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प्रदूषण कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला

नई दिल्ली, 13 जुलाई 2026।

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की ‘नया सफर योजना’ को दिल्ली-एनसीआर में लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुराने, अधिक धुआं छोड़ने वाले ट्रकों और बसों को धीरे-धीरे सड़कों से हटाकर उनकी जगह नए बीएस-6 (BS-VI) और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। दिल्ली सरकार का मानना है कि राजधानी में चल रहे पुराने व्यावसायिक वाहन प्रदूषण बढ़ाने का एक बड़ा कारण हैं। यदि इन वाहनों की जगह आधुनिक और कम प्रदूषण फैलाने वाले वाहन आएंगे तो दिल्ली की हवा पहले से अधिक साफ होगी और लोगों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा।

पुराने वाहनों को बदलने के लिए सरकार देगी कई तरह की सुविधाएं
दिल्ली सरकार ने इस योजना को इस तरह तैयार किया है कि वाहन मालिकों पर नए वाहन खरीदने का अधिक आर्थिक बोझ न पड़े। इसलिए सरकार कई प्रकार की छूट और आर्थिक सहायता देगी। योजना के तहत जो ट्रक और बस मालिक अपने पुराने वाहन हटाकर नए वाहन खरीदेंगे, उन्हें नए वाहन पर 100 प्रतिशत मोटर वाहन टैक्स में छूट मिलेगी। इसके अलावा पात्र पुरानी गाड़ियों की खरीद पर दस वर्षों तक 50 प्रतिशत टैक्स में छूट दी जाएगी। नए वाहन के रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी पूरी छूट मिलेगी। यदि कोई वाहन मालिक अपने पुराने वाहन को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर में जमा कराता है, तो उसे रोड टैक्स और फिटनेस पेनल्टी में भी राहत दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इन सुविधाओं के अलावा केंद्र सरकार और वाहन निर्माता कंपनियों की ओर से मिलने वाले अन्य लाभ भी वाहन मालिकों को दिए जाएंगे। इससे नए वाहन खरीदना पहले की तुलना में आसान होगा।

करीब 2.07 लाख ट्रक और बस मालिकों को मिलेगा सीधा लाभ
दिल्ली सरकार का अनुमान है कि इस योजना से दिल्ली-एनसीआर के लगभग 2.07 लाख निजी ट्रक और बस मालिकों को सीधा लाभ मिलेगा। बड़ी संख्या में पुराने वाहन हटने से प्रदूषण में कमी आएगी और नई तकनीक वाले वाहन सड़कों पर दिखाई देंगे। सरकार का मानना है कि इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित होगा, बल्कि परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी आधुनिक वाहन चलाने का अवसर मिलेगा।

दिल्ली के लिए बनाए गए विशेष नियम
इस योजना में दिल्ली के लिए कुछ विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। सरकार ने तय किया है कि योजना के तहत खरीदे जाने वाले हल्के मालवाहक वाहन केवल इलेक्ट्रिक होंगे। वहीं नई बसें केवल बीएस-6 सीएनजी या इलेक्ट्रिक तकनीक वाली ही खरीदी जा सकेंगी। इसका उद्देश्य राजधानी में स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ाना और प्रदूषण को कम करना है।

9585 करोड़ रुपये की योजना से बदलेगी परिवहन व्यवस्था
‘नया सफर योजना’ का कुल बजट 9585 करोड़ रुपये रखा गया है। इसमें से 5041 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की ओर से नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) के माध्यम से दिए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि यह योजना पूरी तरह डिजिटल होगी। इसके लिए ‘नया सफर पोर्टल’ बनाया जाएगा, जहां आवेदन से लेकर पात्रता की जांच, लाभ देने और पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इससे योजना में पारदर्शिता बनी रहेगी और लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

दो वर्षों तक मिलेगा योजना का लाभ
दिल्ली सरकार ने बताया कि यह योजना पात्र लाभार्थियों के लिए दो वर्षों तक लागू रहेगी। इस दौरान जो भी वाहन मालिक योजना की शर्तों को पूरा करेंगे, वे सभी सरकारी सुविधाओं और आर्थिक सहायता का लाभ उठा सकेंगे।

डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने बताया ऐतिहासिक फैसला
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी के लोगों को स्वच्छ हवा और बेहतर परिवहन सुविधा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘नया सफर योजना’ पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और बसों की जगह आधुनिक बीएस-6 और इलेक्ट्रिक वाहनों को लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे वाहन मालिकों को आर्थिक सहायता मिलेगी, परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यह योजना केवल वाहन बदलने की योजना नहीं है, बल्कि यह दिल्ली के भविष्य को स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक बनाने का एक महत्वपूर्ण अभियान है। भारत सरकार के सहयोग से लागू की जा रही यह योजना आने वाले वर्षों में राजधानी को ग्रीन और क्लीन मोबिलिटी की दिशा में आगे ले जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ परिवहन का सीधा लाभ आम लोगों को मिलेगा। प्रदूषण कम होगा, लोगों को साफ हवा मिलेगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा। साथ ही परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए और आधुनिक वाहन अपनाने के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी।

जल्द जारी होंगे नियम और दिशा-निर्देश
दिल्ली सरकार ने बताया कि योजना को सफल बनाने के लिए परिवहन विभाग, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा अन्य संबंधित एजेंसियां मिलकर आवश्यक अधिसूचनाएं जारी करेंगी। इसके साथ ही विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी तैयार की जाएगी ताकि योजना का लाभ पात्र लोगों तक बिना किसी परेशानी के पहुंच सके।

दिल्ली को मिलेगी स्वच्छ हवा, आधुनिक वाहन और बेहतर भविष्य
दिल्ली सरकार का मानना है कि ‘नया सफर योजना’ राजधानी के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। इससे पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या कम होगी, इलेक्ट्रिक और स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों को बढ़ावा मिलेगा, परिवहन क्षेत्र आधुनिक बनेगा और पर्यावरण को भी लाभ पहुंचेगा। सरकार का विश्वास है कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन से दिल्ली की हवा पहले से अधिक साफ होगी, लोगों का जीवन बेहतर बनेगा और राजधानी स्वच्छ, हरित तथा आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक नई पहचान बनाएगी।

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