
नई दिल्ली में ‘सहकारिता सप्ताह-2026’ का भव्य समापन
नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में ‘सहकारिता सप्ताह-2026’ का समापन समारोह बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पाँच वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था। इसका आयोजन दिल्ली सरकार के रजिस्ट्रार, सहकारी समितियाँ (आरसीएस) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के समाज कल्याण, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण, सहकारिता एवं चुनाव मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, सांसद बांसुरी स्वराज विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सहकारी समितियों के प्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे। इस दौरान सहकारिता आंदोलन की उपलब्धियों पर चर्चा की गई और भविष्य की योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
रविन्द्र इन्द्राज सिंह बोले- सहकारिता हमारी संस्कृति और विकास की सबसे बड़ी ताकत
समारोह को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं बल्कि भारत की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जब लोग मिलकर काम करते हैं तो विकास की गति तेज होती है और समाज के हर वर्ग को उसका लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 का सपना तभी पूरा होगा जब सहकारिता आंदोलन और मजबूत होगा। किसानों, छोटे व्यापारियों, महिलाओं, युवाओं और आम लोगों को सहकारिता से जोड़कर देश की अर्थव्यवस्था को नई ताकत दी जा सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में मिला नया विस्तार
रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना एक ऐतिहासिक फैसला था। उन्होंने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा और नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि पिछले पाँच वर्षों में सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। आज सहकारी संस्थाएं कृषि, डेयरी, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, विपणन और कई अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इससे लाखों लोगों को रोजगार और आर्थिक मजबूती मिल रही है।
दिल्ली सरकार तैयार कर रही है नई सहकारिता नीति
रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार भी सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई सहकारिता नीति तैयार की जा रही है। इस नीति का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आधुनिक बनाना है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के माध्यम से बैंकिंग, परिवहन, जनसेवा, कॉमन सर्विस सेंटर और अन्य आवश्यक सेवाओं को भी सहकारिता से जोड़ा जाएगा। इससे लोगों को एक ही स्थान पर कई सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी।
आरसीएस कार्यालय होगा पूरी तरह डिजिटल
अपने संबोधन में रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि रजिस्ट्रार, सहकारी समितियाँ (आरसीएस) कार्यालय का तेजी से डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इससे सहकारी समितियों को ऑनलाइन सेवाएं मिलेंगी और उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था आने से काम में पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार कम होगा और सभी प्रक्रियाएं पहले से अधिक सरल और तेज बनेंगी। इससे सहकारी संस्थाओं का कामकाज भी आसान होगा।
बांसुरी स्वराज ने सहकारिता मंत्रालय के पाँच वर्ष पूरे होने पर दी बधाई
सांसद बांसुरी स्वराज ने सहकारिता मंत्रालय के पाँच वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद देश में सहकारिता आंदोलन को नई मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किए गए सुधारों का लाभ किसानों, दुग्ध उत्पादकों, मछुआरों, छोटे व्यापारियों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। इससे लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और आत्मनिर्भर भारत का सपना भी साकार हो रहा है।
गांव से लेकर शहर तक सहकारिता की बढ़ रही भूमिका
बांसुरी स्वराज ने कहा कि आज सहकारी संस्थाएं केवल खेती तक सीमित नहीं हैं। वे बैंकिंग, डेयरी, विपणन, वित्तीय सेवाओं और कई अन्य क्षेत्रों में भी लोगों की मदद कर रही हैं। इससे छोटे लोगों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में सहकारिता की भूमिका लगातार बढ़ती जाएगी और आने वाले समय में यह देश के आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनेगी।
बेहतरीन काम करने वालों को किया गया सम्मानित
समारोह के दौरान सहकारिता क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली कई सहकारी संस्थाओं, पदाधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित भी किया गया। उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कार और सम्मान प्रदान किए गए। मंच से कहा गया कि ऐसे सम्मान से अन्य संस्थाओं और कर्मचारियों को भी बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलेगी और सहकारिता आंदोलन और अधिक मजबूत होगा।
सहकारिता के माध्यम से विकसित भारत का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि सहकारिता केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज में सहयोग, विश्वास और सामूहिक प्रगति की भावना को भी मजबूत करती है। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि यदि सरकार, सहकारी संस्थाएं और आम नागरिक मिलकर काम करेंगे तो विकसित भारत-2047 का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जा सकेगा। दिल्ली सरकार ने भी भरोसा दिलाया कि वह सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए लगातार काम करती रहेगी।