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पेपर लीक, महंगी शिक्षा और बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार पर कांग्रेस का निशाना

नई दिल्ली।

देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को लेकर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य डॉ. कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है और शिक्षा को एक व्यापार में बदल दिया है। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में डॉ. कन्हैया कुमार ने कहा कि देश के लाखों छात्र और उनके परिवार आज शिक्षा व्यवस्था से परेशान हैं। लगातार पेपर लीक होने से छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है और युवाओं का भरोसा परीक्षा प्रणाली से उठता जा रहा है।

नीट परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर सरकार पर सवाल
डॉ. कन्हैया कुमार ने कहा कि नीट परीक्षा में लगातार गड़बड़ियों की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह चौथा लगातार वर्ष है जब नीट परीक्षा को लेकर विवाद और अनियमितताओं की बातें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन जब परीक्षा का पेपर लीक हो जाता है तो उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। कन्हैया कुमार ने कहा कि सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी होगी जो इस पूरे भ्रष्ट तंत्र का हिस्सा हैं।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और एनटीए को बैन करने की मांग
कांग्रेस नेता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब लगातार परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आ रही हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तत्काल प्रतिबंधित करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को एक नई, पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा संस्था का गठन करना चाहिए, जो निष्पक्ष तरीके से परीक्षाएं आयोजित कर सके। कांग्रेस का कहना है कि पेपर लीक के सभी दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

अयोग्य नियुक्तियों पर उठाए सवाल
डॉ. कन्हैया कुमार ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों में योग्य लोगों की जगह अयोग्य लोगों की नियुक्ति कर रही है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में कुलपति और विभिन्न संस्थानों में निदेशक ऐसे लोगों को बनाया जा रहा है जिनका मुख्य काम शिक्षा सुधार नहीं बल्कि सरकार की प्रशंसा करना रह गया है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा संस्थानों का नेतृत्व योग्य लोगों के हाथों में नहीं होगा तो शिक्षा व्यवस्था कैसे मजबूत होगी।

ओडिशा और राजस्थान की घटनाओं का किया जिक्र
पत्रकार वार्ता के दौरान कन्हैया कुमार ने शिक्षा व्यवस्था में सामने आई कुछ घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा के पाठ्यक्रम में एक महान वैज्ञानिक को पायलट बताया गया, जो शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को दिखाता है। इसके अलावा उन्होंने राजस्थान की उस घटना का भी उल्लेख किया जिसमें प्रश्न पत्र की जगह छात्रों को उत्तर पुस्तिका बांट दी गई थी। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बताती हैं कि शिक्षा व्यवस्था में कितनी बड़ी लापरवाही हो रही है।

यूपीएससी जैसी परीक्षाओं पर भी उठ रहे सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि आज देश में शायद ही कोई ऐसी परीक्षा बची हो जिस पर सवाल न उठ रहे हों। उन्होंने कहा कि अब तो देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शामिल यूपीएससी जैसी परीक्षा को लेकर भी चर्चाएं और सवाल सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि इससे युवाओं का विश्वास कमजोर हो रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर कांग्रेस का सवाल
डॉ. कन्हैया कुमार ने पेपर लीक के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है तब प्रधानमंत्री को सामने आकर अपनी बात रखनी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि देश के युवाओं से जुड़े इतने बड़े मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए और समाधान प्रस्तुत करना चाहिए।

शिक्षा के लिए परिवारों को उठानी पड़ रही भारी कीमत
कन्हैया कुमार ने कहा कि आज देश के लाखों माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए जमीन बेच रहे हैं, कर्ज ले रहे हैं और अपनी जमा पूंजी खर्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा इतनी महंगी हो गई है कि आम परिवारों के लिए बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण शिक्षा का बोझ लगातार आम लोगों पर बढ़ रहा है।

शिक्षा का बजट और बढ़ती निजी खर्च की समस्या
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि आज लोग अपनी जेब से शिक्षा पर जितना खर्च कर रहे हैं, वह सरकार के शिक्षा बजट से भी अधिक है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार की कोई गारंटी नहीं है। उनका कहना था कि यदि शिक्षा व्यवस्था मजबूत होती तो छात्रों और अभिभावकों को इतनी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।

शिक्षा को व्यापार बनाने का आरोप
डॉ. कन्हैया कुमार ने कहा कि मोदी सरकार ने शिक्षा को एक व्यापार में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षा को अधिकार की जगह वस्तु बना दिया जाएगा तो उसका खरीदा और बेचा जाना स्वाभाविक हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी व्यवस्था शिक्षा को महंगा बनाने और आम लोगों की पहुंच से दूर करने की दिशा में काम कर रही है।

युवाओं के सपने टूट रहे हैं
कांग्रेस नेता ने कहा कि आज देश के युवाओं का शिक्षा व्यवस्था पर से भरोसा टूट रहा है। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र मेहनत करते हैं लेकिन बार-बार होने वाले पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण उनके सपने टूट जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं से सपने देखने का अधिकार छीना जा रहा है और यही सबसे बड़ी चिंता का विषय है।

छात्रों की आत्महत्या पर जताई चिंता
डॉ. कन्हैया कुमार ने छात्रों द्वारा की जा रही आत्महत्याओं पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते दबाव, पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली पर विश्वास खत्म होने के कारण कई युवा मानसिक तनाव और अवसाद का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए और छात्रों के लिए सुरक्षित एवं भरोसेमंद माहौल तैयार करना चाहिए।

राहुल गांधी की पहल का किया जिक्र
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज महारैली’ में राहुल गांधी द्वारा दिए गए प्रस्तुतीकरण को देखें। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठा रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।

रक्तदान शिविर और रोजगार मेले की सराहना
पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. कन्हैया कुमार ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर और युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित महारोजगार मेले जैसी पहलें युवाओं और समाज के लिए उपयोगी हैं।

सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी कांग्रेस
डॉ. कन्हैया कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पेपर लीक के मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी सड़कों पर उतरकर छात्रों की आवाज उठाएगी और शिक्षा को व्यापार बनने से बचाने के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि शिक्षा हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है और इसे सभी के लिए सुलभ तथा सस्ती बनाया जाना चाहिए।

शिक्षित भारत से ही बनेगा विकसित भारत
अपने संबोधन के अंत में डॉ. कन्हैया Kumar ने कहा कि किसी भी देश का विकास उसकी शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि यदि भारत को वास्तव में विकसित राष्ट्र बनाना है तो सबसे पहले शिक्षा व्यवस्था को मजबूत, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि “शिक्षित भारत से ही विकसित भारत का निर्माण संभव है।”यह लेख समाचार पत्र, वेबसाइट या पोर्टल पर प्रकाशित करने योग्य शैली में तैयार किया गया है।

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