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शक्ति सिंह गोहिल ने कहा- ट्रस्ट में नियुक्त लोगों की जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की भी है

नई दिल्ली, 8 जुलाई।

कांग्रेस ने श्रीराम मंदिर में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि यह मामला केवल चोरी का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर नया ट्रस्ट बनाया जाए।

प्रेस वार्ता में शक्ति सिंह गोहिल ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी के वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में जिन लोगों की नियुक्ति की गई थी, वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देखरेख में चुने गए थे। इसलिए यदि ट्रस्ट के अंदर किसी प्रकार की गड़बड़ी या चोरी हुई है तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी प्रधानमंत्री पर भी बनती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

अटल बिहारी वाजपेयी के बयान का किया जिक्र
शक्ति सिंह गोहिल ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के एक पुराने बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि चौकीदार चुप रहता है तो इसका मतलब यह माना जाता है कि वह चोर से मिला हुआ है। उन्होंने इसी बयान के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

चंपत राय की गिरफ्तारी की मांग
कांग्रेस नेता ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यदि चढ़ावे की सुरक्षा में लापरवाही हुई है और दानपात्रों की चाबी चालक को सौंपने जैसी बातें सही हैं तो यह बहुत गंभीर मामला है। उन्होंने मांग की कि चंपत राय के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई हो और उनकी गिरफ्तारी की जाए।

सीसीटीवी फुटेज में कई बार चोरी पकड़े जाने का दावा
शक्ति सिंह गोहिल ने दावा किया कि 27 अप्रैल 2026 से 5 जून 2026 तक लगभग 40 दिनों के सीसीटीवी फुटेज में 70 बार चढ़ावा चोरी की घटनाएं सामने आईं। उन्होंने कहा कि यदि यह सही है तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2023 से 2025 तक की ऑडिट रिपोर्ट में भी सुरक्षा व्यवस्था की कई कमियां बताई गई थीं। रिपोर्ट में कुछ स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं होने और निगरानी व्यवस्था कमजोर होने का उल्लेख था, लेकिन ट्रस्ट ने इन कमियों को दूर करने के लिए समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।

जमीन खरीद का मुद्दा भी उठाया
कांग्रेस ने मंदिर ट्रस्ट की ओर से जमीन खरीद के पुराने मामले का भी उल्लेख किया। शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि जिस जमीन की कीमत लगभग 2.93 करोड़ रुपये बताई गई थी, उसे ट्रस्ट ने करीब 18 करोड़ रुपये में खरीदा। उन्होंने इस पूरे मामले की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

कर्मचारियों की नियुक्ति पर सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि एसआईटी की एफआईआर में कई आरोपियों के नाम के साथ उनके पिता का नाम और पता अज्ञात लिखा गया है। उनका कहना था कि इससे यह सवाल उठता है कि आखिर कर्मचारियों की नियुक्ति किस प्रक्रिया से की गई और क्या नियुक्ति से पहले उनका पूरा सत्यापन किया गया था।

चोरी रुकने के बाद बढ़ा चढ़ावा
शक्ति सिंह गोहिल ने दावा किया कि एफआईआर दर्ज होने और कार्रवाई शुरू होने के बाद मंदिर में चोरी की घटनाएं बंद हो गईं। इसके बाद मंदिर में प्रतिदिन मिलने वाला चढ़ावा 16 से 18 लाख रुपये से बढ़कर लगभग 24 से 26 लाख रुपये प्रतिदिन हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे यह संकेत मिलता है कि पहले प्रतिदिन बड़ी मात्रा में चढ़ावे की चोरी हो रही थी।

धार्मिक भावनाओं का किया उल्लेख
कांग्रेस नेता ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। ऐसे पवित्र स्थान पर यदि किसी प्रकार की चोरी या अनियमितता होती है तो यह पूरे देश के श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली बात है। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार स्वीकार नहीं किया जा सकता।

नया ट्रस्ट बनाने की मांग
कांग्रेस ने मांग की कि वर्तमान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग किया जाए और उसकी जगह शंकराचार्यों तथा साधु-संतों की भागीदारी वाला नया ट्रस्ट बनाया जाए। पार्टी ने यह भी कहा कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए ताकि सच्चाई देश के सामने आ सके और दोषियों को उचित सजा मिल सके।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने इस मामले में कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें वर्तमान ट्रस्ट को भंग करना, पूर्व महासचिव चंपत राय की गिरफ्तारी, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश से माफी मांगना शामिल है। श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और ट्रस्ट में व्यापक बदलाव की मांग करते हुए सरकार से जवाब देने की अपील की है।

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