हरियाणा में राज्य स्तरीय भगवान परशुराम जयंती समारोह की तैयारियां जोरों पर, पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा ने दिया आमंत्रण

हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्माशर्मा ने भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह का न्योता देने के लिए रविवार को पानीपत का दौरा किया। उन्होंने संजय कॉलोनीस्थित भगवान परशुराम धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज सहित सभी वर्गों के लोगों से संवाद किया और 30 मई को होने वालेसमारोह में भाग लेने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री और कई प्रमुख नेता होंगे शामिलशर्मा ने बताया कि इस समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा प्रदेश अध्यक्षमोहनलाल बडौली करेंगे। साथ ही कई केंद्रीय और राज्य मंत्री, विधायक, सांसद, नगर पालिका और पंचायत प्रतिनिधि भी विशिष्ट अतिथि के रूप मेंसमारोह की शोभा बढ़ाएंगे। समारोह का उद्देश्य: सैनिकों और शहीदों को सम्मानभगवान परशुराम जयंती का यह विशेष आयोजन रोहतक जिले के पहरावर गांव स्थित गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी संस्था के तीसरे परिसर में कियाजाएगा। यह आयोजन 15 एकड़ भूमि में आयोजित होगा और इसे सैनिकों तथा शहीदों को समर्पित किया गया है। डॉ. शर्मा ने बताया कि यहकार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि 36 बिरादरी के कल्याण और समरसता का प्रतीक भी होगा। ऐतिहासिक संस्था कर रही है आयोजनगौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी संस्था, जिसकी स्थापना वर्ष 1904 में हुई थी, इस राज्य स्तरीय समारोह की आयोजनकर्ता संस्था है। यह संस्था लंबेसमय से ब्राह्मण समाज के हितों के साथ-साथ सर्वसमाज के लिए काम करती आ रही है। समाज के प्रमुख प्रतिनिधि रहे मौजूदपानीपत और सोनीपत में आयोजित तैयारियों के कार्यक्रमों में कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें भगवान परशुराम धर्मशाला के प्रधान रामफलशर्मा, सतीश गौतम, रघुबीर सरपंच मांडी, राजू डिडवाड़ी, सुरेंद्र शर्मा सनौली, हवा सिंह, बलवान शर्मा, सतीश शर्मा और कृष्ण अत्री शामिल थे। आयोजन से जुड़ी है भावनात्मक आस्थासोनीपत के गोहाना रोड स्थित ब्राह्मण भवन और सेक्टर-7 के परशुराम आश्रम में भी समारोह की तैयारियों को लेकर आयोजन किए गए। डॉ. शर्मा नेकहा कि यह पर्व प्रदेश के हजारों परिवारों की आस्था से जुड़ा है और यह आयोजन भावनात्मक रूप से पूरे हरियाणा को जोड़ता है।
सिंदूर पर सियासत कर रही है मोदी सरकार, रागिनी नायक का तीखा हमला

रागिनी नायक ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से आज मैं एक अत्यंत गंभीर और महत्वपूर्ण मुद्दे पर संवादकरने आई हूं। आप सभी पत्रकारों का हार्दिक स्वागत है, अभिनंदन है।” सिंदूर भारतीय नारी शक्ति का प्रतीकउन्होंने कहा, “मेरे माथे की मांग में लगा सिंदूर भारत की विविधता में एकता का प्रतीक है। यह सिर्फ एक सौंदर्य प्रसाधन नहीं, बल्कि भारतीयविवाहित स्त्री के प्रेम, विश्वास, सम्मान और सौभाग्य का प्रतीक है। यह सिंदूर उस अग्नि के समान है, जो बुरी नज़रों को भस्म कर सकती है।” नरेंद्र मोदी पर सीधा हमलानायक ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पवित्र प्रतीक का राजनीतिक लाभ लेने में जुटे हैं। उन्होंने कहा, “सेना की वर्दी पहन कर फोटोखिंचवाने से मोदी जी का मन नहीं भरता, अब वो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के नाम पर देशभर में बड़े-बड़े पोस्टरों, होर्डिंग्स, ट्रेन टिकट्स और पेट्रोल पंपों तक परअपनी तस्वीर लगवा रहे हैं।”सेना के बलिदान का राजनीतिक दोहनउन्होंने सवाल उठाया, “अगर ये सचमुच सेना का अभियान था तो फिर विंग कमांडर व्योमिका सिंह, कर्नल सोफिया कुरैशी और तीनों सेनाओं के प्रमुखोंकी तस्वीरें कहां हैं? क्यों सिर्फ नरेंद्र मोदी की तस्वीरें दिख रही हैं?” सिंदूर वितरण’ पर सवालनायक ने इस बात पर हैरानी जताई कि मोदी सरकार घर-घर सिंदूर बांटने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा, “एक विवाहित स्त्री को सिंदूर उसकापति देता है, या फिर शक्ति पीठों में आशीर्वाद स्वरूप मिलता है। क्या भाजपा के कार्यकर्ता अब पराए मर्दों के रूप में विवाहित स्त्रियों को सिंदूर देंगे? वो सिंदूर सुहाग का नहीं, मोदी जी के प्रचार का प्रतीक बन जाएगा।” शहीदों की विधवाओं को न्याय कब?नायक ने पहलगाम आतंकी हमले में शहीदों की विधवाओं का मुद्दा उठाते हुए पूछा, “वो सूनी मांगें चीख-चीख कर पूछ रही हैं – हमले के गुनहगारों कोकब पकड़ा जाएगा? कब मिलेगा हमें इंसाफ?” उन्होंने भाजपा सांसद रामचंद्र जांगड़ा के बयान की भी आलोचना की, जिसमें उन्होंने शहीदों कीविधवाओं को ‘वीरांगना’ मानने से इनकार किया था। महिला अधिकारों पर दोहरा मापदंडउन्होंने यह भी कहा कि जब एक शहीद की पत्नी ने हिंदू-मुस्लिम एकता की बात की, तो उसे सोशल मीडिया पर ट्रोल और अपमानित किया गया। डॉ. नायक ने पूछा, “क्या अब देशभक्ति की परिभाषा केवल नफरत फैलाने तक सीमित रह गई है?” सेना नहीं, मोदी का गुणगाननायक का कहना था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता का श्रेय सेना को मिलना चाहिए, लेकिन मोदी सरकार इसे अपने प्रचार के हथियार की तरहइस्तेमाल कर रही है। उन्होंने सवाल किया, “अगर सेना का सम्मान ही उद्देश्य था, तो इस कार्यक्रम की शुरुआत एयरफोर्स डे या फील्ड मार्शलमानेकशॉ के जन्मदिवस से क्यों नहीं हुई? 9 जून को क्यों, जब मोदी जी ने तीसरी बार शपथ ली?” नोटबंदी, कोविड और किसान आंदोलन की विधवाएंउन्होंने सवाल उठाया कि क्या मोदी सरकार उन महिलाओं को भी सिंदूर बांटेगी जिनके पति नोटबंदी के दौरान मारे गए? या उन महिलाओं को, जिनकेपतियों की जान कोविड काल में गई? “700 किसानों की शहादत के बाद भी क्या उन विधवाओं को यह सिंदूर मिलेगा?” उन्होंने पूछा। बेरोजगारी, आत्महत्या और महंगाईनायक ने कहा, “हर दिन 154 किसान और मजदूर आत्महत्या कर रहे हैं। बेरोजगारी के चलते हर साल 12,000 लोग जान गंवा रहे हैं। क्या मोदीसरकार उनके परिवारों के दरवाजे पर भी सिंदूर लेकर जाएगी?”
ठाणे से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाला गिरफ्तार, महाराष्ट्र ATS की बड़ी कार्रवाई

आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने ठाणे से एक व्यक्ति को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक वरिष्ठ अधिकारीने गुरुवार को यह जानकारी दी। पकड़ा गया आरोपी मुंबई की एक महत्वपूर्ण संस्था से जुड़ा था और संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंटको भेज रहा था। हनीट्रैप में फंसा आरोपी, फेसबुक से शुरू हुई बातचीतअधिकारियों के अनुसार, आरोपी को एक पाकिस्तानी एजेंट ने सोशल मीडिया के ज़रिए हनीट्रैप में फंसाया। एजेंट ने महिला बनकर फेसबुक पर उससेदोस्ती की और फिर उसे संवेदनशील जानकारी साझा करने के लिए उकसाया। नवंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच भेजी गई थी गोपनीय जानकारीATS के अनुसार, आरोपी ने नवंबर 2024 से मार्च 2025 तक व्हाट्सऐप के माध्यम से एक प्रमुख संगठन से संबंधित संवेदनशील जानकारीपाकिस्तान भेजी। यह जानकारी एक अहम संस्थान के ढांचे और संचालन से जुड़ी थी, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से अत्यंत गोपनीय मानी जाती है। गोपनीय सूचना के आधार पर की गई गिरफ्तारीठाणे एटीएस यूनिट ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी और दो अन्य व्यक्तियों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद, दो लोगों को छोड़दिया गया जबकि मुख्य आरोपी को सरकारी गोपनीयता अधिनियम की धारा 3 (जासूसी) और आईपीसी की धारा 120B (आपराधिक साजिश) केतहत गिरफ्तार किया गया है।जांच जारी, अन्य संदिग्धों पर भी नजरसूत्रों का कहना है कि छोड़े गए दो व्यक्तियों से आगे भी पूछताछ की जा सकती है। फिलहाल एटीएस इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपीकिसी व्यापक जासूसी नेटवर्क का हिस्सा था या किसी और को जानकारी लीक कर रहा था। PIO नेटवर्क का देशभर में विस्तारयह मामला उस समय सामने आया है जब भारत के विभिन्न राज्यों से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इससेपहले राजस्थान के जैसलमेर से शाकुर खान, हरियाणा से यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा, और गुजरात के कच्छ से एक स्वास्थ्यकर्मी को इसी तरह कीगतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर पकड़ा गया था। ऑपरेशन सिंदूर’ से पहले हुई अहम गिरफ्तारीगौरतलब है कि भारत ने 7-8 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया था। ऐसेमें इस गिरफ्तारी को भारत की काउंटर-इंटेलिजेंस रणनीति की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
ममता बनर्जी का पीएम मोदी पर तीखा हमला, “ऑपरेशन सिंदूर को राजनीतिक रंग देना गलत”

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा है कि उन्होंने‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया है। उन्होंने पीएम मोदी पर राज्य में चुनावी प्रचार के दौरानआतंकवाद के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया। हमने राष्ट्रहित में सहयोग किया, न कि राजनीति के लिएममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पश्चिम बंगाल ने राष्ट्रहित में पूरी तरह सहयोग किया है। “हमारे सांसद संसदीयप्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं। हमने इस मुद्दे पर सरकार के साथ मिलकर काम किया, लेकिन पीएम मोदी अब इसे बंगाल में वोट बटोरने के लिएइस्तेमाल कर रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है,” ममता ने कहा। क्या अब ‘ऑपरेशन बंगाल’ भी होगा?टीएमसी प्रमुख ने तीखे शब्दों में पूछा, “क्या प्रधानमंत्री अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की तर्ज पर ‘ऑपरेशन बंगाल’ भी चलाएंगे?” उन्होंने मोदी को चुनौती देतेहुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है, तो वे बंगाल में सीधी चुनावी टक्कर लें। ममता ने यह भी कहा कि पीएम मोदी ने जो कहा, वह न केवल चौंकानेवाला था बल्कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण भी। प्रधानमंत्री मोदी का पलटवार: तृणमूल सरकार पर लगाए गंभीर आरोपइससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अलीपुरद्वार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगालआज हिंसा, भ्रष्टाचार और अराजकता से त्रस्त है। “मुर्शिदाबाद और मालदा जैसे जिलों में हो रही सांप्रदायिक घटनाएं यह दिखाती हैं कि टीएमसीसरकार आम जनता के दर्द और भय को लेकर पूरी तरह असंवेदनशील है,” पीएम मोदी ने कहा। बंगाल बदलाव चाहता हैप्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की जनता अब इस ‘निर्मम शासन’ से मुक्ति चाहती है। उन्होंने राज्य में महिलाओं की असुरक्षा, अपराध की बढ़तीघटनाएं और सामाजिक ताने-बाने के टूटने जैसे मुद्दों को उठाया। “बंगाल बदलाव चाहता है। जनता सुशासन और शांति चाहती है, न कि हिंसा औरभ्रष्टाचार,” मोदी ने अपने संबोधन में कहा। राजनीति में सैन्य कार्रवाई को घसीटना अनुचितटीएमसी समेत कई विपक्षी दलों का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई जैसे विषयों को चुनावी मंचों पर लाना बेहद निंदनीयहै। उनका कहना है कि इस तरह के राष्ट्रहित से जुड़े फैसलों का उपयोग राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
भारतीय वायुसेना प्रमुख ने रक्षा खरीद में देरी पर जताई चिंता, जवाबदेही और तत्परता की उठाई मांग

भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित सीआईआई वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन कोसंबोधित करते हुए भारत की रक्षा खरीद प्रणाली में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप सेस्वदेशी रक्षा परियोजनाओं की बार-बार देरी पर नाराज़गी ज़ाहिर की। समय पर डिलीवरी नहीं, फिर भी बार-बार वादे क्यों?एयर चीफ मार्शल सिंह ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि अधिकांश रक्षा परियोजनाएं समयसीमा के भीतर पूरी नहीं होतीं। उन्होंने सवाल उठाया किजब समय पर कोई भी परियोजना पूरी नहीं होती, तो बार-बार वादे क्यों किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार तो ऐसी परियोजनाएं शुरू कर दीजाती हैं, जिनके पूरे होने की उम्मीद ही नहीं होती। तेजस एमके-1ए डिलीवरी में देरी, एक भी विमान नहीं मिलाउदाहरण देते हुए वायुसेना प्रमुख ने बताया कि लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस Mk-1A के लिए फरवरी 2021 में HAL के साथ₹48,000 करोड़ का अनुबंध किया गया था, लेकिन अब तक एक भी विमान वायुसेना को नहीं मिला है। जबकि डिलीवरी की शुरुआत मार्च 2024 से होनी थी। यह देरी वायुसेना की परिचालन क्षमताओं को सीधे प्रभावित कर रही है। तेजस MK-2 और एएमसीए अभी भी अधर मेंउन्होंने यह भी जानकारी दी कि तेजस एमके-2 का प्रोटोटाइप अभी तक रोल आउट नहीं किया गया है और बहुप्रतीक्षित स्टील्थ एएमसीए फाइटर केलिए भी कोई प्रोटोटाइप अस्तित्व में नहीं है। ये सभी परियोजनाएं लगातार स्थगित होती जा रही हैं, जिससे सैन्य आधुनिकीकरण की प्रक्रिया बाधितहो रही है। ‘सिर्फ उत्पादन नहीं, डिज़ाइन भी भारत में हो’एयरफोर्स चीफ ने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि केवल भारत में उत्पादन की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि डिज़ाइनऔर अनुसंधान को भी स्वदेशी बनाना होगा। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता तभी संभव है जब सेना और उद्योग के बीच भरोसेमंद सहयोगहो। भविष्य के लिए अभी से तैयारी ज़रूरीउन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में उद्योग से बड़े स्तर पर उत्पादन की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन वर्तमान की जरूरतों को भी अनदेखा नहीं कियाजा सकता। “जो हमें आज चाहिए, वह आज ही चाहिए,” उन्होंने दो टूक कहा। एयर चीफ मार्शल ने स्पष्ट किया कि युद्ध केवल रणनीति से नहीं, बल्कि सशक्त सेनाओं से जीते जाते हैं। रक्षा मंत्री भी रहे मौजूदइस सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे, जिन्होंने वायुसेना प्रमुख के वक्तव्य को गंभीरता से सुना। एयर चीफ मार्शल की स्पष्ट और तथ्यआधारित टिप्पणी ने एक बार फिर भारत की रक्षा खरीद नीति में सुधार और तात्कालिकता की आवश्यकता को केंद्र में ला दिया है।
कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला: सुरजेवाला बोले , MSP के नाम पर किसानों को किया गया गुमराह

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 11 वर्षों में सरकार ने किसानों को लगातार धोखे में रखा है। “लागत+50% मुनाफा” का वादा सिर्फ एक चुनावी नारा बनकर रह गया है, जबकि जमीनीस्तर पर किसानों को इसका कोई लाभ नहीं मिला। स्वामीनाथन रिपोर्ट का नाम, पर अमल नहींसुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लेकर बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की जो दरेंघोषित की जा रही हैं, वे C2 लागत (जिसमें जमीन किराया, श्रम और लागत शामिल है) से 50% अधिक नहीं हैं। उन्होंने कई फसलों के उदाहरणदेते हुए बताया कि किसानों को औसतन ₹500 से ₹2,500 प्रति क्विंटल तक की कम कीमत मिल रही है। घोषणा होती है, खरीद नहींउन्होंने बताया कि 2023-24 की खरीद रिपोर्ट दर्शाती है कि वास्तविक फसल खरीद बहुत कम है। केवल धान की खरीद आधे से ज्यादा उत्पादन परहुई है, जबकि जौ, मक्का, और चना जैसी फसलों की MSP पर खरीद लगभग न के बराबर है। इससे किसानों को मंडियों में औने-पौने दाम पर फसलबेचनी पड़ रही है। महंगाई की मार, MSP में नहीं हुआ समुचित इजाफासुरजेवाला ने यह भी कहा कि सरकार जिस वृद्धि का प्रचार कर रही है, वह मुद्रास्फीति के स्तर को भी नहीं छूती। जैसे धान की कीमत को मात्र ₹69 प्रति क्विंटल बढ़ाया गया जबकि महंगाई दर के अनुसार यह वृद्धि ₹138 होनी चाहिए थी। साथ ही, डीजल के दाम बढ़ा दिए गए और खाद सब्सिडीमें ₹24,000 करोड़ की कटौती कर दी गई, जिससे किसान की लागत और बढ़ गई। न MSP की कानूनी गारंटी, न खेती पर टैक्स से राहतउन्होंने आरोप लगाया कि कृषि यंत्रों और मशीनों पर अब भी भारी GST लागू है। संसद की स्थायी समिति की सिफारिशों के बावजूद मोदी सरकार नेइन पर टैक्स में कोई छूट नहीं दी है। साथ ही, MSP को कानूनी अधिकार देने की अनुशंसा भी ठंडे बस्ते में पड़ी है। कृषि योजनाओं में भारी राशि नहीं हुई खर्चसुरजेवाला ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार ने कृषि कल्याण की प्रमुख योजनाओं पर करीब ₹8 लाख करोड़ का बजट घोषित किया, लेकिन उसका 38% हिस्सा खर्च ही नहीं किया गया। इसमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम किसान और सिंचाई योजनाएं शामिल हैं। उन्होंनेकहा कि यह दर्शाता है कि सरकार की प्राथमिकता में किसान नहीं हैं। वादे बड़े, नतीजे खोखलेकांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र सरकार का पूरा रवैया सिर्फ घोषणाओं और प्रचार पर आधारित है, जबकि ज़मीनी हकीकत यह है कि किसान आज भीआर्थिक संकट से जूझ रहा है। उन्होंने मांग की कि सरकार MSP की कानूनी गारंटी दे, कृषि से जुड़े टैक्स खत्म करे और योजनाओं का प्रभावीक्रियान्वयन सुनिश्चित करे।
दिल्ली में BJP सरकार के 100 दिन, जनता की उम्मीदें अधूरी, बढ़ीं समस्याएं

दिल्ली में भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे होने के बाद जनता की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। लंबे संघर्ष और साम-दाम-दंड-भेद की राजनीति केबाद सत्ता में आई भाजपा ने जहां खुद को मजबूत किया, वहीं आम जनता को राहत देने में विफल साबित हुई है। विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार कीकार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और दावा किया है कि जनता के भरोसे को भाजपा ने अधूरा छोड़ दिया है। बढ़ी बिजली और पानी की समस्याएंविपक्ष के अनुसार, भाजपा के शासन में बिजली की कीमतों में इजाफा हुआ है, जिससे आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। साथ ही, पावर कट कीसमस्या भी गंभीर रूप ले चुकी है, जिससे दिन-रात बिजली की अनियमित आपूर्ति से जनता परेशान है। इसके अलावा, जल आपूर्ति भी प्रभावित हुई हैऔर पानी की कटौती आम हो गई है, जिससे राजधानी के कई इलाकों में जल संकट गहराता जा रहा है। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में गिरावटमोहल्ला क्लीनिकों को बंद किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सीमित हो रही है। शिक्षा क्षेत्र में भी स्थितिचिंताजनक है, जहां सरकारी स्कूलों में ताले लगे दिखाई दे रहे हैं और प्राइवेट स्कूलों की फीस में भारी वृद्धि हुई है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिकबोझ बढ़ा है। वादे सिर्फ वादे ही साबित हुएविपक्ष का कहना है कि भाजपा सरकार के सारे चुनावी वादे झूठे साबित हुए हैं और 100 दिन के इस कार्यकाल में जनता के साथ विश्वासघात हुआहै। लोगों को उम्मीद थी कि नई सरकार जनहित में काम करेगी, लेकिन अब यह साफ हो गया है कि यह कार्यकाल जनता के लिए राहत नहीं, बल्किनिराशा लेकर आया है।
भाजपा सरकार के 100 दिन, दिल्ली में सक्रिय और जनहितकारी प्रशासन की छवि स्थापित

दिल्ली में सत्ता संभालने के 100 दिन पूरे होने पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने प्रेस वार्ता में कहा कि फरवरी 2025 में जनता ने अरविंदकेजरीवाल सरकार के दस वर्षों के कुशासन से ऊबकर भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण बहुमत के साथ राजधानी के विकास और प्रशासन की जिम्मेदारीसौंपी। उन्होंने कहा कि 100 दिन किसी सरकार के काम का मूल्यांकन करने के लिए पर्याप्त समय नहीं होता, लेकिन यह गर्व की बात है कि भाजपासरकार इस अल्प अवधि में ही एक सक्रिय, समाधानमुखी और सकारात्मक प्रशासन की छवि स्थापित करने में सफल रही है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने उन सभी समस्याओं पर प्राथमिकता के आधार पर काम शुरूकिया है, जिन्हें पिछली सरकार ने नजरअंदाज किया था। जहां केजरीवाल सरकार अक्सर अपनी विफलताओं के लिए केंद्र, अधिकारियों और विपक्षको दोष देती थी, वहीं भाजपा सरकार ने जिम्मेदारी से काम करते हुए ठोस परिणाम दिए हैं। श्री सचदेवा ने बताया कि अब तक की प्रमुख उपलब्धियोंमें बुजुर्गों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर देने के लिए आयुष्मान भारत कार्ड जारी करना, दिल्ली के लिए 1 लाख करोड़ रुपये कामेगा विकास बजट घोषित करना, यमुना सफाई के लिए एसटीपी लगाने का बजट सुनिश्चित करना और उपेक्षित डीटीसी सेवा को सुधारते हुए 400 ‘देवी योजना’ बसें चलाना शामिल हैं। इसके अलावा, दिल्ली जल बोर्ड के टैंकरों में जीपीएस लगाकर झुग्गियों में जल आपूर्ति प्रणाली को दुरुस्त किया गया है और समर एक्शन प्लान केतहत राजधानी में पानी की आपूर्ति बेहतर हुई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ की शुरुआत की गई है, जहां दवा के साथ-साथ सभी जांचसुविधाएं भी उपलब्ध हैं। लगभग एक दशक बाद दिल्ली में नालों और सीवरों की बड़े स्तर पर सफाई हो रही है, और नगर निगम की सड़क सफाईव्यवस्था में भी सुधार देखा जा रहा है। महिला सम्मान राशि योजना पर नीतिगत निर्णय लेकर बजट आवंटित कर दिया गया है और एक कमेटी इस परकाम कर रही है। वहीं, दिल्ली शिक्षा अधिनियम में बदलाव से अभिभावकों को नई उम्मीद मिली है। भाजपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भाजपासरकार के मंत्री सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं बल्कि मंत्रालयों और सड़कों पर समस्याओं से जूझते दिखते हैं। श्री सचदेवा ने बताया कि सरकार गुरुवार को अपनी 100 दिन की उपलब्धियों को जनता के सामने रखेगी और भविष्य की योजनाओं का विस्तृतरोडमैप भी प्रस्तुत करेगी, जिससे स्पष्ट होगा कि भाजपा सरकार सिर्फ वादे नहीं, बल्कि परिणाम देने वाली सरकार है।
महंगाई-बेरोजगारी नहीं, भाजपा को सिर्फ ध्यान भटकाना आता है बोले सुनील सिंह

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा जनहित के असल मुद्दों जैसेमहंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं से बचने के लिए जानबूझकर लोगों का ध्यान भटकाने की रणनीति अपनाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास जनता को देने के लिए कुछ नहीं है, और यही वजह है कि वह हर बार ध्यान भटकाने वाले मुद्दों को हवा देतीहै। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने से कतराती है। गरीब भूखे मर रहे हैं, लेकिन सरकारेंकेवल पूंजीपतियों और बड़े कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने में लगी हुई हैं।” ‘विकास’ की जगह बहस छेड़ती है भाजपा: लोकदलसुनील सिंह ने कहा कि भाजपा की रणनीति हमेशा लोगों का ध्यान असली मुद्दों से हटाकर ‘भारत बनाम पाकिस्तान’, ‘हिंदू बनाम मुस्लिम’, जातिवादया फिर ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ जैसे विवादास्पद विषयों की तरफ मोड़ने की रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि चाहे कांग्रेस हो या भाजपा, दोनों ही दलबदलाव की बातें तो करते हैं, लेकिन गरीबों, किसानों, मजदूरों और शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए इनके पास कोई ठोस योजना नहीं होती। जनविरोधी नीतियों से भाजपा बेनकाबलोकदल प्रमुख ने दावा किया कि पिछले 11 वर्षों में भाजपा की जनविरोधी नीतियां जनता के सामने उजागर हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कीओर से की जाने वाली हर नई कोशिश अब बेअसर होती जा रही है क्योंकि लोग समझ चुके हैं कि यह सरकार उनके मूल मुद्दों को हल करने में नाकामरही है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का बयान, राज्य के दर्जे पर बातचीत जारी, पहलगाम हमले से नहीं रुकी प्रक्रिया

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बावजूद जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा लौटाने कोलेकर विचार-विमर्श रुका नहीं है। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा हाल ही में हुई नीति आयोग की बैठक में उन्होंने खुद प्रधानमंत्री और अन्य अधिकारियोंके सामने रखा था। नीति आयोग की बैठक में उठाया मुद्दागुलमर्ग में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उमर ने कहा कि उन्होंने नीति आयोग की शासी परिषद में राज्य के दर्जे की बहाली का ज़िक्र अपनेऔपचारिक संबोधन में किया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह विधानसभा के विशेष सत्र का उपयोग इस विषय पर चर्चा के लिए नहीं करनाचाहते थे, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि संवाद बंद हो गया है। पर्यटन के पुनरुत्थान पर जोरपर्यटन उद्योग को फिर से सक्रिय करने के लिए मुख्यमंत्री ने कश्मीर के नागरिकों से अपील की कि वे खुद स्थानीय पर्यटन स्थलों की यात्रा करें। उन्होंनेबताया कि शिक्षा मंत्री को स्कूल और कॉलेजों के लिए पिकनिक की अनुमति देने को कहा गया है ताकि घाटी में जन-जीवन सामान्य हो सके। सुरक्षा का भरोसा लौटाने की कोशिशमुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में पहलगाम में आयोजित कैबिनेट बैठक का उद्देश्य लोगों के बीच यह संदेश देना था कि राज्य में हालात सामान्य होरहे हैं और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि कश्मीर फिर से पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार है। कश्मीरियों को दोष न देंउमर अब्दुल्ला ने आतंकवादी हमले के लिए कश्मीरियों को जिम्मेदार ठहराने की प्रवृत्ति की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस हमले का कश्मीर के आमनागरिकों से कोई संबंध नहीं था और इस घटना के लिए उन्हें दंडित करना अनुचित है। हमले के पीड़ितों की स्मृति में बनेगा स्मारककैबिनेट ने एक प्रस्ताव पारित किया है जिसमें हमले में मारे गए 26 पर्यटकों की स्मृति में एक स्थायी स्मारक बनाने की योजना है। इस कार्य के लिएसड़क एवं भवन विभाग को डिज़ाइन आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य में प्रशासनिक तालमेल की ज़रूरत मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी उपराज्यपाल के अधीन है क्योंकि यह एक केंद्रशासित प्रदेशहै। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र, राज्य सरकार और राजभवन को मिलकर काम करना चाहिए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।