"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

भाजपा पर सौरभ भारद्वाज का पलटवार, दिल्ली में वोट कटने पर भी सवाल उठाए

नई दिल्ली, 3 सितंबर 2026।

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का पंजाब में वोट कटने को लेकर भाजपा द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि राघव चड्ढा पंजाब में नहीं, बल्कि दिल्ली में रहते हैं। ऐसे में उनका वोट पंजाब में क्यों होना चाहिए, यह सवाल भाजपा को समझना चाहिए। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की उसके बताए गए पते पर मौजूदगी नहीं मिलती है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि राघव चड्ढा भी संबंधित पते पर नहीं मिले, इसलिए उनका नाम पंजाब की मतदाता सूची से हटाया गया।

दिल्ली में मकान बदलने पर भी वोट काटे गए
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जिस नियम की बात आज राघव चड्ढा के मामले में की जा रही है, उसी नियम के तहत दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों के वोट कटने का आरोप आम आदमी पार्टी लगातार लगा रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति कई वर्षों से एक मकान में किराए पर रह रहा है और बाद में केवल कुछ कदम दूर दूसरे मकान में चला जाता है, तो उसका पता बदल जाता है। ऐसे मामलों में भी लोगों को शिफ्टेड बताकर उनका वोट काटे जाने की शिकायत सामने आई है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में गरीब और आम लोगों के वोट कटने की चिंता भाजपा को नहीं है, लेकिन राघव चड्ढा का वोट कटने पर भाजपा लगातार सवाल उठा रही है।

“भाजपा को राघव चड्ढा की चिंता है, लेकिन दिल्ली के लोगों की नहीं”
सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर भाजपा को मतदाता सूची की इतनी चिंता है, तो उसे दिल्ली में कथित तौर पर कटे लाखों वोटों की भी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लंबे समय से दिल्ली में मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाती रही है। उनका आरोप है कि बड़ी संख्या में गरीब और आम लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा को एक व्यक्ति के वोट की चिंता करने से पहले उन लोगों के बारे में भी जवाब देना चाहिए, जिनके वोट कथित तौर पर दिल्ली में काटे गए हैं।

केवल 10 कदम मकान बदलने पर भी वोट कटने का दावा
सौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता में एक उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति कई वर्षों से मकान नंबर 619 में रह रहा है और बाद में सामने वाले मकान नंबर 621 में रहने लगता है, तो उसका पता बदल जाता है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने इस मामले को उठाया गया था। सौरभ भारद्वाज के अनुसार, उन्हें बताया गया कि पता बदलने के कारण व्यक्ति को एसआईआर फॉर्म नहीं दिया जाएगा और उसका नाम शिफ्टेड के रूप में दर्ज किया जा सकता है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि यही नियम है, तो यह नियम सभी लोगों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

“वीआईपी और आम आदमी के लिए अलग-अलग नियम क्यों?”
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग आम लोगों और वीआईपी लोगों के लिए अलग-अलग नियम अपना रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आम व्यक्ति कुछ समय के लिए अपने गांव या रिश्तेदारों के घर चला जाता है और उस दौरान चुनाव आयोग की टीम उसे घर पर नहीं पाती, तो उसका नाम हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन वीआईपी के मामले में अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है, यह सवाल है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कानून और नियम सभी लोगों के लिए बराबर होने चाहिए।

राघव चड्ढा के वोट को लेकर भाजपा पर सवाल
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सभी को पता है कि राघव चड्ढा दिल्ली में रहते हैं। ऐसे में यदि वे पंजाब में अपने मतदाता पते पर नहीं रहते हैं, तो एसआईआर के नियमों के अनुसार उनके नाम की जांच होना स्वाभाविक है। उन्होंने भाजपा से पूछा कि अगर राघव चड्ढा का वोट कटने पर इतना सवाल उठाया जा रहा है, तो दिल्ली में आम लोगों के वोट कटने पर भाजपा चुप क्यों है? सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आम आदमी पार्टी का सवाल केवल राघव चड्ढा के वोट तक सीमित नहीं है। पार्टी का सवाल यह है कि मतदाता सूची से किसी भी नागरिक का नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।

बैक डेट में दिल्ली में वोट बनाने की खबर पर भी सवाल
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उन्हें कुछ पत्रकारों से बातचीत के आधार पर जानकारी मिली कि राघव चड्ढा का वोट दिल्ली में बैक डेट में बनाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि जब इस संबंध में चुनाव आयोग से आधिकारिक सवाल पूछा गया तो कथित तौर पर यह प्रक्रिया रोक दी गई। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का वोट बनाना है तो पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति को विशेष सुविधा नहीं मिलनी चाहिए।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट पर भी उठाए सवाल
सौरभ भारद्वाज ने इस मामले में इंडियन एक्सप्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि अखबार के पत्रकारों को राघव चड्ढा के वोट से जुड़ी जानकारी मिली थी और इस मुद्दे पर उनसे भी बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकारों के पास इस मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी थी, तो उसे प्रमुख खबर के रूप में क्यों प्रकाशित नहीं किया गया? सौरभ भारद्वाज ने इंडियन एक्सप्रेस के एडिटर राज कमल झा से इस मामले में जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि अखबार की पत्रकारिता और उसकी भूमिका को लेकर दिल्ली की जनता के मन में सवाल हैं।

“राइट टू रिजेक्ट” को लेकर राघव चड्ढा पर निशाना
सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा के पुराने राजनीतिक रुख का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा संसद में जनता को चुने हुए प्रतिनिधि को वापस बुलाने का अधिकार देने की बात करते रहे हैं। इसी आधार पर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि राघव चड्ढा “राइट टू रिजेक्ट” की बात करते हैं, तो उन्हें यह सिद्धांत अपने ऊपर भी लागू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा को आम आदमी पार्टी के विधायकों ने राज्यसभा भेजा था। सौरभ भारद्वाज के अनुसार, पार्टी छोड़ने के बाद राघव चड्ढा की राज्यसभा सदस्यता और उनके नैतिक अधिकार को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा को इस मामले पर जनता और मीडिया के सवालों का जवाब देना चाहिए।

“दिल्ली के एक तिहाई वोट कटने की चिंता क्यों नहीं?”
सौरभ भारद्वाज ने भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा राघव चड्ढा के एक वोट को लेकर सवाल उठा रही है, लेकिन दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों के वोट कथित तौर पर कटने की उसे चिंता क्यों नहीं है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लगातार इस मुद्दे को उठा रही है और मांग कर रही है कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उनकी शिकायतों को सुना जाए। सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

“चुनाव आयोग को सभी के लिए समान नियम लागू करने चाहिए”
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उससे निष्पक्षता की उम्मीद की जाती है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने या जोड़ने की प्रक्रिया किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं होनी चाहिए। यह प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का सवाल यही है कि यदि किसी व्यक्ति को उसके पते पर नहीं मिलने के कारण वोटर लिस्ट से हटाया जाता है, तो यही नियम हर व्यक्ति पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

“लोकतंत्र में हर वोट महत्वपूर्ण है”
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट महत्वपूर्ण है। किसी भी नागरिक का वोट बिना उचित प्रक्रिया और जानकारी के नहीं काटा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब, मजदूर, किराएदार और दूसरे शहरों में काम करने वाले लोगों को भी मतदाता सूची में अपने अधिकार सुरक्षित रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मतदाता सूची में सुधार के दौरान किसी भी योग्य मतदाता का नाम गलती से न हटे।

सौरभ भारद्वाज का चुनाव आयोग और भाजपा से सवाल
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग को दिल्ली में मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि नियम सही हैं तो वे सभी लोगों पर समान रूप से लागू होने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में आम लोगों के वोट काटे जाने की शिकायतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जबकि एक वीआईपी के वोट को लेकर राजनीतिक बहस खड़ी की जा रही है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मतदाता सूची को लेकर किसी भी तरह की गलती लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है और इसे राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकार के नजरिए से देखा जाना चाहिए।

“जनता जवाब मांग रही है”
प्रेस वार्ता के अंत में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली की जनता यह जानना चाहती है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने के नियम सभी के लिए समान हैं या नहीं। उन्होंने भाजपा, चुनाव आयोग और इंडियन एक्सप्रेस से जुड़े मामले में भी जवाब मांगा और कहा कि मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे पर पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव केवल राजनीतिक दलों का विषय नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक के अधिकार से जुड़ा हुआ मामला है। इसलिए मतदाता सूची में किसी भी बदलाव की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और सभी के लिए समान होनी चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *