जनता दर्शन में सीएम योगी का आश्वासन इलाज में धन की कमी नहीं होने देंगे, हर जरूरतमंद को मिलेगा विवेकाधीन कोष से सहारा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने पहुंचे लोगों को आश्वस्त किया किवह बिना चिंता किए अच्छे से अच्छे अस्पताल में इलाज कराएं, सरकार उनकी भरपूर आर्थिक मदद करेगी. उपचार में जो भी धनराशि खर्च होगी, उसकी व्यवस्था सरकार करेगी. सीएम योगी ने इसे लेकर अफसरों को निर्देशित भी किया कि किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता कीआवश्यकता है. उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से पूरा कराकर शासन को उपलब्ध कराया जाए. हर जरूरतमंद को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष सेपर्याप्त सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार शाम गोरखपुर पहुंचे थे. गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बादरविवार सुबह उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मुलाकात की. की जाए कानूनी कार्रवाईमंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों से एक-एक करके समस्याएं सुनीं और निस्तारण के लिएआश्वस्त करते हुए उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को हस्तगत किए. उन्होंने सभी लोगों को आश्वस्त किया कि किसी को भी परेशान होने याघबराने होने की आवश्यकता नहीं है. हर समस्या का समाधान कराया जाएगा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की समस्याओंपर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से ध्यान देकर उनका त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक निस्तारण कराएं ताकि किसी को भी परेशान न होनापड़े. हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उसकी समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए. इसमें किसी भी तरह कीकोताही नहीं होनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं कोई जमीन कब्जा या दबंगई कर रहा हो तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. संवाद करने की दी जाए प्राथमिकतापारिवारिक मामलों के निस्तारण में दोनों पक्षों को एकसाथ बैठाकर संवाद करने को प्राथमिकता दीजाए. एक महिला की गुहार पर उन्होंने अफसरों को उक्त महिला को जमीन का पट्टा देने का निर्देश दिया. जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भीकई लोग गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे. सीएम योगी ने सभी को भरोसा दिया कि उनकी सरकार किसी भीजरूरतमंद के इलाज में धन की कमी को बाधक नहीं बनने देगी. विवेकाधीन कोष से मदद की जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार शामगोरखपुर पहुंचे थे. गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद रविवार सुबह उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों सेमुलाकात की. मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों से एक-एक करके समस्याएं सुनीं औरनिस्तारण के लिए आश्वस्त करते हुए उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को दिए.
भारत को आंखें दिखाना पड़ा पाकिस्तान को भारी, हवाई क्षेत्र प्रतिबंध से झेला ₹1240 करोड़ का नुकसान

आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को भारत को आंखें दिखाना महंगा पड़ रहा है. कर्ज के बोझ तले दबा पाकिस्तान एक गलती की वजह से अपनाबड़ा नुकसान करा चुका है. भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाकर पाकिस्तान को दो महीने में 1240 करोड़ रुपये का नुकसानझेलना पड़ा है. पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध से यातायात में 20 प्रतिशत कमी आई. 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था. इसके जवाब मेंपाकिस्तान ने सभी भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिया था. मगर यह प्रतिबंध पाकिस्तान पर ही उल्टा पड़ गया. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक 24 अप्रैल से 30 जून के बीच हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध से पाकिस्तान हवाई अड्डा प्राधिकरण (पीएए) का हवाई उड़ानशुल्क राजस्व गिर गया. 20 प्रतिशत की आई कमीवहीं रोज लगभग 100-150 भारतीय विमान प्रभावित हुए. जबकि पाकिस्तान के पारगमन हवाई यातायात में लगभग 20 प्रतिशत की कमी आई. पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय ने नुकसान की बात स्वीकार की, लेकिन यह कहकर उसे उचित ठहराने की कोशिश की कि संप्रभुता और राष्ट्रीय रक्षा आर्थिकपहलुओं से ऊपर हैं. अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि ऐसे उपाय रणनीतिक और कूटनीतिक कारणों से नोटिस टू एयरमैन (NOTAMs) के जरिएजारी किए गए थे. आंकड़ों के मुताबिक 2019 में पीएए का औसत दैनिक ओवरफ्लाइट राजस्व 508,000 डॉलर था. जबकि 2025 में यह760,000 डॉलर था, जिसका अर्थ है कि प्रतिबंध से पाकिस्तान को काफी नुकसान हुआ है. पाकिस्तान पर ही पड़ा उल्टामौजूदा समय में पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र भारतीय एयरलाइनों और विमानों को छोड़कर सभी के लिए खुला है. इस प्रतिबंध को दो बार बढ़ाया गया हैऔर अब यह अगस्त के अंतिम सप्ताह तक जारी रहेगा. भारतीय एयरलाइन्स कंपनियां अन्य अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर अप्रभावित हैं. जबकि पाकिस्तानीएयरलाइन्स को अभी भी भारतीय वायुक्षेत्र में प्रवेश करने से रोक दिया गया है. 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफकड़ी कार्रवाई करते हुए सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था. इसके जवाब में पाकिस्तान ने सभी भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र परप्रतिबंध लगा दिया था. मगर यह प्रतिबंध पाकिस्तान पर ही उल्टा पड़ गया.
वोट चोरी लोकतंत्र पर है हमला राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर फिर साधा निशाना, कांग्रेस ने लॉन्च किया पोर्टल

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर निशाना साधा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा कर लिखा, ‘वोट चोरी एक व्यक्ति, एक वोट के बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांत पर हमला है. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों केलिए साफ-सुथरी मतदाता सूची अनिवार्य है. चुनाव आयोग से हमारी मांग साफ है कि पारदर्शिता दिखाएं और डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करें, ताकि जनता और राजनीतिक दल उसका खुद ऑडिट कर सकें. आप भी हमारे साथ जुड़ कर इस मांग का समर्थनकरें- http://votechori.in/ecdemand पर जाएं या 9650003420 पर मिस्ड कॉल दें. ये लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा की है. राहुल ने सोशलमीडिया पर एक वीडियो साझा किया. जिसमें उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से चुनावों में बड़े पैमाने पर आपराधिक धोखाधड़ी होनेके अपने दावों को दोहराया. उन्होंने कर्नाटक के एक निर्वाचन क्षेत्र के विश्लेषण का हवाला देते हुए कहा था कि यह संविधान के खिलाफ अपराध है. चुनाव आयोग भी है शामिलपोर्टल पर एक संदेश भी है जिसमें कहा गया है कि वोट हमारे लोकतंत्र की नींव है लेकिन इस पर भाजपा की ओर से सुनियोजित हमला किया जा रहाहै जिसमें चुनाव आयोग भी शामिल है.इसमें दावा किया गया, ‘बंगलूरू मध्य के सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र में हमें एक लाख से ज्यादा फर्जी मतदाता मिले, जिन्होंने भाजपा को यह लोकसभासीट जीतने में मदद की. कल्पना कीजिए कि अगर ऐसा 70-100 सीटों पर हो तो यह स्वतंत्र चुनावों को नष्ट कर देगा. पोर्टल पर दिए गए संदेश मेंलिखा है’कांग्रेस और भारत ने पहले भी महाराष्ट्र सहित कई जगहों पर चिंता जताई है. अब हमारे पास सबूत हैं हम इस वोट चोरी से पूरी ताकत सेलड़ेंगे. हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमारे साथ जुड़ें. प्रमाण पत्र किया जाता है जारीजब कोई व्यक्ति पोर्टल पर पंजीकरण करता है तो उसके नाम पर एक प्रमाण पत्र जारी किया जाता है. जिसमें लिखा होता है कि वह ‘वोट चोरी’ केखिलाफ है. प्रमाणपत्र में लिखा है’मैं चुनाव आयोग से डिजिटल मतदाता सूची की राहुल गांधी की मांग का समर्थन करता हूं. प्रमाणपत्र पर कांग्रेसअध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और कोषाध्यक्ष अजय माकन के हस्ताक्षर हैं.राहुल गांधी के चुनावी धांधली के दावों के बाद कांग्रेस ने एक वेब पोर्टल लॉन्च किया. यहां लोग चुनाव आयोग से ‘वोट चोरी’ के खिलाफ जवाबदेहीकी मांग करने और विपक्ष के नेता की डिजिटल मतदाता सूची की मांग का समर्थन करने के लिए पंजीकरण करा सकते हैं. कोई भी पोर्टल लिंक परक्लिक करके ‘वोट चोरी का सबूत, चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग और वोट चोरी की रिपोर्ट’ डाउनलोड कर सकता है.
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पर दो EPIC नंबर का आरोप, तेजस्वी यादव बोले मतदाता सूची में बड़ा फर्जीवाड़ा

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस पार्टी ने बड़ा आरोप लगा दिया है. राजद और कांग्रेस ने दावा किया है कि डिप्टी सीएमविजय सिन्हा के पास दो EPIC नंबर है. उन्होंने दो जगह से मतदाता पुनरीक्षण कार्य का फॉर्म भरा. तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर रविवार सुबह प्रेसवार्ता की. उन्होंने सवाल पूछा कि किस कारण से डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बांकीपुर और लखीसराय से एसआईआर फॉर्म भरा? उनका नए वोटरलिस्ट में दो जगह नाम कैसे आया? इतना ही नहीं दोनों वोटर लिस्ट में डिप्टी सीएम के उम्र भी अलग-अलग है. लखीसराय वाले वोटर लिस्ट में उनकीउम्र 57 साल है. बांकीपुर में उन्होंने 60 साल अपनी उम्र बताई है। एक EPIC कार्ड नंबर IAF 39393370 है, इसका सीरियल नंबर 274 है. वहींदूसरा EPIC कार्ड नंबर AFS0853341 है और इसका सीरियल नंबर 767 है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इसकी जांच करनी चाहिए औरडिप्टी सीएम को इसका जवाब देना चाहिए. यह गंभीर मुद्दा है तेजस्वी ने कहा कि अगर विजय सिन्हा गलत पाए गए तो वह फौरन इस्तीफा दें. अगरचुनाव आयोग गलत पाया गया तो मतदाता पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया को ही रद्द कर देनी चाहिए. चुनाव आयोग की प्रक्रिया है भर्जीतेजस्वी यादव ने कहा कि मतदाता सूची प्रारूप में दो अलग-अलग जगह पीएम नरेंद्र मोदी के दुलरुवा विजय सिन्हा का नाम आ गया है. क्या अबचुनाव आयोग दो EPIC नंबर पर इनसे जवाब मांगेगी? क्या पटना और लखीसराय जिला प्रशासन डिप्टी सीएम विजय सिन्हा से जवाब मांगेगी? क्याइन पर प्राथमिकी दर्ज होगी? जितनी जल्दी मेरे ऊपर आरोप लगाकर नोटिस भेजी गई? क्या उतनी जल्दी विजय सिन्हा पर कार्रवाई होगी? तेजस्वी नेकहा कि अब विजय सिन्हा को सामने आकर यह बताना चाहिए कि उनके हस्ताक्षर से कैसे दो विधानसभा में उनके नाम दर्ज हैं. क्या वह दो जगह वोटगिराना चाह रहे हैं? अगर नहीं दो वह बताएं कि चुनाव आयोग की यह प्रक्रिया ही फर्जी है. उनके पास बीएलओ गए ही नहीं. नाम किए थे दर्जबिना उनके हस्ताक्षर से ही दो अलग-अलग विधानसभा में उनके नाम दर्ज कर लिए गए है?उन्होंने कहा कि एसआईआर बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा है. हमलोगों ने कई बार यह बात कही. सुप्रीम कोर्ट में भी यह मामला है. अब इससे बड़ा सबूत क्याहोगा कि बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का दो विधानसभा क्षेत्र के वोटर लिस्ट में नाम है. उनके नाम दो EPIC नंबर दर्ज है. तेजस्वी ने कहा किचुनाव आयोग मतदाता सूची प्रारूप की फाइल ही बदल दी है. पूरा फॉर्मेट ही बदल दी है यह फाइल काफी हैवी हो गई है. पहले मतदाता सेवा पोर्टलसे टैक्स्ट बेस्ट पीडीएफ डाउनलोड होता था. अब इमेज बेस्ड पीडीएफ डाउनलोड हो रहा है. इस नए फाइल कुछ भी सर्च करना काफी मुश्किल है. इतना ही नहीं जो फाइल डाउनलोड हो रही है? उनकी साइज बड़ी हो गई है.
राहुल गांधी की ‘डिनर पॉलिटिक्स’ विपक्ष एकजुट, वोटर लिस्ट विवाद से लेकर उपराष्ट्रपति चुनाव तक सरकार को घेरने की तैयारी

विपक्ष सरकार को घेरने के लिए सारे प्रयत्न कर रहा है. मतदाता सूची पुनरीक्षण से लेकर उपराष्ट्रपति के इस्तीफे तक, हर मामले में विपक्ष एकजुटहोकर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहा है. हाल ही में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 12 प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को अपनेआवास पर रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया था. इस ‘डिनर पॉलिटिक्स’ का मकसद सरकार को घेरने की नई रणनीति पर काम करना माना जा रहा है. राहुल के आमंत्रण पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता उद्धव ठाकरे, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, एनसीपी की सुप्रिया सूले, डीएमके की कनिमोई समेत तमाम नेता शामिल हुए. विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची की गहन समीक्षा (एसआईआर) परचुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहा है. एकजुटना को भी है दिखानाराहुल गांधी ने खुद इंदिरा भवन में प्रेसवार्ता करके चुनाव आयोग पर भाजपा के लिए वोट की चोरी करने का आरोप लगाया है विपक्ष का इरादा इसमुद्दे पर सरकार को जमकर घेरना है. इसके बहाने वह संसद में विपक्ष की एकजुटता को भी दिखाना चाह रहे हैं. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ केइस्तीफा देने बाद इस पद के चुनाव प्रक्रिया की घोषणा हो चुकी है. उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन शुरू हो गया है. 21 अगस्त तक प्रत्याशीनामांकन कर सकते हैं. नामांकन पत्रों की होगी जांच22 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच होगी. 25 अगस्त तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. 9 सितंबर को मतदान होगा. विपक्ष की योजना साझाउम्मीदवार उतारने और सरकार के सामने बड़ी चुनौती पेश करने की है. राहुल गांधी चाहते हैं कि विपक्ष उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर एकजुट हो।रात्रिभोज में इस सहमति एक बड़ा मुद्दा रही होगी. देश के अगले उपराष्ट्रपति के लिए एनडीए ने भी तैयारी शुरू कर दी है. इंडिया ब्लाक में इसमें अबदेरी नहीं करना चाहता. राहुल के आमंत्रण पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता उद्धव ठाकरे, राष्ट्रीय जनता दलके तेजस्वी यादव, एनसीपी की सुप्रिया सूले, डीएमके की कनिमोई समेत तमाम नेता शामिल हुए.
गलत नंबर से बदली किस्मत मडागांव के दो दोस्तों की विराट, एबी और पाटीदार से हुई अनोखी बातचीत

सोचिए आप अपने गांव में किसी किराने की दुकान पर बैठे हो और आपक फोन बज उठे. कॉल की दूसरी साइड से कोई बोले. हैलो! मैं विराट कोहलीबोल रहा हूं. कुछ देर बाद दूसरा कॉल आए और दूसरी साइड से कोई बोले…हैलो! मैं एबी डिविलियर्स बोल रहा हूं. आप सोच में पड़ जाएंगे औरलगेगा कि कोई प्रैंक या फिर मजाक कर रहा है. फिर कुछ देर बाद एक और कॉल आए और सामने वाला शख्स बोले…हैलो! मैं रजत पाटीदार बोलरहा हूं. ये किसी फिल्म की कहानी जैसा लग रहा होगा. लेकिन छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग छेत्र के मडागांव में दो दोस्तों के साथ कुछऐसा ही हुआ है. उनकी जिंदगी ने अचानक ऐसी करवट ली कि सब सोच में पड़ गए. मडागांव के दो दोस्त मनीष और खेमराज ने खुद को अचानकवीआईपी के कॉन्टैक्ट लिस्ट में पाया और हैरान रह गए. बाद में जब पूरा मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस को इसका हल निकालना पड़ा. दरअसल, इस कहानी की शुरुआत 28 जून को हुई. पाटीदार की दिखी तस्वीरमनीष ने आसपास के एक दुकान से एक नया सिमकार्ड खरीदा सिमकार्ड के लिए वही प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे आमतौर पर सबको गुजरना पड़ताहै. हालांकि, ट्विस्ट तब आया, जब वह सिमकार्ड चालू हुआ और मनीष ने व्हाट्सएप इंस्टॉल किया. उस नंबर के व्हाट्सएप पर प्रोफाइल पिक्चर मेंरजत पाटीदार की तस्वीर दिखी. मनीष और खेमराज ने सोचा कि यह कोई मजाक है. लेकिन इसके कुछ दिन बाद उस नंबर पर कॉल आने शुरू हो गए. ये कॉल पड़ोसी या फिर रिलेटिव्स के नहीं, बल्कि क्रिकेट स्टार्स और उनसे जुड़े लोगों के थे. किसी ने खुद को विराट कोहली बताया तो किसी ने एबीडिविलियर्स,मनीष और खेमराज को लगा कि किसी का प्रैंक है. उन्होंने भी प्रैंक करने का सोचा इसके बाद जब भी क्रिकटर्स की ओर से फोन आता, तोउन्होंने खुद को ‘महेंद्र सिंह धोनी’ के रूप में पेश करना शुरू कर दिया.दिया है जवाब15 जुलाई को मनीष को एक अनजान नंबर से एक और कॉल आया. इस बार एक विनम्र आवाज ने कहा, ‘भाई, मैं रजत पाटीदार हूं. जिस नंबर से तुमबात कर रहे हो, वह मेरा नंबर है, कृपया इसे वापस कर दें. तब भी मनीष और खेमराज चिढ़ाने के मूड में थे और उन्होंने जवाब दिया ‘और हम एमएसधोनी हैं. पाटीदार ने धैर्यपूर्वक समझाया कि यह नंबर उनके लिए महत्वपूर्ण है. इस नंबर की वजह से वह अपने कोच, दोस्तों और क्रिकेट बिरादरी सेजुड़े हुए हैं. जब मनीष और खेमराज की मस्ती बंद नहीं हुई, तो पाटीदार ने चेतावनी दी, ‘ठीक है, मैं पुलिस भेजूंगा. 10 मिनट के अंदर, पुलिस उनकेदरवाजे पर थी। तभी मनीष और खेमराज का दिमाग कौंधा और उन्हें पता चला कि वे असली रजत पाटीदार या फिर विराट कोहली या फिर एबीडिविलियर्स से बात कर रहे थे. उन दोनों ने सिम बिना किसी हिचकिचाहट के वापस कर दिया. विराट कोहली के फैन खेमराज के लिए दुर्घटनावशआए फोन ने उनकी जिंदगी बदल दी. खेमराज ने मुस्कुराते हुए बताया, ‘गलत नंबर की वजह से मुझे कोहली से बात करने का मौका मिला. मेरे जीवनका लक्ष्य पूरा हो गया है. गांव वाले अब मडागांव के ‘क्रिकेट के नक्शे पर’ होने जैसा मजाक करते हैं. वहीं, मनीष और खेमराज को उम्मीद है किपाटीदार इस बार फिर से अपने सिम के लिए नहीं, बल्कि धन्यवाद कहने के लिए फोन करेंगे.
टैरिफ से बढ़ी कीमतें अमेरिका में महंगे हुए कपड़े, सोशल मीडिया पर भड़की मर्सिडीज चैंडलर जानें क्या है पूरा मामला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के विभिन्न देशों पर टैरिफ लगाकर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं और उनका कहना है कि इससे अमेरिका में अरबोंडॉलर आएंगे. हालांकि अमेरिकी आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. दरअसल टैरिफ के चलते अमेरिका में रोजमर्रा की जरूरत वालेसामान और कपड़ों आदि की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है. सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर मर्सिडीज चैंडलर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्टकिया है. इस वीडियो में उन्होंने बताया कि टैरिफ का असर अमेरिका में दिखना शुरू हो गया है और कपड़ों की कीमतों में उछाल आया है. वीडियो मेंदिख रहा है कि चैंडलर एक कपड़ों के शोरूम में है और वे कपड़ों के प्राइस टैग दिखा रही हैं. करना होगा डॉलर का भुगतानचैंडलर ने बताया कि पहले जो कपड़े 10 डॉलर में मिल जाते थे, अब उनके लिए अमेरिकी लोगों को 12-13 डॉलर का भुगतान करना पड़ रहा है. चैंडलर ने ये भी दिखाया कि कई कपड़ों पर पुराने प्राइस टैग लगे हैं। वहीं कुछ पुराने प्राइस टैग को ढक दिया गया है. चैंडलर ने साझा पोस्ट में कहाकि अगर लोगों को उनकी बात पर विश्वास नहीं है तो वे अपने नजदीकी वालमार्ट या अन्य स्टोर में जाकर खुद जांच सकते हैं. इस वीडियो पर कईयूजर्स ने टिप्पणी की है एक यूजर ने ट्रंप प्रशासन के फैसले पर सवाल खड़े किए और लिखा कि ‘क्या टैरिफ लगाना सही है? क्या हम इससे महान बनगए हैं या बनने वाले हैं?’ एक अन्य यूजर ने लिखा कि ‘हमारे पास टैरिफ से अरबों डॉलर आएंगे और इसके बदले में हमें अतिरिक्त डॉलर का भुगतानकरना होगा. स्टोर में जाकर कर सकते है जांचटैरिफ दूसरे देशों से खरीदे जाने वाले या बेचे जाने वाले सामान पर लगाया जाने वाला शुल्क होता है. इसको हम आयात टैरिफ और निर्यात टैरिफ कहसकते हैं. अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लगाया है, इसका मतलब है कि भारत से अमेरिका जाने वाला सामान वहां पर महंगा मिलेगा. इससे अमेरिका में भारत की चीजें महंगी होंगी तो लोग दूसरे देशों से आए सामान को खरीदेंगे. इसका नतीजा ये होगा कि भारत का अमेरिका को जानेवाला निर्यात प्रभावित होगा.चैंडलर ने साझा पोस्ट में कहा कि अगर लोगों को उनकी बात पर विश्वास नहीं है तो वे अपने नजदीकी वालमार्ट या अन्य स्टोर में जाकर खुद जांचसकते हैं.