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ओखला CETP का निरीक्षण करने पहुंचे पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, कहा – “अब सिर्फ वादे नहीं, जमीन पर होगा काम”

नई दिल्ली, 25 मई 2026

दिल्ली सरकार राजधानी को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार अब यमुना नदी को साफ और निर्मल बनाने के मिशन पर तेजी से काम कर रही है। इसी अभियान के तहत दिल्ली के पर्यावरण, वन और वन्यजीव मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने ओखला स्थित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) का दौरा किया और वहां चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ CETP की कार्यप्रणाली, जल शोधन क्षमता, प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था और यमुना में छोड़े जाने वाले पानी की गुणवत्ता की समीक्षा की। मंत्री ने साफ कहा कि दिल्ली सरकार अब केवल योजनाओं की घोषणा नहीं कर रही, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने के लिए गंभीरता से काम कर रही है।

क्या है CETP और क्यों है यह जरूरी?
कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट यानी CETP ऐसी व्यवस्था होती है जहां उद्योगों से निकलने वाले गंदे पानी और रासायनिक कचरे को साफ किया जाता है ताकि वह सीधे नदियों में न जाए। यमुना नदी के प्रदूषण का एक बड़ा कारण औद्योगिक कचरा माना जाता है। ऐसे में CETP की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। ओखला स्थित CETP प्रतिदिन 24 MLD से अधिक गंदे पानी को साफ करने की क्षमता रखता है। यहां पर आने वाले औद्योगिक कचरे और दूषित पानी को कई चरणों में उपचारित किया जाता है, ताकि नदी में छोड़ा जाने वाला पानी सुरक्षित और साफ हो सके।

“25 साल तक सिर्फ वादे हुए, अब बदलाव दिखाई देगा”
निरीक्षण के दौरान मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते 25 वर्षों में CETP के आधुनिकीकरण को लेकर सिर्फ वादे किए गए, लेकिन कोई ठोस काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली सरकार इन पुरानी व्यवस्थाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम को मजबूत बनाने, उनकी निगरानी बढ़ाने और उन्हें प्रभावशाली तरीके से संचालित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि यमुना में सिर्फ पूरी तरह साफ और उपचारित पानी ही छोड़ा जाए।

यमुना को नया जीवन देने की तैयारी
मंत्री सिरसा ने कहा कि यमुना नदी को वास्तव में नया जीवन तभी मिलेगा जब STP और CETP पूरी क्षमता और आधुनिक तकनीक के साथ काम करेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार केवल एक-दो परियोजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जल प्रबंधन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में व्यापक काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार विकेंद्रीकृत STP और CETP सिस्टम विकसित करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है। इसका मतलब यह है कि अलग-अलग इलाकों में छोटे और आधुनिक प्लांट बनाए जाएंगे, जिससे गंदे पानी का उपचार उसी क्षेत्र में किया जा सके और नदी पर दबाव कम हो।

NEERI कर रही तकनीकी सर्वे
मंत्री ने जानकारी दी कि नेशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) CETP के आधुनिकीकरण के लिए विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण कर रही है। इस सर्वे का उद्देश्य वर्तमान सिस्टम की कमियों को पहचानना और उन्हें नई तकनीकों के माध्यम से बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि आज की आधुनिक दुनिया में तकनीक तेजी से बदलती है। ऐसे में 20 से 25 साल पुरानी तकनीक से प्रदूषण नियंत्रण संभव नहीं है। इसलिए CETP और STP सिस्टम को आधुनिक बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

दिल्ली सरकार की 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बड़ी योजना
यमुना सफाई अभियान को लेकर दिल्ली सरकार ने 1000 करोड़ रुपये से अधिक की कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन योजनाओं के तहत 12 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे। इसके अलावा केशवपुर STP का अपग्रेडेशन किया जाएगा और ट्रंक सीवर नेटवर्क को भी मजबूत किया जाएगा। सरकार बारिश के पानी के बड़े स्तर पर संचयन की दिशा में भी काम कर रही है ताकि जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके और भूजल स्तर सुधारा जा सके। इन परियोजनाओं का उद्देश्य दिल्ली के जल प्रबंधन और सीवेज व्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार करना है।

“स्वच्छ यमुना, स्वच्छ दिल्ली” सरकार का लक्ष्य
दिल्ली सरकार का कहना है कि यमुना सिर्फ एक नदी नहीं बल्कि दिल्ली की जीवनरेखा है। अगर यमुना साफ होगी तो राजधानी का पर्यावरण भी बेहतर होगा और लोगों का स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा। मंत्री सिरसा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि दिल्ली के लोगों को स्वच्छ वातावरण, साफ पानी और बेहतर जीवन मिले। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण और आधुनिक सीवेज प्रबंधन पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दिल्ली की जनता को यमुना में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता से काम कर रही है।

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