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आम आदमी पार्टी की नेता और पूर्व सीएम आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निजी स्कूलों को लेकर लाए गए बिल पर भाजपा सरकार को घेरा. आपनेता आतिशी ने कहा कि भाजपा सरकार निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाने के लिए बिल लेकर आई है. आगे कहा कि निजी स्कूलों की बढ़ाई गई फीसका अभिभावक विरोध कर रहे थे. जिसके बाद भाजरा सरकार ने अप्रैल में कहा कि वह बिल लेकर आ रहे हैं. लेकिन यह बिल चार महीने के बादअगस्त में लाया गया. इसमें इतना समय क्यों लगा और इस बिल के लिए किसी से राय क्यों नहीं ली गई? आगे कहा कि दरअसल, यह बिल निजीस्कूलों को बचाने और उन्हें फीस बढ़ाने का मौका देने के लिए लाया गया है. यह बात कल विधानसभा में भाजपा के विधायक राजकुमार भाटिया नेमान भी ली. बीते मंगलवार को आप दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने अभिभावकों के प्रदर्शन में शामिल होकर उनकी मांगों का समर्थनकिया.
स्कूल के खिलाफ की जा सकती है शिकायत
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली विधानसभा में निजी स्कूलों में फीस तय करने को लेकर जो कानून लाया जा रहा है, उस बारे में अभिभावकों से कोईराय नहीं ली गई. दिल्ली विधानसभा के पास चंदगी राम अखाड़ा पर अभिभावकों ने बढ़ी फीस वापस लो, स्कूल की मनमानी नहीं चलेगी, शिक्षा है व्यापार नहीं के नारे लगाए. अभिभावकों ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद के इस्तीफे की मांग की थी. सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि अभिभावकों की मांग है कि सभी प्राइवेट स्कूलों का ऑडिट कराया जाए. भाजपा सरकार कह रही है कि वह हर स्कूल का ऑडिट करा चुकी है. लेकिन नए कानून में स्कूलों के ऑडिट का कोई प्रावधान नहीं है. अगर स्कूल के खिलाफ शिकायत भी करनी होगी तो 15 फीसदी अभिभावकों की जरूरत पड़ेगी. अगर किसी स्कूल में तीन हजार बच्चे पढ़ रहे हैं तो 450 अभिभावक हस्ताक्षर करेंगे तभी स्कूल के खिलाफ शिकायत की जा सकती है.

मालिकों के साथ है मिली हुई
आप प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा था कि कमेटी के पास न कोई सीए है और ना कोई ऑडिटेट अकाउंट है तो प्राइवेट स्कूलों में फीस तय करने का फैसला कोई कमेटी कैसे करेगी? स्कूलों के टीचर कहेंगे कि हमारी सैलरी बढ़ानी है, तो अभिभावक इसमें क्या करेंगे? इसका साधारण तरीका यह था कि दिल्ली के 1677 स्कूलों का सरकार हर साल ऑडिट कराए. ऑडिट को सार्वजनिक किया जाए ताकि स्कूल को कितना फायदा या घाटा हुआ है, अभिभावकों को पता चल सके। इसके मुताबिक फीस घटाई या बढ़ाई जा सकती है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी नेस्कूल फीस बिल में कई संशोधन करने के के लिए कई सुझाव दिए हैं. प्राइवेट स्कूल के खिलाफ शिकायत करने के लिए 15 फीसद अभिभावकों कीअनिवार्यता को हटाया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाा कि भाजपा प्राइवेट स्कूल मालिकों के साथ मिली हुई है.

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