
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत ने पहले कभी इतना गैर-जिम्मेदार विपक्ष नहींदेखा. उन्होंने मोदी सरकार की विदेश नीति की भी प्रशंसा करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया. उन्होंने यहां पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता में कहा, ‘आज हमविपक्ष की ओर से जो देख रहे हैं वह पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है भारत ने पहले कभी ऐसा व्यवहार नहीं देखा।’उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कीविदेश नीति बेहद कुशल और अभूतपूर्व है. सुधांशु त्रिवेदी ने ‘इंडिया’ गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह गठबंधन निराशाजनक है. उन्होंनेकहा, ‘जहां तक भाजपा का सवाल है भाजपा और राजग को मिले अभूतपूर्व और ऐतिहासिक जनादेश के बाद, तथाकथित ‘इंडिया’ गठबंधन निश्चितरूप से हताश एवं निराश है महाराष्ट्र में ‘इंडिया’ गठबंधन के लोग जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं, वह चिंताजनक और दुखद है. ‘उन्होंने कहा, ‘देश मेंटकराव की राजनीति की शुरुआत महाराष्ट्र से होना निश्चित रूप से दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है, जहां से राष्ट्रवाद के कई स्वर उभरे हैं. 2024 के चुनाव केबाद भाजपा और राजग मजबूत एवं एकजुट होते दिख रहे हैं। दूसरी ओर, विपक्ष का गठबंधन टूटता और बिखरता दिख रहा है विपक्षी गठबंधन मेंटकराव साफ दिखाई दे रहा है.
भारत की विदेश नीति हुई मजबूत
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति मजबूत हुई है. अहमदाबाद विमान दुर्घटना की जांच के लिए न्यायिक आयोगके गठन की पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मांग पर उन्होंने कहा कि विमान दुर्घटना एक अत्यंत तकनीकी मुद्दा है जिस पर केवल विषय विशेषज्ञ हीजानकारी दे सकते हैं. उन्होंने कहा, ‘इसके लिए अंतरराष्ट्रीय मानक हैं किसी भी हवाई दुर्घटना की जांच कैसे की जाती है. इसके मानक स्पष्ट हैं औरअंतरराष्ट्रीय संस्था स्थापित हैं. इसके बावजूद, इस दुखद घटना पर राजनीति करके कांग्रेस ने न केवल अपनी तुच्छ मानसिकता, बल्कि राहुल गांधी केप्रभाव से उत्पन्न अपनी अज्ञानता और मानसिक विकलांगता का भी परिचय दिया है. इससे पहले, सुधांशु त्रिवेदी ने पार्टी कार्यालय में एक राज्य स्तरीयमीडिया कार्यशाला को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भारत ने ‘गुलाम मानसिकता’ को अपनाया, जबकि भाजपा सरकार नेभारतीय विचारधारा पर आधारित ‘स्वशासन व्यवस्था’ स्थापित की. पार्टी की ओर से जारी बयान में सुधांशु त्रिवेदी ने बताया, ‘1947 में अंग्रेजों सेआजादी मिली, 1977 में हम राजनीतिक रूप से आजाद हुए, 1990 के दशक में हम सांस्कृतिक रूप से आजाद हुए और आज हम वैचारिक लोकतंत्रके रूप में स्थापित हुए है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वामपंथी लोगों ने पाठ्यक्रमों में इस तरह की विषय वस्तु शामिल करवाई, जिससे भारतीय होनेपर ग्लानि और हिन्दू होने पर शर्म महसूस हो.
टेक्स देना किया था स्वीकार
उन्होंने कहा, ‘क्या कारण है कि महाराणा प्रताप को हारा हुआ पढ़ाया जाता रहा, क्या महाराणा प्रताप युद्ध क्षेत्र में वीर गति को प्राप्त हो गए थे. क्याउन्हें बंदी बना लिया गया था क्या उन्होंने टैक्स देना स्वीकार किया था, तो फिर कैसे महाराणा प्रताप की पराजय का इतिहास हमारी युवा पीढ़ी कोपढ़ाया गया. राणा सांगा के बारे में लुटेरों के लिखें झूठ को इतिहास बनाकर क्यों पढ़ाया गया?’उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के लोग शिक्षा केपाठ्यक्रम में परिवर्तन को लेकर सवाल उठा रहे है कि भगवाकरण हो रहा है. यह भगवाकरण नहीं, बल्कि भारत का प्रकटीकरण है। भाजपा नेता नेकहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने अपनी पुस्तक ‘डिस्कवरी आफ इंडिया’ में गजनी की मथुरा यात्रा का जिक्र करते हुए उसे कला प्रेमी बतादिया, जबकि महमूद गजनी के दरबारी इतिहासकार अल उतबी ने ‘तारीख-ए-यामिनी’ नाम के पुस्तक में लिखा है कि गजनी ने मथुरा की इमारतों एवंमंदिरों की भव्यता को देखकर कहा था कि ये इंसान की बनाई नहीं हो सकती, इसे देवताओं ने बनाया है, इसलिए इन्हें जमीदोज कर दिया जाए. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि क्यों देश से नेहरू ने यह सच छुपाया और आक्रांताओं का महिमा मंडन किया.