना हो या लक्ष्य चुनना. आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि ‘यूक्रेन ने दुनिया को दिखाया है किजब आम नागरिक अपने देश की रक्षा की जिम्मेदारी लेते हैं तो क्या होता है। उनकी भूमिका खुफिया जानकारी जुटाने, रसद और प्रतिरोध में साबितहुई है.
भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी जल्द होगी घोषित, महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में संगठन को मिलेगी नई ताकत

भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश कार्यकारिणी की सूची तैयार है, बस इसके जारी होने का इंतजार है प्रदेशभर के पार्टी नेताओं की निगाहें सूची परलगी हुई हैं. शुक्रवार को भी पार्टी नेताओं का प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से उनके आवास पर मिलने का सिलसिला जारी रहा. भाजपा की नईकार्यकारिणी में 31 पदाधिकारी घोषित किए जाएंगे, इनमें आठ प्रदेश उपाध्यक्ष, आठ प्रदेश मंत्री, तीन महामंत्री, एक महामंत्री संगठन, एक प्रदेशमीडिया प्रभारी, एक कोषाध्यक्ष व एक कार्यालय सचिव होगा. चयन के लिए कसरत तेजइसके अलावा सात अलग-अलग मोर्चों युवा मोर्चा, किसान मोर्चा, महिला मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा औरअनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष भी घोषित किए जाएंगे. पहली बार संगठन में बड़े पद पर महिला को भी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है पिछलेमाह के अंत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट दिल्ली से लौटकर आए थे, जिसके बाद नई कार्यकारिणी के चयन के लिए कसरततेज हुई थी. संगठन को करेगी मजबूत और बढ़ेगी आगेपार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सलाह-मशविरा करने के बाद पार्टी के नए पदाधिकारियों के नामों को अंतिम रूप दिया जा चुका है बस इस सूची के जारीहोने का इंतजार है अगर शनिवार को सूची जारी न हुई तो फिर नवरात्र तक इंतजार बढ़ सकता है क्योंकि 7 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू हो जाएगा. आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा संगठन को एक टीम की जरूरत है जो जीत की हैट्रिक के लक्ष्य तक मजबूती के साथ पहुंचा सके. लिहाजा, माना जा रहा है कि जो पदाधिकारी इस टीम में शामिल होंगे, उनके चयन पर संगठन ने काफी विमर्श किया है नई टीम आगामी विधानसभाचुनाव के मद्देनजर पूरी ऊर्जा के साथ बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करेगी और आगे बढ़ेगी.