सुधांशु त्रिवेदी का विपक्ष पर तीखा हमला “इतना गैर-जिम्मेदार विपक्ष पहले कभी नहीं देखा”, विदेश नीति को बताया ऐतिहासिक

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत ने पहले कभी इतना गैर-जिम्मेदार विपक्ष नहींदेखा. उन्होंने मोदी सरकार की विदेश नीति की भी प्रशंसा करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया. उन्होंने यहां पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता में कहा, ‘आज हमविपक्ष की ओर से जो देख रहे हैं वह पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है भारत ने पहले कभी ऐसा व्यवहार नहीं देखा।’उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कीविदेश नीति बेहद कुशल और अभूतपूर्व है. सुधांशु त्रिवेदी ने ‘इंडिया’ गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह गठबंधन निराशाजनक है. उन्होंनेकहा, ‘जहां तक भाजपा का सवाल है भाजपा और राजग को मिले अभूतपूर्व और ऐतिहासिक जनादेश के बाद, तथाकथित ‘इंडिया’ गठबंधन निश्चितरूप से हताश एवं निराश है महाराष्ट्र में ‘इंडिया’ गठबंधन के लोग जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं, वह चिंताजनक और दुखद है. ‘उन्होंने कहा, ‘देश मेंटकराव की राजनीति की शुरुआत महाराष्ट्र से होना निश्चित रूप से दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है, जहां से राष्ट्रवाद के कई स्वर उभरे हैं. 2024 के चुनाव केबाद भाजपा और राजग मजबूत एवं एकजुट होते दिख रहे हैं। दूसरी ओर, विपक्ष का गठबंधन टूटता और बिखरता दिख रहा है विपक्षी गठबंधन मेंटकराव साफ दिखाई दे रहा है. भारत की विदेश नीति हुई मजबूतउन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति मजबूत हुई है. अहमदाबाद विमान दुर्घटना की जांच के लिए न्यायिक आयोगके गठन की पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मांग पर उन्होंने कहा कि विमान दुर्घटना एक अत्यंत तकनीकी मुद्दा है जिस पर केवल विषय विशेषज्ञ हीजानकारी दे सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘इसके लिए अंतरराष्ट्रीय मानक हैं किसी भी हवाई दुर्घटना की जांच कैसे की जाती है. इसके मानक स्पष्ट हैं औरअंतरराष्ट्रीय संस्था स्थापित हैं. इसके बावजूद, इस दुखद घटना पर राजनीति करके कांग्रेस ने न केवल अपनी तुच्छ मानसिकता, बल्कि राहुल गांधी केप्रभाव से उत्पन्न अपनी अज्ञानता और मानसिक विकलांगता का भी परिचय दिया है. इससे पहले, सुधांशु त्रिवेदी ने पार्टी कार्यालय में एक राज्य स्तरीयमीडिया कार्यशाला को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भारत ने ‘गुलाम मानसिकता’ को अपनाया, जबकि भाजपा सरकार नेभारतीय विचारधारा पर आधारित ‘स्वशासन व्यवस्था’ स्थापित की. पार्टी की ओर से जारी बयान में सुधांशु त्रिवेदी ने बताया, ‘1947 में अंग्रेजों सेआजादी मिली, 1977 में हम राजनीतिक रूप से आजाद हुए, 1990 के दशक में हम सांस्कृतिक रूप से आजाद हुए और आज हम वैचारिक लोकतंत्रके रूप में स्थापित हुए है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वामपंथी लोगों ने पाठ्यक्रमों में इस तरह की विषय वस्तु शामिल करवाई, जिससे भारतीय होनेपर ग्लानि और हिन्दू होने पर शर्म महसूस हो. टेक्स देना किया था स्वीकारउन्होंने कहा, ‘क्या कारण है कि महाराणा प्रताप को हारा हुआ पढ़ाया जाता रहा, क्या महाराणा प्रताप युद्ध क्षेत्र में वीर गति को प्राप्त हो गए थे. क्याउन्हें बंदी बना लिया गया था क्या उन्होंने टैक्स देना स्वीकार किया था, तो फिर कैसे महाराणा प्रताप की पराजय का इतिहास हमारी युवा पीढ़ी कोपढ़ाया गया. राणा सांगा के बारे में लुटेरों के लिखें झूठ को इतिहास बनाकर क्यों पढ़ाया गया?’उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के लोग शिक्षा केपाठ्यक्रम में परिवर्तन को लेकर सवाल उठा रहे है कि भगवाकरण हो रहा है. यह भगवाकरण नहीं, बल्कि भारत का प्रकटीकरण है। भाजपा नेता नेकहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने अपनी पुस्तक ‘डिस्कवरी आफ इंडिया’ में गजनी की मथुरा यात्रा का जिक्र करते हुए उसे कला प्रेमी बतादिया, जबकि महमूद गजनी के दरबारी इतिहासकार अल उतबी ने ‘तारीख-ए-यामिनी’ नाम के पुस्तक में लिखा है कि गजनी ने मथुरा की इमारतों एवंमंदिरों की भव्यता को देखकर कहा था कि ये इंसान की बनाई नहीं हो सकती, इसे देवताओं ने बनाया है, इसलिए इन्हें जमीदोज कर दिया जाए. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि क्यों देश से नेहरू ने यह सच छुपाया और आक्रांताओं का महिमा मंडन किया.
फडणवीस के मज़ाक से सियासत में हलचल, उद्धव बोले चड्डी बनियान गिरोह की थी बात “जानें क्या है पूरा मामला”

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एक ‘प्रस्ताव’ पर कुछ इस अंदाज में प्रतिक्रिया दी कि राज्य में सियासीउठापटक की अटकलें तेज हो गई हैं. दोनों पूर्व सहयोगियों की ऐसी टिप्पणियां कीं जो किसी महत्वपूर्ण संकेत की तरह प्रतीत हो रही हैं. हालांकिफडणवीस ने इस पर सफाई भी दी थी. उन्होंने अपनी उस टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा था कि उद्धव जी के सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के साथफिर से जुड़ने की गुंजाइश है यह महज एक मजाक था. मुख्यमंत्री ने कहा था ‘उद्धव जी, 2029 तक सरकार बदलने की कोई गुंजाइश नहीं है. हमारेविपक्ष पक्ष में आने की गुंजाइश नहीं है. आपके पास यहां आने की गुंजाइश है. इस पर विचार किया जा सकता है. हम इसके बारे में अलग तरह सेसोच सकते हैं. शुक्रवार को पत्रकारों के एक सवाल पर फडणवीस ने कहा’आप हमारे चुटकुलों को गंभीरता से क्यों लेते हैं? उद्धव ने भी कहा है कि यहहल्के-फुल्के अंदाज में कहा गया था. हमारी चिंता मत कीजिए महायुति सक्षम हैं. अटकलों पर हुई चर्चा तेजइस बीच शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात भी की जिसके बाद कुछ तरह-तरह की अटकलों पर चर्चा शुरूहो गई. बाद में उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे ने कहा कि उनके पिता ने हाल के दिनों में चर्चा में रहे मराठी भाषा के मुद्दे पर चर्चा के लिए फडणवीस सेमुलाकात की थी. लगभग आधे घंटे तक चली इस बैठक में वर्ली विधायक आदित्य भी मौजूद थे. शुक्रवार को जब पत्रकारों ने उद्धव ठाकरे सेफडणवीस की पेशकश के बारे में पूछा तो शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा’आपसे बात करने से पहले मैं प्रिंट मीडिया से बात कर रहा था. मैंने चड्डीबनियान गिरोह के बारे में बात की थी. चड्डी बनियान का भी एक विज्ञापन होता है यह अंदर की बात है. चड्डी बनियान’ का संदर्भ कांग्रेस नेता विजयवडेट्टीवार की एक टिप्पणी से था जिन्होंने विधानसभा में कहा था कि भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने हिंसा, कुशासन और भ्रष्टाचार कीसंस्कृति को बढ़ावा दिया है, जिससे महाराष्ट्र 20 प्रतिशत कमीशन वाला राज्य बन गया है. पुणे में मचाया था उत्पादवडेट्टीवार ने कहा, ‘कोयता गिरोह (कोयता चाकू रखने वाले गिरोह) ने पुणे में उत्पात मचाया था. ऐसे ही सत्तारूढ़ दल का अपना चड्ढी बनियान गिरोहहै, जो चीजें उनके हिसाब से नहीं होने पर हिंसा का सहारा लेता है.’उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली अविभाजित शिवसेना ने 2019 के विधानसभा चुनावके बाद मुख्यमंत्री पद साझा करने के विवाद को लेकर अपने लंबे समय के सहयोगी भाजपा से नाता तोड़ लिया था. अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस केबयान के बाद महाराष्ट्र की सियासत फिर से गर्म हो गई है.अगले दिन उद्धव ठाकरे ने फडणवीस से लगभग 20–30 मिनट की बैठक की, जिसमेंआदित्य ठाकरे भी मौजूद थे. यह स्वागत भरा ‘फ्रेंडली एक्सचेंज’ बताया गया. जिसका मकसद मराठी भाषा से जुड़े मुद्दे थे उद्धव ने मीडिया को बतायाकि वह “चड्डी बनियान गिरोह” की बात कर रहे थे. यह कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार की परिभाषा थी. उन्होंने कहा कि महायुति मजबूत है और उन्होंनेमज़ाक को मज़ाक ही रहने दिया
अमेरिका में क्रिप्टो को मिला कानूनी दर्जा ट्रंप ने ‘जीनियस एक्ट’ पर किए हस्ताक्षर, स्टेबलकॉइन को मिला नियामक ढांचा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर से जुड़ी क्रिप्टोकरेंसी, जिसे स्टेबलकॉइन के नाम से भी जाना जाता है. के लिए एकनियामक व्यवस्था बनाने के लिए एक कानून पर हस्ताक्षर किए. विशेषज्ञ इस कानून को एक मील का पत्थर बता रहे हैं. इससे डिजिटल परिसंपत्तियोंको भुगतान करने और धन स्थानांतरित करने का एक रोजमर्रा का तरीका बनने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है. ‘जीनियस एक्ट’ नामक यह विधेयक 308 बनाम 122 मतों से पारित हुआ और इसे लगभग आधे डेमोक्रेटिक सदस्यों और अधिकांश रिपब्लिकन ने समर्थन दिया. यह कानून क्रिप्टो समर्थकों केलिए एक बड़ी जीत ह वे लंबे समय से इस तरह के नियामक ढांचे की पैरवी कर रहे थे. ट्रंप ने कहा, यह हस्ताक्षर आपकी कड़ी मेहनत और अग्रणीभावना का एक बड़ा सत्यापन है. आम लोग अपनाएंगे ज्यादाइसमें कई क्रिप्टो अधिकारी शामिल हैं स्टेबलकॉइन्स को एक स्थिर मूल्य बनाए रखने के लिए डिजाइन किया गया है इनका उपयोग तेजी से बढ़ रहाहै. खासकर क्रिप्टो ट्रेडर्स द्वारा जो टोकन के बीच फंड ट्रांसफर करते हैं. उद्योग को उम्मीद है कि ये तुरंत भुगतान भेजने और प्राप्त करने के लिएमुख्यधारा में आ जाएंगे. नए कानून के अनुसार, हर स्टेबलकॉइन के पीछे असली और सुरक्षित संपत्ति होनी चाहिए. जैसे कि नकद डॉलर या सरकारीट्रेजरी बिल जो कंपनियां स्टेबलकॉइन जारी करेंगी. उन्हें हर महीने बताना होगा कि उनके पास कितना और किस तरह का भंडार (रिजर्व) है. क्रिप्टोकंपनियों का मानना है कि इस कानून से स्टेबलकॉइन पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा और बैंक, दुकानदार और आम लोग इन्हें जादा अपनाएंगे. 122 मतों से हुआ पारित‘जीनियस एक्ट’ नामक यह विधेयक 308 बनाम 122 मतों से पारित हुआ और इसे लगभग आधे डेमोक्रेटिक सदस्यों और अधिकांश रिपब्लिकन नेसमर्थन दिया। यह कानून क्रिप्टो समर्थकों के लिए एक बड़ी जीत है. वे लंबे समय से इस तरह के नियामक ढांचे की पैरवी कर रहे थे. हर स्टेबलकॉइनको नकद डॉलर या अल्पकालिक ट्रेज़री बिल जैसे लिक्विड असेट्स द्वारा 1:1 मान्यता के साथ समर्थित होना चाहिए आलोचकों ने ज़ोर देकर कहा कियह बड़ी टेक कंपनियों को बैंक जैसे कार्यों का मौका देगा, और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग व सुरक्षा के दृष्टिकोण से उच्च मानकों की कमी है GENIUS Act संघीय स्तर पर स्थिर स्टेबलकॉइन पर नियामक ढांचा स्थापित करने वाला पहला कानून है, जो पारदर्शिता, उपभोक्ता सुरक्षा व वित्तीय स्थिरता कोप्राथमिकता देता है. यह क्रिप्टो उद्योग के लिए बड़ी वैधता और मुख्यधारा अपनाने का मार्ग खोलता है. जिससे आगामी वर्षों में परिसंपत्तियों व लेन-देनकी दर में बड़ा उछाल आ सकता है.
भारत-पाक संघर्ष विराम पर ट्रंप के दावे से सियासत गरमाई, कांग्रेस ने मोदी सरकार पर लगाया ‘देश के सम्मान से समझौता’ का आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम का श्रेय लेने पर एक बार फिर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा है. कांग्रेस ने पीएम मोदीपर देश के सम्मान से समझौता करने का आरोप लगाया. कांग्रेस ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने व्यापार के लिए देश के सम्मान से समझौता क्योंकिया? दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि मेरी वजह से ही भारत और पाकिस्तान संघर्ष विराम पर सहमत हुए. इस मुद्देपर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी सरकार पर हमला बोला.ट्रंप के पोस्ट को लेकर कांग्रेस ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि ट्रंप ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध में पांच जेट मार गिराए गए. उन्होंने 24वीं बार कहा कि मैंने व्यापार की धमकी देकर भारत-पाकिस्तान युद्ध रोक दिया. ट्रंप लगातार यह दोहरा रहे हैं और नरेंद्र मोदी चुप हैं नरेंद्रमोदी ने व्यापार के लिए देश के सम्मान से समझौता क्यों किया? कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि संसद का मानसून सत्र शुरू होने से ठीकदो दिन पहले, ट्रंप मिसाइल 24वीं बार फिर से उन्हीं दो संदेशों के साथ दागी गई. भारत- पाकिस्तान के बीत रोका गया युद्धपहला यह कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोक दिया. दूसरा कि अगर युद्ध जारी रहा तो कोई व्यापार समझौता नहीं होगा. इसलिएअगर भारत और पाकिस्तान अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करना चाहते हैं. तो उन्हें तत्काल युद्धविराम के लिए सहमत होना होगा.उन्होंने कहा कि इस बार राष्ट्रपति ट्रंप ने सनसनीखेज नया खुलासा किया कि हो सकता है कि पांच जेट मार गिराए गए हों. प्रधानमंत्री मोदी जिनकीराष्ट्रपति ट्रंप के साथ सितंबर 2019 में हाउडी मोदी और फरवरी 2020 में नमस्ते ट्रंप के समय से वर्षों की दोस्ती और गले मिलने का रिश्ता है को अबखुद संसद में स्पष्ट और दो टूक बयान देना होगा कि राष्ट्रपति ट्रंप पिछले 70 दिनों से क्या दावा कर रहे हैं? ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि हमने कई युद्धरोके. ये गंभीर युद्ध थे भारत और पाकिस्तान में जो चल रहा था। वहां से विमानों को मार गिराया जा रहा था. मुझे लगता है कि पांच जेट मार गिराएगए थे। ये दो परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं. वे एक-दूसरे पर हमला कर रहे थे. परमाणु क्षणता हो सकती है पूरी तरह खत्मआप जानते हैं कि यह युद्ध का और भी खतरनाक हो सकता था. हमने हाल ही में ईरान में जो किया, आपने उसे देखा, जहां हमने उनकी परमाणु क्षमताको पूरी तरह से खत्म कर दिया. इसके उलट भारत और पाकिस्तान लड़ते जा रहे थे। वे पीछे हटने को तैयार नहीं थे. यह बढ़ता ही जा रहा था. हमनेइसे व्यापार के जरिए हल किया। हमने कहा कि एक व्यापार समझौता करते हैं। हम व्यापार समझौता नहीं कर रहे हैं, अगर आप ऐसे ही लड़ते रहेंगेतो. ट्रंप ने विकासशील देशों के समूह ब्रिक्स के सदस्यों से आयात पर 10% टैरिफ लगाने की अपनी धमकी दोहराई. उन्होंने यह भी कहा कि यदि येसमूह कभी सार्थक रास्ते पर आ भी गया तो भी यह बहुत दिन तक नहीं टिक पाएगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि मेरी वजहसे ही भारत और पाकिस्तान संघर्ष विराम पर सहमत हुए. इस मुद्दे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा। कांग्रेस ने कहा कि पीएम मोदी ने देश के सम्मानसे समझौता किया.
बिहार में 125 यूनिट बिजली अब मुफ्त नीतीश सरकार का चुनावी तोहफा, 90% घरेलू उपभोक्ताओं को होगा सीधा फायदा

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सीएम नीतीश कुमार ने सभी घरेलु उपभोक्ताओं को बड़ी सौगात दी है. अब बिहार में 125 यूनिट बिजली पर कोईशुल्क नहीं लगेगा. राज्य सरकार ने इसे शत-प्रतिशत सब्सिडी नाम दिया है. लेकिन, आम भाषा में कहें तो यह घरेलु उपभोक्ताओं को 125 यूनिटबिजली मुफ्त में मिलेगी. ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव के अनुसार, बिहार में घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या एक करोड़ 86 लाख 60 हजार है। इनमें125 यूनिट तक बिजली की मासिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या एक करोड़ 67 लाख 94 हजार है जो कुल घरेलू उपभोक्ताओं का 90 प्रतिशत है इन उपभोक्ताओं को अब बिजली का बिल नहीं देना पड़ेगा. इससे अधिक यानी 125 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करने पर बिजलीपर पहले से लागू टैरिफ के हिसाब से बिजली का बिल देना होगा. इधर, सरकार के इस नए एलान के बाद उपभोक्ताओं के खुशी की लहर है. लेकिनकुछ सवाल भी है. जिनके सवाल लोगों को नहीं मिले हैं. 125 यूनिट से ज्यादा होगी खपतऊर्जा विभाग ने इन सवालों का जवाब दिया ऊर्जा विभाग के अनुसार, सरकार ने 125 यूनिट बिजली का बिल शून्य कर दिया है इस पर कोई भी टैक्सनहीं लगेगा 125 यूनिट से अधिक जितनी खपत होगी, उतना का भी बिल होगा. जैसे 200 यूनिट खपत होने पर मात्र 75 यूनिट बिजली का ही शुल्कदेना होगा. नहीं, अगर अलग-अलग मकान या फ्लैट में एक ही नाम से कनेक्शन है तो 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ एक जगह मिलेगा. अगरमकान मालिक और किराएदार के नाम से अलग-अलग कनेक्शन है तो इसका लाभ दोनों को मिलेगा. आपको भी 125 यूनिट बिजली का बिल नहींदेना होगा. शेष बची 200 यूनिट बिजली पर पहले 100 यूनिट के लिए 4.12 रुपये और बाकी के 100 यूनिट पर 5.52 रुपये के हिसाब से बिलदेना होगा. यानी आपको विद्युत शुल्क के साथ 1124 रुपया भुगतान करना होगा. वहीं ग्रामीण क्षेत्र में आपको शहरी क्षेत्र की तुलना में लगभग आधीराशि का भुगतान करना होगा. क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में बिजली का दर कम है। इसमें एक से 200 यूनिट बिजली खपत करने पर 2.45 रुपये ही लगतेहैं। यहां पहले से 125 यूनिट बिजली का बिल शून्य रहेगा. बाकी बची 200 यूनिट बिजली के लिए 570 रुपये का भुगतान करना होगा. शहरी क्षेत्र मेंप्रति किलोवाट 80 रुपये के हिसाब से फिक्स चार्ज देना होता है. देना पड़ता है फिक्स चार्जवहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 40 रुपये प्रतिकिलोवाट के हिसाब से फिक्स चार्ज देना पड़ता है. उर्जा मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्तासहायता योजना के विस्तारीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अतिरिक्त रुपये 3797 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. इस वर्ष 19 हजार 792 करोड़ रुपये के वित्तीय भार का वहन राज्य सरकार को करना पड़ेगा। अगले वित्तीय वर्ष से यह राशि बढ़ती जाएगी. कैबिनेट में लिए निर्णयके अनुसार, इसके साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम 1.1 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए कुटीर ज्योति उपभोक्ताओंको पूर्ण वित्तीय सहायता एवं अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की भी स्वीकृति दी गई है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के सभी घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 125 यूनिट प्रति माह तक यादि शत-प्रतिशत अनुदान पर बिजली दी जाती है।उनके घर की छतों पर अथवा सार्वजनिक स्थलों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाता है. तो राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष कर कम बिजलीखपत करने वाले सभी उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ होगा। इससे न सिर्फ इन घरेलू उपभोक्ताओं को बिना रूके बिजली मिलेगी. बल्कि सौर ऊर्जाउत्पाद को भी बढ़ावा मिलेगा.
उत्तराखंड में ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू, नकली दवाओं के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई STF और CNB ने पकड़ी करोड़ों की फर्जी दवाएं

प्रदेश में नकली व खराब गुणवत्ता वाली दवाओं के खिलाफ शनिवार से ऑपरेशन क्लीन अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान के तहत फार्माकंपनियों, थोक व फुटकर विक्रेता दुकानों का निरीक्षण कर सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर खाद्य संरक्षा एवंऔषधि प्रशासन विभाग ने अभियान के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) गठित की है। सहायक औषधि नियंत्रक हेमंत सिंह नेगी की अध्यक्षता मेंगठित टीम में आठ सदस्य शामिल हैं. स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि अभियान का उद्देश्य प्रदेश को नशामुक्त उत्तराखंड बनाने केसाथ गुणवत्ता युक्त दवाएं उपलब्ध कराना है. औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियम 1945 के तहत अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत प्रदेशभर में नकली दवा बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नकली, अधोमानक, मिसब्रांडेड व मादक औषधियों कानिर्माण, भंडारण के साथ विक्रय करने वालों की निगरानी कर कार्रवाई की जाएगी. क्षेत्रों में किया जाएगी सघन निगरानीइसके अलावा भारत-नेपाल सीमा के साथ अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन निगरानी की जाएगी. स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया, क्यूआरटी में सहायक औषधि नियंत्रक मुख्यालय डॉ. सुधीर कुमार, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मुख्यालय नीरज कुमार, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नैनीतालमीनाक्षी बिष्ट, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक टिहरी सीपी नेगी, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक हरिद्वार अनिता भारती, औषधि निरीक्षक देहरादून मानवेन्द्र सिंह राणा, औषधि निरीक्षक मुख्यालय निशा रावत, औषधि निरीक्षक मुख्यालय गौरी कुकरेती शामिल हैं. अभियान के तहत जिलों को औषधि निरीक्षण कार्य केलिए दो श्रेणियों में बांटा गया है. इसमें श्रेणी-एक में देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी, और श्रेणी-दो में अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, चंपावत शामिल हैं. प्रत्येक सप्ताह जिलों से प्राप्त औषधियों के नमूनों की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाएगी. हेल्पलाइन 18001804246 किया गया शुरूविभाग ने नकली दवाइयों की सूचना के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन 18001804246 शुरू किया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर खाद्यसुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने क्विक रिस्पांस टीम (QRT) बनाई है. जिसका नेतृत्व सहायक औषधि नियंत्रक हेमंत सिंह नेगी करेंगे। टीम में 8 सदस्य शामिल हैं लक्ष्य और नियमन: अभियान के अनुसार नकली, अधोमानक, मिसब्रांडेड और मादक औषधियों की रचना, भंडारण और बिक्री परसख्त नजर रखी जाएगी, और ये कार्रवाई औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 एवं नियम, 1945 के तहत होगी STF की गिरफ्तारीदेहरादून के सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में नकली दवाओं के एक रैकेट का खुलासा हुआ है. जिसमें डीवी डेयल गुप्ता, एक फार्मा कंपनी मालिक, कोSTF ने गिरफ्तार किया. उन्होंने 1.4 करोड़ फर्जी टैबलेट्स और 2 लाख कैप्सूल्स सप्लाई किए थे राष्ट्रीय स्तर की कार्रवाई CNB और अन्य एजेंसियोंने सहारनपुर (UP) और उत्तराखंड में झूठी दवाओं के खिलाफ छापे मारे, ₹3 करोड़ की नकली दवा जब्त की गई – 5 लोग गिरफ्तार हुए.