
महाराष्ट्र के मालेगांव विस्फोट मामले में गुरुवार को 17 साल बाद एनआईए की विशेष अदालत ने पूर्व भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंटकर्नल प्रसाद पुरोहित सहित सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारे में बयानबाजी तेज हो गई है. एक तरफ जहां तरफ भाजपा नेताओं ने इस फैसले का स्वागत किया. साथ ही ‘भगवा आतंकवाद’ के मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथ लेना शुरू कर दियाहै. वहीं दूसरी ओर कांग्रेस फिर से इस फैसले को चुनौती देने की बात पर जोर दे रही है. एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद तेज होती सियासत के बीचमहाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आतंकवाद न कभीभगवा था, न है और न ही कभी होगा. उन्होंने कहा कि अब सच सामने आ गया है. एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद भाजपा सांसद रवि किशन नेमामले मे कहा कि हमें समझ नहीं आ रहा कि खुश हों या दुखी मेरी बहन साध्वी प्रज्ञा मेरे बगल में संसद में बैठती थीं उनका शरीर आज लगभगलकवाग्रस्त है.
कांग्रेस ने गढ़ा भगवा आतंकवाद शब्द
उन्होंने कहा कि सोचिए जिन लोगों पर झूठे आरोप लगे, उनके और उनके परिवारों पर क्या बीती होगी.कौन लौटाएगा उनके 17 साल? रवि किशन नेकांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए कहा कि जिस कांग्रेस ने भगवा आतंकवाद शब्द गढ़ा, आज उन्हें इसका जवाब देना होगा. उन्हें देश के 100 करोड़हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए. किस आधार पर उन्होंने भगवा आतंक का नैरेटिव खड़ा किया? इसके पीछे का मास्टरमाइंड कौन था? उन्होंने कहा किअब यह साबित हो चुका है कि हिंदू आतंकी नहीं हो सकता और इस मुद्दे को भाजपा संसद में उठाएगी. कोर्ट के फैसले के बाद समाजवादी पार्टी केसांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मैंने पूरी रिपोर्ट नहीं पढ़ी है. लेकिन जो लोग इतनी बड़ीघटना में शामिल थे, उन्हें सजा मिलनी चाहिए.
दोबारा की जाएगी अपील
वहीं इस फैसले पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि इससे फर्क पड़ा है, वे इसे चुनौती देंगे। भाजपा कुछ भी कहे, लेकिन ये कोर्ट का फैसला हैऔर इसे चुनौती दी जा सकती है. निश्चित रूप से दोबारा अपील की जाएगी. केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कोर्ट के फैसले पर कहा कि इस केस कीसुनवाई कई वर्षों तक चली. अदालत ने सभी आरोपियों को बरी किया क्योंकि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं था. उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवादीसिर्फ आतंकवादी होता है, उसका कोई धर्म नहीं होता। जब कोर्ट में सुनवाई होती है तो सबूत देना जरूरी होता है. वहीं इस फैसले का शिवसेनाप्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने स्वागत करते हुए कहा कि हमें इस फैसले से बहुत खुशी है. कांग्रेस ने एक सोची-समझी साजिश के तहत इन लोगों को फंसायाऔर ‘हिंदू आतंकवाद’ शब्द गढ़ा. अब उनकी पोल खुल चुकी है उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह पहले ही संसद में कह चुके थे कि “हिंदू कभीआतंकी नहीं हो सकता”, और अब यह बात साबित हो गई है. भाजपा सांसद बृजलाल ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मैं कर्नलपुरोहित, साध्वी प्रज्ञा और सभी निर्दोषों को बधाई देता हूं. कोर्ट ने ना सिर्फ उन्हें, बल्कि पूरे हिंदू समाज को न्याय दिया है। उन्होंने कांग्रेस पर निशानासाधते हुए कहा कि एक फर्जी भगवा आतंकवाद’ की थ्योरी गढ़ी गई थी. कांग्रेस और उसके नेता मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, प्रियंका औरराहुल गांधी को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए. कांग्रेस ने देश के साथ विश्वासघात किया है.