
रक्षाबंधन के अवसर पर NSUI की विशेष पहल
नई दिल्ली, 25 अगस्त 2026
रक्षाबंधन के अवसर पर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न महिला महाविद्यालयों में ‘सखी’ पहल के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान NSUI की महिला सदस्यों ने छात्राओं और महिला पुलिसकर्मियों को राखी बांधी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को यह विश्वास दिलाना था कि उनकी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए NSUI हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा। रक्षाबंधन के इस अवसर को NSUI ने केवल त्योहार के रूप में नहीं, बल्कि विश्वास, जिम्मेदारी और सुरक्षा के संकल्प के रूप में मनाया।
छात्राओं और महिला पुलिसकर्मियों को बांधी राखी
‘सखी’ पहल के तहत NSUI की महिला सदस्यों ने दिल्ली विश्वविद्यालय के अलग-अलग महिला महाविद्यालयों में पहुंचकर छात्राओं और महिला पुलिसकर्मियों को राखी बांधी। इस दौरान छात्राओं ने भी आपसी भाईचारे और एकता का संदेश देते हुए NSUI की महिला सदस्यों को राखी बांधी। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं और महिला पुलिसकर्मियों के बीच बातचीत भी हुई। सुरक्षा से जुड़े विषयों और छात्राओं की परेशानियों को लेकर संवाद किया गया।
छात्राओं को दिया सुरक्षा का भरोसा
NSUI ने इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को संदेश दिया कि वे अपनी समस्याओं को लेकर अकेली नहीं हैं। यदि उन्हें कॉलेज परिसर, आने-जाने या सुरक्षा से जुड़ी किसी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो उनकी आवाज उठाने के लिए संगठन उनके साथ खड़ा रहेगा। NSUI ने कहा कि छात्राओं को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई कर सकें और कॉलेज की गतिविधियों में हिस्सा ले सकें।
विनोद जाखड़ ने क्या कहा?
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह विश्वास और जिम्मेदारी का पर्व भी है। उन्होंने कहा कि ‘सखी’ पहल के माध्यम से NSUI दिल्ली विश्वविद्यालय की हर छात्रा को यह विश्वास दिलाना चाहता है कि संगठन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा, गरिमा और सम्मान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जब भी छात्राओं की आवाज उठाने की जरूरत होगी, NSUI उनके साथ मिलकर आवाज उठाएगा। विनोद जाखड़ ने कहा कि आज बांधी गई राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि एक संकल्प है। यह संकल्प सुरक्षित, सम्मानजनक और सभी को साथ लेकर चलने वाले कॉलेज परिसरों के निर्माण का है।
छात्राओं की आवाज उठाने का संकल्प
NSUI ने कहा कि महिला छात्राओं से जुड़े मुद्दों को केवल किसी एक दिन या त्योहार तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा एक ऐसा विषय है जिस पर लगातार ध्यान देने की जरूरत है। संगठन ने कहा कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं के साथ लगातार संवाद करेगा और उनकी वास्तविक समस्याओं को समझकर उन्हें संबंधित स्तर पर उठाने का प्रयास करेगा।
महिला पुलिसकर्मियों की भी रही भागीदारी
इस कार्यक्रम में महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। महिला पुलिसकर्मियों को राखी बांधकर NSUI ने सुरक्षा की जिम्मेदारी में उनकी भूमिका के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि छात्राओं की सुरक्षा के लिए छात्राओं, महिला पुलिसकर्मियों, कॉलेज प्रशासन और समाज सभी को मिलकर काम करना चाहिए।
सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल की जरूरत
दिल्ली विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में छात्राएं अलग-अलग क्षेत्रों से पढ़ाई करने आती हैं। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण बहुत जरूरी है। छात्राओं को कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ अपनी बात रखने और अपनी समस्याओं को सामने रखने का भी पूरा अवसर मिलना चाहिए। NSUI ने कहा कि ‘सखी’ पहल के माध्यम से संगठन छात्राओं के साथ सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं को समझने और उनकी आवाज को मजबूत करने का काम करेगा।
NSUI ने दोहराई प्रतिबद्धता
NSUI ने एक बार फिर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल प्रतीकात्मक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। यह लगातार प्राथमिकता का विषय होना चाहिए। संगठन ने छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान, गरिमा और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। रक्षाबंधन के इस कार्यक्रम के माध्यम से NSUI ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज को सुना जाएगा और उनकी समस्याओं को मजबूती से उठाया जाएगा।