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जिग्नेश मेवाणी ने पत्रकारों को किया संबोधित,बोले आरएसएस ने 10 सालों से लोगों पर मचाया उत्पाद जानें क्या है पूरा मामला

जिग्नेश मेवाणी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 10 सालों से कमजोर लोगों के ऊपर आरएसएस के लोगों ने जिस प्रकार से उत्पातमचाया है जिस प्रकार की मोदी, अमित शाह, भाजपा की राजनीति हम लोगों ने देखी है. जितने भी इस मुल्क में संविधान को मानने वाले लोग हैं, प्रगतिशील विचारधारा से सरोकार रखने वाले लोग हैं. विशेष तौर पर दलित, आदिवासी, ओबीसी समुदाय से आने वाले लोग हैं. उनको इस बात कोलेकर कोई कंफ्यूजन नहीं कि मोदी, अमित शाह, आरएसएस और भाजपा बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान में नहीं, केवल मनुस्मृति के संस्कारों में, मनुस्मृति के मूल्यों में यकीन रखते हैं. बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान को समंदर में दो फेकपास्ट में वह यह कह भी चुके हैं कि डॉक्टर बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान को समंदर में फेंक दो। यह लिख भी चुके हैं कि हमें भारत का संविधाननहीं, मनुस्मृति चाहिए. यह संघ परिवार के लोगों ने बकायदा लिखा हुआ है और इसी सोच के कारण पिछले कुछ सालों के दौरान हम लोगों ने देखाकि दिल्ली की सड़कों पर संविधान की कॉपी को जलाया गया. हमने देखा कि किस प्रकार से रोहित वेमुला को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया. जिसको हम संस्थानिक हत्या कहते हैं हमने देखा कि किस प्रकार से बलात्कार का शिकार बनी हाथरस की बेटी का शव अंतिम दर्शन के लिए उसकेपरिवारजनों को नसीब नहीं हुआ। हम लोगों ने देखा कि किस प्रकार से गुजरात के ऊना में गाड़ी के साथ बांधकर चार दलित युवकों को तब तक पीटागया जब तक उनकी चमड़ी ना उतर जाए. नेक्सलाइट बोलकर भीमा कोरेगांव के केस में प्रतिबद्ध, कमिटेड, कर्मठ अंबेडकराइट्स को तीन-तीन सालतक जेलों में डाला। मोदी जी के खिलाफ एक ट्वीट करने पर गुजरात से असम. ढाई हजार किलोमीटर दूर की जेल में डालकर, महिला पुलिस को मेरेबगल में बिठाकर मोलेस्टेशन का फर्जी केस करवाया.‘अंबेडकरनामा’ चलाने वाले प्रोफेसर रतन लाल जैसे साथियों के ऊपर भी फर्जी मुकदमे हुए. पार्लियामेंट में बोले अमित शाहइसी सोच के कारण पार्लियामेंट के मंच से अमित शाह ने भी कहा – कि अंबेडकर-अंबेडकर-अंबेडकर करना आजकल फैशन बन गया है. मानो एकबहुत ही डीप रूटेड कोई घृणा हो, नफरत हो… उस प्रकार के भाव और टोन के साथ अमित शाह ने बाबा साहब अंबेडकर के लिए इस प्रकार के शब्दोंका प्रयोग किया था। मतलब कि यह दिखाता है कि उनकी रगों में सिंदूर हो ना हो, इन संघी भाजपाइयों की रगों में मनुस्मृति की धारा जरूर बहती हैऔर यही कारण है कि हम देखते हैं कि बिहार में 11 साल की दलित समाज की बेटी पर बलात्कार होता है. चाकू से उसका गला काटने की, उसकेअंगों को काटने की कोशिश होती है, वह जीवन-मरण के बीच में तड़प रही है और फिर भी उसको एक बेड नसीब नहीं होता.5 घंटे तक उसको एंबुलेंसमें बैठे रहना पड़ता है। उसी प्रकार गुजरात के अमरेली जिले में 10 दिन पहले की घटना है – 19 साल के दलित समाज के नीलेश राठौड़ को दौड़ा-दौड़ा कर सड़क पर… भरे बाजार, भरे चौराहे जातिवादी लोग हाथ में कुल्हाड़ी, डंडे, पाइप, स्टिक्स लेकर दिन दहाड़े उसकी हत्या कर देते हैं। इसीगुजरात के पाटन जिले में उसी हफ्ते में 60-65 साल के दलित समाज के इस बुजुर्ग को इस प्रकार से जिंदा जला दिया जाता है. यह उसकी तस्वीर हैऔर इन तमाम घटनाओं को लेकर आज आपके बीच में दिल्ली इसलिए आया हूं कि 7-8 साल पहले जब ऊना की घटना हुई, तब मोदी जी ने कहाथा – कि मारना है तो मुझे मारो. बड़े नाटकीय अंदाज में कहा था कि मारना है तो मुझे मारो, मेरे दलित भाइयों को मत मारो।

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा 20% आरक्षण, आयु सीमा में भी तीन साल की छूट

गृह विभाग ने जारी किया आदेशउत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए पुलिस भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का शासनादेश जारीकर दिया। यह आरक्षण आरक्षी नागरिक पुलिस, पीएसी, घुड़सवार पुलिस और फायरमैन के पदों पर लागू होगा। आदेश प्रमुख सचिव (गृह) संजयप्रसाद द्वारा जारी किया गया है, जिसमें पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने का भी प्रावधान है। योगी सरकार का देश में पहला कदमइस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इससे पहले मंगलवार को योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने प्रस्तावको मंजूरी दी थी, और अब इसे लागू करते हुए गृह विभाग ने औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। आरक्षण सभी श्रेणियों में लागू होगाआरक्षण सभी सामाजिक वर्गों (सामान्य, एससी, एसटी और ओबीसी) के भीतर क्षैतिज रूप से लागू होगा। उदाहरण के लिए, अगर कोई पूर्व अग्निवीरओबीसी श्रेणी से आता है, तो उसे ओबीसी के भीतर ही यह आरक्षण दिया जाएगा। कौन होगा पात्र?इस लाभ का लाभ केवल उन्हीं पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा जिन्होंने चार साल की सेवा पूरी कर ली हो और जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हों। साथ ही, उन्हें आरक्षी पुलिस, पीएसी, घुड़सवार पुलिस और फायरमैन जैसी पदों के लिए आयु सीमा में तीन वर्षों की अतिरिक्त छूट भी मिलेगी। 2026 में आएगा पहला बैचइस व्यवस्था के अंतर्गत भर्ती प्रक्रिया का पहला बैच 2026 में सामने आएगा, जब अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वालेअग्निवीर पहली बार पात्र होंगे। अन्य राज्यों से तुलनाजबकि हरियाणा और ओडिशा जैसे कुछ राज्यों ने पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की पहल की है, उत्तर प्रदेश ने यह प्रतिशत बढ़ाकर 20 कर दिया है, जिससे यह निर्णय और भी महत्वपूर्ण बन गया है।

इंदौर के नवविवाहित दंपति का शिलांग में रहस्यमयी मामला, सीएम ने की CBI जांच की सिफारिश

राजा रघुवंशी की मौत और सोनम के लापता होने से फैली सनसनीमध्यप्रदेश के इंदौर शहर से ताल्लुक रखने वाले नवविवाहित जोड़े राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी का मेघालय दौरा अब एक रहस्यमयी औरचिंताजनक प्रकरण बन गया है। राजा की संदिग्ध हालात में मौत और सोनम के अब तक लापता रहने के चलते यह मामला तूल पकड़ चुका है। दोनों11 मई को विवाह के बाद हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए थे। 23 मई से उनका संपर्क टूट गया और 2 जून को राजा का शव एक गहरी खाई मेंमिला। मुख्यमंत्री मोहन यादव की सख्त प्रतिक्रियामुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को एक बयान में कहा कि यह एक अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक मामला है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेशसरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और वह व्यक्तिगत रूप से मेघालय के मुख्यमंत्री से बातचीत कर चुके हैं। इसके अलावा राज्यके वरिष्ठ पुलिस अधिकारी लगातार मेघालय प्रशासन से संपर्क में हैं। CBI जांच की सिफारिश, गृह मंत्री से की बातचीतमुख्यमंत्री ने इस प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश की है। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सेऔपचारिक अनुरोध किया है। उनका कहना है कि केवल एक निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच के माध्यम से ही सच्चाई सामने लाई जा सकती है औरसोनम रघुवंशी की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सकती है। सोनम के लापता होने से परिजन बेचैनराजा रघुवंशी की मौत की पुष्टि होने के बाद भी सोनम का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे परिवार और प्रशासन दोनों ही चिंतित हैं। इस मामलेको लेकर अब प्रशासन पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है कि जल्द से जल्द सोनम की तलाश की जाए। उम्मीदें CBI जांच से जुड़ींमुख्यमंत्री की सिफारिश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि CBI जांच शुरू होने से इस रहस्यमयी मामले की परतें जल्द खुलेंगी और सोनम रघुवंशीकी स्थिति को लेकर स्पष्टता आएगी।

मुर्शिदाबाद हिंसा पर चार्जशीट दाखिल, 13 नामजद आरोपी, BNS और आर्म्स एक्ट की धाराएं लागू

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले के शमशेरगंज क्षेत्र में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले मेंपुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हिंसा के 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी गई है, जिसमें 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट मेंभारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट की धाराएं 25/27 भी लगाई गई हैं। अब तक 300 से अधिक गिरफ्तारियांपुलिस के अनुसार, हिंसा से जुड़े मामलों में अब तक 60 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई हैं और 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुकाहै। पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई राज्य की कानून-व्यवस्था को बहाल करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। पिता-पुत्र की निर्मम हत्याइस हिंसा के दौरान 74 वर्षीय हरगोबिंद दास और उनके 40 वर्षीय बेटे चंदन दास की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरोंने बुजुर्ग दास को घर से खींचकर बाहर निकाला और कुल्हाड़ी से हमला किया। बेटे ने विरोध किया तो उसे भी उसी क्रूरता से मारा गया। हत्या के बादहमलावरों ने यह सुनिश्चित किया कि दोनों की मौत हो चुकी है, तभी वे वहां से हटे। इतना ही नहीं, कुछ इलाकों में पानी की आपूर्ति भी काट दी गई थीताकि जल रही आग को बुझाना संभव न हो। हाईकोर्ट समिति ने उठाए गंभीर सवालकोलकाता हाईकोर्ट द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट ने इस घटना की भयावहता को उजागर किया है। रिपोर्ट में इस हिंसा का मास्टरमाइंड स्थानीयतृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता और धुलियन नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन महबूब आलम को बताया गया है। समिति ने पुलिस की निष्क्रियता औरलोगों की कॉल पर कोई प्रतिक्रिया न देने की तीखी आलोचना की। 113 घर प्रभावित, जलाए गए मकानरिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि बेतबोना गांव के 113 घर हिंसा की चपेट में आए, जिनमें से कई घर पूरी तरह जला दिए गए थे। यह घटना नकेवल स्थानीय प्रशासन की विफलता को उजागर करती है, बल्कि राज्य में कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न भी लगाती है।न्याय प्रक्रिया में तेजी की उम्मीदइस भयावह घटना के बाद अब न्याय प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है ताकि सभी दोषियों को सख्त सजा मिल सके और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलसके।

रूस-यूक्रेन संघर्ष में नई उग्रता, खारकीव पर रूस का जबरदस्त हमला, तीन की मौत, यूक्रेन के ड्रोन हमलों का जवाब

रूसी हमले में खारकीव हुआ तबाहयूक्रेन के खारकीव शहर पर रूस ने शनिवार को भीषण ड्रोन और मिसाइल हमला किया, जिसमें तीन नागरिकों की मौत हो गई और कम से कम 21 लोग घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यह हमला रूस की हालिया जवाबी सैन्य कार्रवाइयों का हिस्सा था। 18 बहुमंजिला इमारतें और 13 घर क्षतिग्रस्तखारकीव के मेयर इगोर टेरेखोव के अनुसार, हमले में कुल 18 बहुमंजिला इमारतें और 13 निजी मकान प्रभावित हुए हैं। यह हमला रूस की ओर से कीजा रही लगातार और तेज़ होती हमलों की श्रृंखला का नया चरण है। रूसी हमले में इस्तेमाल हुआ खतरनाक हथियारों का जखीरारिपोर्ट के अनुसार, रूस ने इस हमले में 48 ‘शहीद ड्रोन’, दो मिसाइलें और चार एरियल ग्लाइड बम तैनात किए। इनमें एरियल ग्लाइड बम कोखासतौर पर खतरनाक माना जाता है क्योंकि ये अत्यंत सटीकता के साथ लक्ष्यों को निशाना बनाकर व्यापक तबाही मचा सकते हैं। यूक्रेन ने भी किए थे भारी ड्रोन हमलेइस हमले से पहले, यूक्रेन ने रूस के भीतर विभिन्न सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए थे। रॉयटर्स की रिपोर्ट केमुताबिक, यूक्रेन ने लगभग 117 मानव रहित हवाई वाहन (ड्रोन) से रूस के चार प्रमुख एयरबेस पर हमला किया। रूसी एयरबेस पर भारी नुकसानओपन सोर्स विश्लेषकों और सैटेलाइट इमेज के अनुसार, इन ड्रोन हमलों में रूस के कई बमवर्षक विमान या तो पूरी तरह नष्ट हो गए या गंभीर रूप सेक्षतिग्रस्त हुए। हमलों की पुष्टि रॉयटर्स द्वारा सत्यापित ऑपरेशन फुटेज से की गई है। दोनों देशों के बीच बढ़ता तनावइन घटनाओं ने रूस-यूक्रेन युद्ध को और उग्र बना दिया है। जहां यूक्रेन अब रूसी सीमाओं के अंदर तक हमले कर रहा है, वहीं रूस भी जवाबी कार्रवाईमें आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है, जिससे मानवीय संकट गहराता जा रहा है।

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की फ्लाइट में हाईवोल्टेज ड्रामा, पायलट ने उड़ान भरने से किया इनकार, 45 मिनट की मशक्कत के बाद माने

पायलट ने उड़ान से किया इनकार, कारण बताए स्वास्थ्य और ड्यूटी घंटेमहाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को उस वक्त अनपेक्षित स्थिति का सामना करना पड़ा जब जलगांव एयरपोर्ट पर उनके चार्टर्ड विमान केपायलट ने उड़ान भरने से मना कर दिया। शुक्रवार को मुक्ताईनगर दौरे के बाद जब शिंदे मुंबई लौटने वाले थे, पायलट ने बताया कि वह पिछले 12 घंटे से लगातार उड़ान भर रहा है और अब उड़ान के लिए फिट नहीं है। DGCA के नियमों के अनुसार, पायलट की अधिकतम ड्यूटी अवधि 8-9 घंटेहोती है, जिसे कुछ परिस्थितियों में 13 घंटे तक बढ़ाया जा सकता है। मंत्री और अधिकारियों ने की समझाइश, फिर खुद पहुंचे शिंदेस्थिति गंभीर होते देख मंत्री गिरीश महाजन और गुलाबराव पाटिल ने पायलट को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। आखिरकारएकनाथ शिंदे खुद पायलट के पास पहुंचे और बातचीत के बाद करीब 45 मिनट में पायलट उड़ान भरने को तैयार हो गया। इस पूरी घटना के दौरानयात्री वेटिंग रूम में इंतजार करते रहे। चार्टर्ड फ्लाइट में बीमार महिला को दी जगहइस बीच एक मानवता से जुड़ी घटना भी सामने आई। एयरपोर्ट पर एक महिला, शीतल बोर्डे, जो किडनी की बीमारी से जूझ रही थीं और अपनीफ्लाइट मिस कर चुकी थीं, परेशान नजर आईं। जानकारी मिलने पर मंत्री गिरीश महाजन ने यह बात शिंदे तक पहुंचाई। डिप्टी सीएम ने तत्कालनिर्णय लेते हुए महिला और उसके पति को अपने चार्टर्ड विमान में जगह दे दी। रास्ते में उन्होंने महिला की तबीयत और सर्जरी की जानकारी ली। मुंबईपहुंचने पर उनके लिए एंबुलेंस और सर्जरी की व्यवस्था कराई गई। DGCA नियमों का पालन, फिर भी समाधान निकालाहालांकि पायलट का रिफ्यूज़ल पूरी तरह DGCA नियमों के अनुरूप था, फिर भी एयरलाइन और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद समाधान निकल सका।यह घटना न सिर्फ सुरक्षा प्रोटोकॉल की अहमियत दर्शाती है, बल्कि नेतृत्व के लचीलेपन और मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल भी पेश करती है।

कश्मीर में ईद-उल-अज़हा धूमधाम से मनाई गई, मीरवाइज उमर फारूक की नजरबंदी जारी, जामिया मस्जिद बंद

कश्मीर में मुस्लिम समुदाय ने ईद-उल-अज़हा के पावन अवसर पर बड़ी संख्या में नमाज़ अदा की और पारंपरिक उल्लास के साथ यह त्योहार मनाया।इस्लामी कैलेंडर के आखिरी महीने ज़िल-हिज्जा की 10वीं तारीख को मनाए जाने वाले इस पर्व का मकसद पैगंबर इब्राहिम की बलिदान की याद कोसमर्पित करना है। घाटी की मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह-सुबह हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए और सामूहिक नमाज़ अदा की। हजरतबल दरगाह में नमाज़ सभा का आयोजन और जामिया मस्जिद की बंदीश्रीनगर के हजरतबल दरगाह में इस बार भी सबसे बड़ी नमाज़ सभा आयोजित की गई, जिसमें घाटी के कई प्रमुख धार्मिक और राजनीतिक हस्तियों नेभाग लिया। हालांकि, श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद इस साल भी बंद रही, क्योंकि प्रशासन ने वहां नमाज़ अदा करने की अनुमति नहीं दी। मीरवाइज उमर फारूक की नजरबंदीहुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख और कश्मीरी धार्मिक नेता मीरवाइज उमर फारूक को भी इस बार ईद के मौके पर घर में नजरबंद रखा गया। उन्होंने सोशलमीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि लगातार सातवें साल कश्मीर में ईदगाह में नमाज़ अदा करने की अनुमति नहीं मिली और जामा मस्जिद को बंदरखा गया। उन्होंने मुस्लिम बहुल इलाकों में प्रार्थना के मौलिक अधिकारों से वंचित किए जाने को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया, खासकर ऐसे त्योहार केसमय जो शांति और त्याग का प्रतीक है। गदरपुर में ईद-उल-अज़हा का धूमधाम से आयोजनगदरपुर में भी ईद-उल-अज़हा बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। नगर की मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह नमाज़ अदा की गई। गदरपुर ईदगाह में सुबह7:30 बजे कारी मोहम्मद जाने आलम रजवी ने नमाज़ कराई, जिसमें देश की सलामती के लिए दुआएं की गईं। नमाज़ के बाद लोग एक-दूसरे को गलेलगाकर ईद की मुबारकबाद देते नजर आए। इस अवसर पर इदरीश पाशा, सदाब पाशा, उमर अली, शाकिर अली, मोहम्मद अमीन, महफूज अली, रिजवान अली, मोहम्मद अली, हारिश बाबा, नबी अहमद, फुरकान, फैजान खान, इरफान, मोहम्मद तौफीक, राशिद समेत कई लोग मौजूद थे।

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की हालत गंभीर, फिर ICU में भर्ती

जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक की सेहत गंभीर हो गई है और उन्हें पुन ICU में शिफ्ट किया गया है। उन्होंने अपने सोशल मीडियापोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी है कि वे लगभग एक महीने से अस्पताल में भर्ती हैं और किडनी की समस्या से जूझ रहे हैं। हाल ही में उनकीतबीयत में सुधार हुआ था, लेकिन अब फिर से उनकी हालत गंभीर हो गई है। ईमानदारी और किसानों के लिए संघर्ष की बात कहीसत्यपाल मलिक ने अपने पोस्ट में बताया कि गवर्नर के पद पर रहते हुए उन्हें 150-150 करोड़ रुपए की रिश्वत की पेशकश हुई, लेकिन वे अपनेराजनीतिक गुरु स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की तरह ईमानदारी से काम करते रहे। उन्होंने किसानों के आंदोलन के दौरान भी बिना किसी राजनीतिक लाभके किसानों की मांगों को समर्थन दिया। महिला पहलवानों के आंदोलन और पुलवामा हमले में शहीद जवानों के परिवारों के लिए भी उन्होंने आवाजउठाई, जिसका अब तक कोई निष्पक्ष जांच नहीं हुई। सरकार पर लगाए गंभीर आरोपपूर्व राज्यपाल ने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें CBI के डर से झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि जिस टेंडर को लेकरउन्हें फंसाने की कोशिश हो रही है, वह उन्होंने खुद भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए प्रधानमंत्री को सूचना दी थी और उसके बाद वह टेंडर रद्द भी कियागया था। लेकिन उनके तबादले के बाद वही टेंडर किसी और के हस्ताक्षर से जारी हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसान समुदाय से हैं और न तो डरेंगेऔर न ही झुकेंगे।सच्चाई जनता के सामने लाने का आग्रहसत्यपाल मलिक ने सरकार और एजेंसियों पर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया और कहा कि वे चाहते हैं कि देश की जनता को सच बताया जाए।उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने 50 साल के राजनीतिक जीवन में देश सेवा की है, बावजूद इसके वे एक छोटे से मकान में रहते हैं और कर्ज में डूबे हैं।यदि उनके पास धन होता तो वे निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे होते।

भारत में फिर बढ़ा कोरोना संक्रमण,15 दिन में एक्टिव केस 20 गुना बढ़े

सक्रिय मामलों में उछालदेश में कोविड-19 के मामलों में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। केवल 15 दिनों में सक्रिय मामलों की संख्या में 20 गुना इजाफा हुआ है। मौजूदासमय में भारत में कुल 5,755 एक्टिव केस हैं। बीते 24 घंटों में संक्रमण के 391 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 760 मरीज ठीक हुए हैं। इसदौरान चार मरीजों की मौत भी हुई है। सबसे अधिक प्रभावित राज्यकेरल अभी भी सबसे अधिक प्रभावित राज्य बना हुआ है, जहां शनिवार को 127 नए केस रिपोर्ट हुए। इसके बाद गुजरात (102 मामले), दिल्ली (73 मामले) और पश्चिम बंगाल (26 मामले) का स्थान है। इन राज्यों के आंकड़े मिलाकर देश में एक दिन में कुल 391 नए मामले सामने आए हैं। राज्यवार कोरोना की स्थितिमहाराष्ट्र: शनिवार को राज्य में 29 नए मामले मिले और एक मौत हुई। कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 577 हो गई है, जबकि कुल मृतकों की संख्या18 पहुंच चुकी है। पश्चिम बंगाल: पिछले 24 घंटों में 26 नए केस और 88 रिकवरी दर्ज की गई। यहां एक्टिव केस 622 हैं और अब तक एक मौत हुई है। दिल्ली: 73 नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं। राष्ट्रीय राजधानी में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 665 हो गई है। जनवरी 2024 से अब तकसात लोगों की मौत हो चुकी है। छत्तीसगढ़: राज्य में 17 नए केस पाए गए हैं, जिससे कुल एक्टिव केस 41 हो गए हैं। कोई नई मृत्यु दर्ज नहीं की गई है। हरियाणा: 9 नए मामले आए हैं, जिसमें गुरुग्राम और फरीदाबाद सबसे प्रभावित जिले हैं। राज्य में कुल 87 सक्रिय मरीज हैं और अब तक 151 मामलेसामने आ चुके हैं। सरकार की तैयारियां और मॉक ड्रिलकोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने 5 जून को देशभर के अस्पतालों में मॉक ड्रिल आयोजित की। इसका उद्देश्य ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, आइसोलेशन बेड और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। इससे पहले 2 और 3 जून को स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. सुनीताशर्मा की अध्यक्षता में तकनीकी समीक्षा बैठकें हुईं, जिनमें राज्य सरकारों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ समन्वय पर चर्चा की गई। स्वास्थ्य अधिकारियों की चेतावनी और वैज्ञानिक दृष्टिकोणस्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस समय सामने आ रहे अधिकांश केस हल्के लक्षण वाले हैं और रोगी घर पर ही इलाज करा रहे हैं। वैज्ञानिकों कामानना है कि कोविड-19 अब एक एंडेमिक बीमारी बन चुका है, जिसका असर मौसमी रूप में सीमित क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। ILI (इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण) और SARI (गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण) के मामलों पर नजर रखी जा रही है। SARI के सभी और ILI के 5% मामलोंकी टेस्टिंग की जा रही है, और पॉजिटिव सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए ICMR नेटवर्क को भेजा जा रहा है। WHO की घोषणा और विशेषज्ञों की रायविश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मई 2023 में कोविड-19 को ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी’ की श्रेणी से हटा दिया था। विशेषज्ञ अब इसे एक सीमित, स्थान-विशिष्ट और मौसमी रोग के रूप में देख रहे हैं, जिससे समय-समय पर हल्के संक्रमण की आशंका बनी रह सकती है।

Delhi BJP Lays Foundation for Sports Stadium in Jharoda Kalan Under Gramodaya Yojana

Delhi BJP President Mr. Virendra Sachdeva, accompanied by Member of Parliament Mrs. Kamaljeet Sehrawat, inaugurated the reconstruction of a state-of-the-art sports stadium in Jharoda Kalan village. This initiative is part of the Gramodaya Yojana and is being implemented by the Municipal Corporation of Delhi under the guidance of Councillor Mr. Amit Kharkhari. Multi-Sport Facilities to Boost Local TalentThe upgraded sports complex will feature two badminton courts, a basketball court, a walking track, and a full-sized football ground. Speaking at the event, Mr. Sachdeva emphasized the positive impact of this facility, stating that it would provide a platform for budding athletes in the Najafgarh region to train and excel. Incentives for Youth and Focus on Environmental ResponsibilityTo encourage young athletes, Mr. Sachdeva awarded financial incentives to local boys’ and girls’ football teams and motivated them to bring pride to their village through sportsmanship. He also urged the youth to take a pledge to plant trees and contribute to environmental protection, especially in combating pollution. A Commitment to Rural DevelopmentMr. Sachdeva expressed appreciation to the Hon’ble Lieutenant Governor for the allocation of ₹960 crore under the Gramodaya Yojana, dedicated to uplifting the rural and village infrastructure in Delhi. He noted that this funding was in direct response to demands raised by villagers and is now being translated into tangible development projects. Wider Development Across Rural DelhiHighlighting broader developmental efforts, Sachdeva shared that infrastructure works are underway in Najafgarh and also expanding to other constituencies such as Narela, Palla, Bijwasan, Mehrauli, and Chhatarpur. As part of the ₹14 crore development plan, 102 inner lanes in the ward are also being repaired. Vision for a Developed India Starting from Delhi’s VillagesReiterating his long-term vision, Sachdeva stated that rural transformation is key to Delhi’s progress and a crucial step towards making the national capital a symbol of a developed India. He also emphasized public cooperation in maintaining cleanliness and urged citizens to avoid plastic and report sanitation issues to elected representatives. Leadership Voices Pledge Commitment to Public TrustMP Kamaljeet Sehrawat commended the people of Delhi for their unwavering support, crediting public trust for enabling continuous progress in rural areas. She assured that under the leadership of Mr. Sachdeva and Chief Minister Mrs. Rekha Gupta, development would continue without pause. Change in Governance Brings New Energy MLA Neelam highlighted the decline Delhi faced over the past decade and praised the public for opting for change. She acknowledged Mr. Sachdeva’s leadership in rebuilding confidence among citizens and ushering in the BJP’s governance in the MCD. Triple-Engine Government Driving Grassroots DevelopmentCouncillor Amit Kharkhari attributed the progress to Delhi’s first-ever triple-engine government under BJP’s rule, saying that for over a decade development was stagnant. With Rekha Gupta’s government now at the helm and BJP controlling the MCD, leaders at all levels are committed to ensuring impactful development reaches the grassroots.