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एसआईआर प्रक्रिया रोकने और मतदाता सूची से हटाए गए नाम वापस जोड़ने की मांग

नई दिल्ली, 29 सितंबर।

मतदाता सूचियों और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मंगलवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई। करीब ढाई घंटे चली इस बैठक में मतदाता सूची, एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद कांग्रेस कार्यसमिति ने प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस ने एसआईआर यानी विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग भी की है। पार्टी का दावा है कि इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों से करीब 13 करोड़ 30 लाख नाम हटाए गए हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनकी दोबारा जांच की जाए और उनके नाम वापस मतदाता सूची में जोड़े जाएं।

मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई बैठक
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की। बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, महासचिव प्रियंका गांधी और पार्टी के चारों मुख्यमंत्रियों समेत कार्यसमिति के 68 सदस्य शामिल हुए। बैठक में कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूचियों में बदलाव और एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी नागरिक का नाम हटाने से पहले पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और संबंधित व्यक्ति को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए।

बैठक के बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने पत्रकारों को कार्यसमिति में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। इस दौरान कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा भी मौजूद रहे।

केसी वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
पत्रकार वार्ता में केसी वेणुगोपाल ने कहा कि बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, केंद्र सरकार और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गंभीर चर्चा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के माध्यम से भाजपा और आरएसएस ने चुनावी प्रक्रिया पर कब्जा कर लिया है।
केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि केंद्र सरकार के इशारे पर एसआईआर प्रक्रिया के जरिए देशभर की मतदाता सूचियों से करीब 13 करोड़ 30 लाख नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पूरे मामले को गंभीरता से देख रही है और पार्टी अब इस मुद्दे को देश के हर स्तर तक ले जाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर विषय है। हालांकि ये कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप हैं और इन्हें पार्टी के दावे के रूप में देखा जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के इस्तीफे की मांग
कांग्रेस कार्यसमिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग भी की है। कांग्रेस का कहना है कि अगर चुनाव और मतदाता सूची से जुड़ी इतनी बड़ी गड़बड़ियों के आरोप सामने आ रहे हैं तो इसकी राजनीतिक और नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी इस्तीफे की मांग कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग पर केंद्र सरकार का दबाव है और इसी कारण चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

राहुल गांधी को कांग्रेस कार्यसमिति ने दी बधाई
बैठक में कांग्रेस कार्यसमिति ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी बधाई दी। कांग्रेस के अनुसार राहुल गांधी पिछले करीब दो वर्षों से मतदाता सूची और कथित वोट चोरी का मुद्दा लगातार उठा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों को लेकर भी मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। पार्टी के मुताबिक शुरुआत में इन सवालों पर काफी चर्चा हुई, लेकिन अब कांग्रेस इन मुद्दों से जुड़े और सवाल सामने आने का दावा कर रही है।

जयराम रमेश ने राहुल गांधी की बातों का किया जिक्र
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने पत्रकार वार्ता में राहुल गांधी की बातों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं। जयराम रमेश के अनुसार, राहुल गांधी ने कार्यसमिति की बैठक में कहा कि कांग्रेस पार्टी की राजनीति केवल विरोध करने की राजनीति नहीं है, बल्कि वह जरूरत पड़ने पर प्रतिरोध भी करती है। राहुल गांधी के मुताबिक कांग्रेस संसद के अंदर भी अपनी आवाज उठाती है और जरूरत पड़ने पर सड़कों पर भी आंदोलन करती है। जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस आगे भी मतदाता सूची और कथित वोट चोरी के मुद्दे को लेकर अपना अभियान जारी रखेगी।

मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक के शुरुआती वक्तव्य में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कई सवाल उठाए। खरगे ने ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाए जाने की मांग की।मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त पर चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी करने के लिए दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ऐसा कोई दबाव डाला गया है तो प्रधानमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के इशारे पर मतदाता सूचियों से नागरिकों के नाम हटाए जा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। ये आरोप कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा लगाए गए हैं।

मतदाता सूची में बदलाव को लेकर कांग्रेस की मांग
मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाता सूची में होने वाले बड़े बदलावों को लेकर पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी आम जनता और राजनीतिक दलों को आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। खरगे ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाते हैं, उन्हें इसकी जानकारी दी जानी चाहिए और उन्हें अपनी आपत्ति दर्ज कराने तथा अपील करने का उचित अवसर मिलना चाहिए।कांग्रेस ने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और उससे संबंधित जरूरी आंकड़े समय पर और आसान प्रारूप में उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि राजनीतिक दल भी मतदाता सूची की जांच कर सकें।
फॉर्म-6 के नियमों को लेकर भी उठाया सवाल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने से संबंधित फॉर्म-6 के नियमों को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों में बदलाव कर युवाओं के मताधिकार को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस ने मांग की है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने से जुड़े सभी नियमों को स्पष्ट किया जाए और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए। पार्टी का कहना है कि किसी भी योग्य नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
800 से ज्यादा जिलों में आंदोलन का दावा
केसी वेणुगोपाल ने बताया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर पहले ही देश के 800 से अधिक जिलों और विभिन्न राज्यों में आंदोलन कर चुकी है। अब पार्टी इस अभियान को बूथ स्तर तक ले जाने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि वह मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का दावा करने वाले लोगों तक पहुंचेगी और उनके मामलों को समझेगी। पार्टी कार्यकर्ता स्थानीय स्तर पर मतदाता सूची से जुड़े मामलों को उठाएंगे। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल नेताओं तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि आम मतदाताओं तक पहुंचकर उन्हें भी इस पूरे मामले की जानकारी देने की कोशिश करेगी।
30 सितंबर को इंडिया गठबंधन की बैठक
कांग्रेस ने आगे की रणनीति के लिए विपक्षी दलों के साथ बातचीत करने का फैसला किया है। पार्टी के अनुसार 30 सितंबर को इंडिया गठबंधन की बैठक होने वाली है। इस बैठक में कांग्रेस अपने सहयोगी दलों के साथ चुनाव और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर आगे की रणनीति पर चर्चा करेगी। कांग्रेस का कहना है कि भविष्य में विपक्षी दलों की ओर से संयुक्त आंदोलन और अन्य कार्यक्रमों को लेकर फैसला सहयोगी दलों के साथ बातचीत के बाद लिया जाएगा।
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
कांग्रेस कार्यसमिति ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर दिया। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में मतदाता सूची की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। मतदाता सूची में किसी भी तरह का बदलाव पूरी जानकारी और उचित प्रक्रिया के साथ होना चाहिए। कांग्रेस ने मांग की है कि मतदाता सूची से नाम हटाने के कारणों की जानकारी संबंधित व्यक्ति को दी जाए। साथ ही अगर किसी व्यक्ति का नाम गलती से हटा दिया गया है तो उसे वापस जोड़ने की प्रक्रिया सरल होनी चाहिए। कांग्रेस ने गंभीर विसंगतियों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग भी की है। पार्टी का कहना है कि चुनाव से जुड़े आंकड़ों और फैसलों को अधिक से अधिक पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का किया ऐलान कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के बाद पार्टी ने साफ कर दिया है कि मतदाता सूची और कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा आने वाले दिनों में भी उसके अभियान का प्रमुख हिस्सा रहेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश और प्रियंका गांधी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे को अलग-अलग मंचों पर उठाते रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि यह केवल किसी एक चुनाव का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश की चुनावी व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकार से जुड़ा विषय है। पार्टी अब इस मुद्दे को जिला स्तर से आगे बढ़ाकर बूथ स्तर तक ले जाने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच बढ़ सकता है टकराव
कांग्रेस कार्यसमिति के इस प्रस्ताव के बाद कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक विवाद और बढ़ने की संभावना है। कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठा रही है, जबकि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ही तय की जा सकती है।
फिलहाल कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए एसआईआर प्रक्रिया रोकने और मतदाता सूची से हटाए गए बताए जा रहे करीब 13 करोड़ 30 लाख नामों की दोबारा जांच और पात्र नामों को बहाल करने की मांग तेज कर दी है। कांग्रेस कार्यसमिति का यह प्रस्ताव आने वाले दिनों में विपक्षी राजनीति में भी एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। अब सभी की नजर 30 सितंबर को होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक पर रहेगी, जहां कांग्रेस अपने सहयोगी दलों के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा करेगी।

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