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जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी है। शनिवार को रामबन के धारमकुंड इलाकेमें बादल फटने की घटना सामने आई, जिसमें अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। घटना के बादइलाके में बचाव और राहत कार्य तेज़ी से चल रहे हैं, जबकि प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सख़्त हिदायत दी है।

40 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त, कई परिवार बेघर
धारमकुंड गांव में अचानक बादल फटने से पानी और मलबा तेज़ी से बहने लगा, जिससे कई घरों को नुकसान पहुंचा। प्रशासन के अनुसार, करीब 40 घरों में पानी और मलबे का भराव हुआ है, जिनमें से 10 पूरी तरह तबाह हो गए हैं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।

NH-44 पर यातायात पूरी तरह बंद
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) जो जम्मू और कश्मीर घाटी को जोड़ने वाला सबसे अहम रास्ता है, उस पर भी बादल फटने का सीधा असरपड़ा है। भारी भूस्खलन और मलबा गिरने के कारण बनिहाल और नाशरी के बीच का हिस्सा पूरी तरह से बंद हो गया है। सैकड़ों यात्री और वाहन बीचरास्ते में फंसे हुए हैं।

प्रशासन की अपील: बिना जानकारी यात्रा न करें
रामबन जिला प्रशासन ने आम लोगों और यात्रियों से अपील की है कि वे हाईवे पर यात्रा करने से पहले स्थिति की पूरी जानकारी लें। NH-44 कीस्थिति लगातार बदल रही है और मार्ग को साफ करने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तकयात्रा न करें।

सेना और राहत दल मैदान में उतरे
बचाव कार्यों में भारतीय सेना, NDRF और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया हैऔर उन्हें प्राथमिक चिकित्सा, खाने-पीने का सामान और आश्रय दिया जा रहा है। रास्तों से मलबा हटाने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।

मौसम विभाग का अलर्ट: अगले कुछ दिन बेहद संवेदनशील
भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले कुछ दिनों तक क्षेत्र में भारी बारिश और भूस्खलन की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों मेंरहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी में है।


शिक्षण संस्थान बंद, जनजीवन प्रभावित
रामबन और आस-पास के इलाकों में स्कूल और कॉलेजों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। परिवहन और संचार सेवाओं पर भी असर पड़ा है।कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है।

स्थानीय नेता बोले: ऐसा मंजर पहले नहीं देखा
रामबन से स्थानीय विधायक अर्जुन सिंह राजू ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि “अपने राजनीतिक जीवन में इतनी भयावह स्थिति कभी नहीं देखी।सरकार और प्रशासन हर संभव मदद देने में जुटा है और लोगों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।”

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